icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

चमोली के बगोली गांव में माता-पिता पर हमला: आरोपी बेटे की गिरफ्तारी

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के बगोली गांव में माता-पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 27 वर्षीय बेटे ने अपने माता-पिता पर ब्लेड से हमला करने के साथ ही उनका गला दबाने की भी कोशिश की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल चाकू, ब्लेड और लकड़ी का डंडा बरामद किया है。 वीओ-1: मामला कर्णप्रयाग कोतवाली क्षेत्र के बगोली गांव का है। पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे मनोज सिंह का अपने पिता विक्रम सिंह और मां शांति देवी के साथ विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान मनोज ने ब्लेड से अपने पिता के सीने और चेहरे पर वार किए। वहीं, बचाव करने पर उनका गला दबाने का भी प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी चाकू लेकर भी अपने माता-पिता पर हमला करने पहुंचा था। परिवार की शिकायत के मुताबिक, इससे पहले भी वह तीन से चार बार उन पर हमला कर चुका है। वीओ-2: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। शिकायत के आधार पर कर्णप्रयाग कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11 अक्टूबर को आरोपी मनोज सिंह को बगोली के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए जाने की बात कहे गए एक गुलाबी रंग के चाकू, दाढ़ी बनाने वाला ब्लेड और करीब तीन फीट 11 इंच लंबा लकड़ी का डंडा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
0
0
Report

विकासनगर के मजदूर कैंप: बेटी की शादी 50 हजार, मौत पर 4 लाख राहत

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर में आज श्रम एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से बादामावाला क्षेत्र में एक कैंप लगाया गया। श्रमिकों के संपूर्ण विकास के लिए लगाए जा रहे इन कैंप को भाजपा सेवा संकल्प पखवाड़े के तौर पर मनाया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन से शुरू किया गया यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक मिशन मोड में चलेगा। कैंप के जरिए श्रमिक परिवारों के लिए न्यूट्रिशन किट, बहन बेटियों के लिए सैनिटेशन किट, श्रमिकों के बच्चों के लिए एजुकेशन किट, साथ ही श्रमिक परिवारों की मेडिकल स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है। इन कैंप के माध्यम से श्रमिक कार्ड होल्डर परिवार की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार की आर्थिक मदद और श्रमिक की मौत होने पर श्रमिक कार्ड की मदद से 4 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। आज कैंप के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों ने लाभ उठाया। कैंप में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी जरूरतमंदों की मदद के लिए मौके पर मौजूद रहे।
0
0
Report
Advertisement

भाजपा महिला मोर्चा ने मनिपुर सांसद अंगोमचा अकोइजम का पुतला फूंका, गिरफ्तारी की मांग

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर कांग्रेस सांसद के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की उठी मांग; संगीता बलवंत के नेतृत्व में फूंका पुतला मणिपुर के कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ गाजीपुर में विरोध प्रदर्शन राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत के नेतृत्व में सरयू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर जताई नाराजगी भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की उठाई मांग प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर सांसद तिराहे पर फूंका पुतला। गाजीपुर में मणिपुर के कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं और लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं अपमान के आरोपों को लेकर बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं ने सरयू पांडेय पार्क में धरना दिया और सांसद की गिरफ्तारी की मांग उठाई। राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और सांसद तिराहे पर कांग्रेस सांसद का पुतला फूंककर विरोध जताया। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने आरोपों को गंभीर बताते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लेकर अपनी आवाज बुलंद की बाइट— संगीता बलवंत, राज्यसभा सदस्य
0
0
Report
Advertisement

ऑपरेशन त्रिनेत्र: 3000 इनामी आरोपी मोहम्मद निजाम अजमेरी गिरफ्तार, MD तस्करी केस में सफलता

