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बल्लभगढ़ में कुट्टू आटे के सैंपल, मिलावट की अटकलबाजी के बीच जांच शुरू

Faridabad, Haryana:नवरात्रों में कुट्टू के आटे की शिकायत पर कार्रवाई, बल्लभगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए सैंपल. फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में त्योहारों के सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट नजर आ रहा है. नवरात्रों के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू के आटे को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में सैंपलिंग की कार्रवाई की गई है. बल्लभगढ़ की तिगांव रोड स्थित बजरंग मसाला स्टोर पर सीएम फ्लाइंग की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची और कुट्टू के आटे के सैंपल लिए. इस दौरान दुकान में रखे अन्य मसालों की भी जांच की गई. अब सवाल यह है कि सैंपल की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की कार्रवाई क्या रहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है. इसी कड़ी में बल्लभगढ़ की तिगांव रोड स्थित बजरंग मसाला स्टोर पर सीएम फ्लायिंग की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने दुकान से कुट्टू के आटे के सैंपल लिए. इसके साथ ही दुकान के अंदर रखे अन्य मसालों की भी जांच की गई, ताकि उनकी गुणवत्ता का जायजा लिया जा सके हालांकि, कुट्टू के आटे या अन्य मसालों में मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल सैंपलिंग की कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा. गौरतलब है कि त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है. ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए. अब देखना होगा कि बजरंग मसाला स्टोर से लिए गए कुट्टू के आटे के सैंपল की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है. बाइट :- इंद्रपाल इंस्पेक्टर फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट.
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बीसलपुर पानी में एल्यूमिनियम अधिक, स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-बीसलपुर के पानी को लेकर एक रिपोर्ट में चौकाने वाली खुलासा हुआ है.एक रिपोर्ट में सामने आया है कि बीसलपुर के पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा है.दूसरी तरफ डाक्टर्स का कहना है कि यदि पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा ज्यादा है तो ये सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकता है. तय मानकों से ज्यादा एल्युमिनियम- केंद्र सरकार के वैज्ञानिक-औद्योगिक अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाली NEERI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है.National Environmental Engineering Research Institute की रिपोर्ट में बीसलपुर के पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा बताई है.NIरी की बीसलपुर बांध के पानी से 3 सैंपल लिए,जिसमें से 2 में एल्युमिनियम की मात्रा तय मानकों से ज्यादा है.पानी में एल्यूमिनियम की अधिकतम मात्रा 0.2मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक (Mg) होनी चाहिए.दूसरी तरफ पानी में एल्गी की मौजूदगी को लेकर भी नीरी ने चिंता जताई है.बीसलपुर जयपुर समेत 4 जिलों की प्यास बुझाता है.जलदाय विभाग ने पानी के बदलते रंग को लेकर नीरी जांच करवाई थी,जिसमें ये चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है.जिसके बाद अब पानी की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठ रहे है.एडिशनल चीफ इंजीनियर अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि टीम ने कई जगह से सैंपल लिए है,लेकिन ये पानी आगे जाकर मिक्स हो जाता है.जहां एल्यूमिनियम की मात्रा ठीक हो जाती है. एल्युमिनियम के ये 3 सैंपल सैंपल ...... Mg .......मात्रा सैंपल 1..... 0.111Mg ......तय सीमा सैंपल 2..... 0.234Mg ......