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गाजीपुरः संभल की घटना के बाद भुड़कुड़ा थाने की पुलिस दिखी सतर्क
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के भुड़कुंडा कोतवाली क्षेत्र के अलीपुर मदरा और बुढानपुर गांव में सीओ बलराम व कोतवाल तारावती यादव के नेतृत्व में बुधवार की शाम 5 बजे ड्रोन उड़ाकर गाँव के छतों की निगरानी की गई। गांव में पुलिस की मौजूदगी में ड्रोन उड़ाने को लेकर लोगों में कौतूहल का विषय बना रहा कि आखिर पुलिस ड्रोन क्यों उड़ा रही है। इस दौरान कोतवाल तारावती ने लोगों से कहा कि किसी भी अफवाह के चक्कर में नहीं पड़े। कहीं भी कोई उपद्रवी किस्म का व्यक्ति दिखाई देता है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।
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NEET पेपर लीक विरोध के बीच सीतामढ़ी पुलिस ने भीड़ रोकने के लिए मॉकड्रिल किया
Sitamarhi, Bihar:NEET पेपर लीक विरोध के बीच सीतामढ़ी पुलिस ने भीड़ रोकने के लिए मॉकड्रिल किया। एसपी अमित रंजन के निर्देश पर आरक्षी केंद्र में विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया जिसमें भीड़ नियंत्रण, वाटर कैनन, आँसुगैस समेत कई प्रयोगों का अभ्यास किया गया।0
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नोएडा पुलिस ने जंतर मंतर के भ्रामक पोस्ट चार इंस्टाग्राम हैंडल्स पर मुकदमा दर्ज किया
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा-- जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर नोएडा पुलिस अलर्ट सोशल मीडिया पर पुलिस रख रही है खास नजर पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक पोस्ट करने वाले चार हैंडल्स के लिए किया मुकदमा दर्ज इंस्टाग्राम आईडी से भ्रामक वीडियो पोस्ट कर अराजकता फैलाने की कोशिश का आरोप पुलिस ने चारों इंस्ट्राग्राम हैंडल्स के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा पुलिस मामले की जांच में जुटी0
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बिहार मंत्री शैलेंद्र बोले आंदोलन के पीछे साजिश नहीं, जीत का अंतर बढ़ेगा
Patna, Bihar:बिहार सरकार के पत्र निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने जी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छात्र आंदोलन के पीछे कहीं ना कहीं कोई बड़ी साजिश प्रतीत हो रही है। छात्र अपनी मांग को लेकर आंदोलन करें इसमें कहीं से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन आंदोलन की आड़ में सामाजिक तत्व अपनी रोटी सेके यह उचित नहीं है. वहीं बाकी चुनाव के बारे में इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन की पार्टी है कार्यकर्ताओं की पार्टी है और पूरी पार्टी को कार्यकर्ताओं पर भरोसा है और कार्यकर्ताओं को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीति नवीन पर इंजीनियर शैलेन्द्र ने कहा कि जीत का अंतर पहले की तुलना में और ज्यादा होगा।0
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जमशेदपुर: डेंजर जोन तालाब में डूबे दो एमजीएम डॉक्टर, एक सहयोगी बच गया
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर: डिमना लेक के पास तालाब में डूबने से एमजीएम अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की मौत, एक साथी बाल बाल बचा जमशेदपुर में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की तालाब में डूबने से मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य जूनियर डॉक्टर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना डिमना लेक के पास स्थित प्रतिबंधित (डेंजर जोन) तालाब की है。 जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात समीर, साक्षम और यश नामक तीनों जूनियर डॉक्टर तालाब किनारे पार्टी कर रहे थे। बताया जाता है कि यह क्षेत्र प्रशासन द्वारा डेंजर जोन घोषित किया गया है और यहां लोगों के आने-जाने पर रोक है। इसके बावजूद तीनों वहां पहुंच गए。 इसी दौरान एक जूनियर डॉक्टर का मोबाइल फोन तालाब में गिर गया। मोबाइल निकालने के लिए एक डॉक्टर पानी में उतर गया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा डॉक्टर भी तालाब में कूद गया, लेकिन वह भी पानी में फंस गया। दोनों को बचाने के प्रयास में तीसरा डॉक्टर यश भी तालाब में उतरा। यश तैरना जानता था, इसलिए वह किसी तरह बाहर निकल आया, जबकि समीर और साक्षम गहरे पानी में डूब गए。 घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार तड़के बोड़ाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों डॉक्टरों की तलाश शुरू की। सूचना मिलते ही एमजीएम अस्पताल के कई जूनियर डॉक्टर और अन्य चिकित्सक भी घटनास्थल पर पहुंच गए। हादसे के बाद अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में शोक का माहौल है。 पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने और गहरे पानी में उतरने को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। दोनों डॉक्टरों के शवों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।0
