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कुल्लू दशहरा: 5 देवताओं के ठहरने और पानी-खाने की व्यवस्थाओं की मांग

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर मैदान में 21 अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव आयोजित किया जाएगा। वहीं इस दशहरे उत्सव में भाग लेने के लिए सैकड़ों देवी देवता मैदान आएंगे और प्रशासन के द्वारा मैदान में उनके लिए बेहतर व्यवस्था भी की जाती है। लेकिन पांच ऐसे देवता हैं जो ब्यास नदी को पर नहीं करते हैं और वह दशहरा उत्सव के दौरान वाम तट सड़क मार्ग के अँगू डोभि नामक स्थान पर रहते हैं। ढालपूर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए देव संस्कृति शोध संस्थान के अध्यक्ष जयचंद ने कहा कि इन देवताओं में मलाणा के आराध्य देवता जमलू ऋषि, जाना के जमदग्नि ऋषि, सोयल के आजीमल नारायण, शुक्ली नाग और सरवल नाग शामिल है। हालांकि यहां पर उन्हें प्रशासन की ओर से टेंट तो दिए गए हैं लेकिन उनके साथ आये देवलुओं को यहां बारिश के चलते खाना बनाने और रहने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा देवताओं के साथ आये बजंतरियों को भी यहां ठहरने में खासी दिक्कत उठानी पड़ती है। जयचंद ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि यहां पर उनके लिए पानी की भी उचित व्यवस्था करें और उनके ठहरने तथा खाने पीने के स्थान को भी अतिरिक्त टेंट मुहैया करवाया जाए। अध्यक्ष जयचंद ने कहा कि दशहरा उत्सव के दौरान यहां देवी देवताओं से जुड़े हुए विभिन्न संगठनों के द्वारा कई समस्याओं को उठाया जाता है। ऐसे में यह संगठन सभी एक मंच के नीचे आकर ही इन बातों पर चर्चा करें ताकि देवी देवताओं से संबंधित जो भी परेशानी है उसका निपटारा किया जा सके। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से भी मांग उठाई की दशहरा उत्सव से पहले 10 दिन और उसके 10 दिन के बाद तक किसी भी धरना प्रदर्शन की अनुमति यहां पर नहीं दी जानी चाहिए ताकि दशहरा उत्सव में देव समागम के दौरान देवता के साथ आए लोगों और अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े。
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भभुआ में शिक्षिका के घर करोड़ों की चोरी: एफएसएल- DIU टीम जुटी

Khajuria Khurd, Bihar:बंद मकान का ताला तोड़ चोरों ने उड़ाए जेवरात व नकदी, जांच में जुटी एफएसएल, डीआईयू व डॉग स्क्वॉयड टीम वियो - भभुआ नगर थाना क्षेत्र के शिवपुर मोहल्ले में चोरों ने एक शिक्षिका के बंद मकान को निशाना बनाते हुए करोड़ों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पीड़िता सीमा कुमारी शिवपुर स्थित विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वह दो दिनों के लिए परिवार सहित बनारस स्थित अपने दूसरे आवास पर गई हुई थीं। इसी दौरान सूने घर का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। जब आसपास के लोगों और स्थानीय ने दरवाजे का ताला टूटा देखा, तब घटना की सूचना पीड़िता को फोन पर दी गई। शिक्षिका सीमा कुमारी के अनुसार, चोरों ने अलमारी व बक्सों के ताले तोड़कर करीब 5 किलो चांदी, शादी व मायके से मिले भारी मात्रा में सोने के आभूषण और लगभग 2 लाख रुपये नकद पार कर दिए। चोरी गए सामान का कुल मूल्य एक करोड़ रुपये से भी अधिक आंका जा रहा है। शिक्षिका ने इसे भीषण चोरी बताते हुए कहा कि चोर केवल कीमती गहने व नकदी ही समेट कर ले गए हैं। उन्होंने किसी परिचित या मुखबिर पर संदेह भी जताया है। वारदात की सूचना मिलते ही भभुआ थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी अनुसंधान के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) तथा जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम को मौके पर बुलाया गया है। इसके अलावा अपराधियों की टोह लेने के लिए डॉग स्क्वॉयड की मदद भी ली जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और दावा किया है कि जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाइट - शिक्षिका सीमा कुमारी
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अमरौहा के रामलीला मंचों पर डांस मामले पर पुलिस चेतावनी, आयोजकों को कार्रवाई की धमकी

