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शहडोल मॉडल: पारदर्शी जल प्रदाय से महिला सशक्तिकरण की मिसाल
PCPUSHPENDRA CHATURVEDI
Jan 09, 2026 07:51:44
Shahdol, Madhya Pradesh
एंकर -इंदौर की घटना के बाद प्रदेश के कई नगर निकायों की जल प्रदाय व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। लेकिन इसी बीच शहडोल ने एक ऐसा मॉडल पेश किया है जो न सिर्फ पारदर्शी है बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण बन गया है… शहडोल की यह पहल अब प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है…
वीओ01-शहडोल में पिछले लगभग एक वर्ष से नगर पालिका ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जल प्रदाय व्यवस्था की निगरानी में लगाया हुआ है। महिलाएं घर-घर जाकर नल से निकलने वाले पानी की टेस्टिंग करती हैं और मौके पर ही नागरिकों को उसकी रिपोर्ट दिखाती हैं।
वीओ02-टेस्टिंग के दौरान TDS, PH सहित कई पैरामीटर्स की जांच होती है। रिपोर्ट संतोषजनक होने पर नागरिक रजिस्टर में हस्ताक्षर करके अपनी सहमति दर्ज करते हैं। इस पहल ने स्थानीय लोगों का पानी की गुणवत्ता पर भरोसा बढ़ाया है।
वीओ03-शहडोल नगर पालिका के अंतर्गत 21,000 मकान आते हैं… जिनमें से 9,100 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। जबकि नगर पालिका क्षेत्र की कुल जनसंख्या लगभग 1,04,000 है। इस बड़े पैमाने को ध्यान में रखते हुए पानी की शुद्धता पर नगर पालिका विशेष ध्यान देती है।
वीओ04-जहां से पानी की सप्लाई होती है वहां पहले स्तर पर शुद्धता सुनिश्चित की जाती है… इसके बाद नल के जरिये घर-घर पानी पहुंचता है। और तीसरे स्तर पर स्व-सहायता समूह की महिलाएं इसकी फील्ड टेस्टिंग करती हैं। इस तरह सप्लाई से वितरण तक पानी की क्वालिटी तीन स्तरों पर मॉनिटर की जाती है।
वीओ05-इस पूरे काम को पूर्णिमा बचत स्व-सहायता समूह की 14 महिलाएं अंजाम दे रही हैं। महिलाएं अलग-अलग वार्डों में जाकर टेस्टिंग करती हैं और यदि कहीं भी थोड़ी सी भी दिक्कत दिखती है तो तुरंत नगर पालिका को सूचना देती हैं। हालांकि अब तक पानी की शुद्धता को लेकर बड़े स्तर की कोई शिकायत सामने नहीं आई है।
वीओ06-दिलचस्प बात यह है कि शहडोल में इन दिनों पूरे शहर में सीवर लाइन का काम चल रहा है… इसके बावजूद नगर पालिका ने साफ-सुथरा पानी नागरिकों तक पहुंचाने में कोई कमी नहीं आने दी… और साथ ही टेस्टिंग का यह पारदर्शी सिस्टम लगातार जारी है।
वीओ07-शहडोल मॉडल ने साबित किया है कि सही सिस्टम, पारदर्शिता और निगरानी के साथ जल प्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। प्रदेश के अन्य नगर निकायों में भी इस मॉडल को अपनाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वीओ08-यानी शहडोल ने संकट के समय एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है… एक तरफ पारदर्शी जल प्रदाय व्यवस्था, और दूसरी तरफ महिलाओं को सशक्त बनाने वाला मॉडल… फिलहाल नज़रें इस बात पर हैं कि प्रदेश के अन्य निकाय इस मॉडल को कब अपनाते हैं…
बाइट 01-अल्ताफ खान (शहारवासी)
बाइट02- स्वसहायता समूह की महिलाएं
बाइट03- स्वसहायता समूह की महिलाएं
बाइट04-घनश्याम जायसवाल (नगर पालिका अध्यक्ष शहडोल)
बाइट05-अक्षत बुंदेला (नगर पालिका सीएमओ नगर पालिका शहडोल)
वॉकथ्रू- पुष्पेंद्र चतुर्वेदी
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