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Nikhil DixitNikhil DixitFollow16 Jan 2025, 04:02 pm

हरदोई-दरवाजे पर खड़े भाई और दो बहन को लाठी डंडो से पीटा, मामला दर्ज

Kalyanmal, Uttar Pradesh:

दरवाजे पर मौजूद तीन लोगों को लाठी डंडों से पीटा ,तीन पर रिपोर्ट दर्ज। हरपालपुर थाना क्षेत्र के ककरा गांव निवासी सद्दाम 25 वर्ष पुत्र भूरा ने थाने में दी गई तहरीर में बताया है कि उसकी बहन साहीन 30वर्ष एवं चचेरी बहन शिफा 25 के साथ दरवाजे पर मौजूद था तभी गांव के नाजिम साजिम वही माधौगंज थाना क्षेत्र के इकसैया गांव निवासी साहिल सभी लोग आए और गाली गलौज करने लगे जब मना किया तो लाठी डंडों से जमकर मारा पीटा। तीनों घायलों को डाक्टरी परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक छोटेलाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है

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शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और निजी स्कूलों के मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollow1m ago
Mau, Uttar Pradesh:आज मऊ के कलेक्ट्रेट परिसर में हिंदू जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रांत मंत्री अमित वर्मा के नेतृत्व में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और निजी स्कूलों के मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया मनमाने ढंग से फीस वसूली पर रोक लगाये जाने की मांग की प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन के मनमानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगों पर सरकार और जिला प्रशासन गंभीरता से विचार नहीं करता है तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और इस विषय पर जनता से भी समर्थन मांगा जाएगा इस अवसर पर हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण देश की लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है आज शिक्षा सेवा की जगह व्यापार बन गई है उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों द्वारा प्रतिवर्ष मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई जा रही है जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और गरीब परिवार के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लगातार वंचित होते जा रहे हैं उन्होंने कहा कि आज के समय में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना बेहद कठिन हो गया है संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेंद्र सिंह एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि स्कूल प्रबंधन के द्वारा प्रतिवर्ष अध्यनरत छात्र और छात्राओं के पाठ्यक्रम और पुस्तकों को बिना ठोस कारण के बदल दिए जा रहे हैं जिससे अभिभावकों को हर साल नई किताबें खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है जबकि पुराने किताबें पूरी तरह से बेकार हो जा रहे हैं उन्हें रद्दी के भाव बेचना पड़ा है उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के प्रबंधकों का एक आर्थिक शोषण का नया तरीका बन गया है प्रांतीय मंत्री अमित वर्मा एवं रवि गुप्ता ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का भारी अभाव है स्कूल प्रशासन बिना किसी स्पष्ट कारण के किताबों को बदल देता है फीस में बढ़ोतरी कर देता है उनके इस कृत्य को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा हिंदू जागरण समिति के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह एवं सामाजिक कार्यकर्ता छोटेलाल गांधी ने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में हो रहे इस प्रकार की शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कहा कि निजी स्कूलों के मनमानी पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज का विकास एवं बच्चों के भविष्य को संवारना होता है लेकिन वर्तमान समय में यह व्यवसाय कमाई का बड़ा जरिया बन गया है उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगों पर प्रशासन द्वारा गंभीरता से विचार नहीं करता है तो हिंदू जागरण समिति के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे इस अवसर पर हिंदू जागरण समिति यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष आर्यन सिंह एडवोकेट योगेंद्र प्रजापति एडवोकेट गुलशन राजभर एडवोकेट विजय रंजन सिंह रामाशीष यादव अनुराग बर्नवाल रवि शंकर साहू वीरेंद्र पासवान सुधीर राजभर संदीप राजभर सोनू खरवार गोलू सोनकर कृष्णा गोड अंकित प्रजापति राज श्रीवास्तव आकाश ठाकुर विशाल राय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।।
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ततिया में शिक्षक संघों का विशाल विरोध, TET अनिवार्यता वापस लेने की मांग

