icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
140118
Bimal KumarBimal KumarFollow20 Jul 2024, 12:25 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गाँव की बदहाली: बीमार माँ को खटिया पर ढोकर अस्पताल पहुचाने वाला वीडियो वायरल

EGE GOPIJust now
Kharagpur, West Bengal:এ কেমন রাস্তা! অসুস্থ মাকে খাটিয়ায় তুলে কাঁচা পথ পেরোল পরিবার, ভাইরাল ভিডিও একদিকে অসুস্থ বৃদ্ধা মা, অন্যদিকে বাড়ির সামনে এমন রাস্তা যে সেখানে অ্যামবুল্যান্স পৌঁছনোর উপায় নেই! শেষ পর্যন্ত মাকে বাঁচাতে বাঁশ আর দড়ি দিয়ে তৈরি হল ঝুলন্ত খাটিয়া। তাতে বৃদ্ধাকে শুইয়ে কাঁধে করে নিয়ে গেলেন ছেলে ও পরিবারের সদস্যরা। প্রায় ২০০ মিটার পথ এভাবেই পার হওয়ার পর গাড়িতে তুলে হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হল তাঁকে। পশ্চিম মেদিনীপুর জেলার নারায়ণগড় ব্লকের ৪ নম্বর কুনারপুর অঞ্চলের সুগড়িয়া গ্রামের এই দৃশ্য এখন সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল। আর ভিডিও ছড়িয়ে পড়তেই প্রশ্ন উঠছে স্বাধীনতার এত বছর পরেও অসুস্থ মানুষকে হাসপাতালে নিয়ে যেতে যদি বাঁশের খাটিয়াই ভরসা হয়, তাহলে গ্রামের রাস্তা ও জরুরি পরিষেবার হাল কোথায় দাঁড়িয়ে? অসুস্থ বৃদ্ধা আরতি সাহুর (৭৪) ছেলে শুভেন্দু সাহু জানান, তাঁর মা দীর্ঘদিন ধরে অসুস্থ। সোমবার আচমকা শারীরিক অবস্থার অবনতি হলে দ্রুত হাসপাতালে নিয়ে যাওয়ার প্রয়োজন হয়। তবে তাঁদের বাড়ি ঢালাই রাস্তা থেকে প্রায় ২০০ মিটার ভিতরে। সেই পথ এতটাই বেহাল যে অ্যাম্বুল্যান্স বাড়ি পর্যন্ত পৌঁছনোর উপায় ছিল না বলে পরিবারের দাবি। সময় নষ্ট করার মতো পরিস্থিতিও ছিল না। তাই পরিবারের সদস্যরা বাঁশ ও দড়ি দিয়ে তড়িঘড়ি একটি ঝুলন্ত খাটিয়া তৈরি করেন। তাতে বৃদ্ধাকে শুইয়ে কাঁধে তুলে নিয়ে যাওয়া হয় ঢালাই রাস্তা পর্যন্ত। সেখান থেকে গাড়ির ব্যবস্থা করে তাঁকে হাসপাতালে পৌঁছে দেওয়া হয়। ঘটনাকে ঘিরে ক্ষোভ ছড়িয়েছে স্থানীয়দের একাংশের মধ্যে। তাঁদের অভিযোগ, গ্রামের দু’দিকে প্রায় ২০০ মিটার করে রাস্তা দীর্ঘদিন ধরেই বেহাল। প্রায় ১০০টি পরিবারকে প্রতিদিন সেই দুর্ভোগের মধ্যেই যাতায়াত করতে হয়। অ্যাম্বুল্যান্স বা চারচাকা গাড়ি ঢোকা তো দূরের কথা, বাইক চালাতেও সমস্যা হয়। স্কুলপড়ুয়াদেরও বিপজ্জনক রাস্তা পেরিয়ে যাতায়াত করতে হয় বলে দাবি বাসিন্দাদের। গ্রামবাসীদের একাংশের অভিযোগ, বহুবার সমস্যার কথা তুলে ধরা হলেও স্থায়ী সমাধান হয়নি। তাঁদের দাবি, তৃণমূল সরকারের আমলেও রাস্তার পরিস্থিতির উল্লেখযোগ্য পরিবর্তন হয়নি। ঘটনা প্রসঙ্গে নারায়ণগড় ব্লকের সমষ্টি উন্নয়ন আধিকারিক তাপস বিশ্বাস জানিয়েছেন, বিষয়টি খোঁজ নিয়ে দেখা হচ্ছে। রাস্তার সমস্যা থাকলে প্রয়োজনীয় মেরামতের ব্যবস্থা করা হবে বলে আশ্বাস দিয়েছেন তিনি। অন্যদিকে বিধায়ক রমাপ্রসাদ গিরির দাবি, বাম ও ত্রিমূল দুই আমলেই ওই এলাকায় প্রয়োজনীয় রাস্তার কাজ হয়নি। দ্রুত রাস্তা সংস্কারের ব্যবস্থা করা হবে বলে জানিয়েছেন তিনি। একজন অসুস্থ মাকে হাসপাতালে পৌঁছে দিতে যখন পরিবারের হাতে শেষ ভরসা হয়ে ওঠে বাঁশ আর দড়ির খাটিয়া, তখন সেই দৃশ্য শুধু একটি পরিবারের অসহায়তার ছবি হয়ে থাকে না গ্রামীণ যোগাযোগ ব্যবস্থা ও জরুরি স্বাস্থ্যপরিষেবা নিয়েও বড় প্রশ্ন তুলে দেয়। এখন প্রশ্ন একটাই বাঁশের খাটিয়ায় রোগী নিয়ে যাওয়ার ছবি ভাইরাল হওয়ার পর কি বদলাবে সুগড়িয়ার রাস্তার হাল, নাকি প্রতিশ্রুতির পথেই আবার আটকে থাকবে রাস্তা সংস্কার?
0
0
Report

