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SSSaurabh SharmaFollow7 Jan 2025, 06:35 am

Bulandshahr: पूर्व सांसद एसटी हसन के बयान पर राष्ट्रीय बजरंग दल का विरोध, गिरफ्तारी की मांग

Bulandshahr, Uttar Pradesh:

मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन द्वारा महारानी पद्मावती के जौहर को अफवाह बताए जाने के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।कार्यकर्ताओं ने बुलंदशहर के खुर्जा जेवर अड्डा चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान "एसटी हसन मुर्दाबाद" और "गली-गली में शोर है, एसटी हसन चोर है" जैसे नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए डॉ. एसटी हसन पर राष्ट्रद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

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लातेहार केचकी ओवरब्रिज पर पलामू एक्सप्रेस की चपेट में आई महिला की मौत

Latehar, Jharkhand:लातेहार बरवाडीह डालटनगंज-गढ़वा रेल सेक्शन अंतर्गत चियांकी और केचकी स्टेशन के बीच स्थित केचकी रेलवे ओवरब्रिज पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार पोल संख्या 272 के 20/22 डाउन लाइन पर डाउन पलामू एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक अज्ञात महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब पांच बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला रेलवे पुल के आसपास घूम रही थी, तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन की चपेड में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि महिला का शव पुल के समीप फंस गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृत महिला पिछले एक दिन से अर्द्धविक्षिप्त हालत में इलाके में घूमती नजर आ रही थी। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ सब इंस्पेक्टर आरके मिंज व उनकी टीम मौके पर पहुंच मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है।
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ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक: हिंडौन में मेडिकल स्टोर बंद, मरीज परेशान

Karauli, Rajasthan:ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को हिंडौन में दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों को दवा खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा। AIOCD के आह्वान पर आयोजित इस बंद को जिलेभर के मेडिकल व्यापारियों का समर्थन मिला। दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाइयों की सप्लाई हो रही है, जिससे नकली और नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ रहा है। हिंडौन एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत खत्री और यूनुस मोहम्मद ने बताया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां नियमों की अनदेखी कर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं। इससे आम लोगों की सेहत को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई प्रतिबंधित दवाइयां भी ऑनलाइन माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जबकि मेडिकल स्टोर संचालकों को डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा बेचने की अनुमति नहीं होती। दवा विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां भारी छूट देकर ऑनलाइन कारोबार कर रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन दवा सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और फार्मासिस्ट संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। बंद के दौरान हिंडौन सिटी में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे और व्यापारियों ने एकजुट होकर ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध जताया।
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खरगोन में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर्स बंद

Khargone, Madhya Pradesh:एंकर - खरगोन में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में खरगोन के केमिस्ट एसोसिएशन का प्रदर्शन। मेडिकल व्यवसाई ने पैदल, सायकल से, तांगे और ई-रिक्शा से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में खरगोन सहित पूरे जिले में आज मेडिकल स्टोर्स बंद हैं। मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष लोकेंद्र छाजेड़ ने सरकार से आह्वान किया कि ऑनलाइन में किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। ऑनलाइन पर जिले से लेकर सरकार तक कोई नियंत्रण नहीं, जिससे जनता, केमिस्ट एवं डॉक्टर तीनों प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ध्यान दे।
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दवा विक्रेताओं के विरोध से टोंक समेत प्रदेशभर के मेडिकल स्टोर बंद

