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Jaipur: Driving license failure rate 38-40% through automated track

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी हैडर- - प्रशिक्षितों को ही मिल रहा ड्राइविंग लाइसेंस! - जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी पहल - अब मैन्युअल ट्रायल से नहीं बन रहे ड्राइविंग लाइसेंस - ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटर बता रहा पास या फेल - फरवरी में तो 79 प्रतिशत आवेदक फेल हो गए थे - कार के लाइसेंस में औसतन 40 फीसदी फेल एंकर राजस्थान के करीब 23 परिवहन कार्यालयों में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना उतना आसान नहीं रहा है। राजधानी जयपुर के जगतपुरा एडिशनल आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब कठिन ट्रायल से गुजरना पड़ रहा है। इस कारण कार का लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों में से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। क्या हुआ है राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में बदलाव, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य के परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के 23 परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ट्रायल को अनिवार्य कर दिया है। राज्य के 11 आरटीओ कार्यालयों और 12 डीटीओ कार्यालयों में अब कम्प्यूटर ही लाइसेंस के पास या फेल का फैसला कर रहा है। दरअसल यूं तो परिवहन विभाग के 35 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बन चुके हैं। लेकिन इनमें से 23 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। राज्य में 13 RTC कार्यालय हैं, इनमें से 11 में ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही ट्रायल हो रही है। बचे हुए 2 कार्यालय, जिनमें जयपुर आरटीओ द्वितीय और अजमेर आरटीओ शामिल हैं, उनमें ट्रायल मैन्युअल ली जा रही है। ऑटोमेटेड ट्रैक पर ट्रायल के दौरान कैमरों के जरिए निगरानी की जाती है। लाइसेंस आवेदक के सही तरीके से गाड़ी चलाने या गलतियों के आधार पर कम्प्यूटर द्वारा अंक दिए जाते हैं। इसके बाद कम्प्यूटर ही पास या फेल का फैसला करता है। जयपुर आरटीओ प्रथम के जगतपुरा कार्यालय में पिछले 8 महीने के दौरान बड़ी संख्या में आवेदक फेल हुए हैं। Gfx In 8 महीने में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का रिजल्ट - फरवरी में कुल 608 आवेदकों की ट्रायल, इनमें 305 आवेदक पास हुए - फरवरी में 266 आवेदक फेल, कार के लाइसेंस में 79 प्रतिशत आवेदक फेल - मार्च में 590 आवेदकों की ट्रायल, 348 हुए पास - मार्च में 204 आवेदक फेल हुए, कार में 60 फीसदी आवेदक फेल - अप्रैल में 2788 आवेदकों की ट्रायल, 1946 हुए पास - 718 आवेदक फेल हुए, कार के ट्रायल में 38 फीसदी आवेदक फेल - मई में 3529 आवेदकों की ट्रायल, 2469 आवेदक हुए पास - 765 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 33 प्रतिशत हुए फेल - जून में 2209 आवेदकों की ट्रायल, 1559 आवेदक हुए पास - 492 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 34 फीसदी हुए फेल - जुलाई में 2330 आवेदकों की ट्रायल, 1663 आवेदक पास हुए - 498 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस ट्रायल में 33 फीसदी फेल - अगस्त में 1361 आवेदकों की ट्रायल हुई, 905 आवेदक पास हुए - इनमें से 370 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 42 फीसदी फेल - सितंबर में 1779 आवेदकों की ट्रायल हुई, 1247 पास हुए - 429 आवेदक फेल हुए, कार के लाइसेंस में 38 फीसदी फेल Gfx Out बाइट- आदर्श सिंह राघव, एडिशनल RTO, जगतपुरा वीओ- 2 ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल की इस नई प्रक्रिया से अब अच्छी तरह वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन पा रहे हैं। जो वाहन चालक अच्छी तरह से वाहन नहीं चला सकते हैं, उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल में पास होना असंभव है। यही वजह है कि अभी भी कार के ट्रायल में औसतन 38 से 40 फीसदी आवेदक फेल हो रहे हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। ट्रायल में अब किसी निजी कम्पनी का वित्तीय रूप से दखल नहीं है। सभी कार्यालयों में मारुति सुजुकी कम्पनी द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत ट्रैक संचालन किया जा रहा है। ऐसे में लाइसेंस की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म हो गई है और अब वास्तविक रूप से लाइसेंस पाने के योग्य आवेदकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल पा रहा है। क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी
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श्मशान घाट पर 8 लाख से खुला ओपन जिम, बजट बर्बादी पर सवाल

