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Ghazipur233001

गाजीपुरः संभल की घटना के बाद भुड़कुड़ा थाने की पुलिस दिखी सतर्क

Nov 27, 2024 16:04:43
Ghazipur, Uttar Pradesh

गाजीपुर के भुड़कुंडा कोतवाली क्षेत्र के अलीपुर मदरा और बुढानपुर गांव में सीओ बलराम व कोतवाल तारावती यादव के नेतृत्व में बुधवार की शाम 5 बजे ड्रोन उड़ाकर गाँव के छतों की निगरानी की गई। गांव में पुलिस की मौजूदगी में ड्रोन उड़ाने को लेकर लोगों में कौतूहल का विषय बना रहा कि आखिर पुलिस ड्रोन क्यों उड़ा रही है। इस दौरान कोतवाल तारावती ने लोगों से कहा कि किसी भी अफवाह के चक्कर में नहीं पड़े। कहीं भी कोई उपद्रवी किस्म का व्यक्ति दिखाई देता है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।

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Jan 26, 2026 02:37:29
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के सोंदा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के पास कोबरा सांप और नेवले के बीच जबरदस्त लड़ाई देखने को मिली। पुलिया के नीचे आमने-सामने आए दोनों एक-दूसरे पर लगातार हमला करते दिखे। कोबरा बार-बार फन फैलाकर डसने की कोशिश करता रहा, लेकिन नेवले की फुर्ती के आगे उसकी एक न चली। काफी देर तक चले संघर्ष के बाद आखिरकार कोबरा जान बचाकर बिल में घुस गया, जबकि नेवला जंगल की ओर निकल गया। इस रोमांचक नज़ारे का वीडियो ग्रामीणों ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना में किसी को नुकसान नहीं हुआ ।
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SPSanjay Prakash
Jan 26, 2026 02:30:09
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Jan 26, 2026 02:26:04
Sukdal, West Bengal:দক্ষিণ মেমারি খাঁড়ো যুবক সংঘের সম্প্রীতি উৎসব ২০২৬ নানান অনুষ্ঠানের মাধ্যমে চলছে। সকাল থেকে প্রভাত ফেরী, বসে আঁকো প্রতিযোগিতা, রক্তদান শিবির, চার দলীয় ফুটবল প্রতিযোগিতা সহ সান্ধ্যকালীন অনুষ্ঠান দিয়ে শেষ। মেমারি শহরে ক্রীড়া জগতে অনন্য নজির গড়ে চলেছে দক্ষিণ মেমারি খাঁড়ো যুবক সংঘ। আবাসিক ফুটবল কোচিং, ক্যারাটে প্রশিক্ষণ তাদের মাঠে চলছে। শুরু করতে চলেছে ডিউস ক্রিকেট কোচিং একাডেমি ও অ্যাথলেটিক কোচিং। পাশাপাশি সামাজিক কাজেও যথেষ্ট ভূমিকা দেখা যায়। সারা বছর ধরে থ্যালাসেমিয়া রোগীদের রক্তের চাহিদা পূরণ করে চলেছে। আজ বর্ধমান মেডিকেল কলেজ হাসপাতাল ব্লাড ব্যাঙ্কের সহযোগিতায় থ্যালাসেমিয়া রোগীদের সহায়তার জন্য রক্তদান উৎসব করা হয়, সেখানে ৬০ জন মহিলা পুরুষ নির্বিশেষে রক্ত দেন। দুপুর ২টা থেকে চারদলীয় ফুটবল প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণ করে সাতগাছিয়া ফুটবল কোচিং সেন্টার, পাড়ার ফুটবল কোচিং সেন্টার, পান্ডুয়া ফুটবল একাডেমি ও খাঁড়ো যুবক সংঘ ফুটবল একাডেমি। চূড়ান্ত প্রতিযোগিতায় ট্রাইবেকারে চ্যাম্পিয়ন হয় খাঁড়ো যুবক সংঘ ফুটবল একাডেমি ও রানার্স হয় পান্ডুয়া ফুটবল একাডেমি। ম্যান অফ দ্য ম্যাচ সম্মান অর্জন করেন অঙ্কিত মোহান্ত এবং বেস্ট গোলকিপার সেখ মিরাজউদ্দিন। এদিন এই অনুষ্ঠানে উৎসাহিত করতে উপস্থিত ছিলেন মেমারি বিধানসভার বিধায়ক মধুরসূদন ভট্টাচার্য্য, মেমারি পৌরসভার চেয়ারম্যান স্বপন বিষয়ী, ভাইস চেয়ারম্যান সুপ্রিয় সামন্ত সহ কাউন্সিলরবৃন্দ, জেলা পরিষদ কর্মাধ্যক্ষ নিত্যানন্দ ব্যানার্জী, মেমারি ১ পঞ্চায়েত সমিতির কর্মাধ্যক্ষ মৃন্ময় ঘোষ সহ বিশিষ্ট ব্যক্তিবর্গ।
