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जमशेदपुर में जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले पर भाजपा-कांग्रेस भिड़ंत; लाठी-पत्थरबाजी से तनाव

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर सोमवार को बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इसके बाद दोनों ओर से जमकर नारेबाजी हुई। इस दौरान लाठी चलने और पत्थरबाजी की भी सूचना मिली। जानकारी के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता जी टाउन मैदान से march करते हुए कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से पहले ही इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंचे, तो दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता के सिर में चोट आने की सूचना है। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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दमोह जिला अस्पताल में बदहाली: मरीज के तीमारदार को साफ-सफाई करनी पड़ी

Damoh, Madhya Pradesh:एमपी के दमोह की बदहाल जिला अस्पताल, मरीज के तीमारदार से कराई सफ़ाई, प्रबंधन ने नकारा, दमोह के जिला अस्पताल में एक वीडियो सामने आया जहां बेटे का इलाज कराने आई एक मां को वार्ड के अंदर सफाई करना पड़ी। वीडियो वायरल हुआ तो सियासत होने लगी। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस वीडियो को ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। वहीं इन हालातों पर हमारी टीम ने जमीनी हकीकत जानी तो आलम में कुछ सुधार तो दिखा लेकिन पूरी तरह नहीं। जब हमारी टीम पहुंची तो यहां बाकायदा सफाई होते दिखाई दी लेकिन सच बहुत देर तक छिप नहीं पाया। अस्पताल में महिलाओं के लिए बनाए गए टायलेट कई दिनों से बंद मिले और महिलाएं यहां वहां भटकती दिखाई दी। इतना ही नहीं वार्डों के भीतर गंदगी का आलम भी साफ देखने को मिला। अस्पताल में व्हील चेयर तो है लेकिन उसे चलाने के लिए स्टाफ तक नहीं मिला और तीमारदार खुद अपने मरीज को लेकर यहां से वहां भटकते दिखाई दिए। इनकी माने तो एक मरीज को यहां से वहां ले जाते वक्त दूसरे मरीज के परिजन उसके पीछे पीछे भागते है और जैसे ही व्हील चेयर खाली होती है वो उसे लेकर चले जाते है। इतना ही नहीं अपने हाथ में केनुला लगाये मरीज पलंग का इंतजाम करने भटकते मिले कि उन्हें वार्ड में पलंग मिल जाए तो उनका इलाज शुरू हो जाए। इन तमाम हालातों परHospital प्रबंधन की अपनी सफाई है। प्रबन्धक के अनुसार जिस वायरल वीडियो को बताया जा रहा है वो महीने भर पुराना है जब उन्होंने जानकारी ली तो मालूम चला है कि जो महिला सफाई करती नजर आ रही है उसने सिर्फ स्टूल साफ किया जिस पर गंदगी आई थी और वो भी उसमें अपनी मर्जी से साफ किया। इस मामले में अभी तक किसी का दोष नहीं पाया गया है और किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है सिर्फ शोकाज नोटिस जारी किए गए है और जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
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सतना: धवारी इलाके में धर्मांतरण के दबाव से पांच गिरफ्तार

Satna, Madhya Pradesh:सतना शहर के धवारी इलाके में महिला पर कथित तौर पर पैसे का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बनाने के मामले में पुलिस ने दंपती, उनके दो बेटों और बेटी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि परिवार पिछले चार साल से महिला को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहा था. पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है. पुलिस के मुताबिक चांदमारी रोड धवारी गली नंबर-1 निवासी आशा चौधरी के पति अकाली प्रसाद की लंबे समय से तबीयत खराब है. इससे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. इसी दौरान करीब चार साल पहले आशा का संपर्क रामनरेश चौधरी, उसकी पत्नी द्रोपदी उर्फ सुमन, बेटों सुखेन्द्र और सुवेन्द्र उर्फ छोटू तथा बेटी खुशबू से हुआ. पुलिस के अनुसार, ये सभी ईसाई धर्म अपना चुके थे. आरोप है कि संबंधित परिवार ने आशा को धर्म परिवर्तन करने पर आर्थिक मदद मिलने और परिवार की समस्याएं दूर होने का भरोसा दिया. उसे कई बार पैसे का लालच देकर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया गया. हालांकि, आशा लगातार उनकी बात टालती रही. बाद में परेशान होकर उसने सिटी कोतवाली जाकर शिकायत दर्ज कराई, जांच के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर बयान के आधार पर धारा 296ए, 351(3), 3(5) और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 व 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपियों के घर से धार्मिक सामग्री भी जब्त की है. मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
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एठी ग्राम पंचायत: अविश्वास प्रस्ताव की तारीख बार-बार बदली, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल

Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी जिले की एठी ग्राम पंचायत में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। 9 और 12 अक्टूबर को कार्रवाई के लिए तारीख तय की गई, लेकिन दोनों बार प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। करीब 20 पंच पंचायत भवन पहुंचे, लेकिन उन्हें बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि जब पटवारी, सचिव और रोजगार सहायक की ड्यूटी तक लगा दी गई थी, तो फिर तारीख बढ़ाने की सूचना समय पर क्यों नहीं दी गई? पीठासीन अधिकारी तहसीलदार के नहीं पहुंचने के बाद मामले का खुलासा हुआ। अब 14 अक्टूबर की नई तारीख तय की गई है। ऐसे में सवाल है कि आखिर बार-बार तारीख बदलने के पीछे क्या वजह है और इस अव्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा? एठी ग्राम पंचायत में सरपंच अंजनी सिंह गौड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को करीब 20 पंच निर्धारित प्रक्रिया में शामिल होने पंचायत भवन पहुंचे, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। पंचों का आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए पहले 9 अक्टूबर और फिर 12 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी. इसके लिए संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और तारीख बढ़ाए जाने की सूचना भी समय पर नहीं दी गई. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन ने तारीख तय की, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, तो फिर निर्धारित दिन कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर तारीख में बदलाव किया गया था, तो संबंधित पंचों को इसकी सूचना पहले क्यों नहीं दी गई? क्या प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी थी या फिर पूरी प्रक्रिया में कहीं गंभीर लापरवाही हुई? मामला में तहसीलदार राकेश शुक्ला ने चुनावी प्रशिक्षण को कार्रवाई नहीं हो पाने की वजह बताया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या चुनावी प्रशिक्षण की जानकारी पहले से नहीं थी? यदि थी, तो फिर ऐसी तारीख क्यों निर्धारित की गई, जिस दिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी? बार-बार तारीख बदलने से नाराज पंचों में आक्रोश है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब अविश्वास प्रस्ताव के लिए 14 अक्टूबर की नई तारीख तय की गई है। अब देखना होगा कि 14 अक्टूबर को प्रशासन तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रक्रिया पूरी करा पाता है या फिर पंचों को एक बार फिर इंतजार करना पड़ेगा—
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9.18 लाख किसानों को 493 करोड़ की राहत, यूपी सरकार किसानों के साथ खड़ी

Noida, Uttar Pradesh:किसानों के साथ खड़ी है सरकार, 493 करोड़ की राहत से 9.18 लाख किसानों को मिलेगी मदद, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हमारी सरकार पिछले 10 वर्षों से किसानों के साथ खड़ी है। जब प्रदेश में हमारी सरकार बनी थी, उस समय किसानों के सामने कई तरह की चुनौतियां थीं। किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से परेशान थे। उस समय किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने कैबिनेट में 34 हजार करोड़ रुपये से जुड़े फैसले किए और किसानों के हित में कई योजनाएं शुरू कीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। सरकार का उद्देश्य है कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसल को नुकसान पहुंचे, तो उन्हें समय पर राहत मिले और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो। आज गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9.18 लाख से अधिक किसानों को करीब 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इससे प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई करने और खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि कुशीनगर में जब बाढ़ से लोग प्रभावित हुए, तो मुख्यमंत्री स्वयं उनके बीच पहुंचे और प्रभावित परिवारों का हाल जाना। सरकार की कोशिश है कि आपदा के समय किसानों और आम लोगों को कम से कम नुकसान हो तथा उन्हें जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए। किसानों की परेशानी को समझना, उनकी मदद करना और संकट के समय उनके साथ खड़े रहना सरकार की प्राथमिकता है।
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चमोली के बगोली गांव में माता-पिता पर हमला: आरोपी बेटे की गिरफ्तारी

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के बगोली गांव में माता-पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 27 वर्षीय बेटे ने अपने माता-पिता पर ब्लेड से हमला करने के साथ ही उनका गला दबाने की भी कोशिश की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल चाकू, ब्लेड और लकड़ी का डंडा बरामद किया है。 वीओ-1: मामला कर्णप्रयाग कोतवाली क्षेत्र के बगोली गांव का है। पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे मनोज सिंह का अपने पिता विक्रम सिंह और मां शांति देवी के साथ विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान मनोज ने ब्लेड से अपने पिता के सीने और चेहरे पर वार किए। वहीं, बचाव करने पर उनका गला दबाने का भी प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी चाकू लेकर भी अपने माता-पिता पर हमला करने पहुंचा था। परिवार की शिकायत के मुताबिक, इससे पहले भी वह तीन से चार बार उन पर हमला कर चुका है। वीओ-2: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। शिकायत के आधार पर कर्णप्रयाग कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11 अक्टूबर को आरोपी मनोज सिंह को बगोली के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए जाने की बात कहे गए एक गुलाबी रंग के चाकू, दाढ़ी बनाने वाला ब्लेड और करीब तीन फीट 11 इंच लंबा लकड़ी का डंडा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
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विकासनगर के मजदूर कैंप: बेटी की शादी 50 हजार, मौत पर 4 लाख राहत