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थ तस्करी के मामले में एक साल से फरार 3000 रुपये इनामी आरोपी मोहम्मद निजाम अजमेरी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रतापगढ़ थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से उसे पकड़ने में सफलता पाई. वह 55.85 ग्राम अवैध MD के परिवहन से जुड़े मामले में वांछित था. पूछताछ में उसने फरार अब्दुल हुसैन निवासी बागलिया को MD देना स्वीकार किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है. हथुनिया थाना क्षेत्र में 18 जनवरी को 55.85 ग्राम MD जब्त की गई थी और इसके परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई थी. एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. अनुसंधान से मोहम्मद निजाम अजमेरी की संलिप्तता सामने आई. उसके बाद 11 अक्टूबर को मुखबिर सूचना और मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा गया. पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब मादक पदार्थ की आपूर्ति और इस नेटवर्क से जुड़े diğer लोगों के संबंध में जांच कर रही है.
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान के राजस्व अदालतों में मुकदमे दशकों से लंबित, न्याय की उम्मीद बढ़ी

Jaipur, Rajasthan:एंकर राजस्थान में जमीन के विवादों में इंसाफ का इंतजार इतना लंबा हो गया कि तारीखें बढ़ती रहीं और पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन फैसले नहीं आए। प्रदेश की राजस्व अदालतों में 6 लाख 66 हजार से ज्यादा मुकदमे लंबित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 83 मुकदमे ऐसे हैं, जो 40 साल से भी ज्यादा समय से फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, 340 मुकदमे 30 साल और करीब 79 हजार मामले 10 साल से ज्यादा पुराने हैं। अकेले एसडीओ अदालतों में 4 लाख 42 हजार से ज्यादा मुकदमों का अंबार लगा है। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पेंडेंसी पर गंभीरता दिखाते हुए जिलेवार और अदालतवार पूरा हिसाब मांगा है। राजस्व अदालतों में मुकदमों का अंबार इस कदर बढ़ गया है कि कई मामले तीन से चार दशक बाद भी फैसले की दहलीज तक नहीं पहुंच पाए हैं। किसी मुकदमे को 10 साल बीत गए तो किसी को 20 साल, लेकिन फैसला अब तक नहीं हो पाया। ऐसे में सवाल सिर्फ देरी का नहीं, बल्कि उस न्याय का है, जिसकी उम्मीद में पूरी जिंदगी बीत जाती जाती है। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व अदालतों में तारीखों का सिलसिला थमेगा या वर्षों से अटके मुकदमों को आखिरकार इंसाफ की मंजिल मिलेगी। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
0
0
Report