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Rewari, Haryana:सामने चिता और बगल में कसरत के उपकरण: भाड़ावास गांव में पंचायत विभाग का अजीबोगरीब कारनामा। रेवाड़ी श्मशान घाट में 8 लाख की लागत से बना दी ओपन जिम, कसरत के उपकरण देख ग्रामीण हैरान; अंतिम संस्कार में भी खलल। जगह की कमी का अजीब तर्क, सरकारी बजट की बर्बादी पर उठे सवाल। दशकों पुरानी करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि में कुल तीन टीन शेड बने हुए हैं। दो शेड अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित हैं, जबकि तीसरे बड़े शेड का उपयोग शवयात्रा में शामिल लोगों के बैठने के लिए किया जाता था। पंचायत ने इसी बैठने वाले शेड में टाइलें बिछवाकर ओपन जिम के उपकरण लगवा दिए। अब अंतिम संस्कार के समय लोगों के बैठने तक की जगह नहीं बची है। सरकार की हर गांव में ओपन जिम योजना के तहत इसके निर्माण के लिए न्यूनतम 450 वर्गगज जमीन की दरकार थी। गांव के सरपंच सुनील कुमार का कहना है कि पंचायत के पास गांव के भीतर 350 वर्गगज से बड़ी कोई दूसरी भूमि उपलब्ध नहीं थी , इसलिए श्मशान घाट की जमीन पर ही यह जिम बनवाई गई। अब सवाल यह है कि जब जगह का आभाव था तो गांव से बाहर और श्मशान में पैसे की बर्बादी क्यों कि गई? ऐसे माहौल में न तो युवा कसरत करने जा सकते हैं और न ही बच्चे खेलने, जिससे लाखों रुपये की यह परियोजना पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रही है।
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू, हाथियों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा सुनिश्चित

Umaria, Madhya Pradesh:उमारीया जिले में बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में तीन महीने के इंतजार के बाद आज से जंगल सफारी शुरू हो गई। सुबह करीब 6 बजे से पर्यटकों ने ताला, मगधी और खितौली जोन में जंगल भ्रमण किया। मानसून के चलते पिछले तीन महीने से कोर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बंद थी,सफारी शुरू होने से पहले पार्क प्रबंध ने सेंटर प्वाइंट की सड़कों सहित पर्यटकों से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है। इस बार सफारी की शुरुआत जंगली हाथियों के मूवमेंट के बीच हुई है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए गाइड और वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि सफारी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जंगली हाथियों के मूवमेंट के बावजूद सफारी जारी रहेगी। हाथियों से बचाव और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गाइड एवं वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि नए पर्यटन सीजन में एक महीने की सफारी फुल है।सफारी शुरू होने से स्थानीय गाइड, वाहन संचालकों और पर्यटन से जुड़े लोगों में भी रोजगार को लेकर उत्साह है। बाइट -01 अनुपम सहाय क्षेत्र संचालक
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जनता दर्शन में जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल, दो महिलाओं की समस्याओं का तत्काल समाधान

