icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
460001
Rupesh MansureRupesh MansureFollow25 Sept 2024, 11:52 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

अरनोद में मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा सफर की सेवा यात्रा का स्वागत

Pratapgarh, Rajasthan:अरनोद में मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा सफर की सेवा यात्रा का स्वागत वाराणसी से वडनगर तक निकल रही सेवा यात्रा और कलश यात्रा के अरनोद पहुंचने पर भाजपा नेताओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा, जिला महामंत्री नरेंद्र गिरी गोस्वामी, जिला कोषाध्यक्ष मनीष कोठारी, नगर पालिका अध्यक्ष राहुल मीणा, उपाध्यक्ष ईश्वर चौधरी, मंडल अध्यक्ष बालूराम डांगी और नगर मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान दो जेसीबी मशीनों की मदद से पुष्पवर्षा की गई, जिससे माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया। इसके बाद यात्रा गौतमेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां परिसर में जनसभा आयोजित की गई। मंदिर में यात्रा के साथ आए कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सेवा यात्रा के स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
0
0
Report

आत्मसमर्पण के बाद शिक्षा की मिसाल: 35 साल की गीता ने 10वीं पास की

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी करने वाले पूर्व माओवादियों ने अब बंदूक छोड़कर कलम उठा लिया है, संभाग में आत्मसमर्पण कर चुके 8 पूर्व माओवादियों ने छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास कर ली, विपरीत परिस्थितियों में माओवादी संगठन से जुड़ने वाले आत्म समर्पित माओवादियों की यह नई राह एक समाज को साकारात्मक संदेश दे रहे है, कम उम्र में ही हिंसा का रास्ता अपनाने वाले इन पूर्व माओवादियों को स्थानीय पुलिस के द्वारा ओपन परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया गया था, आत्मसमर्पण के बाद जब उन्हें दोबारा पढ़ने का मौका मिला, तो उन्होंने उम्र और बीते हुए समय की परवाह किए बिना किताब उठाई और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली गीता नरोटे ने छठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। साल 2004 में वह नक्सली संगठन से जुड़ीं और करीब दो दशक तक संगठन में रहीं। संगठन में रहते हुए घायल नक्सलियों के इलाज का काम करने के कारण उन्हें डॉक्टर गीता के नाम से भी जाना गया। 25 अक्टूबर 2025 को आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और 35 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास कर ली। गीता को कुल 347 अंक मिले हैं। अब उनका सपना आगे पढ़ाई कर समाज की सेवा करने का है。
0
0
Report
Advertisement

साहिबगंज के स्कूल में नाइट गार्ड द्वारा दुष्कर्म, गर्भवती छात्रा मामला

Sahibganj, Jharkhand:साहिबगंज के रांगा थाना क्षेत्र के दुर्गापुर स्थित सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा पर उसी स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। छात्रा के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा व स्कूल के निदेशक जाफर शेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार आरोपित नाइट गार्ड ने छात्रा के साथ सात-आठ बार दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके कारण डर से बच्ची ने घर में कुछ नहीं बताया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर जब परिजन उसे डाक्टर के पास ले गए तब पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले की जानकारी होने के बाद भी स्कूल के निदेशक जाफर शेख ने मामले को दबाने का प्रयास किया और उन्हें न्याय दिलाने के बजाय चुप रहने को कहा। ऐसा न करने पर जान से हाथ धो लेने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित परिवार ने रांगा थाना में शिकायत की। 29 सितंबर को शिकायत दर्ज होते ही रांगा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के निदेशक जाफर शेख व नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस पोक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामले की जांच कर रही है। बताया जाता है कि स्कूल आवासीय है तथा छात्रा उसी स्कूल के हास्टल में रहती थी.
0
0
Report

NSUI ने रांची में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन किया

Ranchi, Jharkhand:मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज रांची में NSUI ने प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ताओं ने एलबर्ट एक्का चौक पर मशाल जुलूस निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, रांची के एलबर्ट एक्का चौक पर NSUI कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर पहुंचे और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोटरों के नाम हटाने को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। NSUI ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आज हम लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया है। हमारा आरोप है कि करोड़ों मतदाताओं के वोट को गलत तरीके से प्रभावित करने और वोटर लिस्ट से नाम हटाने का काम किया जा रहा है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। संगठन ने कहा कि मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। हमारा नारा है—‘वोट चोर, गद्दी छोड़।’ राहुल गांधी लगातार वोट के अधिकार और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हम उनके साथ खड़े हैं और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की हमारी मांग पर कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। बाइट: विनय उरांव, अध्यक्ष, झारखंड NSUI बाइट: सतीश केशरी, जिला अध्यक्ष, NSUI
0
0
Report

गुजरात में यूसीसी मंजूर: बहुविवाह पर रोक, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी

Noida, Uttar Pradesh:विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा, "विश्व हिंदू परिषद गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को राष्ट्रपति द्वारा दी गई मंजूरी का पूर्ण स्वागत करती है। यह स्वागत योग्य कदम है। अब गुजरात में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। बहुविवाह प्रथा समाप्त होगी, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी और एक ही राज्य में दो समुदायों के बीच रहने वाले लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकते। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि अगर कोई चार विवाह करना चाहता है, तो वह शरिया कानून का पालन करेगा, और अपराध करते पकड़े जाने पर आईपीसी और सीआरपीसी के तहत सजा चाहता है, ऐसे दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे..."
0
0
Report
Advertisement

