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छिंदवाड़ा के स्कूल में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत – प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका हटाए गए

Chhindwara, Madhya Pradesh:छिंदवाड़ा के बीचबहरी स्थित शासकीय माध्यमिक शाला के प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के खिलाफ बच्चों ने शिकायत ग्राम सभा में की उसके बाद कल GEN ALPHA (स्कूल के बच्चे)जन सुनवाई में भी परिजनों के साथ शिकायत लेकर पहुंचे. बच्चों की शिकायत है कि जो शिक्षक और शिक्षिका उन्हें पढ़ाते है वो स्कूल के समय में मोबाइल चलाते है और आपसी बातचीत करते है. विद्यार्थियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच समिति गठित की. समिति की जांच के बाद स्कूल के प्रभारी शिक्षक को पद से हटा दिया गया. अतिथि शिक्षिका को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ओपी जोशी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच समिति के माध्यम से मामले की जांच कराई गई. जांच के आधार पर स्कूल के प्रभारी शिक्षक को पद से हटाया गया है. अतिथि शिक्षिका को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. उन्होंने बताया कि नई अतिथि शिक्षिकाओं की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है. बीते कुछ दिनों में छिंदवाड़ा में GEN ALPHA काफी चर्चा में रहे है पिछले कुछ दिनों में तामिया के एकलव्य स्कूल में बच्चे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सड़क पर बैठ गए थे तो वही परासिया के न्यूटन में जूनियर छात्रावास की छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर सड़क पर उतर कर नारेबाजी की थी . तो वही छिंदवाड़ा के शासकीय कन्या परिसर के बच्चों ने धरम टेकरी थाने में पहुंचकर अधीक्षिका के खिलाफ धरना दे दिया था जो कि बच्चों के साथ गलत व्यवहार करती थी. और अब कल जनसुनवाई में छोटे छोटे बच्चे अतिथि शिक्षिका और प्रभारी शिक्षक के खिलाफ शिकायत लेके पहुंचे थे .GEN -G के बाद अब GEN ALPHA भी सड़कों पर उतर कर तो कही धरना देकर प्रदर्शन करने लगे है.
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बारां में स्कूटी योजना के लिए छात्राओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रदर्शन

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:स्कूटी की मांग को लेकर छात्राओं में आक्रोश एवँ निराशा, मुख्यमंत्री तक पहुंचाया ज्ञापन बारां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बारां दौरे के दौरान 2024-25 की लंबित स्कूटी योजना को लेकर छात्राओं ने अपनी मांग उठाई। कड़ी सुरक्षा के चलते छात्राओं को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं मिला और उन्हें अलग-अलग कर दिया गया। इसके बावजूद छात्राओं ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीआईडी अधिकारियों से संपर्क कर ज्ञापन सौंपे और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया। छात्राओं के अनुसार अधिकारियों ने बाद में ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचने की जानकारी दी। छात्राओं ने सरकार से 2024-25 की पात्र छात्राओं को जल्द स्कूटी या निर्धारित राशि उपलब्ध कराने तथा स्पष्ट तारीख घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्तर से जल्द समाधान होगा。 बाइट- प्रियांशी मीणा छात्रा.
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दरभंगा के मोनू आत्महत्या मामले में मंत्री मदन सहनी ने नीति पर सवाल उठाए

