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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow10 Jan 2025, 05:28 pm

गोंडाः स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत डीएम ने लाभार्थियों को दिए 80- 80 हजार रुपए का चेक

Gonda, Uttar Pradesh:परसपुर क्षेत्र के प्रगतिशील पाँच लाभार्थी किसानों पशु पालकों को डीएम नेहा शर्मा ने 80 हजार रुपये का अनुदान चेक वितरित किया। नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ- संवर्धन योजना के लाभार्थियों को 10 महीने से लंबित अनुदान राशि दी गई। इस दौरान जिला के 22 लाभार्थियों ने अनुदान चेक प्राप्त किया। किसानों पशुपालकों को सशक्त बनाना और स्वदेशी गायों की उन्नत नस्लों का संवर्धन करने का योजना का उद्देश्य है। लाभार्थी गिरि, साहीवाल, हरियाणा, थारपारकर जैसी स्वदेशी गायों का क्रय कर सकते हैं।
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मतांतरण के दबाव से युवक की आत्महत्या: ससुराल पक्ष के पति, सास, ससुर, बड़ी साली और साली समेत पांच लोगों को 5-5 साल की सश्रम कैद की सजा

Dhamtari, Chhattisgarh:मतांतरण के दबाव से युवक की आत्महत्या: ससुराल पक्ष के पति, सास, ससुर, बड़ी साली और साली समेत पांच लोगों को 5-5 साल की सश्रम कैद की सजा अदालत ने सुना दी है। दोषियों पर 500-500 रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत ने मामले की साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। मामला दिसंबर 2024 का है; शादी के करीब तीन से चार महीने बाद युवक पर मतांतरण के लिए दबाव शुरू हुआ था और इनकार पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आत्महत्या हो गई। आत्महत्या से पहले युवक ने WhatsApp स्टेटस और अपनी बहन/बहनोई को संदेश भेजकर ससुराल पक्ष पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मोबाइल से साक्ष्य लिए और प्रकरण अदालत तक पहुंचा। इस मामले में अदालत ने पांचों दोषियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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राष्ट्रीय डाक सप्ताह: 9–15 अक्टूबर तक जमशेदपुर समेत कोल्हान में विविध कार्यक्रम

Jamshedpur, Jharkhand:राष्ट्रीय डाक सप्ताह आज से शुरू, 15 अक्टूबर तक होंगे विविध कार्यक्रम बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों को डाक विभाग की सेवाओं व डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने की पहल जमशेदपुर। विश्व डाक दिवस के अवसर पर भारतीय डाक विभाग की ओर से 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान जमशेदपुर सहित कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डाक विभाग ने सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके तहत स्कूली बच्चों को डाकघर की कार्यप्रणाली से परिचित कराने, ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और डाक सेवाओं में हुए तकनीकी बदलावों से अवगत कराने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रमों की कड़ी में 12 अक्टूबर को फन विद फिलाटेली डे मनाया जाएगा। इस दिन स्कूली बच्चे जमशेदपुर प्रधान डाकघर के फिलाटेली ब्यूरो और एनआईटी स्थित डाकघर का भ्रमण करेंगे। साथ ही फिलाटेलिस्टों के साथ समूह चर्चा होगी। ''ढाई आखर'' पत्र लेखन प्रतियोगिता का प्रचार-प्रसार करने के साथ ''माय स्टाम्प'' काउंटर भी लगाया जाएगा। 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं नागरिक केंद्रित सेवाएं दिवस के अवसर पर कोल्हान के तीन जिलों के आठ अनुमंडलों में प्रत्येक अनुमंडल में दो-दो डाक चौपालों का आयोजन किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को डाक विभाग की सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। स्कूलों में आधार शिविर भी लगाए जाएंगे।
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IDBI बैंक FD फ्रॉड: दो केसों में लाखों डूबने की आशंका, जांच शुरू

