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बाराबंकी में सगाई से पहले युवक का शव पेड़ से लटका, प्रताड़ना के आरोप

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- प्रेमिका की सगाई से पहले युवक का शव कटहल के पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप बाराबंकी में फतेहपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में मंगलवार सुबह एक युवक का शव कटहल के पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान आल्हेमऊ गांव निवासी मोहित (27) पुत्र बिमलेश के रूप में हुई है। वह सोमवार शाम से लापता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षेत्राधिकारी शक्ति सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। परिजनों के मुताबिक, मोहित का पड़ोस में रहने वाली एक युवती से करीब सात साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि जमीन कम होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार को ही युवती की सगाई होनी थी। इसी बीच युवक का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने युवती के पिता और उसके दो मामाओं पर मोहित को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, घटना से पहले मोहित ने तीन वीडियो बनाकर उन्हें भेजे थे। इन वीडियो में उसने युवती के पिता और दोनों मामाओं पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मोहित के पिता खेती-किसानी करते हैं। वह तीन भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर पर था। परिवार में बड़ी बहन तारावती और भाई सत्यनारायण व सोहित हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं。
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बालाघाट में फर्जी डाक्टर से 17 साल तक सरकारी नोकरी, FIR दर्ज

New Delhi, Delhi:बालाघाट में जंहा बच्चे मरे वंहा का BMO निकला फर्जी दूसरे के नाम पर कर रहा था नौकरी,पुलिस ने FIR दर्ज की - मध्य प्रदेश के बालाघाट में जंहा आदिवासी बच्चो की मौत हुई उस एरिया का ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर फर्जी निकला दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा था... कथित फर्जी डिग्री के आधार पर करीब 17 साल तक सरकारी नौकरी करने का मामला सामने आया है। - डॉ. सुनील कुमार सिंह 2009 में संविदा पर नियुक्त हुए, 2012 में नियमित किए गए और 2023 में BMO बने। - ज़ी न्यूज़ के पास राज्य स्तरीय जांच रिपोर्ट है जिसमे डिग्री और मेडिकल पंजीयन को कथित तौर पर फर्जी पाए जाने के बाद FIR दर्ज कराई गई है। अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच भी महत्वपूर्ण है। - सरकारी नियुक्तियों में शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल पंजीयन का सत्यापन किस स्तर पर पहुंच गया है की एमपी में दूसरे के नाम पर एक व्यक्ति सालों से डॉक्टर बना बैठा था। - फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले पूर्व बीएमओ पर FIR, गृह जिला कभी मुरैना, कभी रीवा-बालाघाट बताया.... - बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र में एक ही एमबीबीएस डिग्री पर दो अलग-अलग लोग 15 साल से ज्यादा समय से सरकारी डॉक्टर की नौकरी कर रहे थे। राज्य स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद बिरसा पुलिस ने तत्कालीन बीएमओ डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने के आरोप में केस किया है। - वर्ष 2009 में बालाघाट में डॉ. के रूप में इनकी पहली संविदा भर्ती हुई थी। जिसके बाद वर्ष 2012 में यह रेग्युलर हो गए। 