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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow6 Jan 2025, 03:06 pm

गोरखपुर- 5 साल तक पत्नी बना रखा, फिर कर ली दूसरी शादी, थाने में शिकायत लेकर पहुंची युवती

Khajani, Uttar Pradesh:

गोरखपुर।। जिले के गगहां थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी युवती ने आज खजनी थाने में पहुंच कर प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई कि एक युवक ने बीते 5 साल पहले उससे शादी की और पति-पत्नी दोनों किराए के कमरे में रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र में रहते थे, युवती शहर के एक रेडिमेड कपड़े की दुकान में काम करती थी।युवती ने बताया कि इस बीच वह 5 बार गर्भवती हुई 3 बार उसके पति ने जबरन एबाॅर्शन (गर्भपात) करा दिया और दो बार दवा खिलाकर गर्भ नष्ट करा दिया। पीड़ित युवती ने बताया कि माता पिता ने पहले जहां उसकी शादी कराई थी वह पति शराब पी कर मारता पीटता था।

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कैंची धाम यात्रा बनी मौत का सफर

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Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी में तेज रफ्तार इनोवा ट्रेलर में घुसी, सरकारी स्वास्थ्यकर्मी समेत चार दोस्तों की मौत, तीन गंभीर बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में मंगलवार तड़के हुआ भीषण सड़क हादसा चार परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर भिखरा गांव के पास तेज रफ्तार इनोवा आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी दोस्त उत्तराखंड स्थित कैंची धाम दर्शन के लिए निकले थे। पुलिस की शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई गई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने किसी तरह कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित कर दिया। घायलों को लखनऊ के KGMU रेफर किया गया है। मृतकों में बलिया निवासी सत्यम सिंह (38) शामिल हैं, जो वाराणसी के पांडेयपुर में अन्नपूर्णा हॉस्टल चलाते थे। पत्नी अलंकृता और दो बच्चों के पिता सत्यम तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता तेजप्रताप सिंह का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। वह एक सप्ताह पहले ही बलिया आए थे। दूसरे मृतक राहुल कुमार (36) चंदौली के इर्स्टन बाजार निवासी थे। वह पिछले 10 वर्षों से जिला अस्पताल के एसएमसी वार्ड में स्वास्थ्यकर्मी के रूप में कार्यरत थे। पिता संजय कुमार का पहले ही निधन हो चुका था। राहुल अपने पीछे पत्नी पूजा, चार साल की बेटी और दो साल के बेटे को छोड़ गए हैं। गाजीपुर निवासी राहुल सिंह (35) कारोबारी थे। परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे राहुल दोस्तों संग धार्मिक यात्रा पर निकले थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, अम्बेडकर नगर के ग्राम निकसपुर निवासी सूरज मिश्रा (31) वाराणसी स्थित सिविक्स (CS) संस्था में कार्यरत थे। अविवाहित सूरज के पिता ओमप्रकाश मिश्रा बिहार पुलिस से रिटायर्ड दरोगा हैं। घायलों में मिर्जापुर के पंकज और चंदन समेत बलिया निवासी प्रशांत शामिल हैं। तीनों जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों की चीखें सुन हर आंख नम हो गई।
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बिहार सरकार ने मृतक परिवारों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

Forbesganj, Bihar:अररिया में जी मीडिया के खबर का बड़ा असर देखने को मिल रहा है, मध्य प्रदेश के देवास में अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड के 7 मजदूरों के मौत के बाद भी बिहार सरकार द्वारा किसी तरह की मदद नहीं मिलने की खबर कल ही जी मीडिया ने दिखाई थी जिसके बाद बिहार सरकार ने श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की तरफ से सभी मृतक के परिजनों को 4-4 लाख देने का आदेश श्रम अधीक्षक को दिया है, बिहार सरकार के आदेश के बाद अररिया के श्रम अधीक्षक आज मृतकों के गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से जरूरी कागजात और बैंक के डिटेल लेकर 1 से 2 दिनों के बैंक खाते में पैसे भेज देने की बात कही, मौके का जायजा लिया
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सरदारशहर में नौतपा: अस्पतालों ने गर्मी से बचाव के लिए खास इंतजाम किए