Datia, Madhya Pradesh:दतिया: शिक्षक संघों की विशाल रैली, TET अनिवार्यता का विरोध दतिया। जिले में आज विभिन्न शिक्षक संघों द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल श्री पीतांबरा पीठ मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई निकली। रैली में लगभग 1000 की संख्या में पुरुष एवं महिला शिक्षक शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर Supreme Court of India के उस फैसले का विरोध किया, जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किया गया है。 क्या है पूरा मामला? सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार: कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम सरकारी और निजी दोनों शिक्षकों पर लागू है。 यह आदेश उन शिक्षकों पर भी लागू हो रहा है, जो 27 जुलाई 2011 से पहले से कार्यरत हैं, और जिनकी सेवा में अभी 5 वर्ष से अधिक समय शेष है。 शिक्षकों की मुख्य आपत्तियां पुराने शिक्षकों के लिए यह नियम नौकरी पर संकट बन गया है लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को फिर से परीक्षा देना अनुचित बताया जा रहा है शिक्षकों ने इस फैसले को वापस लेने या संशोधन करने की मांग की है देशभर में बढ़ रहा विरोध इस फैसले से देशभर में अनुमानित 20–30 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
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धनबाद में छात्र की मौत: लोगों ने न्याय के लिए कैंडल मार्च निकाला

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में छत से गिर कर छात्र की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर शहर वासियों ने निकला कैंडल मार्च और मृतक ऋषभ निशांत के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछड़ा चेतना महासभा ने शहर में कैंडल मार्च निकाला. यह कैंडल मार्च सिटी सेंटर से रणधीर वर्मा चौक तक गई. कैंडल मार्च में मृतक ऋषभ निशांत के पिता के साथ सैकड़ों लोग शामिल हुए. कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर सजा देने की मांग की गई. मृतक ऋषभ के पिता ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र की हत्या की गई है और आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की है बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. आज न्याय की मांग को लेकर यह कैंडल मार्च निकाला गया.
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डीजीपी ने पर्व-त्योहारों के लिए सुरक्षा तैयारी और यातायात सुधार के निर्देश दिए

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ डीजीपी राजीव कृष्ण ने उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की आगामी पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व तैयारी आयोजकों से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं पुलिस प्रबन्ध किये जाने के निर्देश दिए गए-डीजीपी सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार नही करने वाले 06 थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर व 02 क्षेत्राधिकारी यातायात के विरूद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश-डीजीपी IGRS एवं जनशिकायत निस्तारण प्रणाली में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ अधिकारियों को स्वयं जनसुनवाई कर शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया-डीजीपी मीडिया समन्वय को सुदृढ़ बनाने हेतु घटनाओं से संबंधित तथ्यात्मक, अद्यतन एवं प्रमाणिक जानकारी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए-डीजीपी ZFD एवं C-RTC योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए यातायात प्रबंधन में सुधार, ई-साक्ष्य के सुदृढ़ क्रियान्वयन तथा ‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त बीट सूचनाओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए-डीजीपी
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उत्तराखंड के चार धामों की पवित्रता संरक्षण पर जोर—BKTC अध्यक्ष

Noida, Uttar Pradesh:ऋषिकेश, उत्तराखंड | उत्तराखंड में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी कहते हैं, "...उत्तराखंड के चार धाम न केवल सनातन धर्म की जीवनरेखा हैं, बल्कि इसके चार आधारभूत स्तंभ भी हैं। इन स्थलों की पवित्रता, पौराणिक कथाओं और पहचान को बनाए रखने के लिए इनके संरक्षण की बात करना बिलकुल सही है...यह प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया था, और सभी ने इसका कृतज्ञतापूर्वक स्वागत किया। हमें अपने धार्मिक संस्थानों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देना चाहिए, जो सनातन धर्म में आस्था के केंद्र हैं...हम आप सभी को सरल, सुलभ और सुरक्षित दर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और आप सभी को मंदिर और यहां मौजूद हमारी चीजों का ध्यान रखना चाहिए।"
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पटना में फॉरेंसिक समिट का समापन, 4 FSL लैब सक्रिय, 9 भवन जल्द शुरू