Satna, Madhya Pradesh:सतना। शहर के राजेन्द्र नगर स्थित आईडीबीआई बैंक की शाखा में ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से बिना जानकारी रकम निकालने के आरोप सामने आए हैं। दोनों मामले सड़क और रेल दुर्घटनाओं में मिले मुआवजे की राशि से जुड़े हैं। कोर्ट के आदेश पर सुरक्षित रखी गई एफडी समय से पहले तोड़ने और रकम खुर्दबुर्द करने के आरोप हैं। पीड़ितों की शिकायत पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जांच एलडीएम गौतम शर्मा को सौंपी है। वहीं, शुक्रवार को सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने दोनों पीड़ितों के बयान दर्ज किए। मामले के सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन में भी हलचल है。 *दो मामलों में लाखों की एफडी का हिसाब नहीं* केस-1: उचेहरा तहसील के जिगनहट निवासी ममता और लल्लूलाल चौधरी के बेटे नीरज की रेल दुर्घटना में मौत के बाद रेल दावा अधिकरण ने 11.88 लाख रुपए मुआवजा दिया था। दोनों के हिस्से में 5.94-5.94 लाख रुपए आए। नियमानुसार राशि का हिस्सा आईडीबीआई बैंक में एफडी के रूप में जमा किया गया। लल्लूलाल के मुताबिक, पत्नी ममता की करीब 3.90 लाख रुपए की एफडी के दस्तावेज दिखाने पर भी बैंक ने पहले एफडी को फर्जी बताया। बाद में खाता बंद होने और रकम निकाले जाने की जानकारी दी गई। परिजनों का आरोप है कि एफडी तोड़कर रकम खुर्दबुर्द कर दी गई。 केस-2: नागौद के महकोना निवासी खुशीराम बागरी के बेटे देव का दुर्घटना में बायां पैर कट गया था। कोर्ट के आदेश पर 10.17 लाख रुपए की एफडी कराई गई थी, जिसकी परिपक्वता अवधि 2033 थी। खुशीराम का आरोप है कि एक साल तक ब्याज नहीं मिलने पर बैंक पहुंचे तो मूल खाता गायब बताया गया। बाद में नई एफडी खोली गई, लेकिन ब्याज दर कम कर दी गई। उनका दावा है कि नए खाते में भी 60 से 70 हजार रुपये का अंतर है। सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। शुक्रवार को दोनों पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं। उनके बयानों के आधार पर जांच कराई जाएगी। पीड़ितों की मांग है कि उनकी पूरी राशि वापस दिलाने के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए। बैंक प्रबंधन ने इस मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया
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युगेंद्र पवार का दावा: पैनल 100% जीत, किसानों के हित में पारदर्शी कारभार

Rui, Maharashtra:आमच्या पॅनलला 100% यश येणार युगेंद्र पवार. शरद पवारांची ताकद आमच्या पाठीशी. सभासदांच्या हितासाठी सोमेश्वर कारखान्याचा पारदर्शी कारभार करू. बारामती तालुक्यातील सोमेश्वर सहकारी साखर कारखान्याची पंचवार्षिक निवडणुकीचा आज प्रचाराचा शेवटचा दिवस असून राष्ट्रवादी शरदचंद्र पवार पक्षाच्या वतीने युगेंद्र पवार यांनी प्रचारामध्ये आघाडी घेत दोन जिल्हे चार तालुक्यात कार्यक्षेत्र असलेल्या सभासदांना साद घालत आपल्या पाठीशी जेष्ठ नेते शरद पवार असल्याबद्दलकारखाना आपल्या ताब्यात दिल्यास शेतकरी सभासदांच्या हिताचे निर्णय घेऊन पारदर्शक कारभार करू. आमच्या पॅनलला 100% यश येईल असे सांगितले आहे.
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पुरंदर के सोमेश्वर सहकारी साखर कारखाने पर चांडाल चौकटी के आरोप, जगताप समर्थक हलचल

Rui, Maharashtra:चांडाळ चौकटी करणारे कारखान्यात आले तर कारखाना रसातळाला जाईल... माजी आमदार संजय जगताप.. हा पॅनल भाजपचा नसून सर्वपक्षीय.. शेतकऱ्यांच्या हितासाठी कारखाना चांगला चालवत असून यापुढेही चालवू.. भाजपचे माजी आमदार संजय जगताप... बारामती तालुक्यातील सोमेश्वर सहकारी साखर कारखान्याचे अजित पवार गटाचे चेअरमन पुरुषोत्तम जगताप यांना आपल्याकडे खेचत भाजपचा पॅनल उभा करून पुरंदरचे भाजपाचे माजी आमदार संजय जगताप यांनी पुरुषोत्तम जगताप हे अत्यंत चांगल्या पद्धतीने कारभार चालवत असून त्यांच्याकडेच हा कारखանա द्यावा बारामती तालुक्यातील काही चांडाळ चौकटी या कारखान्यात जर घुसले तर हा कारखाना वर्षाच्या आत रसात जाईल असा आरोप त्यांनी केला आहे सोमेश्वर कारखान्याच्या प्रचार दरम्यान त्यांच्याशी बातचीत केले आहे आमचे प्रतिनिधी जावेद मुलाणी यांनी....
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Severe road accident in front of Chandil police station, Saraikela: Fulchand Mahato alias Domon dies

Jamshedpur, Jharkhand:सराइकेला के चांडिल थाना के सामने भीषण सड़क हादसा, फुलचंद महतो उर्फ डोमन की दर्दनाक मौत सराइकेला के चांडिल अनुमंडल के चांडिल थाना के सामने शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान रावतारा निवासी फुलचंद महतो उर्फ डोमन के रूप में हुई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई。 मिली जानकारी के अनुसार, फुलचंद महतो उर्फ डोमन अपनी पल्सर एनएस बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान चांडिल थाना के समीप आगे चल रहे टैंकर के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इससे वह सड़क पर गिर पड़े और टैंकर के पहिए की चपेट में आ गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल युवक को तत्काल चांडिल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, रावतारा में शोक की लहर दौड़ गई。 घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटना में शामिल वाहनों को जब्त कर मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। चांडिल थाना के सामने हुए इस हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है.
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छपरा सांसद रूडी का बयान: बाढ़ के दौरान सोशल मीडिया से सरकार नहीं चलेगी