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घाघरा नदी के जलस्तर से गोंडा में किसान परेशान, मुआवजा और कटान का खतरा
Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां गोंडा में घाघरा नदी के तेजी से बढ़ते जल स्तर के कारण तटीय इलाकों के रहने वाले खासकर तरबगंज तहसील क्षेत्र के किसानों की एक बार फिर से मुश्किलें काफी बढ़ती हुई नजर आ रहीं। नदी के तेज कटान के चलते अब तक 50 बीघा से अधिक किसान की जमीन को काटकर घाघरा नदी अपने आगोश में ले चुकी है और लगातार घाघरा नदी का कटान जारी है। आज शुक्रवार सुबह 8.40 बजे की भी कुछ तस्वीरें बाणीमाझा से निकालकर के सामने आई है जहां लगातार घाघरा नदी किसानों की गन्ने की फसल को उपजाऊ जमीन को साथ ही साथ किसानों द्वारा जो मिट्टी पटाई करके रहा जा रहा था उन जमीनों को काट करके लगातार अपने आगोश में ले रही है। इतना ही नहीं पानी की तेज ठोकरे पड़ने के बाद एक के बाद एक जमीन एक काट करके घाघरा नदी के आगोश में जा रही हैं। जमीनों और फसलों की कटान होने के बावजूद भी ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारी मुआवजा देने के लिए मौके पर कोई कदम उठाने के लिए अभी तक नहीं पहुंचे हैं। यहीं पर जहां नदी थी जिसे स्थान पर कटान कर रही है लगभग तीन से चार अस्थाई फूस के मकान भी नदी की कटान की जद में है जो किसी भी वक्त कट करके नदी में समा सकते हैं।घाघरा नदी आज शुक्रवार सुबह 8:40 बजे एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है घाघरा नदी में आज 257925 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसमें गिरजा बैराज से 123073, शारदा बैराज से 131337 और सरयू बैराज से 3515 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिसके बाद नदी का जलस्तर दोपहर तक और बढ़ाने की काफी संभावना है。0
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ITBP जवानों ने मातली कैंप का कूड़ा गंगा किनारे डाल दिया
barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:ITBP के जवान मातली कैंप का कूड़ा ट्रक में भरकर मातली कैंप से 10 किलोमीटर दूर डुंडा कस्बे के पास गंगा नदी किनारे डाल रहे थे। जिम्मेदारों के जवाब नहीं मिलने पर स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने solid waste management नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े के निस्तारण के लिए टीमें गठित कर दी हैं। तस्वीर में हिमवीर ITBP जवानों का स्वच्छता के प्रति लापरवाही दिख रही है। डुंडा व्यापार मंडल ने इस लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की।0
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रील में बंदूक दिखाने वाले आयान खान-कैफ पठान गिरफ्तार, जेल की चेतावनी
Sagar, Madhya Pradesh:रील में बंदूक लहराना और कार में बंदूक का प्रदर्शन अयान खान और कैफ पठान को पड़ा महंगा.... एंकर/ क्या आप भी सोशल मीडिया में रील के शौकीन है या रील क्रिएटर है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है और सावधान करने वाली है आपकी जरा सी चूक जेल की हवा खिला सकती है और फिर आपको पछतावा होगा, कुछ ऐसा ही पछतावा एमपी के सागर के अयान खान और कैफ पठान को हो रहा है क्योंकि उनकी रील ने उनकी रियल लाइफ में बड़ा मोड़ ला दिया है, कारों में घूमकर रील बनाकर अपना रुतबा दिखाने वाले ये दोनों युवक अब पुलिस वैन में बैठ रहे है और महंगे मोबाइल से रील क्रिएट करने वाले इन क्रिएटर्स के साथ पुलिस घेरे में खड़ा करके फोटो वीडियो शूट करा रही है। दरअसल सोशल मीडिया पर दो दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ युवक चलती कार में दोनाली बंदूक लेकर रील बनाते और स्टंट करते नजर आ रहे थे वीडियो में युवक बंदूक का प्रदर्शन करते हुए लापरवाही पूर्वक कार चलाते दिखाई दे रहे थे इसके अलावा एक वीडियो में एक युवक महंगी कार से उतर कर हांथ में दोनाली बंदूक लेकर अपना रुतबा दिखा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सागर की कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और एक एफआईआर दर्ज की गई , जांच के दौरान वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान अयान खान और कैफ पठान के रूप में हुई, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रही दोनाली बंदूक किसके नाम पर है और उसका लाइसेंस है या नहीं पुलिस द्वारा मामले की आगे जांच की जा रही है। बहरहाल अयान और कैफ पुलिस गिरफ्त में है और इनके जरिए पुलिस ने उन लोगों को बड़ा मेसेज भी दिया है जो बिना जानकारी के हथियारों का इस्तेमाल वीडियो बनाने में करते है और अपनी पोस्ट में उन्हें अपलोड करते है। कई बार लोग ये भी सोचते है कि उनका हथियार लायसेसी है लिहाजा उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी लेकिन नियमों के मुताबिक लायसेंसी हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन भी गैर कानूनी और शस्त्र लायसेंस के नियमों के खिलाफ है जो अपराध की श्रेणी में आता है और मुकदमा दर्ज होने के साथ उस हथियार का लायसेंस भी रद्द हो सकता है इसलिए अब ऐसी किसी भी रील या फोटो से बचे जिनमें हथियार का प्रदर्शन हो रहा हो वरना आपको भी अयान और सैफ की तरह सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है।0