दानापुर में पुलिसकर्मी ने भाई-बहन को गोली मारी, फिर खुद गोली मार ली

Danapur, Bihar:पटना के दानापुर में पुलिसकर्मी भाई ने बहन को गोली मारी, गोली लगने से बहन की मौत, मौत के बाद पुलिस कर्मी भाई ने भी कथित तौर पर खुद को गोली मार ली. मृतक पुलिसकर्मी मोतिहारी में पोस्टेड बताए जा रहे हैं. एक ही घर में भाई-बहन की मौत से मचा हड़कंप. कर्मा-धर्मा के पर्व पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सलामती की कामना कर रही थीं, पर दानापुर के नासरीगंज स्थित मिथिला कॉलोनी से आई खबर ने रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है. जहाँ पुलिस अधिकारी ओम चंद्र, जो मोतिहारी में कार्यरत थे, ने अपनी बहन पार्वती कुमारी को गोली मारी और उसके बाद खुद को भी गोली मार ली. घटना दानापुर नासरीगंज मिथिला कॉलोनी की है. एक ही घर से भाई-बहन की मौत के कारण इलाके में हड़कंप मच गया. मृतक सिपाही की पहचान ओम चंद्र के रूप में बताई जा रही है.
0
0
Report

नालंदा में कर्मा पूजा के दौरान डूबने से तीन लोगों की मौत

Pariaunna, Bihar:एंकर: नालंदा जिले में कर्मा पूजा के दिन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में डूबने की तीन दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में एक बच्ची, एक महिला और एक युवक की मौत हो गई। पहली घटना रहुई थाना क्षेत्र के बसानपुर और कुवरडीह गांव के गोइठवा नदी की है, जबकि दूसरी घटना नगरनौसा थाना क्षेत्र के बल्धा गांव की है। रहुई थाना क्षेत्र के गोइठवा नदी में कर्मा पूजा को लेकर स्नान करने गई 42 वर्षीया राधा देवी और 7 वर्षीय नंदनी कुमार की डूबने से मौत हो गई। बताया जाता है कि बसानपुर गांव की रहने वाली राधा देवी और कुवरडीह गांव की नंदनी कर्मा पूजा को लेकर गोइठवा नदी में नहाने गई थीं। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना नगरनौसा थाना क्षेत्र के बल्धा गांव की है। यहाँ 19 वर्षीय दिलखुश कुमार कर्मा पूजा को लेकर तालाब से मिट्टी लाने गया था। परिजनों के मुताबिक, दिलखुश की बहन ने अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कर्मा पूजा का व्रत रखा था। पूजा के लिए मूर्ति बनाने को मिट्टी लाने के दौरान पैर फिसलने से दिलखुश तालाब में जा गिरा और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है।
0
0
Report
Advertisement

