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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow13 Jan 2025, 02:36 pm

वेंक्टेश्वरा संस्थान में लोहड़ी महोत्सव का भव्य आयोजन

Amroha, Uttar Pradesh:

सोमवार को वेंक्टेश्वरा संस्थान के ध्यानचंद खेल परिसर में लोहड़ी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी और डॉ. मधु चतुर्वेदी ने सरस्वती मां की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सभी ने गुड़, पके चावल, तिल, मक्का और गजक अग्नि को अर्पित करते हुए अग्नि शिखा की परिक्रमा की। डॉ. सुधीर गिरि ने लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए इसे सर्वधर्म का त्योहार बताया। डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति और नैतिक मूल्यों को पूरी दुनिया मानती है।

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विजयदशमी पर गांधी मैदान में रावण दहन, शोभायात्रा और डमरू कलाकारों का जलवा

Gaya, Bihar:असत्य पर सत्य के विजय का पर्व विजयदशमी के शुभ अवसर पर किया गया रावण दहन का कार्यक्रम गया शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विगत 1957 से असत्य पर सत्य का महापर्व विजयदशमी के मौके पर श्री दशहरा कमिटी के द्वारा रावण दहन का कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित किया जाता है। वहीं इस मौके पर राम लक्ष्मण का भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है जो शहर के प्रमुख मार्ग से होते हुए गांधी मैदान के कार्यक्रम स्थल पर आगमन होता है वहीं इस शोभायात्रा कार्यक्रम में वाराणसी से डमरू कलाकारों का भी प्रदर्शन किया गया है। वहीं वाराणसी से आए कलाकारों के द्वारा डमरू से गुलाल की बारिश को देखकर पूरा कार्यक्रम स्थल राममय भक्ति में सबौर हो गए। वहीं आयोजित कार्यक्रम में 60 फीट के रावण, 55 फीट का मेघनाथ, 50 फीट के कुम्भकर्ण का पुतला दहन किया गया है। वहीं भगवान राम ने जैसे ही रावण के नाभिकुंड में तीर मारा तो रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। भगवान श्रीराम ने जैसे ही रावण के पुतला में आग लगाई पूरा गांधी मैदान जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।
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बेगूसराय में शब्बीर कुमार का गर्मजोशी से स्वागत, नो कमेंट्स पर चर्चा

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर , बेगूसराय में बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक शब्बीर कुमार पहुंचे, जहां मोहम्मदयपुर स्थित एक निजी शोरूम में उनका जोरदार स्वागत किया गया। शोरूम के मालिक संजय हिसारिया ने उन्हें चादर और बुके भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान शब्बीर कुमार ने बेगूसराय के लोगों की जमकर तारीफ की और कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपना मशहूर गीत ‘तुमसे मिलकर न जाने क्यों… गुनगुनाकर पुरानी यादें ताजा कर दीं। उन्होंने यह भी कहा कि बेगूसराय में कार्यक्रम आयोजित होगा और उन्हें बुलाया जाएगा, तो वह जरूर आएंगे। हालांकि, जब उनसे बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले से जुड़े मामले को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और बार-बार ‘नो कमेंट्स’ कहते नजर आए। आपको बताते चले कि बेगूसराय में बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक शब्बीर कुमार के पहुंचते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मंगलवार को मोहम्मदपुर स्थित एक निजी शोरूम में शोरूम के मालिक संजय हिसारिया ने उन्हें चादर और बुके भेंट कर सम्मानित किया।इस दौरान शब्बीर कुमार ने बेगूसराय पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यहां के लोग बेहद अच्छे हैं और उन्हें बेगूसराय आकर काफी खुशी महसूस हो रही है।मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने पुराने मशहूर गीत ‘तुमसे मिलकर न जाने क्यों और भी कुछ याद आता है…’ की कुछ पंक्तियां गुनगुनाईं। उनके गीत ने वहां मौजूद लोगों को पुरानी यादों से जोड़ दिया।शब्बीर कुमार ने कहा कि अगर बेगूसराय में कोई कार्यक्रम आयोजित होता है और उन्हें आमंत्रित किया जाता है, तो वह जरूर आएंगे। इसके बाद वह भागलपुर जिले के कल्याणपुर में आयोजित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।वहीं, इस मुलाकात के दौरान जब मीडिया ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले से जुड़े मामले को लेकर उनसे सवाल किया, तो शब्बीर कुमार ने इस पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। सवाल पूछे जाने पर वह बार-बार ‘नो कमेंट्स, नो कमेंट्स’ कहते नजर आए।फिलहाल, शब्बीर कुमार का बेगूसराय दौरा और उनके पुराने गीतों की प्रस्तुति चर्चा का विषय बनी रही।बाइट शब्बीर कुमार बॉलीवुड अभिनेता बाइट संजय हिसारिया
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चंदौली के कंपोजिट विद्यालय में चोरी, दो गैस सिलेंडर समेत 15 हजार का नुकसान