Patna, Bihar:पटना, पटना पुलिस मुख्यालय में बायोलॉजिकल साइंस पर आयोजित दो दिवसीय सेटेलाइट कॉन्फ्रेंस का आज समापन हो गया। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि भारत सरकार और बिहार सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां नई तकनीकों और जांच प्रणाली पर चर्चा हुई। वहीं, कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मंगलवार को डीजीपी विनय कुमार ने जानकारी दी थी कि बिहार में फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में 4 क्षेत्रीय एफएसएल लैब कार्यरत हैं, जबकि 9 नए एफएसएल भवन तैयार हो चुके हैं जिन्हें अगले 1-2 वर्षों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया था कि 102 सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायकों की नियुक्ति भी की जा चुकी है, जिससे राज्य में फॉरेंसिक जांच और अपराध अनुसंधान व्यवस्था और मजबूत होगी।
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गोपालगंज भू-माफिया गैंग के आरोपी गंगदयाल यादव गिरफ्तार

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज पुलिस भू माफिया के विरुद्ध करवाई जारी है पुलिस ने गंगदयाल यादव को गिरफ्तार किया है गंगदयाल यादव राजद सुप्रीमो लालू यादव का करीबी बताया जाता है व न्यायिक हिरासत में भेज दिया है ये पूर्व में भी जमीन से जुड़े मामले में जेल जा चुके हैं नगर थाना पुलिस ने बंजारी रोड निवासी शिक्षक गंगदयाल यादव को उनके घर से गिरफ्तार किया है उसपर जमीन का पेपर तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप लगा है नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं पूर्व के मामले में भी वारंट है गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पूर्व में गोपालगंज में एक गैंग एक्टिव था जो जमीन का फर्जी पेपर बनाकर जमीन पर कब्जा करते हैं उसी क्रम में पता चला दो माफिया योगेंद्र पंडित व गंगदयाल यादव का गैंग चलता था ये पूर्व में जेल गए हैं पता चला कि ये लोग पुनः ऐक्टिव हो गए हैं कई मामलों में आम लोगो को परेशान कर रहे हैं रजिस्ट्री का कागज बनवा रहे व रंगदारी मांग रहे जिसके बाद गंगदयाल यादव को गिरफ्तार किया गया है ये प्रकाश में आया है कि गंगदयाल यादव का पटना लिंक था और किन लोगों के साथ ये उठते बैठाते हैं किन लोगों के दम पर ये काम कर रहे थे इसकी जांच की जा रही है
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बंगाल पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बनाकर भाजपा उम्मीदवार ने मचाया बवाल

Kolkata, West Bengal:बंगाल में कार सेवा 2 की तैयारी भाजपा केंडिडेट बोले बाबरी मिटाऊंगा चाहते जान चली जाय,ममता के मंत्री पर बंगाल पॉर्ट को मिनी पाकिस्तान बनाने का लगाया आरोप - बंगाल में चुनाव चरम पर है...भाजपा केंडिडेट ने बंगाल में अयोध्या जैसी कार सेवा का एलान कर दिया... - ममता के मंत्री और पोर्ट से प्रतिद्वन्दी फिरहाद हकीम को पाकिस्तान के लाहौर भेजूँगा ये कहना है पोर्ट से भाजपा केंडिडेट राकेश सिंह का …भाजपा केंडिडेट में आरोप लगाया कि फिरहाद हकीम पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बोलते है टीएमसी नेता को पाकिस्तान प्रेम है तो ४ मई को लाहौर भेजुँगा…फिरहाद हकीम हिंदुओं को दुश्मन मानता है कहता है की ग़ैर मुस्लिम होना गुनाह है उसने बंगाल पोर्ट को मिनी पाकिस्तान बना दिया तो रिजल्ट आते ही उसे लाहौर बिना पासपोर्ट के भेज दूँगा … - भाजपा केंडिडेट ने कहा की हुमायू कबीर टीएमसी से अभी भी मिला हुआ है बंगाल में बाबरी नहीं रहेगी… चाहे जान देकर मिटानी पड़े या अयोध्या जैसी कार सेवा - २ करनी पड़े…बंगाल की बाबरी को डायनामेट से उड़ा देंगे जेल जाने और जान देने के लिए तैयार हूँ… - ⁠बंगाल को पाकिस्तान बनाने की तैयारी है…बंगाल पोर्ट मिनी पाकिस्तान के नाम से घोषित किया है बड़ा पाकिस्तान नहीं बनने दूँगा… - ⁠भाजपा केंडिडेट ने में और मेरे बच्चे जेल भेजा में भी बदला लूंगा फरहाद हाकिम और उसकी बेटियों को जेल दूँगा… बंगाल में tmc उर्दू लागू करने को तैयारी… - ⁠बंगाल को भगवा से रंग देंगे…भाजपा केंडिडेट राकेश सिंह ने वो हरा रंग नहीं लगा पाएंगे…टीएमसी वालो को बचना है तो भगवा ओड़ ले नहीं तो बदला सूत समेत लिया जाएगा… - SIR को लेकर बोले घुसपैठियों के जरिये पॉर्ट में 60% मुस्लिम वोटर हो गए थे अब SIR में सभी घुसपैठी भाग गए हिदू वोटर उल्टा 60% हो गए रातोरात घुसपैठी भाग गए जो TMC ने बसाए थे... (121- राकेश सिंह भाजपा उम्मीदवार पोर्ट विधानसभा)
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मुंगेर में जमीनी विवाद पर घर तोड़ने का वीडियो वायरल, पुलिस कर रही जांच

