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SaurabhSaurabhFollow8 Jan 2025, 04:19 am

Hardoi - प्रिया और अंजली ने बढ़ाया जनपद का मान, स्ट्रेंथलिफ्टिंग में जीते मेडल

Chandeli, Uttar Pradesh:

हरियाणा में आयोजित हुए स्ट्रेंथलिफ्टिंग की प्रतियोगिता में सिल्वर व ब्रोंज मेडल जीत कर हरदोई की दो बेटियों ने अपने माता-पिता के साथ जनपद का नाम रोशन किया है। बेटियों के घर वापसी पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। मोहल्ले वासियों ने बेटियों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। बेटियों के सिल्वर व ब्राँज़ पदक जीतने व आगे विदेश में होने वाली प्रतियोगिता में जाने पर उनके अभिभावकों ने कहा कि उनको अपनी बेटियों पर काफी गर्व है और उम्मीद भी है कि विदेश में भी वह हरदोई के साथ भारत का नाम रोशन कर स्वर्ण पदक अपने नाम करे।

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अ Amit शाह के छत्तीसगढ़ दौरे में 33 जिलों के लिए 33 गाड़ियां, फोरेंसिक लैब उद्घाटन

Raipur, Chhattisgarh:डिप्टी सीएम विजय शर्मा बस्तर रवाना. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कल से छत्तीसगढ़ दौरा. तैयारियों के मद्देनजर पहले से बस्तर गए विजय शर्मा. केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बयान, कहा- कल शाम को रायपुर आएंगे गृहमंत्री अमित शाह. डायल 112 की सुविधा अब 16 जिलों में लागू थी अब ये पूरे प्रदेश के 33 जिलों में लागू होगी. 18 मई को सुबह रायपुर पुलिस लाइन से केंद्रीय गृहमंत्री शाह करेंगे शुभारंभ. 400 गाड़िया पूरे प्रदेश के थाने में पहुंचेगी. उसी दिन दूसरी सौगात फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की मिलेगी. 33 जिलों में 33 सर्वसुविधा युक्त गाड़िया इसके लिए रवाना होगी, जिसे गृहमंत्री अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे. बस्तर के नेतानार पहला पुलिस कैंप है जहां जनसुविधा केंद्र की शुरुआत हो रही है, उसका शुभारंभ गृहमंत्री करेंगे. धीरे-धीरे फिर बाकी कैम्प भी इसीतरह जनसुविधा केंद्र के तौर पर डेवलप होंगे. बस्तर के अलग-अलग समाज प्रमुखों, शहीद परिवारों के लोग, सरेंडर नक्सली, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिकों, पुलिस के जवानों-अधिकारियों के साथ भी कार्यक्रम तय है गृहमंत्री का. बस्तर के डेवलपमेंट और बदलाव को लेकर मुख्य सचिव एक प्रेजेंटेशन भी देंगे. वहीं 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी गृहमंत्री अमित शाह करेंगे नीट परीक्षा रद्द होने के मसले को लेकर कांग्रेस के सरकार को घेरने और दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विजय शर्मा ने कहा- जिसने भी ऐसा किया है बहुत गलत है, पेपर लीक करने वाले को कठोर सजा मिलेगी कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वर्क फ्रॉम होम की मांग को लेकर विजय शर्मा ने कहा- दोनों ही काम हो सकता है, साइकल से आना-जाना भी हो सकता है और वर्क फ्रॉम होम भी हो सकता है, जिस भी निर्णय सरकार का हो राज्यपाल की बैठक और दीपक बैज के आरोप पर कहा- 20 बिंदु राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित हुए हैं, उन 20 बिंदुओं पर ही चर्चा के लिए राज्यपाल बैठक लेते हैं. पूरे देश में ये हो रहा है. पब्लिक सर्विस से जुड़े 20 बिंदु है जिनपर चर्चा होती है, उसकी भी अगर रिपोर्टिंग राज्यपाल के जरिए केंद्र स्तर पर जा रहा है तो इसे बेहतर माना जाना चाहिए, न कि राजनीति करनी चाहिए महंगाई और पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों पर कांग्रेस के चरणबद्ध आंदोलन के मसले और दीपक बैज के बयान पर शर्मा ने कहा- वैश्विक संकट को समझना पड़ेगा, ये किसी के गलती से नहीं हो रहा. सबको मिलकर ठीक करने पर सोचना चाहिए बाईट- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़......
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नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने बालेंद्र शाह के फैसले पर रोक लगाई