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग : चंदौली.... - कंपोजिट विद्यालय में चोरी कि घटना आई सामने चोरों ने ऑफिस और किचन का ताला तोड़कर सामान किया पार。 - बिजली के केबल काटकर वारदात को दिया अंजाम, दो गैस सिलेंडर, चूल्हा, बर्तन और खाद्यान्न चोरी。 - एक बोरा चावल, एक बोरा गेहूं, पंखा और बच्चों के खेलकूद का सामान भी ले गए चोर。 - प्रधानाध्यापक के मुताबिक, चोरी गए सामान की कीमत करीब 15 से 20 हजार रुपये。 - विद्यालय में पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, प्रधानाध्यापक ने इसे तीसरी वारदात बताया。 - सूचना पर 112 पुलिस पहुंची, विद्यालय प्रबंधन ने कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की。 - प्रधानाध्यापक ने बताया कि चारदीवारी खुली होने से विद्यालय परिसर असुरक्षित है, यहाँ जुआ खेलने की भी मिलती है शिकायत - सैयदराजा थाना क्षेत्र के फेसड़ा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय का मामला。
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राम जन्मभूमि में विजयादशमी पर महाभिषेक, शस्त्र पूजा और 56 भोग कन्या पूजन

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, उत्तर प्रदेश: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में शारदीय नवरात्रि के समापन के मौके पर विजयादशमी खास धार्मिक रस्मों के साथ मनाई गई। इस मौके पर श्री राम लल्ला का महाभिषेक, शस्त्र पूजा (हथियार पूजा), एक खास छप्पन भोग और एक नई शुरू की गई कन्या पूजन रस्म हुई। शुभकामनाएं सुबह-सुबह गर्भगृह में श्री राम लल्ला विराजमान के महाभिषेक के साथ शुरू हुईं। भगवान को पारंपरिक धार्मिक रस्मों के अनुसार दूध, दही, घी, चीनी और नारियल पानी से नहलाया गया। शास्त्रों के अनुसार शस्त्र पूजा (हथियार पूजा) की गई, जबकि परिसर के अंदर दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के पवित्र हथियारों की अलग से पूजा की गई। दोपहर के राजभोग के दौरान श्री राम लल्ला को 56 तरह के प्रसाद वाला एक खास छप्पन भोग चढ़ाया गया।
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विटा की पालखी शर्यत: मूळस्थान की पालखी ने जीत दर्ज की, लाखों भक्त मौजूद

Sangli, Maharashtra:विटा में पालखी शर्यत सोहळा लाखों भाविकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ; पालखी शर्यती में मूळस्थान की पालखी ने बाजी मारी. विजयीदशमी के अवसर पर सांगली की विटा में ऐतिहासिक पालखी शर्यत सोहळा बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ. दीड सौ वर्ष पुरानी परंपरा वाली इस पालखी शर्यत में विटा के श्री रेवणसिध्द देव और मूळस्थान के श्री रेवणसिध्द देव की पालखियों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई. मूळस्थान की पालखी ने निर्णायक क्षण में आगे बढ़कर शर्यत जिंक ली. रेवणसिध्द के नाम की ढोल-गणों की गूंज से पुरे विटा शहर में उत्साह छा गया; देशभर से लाखों भक्त साक्षी बने. पालखी शर्यत के दौरान विटा शहर और पालखी मार्ग पर पुलिस के व्यापक बंदोबस्त की व्यवस्था भी तैनात थी.
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अकोला के सांगोला में रावण पूजा: विजयादशमी पर अनोखी परंपरा ने सबका ध्यान खींचा