Munger, Bihar:मुंगेर में पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोगों के द्वारा खंती और लौहा के औजार से घर तोड़ते दिख रहा है। और इसका किसी ने वीडियो बना लिया । जब इस वीडियो के विषय में पता चला तो पता चला कि दो चचेरे भाईयों के जमीनी विवाद में घर के दिवाल को तोड़ा जा रहा है । अब पूरे मामला की जांच अब पुलिस कर रही है । वायरल वीडियो कासिम बाजार थाना क्षेत्र के खोजा बाजार का है । वहां के निवासी दो चचेरे भाई सुभाष चंद्र सुधाकर और दूसरा पक्ष कुंदन और उसका भाई चंदन है । दिनों पक्ष आपस में चचेरे भाई है । और घर के बंटवारे के बाद जब सुभाष चंद्र सुधाकर अपना घर बनाने लगे तो इन दोनों चचेरे भाइयों ने गली बनाने के मुद्दे पर उसे घर बनाने से रोक दिया । उसके बाद काफी कहा सुनी भी दोनों के बीच हुआ । इस बीच गली को बनाने के लिये दोनों भाइयों ने सुभाष के घर तो खंती और लौहा के औजार से तोड़ने लगा । और इसी का वीडियो बना किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया । भाइयों के इस हरकत को ले पुलिस से मदद लेने पहुंचे सुभाष ने थाना को लिखत आवेदन देते हुए बताया कि उनके चचेरे भाइयों ने बंटवारा के बाद अपना मकान तो बना लिया पर जब वह मकान बनाने लगे तो चचेरे भाइयों ने गली बनाने को ले इसका विरोध कर दिया। और इतना ही नहीं उन लोगों ने घर को भी तोड़ने लगा । जिसको ले उन्होंने थाना में भी आवेदन दिया है। साथ ही बताया कि अब पुलिस से यही गुहार है पुलिस उनके मामले को देखते हुए उचित न्याय करे ।
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SC के सवाल: गैर-भक्त भी_submitted_sub(Sub)रीमला परंपरा को चुनौती दे सकते हैं?