गड़ीसर लेक सूखा संकट: नगरपालिका चार ट्यूबवेल से पानी भरने की योजना बनाती है

Jaisalmer, Rajasthan:जिला -जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर खबर की लोकेशन - जैसलमेर सूखने की कगार पर जैसलमेर की गड़ीसर लेक, पर्यटन कारोबार पर संकट बोटिंग बंद होने से पर्यटक मायूस, नाव संचालकों और दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर 2002-03 के सूखे की यादें ताजा, झील में पानी भरने के लिए नगर परिषद चार ट्यूबवेल खुदवाने की बना रही योजना स्वर्णनगरी जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल गड़ीसर लेक इन दिनों पानी की कमी से जूझ रही है। मानसून में पर्याप्त बारिश नहीं होने और तेज गर्मी के चलते झील का जलस्तर लगातार घट रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि झील के बीच बनी छतरियों और मंदिरों के आसपास पानी की जगह सूखी जमीन नजर आने लगी है। झील का बदला स्वरूप देखकर पर्यटक मायूस हो रहे हैं, वहीं बोटिंग बंद होने से नाव संचालकों और झील की पाल पर दुकानें लगाकर परिवार चलाने वाले छोटे कारोबारियों की कमाई पर भी संकट गहरा गया है। जहां रहती थी पर्यटकों की रौनक, वहां पसरा सन्नाटा जैसलमेर शहर के प्रवेश द्वार के पास स्थित गड़ीसर लेक अपनी ऐतिहासिक सुंदरता, कलात्मक छतरियों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। शाम होते ही यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ जुटती थी। पर्यटक नावों में बैठकर झील की सैर करते और पानी के बीच बने ऐतिहासिक स्थलों का नजारा लेते थे। लेकिन अब पानी की कमी के कारण झील की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। पानी कम होने से पर्यटकों का ठहराव भी घट रहा है, जिसका सीधा असर पर्यटन गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। बोटिंग बंद, नाव संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट गड़ीसर लेक में बोटिंग का काम करने वाले गोपाल ने बताते हैं कि उनकी आजीविका इसी व्यवसाय पर निर्भर है। पर्यटक नावों में बैठकर झील की सैर करते थे, जिससे परिवार का खर्च चलता था। लेकिन पानी कम होने के कारण नावें किनारे खड़ी हैं और बोटिंग का काम प्रभावित हो गया है। ऐसे में बच्चों की फीस, घर का राशन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल होता जा रहा है। यदि झील में पानी की स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ सकती हैं। पर्यटक घटे तो दुकानदारों की बिक्री भी हुई कम झील की पाल पर राजस्थानी गहने, कांच की चूड़ियां और श्रृंगार सामग्री बेचने वाली धापू भी इस स्थिति से परेशान हैं। उनका कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही से ही उनकी दुकान चलती है। पर्यटक झील देखने आते हैं तो खरीदारी भी करते हैं, लेकिन अब पानी कम होने से लोग यहाँ ज्यादा देर नहीं रुकते। इसके चलते बिक्री में गिरावट आई है और परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। गड़ीसर लेक की बदहाली का असर अब छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ने लगा है। 2002-03 के सूखे की यादें हुईं ताजा गड़ीसर लेक के मौजूदा हालात ने स्थानीय लोगों को वर्ष 2002-03 के सूखे की याद दिला दी है। उस समय भी पानी की कमी के कारण झील का जलस्तर काफी घट गया था। अब एक बार फिर झील की स्थिति को देखकर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग चिंतित हैं। जैसलमेर में सर्दियों का मौसम पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में झील में पानी की कमी बनी रही, तो आगामी पर्यटन सीजन में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। नाव संचालकों से लेकर छोटे दुकानदारों तक सभी को कारोबार प्रभावित होने की चिंता सता रही है। नगर परिषद चार ट्यूबवेल से झील में पानी भरने की बना रही योजना गड़ीसर लेक की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद आयुक्त पवन कुमार ने बताया की झील के आसपास चार ट्यूबवेल खुदवाकर पानी भरने की योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य झील में पानी का स्तर बढ़ाना और उसके पर्यटन आकर्षण को बनाए रखना है। हालांकि, योजना कब तक धरातल पर उतरेगी और इससे झील के जलस्तर में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि झील में पानी बढ़ने से पर्यटकों की आवाजाही फिर बढ़ेगी और उनका कारोबार पटरी पर लौट सकेगा। जैसलमेर की ऐतिहासिक धरोहर है गड़ीसर लेक गड़ीसर लेक केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जैसलमेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, 12वीं शताब्दी में जैसलमेर के संस्थापक महारावल जैसल के समय इस जलाशय की शुरुआत हुई थी। बाद में 14वीं शताब्दी में महारावल गड़सी सिंह ने इसका पुनर्निर्माण और विस्तार करवाया। लंबे समय तक यह झील शहर की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत रही। झील के आसपास बनी कलात्मक छतरियां, मंदिर और ऐतिहासिक प्रवेश द्वार टीलों की पोल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। आज गड़ीसर लेक में पानी की कमी केवल एक ऐतिहासिक जलाशय का संकट नहीं है, बल्कि यह जैसलमेर के पर्यटन और इससे जुड़े sैकड़ों लोगों की आजीविका से भी जुड़ा मुद्दा बन गई है। अब नजरें नगर परिषद की योजना पर टिकी हैं। देखना होगा कि झील में पानी बढ़ाने के प्रयास कितनी जल्दी शुरू होते हैं और स्वर्णनगरी की इस ऐतिहासिक धरोहर की रौनक कब लौटती है।
0
0
Report

