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Narendra Kr. BhatiNarendra Kr. BhatiFollow16 Oct 2024, 02:44 pm

फर्जी तरीके से लोन व क्रेडिट कार्ड बनाने वाले गैंग का पुलिस ने किया खुलासा

Greater Noida, Uttar Pradesh:

डीसीपी ग्रेटर नोएङा ने बताया कि अमित कुमार सिंह की हत्या की साजिश व उसके साथ फर्जी लोन दिलाने के मामले में दादरी पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान हरियाणा के फरीदाबाद निवासी गोविंद सिंह और बिसरख थाना क्षेत्र के अंतर्गत इको विलेज वन सोसायटी निवासी विशाल चंद्र सुमन के रूप में हुई है। आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मृतक अमित कुमार सिंह व उनका यह गिरोह आधार कार्ड व रेंट एग्रीमेंट के आधार पर फर्जी तरीके से नाम, पता व मोबाइल नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज बनाते थे

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एसपी ने पंचायती राज चुनाव में अपराध समीक्षा बैठक में असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में पंचायती राज चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित सभागार में एक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त वृत्ताधिकारी एवं थानाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एसपी मनीष कुमार ने जिले के अति-संवेदनशील एवं संवेदनशील मतदान क्षेत्रों की गहन बिंदुवार समीक्षा की। जिन क्षेत्रों में पूर्व में चुनावों के दौरान विवाद, चुनावी रंजिश, गुटबाजी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने का इतिहास रहा है, उन्हें विशेष रूप से चिन्हित किया गया है। संबंधित वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों को ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने तथा विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों, आदतन अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स पर कड़ी नजर रखते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसपी ने अंतर-जिला व थाना सीमाओं पर चौबीस घंटे प्रभावी नाकाबंदी स्थापित कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन चेकिंग के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में CLG सदस्यों, शांति समितियों, प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर बैठकें करने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए जन-सहयोग प्राप्त करने पर विशेष जोर देने को कहा गया। वही बैठक में एसपी ने साफ कहा के चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी दायरे में रहते कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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निवाई नगरपालिका की पहली बैठक: सीवरेज लाइन और दशहरा मेले पर जोर

Tonk, Rajasthan:टोंक के निवाई से खबर… निवाई नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक में शहर के विकास और जनसमस्याओं को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुआ। विधायक रामसहाय वर्मा की अध्यक्षता में नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष जितेंद्र जैन चवरिया और अधिशासी अधिकारी नवरतन शर्मा की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता विधायक रामसहाय वर्मा ने की। बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी नवरतन शर्मा ने एजेंडा पढ़कर सुनाया, वहीं नवनिर्वाचित पार्षदों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा और शॉल पहनाकर स्वागत किया गया। सदन में अल्लाह रखा देशवाली को नेता प्रतिपक्ष और रामावतार सैनी को उपनेता प्रतिपक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए। विधायक रामसहाय वर्मा ने 139 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन के प्रस्ताव को लेकर जानकारी दी। वहीं, 80 लाख रुपये की लागत से विशाल दशहरा मेले के आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई। शहर में बिजली, पानी और सड़कों की समस्याओं को लेकर पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने अपनी बात रखी। नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष जितेंद्र जैन चवरिया ने शहरवासियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही आवारा पशुधन को पकड़कर गौशाला में छोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, ताकि आमजन को होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके。
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जीण माता में नवरात्रि: पांचवें दिन स्कंदमाता के स्वरूप में पूजा, सुरक्षा सतर्क

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले की प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जीण माता नवरात्रि में लेकर आज पांचवा दिन स्कंदमाता स्वरूप में मां की पूजा. सीकर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल जीण माता में नौ दिवसीय नवरात्रि मेला पूरे परवान पर है मेले में लगातार श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है आज पांचवें दिन विशेष फूलों से श्रृंगार कर माता की पूजा अर्चना की गई मेले में लगातार देश प्रदेश से श्रद्धालु आ रहे हैं और बच्चों के मुंडन और नव विवाहित जोड़े दुख लगाकर मन्नत मांग रहे हैं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की इंतजाम कर रखे हैं मंदिर कमेटी ने अपने निजी सुरक्षा गार्ड जगह जगह तैनात कर रखे हैं मेडिकल सुविधा के लिए चिकित्सा विभाग ने टीम तैनात कर रखी है मेले की संपूर्ण व्यवस्था दातारामगढ़ उपखंड अधिकारी अमृता खंडेलवाल ने संभाल रखी है
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उन्नाव में पूर्वी देवी मंदिर पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, चुनाव लड़ने की अटकलों पर दिया जवाब