Kota, Rajasthan:एंकर — प्रदेशभर में दवा विक्रेताओं द्वारा सरकार की नई नीतियों और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर्स बंद रखे गए, जिसका असर टोंक जिले में भी देखने को मिला। शहर सहित जिलेभर के 2000 मेडिकल स्टोर्स पर ताले लटके नजर आए। मेडिकल व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री, दवाओं की गुणवत्ता और व्यापार पर पड़ रहे असर को लेकर नाराजगी जताई। दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की सप्लाई से दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बड़े प्लेटफॉर्म भारी डिस्काउंट देकर छोटे व्यवसायियों को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मेडिकल स्टोर्स बंद रहने से आम मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हालांकि सरकारी अस्पतालों में संचालित योजना के तहत मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन निजी मेडिकल स्टोर्स का कहना है कि दवा बाजार में सप्लाई सिस्टम को लेकर भी बड़ा खेल चल रहा है, जिससे छोटे व्यापारी लगातार प्रभावित हो रहे हैं। दवा विक्रेताओं ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम बनाए जाएं और स्थानीय मेडिकल व्यवसायियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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प्रतापगढ़ में वकीलों का प्रदर्शन छठे दिन भी जारी, संघर्ष समिति बनी

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ खबर की लोकेशन : प्रतापगढ़ हेडर/हेडलाईन : छठे दिन भी जारी रहा वकीलों का आंदोलन, आर-पार की लड़ाई के लिए बनी संघर्ष समिति प्रतापगढ़ जिला न्यायालय परिसर में बुनियादी सुविधाओं की कमी, बार भवन के लिए भूमि आवंटन और नवनिर्मित परिसर में चेंबर निर्माण की मांग को लेकर जिला अभिभाषक संघ का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। जिले के अधिवक्ताओं ने न्यायिक और राजस्व कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाए रखते हुए आंदोलन में एकजुटता दिखाई, जिससे अदालत और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने और आगामी रणनीति तय करने के लिए जिला अभिभाषक संघ की साधारण सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से एक उच्च स्तरीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। पूर्व अध्यक्ष कमलसिंह गुर्जर ने बताया कि यह समिति आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार करने, प्रशासन से संवाद स्थापित करने और कानूनी रणनीतियों पर काम करेगी। समिति के गठन से आंदोलन को नई मजबूती मिलने की बात कही गई। संघ के सचिव सचिन पटवा ने बताया कि संघर्ष समिति के नेतृत्व में जल्द ही राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ सांसद चंद्रप्रकाश जोशी को विस्तृत मांग पत्र सौंपा जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक के खिलाफ देशभर में दवा व्यवसायियों का बंद, औरंगाबाद में असर

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:पूरे देश भर में दवा व्यवसायियों के बंदी का व्यापक असर औरंगाबाद में भी देखने को मिल रहा है। दवा के लिये लोग दुकानों पर जा रहे हैं मगर वहां ताला बंद देखकर वापस लौट जा रहे हैं। दवा व्यवसायियों ने बताया कि ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट असोसिएशन के द्वारा आहूत यह बन्द पूरे देश भर में बुलाई गई है जिसका साफ असर दिख रहा है। गौरतलब है कि कोरोना के समय ऑनलाइन दवा आपूर्ति की सुविधा की शुरुआत हुई थी मगर यह अभी भी चल रही है जिस पर रोक लगाने को लेकर यह बंद बुलाया गया है और सभी दवा व्यवसायी एकजुट होकर इसका जमकर विरोध कर रहे हैं। व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा आपूर्ति में नकली दवाओं के होने की भी आशंका जाहिर की है。
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तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर हमला