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AKAshok Kumar1
Jan 26, 2026 02:18:35
Noida, Uttar Pradesh:समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ。 गणतंत्र दिवस का यह गौरवशाली अवसर हमें हमारे महान संविधान और उसके मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा दोहराने की प्रेरणा देता है। यह राष्ट्रीय पर्व हमें स्मरण कराता है कि भारत की असली शक्ति इसकी विविधता और लोकतांत्रिक एकता में निहित है。 एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा यह महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि हम राष्ट्र की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखें और देश की प्रगति में अपना निरंतर योगदान दें। यह अवसर हमें एक ऐसे समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देता है, जहाँ न्याय, स्वतंत्रता और समानता का प्रकाश हर घर तक पहुँचे।
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NGNakibUddin gazi
Jan 26, 2026 02:18:14
Jalabaria, West Bengal:বিধ্বংসী আগুনে পুড়ে ছাই গোটা বাড়ি , পুড়লো এসআইআরের হেয়ারিং নোটিশের সমস্ত আসল কাগজপত্র মাথায় হাত পরিবারের নকিব উদ্দিন গাজী 260126ZG_DH_NAMKHANA প্রায় কয়েক সেকেন্ডেই চোখের সামনে আগুনে পুড়ে বশীভূত হয়ে গেল গোটা বাড়ি। ঘটনাটি ঘটেছে নামখানা নারায়ণপুর গ্রাম পঞ্চায়েতের দ্বিতীয় ঘেরী এলাকায়। সূত্রে জানা যায় রবিবার দিন গভীর রাত্রে নারায়নপুর গ্রাম পঞ্চায়েতের দ্বিতীয় ঘেরির বাসিন্দা রহিম মিস্ত্রি বাড়িতে হঠাৎ করেই আগুন লেগে যায় বিষয়টি জানতে পেরেই চিৎকার চেঁচামেচি শুরু হতে এলাকার মানুষজন ছুটে এসে আগুন নেভানোর কাজে লাগে। বেশ কিছুক্ষণ স্থানীয় মানুষের প্রচেষ্টায় আগুন নিয়ন্ত্রণে আসলেও বাড়ির মধ্যে থাকা সমস্ত কিছু ততক্ষণে পুড়ে ছাই। এমনকি পরিবার সূত্রে এও জানা যায় গত ১৯ তারিখ রোহিম মিস্ত্রির পরিবারের ৫ সদস্যের নামে এস আই আর হেয়ারিং এর নোটিস এসেছিল। সেই মতো সমস্ত কাগজপত্র জমা দিয়েছিল পরিবারের পক্ষ থেকে তার রিসিভ কপিও দিয়েছিল তারা। কিন্তু বিধ্বংসী আগুনে ভোটার কার্ড আধার কার্ড জায়গার দলিল থেকে শুরু করে এসআইআরের হেয়ারিং এর সমস্ত কাগজপত্র পুড়ে ছাই হয়ে গেছে আগুনে। সর্বস্ব হারিয়ে এখন কান্নায় ভেঙে পড়েছে পরিবার। তবে ঘটনারের খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে আসে নামখানা থানার পুলিশ অন্যদিকে ঘটনাস্থলে পৌঁছায় স্থানীয় পঞ্চায়েতের জনপ্রতিনিধিরাও। একদিকে এস আই আর আতঙ্ক অন্যদিকে আগুনে পুড়ে সর্বস্বহারা রহিম মিস্ত্রি কান্নায় ভেঙে পড়েছে।
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AKAshok Kumar1
Jan 26, 2026 02:17:38
Noida, Uttar Pradesh:गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ。 गणतंत्र दिवस हमारे संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट आस्था, सामाजिक समानता के संकल्प और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों तथा सशक्त गणतंत्र की आधारशिला रखने वाले संविधान निर्माताओं को नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ。 आइए, इस गणतंत्र दिवस पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लें और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करें।