Noida, Uttar Pradesh:जब भगवान अयप्पा के भक्त नहीं, तो सबरीमाला मंदिर की परंपरा को चुनौती क्यों, SC का सवाल सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि जो लोग भगवान अयप्पा के भक्त ही नहीं हैं, क्या वे भी मंदिर की परंपराओं को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं? अगर कोई ऐसा व्यक्ति चुनौती देता है तो क्या कोर्ट को उस पर सुनवाई करनी चाहिए! सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल जस्टिस नागरत्ना ने यह सवाल सबरीमला विवाद से उपजे से संवैधानिक सवालों पर विचार रही संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान किया। 9 जजों की संविधान पीठ धार्मिक परंपरा और मौलिक अधिकार से जुड़े 7 सवालों पर विचार कर रही है। संविधान पीठ ने जो सातवां सवाल तय किया है , वो यही है कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति भी किसी ऐसे धर्म /संप्रदाय की परंपरा को अदालत में चुनौती दे सकता है, जिसका वो खुद सदस्य नहीं है! मंदिर की परंपरा को किसने चुनौती दी यह सवाल इसलिए भी प्रासंगिक है कि क्योंकि साल 2018 में जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं की मंदिर के एंट्री को इजाज़त दे दी थी, वो याचिका इंडियन लॉयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल की गई थी आज जस्टिस नागरत्ना ने पूछा कि क्या यह संगठन भगवान अयप्पा के भक्तों का है।केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इससे इंकार किया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने सवाल किया कि जो लोग भगवान के भक्त नहीं है, जिनका मंदिर से कोई संबंध नहीं है,वो कैसे मंदिर की परंपरा को चुनौती दे सकते है। अगर ऐसे किसी संगठन ने ऐसी परंपरा को चुनौती देते हुए सिविल कोर्ट में केस किया होता तो वो मुकदमा याचिका दायर होने का उपयुक्त कारण न होने के तकनीकी आधार पर खारिज हो जाता! चीन जस्टिस की राय अलग सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान पीठ जिन सवालो पर विचार कर रही है उनमें से एक सवाल यह भी है।जस्टिस नागरत्ना ने इस पर कहा कि सबसे पहले इसी सवाल पर विचार होना चाहिए जस्टिस नागरत्ना और एसजी तुषार मेहता के बीच चल रहे सवाल जवाब के बीच चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि साल 2018 में संविधान पीठ के फैसले में कहा गया था कि अगर कोर्ट के सामने कोई गम्भीर सवैंधानिक मुद्दा उठाया गया है तो कोर्ट इसमे दखल दे सकता है फिर चाहे याचिकाकर्ता को उस मुद्दे से कोई सीधा वास्ता न हो। अगर केस से सीधा सम्बंध होने पर ही सुनवाई के आधार माना जाता तो फिर तो यह याचिका सुनी नहीं जाती, 2006 में यह खारिज हो जाती। हालांकि चीफ जस्टिस ने साथ मे जोड़ा आर्टिकल 25 और आर्टिकल 26 के तहत दिए अधिकार धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े व्यक्तिगत अधिकार है। ऐसे मामलों के अमूनन वही कोर्ट आ सकता है, जिसका यह सवैंधानिक अधिकार बाधित हो रहा हो! याचिकाकर्ताओं का एतराज इस पर याचिकाकर्ताओं की पेश वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि अगर कोर्ट को लगता है कि वो याचिका सुनवाई लायक नहीं थी तो फिर आगे इस रेफेरेंस पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वो ऐसी अर्जी दाखिल कर सकते है कि मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में एट्री मिले। याचिकाकर्ताओ की ओर से पेश दूसरे वकील राजीव धवन ने कहा कि बहुत सी महिलाएं ऐसी हो सकती है जो मंदिर जाना चाहती हो लेकिन इसके लिए कोर्ट आने से झिझकती हो । ऐसे में इस केस के याचिकाकर्ता संगठन ने ऐसी महिलाओं की बात कोर्ट में रखी है PIL के दुरुपयोग पर सरकार का एतराज सरकार का पक्ष रख रहे एसजी तुषार मेहता ने कहा कि क़ानून में जनहित याचिकाओं की शुरुआत ऐसे लोगों के लिए की गई थी जिनको क़ानूनी प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता था।लेकिन आज इनका सबसे दुरूपयोग हो रहा है। ख़ास एजेंडे के लिए जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल हो रहा है।चीफ जस्टिस ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि अदालत को ऐसी जनहित याचिकाओं को स्वीकार करते वक़्त सतर्क रहने की ज़रूरत है! धार्मिक परंपरा को अंधविश्वास कोर्ट नहीं करार दे सकता _sunvai के दूसरे दिन भी आज केन्द्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील रखी। मेहता ने कहा कि कोर्ट यह तय नहीं कर सकता कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। अगर कहीं सुधार की गुंजाइश नज़र आती है तो यह विधायिका देखती है और ज़रूरत के मुताबिक उसे रोकने के लिए क़ानून भी लाया जाता है। जज सरकार की दलील से सहमत नहीं हालांकि जज इस दलील से सहमत नज़र नहीं आए। जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि कोर्ट यह तय करने का अधिकार रखता है कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। कोर्ट को ऐसी परंपराओं की न्यायिक समीक्षा का अधिकार है हालाकि बाद में इसे रोकने के लिए कानून लाना विधायिका का काम है। जस्टिस बागची ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आर्टिकल 32 के तहत कोर्ट में याचिका दायर कर कहता है कि किसी जगह जादू-टोना का इस्तेमाल एक धार्मिक परंपरा के रूप में किया जा रहा है और विधायिका ने इस पर अभी कोई कानून नहीं बनाया है।तो क्या कोर्ट इसमे कुछ नहीं करेगा। क्या वो इसे रोकने का निर्देश जारी नहीं कर सकता!कोर्ट किसी भी धार्मिक परंपरा को इस कसौटी पर परख सकता है कि क्या वो स्वास्थ्य, पब्लिक आर्डर और नैतिकता के खिलाफ तो नहीं है! बेंच के सदस्य जस्टिस सुंदरेश ने भी कहा कि कई बार कोर्ट जानबूझकर दखल नहीं देता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोर्ट के पास अधिकार नहीं है। अगर कोई सती जैसी गलत परंपरा हो तो कोर्ट दखल दे सकता है। हिंदू धर्म में कोई एक ईश्वर, एक ग्रंथ नहीं-SG तुषार मेहता ने कहा कि हिंदू धर्म मे बहुत विविधता है।कोई एक ईश्वर ,कोई एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है जिसके आधार पर तय किया जाए कि वो परंपरा अनिवार्य धार्मिक परंपरा है या नहीं। भगवान अयप्पा को भक्त चूंकि नैष्ठिक ब्रह्मचारी मानते है इसलिए वहां मंदिर में महिलाओं की एट्री को लेकर परंपरा है।हर देवता की अपनी ख़ासियत है। कोर्ट परंपरा को बदलकर देवता के मौलिक चरित्र को नहीं बदल सकता।
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TET विरोध: बालाघाट में हजारों शिक्षक रैली, ज्ञापन के साथ परीक्षा रद्द की मांग