तय सीमा से ज्यादा सैंपल 3..... 0.247Mg.......तय सीमा से ज्यादा एल्यूमिनियम ज्यादा होने के दुष्प्रभाव- पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा होने से हमारी सेहत पर बुरा असर पडता है.वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ यशवंत कुमार वर्मा का कहना है कि पानी में कई ऐसे पोषक तत्व होते है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होते है और नुकसानदायक भी.पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा होने से लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से याददाश्त कमजोर होना,अल्जाइमर रोग का जोखिम काफी बढ़ जाता है.किडनी पर बुरा प्रभाव पडता है.हड्डियों की कमजोरी,पाचन तंत्र में गड़बड़ी होती है. कब कब हुई पीली पानी की सप्लाई- पहली बार बीसलपुर बांध के पीली पानी की सप्लाई 2017 में हुई.जब सरकार और इंजीनियर्स को हैरानी हुई कि पूरे शहर में पानी की सप्लाई पीली कैसे हो गई.इसके बाद 2022 में फिर से पीली पानी की सप्लाई हुई तो हचलच तेज हुई.तब भी विभाग ने केमिस्ट से स्टडी तो करवाई,लेकिन लगाम नहीं लग पाई.इसके 4 वर्ष बाद इसी साल 2026 में फिर पीली पानी की सप्लाई हुई तो जयपुर के साथ साथ इंजीनियर्स की बेचैनी बढ़ गई.पीएचईड के केमिस्ट की हर बार की स्टडी में यही पाया कि मौसम की उथल पुथल के कारण ऐसा हुआ.सैंपल लिए गए,जिसमें पानी शुद्ध पाया गया. नीरी ने दी गुणवत्ता सुधारने की सलाह- बीसलपुर के पानी को लेकर NEERI ने कई अहम सुझाव दिए है.PAC की डोज जार टेस्ट के आधार पर तय करने की सिफारिश की.पानी में एल्युमिनियम की मात्रा नियंत्रित करने पर जोर,प्री-क्लोरीनेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाने का सुझाव दिया.फिल्टर और क्लेरिफायर का नियमित रखरखाव,फिल्टर की समय पर बैकवॉशिंग करने की सलाह दी.जलाशय में एल्गी की निगरानी और प्रदूषण को नियंत्रित करने की सिफारिश की है.pH, गंदलेपन और क्लोरीन की रियल-टाइम निगरानी होनी चाहिए.एसीई अजय सिंह राठौड़ ने दावा किया है कि ये सभी काम पीएचईडी कर रहा है.यदि अचानक से पानी पीला आ आए तो इससे पहले क्या उपाय किए जा सकते है,इस पर विभाग ने नीरी को पत्र लिखा है. बीसलपुर प्रोजेक्ट के पानी का लेखा-जोखा- बीसलपुर का पानी जयपुर,अजमेर,टोंक और सवाई माधोपुर में सप्लाई होती है.बीसलपुर 14 कस्बे और 3310 गांवों की प्यास बुझा रहा है.जिसमें TM 1 सांभर में 61.34MLD,TM 2 चाकसू में 57.61 MLD,जयपुर में 535 MLD,बगरू 1.1 MLD,टोंक-उनियारा में 63.65 MLD,अजमेर में 333 MLD पानी की सप्लाई होती है.लेकिन नीरी ने पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े किए है.
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अमेठी में एक दिन की उपजिलाधिकारी अंशिका ने मौके पर 3 मामलों का निस्तारण किया

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - मिशन शक्ति के तहत एक दिन की उपजिलाधिकारी गौरीगंज बनी अंशिका, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा है अंशिका, उपजिलाधिकारी अंशिक ने उपजिलाधिकारी कार्यालय में सुनी जनसमस्याएं, जनसमस्याओं के दौरान सबसे ज्यादा भूमि सम्बन्धी व पति पत्नी के विवाद के मामले आये सामने एक दिन की उपजिलाधिकारी बनी अंशिका ने 3 मामलों का मौके पर निस्तारण करते हुए पुलिस को सौंपी जांच, वहीं एक दिन की उपजिलाधिकारी अंशिका ने गौरीगंज एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के साथ न्यायालय में बैठ कर लोगों की समस्याओं को भी समझा,
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योगी सरकार ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में ग्राम प्रहरियों के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि और पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा से संबंधित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इस दौरान सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मान-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल और पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नटराज बहुउद्देशीय हॉल में ग्राम प्रहरियों के सम्मान को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा से संबंधित सजीव प्रसारण दिखाया गया, ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन को स्थानीय सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मान-चिह्न देकर उनके योगदान को सराहा गया।
