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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow12 Mar 2025, 01:23 pm
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ग्रेटर नोएडा में श्रम संहिताओं पर सेमिनार: उद्योग-श्रमिक समन्वय और स्वास्थ्य शिविरों पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में श्रम संहिताओं पर राज्य स्तरीय सेमिनार, श्रमिक हितों और उद्योगों के विकास पर मंथन ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में सोमवार को उत्तर प्रदेश श्रम विभाग की ओर से नवीन श्रम संहिताओं, नियमों एवं उत्तर प्रदेश नियमावली-2026 को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य उद्योगों के लिए कारोबार को आसान बनाने के साथ श्रमिकों को उनके अधिकार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। मंत्री ने इस दौरान गौतमबुद्ध नगर की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों हायर, एलजी, डिक्सन, शीला फोम और जुबिलेंट में लगाए गए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, ईसीजी, ब्लड टेस्ट और सामान्य जांच की व्यवस्थाएं देखीं। साथ ही जरूरतमंद श्रमिकों को निशुल्क दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण अनुपालन के लिए विकसित की जा रही आधुनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों पर कागजी कार्रवाई का बोझ कम करने और श्रमिक विवादों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी। श्रम आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने श्रम सुधारों में तकनीकी समावेशन और श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर जोर दिया। सेमिनार में देशभर से आए विशेषज्ञों ने वेतन, औद्योगिक संबंध, व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा संहिता पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि, श्रमिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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नोएडा भूखंड घोटाले में पीसीएस अधिकारी हरिश चंद्र बर्खास्त, 4000 करोड़ का मामला

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा के करीब 4000 करोड़ रुपये के भूखंड घोटाले में वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को बर्खास्त कर दिया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। हरीश चंद्र वर्तमान में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थानिक प्रतिनिधि, खाद्य एवं रसद विभाग के पद पर तैनात थे। हरीश चंद्र पर नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) में तैनाती के दौरान ग्राम शहदरा के सेक्टर 140-ए, 141, 142 और 143 में प्राधिकरण द्वारा अर्जित और कब्जे में ली गई 3,81,527 वर्गमीटर जमीन को नियमों के विपरीत लीज बैक करने में गंभीर अनियमितता के आरोप लगे थे। 4000 करोड़ की जमीन का मामला जांच में सामने आया कि शहदरा गांव की आबादी के निस्तारण के लिए कराए गए सर्वे में नियमों का पालन नहीं किया गया। आबादी का निर्धारण सैटेलाइट इमेज के आधार पर किया जाना था, लेकिन जांच रिपोर्ट के मुताबिक इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। सर्वे रिपोर्ट में कई भू-मालिकों, निजी कंपनियों और गांव के बाहर के लोगों को भी शामिल किया गया। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि सर्वे के कॉलम नंबर-9 में मूल काश्तकार का नाम दर्ज नहीं किया गया, जबकि कॉलम नंबर-13 में विनियमितीकरण समिति को संदर्भित क्षेत्रफल का उल्लेख नहीं किया गया। समिति के सामने पेश की गई भ्रामक रिपोर्ट जांच रिपोर्ट के मुताबिक लीज बैक के लिए डीएम और एसएसपी समेत अधिकारियों वाली समिति, नोएडा प्राधिकरण बोर्ड और अन्य उच्चाधिकारियों के सामने तथ्यों को छिपाकर भ्रामक रिपोर्ट पेश की गई। आरोप है कि इसके जरिए शहदरा के बाहर के लोगों और निजी कंपनियों के पक्ष में लीज बैक कराने का रास्ता बनाया गया। जांच में करीब 4,00,447 वर्गमीटर जमीन को अनियमित तरीके से आवंटित किए जाने की बात सामने आई। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 4000 करोड़ रुपये आंका गया। जांच रिपोर्ट में हरीश चंद्र को तथ्यों को छिपाने और नियमों के विपरीत भ्रामक रिपोर्ट पेश करने के मामले में प्रथमदृष्टया दोषी माना गया। 2013 में शुरू हुई थी कार्रवाई मामले में 27 सितंबर 2013 को अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जांच मेरठ के मंडलायुक्त को सौंपी गई थी। बाद में विभागीय जांच आगे बढ़ी। शासनादेश के मुताबिक लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने 6 जनवरी 2022 को अपनी सहमति उपलब्ध कराई थी। इसके बाद 3 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश में आए तथ्यों के आधार पर अब सरकार ने हरीश चंद्र को बर्खास्त करने का फैसला लिया है। उनके खिलाफ चल रही विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी समाप्त करने की स्वीकृति दी गई है।
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कटिहार में LPG टैंकर ने मंदिर पर ठोकर मारी, ध्वस्त हुआ बजरंगबली मंदिर

