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MMDR संशोधन के खिलाफ सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष : कुणाल षाड़ंगी
Ghatshila, Jharkhand:झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता एवं बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने 19 सितंबर को केंद्रीय समिति के निर्देश पर राज्यभर के प्रखंडों में आयोजित एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि MMDR संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ झामुमो का आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। मीडिया को संबोधित करते हुए कुणाल षाड़ंगी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की धरना-प्रदर्शन को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आदित्य साहू स्वयं सांसद हैं और उन्हें संघीय ढांचे तथा केंद्र एवं राज्यों के संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि MMDR संशोधन के झारखंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को समझे बिना इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। कुणाल ने कहा कि आदित्य साहू का यह कहना कि “हम CESS लेकर रहेंगे” यह दर्शाता है कि भाजपा झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े राज्य के अधिकारों के बजाय दूसरे हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि कोयले की खरीद उसके ग्रेड और गुणवत्ता के आधार पर होती है तथा कीमत के साथ परिवहन लागत भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यह कहना कि CESS लगाए जाने पर कोयला झारखंड से खरीदा ही नहीं जाएगा, आर्थिक वास्तविकताओं की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में खनन के कारण विस्थापन, पुनर्वास, सड़क, बिजली, पानी और प्रदूषण जैसी समस्याओं का भार स्थानीय जनता और राज्य सरकार को उठाना पड़ता है। ऐसे में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व पर राज्य के अधिकार का सवाल महत्वपूर्ण है। कुणाल षाड़ंगी ने वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा Mineral Area Development Authority बनाम Steel Authority of India मामले में दिए गए फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि खनिज संसाधनों और राज्यों की कराधान शक्ति से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों से प्राप्त राजस्व का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं में करता है। उन्होंने भाजपा के झारखंड से निर्वाचित सांसदों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें राज्य की आवाज संसद में उठाने के लिए चुना है। उनका आरोप है कि MMDR संशोधन के मुद्दे पर झारखंड के भाजपा सांसदों ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। कुणाल ने कहा कि झारखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। इसलिए झारखंड की तुलना दूसरे राज्यों से करके यहां के अधिकारों और परिस्थितियों को नहीं समझा जा सकता। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा कोल माफिया को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि धनबाद में कोयला कारोबार और कथित संरक्षण को लेकर झारखंड की जनता सब जानती है। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले भाजपा नेताओं को अपने राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। अंत में कुणाल षाड़ंगी ने आदित्य साहू की भाषा और टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि MMDR संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ झामुमो का संघर्ष थमने वाला नहीं है। राज्य के अधिकारों और जनता के हितों की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय तक लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगी।0
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कुणाल षाड़ंगी की पहल पर दिव्यांग आंदोलनकारी दसमथ टुडू को मिली नई उम्मीद
Ghatshila, Jharkhand:राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल सत्ता तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक संवेदना और सहयोग पहुंचाना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुसाबनी प्रखंड के दक्षिण बदिया पंचायत अंतर्गत टेटाबदिया गांव के झारखंड आंदोलनकारी दसमथ टुडू को व्हीलचेयर उपलब्ध कराना इसी मानवीय सोच का उदाहरण है। कई दिनों से चलने-फिरने में असमर्थ दसमथ टुडू की स्थिति की जानकारी जैसे ही झामुमो मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन ने केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी को दी, उन्होंने बिना विलंब किए व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित की। यह केवल एक सहायता नहीं, बल्कि उस आंदोलनकारी के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिसने झारखंड राज्य निर्माण के संघर्ष में अपना योगदान दिया। समाज के ऐसे लोगों की सुध लेना, जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय जनहित और राज्य के लिए समर्पित किया, हम सभी का नैतिक दायित्व है। समय पर मिली यह सहायता दसमथ टुडू के दैनिक जीवन को निश्चित रूप से आसान बनाएगी और यह संदेश भी देगी कि समाज अपने संघर्षशील लोगों को नहीं भूलता। इस अवसर पर उपस्थित झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने दसमथ टुडू के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा विश्वास जताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा भविष्य में भी जरूरतमंदों के साथ इसी संवेदनशीलता के साथ खड़ा रहेगा। मानवीय सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की ऐसी पहलें केवल राहत नहीं देतीं, बल्कि समाज में विश्वास, सम्मान और अपनत्व की भावना को भी मजबूत करती हैं।0