हिण्डौन नगर परिषद की पहली बोर्ड बैठक में विकास कार्यों और सफाई-जलभराव पर चर्चा

Karauli, Rajasthan:हिण्डौन नगर परिषद की पहली बोर्ड बैठक संपन्न, विकास कार्यों पर हुई व्यापक चर्चा जिला करौली आशीष चतुर्वेदी एंकर इंट्रो - हिण्डौन नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित सभापति विजय कुमारी चतुर्वेदी ने की। बैठक में नगर परिषद आयुक्त दिलीप शर्मा, उपसभापति विक्रम तोमर सहित सभी 60 वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे। बैठक में शहर के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, जलभराव की समस्या, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और जलसेन तालाब के सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभापति विजय कुमारी ने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को प्राथमिकता से सामने रखने और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। उपसभापति विक्रम तोमर ने कहा कि बैठक में हिण्डौन शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मॉनिटरिंग की जा रही है, सड़को पर घूमने वाले पशुओं बंदरों आदि को पकड़ने के लिए जल्द टेंडर कराए जायेंगे। इसके आलावा शहर में सड़को, नाली, स्ट्रीट लाइट व अन्य कार्यों के लिए भी पार्षदों के साथ वार्ता कर ठोस प्लानिंग की जा रही है। जिससे शहर में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए बोर्ड की यह पहली बैठक शहरवासियों में नई उम्मीद जगाने वाली साबित हुई है। सभापति विजय कुमारी चतुर्वेदी व उपसभापति विक्रम तोमर निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इस दौरान सभापति प्रतिनिधि दिलीप चतुर्वेदी व सभी पार्षद मौजूद रहे। बाइट - विक्रम तोमर, उपसभापति, नगर परिषद हिण्डौन
0
0
Report
Advertisement

हनुमानगढ़ से सबसे अधिक प्रतिभागी, Inspire अवार्ड मानक प्रदर्शनी में धमाकेदार प्रदर्शन

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ जिले के आठ विद्यार्थी सोमवार से दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रदर्शनी में अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा दिखा रहे हैं। इनमें 2023-24 की छह बालिकाएं और 2024-25 के दो बालक शामिल हैं। राजस्थान के कुल 51 विद्यार्थियों में हनुमानगढ़ से सबसे ज्यादा प्रतिभागी हैं। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अजय भार्गव ने बताया कि जिले में इंस्पायर अवार्ड के नामांकन में लगातार प्रगति हो रही है। कार्यक्रम अधिकारी केवल कृष्ण ने बताया कि हनुमानगढ़ के छात्र पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में हिस्सा ले चुके हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढोलनगर की खुशप्रीत कौर जापान यात्रा कर चुकी हैं। इस साल इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए जिले के 5,935 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण में हनुमानगढ़ जिला बीकानेर संभाग में पहले और देश में आठवें स्थान पर है।
0
0
Report

अरनोद में अफीम तस्करी पर गिरफ्तारी: 1.45 किलो जब्त, 4.70 लाख नकद

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अरनोद थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 45 ग्राम अवैध अफीम जब्त की है। पुलिस ने मौके से जोधपुर निवासी दो आरोपियों श्रवणराम जाट और राजेन्द्र उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान अफीम की खरीद-फरोख्त से अर्जित बताए जा रहे 4 लाख 70 हजार रुपए नकद भी जब्त किए गए। इसके अलावा पुलिस ने एक ब्रेजा कार और मोटरसाइकिल भी जब्त की है। जब्त अफीम की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार 11 अक्टूबर को थानाधिकारी शिवलाल मीणा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अरनोद के गौतम नगर में एक होटल के सामने स्थित एक मकान में अफीम और डोडाचूरा की खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना में बताया गया कि मकान में जोधपुर निवासी कुछ लोग अफीम खरीदने के लिए आए हुए हैं और उनके पास मादक पदार्थ मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मकान पर दबिश दी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मकान मालिक जेठाराम मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन रात में अंधेरा होने के कारण उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद मकान की तलाशी ली गई तो अंदर दो व्यक्ति मौजूद मिले। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान श्रवणराम जाट निवासी नारनाडी, थाना बोरानाडा, जिला जोधपुर और राजेन्द्र उर्फ राजू ब्राह्मण निवासी जानादेसर, थाना झंवर, जिला जोधपुर के रूप में बताई। पुलिस टीम ने दोनों की तलाशी ली तो एक पारदर्शी प्लास्टिक की थैली में अवैध अफीम मिली। अफीम रखने के संबंध में वैध अनुज्ञापत्र या लाइसेंस मांगे जाने पर दोनों कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने अफीम का वजन कराया, जो 1 किलो 45 ग्राम पाया गया। पुलिस ने अफीम को जब्त कर लिया। मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को 4 लाख 70 हजार रुपए नकद भी मिले। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह राशि मकान मालिक जेठाराम की होना और अफीम की खरीद-फरोख्त से अर्जित होना बताया। पुलिस ने नकदी के साथ मौके पर मिली एक ब्रेजा कार और मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अरनोद थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में अनुसंधान जारी है। पुलिस फरार मकान मालिक जेठाराम की तलाश कर रही है तथा मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
0
0
Report