Patna, Bihar:राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और उनके पिछड़ेपन को लेकर नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और लगातार हो रही घटनाएं सरकार की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। दरअसल, 2025 विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया था। बड़ी संख्या में महिला वोटरों का समर्थन एनडीए को मिला, जिसका फायदा गठबंधन को चुनावी जीत के रूप में मिला। अब वही महिला सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक केंद्र में आ गया है और विपक्ष इसे लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है। “बिहार की राजनीति में अब महिला सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है... महिलाओं के sashaktikaran पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। तेजस्वी यादव का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान कर एनडीए की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। अब उसी महिला वोट बैंक को लेकर विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। सवाल यही है कि जिन महिलाओं के भरोसे सत्ता मिली, क्या उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर पाने में सरकार सफल हो पाई है? कांग्रेस ने कहा कि बिहार क्राइम कैपिटल बन चुका है और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को अगर देखे तो यौन हिंसा का मामला हो یا घरेलू हिंसा या हत्या का मामला अपराधी पकड़े नहीं जा रहे हैं लेकिन सरकार अपना पीठ जरूर थपथपा रही है.. लगता तो ऐसा है कि सरकार का इकबाल समाप्त हो चुका है पुलिस का भय खत्म हो चुका है.. लेकिन फिर भी सरकार का बरबोलापन देखिए.. व विपक्ष के हमलो का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष ने महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया.. जनता दल यूनाइटेड ने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को महिलाएं अपना नेता नहीं मानती कारण स्पष्ट है बेटियों का सुहाग उजाड़ने का राजनीतिक ठेका अगर किसी ने लिया तो राष्ट्रीय जनता दल ने लिया जहां मद्य निषेध अधिनियम लागू है वहां शराब की कंपनियों से 46 करोड़ 74 लाख रुपया चंदा लिया इसी आधार पर कि हम आएंगे तो शराबबंदी खत्म कर देंगे महिलाओं का विकास किसे कहते हैं ये आपके प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है आज बेटी साइकिल से आगे बढ़कर हाथ में एक-47 लेकर सुरक्षा कर रही हैं... महिला आपके लिए चिंता का विषय नहीं है.. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि गाल बजाने के लिए बहुत नेता बहुत बात बोलते हैं सब बात का जवाब देना उचित नहीं है जिसके आंख में थोड़ा भी रोशनी ठीक है उसको पता है बिहार के महिला का सशक्तिकरण पूरे देश में सबसे अच्छा है लगता है कि विपक्ष के नेता अभी तक की जीविका दीदी से नहीं मिले अभी तक विपक्ष के नेता महिला सशक्तिकरण का बिहार का क्रांति नहीं देखे हैं बचपन है..
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नवादा में बालू माफिया पर बड़ी कार्रवाई, ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार

Nawada, Bihar:नवादा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, बालू माफिया द्वारा पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने के मामले में मुख्य आरोपी ट्रैक्टर चालक को किया गरफ्तार, ट्रैक्टर मालिक ने किया न्यायालय में आत्मसमर्पण नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचाने नदी में चल रहे अवैध बालू खनन के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुए हमले के मामले में बड़ी सफलता मिली है। एसपी अभिनव विमान के देखरेख में SDPO राहुल सिंह के द्वारा एसआईटी टीम ने मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ट्रैक्टर मालिक ने पुलिस दबाव में माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। 13 मई 2026 की सुबह लगभग 5 बजे थानाध्यक्ष नारदीगंज को सूचना मिली कि मधुबन क्षेत्र स्थित पंचाने नदी में कुछ ट्रैक्टरों द्वारा अवैध बालू खनन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पथरा केसौरिया क्षेत्र में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दो ट्रैक्टर बालू अनलोड कर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया तो ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इससे नरेन्द्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज हेतु पटना रेफर कर दिया गया। इस घटना में नारदीगंज थाना कांड संख्या-158/2026 दर्ज किया गया। अब तक इस मामले में 30 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 20 मोटरसाइकिल, 2 स्कॉर्पियो वाहन और 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया है। मुख्य अभियुक्त अजीत कुमार (निवासी केसौरिया) को 19 मई को मैसकौर थाना क्षेत्र से तकनीकी अनुसंधान एवं ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। वहीं ट्रैक्टर मालिक पिंटु कुमार (पुत्र लखन राजवंशी, निवासी पथरा नारदीगंज) ने पुलिस की लगातार दबिश और गिरफ्तारी के भय से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अवैध बालू खनन (सैंड माफिया) के खिलाफ बिहार पुलिस की यह सख्त कार्रवाई सराहनीय है। एसआईटी टीम की निरंतर छापेमारी और तकनीकी निगरानी से माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अग्रिम अनुसंधान जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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