Akola, Maharashtra:एकीकडे विजयादशमीच्या दिवशी देशभरात रावणाच्या पुतळ्याचे दहन केले जात असताना, दुसरीकडे अकोला जिल्ह्यातील सांगोळा गावात मात्र रावणाची पूजा केली जाते. या गावात रावणाच्या मूर्तीची पूजा करण्याची परंपरा सुमारे साडेतीनशे वर्षांपासून सुरू असल्याचे सांगितले जाते. सुमारे साडेतीनशे वर्षांपूर्वी या गावात एक ऋषीमुनी वास्तव्यास होते. गावातील वडाच्या झाडाखाली बसून ते तपस्या करत असत. त्यांच्या निधनानंतर गावकऱ्यांनी त्यांच्या स्मृती जतन करण्यासाठी वडाच्या झाडाखाली बसलेल्या ऋषीमुनींची मूर्ती तयार करण्याचे ठरवले. त्यासाठी एका मूर्तिकाराला मूर्ती बनवण्याची जबाबदारी देण्यात आली. मात्र, गावकऱ्यांनी ऋषीमुनींच्या मूर्तीसाठी सांगितले असताना मूर्तिकाराने चक्क रावणाची मूर्ति तयार केली. त्यानंतर गावकऱ्यांनीही जे घडले ते स्वीकारत या मूर्तीची गावात स्थापना केली. तेव्हापासून सांगोळा गावात रावणाच्या या मूर्तीची नियमित पूजा केली जात असल्याचे सांगितले जाते. आजही दसऱ्याच्या दिवशी देशभरात रावणदहनाची परंपरा पाळली जात असताना, सांगोळा गावात मात्र रावणाची पूजा करून ही ऐतिहासिक परंपरा जपली जाते. त्यामुळे रावणाच्या दहनाऐवजी त्याची पूजा करणारे सांगोळा गाव विजयादशमीच्या दिवशी आपल्या अनोख्या परंपरेमुळे चर्चेत येते.
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अकोले दशहरे में आपटा-शमी के पेड़ सोने-चांदी के प्रतीक, पूजन के साथ सामाजिक रंग

Akola, Maharashtra:दसरा सण हा परंपरेने सोनं-चांदी वाटपाचा आणि सत्याच्या विजयाचा दिवस मानला जातो. या दिवशी आपट्याची आणि शमीची पाने सोनं-चांदीप्रमाणे वाटली जातात. अकोल्यातील म्हैसपूर येथील गोरक्षण संस्थेत असलेल्या या दोन्ही झाडांना विशेष महत्त्व आहे.दरवर्षी दसऱ्याच्या दिवशी शेकडो भाविक येथे येऊन आपटा आणि शमीच्या झाडांची विधीवत पूजा करतात. या झाडांना ‘सोन्याचं आणि चांदीचं झाड’ असेही संबोधले जाते. पूजा संपल्यानंतर सीमा उल्लंघन करण्याची पारंपरिक प्रथा पाळली जाते.भाविक या वेळी वडील मंडळींचा आशीर्वाद घेतात आणि एकमेकांना आपट्याची व शमीची पाने देऊन ‘सोनं’ वाटल्याचा शुभसंकेत मानला जातो. या सोहळ्याने अकोल्यातल्या दसरा उत्सवाला धार्मिक आणि सामाजिक रंग प्राप्त होतो.
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विजयादशमी पर विठोबाला की सोने की पगड़ी और आभूषणों का ऐतिहासिक शो

Pandharpur, Maharashtra:विजयादशमी निमित्ताने विठोबाला सोन्याची पगडी आणि सोन्याचे पितांबर रुक्मिणीला पारंपारिक सोन्याच्या साडीवर मौल्यवान अलंकार साज श्री विठ्ठलास सोन्याची पगडी, कौस्तुभ मणी, दंडपेट्या जोड, हिऱ्याचे कंगनजोड, नामनिळाचा, नवरत्नाचा हार, मोरमंडळी, मोत्याचा तुरा, चांodiची काठी, सोन्याचे घोंगडे, सोन्याचे पितांबर, मोत्याची कंठी, हिऱ्याचे पैंजण तोडे, जवेची माळ, तुळशीची माळ, मोहरांची माळ, पुतळ्यांची माळ, मोठी बोरमाळ इ. अलंकार परिधान करण्यात आलेली आहेत. रुक्मिणी मातेस जडावाचे मुकुट, जडावाचे बाजूबंद, खड्यांची वेणी, चिंचपेटी हिरवी, हातसर जोड, पाण्याडयाचा हार, तनमणी मोठा, कोल्हापुरी साज, दशावतारी साज, सोन्याची साडी, ठुशी, मास पट्टा, शिंदे हार, जडावाचे ताणवड, चंद्र, सूर्य, बाजीराव गरसोळी, पेठयांची बिंदी, खड्यांच्या पाटल्या, मोत्याचे बाजूबंद, मत्स्य, रूळ जोड, पैंजण जोड, मोठी नथ, कर्णफुले, सोन्याचा करंडा, छत्रछामर, तोडे जोड, तारा मंडळ, चंद्रहार इत्यादि अलंकार परिधान करण्यात आलेले आहेत.
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20 साल के युवक की सड़क हादसे में मौत, शादी कार्ड बांटते दुखद खबर