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हुगली में तृणमूल 15 साल सत्ता के बाद भी जिला कार्यालय नहीं बना

Chinsurah, West Bengal:একটা দল তৃনমূল পনেরো বছর ক্ষমতায় ছিলো।জেলায় একটাও অফিস করতে পারেনি,পাড্যেনে সরকার তৈরী হতেই জেলায় জেলায় দোতলা অফিস তৈরীর ভীত পুজো করল বিজেপি。 শুরুটা যদিও হয়েছিলো ২০১৮ সালে।তৃনমূলের সাত বছর শাসন কাল।বিজেপির উত্থানের সূচনা।২০১৬ সালে বিরাট সংখ্যা গরিষ্ঠতা নিয়ে তৈরী হয় তৃনমূল সরকার।২০১৮ সালে পনেথােদেনাা নে বিডাপেনের মুুুুনা.বিরোধীদের মারধোর,জোর করে মনোনয়নই বাধা,মনোনয়ন প্রত্যাহার থেকে ভোট গণনার দিনে জোর করে বিরোধীদের মেরেধরে বের করে দেওয়া。 তার ফল ২০১৯ সালে লোকসভা ভোট।১৮ টা লোকসভা আসন জিতে বিজেপি জানান দিলো তৃনমূলের সময় শেষ হয়ে আসছে。 ২০২১ সালে বিধানসভা ভোট বিজেপি স্লোগান ছিলো আপকি বার দোশো পার।যদিও একশোর আগেই আটকে যায় বিজেপি।আবার বিপুল সংখ্যা গরিষ্ঠতা পেলো তৃনমূল।আর তার ফল হল লাগামছারা দূর্নীতি。 যে বিজেপির সাংগঠনিক নিয়ে এখনো প্রশ্ন উঠতে পারে।এসআইআর পর্ব থেকে নির্বাচনে সব বুথে এজেন্ট দিতে না পার।তা সত্ত্বেও বিজেপি জেলা জেলায় সংগঠন মজবুত করতে জেলা সাংগঠনিক অফিসের পাশাপাশি জেলা সদরে একটা করে মূল কার্যালয় তৈরীর সিদ্ধান্ত নেয়。 তার জন্য জমি কিনে অস্থায়ী ভাবে তৈরী হয় পার্টি অফিস。 সরকার তৈরী হলে পাকাপাকি ভাবে হবে অফিস।যেখান থেকে জেলার সংগঠনের কাজ চলবে。 পনেরো বছর ক্ষমতায় থেকেও হুগলি একটা জেলা পার্টি অফিস তৈরী করতে পারেনি তৃনমূল।বামেরা ৩৪ বছরে অনেক অফিস করেছে।সাংগঠনিক দল হিসেবে এই মরা বাজারে এখনো সিপিএম অন্য দlলকে গোল দেবে。 বিজেপি ছিলো না তখন সিপিএম কে দেখেও শেখেনি তৃনমূল。 তৃণমূলের যখন যে জেলা সভাপতি হয়েছে তার বাড়ি বা অফিস হয়েছে জেলা অফিস।তৃণমূল কর্মিরা আক্রান্ত হলে তাদের দেখার কেউ নেই সব ছন্ন ছাড়া।আর সরকার চলে যাওয়ার পর তো দলটাই ভেঙে প্রতিক হারিয়ে অস্তিত্ব সংকটে ভুগছে。 হুগলি জেলা বিজেপি অফিসের ভূমি পুজা হল চুঁচুড়া তিন নম্বর গেটে। যেখানে উপস্থিত ছিলেন বিজেপি রাজ্য সাধারন সম্পাদক সংগঠন অমিতাভ চক্রবর্তী,সহ সভাপতি মনোজ পান্ডে,হুগলি জেলা সভাপতি গৌতম চট্টোপাধ্যায়,বিধায়ক স্বরাজ ঘোষ,তুষার মজুমদার,সুবীর নাগ সহ বিজেপি নেতৃত্ব。 মনোজ পান্ডে বলেন,আমরা যখন বিরোধী ছিলাম কর্মিরা আক্রান্ত হয়েছে।তারা ঘর ছাড়া হয়েছেন। তখন এই অস্থায়ী অফিসে তাদের রাখা হয়েছে। নতুন কোন পরিকল্পনা নয়।অনেকদিন আগে থেকেই আমাদের এই পরিকল্পনা করা হয়েছে।নতুন করে ভবন তৈরি করা হবে।আজকে একসঙ্গে ৯ জায়গায় হচ্ছে।হুগলিতে হচ্ছে।দোতলা ভবন করার জন্য প্ল্যান তৈরি হয়েছে।জেলা সভাপতির ঘর থাকবে অফিস আলাদা থাকবে।বাইরে থেকে যে সমস্ত কর্মীরা আসবে তাদের বসার জায়গা থাকবে এবং মিটিং হল থাকবে।আইটি ইউনিট সোশ্যাল মিডিয়া ইউনিট রান্নার জায়গা সবই থাকবে。 একটা রাজনৈতিক দলের জেলা কার্যালয় যদি না থাকে তাহলে কর্মসূচি চালাবে কি করে।জেলা সংগঠন চালানোর জন্য একটা জেলা কার্যালয়ের প্রয়োজন হয়।দল এখন ক্ষমতা এসেছে।পার্টির কর্মি সংখা অনেক বেড়েছে।সেই কারণে অনেক জায়গার প্রয়োজন হচ্ছে।সেই কারণেই নতুন ভবন তৈরি পরিকল্পনা করা হয়েছে।সেই পরিকল্পনার বাস্তবায়িত হচ্ছে。 তৃণমূল তো কোনো রাজনৈতিক দল ছিল না। ওটা প্রাইভেট লিমিটেড কোম্পানি ছিল।সরকার থেকে চলে গেল পাঁচ টুকরো হয়ে নাম নিশান মিটে গেল。 গৌতম চট্টোপাধ্যায় বলেন,এরপর জমি কিনে মন্ডল অফিসও হবে। আমাদের ভিশন ৫০ বছর সরকারে থাকা।তার জন্য সংগঠন আরো মজবুত করতে হবে।দলীয় অফিস থেকে সেই সংগঠন চলবে।।。
