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Chhatarpur471001

छतरपुर में लव जिहाद मामले में एक युवती को पकड़ा

Aug 20, 2024 16:55:49
Chhatarpur, Madhya Pradesh

छतरपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठन ने युवती को नौगांव अदालत के पास गायब होते हुए पुलिस की मदद से पकड़ लिया, जहां दोनों युवक-युवती कोर्ट मैरिज करने पहुंचे थे। हिंदूवादी संगठन ने परिजनों को नौगांव बुलाकर पुलिस थाने में बैठाया और पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है।

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Feb 02, 2026 19:53:59
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Feb 02, 2026 19:33:44
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Feb 02, 2026 19:20:53
Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में हाल ही में दो प्रमुख धर्मांतरण के मामले सामने आए हैं, जो राज्य के सख्त एंटी-कन्वर्जन कानून के प्रवर्तन को दर्शाते हैं। बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में पास्टर जेम्स सिंह पर प्रार्थना सभा की आड़ में हिंदुओं को ब्रेनवॉश कर ईसाई धर्म अपनाने का आरोप लगा। बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दूसरा मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई का है, जहां सारिका डाडिंगे (42) और प्रियंका साईमन (33) को बीमारी ठीक करने, आर्थिक मदद और बेटी की शादी में सहायता के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता रूखमणी पाण्डेय के अनुसार, वे 25 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को घर आईं। पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 और बीएनएस की धारा 299 के तहत कार्रवाई कर दोनों को जेल भेज दिया।
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KCKULDEEP CHAUHAN
Feb 02, 2026 19:01:35
Baghpat, Uttar Pradesh:यूपी के बागपत से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग छत पर चढ़े हैं और नीचे से एक महिला और उसके परिवार के लोग दबंग युवक की वीडियो बना रहे हैं। छत पर खड़ा युवक हाथ में पिस्तौल लिए हुआ है और धमकी दे रहा है। यह मामला कोतवाली बड़ौत क्षेत्र के शिव विहार कॉलोनी का है जहां एक व्यक्ति ने अपने दो बेटों के साथ ITBP के जवान की पत्नी के साथ बदसलूकी, तमंचे और बंदूक से गाली-गलौच कर विरोध करने पर दो फायर कर दिए। पीड़ित महिला ने अपनी जान बचाई। लोगों ने तमंचा और बंदूक लिए आरोपियों का हथियार समेत वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पीड़ित महिला प्रियंका शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने रामकुमार और उसके बेटे प्रिंस एवं कुणाल उर्फ सत्यम उर्फ पन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला ने थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाला दबंग अपने साथियों के साथ मिलकर रास्ते में अश्लील हरकत करता है जिसका विरोध करने पर भद्दी भद़्दी गालियां देता है और हथियारों की धमकियां भी देता है; वीडियो वायरल हो रहा है। फिलहाल पुलिस वीडियो वायरल के बाद तफ्तीश में जुटी है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 02, 2026 19:01:12
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक युवा मेडिकल पीजी छात्र की आत्महत्या से जुड़े संवेदनशील मामले में पुलिस जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने मृतक डॉ. राकेश विश्नोई के पिता श्रीकृष्ण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में बताया गया कि यह दुखद घटना एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में हुई, जहां एमबीबीएस के बाद पीजी कर रहे होनहार छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता ने अब तक की पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और ऐसा वातावरण बनाया गया, ताकि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हुआ। वहीं पुलिस की प्रारम्भिक जांच में इसे आत्महत्या का सामान्य मामला बताते हुए उकसावे के आरोपों को खारिज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी जोधपुर (पश्चिम) ने पहले ही जांच अधिकारी को चार अहम बिंदुओं पर दोबारा जांच करने के निर्देश दिए थे। इनमें एफएसएल रिपोर्ट के जरिए मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि, यह जांचना कि क्या छात्र ने कॉलेज प्रबंधन या प्रिंसिपल को कोई लिखित शिकायत दी थी, शैक्षणिक रिकॉर्ड के माध्यम से थ्योरी और प्रैक्टिकल अंकों की जांच तथा गंभीर अवस्था में छात्र को जयपुर ग्रीन कॉरिडोर से क्यों भेजा गया और एम्स जोधपुर क्यों नहीं ले जाया गया जैसे सवाल शामिल हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता की मुख्य चिंता यह है कि समय बीतने के साथ साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं। हालांकि अदालत ने वर्तमान जांच अधिकारी शैतान सिंह चौधरी को ही जांच जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन इसे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की सतत निगरानी में रखने के निर्देश दिए। साथ ही निदेशक एफएसएल को 15 दिन में विसरा जांच पूरी कर रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंपने का आदेश दिया गया। न्यायालय ने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी पूर्वाग्रह के होगी तथा इसकी अंतिम रिपोर्ट दो माह के भीतर संबंधित अदालत में पेश की जाएगी। साथ ही याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी गई कि यदि वह जांच से संतुष्ट न हो, तो पुनः न्यायालय की शरण ले सकता