Gurdaspur, Punjab:ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦੇ ਵਿਆਹ ਦਾ ਕਾਰਡ ਵੰਡਣ ਆਏ 20 ਸਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ’ਚ ਮੌਤ, ਪਰਿਵਾਰ ’ਤੇ ਟੁੱਟਿਆ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਪਹਾੜ ਰਿਪੋਰਟਰ ਐਂਕਰ.. ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭਰਥ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ 20 ਸਾਲ ਗੁਰਸੇਵਕ ਸਿੰਘ ਕੁਝ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿਤਾ ਦੀ ਹੋਈ ਸੀ ਮੌਤ, ਦੋ ਭੈਣਾਂ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਭਰਾ ਸੀ ਮ੍ਰਿਤਕ; ਅਗਲੇ ਮਹੀਨੇ ਸੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦਾ ਵਿਆਹ ਦੁਸਹਿਰੇ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਇਤਿਹਾਸਕ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਟਾਹਲੀ ਸਾਹਿਬ ਕੋਰੀਡੋਰ ਮਾਰਗ ’ਤੇ ਪਿੰਡ ਠੁੰਡੀ ਨੇੜੇ ਵਾਪਰੇ ਇੱਕ ਭਿਆਨਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ 20 ਸਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਦਰਦਨਾਕ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਮਿਲਦਿਆਂ ਹੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸੋਗ ਦੀ ਲਹਿਰ ਦੌੜ ਗਈ। ਸਭ ਤੋਂ ਦੁਖਦਾਈ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਆਪਣੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦੇ ਅਗਲੇ ਮਹੀਨੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਵਿਆਹ ਲਈ ਕਾਰਡ ਵੰਡਣ ਵਾਸਤੇ ਆਪਣੀ ਭੂਆ ਦੇ ਘਰ ਆਇਆ ਹੋਇਆ ਸੀ。 ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੌਜਵਾਨ ਬਹਿਰਾਮਪੁਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭਰਥ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲਾ ਸੀ। ਉਹ ਆਪਣੀ ਭੂਆ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਠੂੰਡੀ ਛੱਡਣ ਅਤੇ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦੇ ਵਿਆਹ ਦਾ ਕਾਰਡ ਦੇਣ ਲਈ ਆਇਆ ਸੀ। ਸਵੇਰੇ ਜਦੋਂ ਉਹ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਵਾਪਸ ਆਪਣੇ ਘਰ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤਾਂ ਠੂੰਡੀ-ਤਾਜਪੁਰ ਰੋਡ ’ਤੇ ਇੱਕ ਤਿੱਖੇ ਮੋੜ ਨੇੜੇ ਤੇਜ਼ ਰਫ਼ਤਾਰ ਸਕਾਰਪੀਓ ਗੱਡੀ ਨਾਲ ਉਸ ਦੀ ਟੱਕਰ ਹੋ ਗਈ。 ਟੱਕਰ ਇੰਨੀ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਸੀ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨ ਕਈ ਫੁੱਟ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਉਛਲ ਕੇ ਸੜਕ ’ਤੇ ਜਾ ਡਿੱਗਿਆ ਅਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸੱਟਾਂ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਹਾਦਸੇ ਦੀ ਭਿਆਨਕਤਾ ਨੇ ਹਰ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਝੰਜੋੜ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ。 ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੋ ਭੈਣਾਂ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਭਰਾ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦਾ ਵਿਆਹ ਅਗਲੇ ਮਹੀਨੇ ਹੋਣਾ ਸੀ। ਘਰ ਵਿੱਚ ਵਿਆਹ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਚੱਲ ਰਹੀਆਂ ਸਨ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਪਰ ਇਸ ਹਾਦਸੇ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਤਮ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਦਿੱਤਾ。 ਪਰਿਵਾਰ ’ਤੇ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਪਹਾੜ ਉਸ ਸਮੇਂ ਹੀ ਟੁੱਟ ਪਿਆ ਸੀ ਜਦੋਂ ਕੁਝ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਸੀ। ਹੁਣ ਘਰ ਦੇ ਇਕਲੌਤੇ ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਮੌਤ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੋੜ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਭਰਾ ਨੇ ਆਪਣੀ ਭੈਣ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿੱਚ ਖੁਸ਼ੀਆਂ sਾਂਝੀਆਂ ਕਰਨੀਆਂ sਨ, ਉਹ ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਅਲਵਿਦਾ ਕਹਿ ਗਿਆ。 ਇਸ ਦਰਦਨਾਕ ਹਾਦਸੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸੋਗ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਹੈ। ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਤੇਜ਼ ਰਫ਼ਤਾਰ ਵਾਹਨਾਂ ’ਤੇ ਕਾਬੂ ਪਾਉਣ ਅਤੇ ਸੜਕਾਂ ’ਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਬੰਧ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ’ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਬਾਈਟਾ... ਜਾਂਚ ਅਧਿਕਰੀ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ
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दशहरे पर बच्चों ने रावण पुतला बनाकर अच्छाई की जीत का संदेश दिया