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मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस ने मशाल जुलूस से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
Muju, Jeonbuk State:एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस ने छात्र आंदोलन के समर्थन में मशाल जुलूस निका़लकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। खेड़िया तिराहे से शुरू हुआ यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगत सिंह तिराहे पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी की और न्याय की मांग उठाई। वीओ-1: मशाल जुलूस में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। भगत सिंह तिराहे पर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और कथित रूप से जान गंवााने वाली छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाइट: अशोक श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस (एमसीबी) वीओ-2: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट: कृष्ण मुरारी तिवारी, पूर्व नपा उपाध्यक्ष, मनेंद्रगढ़।0
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CTI ने पीएम को पत्र लिखा, जंतर मंतर धरना खत्म कर बातचीत से समाधान चाहते
New Delhi, Delhi:व्यापारी संगठन CTI ने पीएम को लिखा पत्र: बातचीत से जल्द खत्म हो जंतर मंतर पर धरना, 5 दिन में 1500 करोड़ का नुकसान, CTI का 25 जुलाई को NDMC कन्वेंशन सेंटर में होने वाला व्यापारी सम्मेलन भी स्थगित करना पड़ा है।दिल्ली के बाजारों में 70% फुटफॉल गिरा चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI ने दिल्ली में लगातार हो रहे बड़े धरना-प्रदर्शनों के कारण व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़े गंभीर असर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मांग की है कि केंद्र सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का शीघ्र समाधान निकाले क्योंकि दिल्ली में जहां रोजाना लगभग 500 करोड़ रुपए का कारोबार होता है उसमें लगभग 70% की गिरावट आई है , पिछले 5 दिनों में दिल्ली के व्यापार का नुकसान CTI द्वारा दिल्ली के प्रमुख बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट से मिली जानकारी के अनुसार: 1. 1500 करोड़ का नुकसान: पिछले 5 दिनों में दिल्ली में लगभग 1500 करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान हुआ है। 2. फुटफॉल 70% घटा: दिल्ली के बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों की संख्या में 70% की गिरावट दर्ज की गई है। 3. बाहरी ग्राहकों में भारी कमी: दिल्ली के बाहर से रोजाना खरीददारी के लिए आने वाले लगभग 3 लाख लोग इस समय दिल्ली नहीं पहुंच रहे। 4. 16 मेट्रो स्टेशन बंद: सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 5. ट्रैफिक बाधित: जंतर मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में जाम के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं। CTI का बड़ा कार्यक्रम भी हुआ स्थगित धरना-प्रदर्शन और जाम के कारण CTI का 25 जुलाई को NDMC कन्वेंशन सेंटर में होने वाला व्यापारी सम्मेलन भी स्थगित करना पड़ा है। इस सम्मेलन में देशभर से 2000 से अधिक व्यापारी शामिल होने वाले थे。 CTI चेयरमैन बृजेश गोयल का बयान बृजेश गोयल ने कहा, "दिल्ली देश का सबसे बड़ा कारोबारी हब है। यहां रोजाना लाखों लोगों का आवागमन होता है। लेकिन पिछले 5 दिन से जंतर मंतर पर प्रदर्शन और मेट्रो बंद होने से 15 लाख व्यापारियों और 10 लाख MSME का काम पूरी तरह ठप्प है। हम लोकतंत्र और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हैं। लेकिन केंद्र सरकार से आग्रह है कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकाला जाए ताकि व्यापार, पर्यटन और रोजगार बच सके।" CTI की 2 मुख्य मांगें 1. बातचीत से समाधान: केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों से तुरंत बातचीत कर जंतर मंतर पर धरना जल्द खत्म कराए। 2. संख्या सीमा और परमानेंट जोन: जंतर मंतर और प्रमुख सरकारी/व्यावसायिक क्षेत्रों में 1000 से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर रोक लगे। बाहरी दिल्ली में एक स्थायी धरना-प्रदर्शन स्थल आवंटित किया जाए。 CTI को उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेगी और दिल्ली के व्यापारियों को राहत मिलेगी0
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चंदौसी-सरसी के मीट मार्केट में 50 मीटर दायरे पर दुकानों की रेड, हड़कंप