Umesh TrivediUmesh TrivediFollowJust now
Unnao, Uttar Pradesh:भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार को उन्नाव पहुंचे। पुरवा विधानसभा के असोहा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध आदि शक्ति पीठ मां पूर्वी देवी मंदिर दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे। मंदिर परिसर में आयोजक सतीश त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया। बृजभूषण शरण सिंह के साथ गोल्डी सिंह भी हेलीकॉप्टर से उन्नाव पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने स्थानीय जनता और मीडिया से खुलकर संवाद किया और अपने इस दौरे को पूरी तरह गैर-राजनीतिक करार दिया। VO: मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह किसी राजनीतिक मकसद से यहां नहीं आए हैं, बल्कि अपनी जड़ों और पुरखों के इतिहास की खोज में पहुंचे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, मुझे यह कहते हुए गर्व है कि मैं किसी राजा-महाराजा का बेटा नहीं हूं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के कारण हमारे पूर्वज पुरवा तहसील के रंजीत पूर्वा गांव से गोंडा चले गए थे। उन्होंने आगे बताया कि गोंडा स्थित उनके आवास के ठाकुरद्वारे के जीर्णोद्धार के दौरान भी इन ऐतिहासिक तथ्यों के प्रमाण मिले हैं। बृजभूषण ने कहा कि पीढ़ियां बीत जाने के बाद भी अपनी मूल माटी से जुड़ने की इच्छा बनी रहती है और वह यहां के लोगों से आत्मीय व पारिवारिक रिश्ता कायम रखना चाहते हैं। उन्नाव से आगामी चुनाव लड़ने की राजनीतिक अटकलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि इसका कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका मकसद केवल मां पूर्वी देवी के दर्शन करना और पुरखों की स्मृतियों को संजोना है। वहीं, स्थानीय विधायक अनिल सिंह द्वारा उनकी उम्र को लेकर की गई टिप्पणी, सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयानों और गोंडा के भवानी भीख के सपा में जाने के सवाल पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साधते हुए 'नो कमेंट' कहकर किनारा कर लिया। वहीं बृजभूषण शरण सिंह ने स्थानीय जनता को अपनी आगामी 'राष्ट्रकथा' में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, अमीर हो या गरीब, हर व्यक्ति इस कथा में सादर आमंत्रित है। चाहे 10 हजार लोग आएं या 20 हजार, सभी के ठहरने और भोजन की पूरी व्यवस्था मेरी तरफ से कराई जाएगी। VO: CEC विवाद और दिल्ली आंदोलन पर साधा निशाना राष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों की नियुक्ति एक तय कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है, इसलिए विपक्ष को बार-बार इस्तीफा मांगने के बजाय जनता के बीच जाना चाहिए और चुनाव जीतकर कानून बदलना चाहिए। वहीं दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी कारोबारी अपनी शर्तों पर भारत में काम करना चाहते हैं और यह आंदोलन विदेशी ताकतों के इशारे पर रचा गया षड्यंत्र है। प्रदेश में स्कूल बंदी के सवाल पर उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह अब न तो सांसद हैं और न ही विधायक, इसलिए सरकार की दिन-प्रतिदिन की नीतियों की सीधी जानकारी उनके पास नहीं रहती है।
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झूलते तारों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग, चालक की जान बच गई

