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SKShiv Kumar ChaudharyFollow27 Nov 2024, 01:24 pm
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तारापुर में मुहर्रम: ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न, सुरक्षा-व्यवस्था सफल

Munger, Bihar:तारापुर प्रखंड क्षेत्र में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम का पर्व श्रद्धा, आस्था और गम के माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रखंड के नौ स्थानों पर प्रशासन द्वारा लाइसेंस जारी कर ताजिया जुलूस निकाला गया। गाजीपुर, पुरानी बाजार, कोराजी, माधोडीह समेत विभिन्न अखाड़ों से शनिवार देर रात ताजिया एवं निशान के साथ मातमी जुलूस निकला, जो रविवार अहले सुबह देवगांव कर्बला पहुंचा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पहलाम कराया गया। जुलूस के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ताजिया जिन मार्गों से गुजरा, वहां एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बंद रखी गई और जुलूस गुजरने के बाद पुनः बहाल कर दी गई। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार तैनात रहा। शांति समिति के सदस्य, विभिन्न अखाड़ों के खलीफा, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के साथ मिलकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ताजियों का शांतिपूर्ण पहलाम होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। अनुमंडल पदाधिकारी राकेश रंजन कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार देवेंद्र ने नागरिकों, शांति समिति और अखाड़ा समितियों के सहयोग की सराहना करते हुए क्षेत्र में आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। इस दौरान इंस्पेक्टर विवेक राज, थानाध्यक्ष राज कुमार, बीडीओ प्रशांत कुमार, सीओ संतोष कुमार सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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यूपी सरकार हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील करेगी; ग्राम पंचायत नियम

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ प्रधानों को प्रशासक नहीं बनाए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार अपील करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून के अपने आदेश में कहा है कि असांविधानिक हो चुके नियमों के तहत ग्राम प्रधान प्रशासक की भूमिका नहीं निभा सकते हैं। सरकार को 13 जुलाई तक चुनाव की रूपरेखा पेश करने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ई) और 243 (के) के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। वहीं, शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि उप्र पंचायतीराज अधिनियम 1947 की धारा 12 की उपधारा (3-ए) मुख्य रूप से ग्राम पंचायत के कार्यकाल और चुनाव टलने की असाधारण परिस्थितियों से संबंधित है। इस धारा के अनुसार, यदि अपरिहार्य परिस्थितियों या लोकहित में ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव करा पाना संभव न हो तो राज्य सरकार या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी को यह शक्ति होगी कि वह उस अवधि के लिए ग्राम पंचायतों के कार्यों के संचालन के लिए वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था (जैसे प्रशासक या प्रशासनिक समिति की नियुक्ति) कर सके। इस उपधारा के रूप में यह ऐतिहासिक संशोधन प्रदेश में अप्रैल 1994 में लागू हुआ। हाईकोर्ट ने बाद में प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के केस में व्यवस्था दी है कि इस धारा 12 (3-ए) का उपयोग करके चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए टालना या ग्राम प्रधानों या प्रशासकों का कार्यकाल मनमाने ढंग से बढ़ाना असांविधानिक है। चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का सांविधानिक अधिकार है जिसमें राज्य सरकार प्रशासनिक बहाने बनाकर देरी नहीं कर सकती। जानकारों का कहना है कि उप्र पंचायतीराज अधिनियम, 1947 की धारा 12 में जोड़ी गई उपधारा (3-ए) को अब तक हटाया नहीं गया है इसलिए इस कानून का अभी आधार बना हुआ है। इसी को आधार बनाते हुए राज्य सरकार एकल पीठ के खिलाफ अगले सप्ताह डबल बेंच या फुल बेंच में सुनवाई के लिए अपील दायर करेगी। अपील दायर करने के निर्णय की पुष्टि उप्र राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह ने भी की है। आयोग को पक्षकार बनाने के आदेश को भी दी जाएगी चुनौती कोर्ट ने मामले में याची को समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को भी पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। जस्टिस राम औतार सिंह का कहना है कि कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट की धारा-9 के तहत आयोग को किसी मुकदमे में पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। नवंबर तक रिपोर्ट दे पाएगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए 18 मई को उप्र राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई अनिवार्य व्यवस्था के तहत आयोग बनाया गया है। इसका मुख्य कार्य राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पिछड़ेपन का अध्ययन करना है。 आयोग के अध्यक्ष के अनुसार सभी 75 जिलों के डीएम से पिछड़े वर्ग की आबादी के आंकड़े ले लिए गए हैं। आयोग ने अब तक तीन जिलों मेरठ, हापुड़ और बागपत का दौरा भी कर लिया है। ब्लॉक और गांव स्तर पर जाकर डीएम से मिले आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है। आयोग अंतिम रिपोर्ट देने से पहले सभी 75 जिलों में भ्रमण करेगा। इसमें 6 माह लगेंगे। हम अपनी रिपोर्ट नवंबर तक दे पाएंगे
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25 किमी साइक्लोथॉन से युवाओं में स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता बढ़ी