Amroha, Uttar Pradesh:अमरौहा जनपद में हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के शिवाला मंदिर और रहरा अड्डा, जबकि गजरौला क्षेत्र के काकाठेर में आयोजित रामलीलाओं के मंचों पर डांस के आरोप सामने आए हैं। मामले में अमरोहा पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर सभी रामलीला कमेटियों और आयोजकों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न करने के निर्देश दिए। पुलिस ने चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसे मामले सामने आने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हसनपुर की शिवाला रामलीला कमेटी के सदस्य राकेश अग्रवाल ने बताया कि वे उस समय बाहर थे और चार-पांच दिन पहले जानकारी मिली कि रावण के दरबार में बाल कलाकारों ने कोई गाना प्रस्तुत किया था। जानकारी मिलने के बाद वृंदावन से आई रामलीला कमेटी के कलाकारों से बात की गई और स्पष्ट कर दिया गया कि आगे ऐसा कार्यक्रम नहीं होगा। राकेश अग्रवाल ने कहा कि बाल कलाकारों ने कपड़े पहने हुए थे, फिर भी कमेटी इस तरह के आयोजन की निंदा करती है और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। वहीं, रामलीला के मुख्य कलाकार युवराज सिंह ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि रावण के दरबार का दृश्य था और वहां इस तरह की प्रस्तुति हर साल होती है। उन्होंने किसी गलत गतिविधि से इनकार किया। तीन Ramलीला मंचों पर सामने आए इन मामलों के बाद धार्मिक आयोजनों की मर्यादा और आयोजकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संत समाज ने भी विरोध जताया है। अमरोहा जनपद के विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेता हेमंत सारस्वत ने भी इस पर आपत्ति जताई है उन्होंने कहा है कि ऐसे आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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रांची में 10–12 दिसंबर को नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस, रजिस्ट्रेशन पूरी तरह नि:शुल्क

Ranchi, Jharkhand:रांची में आगामी 10, 11 और 12 दिसंबर को नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस का आयोजन किया जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट, एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज की ओर से इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। रांची के डोरंडा स्थित वन भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर 17 अक्टूबर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 20 नवंबर तक चलेगी। खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वाइल्डलाइफ, फॉरेस्ट लाइवलीहुड, क्लाइमेट चेंज और हाइड्रोलॉजी समेत 12 अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञ अपनी राय और अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में होने वाली चर्चाओं का डॉक्यूमेंटेशन भी किया जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि मौजूदा समय में वन और पर्यावरण से जुड़े बदलावों और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की जरूरत है। नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस के जरिए वन विज्ञान और पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और विभिन्न संस्थाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। बाइट: संजीव कुमार, PCCF & HoFF
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शाहजहांपुर कोर्ट हवालात में बंदी की आत्महत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में कोर्ट हवालात में पेशी पर लाए गए एक बंदी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से पूरे न्यायालय परिसर और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मृतक बंदी की पहचान दीपक के रूप में हुई है, जिसे कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। कड़ी सुरक्षा और पहरेदारी के बीच हवालात के शौचालय में हुई इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा तंत्र की_muھस्ती पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वही बार संघ एसोसिएशन ने मामले में जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह सनसनीखेज वारदात थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोर्ट परिसर हवालात की है। आज पेशी पर लाए गए बंदी दीपक को सुनवाई से पहले हवालात में रखा गया था। इसी दौरान वह शौच के बहाने अंदर गया और वहां फंदे से लटक गया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला, तब जाकर पुलिसकर्मियों के होश उड़े। आनन-फानन में दरवाजा खोला गया तो अंदर दीपक का शव लटकता मिला। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में जुट गई। अदालत परिसर, जिसे जिले का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित इलाका माना जाता है, वहां हवालात के अंदर बंदी का खुदकुशी कर लेना पुलिस की भारी लापरवाही को उजागर कर रहा है। सीधे तौर पर व्यवस्था से बड़े सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अभिरक्षा में हुई इस मौत ने साफ कर दिया है कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बहुत बड़ा झोल है। फिलहाल फॉरेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात से अहम सुराग जुटाए हैं और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन सवाल वही हैकड़ी पहरेदारी के बीच हुई इस बड़ी चूक और लापरवाही पर जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही कब तय होगी? वही वकीलों के बार सेंट्रल संघ एसोसिएशन ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। बाइट - राजेश अवस्थी, सचिव बार संघ
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पुष्पक एक्सप्रेस में चार यात्रियों पर हमले के आरोपी की हिरासत में मौत, हैलट में तोड़ा दम;