Patran, Punjab:शहर में दशहरा पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। वहां दशहरा के अवसर पर छोटे बच्चों में उत्साह देखा गया। उमिका, उदीश और लाभ ने भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी रामायण कथा से प्रेरित होकर तीन दिन की मेहनत से रावण का पुतला तैयार किया। इसके बाद बच्चों ने पुतले को अग्नि के हवाले कर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया। बच्चों की इस पहल ने दशहरा पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया। दशहरा पर्व हमें यह संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध इसी सत्य का प्रतीक है। शहर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित दशहरा कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बुराइयों का त्याग कर समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया।
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हुषियारपुर में दशहरे पर नेकी की जीत का उत्सव धूमधाम से मनाया गया

Hoshiarpur, Punjab:ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ’ਚ ਬਦੀ ’ਤੇ ਨੇਕੀ ਦੀ ਜਿੱਤ ਦੇ ਪ੍ਰતીਕ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਧੂਮਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ’ਚ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਕੀਤੀ ਸ਼ਿਰਕਤ -ਅੱਜ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ’ਚ ਬਦੀ ’ਤੇ ਨੇਕੀ ਦੀ ਜਿੱਤ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਬੜੀ ਧੂਮ-ਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਲੀਲ੍ਹਾ ਕਮੇਟੀ ਵਲੋਂ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੋਪੀ ਚੰਦ ਕਪੂਰ ਤੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਸ਼ਿਵ ਸੂਦ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ’ਚ ਸਥਾਨਕ ਰਾਮ ਲੀਲ੍ਹਾ ਗਰਾਊਂਡ ’ਚ ਮਨਾਏ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਮੌਕੇ ਰਾਵਣ, ਮੇਘਨਾਥ ਅਤੇ ਕੁੰਭਕਰਨ ਦੇ ਪੁਤਲਿਆਂ ਨੂੰ ਅੱਗ ਲਗਾਈ ਗਈ। ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ’ਚ ਪੁੱਜੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਦੀ ਅਲੌਕਿਕ ਲੀਲ੍ਹਾ ਦਾ ਭਰਪੂਰ ਆਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਵਿਧਾਇਕ ਬ੍ਰਹਮ ਸ਼ੰਕਰ ਜਿੰਪਾ, ਸਾਬਕਾ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਤੀਕਸ਼ਣ ਸੂਦ, ਸਾਬਕਾ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸੁੰਦਰ ਸ਼ਾਮ ਅਰੋ੝ਾ, ਸਾਬਕਾ ਸਾਂਸਦ ਅਵਿਨਾਸ਼ ਰਾਏ ਖੰਨਾ, , ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਆਸ਼ਿਕਾ ਜੈਨ, ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੁਲਿਸ ਮੁਖੀ ਸੰਦੀਪ ਕੁਮਾਰ ਮਲਿਕ, ਆਦਿ ਸਮੇਤ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ’ਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਾਜਸੀ, ਧਾਰਮਿਕ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਆਗੂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੋਪੀ ਚੰਦ ਕਪੂਰ ਨੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਜੀ ਆਇਆਂ ਆਖਿਆ ਅਤੇ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਦੁਸਹਿਰੇ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 3 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਸ਼ਾਮ 7 ਵਜੇ ਭਾਰਤ ਮਿਲਾਪ ਦਾ ਮੰਚਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਆਕਰਸ਼ਕ ਆਤਿਸ਼ਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。 Byte ਵਿਧਾਇਕ ਬ੍ਰਹਮ ਸ਼ੰਕਰ ਜਿੰਪਾ ਵਾਈਟ ਸਾਬਕਾ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸੁੰਦਰ ਸ਼ਾਮ ਅਰੋੜਾ ਵਾਈਟ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਆਸ਼ਿਕਾ ਜੈਨ,
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साकेत में रावण दहन: भीड़ के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का उल्लास