शालीमार बाग मस्जिद के हिस्से गिराने के आदेश से इलाके में हलचल, सुरक्षा बल तैनात

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: शालीमार बाग में शाम को बुलडोज़र और सुरक्षा बल पहुँचने के बाद स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई। इलाके में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई थी, साथ ही कई बुलडोज़र, डंपर और नगर निगम के अधिकारी भी वहाँ मौजूद थे। एक स्थानीय निवासी का कहना है, "बाहर निकलने पर ही हमें पता चला कि वे मस्जिद का एक हिस्सा गिराने आए थे। हमें यह भी नहीं पता था कि वे खास तौर पर हमारे लिए आ रहे हैं। हमने बस भीड़, पुलिसकर्मी और गाड़ियाँ देखीं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रशासन रात में किस तरह का काम करता है..."
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report
Advertisement

कवर्धा में रात 11–3 बजे पुलिस की सघन कॉम्बिंग, 6 टीमों ने चेकिंग

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा रात 11 से 3 बजे तक सड़कों पर उतरी पुलिस, 6 टीमों ने चलाया कॉम्बिंग अभियान कवर्धा। कानून-व्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए कबीरधाम पुलिस ने मंगलवार रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक शहर में सघन कॉम्बिंग गश्त की। छह पुलिस टीमों ने देवारपारा, गंगानगर, लोहाराना, नवीन बाजार, राजमहल चौक, यूनियन चौक, ट्रांसपोर्ट नगर समेत संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और चेकिंग की। इस दौरान गुंडे-बदमाशों व निगरानीशुदा अपराधियों की जांच के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखी गई तथा एमसीपी लगाकर वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
0
0
Report

