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Sanjay KumarSanjay KumarFollow26 Dec 2024, 04:25 pm

गोरखपुरः धर्म और मानवता की रक्षा में शहीद साहिबजादों के लिए समर्पित नमन यात्रा का आयोजन

Gorakhpur, Uttar Pradesh:

दशम पातशाह धन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की माता गुजर कौर जी और चारों साहिबजादों के बलिदान को समर्पित "नमन यात्रा" का आयोजन जटाशंकर गुरुद्वारा से किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन महान आत्माओं को नमन करना था, जिन्होंने धर्म की रक्षा और मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत विश्व को प्रेरणा देती है। इन्होंने मात्र छह और नौ वर्ष की आयु में धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

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यमुना जल समझौते पर राजस्थान-हरियाणा में MOA आज; 32 साल बाद पानी का हक

Jaipur, Rajasthan:यमुना जल प्रोजेक्ट का MOA होगा. गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली में हस्ताक्षर होंगे. 32 साल बाद राजस्थान को यमुना का हक मिल पाएगा. प्रधानमंत्री मोदी बाडमेर से आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रिणी मौजूद रहेंगे. सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली पहुँच गए हैं. DPR फाइनल, अब केंद्र की मुहर बाकी- देश के गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, हरियाणा और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOA पर हस्ताक्षर होंगे. सरकारों के इस फैसले के बाद राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना जल समझौता विवाद खत्म होगा. राजस्थान को 1994 के समझौते के मुताबिक अपने हक का पानी मिल सकेगा. 4 जुलाई को बाडमेर से आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं. इस समझौते से चुरू, सीकर और झुंझुनूं में पानी का संकट दूर होगा. कब-कब अटका दोनों राज्यों में जल समझौता- 1994 में अपर यमुना रिवर बोर्ड की 22वीं बैठक में राजस्थान का हिस्सा तय हुआ था. इस प्रोजेक्ट में ताजेवाला हैडवर्क्स से राजस्थान को पानी मिलना है. उस दौरान मानसून अवधि में 1917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित हुआ था. 2003 में केन्द्रीय जल आयोग को हरियाणा की नहरों का रिमॉडलिंग का प्रस्ताव भेजा गया था. इससे पहले फरवरी 2002 में सीडब्ल्यूसी में हरियाणा की सहमति शर्त के साथ दी गई थी, जिसके बाद सहमति के लिए 2003 में एमओयू के लिए हरियाणा को भेजा गया. लेकिन हरियाणा राज्य ने सहमति प्रदान नहीं की. 2017 में राजस्थान के हिस्से के पानी की फिर से मांग की गई. भूमिगत पाइपलाइन आधारित फिजिबिलिटी रिपोर्ट CWC को भेजी. 2018 में केंद्रीय जल आयोग ने रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की. हथिनी कुंड बैराज से भूमिगत पाइप लाइन से जल वितरण का सुझाव दिया गया. प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है. इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे. 3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी. इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण और रेल ट्रैक के किनारे पाइप लाइन बिछाना होगा. 3,900 करोड़ रुपये सिर्फ भूमि अवाप्ति पर खर्च होने हैं, जिसके लिए समय पर वित्तीय प्रबंधन करना जरूरी होगा. जल लाने को रेलवे ट्रैक के किनारे 302 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है. पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे केवल 68 किलोमीटर लंबाई ही उपलब्ध है. 95 किमी लूप लंबाई सहित 252 किमी के लिए नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और निजी भूमि की जरूरत होगी.
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यमुना जल समझौते पर MOA: राजस्थान-हरियाणा को 32 साल बाद पानी मिलेगा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर आज MOA होगा। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली में हस्ताक्षर होंगे। 32 साल बाद राजस्थान को यमुना का हक मिल पाएगा। पीएम मोदी रिफाइनरी की सौगात के साथ बाड़मेर से औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों भी मौजूद रहेंगे। सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली पहुंचे हैं। DPR फाइनल, अब केंद्र की मुहर बाकी - देश के गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, हरियाणा और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOA पर हस्ताक्षर होंगे। सरकारों के इस फैसले के बाद राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना जल समझौता विवाद खत्म होगा। राजस्थान को 1994 के समझौते के मुताबिक अपने हक का पानी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को बाड़मेर से आधिकारिक तौर पर ऐलान कर सकते हैं। इस समझौते से चुरू, सीकर और झुंझुनूं में पानी का संकट दूर होगा. कब-कब अटका दोनों राज्यों में जल समझौता- 1994 में अपर यमुना रिवर बोर्ड की 22वीं बैठक में यमुना जल समझौते को लेकर राजस्थान का हिस्सा तय हुआ था। इस प्रोजेक्ट में ताजेवाला हैडवर्क्स से राजस्थान को पानी मिलना है। उस दौरान मानसून अवधि में 1917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित हुआ था。 2003 में केंद्रीय जल आयोग को हरियाणा की नहरों का रीमॉडलिंग का प्रस्ताव भेजा गया था। इससे पहले फरवरी 2002 में CWc में हरियाणा की सहमति शर्त के साथ दी गई थी, जिसके बाद सहमति के लिए 2003 में MOUs के लिए हरियाणा को भेजा गया, लेकिन हरियाणा ने सहमति प्रदान नहीं की。 2017 में राजस्थान के हिस्से के पानी की फिर से मांग की गई। भूमिगत पाइपलाइन आधारित feasibility रिपोर्ट CWC को भेजी। 2018 में केंद्रीय जल आयोग ने रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की। हथिनी कुंड बैराज से भूमिगत पाइप लाइन से जल वितरण का सुझाव दिया गया。 प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ - यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों और गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है। इसमें से 3,900 करोड़ रुपए भू-अवाप्ति पर खर्च होंगे। 3.6 डायमीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी। इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण और रेलवे ट्रैक के किनारे पाइपलाइन बिछाना होगा। 3,900 करोड़ रुपये सिर्फ भूमि अवाप्ति पर खर्च होने हैं, जिसके लिए समय पर वित्तीय प्रबंधन करना जरूरी होगा। जल लाने को रेलवे ट्रैक के किनारे 302 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है। पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे केवल 68 किलोमीटर लंबाई ही उपलब्ध है। 95 किमी लूप लंबाई सहित 252 किमी के लिए नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और निजी भूमि की जरूरत होगी.
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पति ने पत्नी के अफेयर के शक पर ठेकेदार की हत्या करवाई