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जांगिपाड़ा में तृणमूल नेता के साथ डिम थेरपी, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा

Chinsurah, West Bengal:জাঙ্গীপাড়ায় তৃণমূল নেতাকে ডিম থেরাপি,কোমরে দড়ি বেঁধে ঘোরানো হল। হুগলির জাঙ্গিপাড়া বিধানসভার রাজবলহাট ১পঞ্চায়েতের উপপ্রধান ও তৃনমুল নেতা বাবলু শীল স্থানীয়দের ক্ষোভের মুখে। তৃনমুল নেতার জামা খুলে ডিম থেরাপি,কোমরে দঁড়ি বেধে হাঁটানো হয়। সেই ছবি ভাইরাল হয়েছে। জাঙ্গীপাড়ার বিধায়ক প্রসেনজিৎ বাগ বলেন,তৃণমূল সরকারের লাগামছাড়া দুর্নীতি পঞ্চায়েত স্তরেও ছিল।রাজবলহাট ১ গ্রাম পঞ্চায়েতের তৃনমূল নেতৃত্ব দুর্নীতির সঙ্গে যুক্ত ছিল।তা নিয়ে মানুষের মধ্যে ব্যাপক ক্ষোভ ছিল।সেই ক্ষোভের বহিঃপ্রকাশ হয়েছে।ভারতীয় জনতা পার্টি এই ধরনের হিংসা কাজকর্মকে সমর্থন করে না।এই ঘটনা দুর্ভাগ্যজনক।মেয়ের সঙ্গে বিজেপির কোন যোগ নেই।ওই এলাকার সাধারণ মানুষের ক্ষোভের বহিঃপ্রকাশ ঘটেছে। ঘটনাস্থলে জাঙ্গিপাড়া থানার পুলিশ গিয়ে তৃনমূল নেতাকে উদ্ধার করে নিয়ে যায়।
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सीटू सम्मेलन में 44 श्रम कानूनों को चार लेबर कोड में बदले जाने पर विरोध

Hanumangarh, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) 44 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदलने का विरोध: सेंट्रल वेयर-हाउस पल्लेदार व मजदूर यूनियन के 16वें सम्मेलन में सरकार पर दमन का आरोप हनुमानगढ़ के जंक्शन में मंगलवार को सेंट्रल वेयर-हाउस पल्लेदार व मजदूर यूनियन (सीटू) का 16वां सम्मेलन हुआ। इसमें 44 श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में बदलने का विरोध हुआ। सम्मेलन में यूनियन की सालभर की गतिविधियों का लेखा-जोखा पेश हुआ। मजदूरों, किसानों और व्यापारियों के हितों के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। नई कार्यकारिणी भी चुनी गई। वक्ताओं ने राजस्थान सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस प्रशासन सरकार के इशारे पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबा रहा है। इलाके में चोरी हो रही है, पर पुलिस चोरों को पकड़ने के बजाय झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। केंद्र-राज्य सरकार पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने को कहा।
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बीसलपुर पानी में एल्यूमिनियम मात्रा बढ़ी: सेहत पर खतरे की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:बीसलपुर के पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा ज्यादा; गुणवत्ता पर सवाल, डॉक्टर बोले-सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. आशीष चौहान, जयपुर-बीसलपुर के पानी को लेकर एक रिपोर्ट में चौकाने वाली खुलासा हुआ है. एक रिपोर्ट में सामने आया है कि बीसलपुर के पानी में एल्युमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा है. दूसरी तरफ डॉक्टर्स का कहना है कि यदि पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा है तो यह सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकता है. बीसलपुर के पीने के पानी को लेकर क्या चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई... देखें संवाददाता आशीष चौहान की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में! तय मानकों से ज्यादा एल्युमिनियम- NEERI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. National Environmental Engineering Research Institute की रिपोर्ट में बीसलपुर के पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा बताई है. नीरी ने बीसलपुर बांध के पानी से 3 सैंपल लिए, जिसमें से 2 में एल्युमिनियम की मात्रा तय मानकों से ज्यादा है. पानी में एल्यूमिनियम की अधिकतम मात्रा 0.2 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक होनी चाहिए. दूसरी तरफ पानी में एल्गी की मौजूदगी को लेकर भी नीरी ने चिंता जताई है. बीसलपुर जयपुर समेत 4 जिलों की प्यास बुझाता है. जलदाय विभाग ने पानी के बदलते रंग को लेकर नीरी जांच करवाई थी, जिसमें ये चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. जिसके बाद अब पानी की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठ रहे है. एडिशनल चीफ इंजीनियर अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि टीम ने कई जगह से सैंपल लिए है, लेकिन यह पानी आगे जाकर मिक्स हो जाता है. जहां एल्यूमेनियम की मात्रा ठीक हो जाती है. बैच-डॉ.