सरदार पटेल और कश्मीर: अनटोल्ड हिस्ट्री पर किताब लॉन्च, विलय का सच सामने

Chaka, LG मनोज सिन्हा ने कश्मीर के विलय में सरदार पटेल की अनकही भूमिका पर किताब लॉन्च की। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने मंगलवार को 'सरदार पटेल एंड कश्मीर: द अनटोल्ड हिस्ट्री' (Sardar Patel and Kashmir: The Untold History) किताब लॉन्च की। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता और देश बनाने के विज़न को नमन किया और हाल ही में मिले आर्काइव मटीरियल (पुराने दस्तावेज़ों) पर रोशनी डाली, जो 'लौह पुरुष' (Iron Man) के जम्मू-कश्मीर से गहरे जुड़ाव को दिखाते हैं। यह कार्यक्रम श्रीनगर के टैगोर हॉल में स्वामी श्री स्वामीनारायण जी की मौजूदगी में आयोजित किया गया था। लॉन्चिंग सेरेमनी में मणिनगर श्री स्वामीनारायण गदी संस्थान से जुड़े लोग भी मौजूद थे। LG Sinha UP-SOUND सिन्हा ने शिक्षा, मानवीय सेवा और आध्यात्मिक उत्थान में योगदान के लिए इस आध्यात्मिक संस्था का आभार जताया और किताब को एडिट और पब्लिश करने के लिए इतिहासकार डॉ. रिज़वान कादरी को बधाई दी। लॉन्च के मौके पर बोलते हुए, लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सरदार पटेल को "आधुनिक भारत का निर्माता" बताया, जिनकी व्यावहारिक समझ और अटूट इच्छाशक्ति ने 562 रियासतों को एक संयुक्त राष्ट्र में मिलाया। उन्होंने पटेल के उस दृढ़ बयान को याद किया कि "हम जम्मू-कश्मीर की ज़मीन का एक इंच भी किसी को नहीं देंगे" और कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 और 35A को हटाने से पटेल का पूर्ण विलय का अधूरा सपना पूरा हुआ। सिन्हा ने कहा कि इस संवैधानिक बदलाव ने क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा, रोज़गार, उद्यमिता और विकास के नए रास्ते खोले हैं। यह किताब नेशनल आर्काइव्स ऑफ़ इंडिया में सुरक्षित 'सरदार पेपर्स' की माइक्रोफिल्म पर आधारित है। ये दस्तावेज़ बताते हैं कि पटेल 1946 से ही कश्मीर के लोगों और संस्थाओं के सीधे संपर्क में थे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने 1935 में पटेल द्वारा शुरू किए गए 'प्रजा मंडल आंदोलन' और उसके बाद जम्मू-कश्मीर में 'प्रजा परिषद' की भूमिका पर ज़ोर दिया, जिसने आम नागरिकों और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच एक अहम कड़ी का काम किया। आर्काइव में मेमोरेंडम, आम लोगों के निजी पत्र और यहाँ तक कि कश्मीर के विलय से जुड़ी एक तहसीलदार की रिपोर्ट भी शामिल है। कादरी ने कहा कि असली कागज़ात बाढ़ में नष्ट हो गए थे, लेकिन नेशनल आर्काइव्स की माइक्रोफ़िल्मों की मदद से ऐतिहासिक रिकॉर्ड को फिर से तैयार किया जा सका। उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज़ कश्मीर के लोगों के साथ पटेल के लगातार संपर्क और प्रजा परिषद के अहम योगदान को दिखाते हैं। उन्होंने अगस्त 1947 की शुरुआत में महात्मा गांधी के इलाके के दौरे—1 अगस्त को श्रीनगर पहुँचना, 3 अगस्त को महाराजा हरि सिंह के साथ पूरा दिन बिताना, 4 अगस्त को जम्मू में रुकना और 5 अगस्त को जम्मू के एक गुरुद्वारे में लोगों को संबोधित करना—जैसी अहम और अब तक सामने न आई जानकारियों का भी ज़िक्र किया। कादरी ने घोषणा की कि भविष्य के वॉल्यूम में कश्मीर के मुद्दे पर सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के बीच वैचारिक और नीतिगत मतभेदों की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने अफ़सोस जताया कि इस इलाके के एकीकरण में अहम भूमिका निभाने के बावजूद कश्मीर में किसी भी बड़े संस्थान का नाम पटेल के नाम पर नहीं है, और औपचारिक रूप से माँग की कि चिनाब रेलवे ब्रिज का नाम बदलकर "सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता चिनाब रेलवे ब्रिज" कर दिया जाए। अपने संबोधन में, उपराज्यपाल सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के भविष्य के लिए चार प्राथमिकताएँ बताईं: स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस; बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी के ज़रिए तेज़ी से विकास; युवाओं को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना; और पर्यटन व मानवीय मूल्यों को मज़बूत करने के लिए सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करना। उन्होंने लेखकों की नई पीढ़ी से आग्रह किया कि वे इतिहास को चुनिंदा बातों को महिमामंडित करने के ज़रिया के बजाय सच्चाई के आईने के तौर पर देखें। उन्होंने चेतावनी दी कि पहले की कहानियाँ अक्सर वैचारिक पूर्वाग्रहों से प्रभावित रही हैं, जिनमें पटेल के निर्णायक योगदान को कम करके दिखाया गया। इस मौके पर आचार्य श्री जितेंद्रियप्रियदासजी स्वामीजी महाराज, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना, डॉ. रिज़वान कादरी और कई जाने-माने साहित्यकार मौजूद थे। 'सरदार पटेल एंड कश्मीर: द अनटोल्ड हिस्ट्री' के लॉन्च को भारतीय संघ में जम्मू-कश्मीर के एकीकरण की ज़्यादा पूरी और सबूतों पर आधारित समझ की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

रतलाम लॉ कॉलेज में गणेश उत्सव के आपसी विवाद पर पुलिस कार्रवाई की मांग

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम के लॉ कॉलेज में एक दिन पूर्व गणेश उत्सव आयोजन में बवाल हो गया, अब छात्रों ने आक्रोश जताते हुए क्लेक्टर कार्यालय में और एसपी कार्यालय में जाकर लॉ कॉलेज में हंगामा और अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. दरअसल लॉ कॉलेज छात्रों ने बताया कि किसी संगठन का खुद को बताकर कुछ लोग हमारे लॉ कॉलेज सभागृह में बिना अनुमति प्रवेश कर गए और लॉ कॉलेज के सभागृह में गणपति स्थापना के सामने हो रहे सांस्कृतिक आयोजन गरबा को लेकर उसे कपल गरबा बताकर हंगामा किया, जबकि हमारे छात्राओं और छात्रों के अलावा शिक्षकों से भी अभद्रता से बात की, कुछ लोगों ने धक्कामुक्की भी की, और कहा कि आगे आयोजन हमसे अनुमति लेकर करना है. इन लोगों के साथ पुलिस जवान भी आए थे लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई उनके खिलाफ नहीं हुई है. अब हम मांग करते हैं कि प्रशासन पुलिस जाँच करे और हंगामा, बवाल और अभद्रता करने वालों पर कार्रवाई करे. जबकि दूसरे पक्ष से संगठन के किसी व्यक्ति ने सामने आकर अभी तक इन सभी आरोपों पर बयान नहीं दिया है ना ही किसी संगठन ने जवाबदारी ली है.
0
0
Report