Tonk, Rajasthan:दूनी टोंक चांदसिंहपुरा में चारे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगी आग, झूलते बिजली के तारों से हादसा ग्रामीणों की सूझबूझ से बची चालक की जान, चारा जलकर राख ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की चांदसिंहपुरा गांव के रैगर मोहल्ले में खेत से चारा लेकर आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली झूलते बिजली के तारों की चपेट में आ गई। इससे ट्रॉली में भरे चारे में आग लग गई। आग लगने से चारा जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि ग्रामीणों की मदद से चालक ने समय रहते ट्रैक्टर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से अलग कर लिया, जिससे उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, किसान खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली में चारा भरकर ला रहा था। इसी दौरान रास्ते में झूलते बिजली के तारों की चपेट में आने से चारे में आग लग गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग किया और निजी संसाधनों से कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग को घटना की सूचना देने के बावजूद घंटों तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने बिजली विभाग से झूलते तारों को दुरुस्त करवाने तथा आगजनी से नुकसान झेलने वाले किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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पटना अपहरण केस: भागलपुर से आठ गिरफ्तारी, करोड़ों रुपए धोखाधड़ी का खुलासा

Patna, Bihar:पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के मौर्या लोक परिसर से 12 अक्टूबर को कौशलेंद्र कुमार के अपहरण का मामला सामने आया था। उसकी पत्नी ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कई लोगों को नामजद किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भागलपुर से कौशलेंद्र कुमार समेत कुल आठ लोगों को बरामद किया। इनमें सात लोग दूसरे पक्ष के बताए जा रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति कौशलेंद्र कुमार हैं। विधि-व्यवस्था एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि पूरा मामला पैसों के लेन-देन और धोखाधड़ी से जुड़ा है। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले कौशलेंद्र कुमार पर नौकरी और जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये लेने और वापस नहीं करने का आरोप है। परिजनों के अनुसार, कौशलेंद्र को मौर्या लोक परिसर के पास से गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया था। जो परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। पुलिस ने 12 अक्टूबर को मामला दर्ज किया और अगले दिन 13 अक्टूबर को भागलपुर से सभी आठ लोगों को बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ और अनुसंधान के बाद संबंधित लोगों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की है। मामले में आगे की जांच जारी है。
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हरियाणा के ग्रुप-डी कर्मचारियों के कैडर परिवर्तन से वरिष्ठता पर असर?

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा में ग्रुप-डी कर्मचारियों को कैडर बदलने का विकल्प दिए जाने के बाद कर्मचारियों के बीच वरिष्ठता और सेवा संबंधी लाभों को लेकर असमंजस बना हुआ है। कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कैडर बदलने का विकल्प चुनने पर उनकी पुरानी वरिष्ठता बरकरार रहेगी या उन्हें वरिष्ठता सूची में नीचे जाना पड़ सकता है। वहीं, नौकरी की सुरक्षा और भविष्य में पदोन्नति पर पड़ने वाले असर को लेकर भी कर्मचारी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं। नियमों के अनुसार, कैडर बदलने से प्रत्येक कर्मचारी की वरिष्ठता स्वतः समाप्त हो जाएगी, ऐसा नहीं कहा जा सकता। हालांकि, कॉमन कैडर से बाहर निकलकर वर्तमान विभाग में बने रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों की वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कर्मचारियों को विकल्प चुनने से पहले लागू सरकारी आदेश और सेवा नियमों को समझना जरूरी है。 2024 में तबादला पाने वाले कर्मचारियों की स्थिति अहम इस पूरे मामले में उन ग्रुप-डी कर्मचारियों की स्थिति महत्वपूर्ण है, जिनका वर्ष 2024 में सामान्य तबादला अभियान के दौरान एक विभाग से दूसरे विभाग में तबादला हुआ था। यदि ऐसे कर्मचारी कॉमन कैडर से बाहर निकलकर अपने वर्तमान विभाग में ही रहने का विकल्प चुनते हैं, तो उनकी वरिष्ठता पर असर पड़ सकता है। उन्हें संबंधित विभाग की वरिष्ठता सूची में पहले से कार्यरत कर्मचारियों के नीचे स्थान दिए जाने की आशंका है। इससे भविष्य में पदोन्नति के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, कैडर बदलने के कारण कर्मचारियों की नौकरी अपने आप समाप्त नहीं होती। वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों की स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों और लागू सेवा नियमों के आधार पर तय होगी। ऐसे में कर्मचारियों के लिए जरूरी है कि वे कैडर बदलने का विकल्प चुनने से पहले अपनी सेवा स्थिति और वरिष्ठता पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की स्पष्ट जानकारी हासिल करें।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण पर भाजपा प्रवक्ता की चौंकाने वाली टिप्पणी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रवक्ता भाजपा राकेश त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले धर्मांतरण के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ पर कहा, "जो भी आरक्षण की बात करते हैं, उन्हें संविधान सभा की उस बहस को पढ़ना चाहिए कि भारत में संविधान में आरक्षण की व्यवस्था, आरक्षण का प्रावधान कैसे आया? इसका जो आधार था वो छुआछूत था। जब लोगों के साथ एक दुर्व्यवहार होता था, उसके आधार पर आरक्षण की व्यवस्था आई। जब आपने मजहब परिवर्तन कर लिया, तो इस प्रकार के दुर्व्यवहार और छुआछूत की बातें पूरी तरह से समाप्त हो जाती हैं। लेकिन कुछ लोग केवल वोट बैंक पॉलिटिक्स के आधार पर, जानबूझकर धर्मांतरण के बावजूद भी इस तरह के आरक्षण को जारी रखने के पक्षधर हैं..."
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धनगर समाज ने एसटी आरक्षण के लिए धुले में भव्य मोर्चा निकाला