ASAmit SinghFollow3m ago
Deoria, Uttar Pradesh:जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए दो मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी की पहल से जहां एक महिला को वरासत और खतौनी में नाम दर्ज होने का लाभ मिला, वहीं दूसरी महिला के परिवार को आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्राम मुडाडीह निवासी सरिता देवी पत्नी स्व. उदयभान ने जनता दर्शन में अपने पति की मृत्यु के बाद वरासत और खतौनी में नाम दर्ज नहीं होने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर अलका सिंह को वर्चुअल माध्यम से तत्काल प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फरियादिनी का प्रार्थना पत्र भी तहसीलदार को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा। निर्देश के क्रम में तहसीलदार सदर ने सरिता देवी और उनके बच्चों का वरासत आदेश जारी कर दिया। त्वरित कार्रवाई से फरियादिनी और उनके परिवारीजन ने राहत जताते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में देवरिया खास निवासी मीना देवी अपनी दो बच्चियों के साथ जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने आर्थिक स्थिति खराब होने और बच्चियों के भरण-पोषण में कठिनाई का हवाला देते हुए आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मीना देवी का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने और उनकी पढ़ाई की व्यवस्था कराने की पहल की। जनता दर्शन में मौजूद एएसडीएम एवं प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी नम्रता सिंह को निर्देश दिया गया कि परिवार को पात्रता के अनुसार सभी संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और राशन कार्ड बनवाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। जनता दर्शन में जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई से दोनों परिवारों को राहत मिली। फरियादियों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार जताया।
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बड़वानी के झोपड़े जैसे स्कूल में पक्का भवन नहीं, बच्चों की पढ़ाई संकट

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती खबर कभी ईमली के पेड़ के नीचे से शुरू हुई पाठशाला पहुँची झोपड़ी में लेकिन 12 साल बाद भी पक्के स्कूल भवन का नेनिहालों को है इंतजार कलेक्टर बोली जल्द होगी व्यवस्थाएं व्यवस्थित जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत वेदपुरी के अछालिया फलिया में एक ऐसा स्कूल है जो साल 2014 में अचालियाया फलियां में शुरू हुआ था हालाकि उस समय यहां स्कूल नहीं थी तो शिक्षक इमली के पेड़ के नीचे कक्षाएं लगाते थे हालांकि बाद में गांव के एक व्यक्ति मुन्ना ने बच्चों की दिक्कतें देख अपने पशुओं को बांधने के लिए बनाए गए छोटे से झोपड़े में स्कूल चलाने के लिए जगह दे दी थी लेकिन यहां भी शिक्षक और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है यहां बारिश में छत टपकती है, मिट्टी का बना फर्श गीला हो जाता है और कच्ची जमीन पर बच्चों को बैठकर पढ़ना पड़ता है स्कूल के ठीक पास मवेशी बांधे जाते हैं और स्कूल के पीछे जमा पानी भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है हालांकि सरकार की ओर से स्कूल भवन स्वीकृत होने की बात भी कही जा रही है लेकिन भवन अभी भी लंबे समय से अधूरा है ऐसे में सवाल उठता है की आखिर इन बच्चों को पक्के स्कूल भवन में पढ़ने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा जबकि स्कूल का मौजूदा हाल स्कूल के शिक्षक के अनुसार उनकी पदस्थापना यहाँ करीब 20 दिन पहले ही हुई है मौजूदा व्यवस्था में बारिश और कच्ची जमीन के कारण बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत होने की बात भी सामने आई है वंही इस मामले में संकुल प्राचार्य से बात की गई तो उनका कहना है कि स्कूल भवन स्वीकृत हो चुका है और निर्माण कार्य भी कुछ हद तक हो चुका है लेकिन हकीकत ये है कि बच्चे आज भी इसी स्कूल में पड़ने को मजबूर है मामले को लेकर बड़वानी कलेक्टर जयतीसिंह का कहना है के जिले के ढाई लाख बच्चे है जो 17 भवन विहीन स्कूल में तो 40 जर्जर भवनों में पढ़ाई कर रहे है जिसको लेकर सरकार गंभीर है आज 65 जगहों पर आईटी की पढ़ाई हो रही है बच्चे सिख रहे है जल्द सारी समस्याओं का निदान हो जाएगा
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गणेश विसर्जन के डांस वीडियो पर राजनीतिक विवाद, भाजयुमो ने जांच की मांग