Darbhanga, Bihar:दरभंगा में मोनू आत्महत्या मामले को लेकर बिहार सरकार में मंत्री मदन सहनी ने अपने ही सरकार की पुलिस के कार्यशैली पर उठाया गंभीर सवाल कहा ,लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से हो रहा भय महसूस,अवैध वसूली और भयादोहन का लगया आरोप,दरभंगा पुलिस से लेकर बिहार के डीजीपी तक की कार्यप्रणाली पर उठाये सवाल , फायरिंग से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज आया सामने, एंकर-बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने अपने विधानसभा क्षेत्र बहादुरपुर के खराजपुर गांव के मोनू आत्महत्या मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि बिहार में कई जगहों पर लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से भय महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी, दरोगा और पुलिसकर्मी आम लोगों से अवैध वसूली और भयादोहन करते हैं। मंत्री मदन सहनी ने दरभंगा पुलिस से लेकर बिहार के डीजीपी तक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में गंभीरता से कुछ सोचना पड़ेगा। मामला दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव में 20 वर्षीय युवक मोनू की आत्महत्या से जुड़ा है। आरोप है कि चोरी के मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस की ओर से उस पर दूसरे मामले में फंसाने का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर दो से तीन लाख रुपये की मांग की गई। बताया जा रहा है कि बीते रविवार को सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू के पास से चोरी का एक मोबाइल बरामद किया था, लेकिन उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू को दूसरे मामले में फंसाने का डर दिखाकर कथित तौर पर रुपये की मांग की थी। आरोप है कि अगले दिन पुलिसकर्मी रुपये लेने पहुंचने वाले थे, लेकिन उससे कुछ मिनट पहले ही मोनू ने घर में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। घटना के दौरान सादे लिबास में बिना नंबर वाली दो बाइक से तीन पुलिसकर्मियों के पहुंचने और परिवार के लोगों के साथ झड़प होने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद सादे लिबास में दो पुलिसकर्मी एक बाइक से दोबारा पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने अचानक पिस्टल निकालकर लोगों की ओर फायरिंग की। फायरिंग से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है। मामला बढ़ने के बाद एसडीपीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। उस समय एसडीपीओ ने फायरिंग के आरोप से इनकार किया था। वहीं, पुलिस पर मुकदमे में फंसाए जाने के दबाव के चलते युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का आरोप भी परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से लगाया गया। मंत्री मदन सहनी ने इस पूरे मामले पर दरभंगा के एसएसपी से व्यक्तिगत रूप से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दरभंगा पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए और पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। मंत्री के इन आरोपों के बाद मोनू आत्महत्या मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आए आरोपों की सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।
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खेत में भेड़ घुसने पर विवाद, किसान की मौत; 5 आरोपी हिरासत में

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में खेत में भेड़ घुसने को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मामला खैरियापाड़ा गांव का है, जहां मंगलवार देर शाम किसान मंगला अपने बेटे के साथ खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान भेड़ चराने वाले के साथ आया भेड़ो का झुंड खेत में घुस गया और भेड़ें फसल में घुस गईं। किसान मंगला ने इसका विरोध करते हुए भेड़ों को खेत से बाहर निकालने को कहा। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और भेड़ चराने वाले लोगों ने किसान मंगला और उनके बेटे के साथ मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान किसान मंगला की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच और कार्रवाई जारी है。
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1939 में बना कैलाश मंदिर: बनास नदी के किनारे मनेन्द्रगढ़ में सावन के विशाल मेले

Palanpur, Gujarat:कोरिया आजादी के पहले 1939 में बने प्राचीन कैलाश मंदिर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से एक सौ पंद्रह किलोमीटर दूर जनकपुर में बनास नदी के तट पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने पहुँचते है। भगवान शंकर के अलावा यहां हनुमानजी और राधा कृष्ण का मंदिर भी है। इस धाम में आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए गहरी आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र है। यह मंदिर बनास नदी के ठीक किनारे स्थित है, जिससे यहाँ का वातावरण बेहद शांत और मनोरम रहता है। नदी का किनारा पिकनिक और दर्शन के लिए उत्तम है। हर साल मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यहाँ दस दिनों के विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और त्रिवेणी संगम नदी में स्नान के लिए पहुँचते हैं। मंदिर परिसर चारों ओर से हरि-भरी वादियों और प्राकृतिक दृश्यों से घिरा हुआ है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मंदिर में पहुँचे श्रद्धालुओ ने बताया कि आजादी के पहले 1939 में बने प्राचीन कैलाश मंदिर दर्शन करने लोग पहुँचते हैं लोगों को मनोकामना पूरी होती है
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दंतेवाड़ा में दुर्लभ माउस डियर का सुरक्षित रेस्क्यू, वन्यजीव संरक्षण की मिसाल