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू ने लोगों को परेशान कर रखा है। राजकीय उप जिला अस्पताल में heatwave को देखते हुए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के लिए अलग-अलग बेड, दवाइयाँ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. डॉ संदीप बिजारणिया और डॉ आरिफ खान ने बताया कि अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, बुखार, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि दोपहर में घर से बाहर कम निकलना चाहिए और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए. लोगों को अधिक पानी, ORS, छाछ, लस्सी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए. बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गर्मी से बचाव के विशेष उपाय बताए जा रहे हैं ताकि स्वास्थ्य पर असर कम हो. शहर की सड़कों पर गर्मी की तपिश दिख रही है और दोपहर के समय बाजारों में भी जैसी सन्नाटा है. मौसम विभाग ने अगले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट पर हैं. नौतपा के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है और राहत की बारिश की प्रतीक्षा है.
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कोटा में शून्य ऑक्सीटॉसिन वाले इंजेक्शन से पांच प्रसूताओं की मौत, जांच जारी

Kota, Rajasthan:कोटा प्रसूताओं की मौत का मामला: शून्य मात्रा वाले ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन से मचा हड़कंप, जेके लोन और नए अस्पताल में लग चुके 12499 कोटा के मेडिकल कॉलेज नए अस्पताल और जेके लोन में पांच प्रसूताओं की मौत हो गई थी. 3501 इंजेक्शन जप्त कर लिए गए हैं कोटा: मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस घटना में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है. जबकि सात अन्य महिलाएं अभी भी पीड़ित हैं. पूरे मामले की जांच में सामने आया कि सभी प्रभावित प्रसूताओं को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाया गया था. इन इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन की मात्रा शून्य पाई गई. यह इंजेक्शन दोनों अस्पतालों में सप्लाई किए गए थे. इन अस्पतालों में कुल 16000 इंजेक्शन की सप्लाई फर्म के पास थी, जिसमें से 3501 इंजेक्शन जप्त कर लिए गए है. और 12499 इंजेक्शन पहले ही उपयोग में ले लिए गए. इन इंजेक्शनों की कुल कीमत करीब 1.60 लाख रुपये बताई जा रही है. मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि फेल पाया गया इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज के रेट कॉन्ट्रैक्ट में शामिल था. नए अस्पताल के वार्ड में यह सप्लाई किया गया था. वहीं से सैंपल लिए गए थे, जिनमें एक बैच फेल हो गया. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और जेके लोन दोनों जगहों पर इनफेक्टेड इंजेक्शन लगाए गए. मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के औषधि भंडार पर कार्रवाई करती ड्रग कंट्रोलर टीम मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के औषधि भंडार पर कार्रवाई करती ड्रग कंट्रोलर टीम इसे भी पढ़ें- कोटा में प्रसूताओं की मौत का मामला: जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में ही नहीं मिला 'ऑक्सीटोसिन', बिक्री पर तुरंत रोक लगातार छापेमारी और कार्रवाई: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने कहा कि गाइनोकोलॉजिस्ट ही बेहतर बता सकते है. कि मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया गया था या नहीं. निलंबित डॉक्टर बीएल पाटीदार ने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले दर्द शुरू करने के लिए दिया जाता है. साथ ही सिजेरियन डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग रोकने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र गर्ग ने बताया कि सैंपल ड्रग कंट्रोल ऑफीसर दिनेश कुमावत ने लिया था. रिपोर्ट मिलते ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और पूरी टीम को सक्रिय कर दिया गया. ड्रग कंट्रोल टीम ने छापेमारी कर इंजेक्शन जब्त किए. नए अस्पताल को 5000 इंजेक्शन सप्लाई: देवेंद्र गर्ग ने बताया कि 1 एमएल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई कोटा की स्थानीय फर्म मेसर्स राजस्थान मेडिकल हॉल से हुई थी. जेके लोन अस्पताल को 10000 इंजेक्शन और मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल को 5000 इंजेक्शन सप्लाई किए गए थे, अब तक 3501 इंजेक्शन जब्त किए गए हैं. इनमें नए अस्पताल के औषधि भंडार से 2479, जेके लोन से 72 और फर्म से 950 इंजेक्शन शामिल हैं. सभी इंजेक्शन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत जब्त किए गए. मंगलवार को न्यायालय से कस्टडी ऑर्डर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि मृत प्रसूताओं में प्रिया, पिंकी महावर, ज्योति, पूजा और शिरीन शामिल हैं. कुल 12 प्रसूताएं इस मामले में पीड़ित पाई गईं. इनमें पांच की मौत हो गई, छह का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है और एक मरीज चंद्रकला को डिस्चार्ज कर दी गया है. पीड़ित महिलाओं में आरती, रागिनी, धन्नी, सुशीला और पिंकी शामिल हैं. प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दवा सप्लाई में हुई लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
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शाहजहांपुर में नकली पेट्रोल पंप का बड़ा खुलासा: 10000 लीटर मिलावटी पेट्रोल बरामद

Shahjahanpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर पुलिस ने नकली पेट्रोल पंप चलाने वालों का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने नकली पेट्रोल पंप चलाने वाले सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोग पेट्रोल में मिलावट करके उसकी बिक्री कर रहे थे। पुलिस ने 10000 लीटर मिलावटी पेट्रोल और पेट्रोल पंप का नकली लाइसेंस बरामद किया है। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि रोजा थाना क्षेत्र के डिंगरपुर क्षेत्र में एक नकली पेट्रोल पंप चल रहा है। पुलिस ने जब छापेमारी की तो पेट्रोल पंप मालिक लाइसेंस दिखने लगा। जब लाइसेंस की जांच की तो लाइसेंस फर्जी निकला। इसके बाद पुलिस ने मुख्य सरगना शिवराज वर्मा समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि यह लोग पेट्रोल खरीद कर उसमें प्रेस्टीज कोटिंग की भरी मिलावट करके पेट्रोल की बिक्री कर रहे थे और मोटा मुनाफा कमा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के निशानदेही पर एक जगह से 65 ड्रमो में भरा हुआ 10000 लीटर मिलावटी पेट्रोल बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए डीजल और पेट्रोल के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। और आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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अमरौहा में पेट्रोल-डीजल संकट: ड्राई पंपों और लंबी कतारों से आम जनता परेशान

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा में पेट्रोल-डीजल का भारी संकट, अधिकांश पेट्रोल पंप हुए ड्राई, सड़कों पर लंबी कतारें उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अचानक ईंधन کا बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं, जबकि जहां पेट्रोल और डीजल मिल रहा है वहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरे जिले में हाहाकार मच गया है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र समेत जिले के कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। तेल खत्म होने की खबर फैलते ही खुले पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी के बीच घंटों लाइन में खड़े वाहन चालकों का सब्र जवाब देता नजर आया। इस संकट का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ा है। किसान खेतों की सिंचाई के लिए डीजल को तरस रहे हैं, जबकि स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों में तेल न होने के कारण लोग सड़कों पर परेशान दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में इस तरह के हालात बनने के बावजूद प्रशासन और तेल कंपनियों की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सप्लाई कब तक बहाल होगी और आखिर इस किल्लत की असली वजह क्या है,
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ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के फेक एनकाउंटर पर पलटवार, गुंडा माफिया का सफाया दावा