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कुणाल षाड़ंगी ने बढ़ाया मदद का हाथ, झारखंड आंदोलनकारी को उपलब्ध कराई व्हीलचेयर
Ghatshila, Jharkhand:मुसाबनी प्रखंड के दक्षिण बदिया पंचायत अंतर्गत टेटाबदिया गांव निवासी झारखंड आंदोलनकारी दसमथ टुडू को रविवार अहले सुबह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की पहल पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। जानकारी के अनुसार, दसमथ टुडू पिछले कई दिनों से चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनकी स्थिति की जानकारी झामुमो मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन ने कुणाल षाड़ंगी को दी। सूचना मिलते ही कुणाल षाड़ंगी ने तत्परता दिखाते हुए दसमथ टुडू के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था करवाई, जिससे उन्हें दैनिक जीवन के कार्यों में सहूलियत मिल सके। सभी ने दसमथ टुडू के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि झामुमो हमेशा समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर झामुमो के मुसाबनी प्रखण्ड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, झामुमो नेता हीरा सिंह, पूर्णेन्दु आचार्य, सहित मुसाबनी प्रखण्ड के कई झामुमो कार्यकर्ता एवं ग्रामीण भी उपस्थित रहे।0
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गोपालपुर फाटक पर फुट ओवरब्रिज को लेकर झामुमो युवा मोर्चा का सांकेतिक धरना,
Ghatshila, Jharkhand:आज दिनांक 10 जुलाई 2026, घाटशिला के गोपालपुर फाटक पर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज (FOB) को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रम के विरोध में शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) युवा मोर्चा के बैनर तले एक सांकेतिक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। नगर अध्यक्ष विकास मजूमदार की अध्यक्षता में आयोजित इस धरना में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक एवं महिला मोर्चा की नेत्रियां शामिल हुईं। धरना को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता जगदीश भकत ने कहा कि यदि रेलवे प्रबंधन द्वारा गोपालपुर फुट ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और अगले दो माह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ होना है, तो इसकी आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) सार्वजनिक कर जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोपालपुर फाटक पर फुट ओवरब्रिज की मांग वर्षों पुरानी है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक द्वारा रेलवे प्रबंधन को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद ही भाजपा इस मुद्दे का श्रेय सांसद को देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लेकर जुलाई 2026 तक भाजपा के किसी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता ने इस मांग को गंभीरता से जनता के बीच नहीं उठाया। ऐसे में अचानक दिखाई जा रही सक्रियता यह दर्शाती है कि भाजपा केवल प्रचार और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की राजनीति कर रही है। जगदीश भकत ने कहा कि झामुमो रेलवे प्रबंधन से मांग करता है कि फुट ओवरब्रिज से संबंधित पूरे मामले की वास्तविक स्थिति निष्पक्ष रूप से जनता के सामने रखी जाए। यदि वास्तव में परियोजना स्वीकृत हो चुकी है और शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ होने वाला है, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा उसका स्वागत करेगा तथा रेलवे प्रशासन की सराहना भी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि गोपालपुर एवं आसपास के हजारों लोगों तथा स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी। धरना प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता जगदीश भकत, प्रखंड सचिव खुदीराम हांसदा, कोषाध्यक्ष बाबूलाल मुर्मू, काजल डॉन, सत्यजीत कुंडू, चंचल सरकार, मोहम्मद शहीद, आनंद गोयल, सोमेन मिश्रा, सौरभ चक्रवर्ती, कौशिक कुमार, सुरेश महाली, हीरा सिंह, मनोज सिंह, सागर पानी, सोमेन शीट, गुड्डू, रिंकू सिंह, रिंकू कालिंदी, राजा सिंह, अम्पा हेंब्रम, सौरभ बोस, सतीश शीट, आजाद बेहरा, गोपाल शर्मा, अंकुर कावरी, शंभू जेना, प्रताप दास, सुखलाल हांसदा, सब्यसाची चौधरी, मेघराय बेसरा सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं महिला मोर्चा की नेत्रियां उपस्थित रहीं।0
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