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव में बीते दिनों गणेश विसर्जन झांकी के दौरान डीजे पर कथित तौर पर कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा से जुड़े गाने पर डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आपत्ति जताते हुए डांस करने वाले कथित कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राजनांदगांव में गणेश विसर्जन झांकियों के दौरान सामने आए एक डांस वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग डीजे की धुन पर डांस करते नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा का आरोप है कि डीजे पर कुख्यात नक्सली हिडमा से जुड़ा गाना बज रहा था और इसमें एक कांग्रेस नेता तथा उसके साथियों ने डांस किया। वीडियो सामने आने के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो जिलाध्यक्ष चिंटू सोनकर ने आरोप लगाया कि झीरम घाटी की घटना में कांग्रेस के कई नेताओं की हत्या हुई थी और अब उसी नक्सली कमांडर से जुड़े गाने पर कांग्रेस नेता के डांस का वीडियो सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा झीरम घाटी मामले को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का भी उल्लेख करते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की। भाजयुमो ने मांग की है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर डांस करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में भी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। गणेश विसर्जन के दौरान सामने आए इस वीडियो ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजयुमो की शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई
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दमोह के निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मौत, सड़कों पर हंगामा बरकरार

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह के निजी अस्पताल में आपरेशन के बाद हुई मरीज की मौत के मामले ने पकड़ा तूल, सड़को पर आए लोग, डॉक्टर के पक्ष में सिंधी समाज.. एंकर/ दमोह जिले में बीते दोनों एक निजी अस्पताल में हार्निया के आपरेशन के बाद एक शख्स की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लोग सड़को पर है तो आरोपी डॉक्टर के पक्ष में भी लोग सामने आए है। दरअसल शहर के विद्या हॉस्पिटल में 21 तारीख को हिंडोरिया के रहने वाले सचिन अग्रवाल की आपरेशन के बाद संदिग्ध मौत हो गई थी और उस वक्त जमकर बबाल हुआ, पीड़ितों ने आपरेशन करने वाले डॉ पीताम्बर बुधवानी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक का पैनल के जरिए पोस्टमैटम कराया गया और एक कमेटी मामले की जांच भी कर रही है लेकिन कई दिनों बाद जब मामले में कार्यवाही नहीं बड़ी तो अब अग्रवाल समाज ने मोर्चा खोला है और लोग डाक्टर पर आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ हॉस्पिटल को सील करने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर बुधवानी के पक्ष में भी लोग सामने आए है। सिंधी समाज की पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया है और कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और किसी दबाव में कार्यवाही न हो, सिंधी समाज के मुताबिक डॉ बुधवानी तीस सालों से ज्यादा समय से आपरेशन कर रहे है और अनुभवी है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। इस पूरे मामले में जिले के कलेक्टर एसपी का कहना है कि फिलहाल जांच चल रही है, पुलिस जांच के अलावा एक्सपर्ट की कमेटी बनाई है वो भी जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही होगी। बाइट/ मृतक के परिजन समाज सदस्य अग्रवाल समाज बाइट/ सिंधी समाज प्रतिनिधि गण बाइट/ आनंद कलादगी ( एसपी दमोह) बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह)
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नकल वेबसाइट से ठगी का खतरा: भुगतान इससे पहले सत्यापित करें

Ghaziabad, Uttar Pradesh:अगर आप भी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर किसी भी तरह की पेमेंट करने की सोच रहे हैं तो आप यह न सोचे कि आपके द्वारा किया गया भुगतान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के पास पहुंचेगा। दरअसल गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के नाम से कुछ नटवरलालों ने गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई है। जो की देखने में हूबहू गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी की वेबसाइट लगती है। अब ऐसे अगर आप किसी भी तरीके का भुगतान करते हैं तो वह धनराशि नटवरलालों के खातों में चली जाएगी और आपके साथ फ्रॉड हो जाएगा। इसको लेकर गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सर्कुलर जारी किया है जिसमें सीधे तौर पर यह आग्रह किया गया है कि यदि आप प्राधिकरण की वेबसाइट पर किसी तरीके का भुगतान कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं。
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पंचायत राज चुनाव में कांग्रेस के भारी दावे, भाजपा को शिकस्त देने की तैयारी