New Delhi, Delhi:एंकर साकेत में मनाया गया रावण दहन जिसमें भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली लोकेशन साउथ दिल्ली साकेत विजुअल रावण दहन के पब्लिक के मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार रावण दहन के दिन लोगों के दिमाग में एक ही बात चलती है बुराई पर अच्छाई की जीत जिसको लेकर आज के दिन रावण दहन किया जाता है राम द्वारा जिसको लेकर एक रावण बन जाता है और उसके बाद राम द्वारा उसमें तीर मारा जाता है और आग लगते ही रावण फटने लगता है इसको देखने के लिए लोगों में काफी खुशी रहती है और लोग बात भारी संख्या में बढ़-चढ़कर रावण दहन प्रोग्राम में पहुंचते हैं
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दशहरा मेले में रावण-दहन के बीच धनखड़ ने राम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया

Jhajjar, Haryana:धूं-धूं कर जले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले, ओमप्रकाश धनखड़ ने दिया राम के आदर्शों पर चलने का संदेश दशहरा मेले में उमड़ी भारी भीड़, भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर किया बुराई के प्रतीक पुतलों का दहन दशहरा पर्व पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले धूं-धूं कर जल उठे। झज्जर बहादुरगढ़ रोड पर मंगलवार को दशहरा उत्सव बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर बुराई के प्रतीक पुतलों का दहन किया। दशहरा मेले में भारी संख्या में लोग पहुंचे और बुराई पर अच्छाई کی जीत के प्रतीक इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में रामायण और राम के आदर्शों का प्रभाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड में भी रामायण की परंपरा है और बाली में प्रतिदिन रामायण का मंचन किया जाता है। उन्होंने अयोध्या में कोरिया की रानी से जुड़े स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की संस्कृति और परंपराओं का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देता है। धनखड़ ने कहा कि जिसने भगवान श्रीराम के जीवन को पढ़ा और समझा, उसने रामायण के संदेश को आत्मसात किया और उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि दशहरा पर्व को केवल पुतला दहन तक सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन से बुराइयों को दूर करने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छाई, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना ही दशहरा पर्व का वास्तविक संदेश है।
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कुरुक्षेत्र में दशहरा उत्सव: रावण के पुतलों का दहन, सत्य की जीत का संदेश

Kurukshetra, Haryana:धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया दशहरा पर्व, रावण-मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का हुआ दहन,धु धु कर जले पुतले आज विजयदशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान दशहरा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और लोगों ने असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया। कुरूक्षेत्र की केशव पार्क दशहरा पर्व पर पहुंची मुख्य्मंत्री नायब सिंह सैनी की धर्मपत्नी सुमन सैनी साथ मे पूर्व मंत्री सुभाष सुधा रहे विजयीदशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत हमेशा अच्छाई और सत्य की ही होती है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके अधर्म और अहंकार का अंत किया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कुरुक्षेत्र में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया दशहरा पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। यह त्योहार हमें अपने जीवन से बुराइयों, अहंकार और अन्याय को समाप्त कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
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