Dhule, Maharashtra:धनगर समाजाला अनुसूचित जमाती (एसटी) प्रवर्गातून आरक्षण मिळावे, या मागणीसाठी आज धुळे शहरात धनगर समाजाच्या वतीने भव्य मोर्चा काढण्यात आला. आरक्षणाच्या मागणीसाठी वारंवार आंदोलने आणि उपोषणे करूनही सरकारकडून ठोस निर्णय घेतला जात नसल्याने समाजबांधवांनी तीव्र नाराजी व्यक्त केली. धनगर समाजाचे नेते दिपक बोराडे यांच्या नेतृत्वाखाली धुळे शहरातील छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या पुतळ्यापासून क्युमाईन क्लबपर्यंत हा मोर्चा काढण्यात आला. मोर्चात हजारोंच्या संख्येने धनगर समाजबांधव सहभागी झाले होते. महिला आणि तरुणींची लक्षणीय उपस्थिती हे मोर्चाचे विशेष आकर्षण ठरले.
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हमीरपुर: टोना-टोटका और बच्चों पर मुसीबत आने का डर दिखाकर ठगी करने वालों को पीड़िता ने चप्पलों से पीटा

RavindraRavindraFollow10m ago
Kalauli Teer Danda, Uttar Pradesh:

हमीरपुर में टोना-टोटका और बच्चों पर मुसीबत आने का डर दिखाकर ठगी का मामला सामने आया है। ठग महिला को साड़ी में रुपये बंधवाने का झांसा देकर असली रकम लेकर फरार हो गए। ठगी का पता चला तो परिवार ने आरोपियों की तलाश की और चप्पलों से पिटाई कर दी। पीड़ित परिवार ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। 

 

मामला सदर कोतवाली हमीरपुर का है, जहां पीड़िता अनीता के मुताबिक, ठगों ने उनकी मां को झांसे में लेकर साड़ी में रुपये बांधने को कहा। दावा किया कि साड़ी तीन दिन तक नहीं खोलने पर सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। आरोप है कि इसी दौरान ठगों ने असली रकम पार कर दी। ठगी का एहसास होने पर परिवार ने आरोपियों की तलाश की। इस दौरान मिले संदिग्धों की चप्पलों से पिटाई किए जाने का आरोप है। 

 

बुधवार को पीड़ित परिवार ने कोतवाली नगर पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेकर जांच शुरू कर दी है।

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यूपी के किसानों की आय दोगुनी, गन्ने का मूल्य 400 प्रति क्विंटल

Kanpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश कृषि और खाद्यान्न उत्पादन में देश में नंबर एक, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही. खाद्यान्न से लेकर दूध उत्पादन तक में यूपी अव्वल. गन्ना किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ. chandra Shekhar Azad कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मेले के विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के विकास और उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर और उन्नतशील बीज उपलब्ध कराने के लिए सीड रिप्लेसमेंट रेट और इसके चक्र को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। कृषि गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, समय पर बीज बोने, लाइन से खेती करने तथा संतुलित मात्रा में पानी व खाद के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, दूध, फल और सब्जियों के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही मछली और अंडा उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों के चलते राज्य का जीएसवीए जो पहले सवा लाख करोड़ रुपए था, वह अब बढ़कर 7 लाख 5 हजार करोड़ रुपए हो गया है। गन्ना किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आने से पहले गन्ने का मूल्य 280 प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर अब 400 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इससे प्रदेश के करीब 60 लाख गन्ना उत्पादक परिवारों और लगभग 15 करोड़ लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर में बुलडोजर थीम दुर्गा पंडाल बने चर्चे का केंद्र

Ambad, Maharashtra:बुलडोजर थीम पर दुर्गा पंडाल एंकर- अंबेडकरनगर में इस बार शारदीय नवरात्रि के मौके पर एक दुर्गा पंडाल अपनी अनोखी थीम को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। अकबरपुर के फव्वारा तिराहे पर बुलडोजर थीम पर तैयार हो रहा यह पंडाल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस थीम को आकार देने वाला शख्स पेशे से एक बुलडोजर चालक है। अकबरपुर के फव्वारा तिराहे पर बन रहे इस दुर्गा पंडाल को बुलडोजर की थीम पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल की बाहरी संरचना से लेकर सजावट तक में बुलडोजर की झलक दिखाई दे रही है। आधुनिक डिजाइन और आकर्षक लाइटिंग के साथ इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।इस पंडाल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी थीम تیار करने वाला कलाकार पेशे से बुलडोजर चालक है। अपनी कल्पनाशक्ति और मेहनत के दम पर उसने बुलडोजर को पंडाल की थीम में ढालकर एक अनोखी पहचान देने की कोशिश की है। स्थानीय लोग भी इस अनूठे प्रयोग की सराहना कर रहे हैं। अंबेडकरनगर में बुलडोजर थीम पर तैयार हो रहा यह दुर्गा पांडाल नवरात्रि शुरू होने से पहले ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। आयोजकों को उम्मीद है कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक यहां पहुंचेंगे.
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ICAR ESTIC-2026: फसल विविधीकरण, पराली नियंत्रण से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