Maharajganj, Uttar Pradesh:नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने बालेंद्र शाह के विवादित फैसले पर रोक लगा दी है। इससे भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र से ₹100 से अधिक कीमत के दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर सीमा शुल्क लगाने के निर्णय पर रोक हट जाएगी और नेपाली जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। फैसला भारतीय सीमावर्ती व्यापारियों के साथ-साथ नेपाल के लोगों के लिए भी राहतभरा माना गया है, क्योंकि इससे सीमावर्ती बाजारों की बушूरतता में सुधार की संभावना है। नेपाली सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से भारतीय सीमावर्ती व्यापार भी राहत के संकेत दे रहा है और माना जा रहा है कि इससे भारत-नेपाल के रिश्ते मजबूत होंगे।
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NEP 2020 के तहत सरकारी स्कूल: 6–8वीं में खेल-खेल में विज्ञान-गणित सीखेंगे

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए भजनलाल सरकार एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। प्रदेश में अब कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषय रटने नहीं पड़ेंगे। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत अब बच्चे किताबी ज्ञान के बजाय खुद प्रयोग करके और मॉडल बनाकर खेल-खेल में इन विषयों को सीखेंगे। शिक्षा विभाग इस नए 'एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग' (गतिविधि आधारित पढ़ाई) प्रोजेक्ट को इसी साल जुलाई सत्र से धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर चुका है। आईआईटी गांधीनगर का 'लर्निंग एंड डूइंग' किट इस पूरी योजना के केंद्र में है 'खोजी बॉक्स', जिसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी गांधीनगर (IIT Gandhinagar) ने विशेष रूप से तैयार किया है। इसे 'लर्निंग एंड डूइंग किट' नाम दिया गया है। इस अनोखे बॉक्स में 100 से अधिक ऐसी गतिविधियां (Activities) शामिल की गई हैं, जिनकी मदद से बच्चे विज्ञान के जटिल सिद्धांतों और गणित के मुश्किल फॉर्मूलों को बेहद आसानी से समझ सकेंगे। इस किट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें थ्योरी के बजाय सीधे प्रैक्टिकल और लॉजिकल थिंकिंग (तार्किक क्षमता) पर फोकस किया गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से होगी शुरुआत शिक्षा विभाग के प्लान के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों (KGBV) से की जा रही है। जुलाई में स्कूल खुलते ही इन आवासीय विद्यालयों के बच्चों को 'खोजी बॉक्स' सौंप दिए जाएंगे। शुरुआत में यहां मिलने वाले रिस्पॉन्स और सफलता को देखते हुए आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य सभी सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। क्यों पड़ी इसकी जरूरत और क्या होगा फायदा? अक्सर देखा जाता है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों में कक्षा 6 के बाद विज्ञान और गणित को लेकर एक डर बैठ जाता है। पारंपरिक ब्लैकबोर्ड और चॉक वाली पढ़ाई से बच्चे सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए रट्टा मार लेते हैं, लेकिन उनकी बुनियादी समझ कमजोर रह जाती है।
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जयपुर बस सारथी की ईमानदारी: खोया बैग पहुंचते ही लौटाया, 10 लाख के आभूषण-नकद