2020 में इन्हें बीएमओ का प्रभार मिला। - 2023 से बिरसा आदिवासी ब्लॉक में BMO बनाया गया ! - जांच के दौरान छुट्टी लेकर हुए गायब ... - इसके बाद क्लास-वन में इनका प्रमोशन कर दिया और 2023 से वह लगातार उपस्वास्थ्य केन्द्र बिरसा में बीएमओ पदस्थ रहे। जुन 2026 में मामला सामने आने के बाद से उन्हें बिरसा बीएमओ पद से हटा दिया गया था और वर्तमान में वह बिरसा के दमोह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ थे। जांच के दौरान उन्हें कई बार भोपाल बुलाया गया, लेकिन वे नहीं गए। जुलाई 2026 से एक महीने की मेडिकल लीव लेकर गए थे। तब से आज तक वह वापस नहीं लौटे है। - हैरत की बात तो यह है वर्षों तक सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए वेतन उठाया, अस्पतालों में मरीजों का इलाज किया और अपनी निजी क्लिनिक भी चलाया। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को इतने लंबे समय तक इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी। - पड़ताल के दौरान सामने आया कि देवास में पदस्थ असली डॉ. सुनील सिंह के नाम और दस्तावेजों का सहारा लेकर फर्जी डॉ. सुनील सिंह बालाघाट में बिरसा बीएमओ के पद तक पहुंच गया था। - फर्जी डॉक्टर के दस्तावेजों में गृह जिला कभी मुरैना, कभी रीवा तो कभी बालाघाट दर्ज था। इसके अलावा उसके पास परमानेंट रजिस्ट्रेशन का कोई रिकॉर्ड नहीं था, सिर्फ प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन के कागज जमा थे। मेडिकल काउंसिल की जांच में जब सच सामने आया, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। - जांच के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर .... जांच समिति के प्रतिवेदन और पेश किए गए अभिलेखों के परीक्षण के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि देवास में पदस्थ डॉक्टर के असली कागजात की नकल और फर्जी दस्तावेज तैयार कर आरोपी ने सरकारी नौकरी हासिल की थी। राज्य स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर बिरसा पुलिस ने आरोपी डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 340(2) और 336(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। - ज़ी न्यूज़ की पड़ताल में ये सामने आया था की टीके के बाद भी बच्चो को छोटी माता हुई और बच्चो को मौत हुई CMHO वर्तमान शत्रुघ्न डेहरिया ने वेक्सिनेशन पर सवाल उठाये थे... - 17 सालो में स्वास्थ्य विभाग से फर्जी तरीके से नौकरी कर तकरीबन करोडो की तन्खा डकार गया! (FIR COPY ) (बाइट- शत्रुघ्न डेहरिया CMHO बालाघाट)
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शहापुर में सात साल बाद आमसभा की मांग, 19 अक्टूबर से उपवास की चेतावनी

Thane, Maharashtra:आमसभा तातडीने घ्या, अन्यथा उपोषण!... गेल्या सात वर्षांपासून आमसभा झालीच नाही.. ॲंकर... शहापूर पंचायत समितीची आमसभा गेल्या सात वर्षांपासून झालीच नाही, आणि याच मुद्द्यावरून आता प्रहार सामाजिक संघटनेने प्रशासनाला थेट इशारा दिला आहे. विवो- प्रहार सामाजिक संघटकचे शहापूर तालुकाध्यक्ष तथा पत्रकार वसंत पानसरे यांनी गटविकास अधिकाऱ्यांना निवेदन देत तातडीने आमसभा घेण्याची मागणी केली आहे.‌ त्यांचे म्हणणे आहे की, आमसभा हे सामान्य नागरिकांसाठी आपल्या समस्या मांडण्याचे, शासकीय योजनांचा आढावा घेण्याचे आणि विकासकामातील त्रुटी प्रशासनासमोर आणण्याचे एक महत्त्वाचे व्यासपीठ आहे. मात्र सात वर्षांपासून आमसभा न झाल्याने नागरिकांना आपल्या समस्या मांडण्याची संधीच मिळत नाहीये. शहापूर तालुक्यात आजही रस्त्यांची दुरवस्था, पाणीटंचाई, वीजपुरवठ्याच्या समस्या आणि विकासकामांतील त्रुटी असे अनेक प्रश्न प्रलंबित आहेत. आणि म्हणूनच वसंत पानसरे यांनी इशारा दिला आहे की, जर प्रशासनाने आमसभेची निश्चित तारीख जाहीर केली नाही, तर येत्या सोमवार, १९ ऑक्टोबर २०२६ रोजी सकाळी ११ वाजता, पंचायत समिती, शहापूर येथे गटविकास अधिकाऱ्यांच्या दालनासमोर एकदिवसीय लाक्षणिक उपोषण करण्यात येईल. आता या इशाऱ्यानंतर प्रशासन काय भूमिका घेते, आणि सात वर्षांपासून बंद असलेली ही आमसभा अखेर सुरू होते का, याकडे संपूर्ण शहापूर तालुक्याचे लक्ष लागले आहे.