Karnal, Haryana:करनाल । किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण और इंटरक्रॉपिंग पर जोर, पराली जलाने के मामले शून्य करने का लक्ष्य : डॉ. एम.एल. जाट, धान की पैदावार में बढ़ोतरी के शुरुआती संकेत, पंजाब में क्रॉप कटिंग के दौरान प्रति हेक्टेयर 4 क्विंटल अधिक उत्पादन दर्ज | गन्ने की नई किस्मों से उत्साहित किसान, दलहन-तिलहन की खेती से बढ़ेगी जमीन की उर्वरा शक्ति | महिला किसानों के योगदान के बिना अधूरी है खेती। करनाल : कृषि क्षेत्र में नए अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और नवाचारों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से ‘इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव-2026’ (ESTIC-2026) को लेकर विशेष कर्टेन-रेज़र कार्यक्रम एवं मीडिया संवाद का आयोजन ICAR-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (CSSRI), करनाल में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (DARE) एवं महानिदेशक (ICAR) ने कृषि अनुसंधान, फसल विविधीकरण, पराली प्रबंधन, डिजिटल एग्रीकल्चर और किसानों की आय बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर विचार साझा किए। किसानों के चेहरों की खुशी ही अनुसंधान की सफलता का पैमाना : डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि किसानों के चेहरों पर खुशी देखना उनके लिए भगवान के प्रसाद के समान है। किसानों की संतुष्टि और उनके सकारात्मक अनुभव ही कृषि अनुसंधान को आगे बढ़ाने की ऊर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे किसानों की समस्याएं दूर हों, उनकी फसल का उत्पादन बढ़े और उनकी आमदनी में इजाफा हो। करनाल में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मेरठ और शामली सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंचे गन्ना किसानों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नई गन्ना किस्म को लेकर किसानों का फीडबैक उत्साहजनक है। करनाल स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों ने इस दिशा में सराहनीय काम किया है और गन्ने की अन्य उन्नत किस्मों पर भी अनुसंधान जारी है। रबी सीजन में फसल विविधीकरण अपनाएं किसान, इंटरक्रॉपिंग से बढ़ेगी आमदनी : रबी सीजन की शुरुआत के साथ डॉ. जाट ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दलहन और तिलहन की खेती देश की कृषि जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से गन्ना उत्पादक किसान गन्ने के साथ खाली जगह का उपयोग करते हुए दलहन और तिलहन की फसलें उगा सकते हैं। कई किसान पहले से ही चना, सरसों, गेहूं, लहसुन और प्याज जैसी फसलों को अंतरवर्तीय खेती यानी इंटरक्रॉपिंग के माध्यम से उगा रहे हैं। दूसरे किसान भी इस तकनीक को अपनाकर एक ही खेत से अतिरिक्त उत्पादन और आमदनी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दलहन और तिलहन की खेती मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में भी सहायक होती है। ऐसे प्रयास किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ देश की कृषि अर्थव्यवस्था में भी योगदान देंगे। पांच साल में पराली जलाने के मामलों में बड़ी कमी, अब शून्य पर पहुंचाने का लक्ष्य : पराली प्रबंधन पर संतोष व्यक्त करते हुए डॉ. जाट ने हरियाणा के किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पराली प्रबंधन को लेकर किसानों ने काफी अच्छा काम किया है, जिसके चलते पराली जलाने की घटनाओं में बड़ी कमी आई है। उन्होंने अपने आकलन के अनुसार कहा कि हरियाणा में now तक पराली जलाने के इक्का-दुक्का मामले ही सामने आए हैं। पंजाब का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पहले वहां पराली जलाने की घटनाओं की संख्या करीब 90 हजार तक पहुंच जाती थी, जो पिछले पांच वर्षों में घटकर लगभग पांच हजार के स्तर तक आ गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सीजन में अभी पराली जलाने का प्रमुख दौर आना बाकी है, इसलिए शुरुआती आंकड़ों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद लक्ष्य स्पष्ट है कि पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जाए। पराली को आग लगाने के बजाय कमाई का जरिया बनाएं किसान : डॉ. जाट ने कहा कि जब पराली का उपयोग किया जा सकता है तो उसे जलाने की जरूरत ही क्यों पड़े। सरकार की ‘वेस्ट टू वेल्थ’ सोच के अनुरूप कृषि अवशेषों का उपयोग आय के नए साधन के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने गोवर्धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान ऐसी योजनाओं से लाभ उठाकर कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दे सकते हैं। किसानों को केवल फसल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय कृषि अवशेषों के उपयोग और उनसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। डिजिटल एग्रीकल्चर से खेती में आएगा बदलाव, युवाओं को मिलेगा अवसर : युवा किसानों को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के सवाल पर डॉ. जाट ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करके युवा किसान खेती को अधिक प्रभावी, लाभकारी और तकनीक आधारित बना सकते हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और तकनीकी पहलों के जरिए कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की उद्यमिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है, ताकि खेती में युवाओं की भागीदारी बढ़े और कृषि को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर विकल्प के रूप में विकसित किया जा सके। पंजाब में धान की पैदावार बढ़ने के शुरुआती संकेत, क्रॉप कटिंग में प्रति हेक्टेयर चार क्विंटल का अंतर : धान उत्पादन को लेकर डॉ. जाट ने कहा कि इस बार पंजाब में शुरुआती आंकड़े पैदावार बढ़ने की ओर संकेत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 270 स्थानों पर कराई गई क्रॉप कटिंग के दौरान प्रति हेक्टेयर लगभग चार क्विंटल अधिक धान उत्पादन दर्ज किया गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शुरुआती आंकड़े हैं और उस समय तक राज्य में करीब 17 से 18 प्रतिशत धान की कटाई ही हुई थी। इसलिए पूरे सीजन के आंकड़े सामने आने के बाद ही उत्पादन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि किसानों में जागरूकता बढ़ने के साथ कृषि मशीनरी और आधुनिक तकनीकों का सहयोग भी मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से कृषि उपकरणों पर दी जा रही सब्सिडी किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है। बेमौसमी बारिश कहीं फायदेमंद तो कहीं नुकसानदायक : हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश पर डॉ. जाट ने कहा कि इसके प्रभाव को सभी क्षेत्रों के लिए एक जैसा नहीं माना जा सकता। जिन किसानों की फसल कट चुकी है और जो अब सरसों तथा चने जैसी रबी फसलों की बुवाई करने जा रहे हैं, उनके लिए बारिश लाभदायक हो सकती है। वहीं, जिन क्षेत्रों में खड़ी फसल या कटी हुई उपज प्रभावित हुई है, वहां नुकसान की आशंका भी है। उन्होंने कहा कि मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश का प्रभाव अलग-अलग होता है। इसलिए इसका आकलन भी क्षेत्रवार परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। महिला किसानों के योगदान के बिना अधूरी है खेती : महिला किसान दिवस के अवसर पर डॉ. जाट ने देश की सभी महिला किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सहयोग के बिना खेती की कल्पना अधूरी है। महिलाएं पुरुष किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कृषि कार्यों में भागीदारी निभाती हैं। खेती और इससे जुड़े अनेक ऐसे कार्य हैं, जिनमें महिलाओं की भूमिका विशेष होती है। उन्होंने महिला किसानों के योगदान को सम्मान देने और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को पहचानने की जरूरत पर जोर दिया। बाइट : डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (DARE) एवं महानिदेशक (ICAR)
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53 दिन बाद अविका की घर वापसी, हाई कोर्ट ने नाना-नानी को अभिरक्षा सौंपी