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर। यात्री जनूथर में बस में भूल गया ज्वैलरी-नकदी का बैग... परिचालक ने डीग में बस रोककर सुरक्षित संभलवाया。 राजस्थान रोडवेज की वैशाली नगर डिपो की बस में दिखी मिसाल。 बस सारथी शिवदान गुर्जर ने दिखाई ईमानदारी की मिसाल。 वैशाली डिपो मुख्य प्रबंधक हेमराज मीना ने बताया, एक यात्री हरिगोपाल का बस में यात्रा करते समय छूट गया बैग。 जयपुर से गोवर्धन जी जा रही थी रोडवेज की बस。 जनूथर में यात्री उतरा, लेकिन बैग सीट पर छोड़ दिया。 बाद में यात्री को बैग याद आया तो रोडवेज प्रशासन से मांगी मदद。 बस सारथी शिवदान गुर्जर ने डीग में यात्री के लिए रोकी बस。 यात्री के पहुंचने पर सत्यापन के बाद सौंपा बैग。 बैग में मौजूद थे करीब 10 लाख के जेवर और नकदी。 यात्री ने दिया रोडवेज प्रशासन और बस सारथी को धन्यवाद。
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डूंडलोद पब्लिक स्कूल ने 12 हजार परिंडे लगाकर इको राइज अभियान शुरू किया

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं डूंडलोद पब्लिक स्कूल्स की अनूठी पहल, रिकॉर्ड 12 हजार परिंडे लगाएंगे विद्यार्थी स्कूल सचिव बीएल रणवां व SDM कौशल्या ने अभियान शुरू किया होमवर्क के साथ बच्चों को मिला ‘इको राइजिंग’ टास्क हर दिन डिजिटल मॉनिटरिंग, फोटो अपलोड करना होगा जरूरी छह हजार विद्यार्थी गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए बनेंगे सहारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर सिस्टम व प्लास्टिक बैन से पहले ही चर्चा में स्कूल भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित करने को लेकर डूंडलोद पब्लिक स्कूल एंड ग्रुप्स ने अनूठी पहल शुरू की है। इको राइज कार्यक्रम के तहत इस बार विद्यार्थियों को सामान्य होमवर्क के साथ एक विशेष सामाजिक जिम्मेदारी भी दी गई है। स्कूल समूह ने सभी विद्यार्थियों को अपने घरों और आसपास दो-दो परिंडे लगाने का संकल्प दिलाया है। खास बात यह है कि इस अभियान के तहत रिकॉर्ड 12 हजार परिंडे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी हर दिन डिजिटल मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इस अभियान का शुभारंभ झुंझुनूं के मंडावा मोड़ स्थित डूंडलोद पब्लिक स्कूल में स्कूल सचिव एवं जाने-माने शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर बीएल रणवां, एसडीएम कौशल्या विश्नोई व प्रिंसिपल डॉ. सतबीर सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। मोटिवेशनल स्पीकर बीएल रणवां ने बताया कि डूंडलोद पब्लिक स्कूल एंड ग्रुप्स पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार इको राइज कार्यक्रम चला रहा है। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संतुलन को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह के अंतर्गत संचालित डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद, डूंडलोद पब्लिक स्कूल झुंझुनूं, डूंडलोद गर्ल्स स्कूल बलवंतपुरा तथा डूंडलोद पब्लिक स्कूल सोयला जोधपुर में अध्ययनरत करीब छह हजार विद्यार्थी हर वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी को देखते हुए अभियान को पशु-पक्षियों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को दो-दो परिंडे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि इससे बच्चों में केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित होगी। रणवां ने कहा कि गर्मियों में पानी की कमी के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों की जान पर संकट आ जाता है। ऐसे में यह अभियान उनके लिए जीवनरेखा साबित होगा। अभियान की सबसे खास बात इसकी डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था है। स्कूल प्रबंधन ने इसके लिए विशेष डिजिटल लिंक तैयार किया है। जिसमें विद्यार्थियों को परिंडे लगाने के बाद उनकी नियमित सफाई और पानी भरने की फोटो प्रतिदिन अपलोड करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल परिंडे लगाए ही नहीं जाएं, बल्कि उनमें लगातार पानी भी उपलब्ध रहे। उन्होंने बताया कि डूंडलोद पब्लिक स्कूल एंड ग्रुप्स पहले से ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभिनव प्रयास करता रहा है। चारों स्कूल परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं, सोलर सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इको राइज कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। बाइट 01 : बीएल रणवां, सचिव, डूंडलोद पब्लिक स्कूल एंड ग्रुप्स (सफेद बाल, हलके काले) बाइट 02 : कौशल्या विश्नोई, एसडीएम, झुंझुनूं (युवती) बाइट 03 : आराध्या, छात्रा, डीपीएस, झुंझुनूं (स्कूल ड्रेस में छात्रा) बाइट 04 : डॉ. सतबीर सिंह, प्रिंसिपल, डीपीएस, झुंझुनूं (कम बाल, चश्मा लगाया हुआ)
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नहर पाटने का लगाया आरोप, प्रदर्शन कर जताया रोष