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल धर्म स्थल से 50 मीटर के दायरे में मीट की दुकानों पर बैन के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग एक्शन में। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चन्दौसी और सिरसी में मीट मार्केट में धार्मिक स्थल से मीट दुकानों की दूरी की नाप-जोख की। चन्दौसी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को नाप-जोख में धार्मिक स्थल से 50 मीटर के दायरे में मिली 4 मीट शॉप। सिरसी में कई मीट शॉप पर तमाम अनिमिताएं भी मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यवाही से मीट मार्केट में मचा हड़कंप। मीट शॉप संचालक दुकानें बंद कर भागे। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 14 जुलाई को भी चन्दौसी के मीट मार्केट में रेड कर चुके कई अवैध दुकानों पर नोटिस चस्पा किये थे। खाद्य सुरक्षा विभाग के एक्शन से मीट शॉप संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। श्रावण मास के मद्देनज़र नगरपालिका प्रशासन ने भी मीट शॉप संचालकों की NOC और अन्य मानको की जांच पड़ताल शुरू की। सिरसी और चन्दौसी के मीट मार्केट में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यवाही का मामला।0
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अलीगढ़ में सावन-कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा सख्ती, मार्ग सुरक्षा दल और ड्रोन निगरानी
Aligarh, Uttar Pradesh:District अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सकीय स्टाफ, पर्याप्त दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी यात्रा मार्ग को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है जहां प्रत्येक सेक्टर में एक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तैनात रहेंगे किसी भी समस्या की स्थिति में यह संयुक्त टीम तत्काल समाधान करेगी बरसात के दौरान जलभराव होने पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाएगी\nवहीं एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि खेरेश्वर और अचलेश्वर मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराया जा रहा है और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी यात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन लागू रहेगा डीजे संचालकों को 10 फीट से अधिक ऊंचे डीजे नहीं लगाने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही नए पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है0
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20 साल गांव के पूर्व प्रधान दंपती का नाम मतदाता सूची से गायब, चर्चा में
Jaunpur, Uttar Pradesh:पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच जलालपुर विकासखंड के महरेंव गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब दो दशक तक गांव की बागडोर संभालने वाले पूर्व प्रधान दंपती का नाम ही मतदाता सूची से गायब होने का दावा किया गया है। पूर्व प्रधान ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है。 महरेंव गांव निवासी पूर्व सैनिक एवं पूर्व प्रधान सूबेदार यादव ने बताया कि वह वर्ष 2005 से 2010 तक ग्राम प्रधान रहे, जबकि उनकी पत्नी हीरावती देवी ने लगातार 15 वर्षों तक ग्राम प्रधान के रूप में गांव का प्रतिनिधित्व किया। दोनों मिलाकर करीब 20 वर्षों तक गांव का नेतृत्व कर चुके हैं。 पूर्व प्रधान का आरोप है कि आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए उनका और उनकी पत्नी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, ताकि वे चुनाव न लड़ सकें। उनका कहना है कि केवल उनके परिवार के ही 23 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जबकि उनके लगभग 90 समर्थकों के नाम भी सूची में नहीं हैं। वहीं, गांव से बाहर रहने वाले कई लोगों के नाम कथित रूप से नए मतदाता के रूप में जोड़ दिए गए हैं。 उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दोबारा दर्ज कराने के लिए उन्हें तहसील केराकत से लेकर जिला मुख्यालय तक लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामले को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो न्यायालय की शरण लेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।0
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बारिश से अमहवा गांव टापू बना; लोग पुल बनाने की मांग कर रहे
Korba, Chhattisgarh:कोरबा जिला खनिज संपदा और विकास कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी जिले में एक ऐसा गांव भी है जहां आजादी के दशकों बाद भी विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है। लगातार हो रही बारिश ने इस गांव को पूरी तरह टापू में तब्दील कर दिया है। सड़क नहीं, पुल नहीं... और उफनती नदियों के बीच ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों की पढ़ाई ठप है, मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और राशन लाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। कोरबा जिले में भले ही तेज बारिश न हो रही हो लेकिन लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते भी नदी-नाले उफान पर हैं। इन हालातों के बीच सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं पोंडी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पचरा के आश्रित ग्राम अमहवा के लोग। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बसा यह गांव कटोरी नाला और तान नदी के बीच स्थित है। बारिश के दिनों में दोनों नदियां उफान पर आ जाती है और गांव का संपर्क पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर जटगा स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को उफनती नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव के कारण कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, और जो जाते हैं, वे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर होते हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है। किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में गांव से बाहर निकलना नामुमकिन सा हो जाता है। सड़क और पुल के अभाव में न तो मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता है और न ही एम्बुलेंस गांव तक पहुंच पाती है। संपर्क मार्ग टूटने के कारण ग्रामीण राशन दुकान तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे राशन उठाने और खाद्यान्न व्यवस्था में भारी कठिनाई आ रही है। जरूरतमंद ग्रामीणों को उफनती नदी पार करनी पड़ती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। पूर्व सांसद, तत्कालीन विधायक और वर्तमान विधायक से भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला कलेक्टर को भी कई बार आवेदन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी。0
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PWD की लापरवाही से गुदलिया मेन रोड जलभराव, ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी
Tonk, Rajasthan:उनियारा टोंक PWD की लापरवाही से गुदलिया मेन रोड पर जलभराव, ग्रामीणों में भारी रोष गुदलिया गांव में पीडब्ल्यूडी की कथित लापरवाही के चलते मुख्य सड़क पर जलभराव और गहरे गड्ढों की समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। रात्रि शिविर में भी यह मुद्दा उठाया गया था, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के जेईएन और एईएन को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, फिर भी जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गया। बारिश के कारण सड़क पर भरे पानी और गड्ढों से स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलभराव के कारण कई वाहन भी खराब हो चुके हैं। करीब 3,000 की आबादी वाले गुदलिया गांव का यह मुख्य मार्ग बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश के पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था करने और सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा。0
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देवघर के नशा मुक्ति केंद्र में 13 वर्षीय बच्चे की मौत, बाउंसर पर मारपीट के आरोप सामने
Deoghar, Jharkhand:देवघर के जसीडीह से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। 13 वर्ष के एक युवक को उसके अभिभावक ने नशा मुक्ति के लिए नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट किया था। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह बहुत ज्यादा नशा कर रहा था। नशा करने के बाद वह घर वालों के साथ बदमाशी भी करता था। कुछ दिनों तक तो उसके बदमाशी को बर्दाश्त किया गया लेकिन जब घर वाले परेशान होने लगे तो यह निर्णय लिया गया कि कुछ दिन के लिए इसे नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट कर दिया जाए। जब वह पूरी तरह से नशा मुक्त हो जाएगा तो उसे घर ले आया जाएगा। इसी सोच के साथ 17 जुलाई को अभिभावकों ने जसीडीह स्थित देवघर रुद्र फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में उसे एडमिट किया। नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट करने के बाद अभिभावक केंद्र के संचालक से लगातार बात कर रहे थे और अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी भी ले रहे थे। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि कल रात में भी नशा मुक्ति केंद्र के संचालक से बात हुई जिस पर उन्होंने बताया कि उनका बच्चा खाना खाकर सो गया है और उसमें सुधार हो रहा था। लेकिन अचानक आज सुबह केंद्र के संचालक ने फोन किया कि बच्चे की तबीयत खराब है आप जल्द से जल्द नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे। सूचना मिलते ही अभिभावक नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे लेकिन उससे पहले उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। बेटे के शव को देखने के बाद अभिभावकों का आक्रोश आपे से बाहर हो गया। बच्चों का नाम अक्षत केसरी जो झोंसागढ़ी का रहने वाला है। गुस्साए लोगों का यह आरोप है कि नशा मुक्ति केंद्र में बच्चों के साथ मारपीट की जाती है।0
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