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज दो दिनों में खुलासा कर दिया है। खजुराहो थाना क्षेत्र में कुएं से मिले ठेकेदार सीताराम पाल उर्फ बबलू के शव की गुत्ठी_sुलझाते हुए पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह पति को पत्नी के कथित अफेयर का शक था। आरोप है कि पति ने अपने साले के साथ मिलकर ठेकेदार की हत्या की और शव को कुएं में फेंक दिया ,मामला खजुराहो थाना क्षेत्र के पहरा पुरवा ग्राम पंचायत के लालपुरवा गांव का है,जहां दो दिन पहले 32 वर्षीय ठेकेदार सीताराम पाल उर्फ बबलू का शव एक कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध नजर आया, जिसके बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की।,जांच में सामने आया कि आरोपी रामहेत प्रजापति को अपनी पत्नी और सीताराम पाल के बीच कथित संबंध होने का शक था। पुलिस के मुताबिक इसी शक के चलते रामहेत ने अपने साले कोमल प्रजापति के साथ मिलकर सीताराम के सिर पर घातक वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।,हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की नीयत से शव को लालपुरवा गांव के पास एक सुनसान कुएं में फेंק दिया। शव मिलने के बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच की और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच गई। खजुराहो पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
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नूंह में भीषण गर्मी का कहर: 41°C के आस-पास तापमान से जनजीवन प्रभावित

Nuh, Haryana:Story :- भीषण गर्मी की चपेट में नूंह, 41 डिग्री तापमान और लू से जनजीवन प्रभावित。 नूंह जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि तेज गर्म हवाओं (लू) ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बाजारों में भी दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम हो गई है। गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को ढककर निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को लू से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल मौसम में राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से एडवाइजरी का पालन करने और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है。
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कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद में फूट, 8 अखाड़ों ने रविन्द्र पुरी को अध्यक्ष बना दिया

Bhopal, Madhya Pradesh:कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद में फूट 8 अखाड़े ने महंत रविन्द्र पुरी को चुना अध्यक्ष नासिक में आगामी कुंभ मेले की तैयारी के बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में बड़ा विभाजन सामने आया... हरिद्वार में हुई बैठक में तीन वैष्णव अखाड़े,दो उदासीन अखाड़े,दो सन्यासी अखाड़े,एक निर्मल अखाड़ा ने अखाड़ा परिषद का गठन किया महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी को अध्यक्ष चुन लिया गया... नई कार्यकारिणी को आठ अखाड़े का समर्थन मिलने का दावा किया गया है तो दूसरी ओर शेष पांच अखाड़े पहले से अलग गुट में हैं जिनके अध्यक्ष रवindir पुरी हैं जो निरंजनी अखाड़े से हैं... हालांकि दोनों अलग-अलग अखाड़े से हैं नाम एक जैसी होने के कारण संत समाज में भ्रम की स्थिति बन गई है... हरिद्वार में नई कार्यकारिणी के गठन के साथ अखाड़ा परिषद के भीतर लंबे समय से चले आ रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं... बाइट - महंत रविन्द्र पुरी अखाड़ा परिषद अध्यक्ष अखाड़ा महानिर्वाणी बाइट - महामंडलेश्वर करौली Shankar das ji maharaj
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भिवंडी में भारी बारिश से इमारत की सुरक्षा दीवार गिरने की CCTV वीडियो वायरल