Ajmer, Rajasthan:प्रदेश में होने वाले पंचायत राज चुनाव में कांग्रेस भारी मतों से जीत दर्ज करवा कर भाजपा को शिकस्त देने जा रही है... यह कहना है पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का... जयपुर से अजमेर होते हुए नागौर दौरे पर निकले राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डोटासरा का अजमेर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया.. वही आज उनके जन्मदिन को भी उत्साह उमंग के साथ मनाया गया.. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़,शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल, द्रौपदी कोली सहित अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके ओर केक काटा और उनके हाथों जरूरतमंद लोगों को कंबल प्रदान किए... इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत राज चुनाव कांग्रेस जीतेगी.. वही उन्होंने भाजपा पर भी जम कर निशाना साधा..
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चरखी दादरी में समाधान शिविरों की अनुपस्थिति पर प्रशासन की कठोर कार्रवाई

Charkhi Dadri, Haryana:चरखी दादरी। आमजन की शिकायतों के समाधान के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविरों में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चरखी दादरी की उपायुक्त मनदीप कौर ने समाधान शिविर में लगातार अनुपस्थित रहने वाले 12 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि इनमें से छह अधिकारियों ने नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ संबंधित विभाग के डायरेक्टर और उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी जाएगी। लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उपायुक्त मनदीप कौर ने विभिन्न विभागों से संबंधित आमजन की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए। बैठकों से गायब अधिकारी पर उपायुक्त नाराज। समाधान शिविर के दौरान कई बार बैठक में उपस्थित नहीं होने पर मार्केट कमेटी के अधिकारी के शिविर में पहुंचने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारी से कहा कि जब कई बार बैठक हो चुकी है तो अब क्यों आए हैं, वापस जाइए। उपायुक्त के इस सख्त रवैये से शिविर में मौजूद अधिकारियों में भी हड़कंप की स्थिति नजर आई। उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि समाधान शिविर महज औपचारिकता नहीं हैं। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों की शिकायतों को सुनना और संबंधित अधिकारियों को तत्परता से कार्रवाई कर उनका जल्द समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में अधिकारियों की गैरहाजिरी या शिकायतों के समाधान में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर अधिकारी को फटकार। शिविर में एक शिकायतकर्ता ने उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए कहा कि वह कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायत सुनते ही उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों पर केवल जवाब देने की बजाय धरातल पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। आमजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है। समाधान शिविर में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं, समाधान शिविरों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने वाले अधिकारियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी。
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रायसेन में MP शासन लिखी टाटा अल्ट्रोज से युवती पर मारपीट; CCTV में कैद