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पटना पॉक्सो अदालत में CBI क्लोजर रिपोर्ट के बाद अगली सुनवाई 6 नवंबर

Patna, Bihar:पटना की विशेष पॉक्सो अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। सीबीआई की 500 पन्नों की क्लोजर रिपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक बहस चली। सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 6 नवंबर निर्धारित की है। गौरतलब है कि सीबीआई ने 6 अक्टूबर को साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। सुनवाई के दौरान सीबीआई के अनुसंधानकर्ता और मामले की एसआईटी प्रमुख सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी मौजूद रहीं। मृतका की मां और परिवार के अन्य सदस्य भी अदालत पहुंचे। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में हुई कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिवक्ता ने जांच की दिशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आत्महत्या का तर्क तथ्यों से परे है और लगाए गए आरोपों की समुचित जांच नहीं हुई है। अब इस मामले में 6 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
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सेंटर फॉर साइट ने अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में शुरू की प्लैनेट लेसिक सुविधा

Prahlad KumarPrahlad KumarFollow11m ago
Noida, Uttar Pradesh:अहमदाबाद, 12 अक्टूबर 2026: सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स ने आज अहमदाबाद स्थित अपने मौजूदा सी.जी. रोड सेंटर में एक अलग और समर्पित फ्लोर पर प्लैनेट लेसिक सुविधा शुरू की। प्लैनेट लेसिक, सेंटर फॉर साइट का विशेष रिफ्रैक्टिव सर्जरी ब्रांड है, जिसका उद्देश्य एडवांस्ड जांच, व्यक्तिगत मूल्यांकन और दृष्टि सुधार की विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से उपयुक्त मरीजों को चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस पर निर्भरता कम करने में मदद करना है। इस अवसर पर डॉ. शंकर नारंग, सीईओ, सेंटर फॉर साइट, डॉ. रुपल शाह, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, वडोदरा; डॉ. परेश एम. वैद्य, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, सूरत; डॉ. निखिल प्रजापति, हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, अहमदाबाद; और डॉ. विनोद गुरनानी, मेडिकल डायरेक्टर, अहमदाबाद उपस्थित रहे। अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक की शुरुआत से गुजरात में सेंटर फॉर साइट की मौजूदगी और मजबूत होगी। गुजरात में इसके वडोदरा में एक, सूरत में दो तथा सी.जी. रोड-नवरंगपुरा, नरोदा और गांधीनगर में सेंटर हैं। इस विस्तार से क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, उपचार की योजना और इलाज के बाद फॉलो-अप की सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी। गुजरात में सेंटर फॉर साइट की रिफ्रैक्टिव सर्जरी सेवाओं में सिल्क (SILK), स्माइल (SMILE), कॉन्टूरा विजन, आईसीएल (ICL), फेम्टो लेसिक और लेसिक शामिल हैं। इससे मरीजों को लेजर आधारित प्रक्रियाओं के साथ-साथ आंखों में प्रत्यारोपित किए जाने वाले विशेष लेंस के विकल्प भी एक ही विशेषज्ञ नेटवर्क के अंतर्गत उपलब्ध होते हैं। प्रो. (डॉ.) महिपाल एस. सचदेव, चेयरमैन एवं मेडिकल डायरेक्टर, सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स, ने कहा, “सेंटर फॉर साइट में हमारा उद्देश्य एडवांस्ड नेत्र देखभाल सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाना और ऐसी तकनीकों के विकास में योगदान देना है, जो भविष्य में आंखों के उपचार को नई दिशा देंगी। स्माइल और सिल्क तकनीकों के विकास एवं उनके क्लिनिकल मूल्यांकन में हमारे डॉक्टरों की भागीदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्लैनेट लेसिक के माध्यम से हम विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और व्यक्तिगत मूल्यांकन को एक साथ ला रहे हैं, ताकि लोग चश्मे पर अपनी निर्भरता कम करने और अपनी पसंद की