यशवंत कुमार वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बताते हैं कि पानी में कई पोषक तत्व होते हैं जो फायदेमंद भी होते हैं, पर अधिक मात्रा चिंता बढ़ाती है. नीरी ने पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई सुझाव दिए हैं. PAC की डोज जार टेस्ट के आधार पर तय करने की सिफारिश, पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा नियंत्रित करने पर जोर, प्री-क्लोरीनेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाने की सलाह, फिल्टर और क्लेरिफायर का नियमित रखरखाव, फिल्टर की बैकवॉशिंग, जलाशय में एल्गी की निगरानी, pH, गंदलेपन और क्लोरीन की रियल-टाइम निगरानी. ACP अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि ये सभी काम पीएचईडी कर रहा है. यदि अचानक पानी पीला आ जाए तो उपाय क्या होने चाहिए, इस पर विभाग ने नीरी को पत्र लिखा है. बीसलपुर प्रोजेक्ट के पानी का लेखा-जोखा: बीसलपुर का पानी जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर में सप्लाई होती है. बीसलपुर 14 कस्बे और 3310 गांवों की प्यास बुझा रहा है. जिसमें TM 1 सांभर में 61.34 MLD, TM 2 चाकसू में 57.61 MLD, जयपुर में 535 MLD, बगरू 1.1 MLD, टोंक-उनियारा में 63.65 MLD, अजमेर में 333 MLD पानी की सप्लाई होती है. लेकिन नीरी ने पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से BJPR_BISALPUR_R स्लग से भेजी गई है। डॉक्टर की बाइट 2 सी में अटैच है.
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नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश: 65 वर्षीय गिरफ्तार

Basirhat, West Bengal:বিজেপি কর্মীর নাবালিকা মেয়েকে ধর্ষণের চেষ্টার অভিযোগে বাদুড়িয়ার ৬৫ বছরের এক বৃদ্ধকে গ্রেফতার করল পুলিশ। পরিবার সূত্রে জানা যায় ঘটনার ১৪ বছর বয়সী নাবালিকা সপ্তম শ্রেণির ছাত্রীটি বাড়িতে একাই ছিল। অভিযুক্ত তৃণমূল কর্মী নাসির উদ্দিন মোল্লা তাদের বাড়িতে ঢুকে নাবালিকাকে জোরপূর্বক ধর্ষণের চেষ্টা করে। ধস্তে তাকে খুনের হুমকি দেয় বলে অভিযোগ। নাবালিকাটি চিৎকার করলে এলাকা ছাড়িয়ে পালায় অভিযুক্ত ৬৫ বছরের বৃদ্ধ নাসির উদ্দিন মোল্লাকে বাদুড়িয়া থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করার পর আজ সকালে পুলিশ তাকে গ্রেপ্তার করে। দুপুরে তাকে বসিরহাট আদালতে তোলা হয়েছে।
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नरसिंहपुर के उमरपानी गौशाला में बदइंतजामी से गायों की मौत

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-गोवंश संरक्षण के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत नरसिंहपुर में बेनकाब हो गई है। जिले के ऊमरपानी गांव में बनी गौशाला इन दिनों भारी बदइंतजामी और कुपोषण के चलते यहां बेजुबान लगातार दम तोड़ रहे हैं। मामला चावरपाठा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत ऊमरपानी का है। प्रशासन यहाँ प्रति गाय के लिए रोजाना 40 रुपये का अनुदान दे रहा है, लेकिन बेहतर पोषण के नाम पर गायों के सामने सिर्फ मोटा और सूखा भूसा डाला जा रहा है। गौशाला के ठीक पास ही हरा-भरा जंगल है, जहां गाएं आसानी से चर सकती हैं, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि इन्हें दिनभर एक ही जगह बांधकर रखा जाता है। इस घोर लापरवाही का नतीजा बेहद दर्दनाक है। गौशाला में करीब 100 गाएं रखी गई थीं, लेकिन भारी कुपोषण और बीमारियों की वजह से सिर्फ इस बारिश के मौसम में ही 20 के करीब गायें अपनी जान गंवा चुकी हैं। गोवंश की इस दुर्दशा ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुदान का पैसा आखिर कहां जा रहा है? इन बेजुबानों की मौत का असल जिम्मेदार कौन है? और सबसे बड़ा सवाल- प्रशासन इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई आखिर कब करेगा? बाइट- सियाराम ठाकур (सरपंच पति ऊमरपानी) बाइट-महेश पटेल ( गौशाला संचालक) बाइट- सुश्री सानू चौधरी (SDM तेंदूखेड़ा) PTC मौके पर ग्राउंड रिपोर्ट