Auraiya, Uttar Pradesh:उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव के फेक एनकाउंटर वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा की सरकार में गुंडे माफिया बदमाश बहन बेटियों की आबरू लूटते थे, व्यापारीयों को परेशान करते थे उनसे गुंडा टैक्स वसुलते थे उनका पूरी तरीके से सफाया हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब कल्याणकारी योजनाएं और उत्तर प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर के कारण उत्तर प्रदेश की एक-एक जनता की आवाज है कि तीसरी बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि गुंडा माफिया पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं और सब कुछ कोर्ट की निगरानी में संपन्न हुआ है।
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डюंगरपुर किसान मोर्चा सम्मेलन: केंद्र-राज्य योजनाओं से आय बढ़ाने का संकल्प

Dungarpur, Rajasthan:भाजपा किसान मोर्चा सम्मेलन में गूंजा किसानों के उत्थान का संकल्प, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों की आय बढ़ी : कैलाश चौधरी डूंगरपुर जिले में भाजपा किसान मोर्चा का जिला स्तरीय किसान सम्मेलन मंगलवार को नवीन भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान, पार्टी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी रहे। इस दौरान किसानो के उत्थान का संकल्प गुंजा ओर प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि संकल्प, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों की आय बढ़ी है सम्मेलन में किसानों के हित में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, कृषि नवाचारों, प्राकृतिक खेती, सिंचाई विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों में किसान अपनी उपज का उचित मूल्य, समय पर मुआवजा और कृषि संसाधनों की सुविधा से वंचित रहता था। किसानों को बिचौलियों और भ्रष्ट व्यवस्था का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार किसानों के खाते में सीधे सहायता राशि भेज रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में जमा हो रही है। इससे किसानों को खेती के लिए बीज, खाद एवं अन्य आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिली है। कैलाश चौधरी ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए उन्नत बीज, संतुलित खाद, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रयोग पर जोर दिया।
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कांग्रेस का महंगाई पर केंद्र सरकार पर हमला, पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ने का अनुमान

Ranchi, Jharkhand:रांची बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस , बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमलावर है। झारखंड कांग्रेस के महासचिव आलोक दुबे ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार निर्लज है। हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है और बीजेपी को महंगाई दिखाई नहीं दे रहा। देश तबाही के मंजर में खड़ा है और भारत की सरकार को आम जनता से कोई मतलब नहीं। पहले की तुलना में आज क्रूड ऑयल की कीमत कम है तब भी कीमतें आसमान छू रही है। जनता के ऊपर एक रणनीति के तहत महंगाई का बोझ डाला जा रहा है। केंद्र सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। कांग्रेस ने अंदेशा जताया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत अभी और बढ़ाने वाली है जिसके लिए सबको तैयार रहना होगा
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मूंगफली बीज गुणवत्ता मामले में मंत्री ने 14 जगह छापा, एफ्लाटॉक्सिन का खतरा उजागर