राजस्थान के जंगलों में बाघ-तेंदुआ गायब, सवाल तेज—क्या है वजह?

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के जंगल सवालों में घिरे; सरिस्का से बाघ गायब, जयपुर से तेंदुआ लापता जयपुर-राजस्थान के जंगलों से तेंदुए और बाघ लगातार गायब हो रहे हैं. सरिस्का से रणथभौर टाइगर रिजर्व तक यही सवाल बना हुआ है. इधर जयपुर में तेंदुए लापता है. अब जंगलात वाले महकमे में लापता होने वाली खबरों के बीच हलचल तेज है. बड़े सवाल ये है कि आखिरकार जंगल से अचानक बाघ और तेंदुए गायब कहां हो रहे हैं...? राजस्थान के जंगल सवालों से घिरे- राजस्थान के जंगल इन दिनों सवालों के घिरे है. क्योंकि जंगल का राजा गायब है. देश के सबसे चर्चित टाइगर रिजर्व रणथभौर से लेकर सरिस्का तक के जंगल सवालों के घिरे है. अब तो जयपुर का जंगल भी इन सवालों से अछूता नहीं रहा है. सरिस्का टाइगर रिजर्व से एसटी-15 और एसटी-27 के शावक पिछले एक महीने से गायब हैं. इनकी तलाश के लिए अतिरिक्त टीमें लगा रखी है. कैमरा ट्रैप, गश्त और संकेतों के आधार पर दोनों की मौजूदगी तलाश रहे हैं. सरिस्का में प्रत्येक बाघ की वन-टू-वन निगरानी की व्यवस्था है. आने वाले दिनों में कैमरा ट्रैप की तस्वीरों और टीमों की रिपोर्ट से दोनों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है. पिछले एक महीने से दोनों ही बाघ कैमरा ट्रैप में दिखाई नहीं दिए. पिछले साल रणथभौर से 25 बाघों के लापता होने की रिपोर्ट सामने आई थी. राणा के बाद दूसरे तेंदुओं पर भी सस्पेंस- सूत्रों के माने तो राणा के साथ साथ अब दूसरे कई तेंदुओं पर भी सस्पेंस बना हुआ है. क्योंकि सूत्र बताते हैं कि कई दूसरे तेंदुए भी झालाना के जंगलों में दिखाई नहीं दे रहे हैं. ऐसे में दूसरे तेंदुए के लापता होने का भी अंदेशा है. इस लिए अब जयपुर के जंगलों में तेंदुए को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. वहीं पिछले 18 दिनों से देश के चर्चित तेंदुए में से एक राणा का भी कोई सुराग नहीं मिला है. रोजाना एसीएफ के साथ साथ रेंजर अपनी टीमों के साथ जंगलों में तलाश कर रहे हैं. जंगल के अलावा बाहर भी तलाश किया जा रहा है. मॉनिटरिंग सवालों में घिरी- वन विभाग की मॉनिटरिंग पूरी तरह से सवालों में घिर गई है. कैमरा ट्रैप के जरिए मॉनिटर किया जा रहा है, फिर भी तेंदुए और बाघ कैसे गायब हो? क्या अधिकारी फील्ड में नहीं उतर रहे? अभी मरुधरा के जंगलों में कई सवाल हैं, जो वन महकमे को कटघरे में खड़ा कर रहा है.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top