गतिविधियों का अधिक सहजता से आनंद लेने की दिशा में आगे बढ़ सकें।” डॉ. शंकर नारंग, सीईओ, सेंटर फॉर साइट, ने कहा, “अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक की शुरुआत गुजरात में विशेषीकृत नेत्र देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विशेषज्ञ परामर्श, जांच और उपचार की योजना की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। हमारा ध्यान अनुभवी क्लिनिकल टीम, आधुनिक तकनीक और देखभाल के एकसमान मानकों को साथ लाकर मरीजों को उनकी जरूरतों के अनुरूप दृष्टि सुधार के विकल्प उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने पर है।” डॉ. रुपल शाह, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, वडोदरा, ने कहा, “दृष्टि सुधार के लिए सबसे उपयुक्त प्रक्रिया का चुनाव हर मरीज की आंखों की स्थिति के आधार पर किया जाता है। विस्तृत जांच से यह तय करने में मदद मिलती है कि कौन-से विकल्प उपयुक्त हैं, उनसे किस तरह के परिणामों की उम्मीद की जा सकती है और उनकी क्या सीमाएं हैं। अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक के लिए समर्पित फ्लोर शुरू होने से मरीजों को व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार रिफ्रैक्टिव केयर की सुविधा और करीब मिलेगी।”
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बेतिया में शराब कारोबारियों ने पुलिस टीम पर हमला, दो पुलिसकर्मी घायल

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां शराब कारोबारियो ने पुलिस टीम पर हमला किया है हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हुए है पुलिस ने पांच पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में पांच को गिरफ्तार किया है घटना योगापट्टी थाना अंतर्गत रुदलपुर गांव की है जहां बीती देर रात्रि एक शराब कारोबारी के यहां छापेमारी करने पहुंची थी जहां शराब कारोबारी के परिजनों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया जिसमें सिपाही पंकज कुमार और मदन यादव घायल हो गए जिनका सीएचसी में इलाज चल रहा है पुलिस टीम पर हमला करने मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है
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मध्य प्रदेश हत्याकांड के फरार आरोपी का अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के सनसनीखेज हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोचा। हरियाणा के गुरुग्राम से आरोपी की गिरफ्तारी हुई। जमीन विवाद में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में 3 महिलाओं और 3 पुरुषों की मौत हुई थी। मई 2023 में लेपा गांव में यह सनसनीखेज हत्याकांड हुआ था। आरोपी रामू सिंह धीर सिंह तोमर पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। हत्याकांड के बाद आरोपी अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में रह रहा था। वह महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में छिपा रहा था। वह सिक्योरिटी गार्ड और छिटपुट मजदूरी करके अपना गुजारा चला रहा था। पिछले एक साल से वह गुरुग्राम के एक वेयरहाउस में काम कर रहा था। आरोपी को मध्य प्रदेश की सिहोनिया पुलिस को सौंपने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने वेश बदलकर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को पकड़ने के लिए 7 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच पिछले 7 महीनों से इस मामले पर काम कर रही थी। पकड़ा गया आरोपी पान सिंह तोमर के परिवार का ही होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी का फोटो
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मंडला हाईवे-30 पर ज्वलनशील केमिकल टैंकर पलटा; राहत कार्य जारी