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में मूंगफली के बीज की पैकिंग में खराब गुणवत्ता का मामला सामने आया है। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीना ने जयपुर के चौमूं में मूंगफली बीज पैकिंग के दो कारखानों पर औचक छापा मारा। इस दौरान मंत्री ने प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किए जाने और किसानों को अमानक बीज बेचे जाने की बात कही। आपको बता दें कि कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीना एक बार फिर एक्शन में हैं। पिछले दिनों उन्होंने हनुमानगढ़ के पल्लू में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में SBI बैंक के कार्मिकों और फर्जी किसानों की मिलीभगत का खुलासा किया था। अब मंगलवार को कृषि मंत्री अचानक जयपुर के चौमूं स्थित रीको के औद्योगिक क्षेत्र जा पहुंचे। यहां उन्होंने मूंगफली का बीज तैयार करने के 2 कारखानों पर छापा मारा। मंत्री पहले चौमूं स्थित सिल्वर पार्क में एग्रोजेनिक्स क्रॉप साइंस कम्पनी के कारखाने पर पहुंचे और फिर ‘जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज’ नामक कंपनी के कारखाने का जायजा लिया। एग्रोजेनिक्स क्रॉप साइंस के कारखाने में मंत्री ने तैयार किए जा रहे मूंगफली के बीज का जायजा लिया। यहां श्री बालाजी एग्रो सीकर कम्पनी के नाम से बीज पैक किया जा रहा था। मंत्री ने कहा कि यहां गुणवत्ताहीन मूंगफली बीज पैक किया जा रहा है। पैकिंग चौमूं में की जा रही है, जबकि पैकिंग पर सीकर लिखा हुआ है। किसानों के हितों के लिए नकली और अमानक कृषि उत्पादों पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल के निर्देश पर आज जयपुर, सीकर, बीकानेर, चूरू और जोधपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में कृषि विभाग की टीमों द्वारा एक साथ 14 जगहों पर छापेमारी की गई है। मंत्री की कार्रवाई में क्या मिला ? मौके पर मूंगफली की विभिन्न किस्मों के बीज तैयार होते हुए पाए गए; किसान-510 (RG-510), SG-551 और RG-578 पाए गए; लाखों खाली बैग एवं हजारों पैक किए हुए बैग बरामद हुए; कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारियों के मुताबिक लगभग 60 लाख खाली मूंगफली बोरियां होने की बात; करीब 2 लाख साबुत मूंगफली की बोरियां भी पाई गई; मूंगफली से दाना निकालने वाली हाईटेक मशीनें एवं पैकेजिंग सिलाई मशीनें भी मिली; पूरे मामले में संबंधित इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही। मूंगफली के बीज में फैल रहा एफ्लाटॉक्सिन फंगस कृषिमंत्री ने कहा कि बीकानेर संभाग देश का बड़ा मूंगफली उत्पादक क्षेत्र है, जहां लाखों किसान मूंगफली उत्पादन पर निर्भर हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खराब गुणवत्ता वाले बीजों की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। इसके चलते अंकुरण क्षमता घट रही है, बीज जनित रोग बढ़ रहे हैं, उत्पादन कम हो रहा है और तेल प्रतिशत में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। मंत्री ने कहा कि किसानों को होने वाले नुकसान की शुरुआत बीज से ही हो रही है। अवैज्ञानिक भंडारण, खुले में स्टॉक रखने और अवैध बीज कारोबार के कारण फफूंद और अन्य रोग तेजी से फैल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सरकार अब कठोर कार्रवाई करेगी। कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप मूंगफली की प्रसिद्ध किस्म RG-510 को लेकर कृषि मंत्री ने कहा, इसे राजस्थान एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट (RARI) दुर्गापुरा के वैज्ञानिकों ने तैयार किया; बीज उत्पादन के लिए PPP मोड पर 2 कंपनियों से समझौते किए गए; बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज और श्री बालाजी ट्रेडिंग कम्पनी के साथ MOUs किए गए; कुछ निजी कंपनियों ने वैज्ञानिक मानकों की अनदेखी की; किसानों के जरिए बीज उगवाकर तैयार कराने की प्रक्रिया को नहीं अपनाया; बल्कि खुले बाजार से मूंगफली खरीदकर उसे बीज के रूप में पैक कर किसानों को बेचा; खुले स्थानों पर लंबे समय तक बिना नमी और तापमान नियंत्रण के भंडारण किया गया; इस लापरवाही से मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन नामक जहरीला फंगस विकसित हो जाता है; इसे मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक और कैंसरकारी माना जाता है; इंडोनेशिया और यूरोपीय देशों ने मूंगफली का निर्यात रोक दिया; APEDA और निर्यात एजेंसियों ने सुधारात्मक कदम उठाए, जनवरी 2026 से निर्यात बहाल हुआ; अब निर्यातकों को अधिक कठोर निरीक्षण प्रणाली का पालन करना पड़ रहा। किस अधिनियम में होगी कार्रवाई ? मंत्री ने कहा कि यदि कोई कंपनी नकली बीज बेचती है, अनुचित भंडारण करती है और गलत लेबलिंग करती है या किसानों को भ्रमित कर बीज बेचती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए सीड्स एक्ट 1966, एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1995 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत कार्रवाई होगी; राजस्थान की मूँगफली की अंतरराष्ट्रीय पहचान खराब करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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कोटा में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से प्रसूताओं की मौत: 12499 इंजेक्शन सहित हड़कंप