Chapra, Bihar:छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से सरकार नहीं चलती। बाढ़ के दौरान वह प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार संपर्क में थे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सांसद रूडी ने कहा कि पहले बाढ़ के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से गांवों में राहत सामग्री का वितरण नहीं होता था। अब राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की आठ-आठ टीमें तैनात की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 48 घंटे के भीतर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के साथ सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी की गई। बाढ़ के दौरान जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर अपनी राय रखते हुए रूडी ने कहा कि चुनाव जीतने पर कुछ लोग समर्थन करते हैं, तो कुछ विरोध भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता आक्रोशित हो, तब जनप्रतिनिधियों को पानी में उतरकर पैसे बांटने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने से परहेज करना चाहिए। ऐसे समय में उन्हें शासन-प्रशासन के साथ खड़े होकर गांवों में लोगों की मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए भी समीक्षा की जा रही है। हालांकि, बाढ़ के दौरान उनकी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच उनका यह बयान जनप्रतिनिधियों की भूमिका और राहत कार्यों को लेकर चल रही बहस को फिर सामने लाता है।
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रामविलास पासवान जयंती राजकीय समारोह: लोजपा ने मोदी-चौधरी के फैसले का स्वागत

Patna, Bihar:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र विवेक ने स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की घोषणा का स्वागत किया है, उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति पार्टी की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई के लिए समर्पित किया। सुरेन्द्र विवेक ने कहा कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के प्रतीक थे। उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति योगदान को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी。
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मदननगर में कोयला खदान सीमांकन के विवाद पर पुलिस पर ग्रामीणों का हमला

Surajpur, Chhattisgarh:एंकर –- सूरजपुर के मदननगर में कानून और ग्रामीणों के बीच टकराव की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है..फरार आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया..आरोप है कि टांगी, फरसा, तब्बल और लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया...हालात ऐसे बने कि पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा, लेकिन आरक्षक रामदयाल राठिया ग्रामीणों के कब्जे में रह गए..आरोप है कि उन्हें पंचायत भवन में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया...इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों को दोबारा गांव आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई..लेकिन मदननगर में यह टकराव अचानक पैदा नहीं हुआ..इसके पीछे प्रस्तावित कोयला खदान के सीमांकन से जुड़ा पुराना विवाद है..जहां पहले भी पुलिस और राजस्व की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा है..अब एक बार फिर पुलिस पार्टी पर हमले के आरोपों ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं...दरअसल सूरजपुर का मदननगर गांव... एक ऐसा गांव, जहां फरार आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम खुद घिर गई... पुलिस के मुताबिक, प्रतापपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम बाबूलाल पोया और बनवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी... लेकिन कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ा और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए...आरोप है कि हथियारों से लैस ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेरकर मारपीट शुरू कर दी... इस दौरान आरक्षक रामदयाल राठिया को बंधक बना लिया गया और पंचायत भवन में ले जाकर उनकी पिटाई की गई..हालात बिगड़ने पर पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा..इसके बाद ग्रामीणों ने चंदौरा थाना प्रभारी को गांव बुलाने की मांग रखी...बताया गया कि इसके बाद बंधक बनाए गए आरक्षक को छोड़ा गया...इस पूरे मामले में पुलिस ने बाबूलाल पोया, फूलकेशा और बनवारी समेत अन्य ग्रामीणों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है... पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है...लेकिन मदननगर में पुलिस टीम पर हमले का यह पहला मामला नहीं है...करीब तीन महीने पहले भी आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी... उस मामले में भी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए थे...दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ मदननगर में प्रस्तावित कोयला खदान का सीमांकन है... सीमांकन के लिए राजस्व और पुलिस की टीमें कई बार गांव पहुंचीं, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी... विवाद इस कदर बढ़ा कि कभी राजस्व अधिकारियों को बंधक बनाने, तो कभी पुलिस टीम पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आए...पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं से जुड़े करीब सात अपराध दर्ज हैं, जिनमें 150 से 200 ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की गई है...मदननगर में सवाल अब सिर्फ एक पुलिस टीम पर कथित हमले का नहीं है... सवाल उस स्थिति का भी है, जहां फरार आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस को ही पीछे हटना पड़ा और उसका एक जवान ग्रामीणों के कब्जे में पहुंच गया..आखिर कोयला खदान के सीमांकन को लेकर जारी विवाद का समाधान क्यों नहीं निकल पा रहा है..क्यों बार-बार पुलिस और प्रशासन की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है..और कब तक यह विवाद कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहेगा..फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है...लेकिन मदननगर की यह घटना एक बार फिर बता रही है कि पुराने विवाद का समाधान नहीं निकलने पर टकराव किस तरह गंभीर रूप ले सकता है...
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