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला में नेशनल हाईवे-30 पर ज्वलनशील केमिकल से भरा टैंकर पलटने से हड़कंप मच गया! अंजनिया बाईपास पर हुए इस हादसे के बाद पुलिस और दमकल विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। मण्डला - हाईवे पर पलटा केमिकल टैंकर । मंडला जिले के अंजनिया बाईपास में नेशनल हाईवे-30 पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब छतरपुर से ओडिशा जा रहा ज्वलनशील केमिकल से भरा टैंकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। टैंकर चालक के मुताबिक, वह वाहन खड़ा कर चाय पीने के लिए होटल गया था। इसी दौरान टैंकर अचानक लुढ़का और पलट गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। टैंकर में ज्वलनशील रासायनिक पदार्थ होने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। केमिकल कितना खतरनाक, जवाब का इंतजार! टैंकर में ज्वलनशील केमिकल होने की जानकारी ने खतरे की आशंका बढ़ा दी। ऐसे में किसी भी संभावित अनहोनी से निपटने के लिए प्रशासन और दमकल विभाग की जिम्मेदारी बेहद अहम हो गई। बताया जा रहा है कि टैंकर में सड़क बनाने में उपयोग किये जाने वाले तारकोल में मिलाया जाने वाला केमिकल है जो ज्वलनशील होता है । टैंकर को सुरक्षित खड़ा करने और कोई अनहोनी न हो इसके लिए मण्डला ओर बिछिया से मौके पर दमकल गाड़िया खड़ी की गई है और राहत कार्य जारी है ।
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दुर्गापुर में पांच इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन, उद्योग क्षेत्र में प्रदूषण घटाने का कदम

Durgapur, West Bengal:কলকাতার ধাঁচে এবার শিল্পাঞ্চলে ইলেকট্রিক বাস, পাঁচ বাসের উদ্বোধন দুই বিধায়ক । দূষণের জেরে জেরবার শিল্পাঞ্চল। দূষণ ঠেকাতে একাধিক পদক্ষেপ নিচ্ছে দূষণ নিয়ন্ত্রণ পর্ষদ। পুজোর মুখে পাঁচটি বিদ্যুৎ চালিত বাসের উদ্বোধন হল। এই বাসে রয়েছে প্রতিবন্ধীদের হুইলচেয়ার ওঠানামা করার জায়গা, अत्यাধুনিক সিট সহ নানারকম পরিষেবা। দুর্গাপুরের সিটি সেন্টার বাস টার্মিনাস থেকে এই বাস পরিষেবার শুভ সূচনা হয়। সম্পূর্ণ বাতানুকূল ও পরিবেশবান্ধব এই বাসগুলিতে বিশেষভাবে সক্ষম যাত্রীদের যাতায়াতের সুবিধার দিকেও বিশেষ নজর দেওয়া হয়েছে। ন্যাশনাল ক্লিন এয়ার প্রোগ্রাম (NCAP)-এর আওতায় দূষণ নিয়ন্ত্রণ পর্ষদের আর্থিক সহায়তায় বাসগুলি কেনা হয়েছে। প্রতিটি বাসের আনুমানিক মূল্য ১ কোটি ১৯ লক্ষ টাকা। নতুন এই পাঁচটি বাস তিনটি রুটে চলাচল করবে। এর মধ্যে দুর্গাপুর–বर्धমান রুটে চলবে দুটি বাস, দুর্গাপুর–বানপুর হয়ে আসানসোল রুটে চলবে দুটি বাস এবং দুর্গাপুর শহরের অভ্যন্তরীণ পরিবহণ পরিষেবায় যুক্ত হবে একটি বাস। এর ফলে আন্তঃশহর যাতায়াতের পাশাপাশি দুর্গাপুরের অভ্যন্তরীণ গণপরিবহণ ব্যবস্থাতেও নতুন সংযোজন ঘটল। উদ্ভোধনী অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন দুর্গাপুর পূর্বের বিধায়ক চন্দ্রশেখর বন্দ্যোপাধ্যায়, দুর্গাপুর পশ্চিমের বিধায়ক লক্ষণ ঘোড়ুই, দক্ষিণবঙ্গ রাষ্ট্রীয় পরিবহন সংস্থার ম্যানেজিং ডিরেক্টর প্রণব ঘোষ-সহ অন্যান্য আধিকারিকরা। দুর্গাপুর পূর্বের বিধায়ক চন্দ্রশেখর বন্দ্যোপাধ্যায় ও পশ্চিমের বিধায়ক লক্ষ্মণ ঘরুই বলেন,"পরিবেশবান্ধব গণপরিবহণের প্রসারে বৈদ্যুতিক বাসের এই সংযোজন শিল্পাঞ্চলের দূষণ নিয়ন্ত্রণের উদ্যোগে নতুন মাত্রা যোগ করল। এখন নজর থাকবে, নতুন এই বাস পরিষেবা যাত্রীদের যাতায়াত ক্ষেত্রে খুবই গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা নেবে।"
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किसानों का चक्का जाम: धान खरीदी में कटौतियों से पंजाब सरकार पर नाराज़गी

Kapurthala, Punjab:ਕਪੂਰਥਲਾ : ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ’ਚ ਕੱਟਾਂ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ’ਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਿਆ ਗੁੱਸਾ, ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ–ਕਪੂਰਥਲਾ ਮੁੱਖ ਮਾਰਗ ’ਤੇ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀ ਦੇ ਬਾਹਰ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਝੰਡੇ ਹੇਠ ਹੋਇਆ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਕੀਤੀ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕਪੂਰਥਲਾ , 13 ਅਕਤੂਬਰ: ਦਾਣਾ ਮੰਡੀ ਦੇ ਬਾਹਰ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ–ਕਪੂਰਥਲਾ ਮੁੱਖ ਮਾਰਗ ’ਤੇ ਅੱਜ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਕੱਟਾਂ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਕਰਕੇ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਝੰਡੇ ਹੇਠ ਇਕੱਠੇ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਵਿੱਚ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਜਾਣ ’ਤੇ ਆਪਣਾ ਗੁੱਸਾ ਜ਼ਾਹਿਰ ਕਰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਰੀ ਰੋਸ ਅਤੇ ਨਿਰਾਸ਼ਾ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਸਖ਼ਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਕੇ, ਆਪਣਾ ਪਸੀਨਾ ਵਹਾ ਕੇ ਫ਼ਸਲ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਜਦੋਂ ਫ਼ਸਲ ਵੇਚਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਲਗਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਕੱਟਾਂ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਸਹਿਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਇਹ ਸਥਿਤੀ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ。 **ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕੱਟ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ’ਤੇ ਮਾਰ** ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਨਾਰਾਜ਼ਗੀ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਕਟੌਤੀ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਬੀਜਾਂ, ਖਾਦਾਂ, ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ, ਡੀਜ਼ਲ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰੀ ਦੇ ਖਰਚੇ ਲਗਾਤਾਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ’ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਬੋਝ ਪਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਜੇਕਰ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਸਮੇਂ ਵੀ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੱਡੀ ਸੱਟ ਵੱਜਦੀ ਹੈ。 ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਹਤਾਸ਼ਾ ਜ਼ਾਹਿਰ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੂਰਾ ਸੀਜ਼ਨ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਮੁੱਲ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦਾ ਤਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਗੁਜ਼ਾਰੇ ਅਤੇ ਅਗਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨਾ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹੋ ਜਾਏਗਾ। ਇਸੇ ਰੋਸ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਸੜਕ ’ਤੇ ਉਤਰ ਕੇ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ。 **ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ** ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕਰਦਿਆਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਅਤੇ ਕੱਟਾਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਉੱਠਾਇਆ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੀਆਂ ਕਟੌਤੀਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਗੰਭੀਰ ਆਰਥਿਕ ਸੰਕਟ ਪੈਦਾ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ。 ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ–ਕਪੂਰਥਲਾ ਮੁੱਖ ਮਾਰਗ ’ਤੇ ਹੋਏ ਇਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਨਾਰਾਜ਼ਗੀ ਨੂੰ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਂਦਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਹੈ ਕਿ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਵੇਚਣ ਸਮੇਂ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ。 ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪੈਦਾ ਹੋਇਆ ਇਹ ਰੋਸ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਆਰਥਿਕ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਸਵਾਲਾਂ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਹੁਣ ਦੇਖਣਾ ਇਹ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿ ਸਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਕੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।
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