Manoj KumarManoj KumarFollow3m ago
Khandwari, Uttar Pradesh:नहर पाटने से नाराज ग्रामीणो ने किया प्रदर्शन चहनियां । क्षेत्र के सुरतापुर में कुछ लोगो द्वारा नहर पाटकर जमीन कब्जाने को लेकर ग्रामीणो ने प्रदर्शन किया । इस नहर से तीन गांवो की लगभग दो सौ एकड़ खेतीं प्रभावित तो होगी ही दूसरी तरफ खेत जलमग्न हो जायेगा । ग्रामीणो ने प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दिया । सुरतापुर गांव में विगत कई वर्षों से नहर से सुरतापुर,हिनौता और परसिया के ग्रामीण खेतीं करते चले आ रहे है । तीन गांवो के किसान इसी नहर के भरोसे खेतीं करते है । गांव के कुछ लोग नहर को ही पाट दिये । प्रदर्शन करते हुए गांव के अर्पित मिश्रा,राजदेव यादव,दूध नाथ,अशोक यादव,सन्तोष यादव,बिनोद,नीरज,सुशील,रौनक,सचिन आदि ने बताया कि गांव में नहर के पास लेखपाल द्वारा मापी के बाद उन लोगो को उनके हिस्से की जमीन दे दी गयी है । उसके बाद भी नहर को पाटकर रोड पर आना चाहते है । अब बीज डालने का समय आ गया है । नहर विभाग यदि पानी छोड़ता है तो आगे के हिनौता और परसिया के किसान खेती कर नही पायेंगे और इधर लोगो का खेत जलमग्न हो जायेगा । समय रहते यदि अधिकारीयो ने समस्या का हल नही कराया तो ग्रामीण आंदोलन और चक्का जाम को बाध्य होंगे ।
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हाईकोर्ट ने नारायणपुर केस में डिफॉल्ट बेल खारिज, देरी के ठोस कारण नहीं माने

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें नारायणपुर के चर्चित नक्सल प्रकरण में आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ सरकारी प्रक्रियाओं और फाइलों के लंबित रहने का हवाला देकर देरी माफ नहीं की जा सकती। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने 182 दिन की देरी को अस्पष्ट और लापरवाहीपूर्ण मानते हुए अपील को समयसीमा से बाधित बताते हुए खारिज कर दिया।राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग से प्रस्ताव आने, शासन की मंजूरी मिलने, दस्तावेज जुटाने और फाइल प्रक्रिया पूरी होने में समय लगा। उन्होंने कहा कि शासन एक बहुस्तरीय व्यवस्था है, जहां विभागीय औपचारिकताओं के कारण विलंब हो गया।मामला नारायणपुर जिले के ओरछा थाना में दर्ज अपराध से जुड़ा है। इस केस में चंपा कर्मा, मांगी मंडावी, संकू मंडावी और लच्छू मंडावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश, एनआईए एक्ट एवं अनुसूचित अपराध न्यायालय, नारायणपुर ने 11 सितंबर 2025 और 24 सितंबर 2025 को आरोपियों को डिफॉल्ट बेल दे दी थी। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ अपील दाखिल की।खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कानून की समयसीमा सभी पर समान रूप से लागू होती है और सरकार को केवल फाइल प्रक्रिया या रेड टेप के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने पोस्टमास्टर जनरल बनाम लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड और स्टेट ऑफ मध्यप्रदेश बनाम रामकुमार चौधरी मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देरी माफी अपवाद है, अधिकार नहीं। यदि पर्याप्त और ठोस कारण नहीं बताए जाएं, तो देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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महाराष्ट्र हादसे के बाद पानीपत में तरबूज किसानों को भारी नुकसान