Etah, Uttar Pradesh:एटा में 53 दिन बाद बिटिया अविका की हुई घर वापसी, हाईकोर्ट की पीठ ने बदला पिछला फैसला, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाना-नानी को सौंपी बच्ची की अभिरक्षा, एटा में हुआ भव्य स्वागत एटा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग अविका द्विवेदी की अभिरक्षा से जुड़े मामले में 12 अक्टूबर 2026 को ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए 21 अगस्त 2026 के पूर्व आदेश को निरस्त कर बच्ची को उसके नाना-नानी और मामा-मामी की देखरेख में वापस सौंपने का आदेश दिया। न्यायालय के इस फैसले के बाद 53 दिनों से चला आ रहा बिछोह समाप्त हुआ और अविका सकुशल एटा लौट आई। वर्ष 2018 में जन्म के महज आठ दिन बाद अविका की मां का निधन हो गया था। इसके बाद से 21 अगस्त 2026 तक उसका पालन-पोषण एटा में अपने नाना-नानी और मामा-मामी के साथ हुआ। वह शहर के प्रतिष्ठित दून पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी और अपने ममेरे भाई अद्विक मिश्रा के साथ स्कूल आती-जाती थी। अविका के पिता राजस्थान के बिजली विभाग में कार्यरत हैं। लंबे समय तक बच्ची की परवरिश से दूर रहने के बाद उन्होंने वर्ष 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि बच्ची को उनसे जबरन दूर रखा गया है। इस मामले में 21 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अविका को उसके पिता की अभिरक्षा में सौंपने का आदेश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध नाना-नानी ने कानूनी लड़ाई जारी रखी और विशेष अपील दायर की। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले के विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई के बाद 12 अक्टूबर 2026 को पूर्व निर्णय निरस्त कर दिया तथा बच्ची को उसके नाना-नानी और मामा-मैमी की देखरेख में वापस सौंपने का आदेश पारित किया। 53 दिनों की इस अवधि में बच्ची और उसके नाना-नानी पक्ष को अलगाव का कठिन दौर झेलना पड़ा। न्यायालय के फैसले के बाद एटा में भावुक स्वागत, 12 अक्टूबर के फैसले के बाद नाना-नानी और मामा-नामी अविका को राजस्थान से वापस एटा लेकर आए। घर वापसी पर परिवार और स्थानीय लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया। बच्ची के स्वागत में रैली निकाली गई और भावुक माहौल में उसे घर में प्रवेश कराया गया। 53 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अविका का अपने नाना-नानी के पास लौटना परिवार के लिए बड़ी राहत और खुशी का माहौल बन गया।
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