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रतलाम: CM मोहन यादव ने चेतन्य काश्यप माता के निधन पर शोक व्यक्त किया

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने रतलाम पहुंचे। मुख्यमंत्री सीधे कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्य मंत्री मोहन यादव ने कहा कि थोड़ी संपत्ति बनने के बाद लोग सोचते है अब किसी के हाथ क्यो जोड़े, लेकिन चेतन कश्यप के माताजी ने ऐसे संस्कार दिए कि उनके पुत्र चेतन कश्यप ने राजनीती जैसे कठिन मार्ग को चुनकर लोगो की सेवा का संकल्प लिया, मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बाइट -डॉ मोहन यादव (मुख्यमंत्री
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जयपुर के सरकारी स्कूलों में मेधावी छात्रों को टैबलेट नहीं मिलने से योजना ठप

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की टैबलेट वितरण योजना का लाभ नए विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। सत्र 2023-24 के बाद से अब तक किसी नए मेधावी विद्यार्थी को टैबलेट वितरित नहीं किया गया है। सत्र 2024-25 और 2025-26 के विद्यार्थियों को भी योजना का इंतजार है। स्थिति यह है कि पात्र विद्यार्थियों की चयन सूची तक तैयार नहीं हो पाई है। योजना के तहत इससे पहले लगातार तीन सत्रों में राज्य और जिला स्तरीय मेरिट में चयनित विद्यार्थियों को लाभ दिया गया था। जिला स्तरीय मेरिट में चयनित विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद भी योजना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से मेधावी विद्यार्थियों को लाभ के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2024 में 55,800 टैबलेट खरीदने के आदेश दिए थे। प्रति टैबलेट 18,433 रुपए की दर तय की गई थी। टैबलेट पात्र मेधावी विद्यार्थियों को वितरित किए जाने थे। इसके लिए जिलों को पात्र विद्यार्थियों का सत्यापन करने, वितरण सुनिश्चित करने और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि, आदेशों के बाद भी खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। टैबलेट वितरण योजना से संबंधित निर्णय शिक्षा निदेशालय स्तर पर होता है। राज्य और जिला स्तरीय मेरिट के पात्र विद्यार्थियों का चयन भी निदेशालय स्तर पर ही किया जाता है। ऐसे में नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने के लिए अब चयन और वितरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
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पटवारियों की हड़ताल और आदिमजाति विभाग के नाम बदले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Raipur, Chhattisgarh:पटवारियों की हड़ताल और आदिमजाति विकास विभाग का नाम बदलने के मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है. पटवारियों के हड़ताल और विभागीय मंत्री टंकराम वर्मा के बयान को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि मंत्री का कहना कि उन्हें हड़ताल की सूचना नहीं है दुर्भागयजनक है. शुक्ला ने कहा कि ये भी संदेह के घेरे में है कि जब भी धान खरीदी का वक्त आता है उसी वक्त कैसे हड़ताल शुरू होती है, दरअसल सरकार की मंशा ही धान खरीदी की नहीं है. वहीं आदिमजाति विकास विभाग का नाम बदलने के मामले पर शुक्ला ने कहा कि नाम बदलने से क्या होगा, क्या उससे समाज की बेहतरी हो जाएगी, होना तो ये चाहिए था कि उस विभाग का बजट बढ़ता
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