Raisen, Madhya Pradesh:रेयसेन नगर के मुखर्जी नगर के सामने स्कूटी सवार एक युवती ऑफिस से अपने घर खाने जाने वाली थी तभी पीछे से आ रही मध्यप्रदेश शासन लिखी टाटा अल्ट्रोज कार चला रही महिला ने युवती को रोककर गाड़ी में एक्सीडेंट करने का कहकर उसके साथ जमकर मारपीट की और मारपीट की यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी में साफ देखा जा सकता है कि चालक महिला स्कूटी सवार युवती के साथ कैसे जमकर मारपीट कर रही है जबकि उसकी गाड़ी से युवती की गाड़ी का कोई एक्सीडेंट हुआ ही नहीं था। वहीं मौके पर पहुंचे एक युवक ने युवती को पिटने से बचाया। जिस दबंग महिला ने युवती के साथ मारपीट की उसकी टाटा अल्ट्रोज गाड़ी का नंबर MP04-EA-5703 है और उस गाड़ी के मालिक का पता शारदा देवी पति चंपालाल ठाकुर निवासी भोपाल का आ रहा है। आपको बता दे कि इस गाड़ी पर मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ है। वहीं पीड़ित युवती ने अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत कोतवाली थाने में जाकर की तो पुलिस ने संज्ञान में मामले को लिया और सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना देखने को मिल रही है जहां महिला दबंगई दिखाते हुए एक युवती के साथ जमकर मारपीट करती नजर आ रही है। वहीं युवती का कहना है कि ऐसी महिला पर कार्रवाई होना चाहिए जिन्होंने बिना किसी कारण मेरे साथ मारपीट की है। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल का कहना है कि एक शिकायत मिली है मामले की जांच कर रहे हैं दबंग महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ढाका का बास चोरी: ग्रामीणों का धरना जारी, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:मंडावा, झुंझुनूं ढाका का बास गांव में करीब 20 दिन पहले हुई 50 लाख रुपए से अधिक की बड़ी चोरी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। चोरी की वारदात का अभी तक खुलासा नहीं होने और आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई दिया। आज बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और पीड़ित परिवार के लोग बिसाऊ चौराहे से आक्रोश रैली के रूप में मंडावा थाने पहुंचे। रैली के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद रैली थाने से सुभाष चौक होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा को ज्ञापन सौंपकर चोरी का जल्द खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी की वारदात को करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा और आक्रोश का माहौल है। आपको बता दें कि ढाका का बास गांव में एक ही रात में दो घरों को चोरों ने निशाना बनाया था। बदमाश घरों से लाखों रुपए की नकदी के साथ सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए थे। वारदात के दौरान घर में मौजूद परिजनों के कमरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए गए थे। इसके बाद खिड़की तोड़कर बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना की सूचना के बाद मंडावा थानाधिकारी CI चंद्रभान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहीं FSL और MOB टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस की ओर से मामले के खुलासे के लिए जांच और तकनीकी माध्यमों से सुराग जुटाने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक चोरों का सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के बाद दर्जनों महिलाएं और पुरुष एसडीएम कार्यालय के सामने ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में मंडावा बाजार बंद कराया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल पुलिस के सामने करीब 20 दिन पुरानी इस बड़ी चोरी का खुलासा करना और आरोपियों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने के बाद पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और चोरी का खुलासा कब तक हो पाता है.
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हांसी में सफाई कर्मचारियों का धरना चौथे दिन, वेतन भुगतान पर स्थिति स्पष्ट नहीं