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 02, 2026 19:00:57
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने साक्ष्य कानून की व्याख्या करते हुए जिरह की प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली भ्रामक तकनीकों पर स्पष्ट सीमा खींच दी है। न्यायाधीश संजीत पुरोहित ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी गवाह से जिरह के दौरान दस्तावेज़ का केवल हस्ताक्षर वाला हिस्सा दिखाकर शेष सामग्री छिपाना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने माना कि ऐसी पद्धति निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों के विपरीत है और इससे गवाह भ्रमित हो सकता है। यह मामला पाली स्थित मरुधर होटल से जुड़ी संपत्ति के विवाद से संबंधित है। याचिकाकर्ता राजेश कुमार ने संपत्ति को संयुक्त हिन्दू परिवार की बताते हुए घोषणा, बंटवारा और निषेधाज्ञा की मांग की थी। वाद के दौरान 23 जून 1988 की कथित पारिवारिक सुलह को प्रतिवादी पक्ष ने जाली करार देते हुए संपत्ति को संयुक्त पारिवारिक मानने से इनकार किया। मुकदमे में प्रतिवादी के गवाह की जिरह के दौरान वादी ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धाराओं 138 और 145 के तहत आवेदन देकर यह अनुमति चाही कि गवाह को दस्तावेज़ की पूरी सामग्री दिखाए बिना केवल हस्ताक्षर वाला भाग दिखाकर पहचान कराई जाए। इस तरीके को पिजन होल थ्योरी या विंडो मेथड बताया गया। अपर जिला न्यायाधीश, पाली ने 17 सितंबर 2025 को इस आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जिरह में दस्तावेज़ दिखाया जाए तो पूरा दस्तावेज़ दिखाना आवश्यक है। बाद में दायर समान आवेदन को भी पुनरावृत्ति मानते हुए खारिज कर दिया गया और लगातार देरी के कारण जिरह का अधिकार बंद कर दिया गया। हाईकोर्ट ने साक्ष्य अधिनियम की धाराओं 45, 47, 67 और 73 सहित संबंधित प्रावधानों का परीक्षण करते हुए कहा कि कानून में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि केवल हस्ताक्षर दिखाकर शेष दस्तावेज़ छिपाया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि पिजन होल थ्योरी का सीमित उपयोग केवल तभी संभव है जब गवाह हस्तलेखन या हस्ताक्षर का विशेषज्ञ हो। वर्तमान मामले में गवाह विशेषज्ञ नहीं था और उसने स्वयं पूरा दस्तावेज़ देखे बिना हस्ताक्षर पहचानने में असमर्थता जताई थी।अदालत ने यह भी नोट किया कि वाद पिछले 20 वर्षों से लंबित है और बार-बार समान आवेदन देकर कार्यवाही में देरी करना प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इन कारणों से हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालत के आदेशों को सही ठहराते हुए रिट याचिका खारिज कर दी और कहा कि अनुच्छेद 227 के तहत हस्तक्षेप तभी संभव है जब स्पष्ट अवैधता या गंभीर त्रुटि हो, जो इस मामले में नहीं पाई गई। अप्रार्थीगणों की ओर से अधिवक्ता राजेश परिहार ने पैरवी की।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 02, 2026 19:00:36
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। जोधपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन कर जांच तेज कर दी है। टीम लगातार परिजनों, सेवकों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है, पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा लेकिन सवाल अब भी जस के तस बने हुए हैं। नया रहस्य उजागर हो रहा है जब पिता ने बार बार कहा था कि इंजेक्शन लगाते ही तबीयत बिगड गई और मौत हो गई। साध्वी प्रेम बाईसा को अंतिम बार इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने जी मीडिया से खास बातचीत की है। देवी सिंह ने कई अहम बातें सामने रखीं हैं। देवी सिंह का कहना है कि उन्हें शाम करीब 5 बजे फोन आया था कि साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत खराब है। मैं उनके पूर्व में चल रहे इलाज के तहत ही वहां गया था और दो इंजेक्शन मिलाकर लगाए थे। यह कोई नया इलाज नहीं था। कंपाउंडर ने उस दावे को सिरे से खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि इंजेक्शन लगते ही कुछ सेकेंड या मिनटों में मौत हो गई। अगर ऐसा होता तो मुझे तुरंत फोन आता। करीब 25 मिनट बाद फोन आया कि तबीयत बिगड़ रही है। तब मैंने साफ कहा कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया जाए। साध्वी की मौत के मामले में अब भी कई सवाल इंजेक्शन के बाद अचानक तबीयत क्यों बिगड़ी? क्या इंजेक्शन की मात्रा या मिश्रण में कोई चूक थी? पोस्टमार्टम में “कॉज ऑफ डेथ” स्पष्ट क्यों नहीं? विसरा रिपोर्ट में क्या सामने आएगा? साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित किया गया विसरा सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विसरा रिपोर्ट इसी सप्ताह मिलने की उम्मीद है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच में जहर की पुष्टि होती है तो पुलिस इसे हत्या मानते हुए गहन आपराधिक जांच शुरू करेगी। ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगे इससे पहले एफएसएल की टीम ने 29 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा के आश्रम का मौका मुआयना किया था। इसके बाद एक फरवरी को टीम ने दोबारा आश्रम पहुंचकर जांच की, लेकिन अब तक कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगे हैं। जानकारों का कहना है कि घटनास्थल से संभावित सबूत पहले ही नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस जांच इस समय दो बिंदुओं पर केंद्रित है, इंजेक्शन का रिएक्शन या भोजन में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट। एफएसएल की रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस, एसआईटी और एफएसएल की पूरी नजर विसरा जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। मेडिकल बोर्ड से करवाए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ऑपिनियन रिजर्व रखा गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपिनियन रिज़र्व रखा गया है। प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि साध्वी की मौत सभी के लिए दुखद है लेकिन कोई पक्ष यदि सीबीआई जॉच की मांग करता है तो सरकार हर पहलू पर कानूनी, तथ्यात्मक होने पर सीबीआई जॉच के बारे में सोचेगी। फिलहाल, SIT की जांच, FSL रिपोर्ट और केमिकल एनालिसिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य हर दिन और गहराता जा रहा है।
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Feb 02, 2026 18:50:07
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VRVIJAY RANA
Feb 02, 2026 18:48:07
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ ब्रेकिंग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक करीब 2 घंटे से भी ज्यादा चली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए कैबिनेट के फैसले हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा हरियाणा में रिहायशी प्लॉट में नर्सिंग होम के लिए पॉलिसी को मंजूरी दी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में लाइसेंसी रिहायशी प्लॉट वाली कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी को मंजूरी प्रदान की इस पॉलिसी का उद्देश्य रिहायशी इलाकों में मौजूदा हेल्थ केयर की कमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों को उनके घर-द्वार के आस-पास ज़रूरी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध हो सके इसके अलावा मंत्रिमण्डल ने स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में बदलाव को दी मंज़ूरी हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 तथा हरियाणा अनुसूचित सड़कें तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास प्रतिबंध नियम, 1965 के तहत निर्धारित विभिन्न वैधानिक फीस और शुल्कों में संशोधन के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन रूल्स 2016 में संशोधन को कैबिनेट ने दी मंज़ूरी अब संयुक्त निदेशक/उप निदेशक, जिला एमएसएमई केंद्र को जिला स्तरीय क्लीयरेंस समिति (डीएलसीसी) के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है हरियाणा कैबिनेट ने मौजूदा एमएसएमईज़ और अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टर्स को लाभ पहुंचाने हेतु एचईईपी-2020 में संशोधनों को दी मंजूरी हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (एचईईपी)-2020 तथा इससे संबंधित 16 प्रोत्साहन योजनाओं में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई यह निर्णय राज्य में कार्यरत मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज) को सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कैबिनेट ने हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 में संशोधनों को मंजूरी दी ग्रुप डी भर्ती 100% CET अंकों पर आधारित होगी हाल के न्यायिक फैसलों के अनुसार हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 की दूसरी अनुसूची में संशोधनों को मंजूरी दी गई है ग्रुप डी कर्मचारियों के चयन में सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के लिए 5 प्रतिशत वेटेज का पहले का प्रावधान माननीय सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने संबंधित मामलों में रद्द कर दिया था इन फैसलों को देखते हुए और कानूनी निरंतरता सुनिश्चित करने और भविष्य में मुकदमों से बचने के लिए अधिनियम की दूसरी अनुसूची में संशोधन करना आवश्यक हो गया था इसी के चलते कैबिनेट ने अधिनियम की धारा 26 के तहत मौजूदा दूसरी अनुसूची को बदलने की मंजूरी दी इसके अलावा हरियाणा कैबिनेट की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई, जिसमें प्रांतीय सरकार की जमीन को नगर परिषद पलवल को "पार्किंग स्थल और नगर परिषद पलवल के ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स" के निर्माण के लिए वर्तमान कलेक्टर रेट की दरों पर ट्रांसफर किया जाएगा प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2024-25 का कलेक्टर रेट 11.550 रुपये प्रति वर्ग गज था। इस तरह, एसडीएम आवास के पास स्थित 9944 वर्ग गज जमीन की कीमत राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 19 जनवरी, 2021 को जारी पॉलिसी के अनुसार 11,48,53,200 रुपये होगी
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