Katihar, Bihar:कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के NH-31 पर अलसुबह 2:30 से 3 बजे के बीच तेज रफ्तार गैस टैंकर सड़क किनारे स्थित बजरंगबली मंदिर से टकरा गया। टक्कर के कारण मंदिर पूरा ढह गया और मलबे में तब्दील हो गया। आसपास रहने वाले लोगों ने कहा कि टैंकर में LPG भरा हुआ था, अगर आग लगती या गैस रिसाव होता तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थिति भयावह हो सकती थी। ट्रक ड्राइवर को झपकी आने या ब्रेक फेल होने से हादसा होना बताए गया; वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। हादसे में टैंकर चालक को आंशिक चोट आई। घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय पूर्व जिला पार्षद गोपाल यादव के अनुसार मंदिर कई समय से आस्था का केंद्र था; हादसे के बाद पुनर्निर्माण की मांग उठी।
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तारानगर में पिता-पतृ सांड के साथ दुर्घटना में मौत; CCTV फुटेज सामने

Churu, Rajasthan:तारानगर चूरू — दुर्घटना में एक पिता-पुत्र और एक सांड की मौत हो गई। घटना साहवा सड़क पर शहीद भगत सिंह चौक के पास हुई, जिसमें बाइक सवार पिता-पुत्र और एक सांड की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिसमें घटनाक्रम कैद है। मौत की पहचान मध्य प्रदेश निवासी गजेंद्र सिंह और उनके पिता रमेश के रूप में हुई है। वे तारानगर में दिहाड़ी मजदूरी करते थे। कहा जा रहा है कि मजदूरी के बाद वे मोटरसाइकिल से तारानगर लौट रहे थे कि सामने से तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सांड सहित तीनों की मौत हो गई। अस्पताल में शव पोस्टमार्टम के लिए रखे गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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धुले के गरताड बाड़ी में गर्भवती पिंकी की जिंदा जलाकर हत्या: चार गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:धुले जिले के गरताड बाड़ी में एक युवा गर्भवती महिला को जिंदा जलाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोहाडी पुलिस ने मामले को सुलझा लिया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गौरतलब है कि यह हत्या प्रोफेशनल कारणों से की गई थी। आरोपियों में मृतक लड़की की महिला सहकर्मी भी शामिल हैं। पिंकी काटकर, जो दो महीने की गर्भवती थी, की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में पता चला है कि यह बेरहमी से की गई हत्या आपसी रंजिश के चलते प्लान की गई थी। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि लड़की को गरताड बाड़ी के जंगल में जिंदा जलाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। पता चला है कि मृतक लड़की रायगढ़ जिले की रहने वाली है। इस मामले में पुलिस ने सरफराज उर्फ ​​शफीक अली मोमिन, आरिफ उर्फ ​​खुज्या आसिफ शेख, स्वाति उर्फ ​​आरती गणेश कुर्हाड़े, लक्ष्मी बलवंत पवार के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन आरोपियों के साथ फारूक शेख और रोहिणी जाधव पर भी पिंकी की हत्या में मदद करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि जामखेड, अहिल्या नगर में एक आर्ट सेंटर में काम करने वाली पिंकी का वहां की महिलाओं से बिजनेस का झगड़ा था। शुरुआती जानकारी है कि आर्ट सेंटर में हुए झगड़े की वजह से पिंकी की हत्या की गई। पुलिस ने पहले कहा कि पिंकी की हत्या करने के बाद हत्यारे भाग गए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पिंकी को जिंदा जला दिया था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि फारूक और रोहिणी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि इस मर्डर केस में तीन महिलाओं ने मदद की। भले ही ये महिलाएं पिंकी की दोस्त हों, लेकिन शुरुआती जांच में पता चला है कि हत्या बिजनेस के झगड़े की वजह से की गई थी।
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शहीद उद्यान में भगत सिंह की प्रतिमा न मिलने पर सपाइयों का प्रदर्शन

Bela Pratapgarh, Uttar Pradesh:जयंती पर माल्यार्पण करने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी, प्रतिमा स्थापित कराने की मांग प्रतापगढ़ शहीद भगत सिंह की जयंती पर सोमवार को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी शहीद उद्यान पार्क में अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। पार्क में प्रतिमा न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सपा पदाधिकारियों का कहना था कि पिछले वर्ष भी पार्क से प्रतिमा गायब थी। उस समय विरोध के बाद अधिशासी अधिकारी की ओर से नई प्रतिमा जल्द स्थापित कराने की बात कही गई थी, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई। कार्यकर्ताओं ने सरकार और नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतिमा जल्द स्थापित कराने की मांग की। सपाइयों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रतिमा स्थापित नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव अनाम प्रतापगढ़ी, पिछड़ा वर्ग महासचिव अंकुर मौर्य, प्रवीण प्रजापति, अरहान खां, मित्रसेन यादव, तौफीक आलम, राजदीप सरोज और प्रियांशु प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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यूरिया-डीएपी के साथ जबरन अटैचमेंट पर बिरला ने विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया

Kota, Rajasthan:यूरिया-डीएपी के साथ जबरन अटैचमेंट पर होगी कार्रवाई- किसानों की शिकायत पर स्पीकर बिरला ने विभागीय सचिव से की बात कोटा, 28 सितंबर। कोटा-बून्दी संसदीय क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने यूरिया और डीएपी के साथ जबरन अतिरिक्त अटैचमेंट दिए जाने तथा खाद वितरण से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिरला ने सोमवार को केंद्रीय उर्वरक विभाग के सचिव से बात की और पूरे मामले की जानकारी लेकर समाधान के निर्देश दिए। बिरला ने कहा कि किसानों को जबरन अटैचमेंट देना नीतिसंगत नहीं है और मामले का उचित समाधान करने को कहा। सचिव राजत कुमार मिश्रा ने बिरला को आश्वस्त किया कि यूरिया और डीएपी के साथ जबरन अटैचमेंट देने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान किया जाएगा। शिकायत के अनुसार कई कंपनियां यूरिया और डीएपी के साथ नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर, बायो-स्टिमुलेंट, कीटनाशक और अन्य उत्पाद लेने के लिए किसानों पर दबाव बना रही हैं। इससे किसानों पर खाद की कीमत के अलावा अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसानों ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने और थर्ड पार्टी ब्रांडिंग के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। इसके अलावा किसानों द्वारा खाद सब्सिडी सीधे खातों में डीबीटी के माध्यम से देने, जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए अलग प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था करने, कीटनाशकों की कीमत और गुणवत्ता पर सरकारी निगरानी बढ़ाने तथा खाद वितरण की डिजिटल व्यवस्था में सुधार का सुझाव दिया गया है, ताकि मुख्य खाद के साथ अन्य उत्पाद जबरन न जोड़े जा सकें। तहसील स्तर पर फ्लाइंग स्क्वाड और हेल्पलाइन बनाने तथा दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य करने की मांग भी की गई है। किसानों की मांग है कि रबी की बुवाई के समय यूरिया और डीएपी आसानी से उपलब्ध हों।
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गांवों तक सड़क नहीं, मरीज को खटिया पर पांच किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ा

Latehar, Jharkhand:लातेहार सरकार द्वारा गांव-गांव तक सड़क बनाने और विकास के दावे भले ही किए जाते हो लेकिन अभी भी कई ऐसे गांव हैं जहां सड़क भी नहीं पहुंची है । जिले के महुआडांड़ प्रखंड के सुदूर दातुखाड़ गांव इसका एक उदाहरण मात्र है । गांव में सड़क नहीं रहने के कारण 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल ढोना पड़ा । इस दौरान ग्रामीणों ने नदी को दो बार पार किया जिसके बाद मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया. वहां से ऑटो के जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया । सिम्पल कोरवा पिछले करीब दो महीने से बवासीर की बीमारी से परेशान थे । अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई दर्द बढ़ने के कारण उनके लिए चलना और बैठना भी मुश्किल हो गया । गांव तक सड़क और वाहन की पहुंच नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों के सामने मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए खटिया का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था । गांव के अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग करते हुए मरीज को खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चले । रास्ते में नदी पड़ने के कारण उन्हें पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा । काफी मशक्कत के बाद मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया, जहां से ऑटो से अस्पताल भेजा गया । ग्रामीण सुरेंद्र कोरबा ने बताया कि उनके गांव तक आज भी सड़क नहीं पहुंची है । जब कोई बीमार पड़ता है तो इसी तरह खटिया पर लादकर मरीज को बाहर ले जाना पड़ता है । बरसात में नदी में पानी बढ़ जाता है तो परेशानी और भी बढ़ जाती है ।
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बारां में कोहरे की चादर, हाईवे पर वाहन धीमे, किसानों को ओस से उम्मीद

Baran, Rajasthan:बारां जिले में मौसम ने ली करवट, सुबह-सुबह छाया घना कोहरा, हाईवे पर धीमी हुई रफ्तार बारां जिले में बारिश थमने के बाद मौसम में बदलाव का असर साफ दिखाई देने लगा है। आज सुबह से ही जिले के कई इलाकों में कोहरे की चादर छाई रही। सुबह तड़के खेतों से लेकर नेशनल हाईवे तक हर तरफ कोहरे का असर देखा गया। हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और चालकों को हेडलाइट जलाकर धीरे-धीरे वाहन चलाना पड़ा। वहीं दूसरी ओर यह कोहरा और ओस किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। खेतों में खड़ी फसलों पर सुबह ओस की बूंदें देखी गईं। कृषि जानकारों के अनुसार ओस गिरने से फसलों को प्राकृतिक नमी मिलती है, जिससे फसलों में बढ़त होती है और उत्पादन पर अच्छा असर पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक उमस और बारिश का दौर था, लेकिन अब सुबह-शाम हल्की ठंडक और कोहरे से सर्दी के मौसम की दस्तक महसूस होने लगी है। फिलहाल कोहरे के चलते वाहन चालकों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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