Kota, Rajasthan:कोटा प्रसूताओं की मौत का मामला: शून्य मात्रा वाले ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन से मचा हड़कंप, जेके लोन और नए अस्पताल में लग चुके 12499 कोटा के मेडिकल कॉलेज नए अस्पताल और जेके लोन में पांच प्रसूताओं की मौत हो गई थी. 3501 इंजेक्शन जप्त कर लिए गए हैं कोटा: मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस घटना में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है. जबकि सात अन्य महिलाएं अभी भी पीड़ित हैं. पूरे मामले की जांच में सामने आया कि सभी प्रभावित प्रसूताओं को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाया गया था. इन इंजेक्शनों में ऑक्सीटोसिन की मात्रा शून्य पाई गई. यह इंजेक्शन दोनों अस्पतालों में सप्लाई किए गए थे. इन अस्पतालों में कुल 16000 इंजेक्शन की सप्लाई फर्म के पास थी, जिसमें से 3501 इंजेक्शन जप्त कर लिए गए है. और 12499 इंजेक्शन पहले ही उपयोग में ले लिए गए. इन इंजेक्शनों की कुल कीमत करीब 1.60 लाख रुपये बताई जा रही है. मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि फेल पाया गया इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज के रेट कॉन्ट्रैक्ट में शामिल था. नए अस्पताल के वार्ड में यह सप्लायी किया गया था. वहीं से सैंपल लिए गए थे, जिनमें एक बैच फेल हो गया. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और जेके लोन दोनों जगहों पर इनफेक्टेड इंजेक्शन लगाए गए. मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के औषधि भंडार पर कार्रवाई करती ड्रग कंट्रोलर टीम लगातार छापेमारी और कार्रवाई: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने कहा कि गाइनोकोलॉजिस्ट ही बेहतर बता सकते है. कि मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया गया था या नहीं. निलंबित डॉक्टर बीएल पाटीदार ने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले दर्द शुरू करने के लिए दिया जाता है. साथ ही सिजेरियन डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग रोकने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र गर्ग ने बताया कि सैंपल ड्रग कंट्रोल ऑफीसर दिनेश कुमावत ने लिया था. रिपोर्ट मिलते ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और पूरी टीम को सक्रिय कर दिया गया. ड्रग कंट्रोल टीम ने छापेमारी कर इंजेक्शन जब्त किए. नए अस्पताल को 5000 इंजेक्शन सप्लाई: देवेंद्र गर्ग ने बताया कि 1 एमएल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई कोटा की स्थानीय फर्म मेसर्स राजस्थान मेडिकल हॉल से हुई थी. जेके लोन अस्पताल को 10000 इंजेक्शन और मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल को 5000 इंजेक्शन सप्लाई किए गए थे, अब तक 3501 इंजेक्शन जब्त किए गए हैं. इनमें नए अस्पताल के औषधि भंडार से 2479, जेके लोन से 72 और फर्म से 950 इंजेक्शन शामिल हैं. सभी इंजेक्शन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत जब्त किए गए. मंगलवार को न्यायालय से कस्टडी ऑर्डर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि मृत प्रसूताओं में प्रिया, पिंकी महावर, ज्योति, पूजा और शिरीन शामिल हैं. कुल 12 प्रसूताएं इस मामले में पीड़ित पाई गईं. इनमें पांच की मौत हो गई, छह का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है और एक मरीज चंद्रकला को डिस्चार्ज कर दिया गया है. पीड़ित महिलाओं में आरती, रागिनी, धन्नी, सुशीला और पिंकी शामिल हैं. प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दवा सप्लाई में हुई लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
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