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow1m ago
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। लखनऊ से कानपुर जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में एक महिला समेत चार यात्रियों पर धारदार हथियार से हमला करने के आरोपी नेपाली युवक की कानपुर के हैलट अस्पताल में मौत हो गई। मंगलवार रात उन्नाव रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद उसे आरपीएफ पोस्ट की हवालात में रखा गया। देर रात युवक ने कथित तौर पर किसी नुकीली वस्तु से अपने गले पर कई वार कर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार को आरपीएफ कमांडेंट ने किसी कर्मचारी पर कार्रवाई की बात से इनकार करते हुए जांच जारी होने की जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात पुष्पक एक्सप्रेस में सफर कर रहा नेपाली युवक कथित तौर पर नशे में यात्रियों से गाली-गलौज और अश्लील हरकतें कर रहा था। यात्रियों ने विरोध किया तो उसने ब्लेड जैसी धारदार वस्तु से हमला कर दिया। घटना में एक महिला समेत चार यात्री घायल हो गए। ट्रेन में अचानक हुए हमले से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देकर मदद मांगी। रात 10:20 बजे उन्नाव स्टेशन पर हिरासत में लिया- शिकायत मिलने के बाद मंगलवार रात करीब 10:20 बजे ट्रेन के उन्नाव स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल पुत्र कउदे और पता नेपाल के डॉग जिले के बिजोली टिकरी थाना क्षेत्र का बताया। इसके बाद उसे आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया। हवालात में खुद को किया घायल, हैलट में मौत- देर रात अनिल ने कथित तौर पर किसी नुकीली वस्तु से अपने गले पर कई वार कर लिए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलने पर आरपीएफ स्टाफ उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। इस दौरान उसका भतीजा भी साथ था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। बुधवार को कानपुर में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आरपीएफ की हवालात में आरोपी के पास नुकीली वस्तु कैसे पहुंची और निगरानी के बावजूद उसने खुद को गंभीर रूप से घायल कैसे कर लिया। हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। अधिकारियों ने कहा- जांच जारी- आरपीएफ कमांडेंट लखनऊ देवेश शुक्ला ने बताया कि प्रकरण की जांच चल रही है। अभी किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, सीओ जीआरपी लखनऊ हृकेश यादव ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। प्रकरण की जांच की जा रही है।
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डायमंड डायग्नोस्टिक सेंटर के रेडियोलॉजिस्ट पर लड़की से गलत हरकत, VIDEO वायरल

Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डॉक्टर की करतूत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में रेडियोलॉजिस्ट द्वारा लड़की से गलत हरकत करने का मामला आया सामने। लड़की की शिकायत पर पहुंचे लोगों ने खाकी की मौजूदगी में आरोपी डाक्टर को पीटा, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल। बांसी कोतवाली तिराहा स्थित डायमंड डायग्नोस्टिक सेंटर का बताया जा रहा है वायरल वीडियो। वायरल वीडियो में पिट रहे रेडियोलॉजिस्ट की पहचान डॉ. एल. एस. सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में 50 शैयायुक्त चिकित्सालय, बांसी में हैं तैनात। बड़ा सवाल सरकारी सेवा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट निजी सेंटर पर कैसे कर रहे थे अल्ट्रासाउंड ? वेतन सरकारी काम प्राइवेट जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यप्रणाली पर उठ रहे है सवालिया निशान।
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श्रीमाधोपुर: एक ही परिवार से चार दावेदार, क्या परिवारवाद पर उठेगा सवाल

Sikar, Rajasthan:नामांकन के अंतिम दिन खर्रा परिवार में दिखा सियासी दमखम,यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा की पत्नी शांति देवी ने वार्ड 17 और छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड 20 से भाजपा के टिकट पर ताल ठोकी,दो दिन पहले बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जता चुके हैं दावेदारी,खर्रा परिवार से दो भाजपा के दावेदार, तो एक निर्दलीय मैदान में,कल ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दुर्गा सिंह को लेकर कहा था... भाजपा में परिवारवाद नहीं, लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सबका अधिकार, अब सियासी गलियारों में चर्चा तेज—एक ही परिवार से तीन दावेदार,दो भाजपा के साथ तो बड़ा बेटा निर्दलीय एंकर सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार की दावेदारियों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।आज नामांकन के अंतिम दिन मंत्री की पत्नी शांति देवी ने वार्ड 17 और छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड 20 से भाजपा के टिकट पर ताल ठोकी। वहीं, बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड 19 से निर्दलीय मैदान में हैं। मामला यहीं नहीं रूका और मंत्री के छोटे भाई महावीर खर्रा की पत्नी प्रतिभा सिंह खर्रा ने भी वार्ड 23 से जिला परिषद सदस्य के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। यानी एक ही परिवार से चार दावेदार जो कि दो भाजपा के साथ, तो दो निर्दलीय मैदान में आएं हैं।मामलें में दिलचस्प मोड़ यह है कि एक दिन पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दुर्गा सिंह खर्रा को लेकर कहा था—“भाजपा में परिवारवाद नहीं होता, लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सबका अधिकार है।”अब श्रीमाधोपुर की सियासत में यही बयान चर्चा के केंद्र में है। एक तरफ परिवारवाद नहीं होने का बयान, दूसरी तरफ एक ही परिवार के चार चेहरे चुनावी मैदान में—आखिर इस सियासी तस्वीर को क्या नाम दिया जाए? लोकतंत्र में चुनाव लड़ना हर किसी का अधिकार है, लेकिन जब एक ही परिवार से चार दावेदार सामने हों, तो परिवारवाद पर सवाल उठना लाजिमी है।
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परविंदर सिंह झोटा हत्या मामले में मनप्रीत इआली मानसा पहुँचे, परिवार के साथ इंसाफ

Mansa, Punjab:ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਇਨਸਾਫ ਮੋਰਚੇ ਚੋਂ ਵਾਰਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਆਗੂ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਇਆਲੀ ਮਾਨਸਾ ਪਹੁੰਚੇ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਉਹਨਾਂ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਨਾਲ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ ਕੀਤਾ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਵਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਪਹੁੰਚੇਹ ਕਿਉਂਕਿ ਬੀਤੇ ਕੱਲ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸਮਰਥਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨੌਜਵਾਨ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਵਾਨੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਅੱਜ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਪਰ ਅੱਜ ਅਸੀਂ ਉਸਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਨਾਲ ਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜੋ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗਾਂ ਰੱਖੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਸਰਕਾਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰੇ ਤਾਂ ਕਿ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਮਿਲ ਸਕੇ। ਬਾਈਟ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਇਆਲੀ ਆਗੂ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ
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फाजिल्का अनाज मंडी में भारी बारिश से धान नुकसान, मुआवजे की मांग तेज