Bokaro Steel City, Jharkhand:बॉकरो के पत्थरकट्टा मैदान से 25 किलोमीटर साइक्लोथॉन का आयोजन झारखंड राज्य युवा आयोग द्वारा किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा एचआईवी/एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करना था. सैकड़ों युवाओं, खिलाड़ियों और साइकिल प्रेमियों ने हिस्सा लिया और फिट इंडिया व ग्रीन इंडिया का संदेश दिया. कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने भाग लिया. नेताओं ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने की आदत और स्वस्थ जीवनशैली से समाज को नई दिशा मिल सकती है. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया. प्रतिभागियों ने निर्धारित 25 किलोमीटर दूरी तय करते हुए लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया. आयोजन के दौरान सुरक्षित जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और एचआईवी से बचाव संबंधी जानकारी भी दी गई. पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा और लोगों ने इसे युवाओं को फिटनेस एवं सामाजिक जागरूकता से जोड़ने की सराहनीय पहल बताया.
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बोकारो में 30 हाथियों का डेरा, गर्भवती हथनियों ने बढ़ाईं हाई अलर्ट की चिंताएं

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में 30 हाथियों का झुंड, 3 गर्भवती हथनी के कारण हाई अलर्ट... गोपो, पालू, कुसुमडीह इलाके में डेरा... रात में घर से न निकलने की चेतावनी... QRT तैनात । महुआटांड़, धवईया, कानीडीह, कंडेर समेत 10 गांव हाई अलर्ट पर. बताते चले कि बोकारो में 30 हाथियों का झुंड, गर्भवती हथनियों के कारण हाई अलर्ट, 10 गांवों में QRT तैनात। गोमोया प्रखंड के गोपो, पालू, बड़की पुन्नू और कुसुमडीह-कानीडीह क्षेत्र में 30 हाथियों के झुंड ने डेरा डाल दिया है। झुंड में 2-3 हथनियों के गर्भवती होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील है। वन विभाग ने महुआटांड़, धवईया, सिमराबेड़ा, दरहाबेड़ा, कुसुमडीह, कानीडीह, गागा, टिकाहारा, फुटकाडीह और कंडेर गांव में हाई अलर्ट जारी किया है। वन विभाग के अनुसार गर्भावस्था के दौरान हथनियों वाला झुंड अत्यधिक आक्रामक हो जाता है। झुंड के धीरे चलने के कारण इसके लंबे समय तक इलाके में रहने की आशंका है। ग्रामीणों को रात में घर से बाहर न निकलने, हाथियों की फोटो/सेल्फी न लेने और शोर मचाकर उन्हें न उकसाने की सख्त हिदायत दी गई है। ट्रैक्टर का साइलेंसर खोलकर भगाने का प्रयास भी वर्जित है। सुरक्षा के लिए 2 QRT टीमें तैनात की गई हैं। जरूरत पर गोला, मांडू, कुजू से बैकअप बुलाया जाएगा। नियम तोड़ने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। आपातकालीन नंबर भी जारी किया गया है जिसमें QRT-1: 6204410674, QRT-2: 8084598077, फॉरेस्टर गोमिया: 7070466084 किया गया है।
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भालू ने भडराना बस्ती में घुसकर दो महिलाओं को घायल किया—इलाके में दहशत

