कुशीनगर। गरीब, अशिक्षित और कमजोर महिला की जमीन-मकान पर कथित धोखाधड़ी का मामला मंगलवार को उस वक्त विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया, जब पीड़िता के पति ने न्याय की गुहार लगाते-लगाते मोबाइल टावर पर चढ़कर जान देने की चेतावनी दे डाली। जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम गौरी श्रीराम टोला धुला में हुए इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अमला घंटों हलकान रहा।
पीड़िता सुलेखा देवी पत्नी रामभजन का आरोप है कि उसकी गरीबी, भोलेपन और अल्पबुद्धि का फायदा उठाकर गांव के सुशील प्रजापति पुत्र गणेश प्रजापति ने उसे बहला-फुसलाकर कचहरी ले गये जहां उसकी आबादी की जमीन पर बने मकान का बैनामा करा लिया। मामला आराजी संख्या 2538 का है, जहां पहले केवल 2 डिसमिल जमीन का सौदा तय हुआ था, लेकिन कथित रूप से धोखे से 4 डिसमिल का बैनामा करा लिया गया।
सुलेखा देवी का कहना है कि जब उसे इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने खरीदार के पति से संपर्क किया। आरोप है कि 4 लाख 50 हजार रुपये वापस करने पर मकान सहित जमीन लौटाने का भरोसा दिया गया। पीड़िता ने किसी तरह कर्ज लेकर पूरी रकम लौटा दी, इसके बावजूद बैनामा सुदा मकान वापस नहीं किया गया। उल्टे, क्रेता पक्ष द्वारा घर से बेदखल करने और जबरन कब्जा करने की धमकियां दी जाने लगीं। न्याय के लिए दर-दर भटकने के बाद भी सुनवाई न होने से टूट चुके परिवार का सब्र शुक्रवार को जवाब दे गया। पीड़िता का पति रामभजन मोबाइल टावर पर चढ़ गया और साफ कहा— “या तो इंसाफ मिलेगा, नहीं तो मेरी जान चली जाएगी।”
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। गांव में भारी भीड़ जुट गई। घंटों चले समझाने-बुझाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद रामभजन को सुरक्षित नीचे उतारा गया।पीड़िता सुलेखा देवी ने मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, धोखाधड़ी से कराए गए बैनामा को निरस्त करने और मकान वापस दिलाने की गुहार लगाई है।