Fazilka, Punjab:फाजिल्का की अनाज मंडी में बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद धान की फसल को हुए नुकसान की तस्वीर अब सामने आने लगी है। आढ़तियों की ओर से प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, बारिश का पानी करीब 2500 क्विंटल धान बहाकर ले गया, जबकि पानी में भीगे करीब 70 हजार धान के बैग की दोबारा पैकिंग (रीपैकिंग) की जा रही है। इस बारिश के कारण किसानों और आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी में जगह-जगह खराब हुआ धान पड़ा है, जबकि कई किसानों की फसल पानी में बहने के कारण उसका पता तक नहीं चल पाया। प्रशासन की ओर से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों को सरकार के पास भेजा जाएगा, जिसके आधार पर मुआवजे को लेकर फैसला लिया जाएगा। वहीं, नुकसान झेल रहे किसानों और आढ़तियों ने सवाल उठाए हैं कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा। फाजिल्का आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष गोल्डी सचदेवा ने बताया कि भारी बारिश के कारण अनाज मंडी में कई फुट तक पानी भर गया था, जिससे धान की फसल को काफी नुकसान हुआ। आढ़तियों की ओर से प्रशासन को दी गई रिपोर्ट में करीब 2500 क्विंटल धान पानी में बहने की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि करीब 70 हजार धान के बैग बारिश के पानी में भीग गए हैं। अब इन बोरियों से धान निकालकर पंखा लगाकर सुखाया जा रहा है और फिर से पैकिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में काफी मेहनत और खर्च आ रहा है। साथ ही धान की गुणवत्ता खराब होने के कारण आढ़तियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। गोल्डी सचदेवा ने कहा कि खरीदे जा चुके धान को बारिश से नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी। गांव मुठियावाली से आए किसान रमेश कुमार ने बताया कि वह करीब 15 एकड़ में पैदा हुई धान की फसल लेकर अनाज मंडी पहुंचे थे। उनकी पूरी फसल बिक चुकी थी, जिसमें से कुछ धान बोरियों में भी भरा जा चुका था। बारिश के बाद अब इसी धान को बोरियों से निकालकर दोबारा सुखाया और पैक किया जा रहा है। इस दौरान खराब हुए धान को अलग किया जा रहा है। किसान ने दावा किया कि उनकी खरीदी गई पूरी फसल रद्द कर दी गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने इस स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। गांव दलमीर खेड़ा के किसान सराज सिंह ने बताया कि उनकी करीब तीन एकड़ धान की फसल बारिश के पानी में भीग गई। अब फसल को दोबारा सुखाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी में भीगने के कारण धान काला पड़ गया है। किसान के मुताबिक, तीन बार पंखा लगाने के बाद भी धान अच्छी तरह नहीं सूख रहा। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ करीब पांच से छह क्विंटल धान खराब हो गया है, जिसे अब कबाड़ के भाव में बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जो धान सुखाने और साफ करने के बाद खरीद के योग्य बचा है, उसे खरीदा जाए, ताकि उनके नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके। इसके साथ ही बारिश से पूरी तरह खराब हुई फसल के बदले उचित मुआवजा जारी किया जाए। उधर मार्किट कमेटी के सचिव मंदीप कमरा ने कहा कि उनके पास अभी कोई रिपोर्ट नहीं आई है । इसके लिए पांच सदस्य कमेटी बनाई गई है । जिसमें आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष, डीएफएससी, संबंधित एजेंसी के अधिकारी सहित पांच लोग शामिल है । उन्होंने कहा कि बारासात के पानी बहा धान, खराब हुआ धान और भीगने के बाद सूखा धान इन तीनों एंगल से रिपोर्ट का आंकलन हो रहा है । जो वेरिफाई करने के बाद सरकार को भेज दी जाएगी । और इसके बाद सरकार द्वारा बनता मुआवजा जारी किया जाएगा ।
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