Sagar, Madhya Pradesh:सुबह-सुबह बस्ती में घुसा भालू, दो महिलाओं पर हमला कर किया घायल... बंडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम भडराना में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक जंगली भालू जंगल से भटककर सीधे रिहायशी बस्ती में घुस आया। सुबह करीब 6:00 बजे हुए इस अचानक हमले में भालू ने दो महिलाओं को बुरी तरह घायल कर दिया है। यहां सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक एक विशालकाय भालू बस्ती में दाखिल हो गया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, भालू ने सामने आईं दो महिलाओं पर हमला बोल दिया। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठियां लेकर दौड़े, जिसके बाद भालू वहां से भागा। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। वहीं घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। घटना के बाद से पूरे भडराना गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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शिक्षकों की मांगों के कारण गांव ने पहले दिन स्कूल बंद रखने का ऐलान

Bhandara, Maharashtra:शाळेला शिक्षकांच्या मागणी साठी शाळेच्या पहिल्याच दिवशी गावकरी करणार शाळा बंद आंदोलन... व जिल्ह्यातील जिल्हा परिषद शाळा शिक्षकानं अभावी बंद पडण्याच्या मार्गावर आहेत. आपली गावातील जिल्हा परिषद शाळा टिकली पाहिजे ग्रामीण भागतील गरीब मुलांना शिक्षण मिळाले पाहिजे या साठी जेवणाला ग्रामवासियानी गटविकास अधिकारी व गटशिक्षणाधिकारी लाखनी यांना निवेदन देत शिक्षकांची समस्या दूर करण्याची विनंती केली आहे. तर मागणी पूर्ण न झाल्यास शाळेच्या पहिल्या दिवशी शाळा बंद आंदोलन करण्यात येणार असल्याचा इशाराही यावेळी देण्यात आला.
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राजभर का आग उगलता बयान: ओबीसी-दलितों के हित के लिए अखिलेश से भिड़ंत

Noida, Uttar Pradesh:Om Prakash Rajbhar 12m प्रिय, 'राजा बाबू' उर्फ अखिलेश जी! इस समय कन्नौज की आपकी सांसद निधि का खर्च पूरे देश में चर्चा का विषय है। विकास के नाम पर आपको सिर्फ 'सपाई अब्दुल्लों का मोहल्ला' ही दिखा? उजाला सिर्फ इन्हीं की गलियों में करना है? जाटव, धानुक, धोबी, लोधी की गलियों को आपने 'चांद' के भरोसे छोड़ दिया। ये सब भी आपके ही लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं। वैसे इस मामले में आपका और आपकी पार्टी का पुराना रिकॉर्ड है। हक खा जाने का। सपा की वजह से ओबीसी आरक्षण को सिर्फ यादवों और मुस्लिमों ने खाया। जिसकी वजह से आज हमारे, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, फकीर, बंजारा समेत पूरा अति पिछड़ा और दलित समाज के बच्चे ईंट-गारा ढो रहे हैं, रिक्शा चला रहे हैं या ढाबों पर प्लेट धो रहे हैं। आपकी सपा सरकार के 13 सालों में हमारी दो-दो पीढ़ियां बर्बाद हुई हैं। आपकी सरकार ने हमें कमजोर किया, जिसका असर आपके मुस्लिम और यादव समीकरण में भी दिखता है। वही दबंगई, वही गुंडई, जो आपकी पार्टी और आपने सिखाई। हर जगह आपके गुंडे हमें मारते-पीटते हैं। मुरादाबाद और बांदा की हमारी बहनें वही झेल रही हैं। उनके साथ आपके अपने गुंडे 'बत्तमीजी' कर रहे हैं। धमकी दे रहे हैं। किसी को हिन्दू होने का दर्द झेलना पड़ रहा है तो किसी को गैर यादव ओबीसी यानी कुर्मी。 अखिलेश जी अगर कोई जाना चाहता है तो जाने दीजिए, कोई आपकी पार्टी छोड़ना चाहता है तो छोड़ने दीजिए。 डरा-धमकाकर कब तक किसी को रोक लेंगे? अखिलेश जी आपको दिक्कत ओम प्रकाश राजभर से है, परेशानी राजभर है तो राजभर से लड़ो न! जो करना है, मेरे साथ करो। गैर यादव ओबीसी और दलित जातियों के हित के लिए जान देने की नौबत आई तो ये ओम प्रकाश न झुकेगा और न ही रुकेगा。 हम अति पिछड़ों को पिटवाना और धमकाना बंद करो अखिलेश。 और गुंडई करने से आपकी पार्टी बचने वाली नहीं है, सपा टूट कर ही रहेगी। बचाना है तो पहले खुद में सुधार करिए। फिर अपनी पार्टी में। yadavakhilesh
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