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RMRam Mehta
Jan 26, 2026 02:15:57
Baran, Rajasthan:खबर-समरानियां (बारां) शिक्षा मंत्री के गृह जिले में नियमों की उड़ी धज्जियां पीएम श्री स्कूल में बच्चों से लगवाई जा रही झाड़ू बारां राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक' बनाने के दावों के बीच शिक्षा मंत्री के गृह जिलें के समरानियां कस्बे से एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के पीएय श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के हाथों में किताबों की जगह झाड़ू थमा दी गई, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ​एक तरफ जहाँ सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग ने सरकारी स्कूलों में बच्चों से मजदूरी या साफ-सफाई करवाने पर कड़ा प्रतिबंध लगा रखा है, वहीं समरानियां के इस प्रतिष्ठित पीएम श्री स्कूल के शिक्षकों ने इन नियमों को ताक पर रख दिया। शनिवार को स्कूल परिसर में बच्चे पढ़ाई करने के बजाय मैदान और कमरों में झाड़ू लगाते नजर आए। ​हैरानी की बात यह है कि केंद्र सरकार की 'पीएम श्री' योजना के तहत जिन स्कूलों को 'मॉडल स्कूल' के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहाँ का यह आलम है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि: ​"जिन बच्चों के हाथों में अपना भविष्य संवारने के लिए कलम और किताबें होनी चाहिए थी, स्कूल प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उनके हाथों में झाड़ू पकड़ा दी। ​यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बारां शिक्षा मंत्री का गृह जिला है। ऐसे में मंत्री के अपने क्षेत्र के स्कूलों में इस तरह की लापरवाही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को बयां कर रही है। तस्वीर वायरल होने के बाद अब शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
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Jan 26, 2026 02:01:22
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SKSantosh Kumar
Jan 26, 2026 02:01:09
Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड से पानीपत तक कला का सफर पानीपत हैंडलूम के साइलेंट हीरो को मिला पद्मश्री, खेमराज सुंडरियाल की 60 साल की साधना को सम्मान जामदानी से पद्मश्री तक: खेमराज सुंडरियाल ने पानीपत को दिलाई वैश्विक पहचान जिस कला को असंभव माना गया, उसी से इतिहास रचा: पद्मश्री विजेता खेमराज सुंडरियाल पानीपत。 पिछले 60 वर्षों से पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले मशहूर बुनकर व हस्तशिल्प कलाकार खेमराज सुंडरियाल को भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उत्तराखंड मूल के खेमराज ने अपनी कला, नवाचार और अथक मेहनत से पानीपत के हैंडलूम उद्योग को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अलग पहचान दिलाई। जामदानी कला में ऐतिहासिक प्रयोग, ऊन पर रचा नया अध्याय जामदानी कला, जो परंपरागत रूप से मलमल (कॉटन) कपड़े पर की जाती थी, खेमराज ने उसे ऊन (Wool) की शॉल पर आजमाकर एक नया प्रयोग किया। यह नवाचार हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए क्रांतिकारी साबित हुआ। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग्स को हूबहू वुवन टेपेस्ट्री के रूप में तैयार किया खेमराज सुंडरियाल ने केवल परंपरागत डिज़ाइनों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रसिद्ध कलाकार एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग्स को हूबहू वुवन टेपेस्ट्री के रूप में तैयार किया। यह कलाकृतियाँ इतनी जीवंत होती थीं कि पहचानना मुश्किल हो जाता था कि ये काग़ज़ पर बनी हैं या कपड़े पर। 1966 में पानीपत आगमन, यहीं से बदली हैंडलूम की तस्वीर खेमराज वर्ष 1966 में बनारस से ट्रांसफर होकर पानीपत आए। उस समय वे भारत सरकार के एक विभाग से जुड़े थे। पानीपत में आकर उन्होंने पारंपरिक खेस बुनाई में नए प्रयोग किए और खेस को बेडशीट, बेड कवर व अन्य उत्पादों में बदलकर उद्योग को नया बाज़ार दिया。 टेपेस्ट्री और वॉल हैंगिंग में किया ऐतिहासिक विकास उन्होंने टेपेस्ट्री (वॉल हैंगिंग) को इतना विकसित किया कि बड़े-बड़े कलाकारों की पेंटिंग्स को लूम पर उसी तरह तैयार कर दिया जाता था, जैसे वे कैनवास पर हों। यह काम पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। कच्ची रंगाई से पक्की रंगाई तक का सफर खेमराज ने पानीपत उद्योग में पक्की रंगाई को बढ़ावा दिया। जब शुरुआत में लोग इसके लिए तैयार नहीं थे, तब उन्होंने प्रशिक्षण दिलवाया। आज स्थिति यह है कि पूरी पानीपत इंडस्ट्री पक्की रंगाई अपना चुकी है और गुणवत्ता के मामले में टॉप क्लास मानी जाती है。 संघर्षों से भरा जीवन, किसान परिवार से पद्मश्री तक उत्तराखंड के सुमाड़ी गांव में जन्मे खेमराज एक किसान परिवार से आते हैं। बुनाई का उन्हें कोई पारिवारिक अनुभव नहीं था। पढ़ाई के दिनों में उन्हें रोज़ 6 किलोमीटर पैदल चलकर संस्थान जाना पड़ता था। समाज की उपेक्षा और तानों के बावजूद उन्होंने बुनाई को जीवन का लक्ष्य बना लिया。 “ब्राह्मण-क्षत्रिय कुछ नहीं होता, काम ही सबसे बड़ा धर्म है” – खेमराज सुंडरियाल बुनकर सेवा केंद्र से जुड़कर बदली हजारों ज़िंदगियाँ खेमराज Weavers’ Service Centre से जुड़े, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध कला विशेषज्ञ पूपुल जयकर ने नेहरू जी के सहयोग से की थी। इस केंद्र ने पाकिस्तान से आए बुनकरों को रोज़गार और नई दिशा दी。 मोदी सरकार की पहल से मिला गुमनाम कलाकार को सम्मान खेमराज ने कहा कि मोदी सरकार का यह प्रयास सराहनीय है कि वह उन लोगों को सम्मान दे रही है जो वर्षों तक गुमनाम रहे。 “अब पुरस्कारों के लिए सिफारिश नहीं, काबिलियत देखी जाती है” – खेमराज पद्मश्री की सूचना ने परिवार को दिया गर्व का पल पिछले वर्ष पद्मश्री के लिए आवेदन करने वाले खेमराज को इस वर्ष फोन कॉल के माध्यम से सम्मान की जानकारी मिली। परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी पुत्रवधू ने कहा, “यह हमारे परिवार के लिए सपने जैसा पल है। पापा ने बहुत पहले जो कला अपनाई थी, आज वह दुनिया पहचान रही है।” युवाओं के लिए संदेश: मेहनत रंग लाती है खेमराज का मानना है कि यह सम्मान युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे पारंपरिक कला और हैंडलूम को अपनाएं और ईमानदारी से मेहनत करें। पानीपत की पहचान बने खेमराज सुंडरियाल आज खेमराज सुंडरियाल का नाम सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि पानीपत की हैंडलूम पहचान का पर्याय बन चुका है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा。 बाइट खेमराज पद्मश्री अवार्डी बाइट कनक पुत्रवधु
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