Raebareli, Uttar Pradesh:TET परीक्षा के विरोध में जिले भर के स्कूलों से हजारों शिक्षक बालाघाट मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने मुलना स्टेडियम में एक सभा की और उसके बाद तकरीबन एक किमी लंबी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया. यहां पर उन्होंने डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. उनकी मांग है कि शिक्षकों की जो योग्यता परीक्षा होनी है उसे रद्द किया जाए. शिक्षकों का कहना है कि यह उनकी गरिमा के साथ खिलवाड़ है. ऐसे में अगर परीक्षा लेनी है, तो कलेक्टर, तहसीलदार आदि सभी सरकारी अधिकारी कर्मचारी की लो सिर्फ शिक्षकों के साथ ही प्रयोग क्यों ? शिक्षकों का कहना है कि सिर्फ हम ही क्यों ई-अटेंडेंस लगाए. हमारी ही क्यों परीक्षा हो. बाकी तमाम अफसर और कर्मचारी क्यों नहीं दिखते हैं. हम देश की बुनियाद को मजबूत करने का काम करते हैं. हमारे पढ़ाए बच्चे आज तमाम सरकारी नौकरी में है. ऐसे में सरकार हमारी मांगों को मानना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो आने वाले समय में राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने की चेतावनी दी है. इस विषय पर दो दिन पहले बालाघाट प्रवास पर आए जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि सरकार ने केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया था, लेकिन अब सरकार वापस अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन इस विषय में निचले स्तर तक कर्मचारियों के बीच फैले संदेह को दूर करें. सरकार का तर्क है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक तय भर्ती नियमों का पालन कर सेवा में आए थे.
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