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा में वन विभाग की तत्परता से एक दुर्लभ माउस डियर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। बताया जा रहा है कि कुत्तों के पीछा करने से भयभीत होकर माउस डियर भागते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने माउस डियर का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार किया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे बचेली वन क्षेत्र के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अनुसार माउस डियर वन्यजीव संरक्षण अधिनयम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल एक संरक्षित वन्यजीव है।
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रक्षाबंधन से पहले भिण्ड में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी छापा, अवैध सेवई-नूडल्स फैक्ट्री सीज

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर- रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही,गंदगी के बीच चल रही अवैध सेवईं-नूडल्स फैक्ट्री पर छापा, लाखों का माल सीज। एंकर-रक्षाबंधन के त्योहार से पहले भिण्ड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गोहद इलाके के धमसा गांव में बिना लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यहां सेवईं और नूडल्स खुले में गंदगी के बीच तैयार किए जा रहे थे। हालात ऐसे थे कि तैयार खाद्य सामग्री पर मक्खियां भिनभिना रही थीं。 -गंदगी के बीच तैयार हो रहा था त्योहार का सामान, फूड सेफ्टी ऑफिसर रीना बंसल के नेतृत्व में टीम ने जब फैक्ट्री में दबिश दी, तो अंदर का नजारा हैरान करने वाला था। फर्श पर खुले में सेवईं और नूडल्स पड़े थे और आसपास गंदगी का अंबार लगा था। खाद्य सामग्री के निर्माण के लिए जरूरी स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन होता नहीं मिला। बताया जा रहा है कि यूनिट बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी。 -नामचीन ब्रांड के नाम पर पैकिंग का खेल, जांच के दौरान कथित तौर पर फर्जी पैकिंग का भी खुलासा हुआ। तैयार माल को दूसरे प्रतिष्ठानों के नाम और पतों वाले रैपर में पैक किया जा रहा था। ‘रियल गोल्ड मोटी सेवईं’ के पैकेट पर परिवहन नगर, ग्वालियर का पता दर्ज मिला, जबकि ‘नवजोत मोटी सेवईं’ की पैकिंग पर बिजौली, झांसी का पता अंकित था। सवाल ये है कि गंदगी में तैयार ये खाद्य सामग्री आखिर किन-किन बाजारों में सप्लाई होने वाली थी。 -चार लाख का माल जब्त, कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 200 कट्टे मैदा, यानी लगभग 10 हजार किलो मैदा, 50 कार्टन तैयार सेवईं और बड़ी संख्या में रैपर और खाली पैकेट जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है। -फैक्ट्री सील, सैंपल जांच के लिए भेजे, मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया है। फ़ूड इंस्पेक्टर रीना बंसल का कहना है की मौके से खाद्य सामग्री के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। अब लैब रिपोर्ट के बाद तय होगा कि तैयार खाद्य सामग्री में किस स्तर की मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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NGT ने हिंडन नदी को मृत घोषित कर प्रदूषण रोकथाम की मांग तेज की

Greater Noida, Uttar Pradesh:हिंडन नदी का पानी अत्यधिक जहरीला और प्रदूषित हो चुका है, जिसके कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे व्यावहारिक रूप से मृत नदी घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लेकर ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर तक इस नदी का पानी इंसानों, फसलों और जलीय जीवन के लिए बेहद खतरनाक बन चुका है. इसका पानी इतना गंदा हो चुका है कि आसपास रहने वाले लोग बदबू से परेशान हैं, आसपास की नालियाँ और नालियों का पानी इसी नदी में जाता है, इसके अलावा कचरा मृत जानवरों को भी इसी नदियों में फेंक दिया जाता है, जिसकी वजह से यह नदी प्रदूषित हो चुकी है, बताया जा रहा है कि इसमें ऑक्सीजन भी बहुत कम है और इसके आसपास रहने वाले लोगों को त्वचा से जुड़ी हुई बीमारियां भी हो रही हैं।
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डिजिटल युग में उर्दू साहित्य की महत्ता पर Tangmarg कॉलेज का स्पेशल सेशन