CM सम्राट चौधरी बक्सर दौरे में विश्वामित्र पार्क समेत कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे

Buxar, Bihar:एंकर - बक्सर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक सभी तैयारियों को पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करीब दोपहर 12 बजे बक्सर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। हवाई अड्डे से मुख्यमंत्री सीधे बक्सर सेंट्रल जेल कैंपस स्थित वामन भगवान के मंदिर पहुंचेंगे, जहां वे वामन भगवान की पूजा-अर्चना करेंगे। मुख्यमंत्री पूजा-अर्चना के बाद चुरमाणपुर पंचायत सरकार भवन पहुंचेंगे। चुरमाणपुर में मुख्यमंत्री का जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम करेगे। इस दौरान वे जीविका दीदियों से बातचीत करेंगे और उनके कार्यों तथा सरकार की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी लेंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान करीब एक दर्जन विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेगे।इनमें विश्वामित्र पार्क की योजना प्रमुख बताई जा रही है।मुख्यमंत्री विश्वामित्र पार्क का शिलान्यास 3D के माध्यम से करेंगे। इसके साथ ही जिले से जुड़ी अन्य विकास योजनाओं को भी जनता को समर्पित किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बक्सर स्थित भाजपा जिला कार्यालय पहुंचेंगे। यहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद मुख्यमंत्री अहिरौली स्थित हेलीपAccordion पेड पहुंचेंगे, जहां से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से आरा के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाओं का लगातार जायजा ले रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री का बक्सर दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराया जा सके।
0
0
Report

नई ड्रग-डिटेक्शन टेक्नोलॉजी से सुरक्षा एजेंसियाँ अब तेज़ पहचान करेंगी

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कॉन्फ्रेंस और एक्सिबिशन में ड्रग्स का पता लगाने वाले उपकरण और टेक्नोलॉजी दिखाई गईं। देहरादून के इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (IRDE) की साइंटिस्ट डॉ. साक्षी गुप्ता कहती हैं, हाथ में पकड़कर इस्तेमाल होने वाले केमिकल आइडेंटिफायर का वज़न 5 किलो है और यह 30 सेमी की दूरी से काम करता है; हमने इसे होमलैंड सिक्योरिटी की ज़रूरत के हिसाब से विस्फोटक का पता लगाने के लिए बनाया था और यह 10 सेकंड से भी कम समय में केमिकल पहचान लेता है. हमारी बातचीत नारकोटिक्स ब्यूरो से ड्रग्स का पता लगाने वाले ऐसे उपकरणों के लिए आगे बढ़ चुकी है. Dawell Lifescience Pvt Ltd के डायरेक्टर वैभव धसाल कहते हैं कि उनका डिवाइस नशीले पदार्थों का पता लगाने में सक्षम है, बिना बिजली या अधिक प्रशिक्षण के 5 मिनट में यह पहचान लेता है कि कौन सा पदार्थ लिया गया है; नयूरीन न ही ब्लड नमूले की ज़रूरत है और यह नैनोग्राम-स्तरीय सटीकता देता है. महाराष्ट्र, पुणे पुलिस और अन्य एजेंसियाँ इसका उपयोग कर रही हैं, डेमो अन्य राज्यों में भी हो चुके हैं और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. यहाँ दिख रहा दूसरा पोर्टेबल डिवाइस लगभग 600 ग्राम वजन का है, जो लार नमूने पर भी काम करता है और तुरंत प्रिंटआउट देता है. तीसरा कॉम्बिनेशन यूनिट नशीले पदार्थ की पहचान के साथ फिजिकल सबूतों का विश्लेषण भी कर सकता है, जैसे बरामद पैकेट या सतहों पर छुआ गया प्रभावित भाग; इसे 10 लाख रुपये में उपलब्ध कराया गया है.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top