Hansi, Haryana:हांसी नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही। कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। डीएमसी लक्षित शरीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद का पक्ष रखा, वहीं सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलजीत सिंह ने भी अपना पक्ष सामने रखा। डीएमसी लक्षित सरीन ने कहा कि सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर जो निर्देश दिए गए थे, नगर परिषद हांसी की ओर से उन्हें लागू किया जा रहा है। डीएमसी के मुताबिक, 37 दिन की हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की सैलरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कर्मचारियों के खातों में वेतन क्रेडिट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 118 कर्मचारियों में से 114 की सैलरी प्रोसेस की जा रही है, जबकि चार कर्मचारियों की फाइल में जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज स्पष्ट नहीं हैं। डीएमसी ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार 37 दिनों की भरपाई के लिए कर्मचारियों से काम लेने की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए आने वाले रविवार को कर्मचारियों से काम लेने का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। वहीं एफआईआर वापस लेने की मांग पर डीएमसी ने कहा कि नगर परिषद की ओर से दर्ज एक केस सरकार के निर्देशों के तहत वापस लिया जा चुका है। साबुन और तेल की मांग को लेकर भी डीएमसी ने कहा कि नगर परिषद के पास कर्मचारियों का साबुन और तेल उपलब्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से आज शाम 4 बजे नगर परिषद कार्यालय पहुँचकर इसे लेने की अपील की। इसके अलावा डीएमसी ने बताया कि सरकार की हिदायतों के अनुसार सितंबर से 2 हजार रुपये का भत्ता देना शुरू कर दिया गया है। एलटीसी को लेकर मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश मिलने बाकी हैं, जबकि रिस्क अलाउंस दिए जाने की बात भी डीएमसी ने कही। वहीं सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलजीत सिंह ने डीएमसी के दावों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों के खातों में सैलरी नहीं आती, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। पिछले तीन दिनों से आश्वासन दिया जा रहा है। आज हमारे साथ ऑफिस में मीटिंग के दौरान अब अभद्रता करते हुए OFFICE से बाहर निकाला। बलजीत सिंह ने यह भी कहा कि कर्मचारियों पर दर्ज किए गए केस अभी तक वापस नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि केस वापसी भी यूनियन की प्रमुख मांगों में शामिल है। बलजीत सिंह, जिला प्रधान, सफाई कर्मचारी यूनियन ने बताया कि आज धरना का चौथा दिन है। जब तक हमारे कर्मचारियों के खाते में सैलरी नहीं आएगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। हमारे ऊपर जो केस लगाए गए थे, वो भी अभी तक वापस नहीं हुए हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हमारा धरना जारी रहेगा। डीएमसी लक्षित शरीन ने कहा कि सरकार की ओर से जो निर्देश आए हैं, नगर परिषद हांसी उन्हें लेटर और स्पिरिट दोनों में लागू कर रही है। 37 दिन की सैलरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कर्मचारियों के खातों में सैलरी क्रेडिट हो रही है। फिलहाल नगर परिषद और सफाई कर्मचारी यूनियन के दावों में अंतर बना हुआ है। एक तरफ डीएमसी सैलरी की प्रक्रिया शुरू होने और कई मांगों पर कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, वहीं यूनियन खाते में सैलरी आने और केस वापस होने तक धरना जारी रखने की बात कह रही है।
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पटपड़गंज में छह मंजिला अवैध बिल्डिंग: प्रशासन की मिलीभगत पर सवाल

New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में हुए सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद से दिल्ली सरकार ने नगर निगम सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे इसके बाद से ही सीलिंग और अवैध निर्माण को बढ़ाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है बावजूद इसके प्रशासन की नाक के नीचे अवैध निर्माण दिल्ली सरकार और नगर निगम के आदेश की हकीकत जमीनी स्तर पर क्या है यह हम आज आपको दिखाने वाले हैं पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज गांव में मकान संख्या 196 पर अवैध निर्माण जारी है नियम के मुताबिक ग्राउंड फ्लोर के साथ-साथ तीन मंजिल ही वैध है इसके बाद कोई भी ज्यादा मंजिल बनता है तो वह अवैध है लेकिन पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज गांव में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक बिल्डिंग को 6 मंजिला बनाने का निर्माण कार्य जारी है और सातवीं मंजिल की निर्माण की तैयारी चल रही है यहाँ लोगों ने बताया कि शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही अभी तक बिल्डर पर नहीं हुई है इतना ही नहीं यदि कोई शिकायतकर्ता है तो बिल्डर दबंगई दिखाते हुए उससे झगड़ा करता है और मारपीट करता है जिसके बाद से आसपास के ज्यादातर लोग इस बिल्डिंग के बारे में कुछ भी बोलने से डर रहे हैं क्षेत्रीय पार्षद रेल चौधरी से जब इस बाबत बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है यदि अवैध बिल्डिंग बनाई जा रही है तो उसे पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो सके यह बिल्डिंग एक संकरी गली में बनाई जा रही है जो आपातकाल के हालात में फायर या एंबुलेंस भी नहीं पहुंच सकती है यहां पर इतनी ऊंची बिल्डिंग बनाना और नियमों की अनदेखी करना यह बताता है कि बिल्डर माफिया और नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से किस तरह सरकार के आदेश की अवहेलना की जा रही है साथ ही साथ मौत की बिल्डिंग का निर्माण आसानी से किया जा रहा है
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