Gulmarg, Government Degree College Tangmarg Organises Extension Lecture on Relevance of Urdu Literature in Digital Age\n\nThe Department of Urdu and the Internal Quality Assurance Cell (IQAC) of Government Degree College Tangmarg today organised a special extension lecture titled “The Relevance of Urdu Literature in the Digital Age.” The programme aimed to provide students with an insightful academic discussion on the importance, relevance and changing dimensions of Urdu language and literature in the rapidly evolving digital era.\n\nProfessor Ufaq Karim delivered the special lecture, while Professor Sameera Sheikh, Principal, Government Degree College Tangmarg, graced the occasion with her presence. Faculty members, including those from the Department of Urdu, teaching and non-teaching staff, and students participated in the programme.\n\nIn her detailed address, Professor Ufaq Karim highlighted the contemporary status of Urdu literature and its emerging possibilities in the context of digital technology. She said that the digital age has opened up new avenues for the promotion, preservation and dissemination of Urdu language and literature.\n\nShe observed that social media platforms, digital libraries, e-books, online journals, educational portals and other digital resources have enabled Urdu literature to reach a much wider readership. She stressed the need to utilise modern technology positively and effectively for the promotion of Urdu and to make quality Urdu literary content accessible to younger generations.\n\nProfessor Ufaq Karim further emphasised that Urdu literature is not confined to the literary traditions of the past but possesses immense potential to engage with contemporary issues, human emotions, social transformations and modern intellectual trends. She said digital platforms provide an important opportunity to connect young people with Urdu literature and facilitate the global dissemination of Urdu literary works.\n\nDuring the lecture, various important issues were discussed, including the challenges confronting the Urdu language, declining reading habits among sections of the younger generation, availability of Urdu content on digital platforms, digitisation of literary resources and the role of modern technology in strengthening the reach of Urdu literature.\n\nSpeaking on the occasion, Professor Sameera Sheikh, Principal of Government Degree College Tangmarg, appreciated the Department of Urdu and IQAC for organising the academic and literary programme. She said that such initiatives play an important role in connecting students with language, literature and cultural heritage while simultaneously enhancing their intellectual and creative abilities.\n\nShe emphasised that educational institutions should continue organising academic, literary and cultural activities related to Urdu language and literature so that students remain connected with their linguistic and literary heritage while also adapting to the demands and opportunities of the modern digital age.\n\nThe participants described the topic of the lecture as highly relevant and timely. Students and faculty members appreciated the speaker for her informative and thought-provoking address and for highlighting practical ways in which digital technology can contribute to the growth and wider dissemination of Urdu literature.\n\nThe programme concluded with a vote of thanks to the special speaker, college administration, Department of Urdu, IQAC, faculty members, staff and students for their participation and support. The organisers said that more such academic and literary programmes would be conducted in the future with the objective of promoting the intellectual, academic and creative development of students.
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MRMD Riyaz12m ago
Patna, Bihar:
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समरानियां में अटल ज्ञान केंद्र से आदिवासी विद्यार्थियों की तैयारी आसान होगी

Baran, Rajasthan:खबर- समरानियां(बारां) समरानियां में 8 लाख की लागत से बनेगा आधुनिक 'अटल ज्ञान केंद्र', प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा लाभ बारां के समरानियां में राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत कस्बे में 8 लाख रुपये की लागत से 'अटल ज्ञान केंद्र' का निर्माण किया जाएगा। इस केंद्र को एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। इस ज्ञान केंद्र के शुरू होने से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। विशेषकर छात्राओं को ध्यान में रखते हुए यहां डिजिटल कक्षाओं और ई-लर्निंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे गांव में ही रहकर विभिन्न सरकारी नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी कर सकें。
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