Thane, Maharashtra:भिवंडी.. पावसाची पहिली झोड - प्रभूआळीत इमारतीची संरक्षक भिंत कोसळली, CCTV व्हायरल... रात्रीच्या पावसात भिवंडी शहरात पडझडीच्या घटना सुरू झाल्या आहेत. प्रभूआळी परिसरात एका इमारतीची संरक्षक भिंत अचानक कोसळली. सुदैवाने ही घटना रात्रीच्या वेळी घडल्याने मोठी दुर्घटना टळली. कोणतीही जीवितहानी झाली नाही. कोसळलेल्या भिंतीचा CCTV व्हिडिओ सध्या सोशल मीडियावर व्हायरल होतोय. पावसाच्या पहिल्याच झोडप्यात इमारतीच्या सुरक्षेची भिंत ढासळल्याने बीएनसीएमसीच्या स्ट्रक्चरल ऑडिटवर प्रश्नचिन्ह उभे राहिले आहेत. परिसरातील नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. पावसाळ्यापूर्वी स्ट्रक्चरल ऑडिटच्या दाव्यांची काय अवस्था, हा मोठा प्रश्न.
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ऑपरेशन सिंदूर: पूर्व सैनिक संगठन सरकार पर साक्ष्य छिपाने का आरोप

Satna, Madhya Pradesh:सतना। चंद्रशेखर आजाद पूर्व सैनिक संगठन के नेतृत्व में आज पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पहुंचकर 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीर शहीदों को कैंडल जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने तत्कालीन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार द्वारा इस ऑपरेशन से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर देश के वीर जवानों के प्रति सरकार का ऐसा ही रवैया रहा, तो यह सैनिकों का बहुत बड़ा अपमान होगा। संगठन ने आशंका जताई कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे और भी कई जवान शहीद हुए होंगे, जिनकी जानकारी को देश से छुपाया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद पूर्व सैनिक संगठन ने भारत सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और वास्तविक जानकारी को देश के सामने सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की है।
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कृष्णनगर टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष स्वप्न घोष पर नौकरी लौटाने के नाम पर धोखाधड़ी

ADAnup Das13m ago
Krishnanagar, West Bengal:*চাকরি ফেরত দেওয়ার নাম করে লক্ষ লক্ষ টাকার প্রতারণার অভিযোগে তৃণমূল কৃষ্ণনগর ব্লক সভাপতি তথা প্রাক্তন পঞ্চায়েত প্রধান , উজ্জ্বল বিস্বাস ঘনিষ্ঠ স্বপন ঘোষ কে ৭ দিনের পুলিশ হেফাজতের আবেদন নিয়ে আদালতে পেশ, গতকাল সন্ধ্যে বেলায় গ্রেপ্তার করা হয়।* চাকরি ফিরিয়ে দেওয়ার Nesse? আর্থিক প্রতারণার অভিযোগে গ্রেপ্তার হলেন কৃষ্ণনগর ১ নম্বর ব্লকের তৃণমূলের ব্লক সভাপতি তথা ভাতজাংলা পঞ্চায়েতের প্রাক্তন প্রধান স্বপন ঘোষ। গতকাল অভিযুক্তকে গ্রেপ্তার করে কোতয়ালী থানার পুলিশ সোমবার আদালতে পেশ করে এবং ঘটনার বিস্তারিত তদন্তের স্বার্থে ৭ দিনের পুলিশ হেফাজতের আবেদন জানায়। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, চাকরি ফিরিয়ে দেওয়ার প্রতিশ্রুতি দিয়ে ১ ব্যক্তির কাছ থেকে অর্থ নেওয়ার অভিযোগ ওঠে স্বপন ঘোষের বিরুদ্ধে। সেই অভিযোগের ভিত্তিতেই তদন্ত শুরু করে কোতয়ালী থানার পুলিশ। তদন্তের অগ্রগতিতে তাঁকে গ্রেপ্তার করা হয়। উল্লেখ্য, স্বপন ঘোষ রাজ্যের প্রাক্তন মন্ত্রী উজ্জ্বল বিশ্বাসের ঘনিষ্ঠ বলেই রাজনৈতিক মহলে পরিচিত। এই ঘটনাকে ঘিরে ইতিমধ্যেই জেলার রাজনৈতিক মহলে তীব্র চাঞ্চল্য_create হয়েছে। আদালত পুলিশ হেফাজতের আবেদন নিয়ে কী নির্দেশ দেয়, সেদিকেই এখন নজর সকলের।
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मनेंद्रगढ़ के श्री सिद्धबाबा मंदिर में तीन दिवसीय प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव शुरू, भक्तों की आमद

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री सिद्धबाबा मंदिर में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू हो गया है। करीब 100 वर्ष पुराने इस मंदिर का छह वर्षों में केदारनाथ धाम की तर्ज पर भव्य पुनर्निर्माण किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विभिन्न धार्मिक-अनुष्ठान, हवन-पूजन और विशेष आराधना संपन्न कराई जा रही है। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति के अनुसार साधु-संतों और विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में धार्मिक कार्यक्रम लगातार जारी हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि श्री सिद्धबाबा के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है, यही कारण है कि वर्षभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
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दमोह के किसानों पर मानसून की बेरुखी भारी, मूंगफली ही विकल्प

Damoh, Madhya Pradesh:मानसून की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, अधिकांश इलाकों में खरीफ की फसल की नहीं हुई बोनी, प्रशासन ने की अपील सोयाबीन न लगाए किसान.. एंकर/ एमपी के कुछ हिस्सों में मानसून की धमाकेदार एंट्री के बीच कई क्षेत्र ऐसे है जहां मानसून की बेरुखी साफ देखी जा सकती है और इन इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। अन्नदाता अपने खेतों को देख देख कर परेशान है और उसे कल को लेकर चिंता हो रही है। सूबे के दमोह जिले में भी मानसून लोगों को सता रहा है एक तरफ लोग गर्मी और उमस से हलकान है तो सूखे पड़े खेत किसान को रुला रहे हैं। जिले भर में बादल छाते है कुछ हवाएं चलती है आंधी आती है लेकिन बादल बिना बरसे ही चले जाते है। किसान आस्मान की तरफ टकटकी लगाए बैठे है कि मेघ बरसे लेकिन बादल दगा देकर जा रहे है। जिले के अधिंकाश इलाकों के किसानों ने खरीफ की फसल की बोनी नहीं की है इसकी वजह बारिश का न होना है। अमूमन एक दो बारिश के बाद किसान खेतों में नमी आने के बाद बोनी करते है लेकिन जब खेत तप रहे है तब किसान अपने बीज को गवाना नहीं चाहते और बोनी करने का इंतजार कर रहे है और इस इंतजार में पानी गिरने का इंतजार है। किसानों की माने तो हर दिन उम्मीद के साथ खेतों पर पर जाते हैं कि आज बारिश होगी लेकिन जब दिन निकल जाता है शाम आती है तब निराश होकर वो अपने घरों को लौट आते है। भीषण गर्मी की वजह से जल स्त्रोत भी सूखे पड़े है या उनमें इतना पानी नहीं जिससे खेतो को तरबतर करके बोनी की जाए और फिर खेतों में एक सो बार सिंचाई की जाए ऐसे में पूरा दारोमदार बस बरसात पर ही है। कुछ किसानों के बोनी की तो पानी के अभाव में खेत में लगाया बीज भी खत्म होने की कगार पर है मतलब वो उग पाए ऐसी उम्मीद भी नहीं बची है। इस सब के बीच जिला प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है जबकि जिले में अच्छी खासी पैदावार दिलाने वाला खरीफ का सीजन सूखा जा रहा है। जिले के कलेक्टर ने किसानों से बड़ी अपील की है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने किसानों से कहा है की इस साल कम बारिश होने का अनुमान है और मौसम विभाग ने फोरकास्ट किया है लिहाजा किसान सतर्क सावधान रहे। जिले में सोयाबीन का बड़ा रकवा है मतबल बड़े क्षेत्र में हर साल सोयाबीन पैदा किया जाता है।लेकिन इस बार किसान सोयाबीन न लगाए बल्कि उसकी जगह मूंगफली लगाएं ताकि उन्हें नुकसान न हो। सोयाबीन का बीज भी प्रदेश में कम है और इन परिस्थितियों में किसान बीज का इंतजार भी न करें और मूंगफली पर यकीन करें। जिला प्रशासन की चिंता के साथ किसानों को अब समझदारी से काम लेने की जरूरत है ताकि कम बारिश हो तो उन्हें दोहरे नुकसान का सामना न करना पड़े。 बाइट/ किसान गण बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह)
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