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर में आज श्रम एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से बादामावाला क्षेत्र में एक कैंप लगाया गया। श्रमिकों के संपूर्ण विकास के लिए लगाए जा रहे इन कैंप को भाजपा सेवा संकल्प पखवाड़े के तौर पर मनाया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन से शुरू किया गया यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक मिशन मोड में चलेगा। कैंप के जरिए श्रमिक परिवारों के लिए न्यूट्रिशन किट, बहन बेटियों के लिए सैनिटेशन किट, श्रमिकों के बच्चों के लिए एजुकेशन किट, साथ ही श्रमिक परिवारों की मेडिकल स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है। इन कैंप के माध्यम से श्रमिक कार्ड होल्डर परिवार की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार की आर्थिक मदद और श्रमिक की मौत होने पर श्रमिक कार्ड की मदद से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। आज कैंप के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों ने लाभ उठाया। कैंप में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी जरूरतमंदों की मदद के लिए मौके पर मौजूद रहे।
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भाजपा महिला मोर्चा ने मनिपुर सांसद अंगोमचा अकोइजम का पुतला फूंका, गिरफ्तारी की मांग

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर कांग्रेस सांसद के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की उठी मांग; संगीता बलवंत के नेतृत्व में फूंका पुतला मणिपुर के कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ गाजीपुर में विरोध प्रदर्शन राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत के नेतृत्व में सरयू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर जताई नाराजगी भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की उठाई मांग प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर सांसद तिराहे पर फूंका पुतला। गाजीपुर में मणिपुर के कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं अपमान के आरोपों को लेकर बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं ने सरयू पांडेय पार्क में धरना दिया और सांसद की गिरफ्तारी की मांग उठाई। राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और सांसद तिराहे पर कांग्रेस सांसद का पुतला फूंककर विरोध जताया। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने आरोपों को गंभीर बताते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लेकर अपनी आवाज बुलंद की बाइट— संगीता बलवंत, राज्यसभा सदस्य
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ऑपरेशन त्रिनेत्र: 3000 इनामी आरोपी मोहम्मद निजाम अजमेरी गिरफ्तार, MD तस्करी केस में सफलता

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थ तस्करी के मामले में एक साल से फरार 3000 रुपये इनामी आरोपी मोहम्मद निजाम अजमेरी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रतापगढ़ थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से उसे पकड़ने में सफलता पाई. वह 55.85 ग्राम अवैध MD के परिवहन से जुड़े मामले में वांछित था. पूछताछ में उसने फरार अब्दुल हुसैन निवासी बागलिया को MD देना स्वीकार किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है. हथुनिया थाना क्षेत्र में 18 जनवरी को 55.85 ग्राम MD जब्त की गई थी और इसके परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई थी. एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. अनुसंधान से मोहम्मद निजाम अजमेरी की संलिप्तता सामने आई. उसके बाद 11 अक्टूबर को मुखबिर सूचना और मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा गया. पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब मादक पदार्थ की आपूर्ति और इस नेटवर्क से जुड़े diğer लोगों के संबंध में जांच कर रही है.
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राजस्थान के राजस्व अदालतों में मुकदमे दशकों से लंबित, न्याय की उम्मीद बढ़ी

Jaipur, Rajasthan:एंकर राजस्थान में जमीन के विवादों में इंसाफ का इंतजार इतना लंबा हो गया कि तारीखें बढ़ती रहीं और पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन फैसले नहीं आए। प्रदेश की राजस्व अदालतों में 6 लाख 66 हजार से ज्यादा मुकदमे लंबित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 83 मुकदमे ऐसे हैं, जो 40 साल से भी ज्यादा समय से फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, 340 मुकदमे 30 साल और करीब 79 हजार मामले 10 साल से ज्यादा पुराने हैं। अकेले एसडीओ अदालतों में 4 लाख 42 हजार से ज्यादा मुकदमों का अंबार लगा है। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पेंडेंसी पर गंभीरता दिखाते हुए जिलेवार और अदालतवार पूरा हिसाब मांगा है। राजस्व अदालतों में मुकदमों का अंबार इस कदर बढ़ गया है कि कई मामले तीन से चार दशक बाद भी फैसले की दहलीज तक नहीं पहुंच पाए हैं। किसी मुकदमे को 10 साल बीत गए तो किसी को 20 साल, लेकिन फैसला अब तक नहीं हो पाया। ऐसे में सवाल सिर्फ देरी का नहीं, बल्कि उस न्याय का है, जिसकी उम्मीद में पूरी जिंदगी बीत जाती जाती है। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व अदालतों में तारीखों का सिलसिला थमेगा या वर्षों से अटके मुकदमों को आखिरकार इंसाफ की मंजिल मिलेगी। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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