Panipat, Haryana:महाराष्ट्र हादसे के बाद तरबूज से दूरी, पानीपत के किसानों पर टूटा संकट ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान बोले — “अब लागत भी नहीं निकल रही” पानीपत। गर्मी का मौसम आते ही लोगों की पहली पसंद बनने वाला तरबूज इस बार किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। महाराष्ट्र में कथित तौर पर तरबूज खाने से एक परिवार की मौत की खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में डर बैठ गया है। इसका सीधा असर हरियाणा के पानीपत जिले के किसानों पर पड़ रहा है। मंडियों में तरबूज के खरीदार कम हो गए हैं और किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। पानीपत के गांव निंबरी के किसान पिछले करीब 10 वर्षों से ऑर्गेनिक तरीके से तरबूज की खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार हालात इतने खराब हैं कि खेती की लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है। मौके पर खास बात यह रही कि किसानों द्वारा उगाए गए तरबूज की फसल को मौके पर एक काटकर किसानों ने रसीले तरबूज को खाकर दिखाए यह सभी अलग-अलग रंग के तरबूज मीठे व रसीले थे जो कि साफ दिख रहा था कि इन तरबूज में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है लेकिन अफसोस तरबूज की बिक्री कम होने से किसान उदास नजर आ रहे हैं। किसान विक्की मलिक ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा लेकर प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती शुरू की थी। बिना रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के जीवामृत के जरिए तैयार किया गया उनका तरबूज पहले 30 से 40 रुपये किलो तक बिकता था, लेकिन अब हालत यह है कि 5 से 6 रुपये किलो में भी खरीददार नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की घटना के बाद लोगों में डर पैदा हो गया है। दूसरी तरफ कुछ लोग फलों में रंग और केमिकल मिलाकर बेच रहे हैं, जिससे आम किसानों की मेहनत बदनाम हो रही है। उनका कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार को बेहद सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि ईमानदारी से खेती करने वाले किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। वहीं किसान सत्यवान ने बताया कि वे भी पूरी तरह नेचुरल खेती करते हैं और किसी प्रकार की मिलावट नहीं करते। इसके बावजूद मंडियों में उनके तरबूज सस्ते बिक रहे हैं, जबकि केमिकल और रंग मिलाकर तैयार किए गए फल ज्यादा दामों में बिक जाते हैं क्योंकि उनका रंग ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है। सत्यवान ने बताया कि तरबूज की खेती में भारी लागत आती है। केवल बीज पर ही 60 से 70 हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं, ऊपर से मजदूरी और मौसम की मार अलग है। बेमौसमी बारिश ने भी किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि इस बार मुनाफा तो दूर, घर से पैसा लगाना पड़ रहा है। किसानों ने आम जनता से अपील की है कि वे सीधे किसानों से जुड़कर फल खरीदें और केवल अफवाहों के आधार पर पूरी खेती को गलत न समझें। किसानों का कहना है कि कुछ लोगों की मिलावट की वजह से ईमानदार और मेहनती किसानों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। बाइट विक्की किसान बाइट सत्यवान किसान
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