गांधी जयंती पर तकनीक और नैतिकता का संगम: कश्मीर के युवाओं से बापू की सीख

Chaka, आधुनिक तकनीक और गांधीजी के सिद्धांत अगर साथ चलते हैं, तो देश में चमत्कार होंगे: युवाओं को सलाह मॉडर्न बानो मगर मानवता से मत रिश्ता थोड़ी। श्रीनगर की मशहूर डल झील के किनारे, सदियों के इतिहास की गवाह बनी पहाड़ियों की शांत छाया में, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 157वीं जयंती की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि दी गई। यहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर के युवाओं को संबोधित किया और उन्हें तकनीक की बेमिसाल ताकत वाले इस दौर में बापू की सीखों की सदाबहार अहमियत की याद दिलाई। LG मनोज सिन्हा ने कहा, "जब मैं प्राइमरी स्कूल में पढ़ता था, तो मुझे उन दिनों की एक सीधी-सी बात आज भी याद है। अगर आप किसी गांव या छोटे शहर में जाकर पूछते कि 'गुरुजी का घर कहां है?', तो लगभग कोई भी रास्ता बता देता था। शिक्षक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और चरित्र गढ़ने वाले का घर हर किसी को पता होता था। आज समय बदल गया है। आज लगभग हर कोई आपको बता सकता है कि व्यापारी का घर कहां है, जहां व्यापार फलता-फूलता है और धन गिना जाता है। लेकिन ऐसे लोग कम ही बचे हैं जो गुरुजी का घर बता सकें। यह खामोश बदलाव हमारे समाज की आत्मा के बारे में कुछ गहरी बात बताता है। आदरणीय बापू का मानना था कि किसी देश का चरित्र ही उसका सबसे स्थायी और बुनियादी ढांचा होता है। इमारतें बन और गिर सकती हैं, बाजार में तेजी-मंदी आ सकती है, लेकिन लोगों का नैतिक चरित्र ही आखिरकार देश की किस्मत तय करता है। मुझे संत कबीर दास की दो अमर पंक्तियां याद आती हैं: 'बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसा बुरा न कोय॥' सिन्हा ने आगे कहा, "ये पंक्तियां सिर्फ कविता नहीं हैं; ये हर इंसान के दिल के लिए एक आईना हैं। आज हमारे समाज को इस आत्म-मंथन की बहुत ज़रूरत है। महात्मा गांधी हमेशा इस बात पर ज़ोर देते थे: 'दुनिया में आप जो बदलाव देखना चाहते हैं, वह बदलाव खुद बनें।' फिर भी हम कितनी बार बाहर देखते हैं और पूछते हैं, 'वह क्या कर रहा है? वे क्या कर रहे हैं?' हम शायद ही कभी यह सवाल खुद से पूछते हैं।" गांधी जयंती के इस पवित्र मौके पर, LG ने देश के लोगों, खासकर युवाओं से कहा, "आइए, एक बार खुद से कुछ मुश्किल सवाल पूछें: क्या मैं सच को आगे बढ़ा रहा हूँ, या लापरवाही से अफ़वाहें फैला रहा हूँ? क्या मैं सच्ची बातचीत कर रहा हूँ, या बस गुस्से और शोर-शराबे के साथ प्रतिक्रिया दे रहा हूँ? क्या मैं अपने देश को एकजुट करने के लिए अपना थोड़ा भी समय और मेहनत लगा रहा हूँ, या जानबूझकर या अनजाने में बंटवारे का ज़रिया बन रहा हूँ?" इन सवालों का ईमानदारी से जवाब देना ही बापू की जीवन-दर्शन को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बापू की सबसे बड़ी सीख सरल लेकिन क्रांतिकारी थी: खुद को जानो। खुद को बदलो। तभी तुम समाज को बदल सकते हो।" उन्होंने कहा। महात्मा गांधी क Kashmir और वहाँ के लोगों का बहुत सम्मान करते थे। ऐसे समय में जब पूरा देश नफ़रत और हिंसा की आग में जल रहा था, गांधी ने कश्मीर का दौरा किया और पाया कि वहाँ भाईचारा अभी भी कायम है। तभी उन्होंने वे अमर शब्द कहे थे: "अगर शांति और प्यार के लिए उम्मीद की कोई किरण है, तो वह मुझे कश्मीर से ही दिखाई देती है।" वे शब्द हल्के-फुल्के अंदाज़ में नहीं कहे गए थे। वे इस धरती के लोगों में उनके गहरे भरोसे को दिखाते थे - ऐसे लोग जिन्होंने शांति, अहिंसा और प्यार के उनके संदेश को अपनाया था और सबसे मुश्किल समय में भी उस लौ को जलाए रखा था। कश्मीरी लोगों ने अपने शांत तरीके से गांधी की सीख को जीकर दिखाया था। उम्मीद की जो किरण बापू ने देखी थी, उसे अब पूरे देश के लिए एक मिसाल बनाना होगा। कश्मीर के युवा छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा, "आपके पास ऐसे संसाधन हैं जिनकी हम अपने छात्र जीवन में कल्पना भी नहीं कर सकते थे। आपकी हथेली में एक ऐसा मोबाइल फ़ोन है जो पिछली सदियों की सबसे बड़ी लाइब्रेरी से भी ज़्यादा शक्तिशाली है। आपके हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है - एक ऐसी शक्ति जो जटिल समस्याओं को हल करने, नया ज्ञान पैदा करने और दुनिया को ऐसी रफ़्तार से जोड़ने में सक्षम है जो पहले कभी नहीं देखी गई। आपके पास इंसानियत की सारी जानकारी तक पहुँच है, और आपके पास अपनी आवाज़, अपने विचारों और अपने संदेश को पल भर में पूरी दुनिया तक पहुँचाने की अभूतपूर्व शक्ति है। लेकिन अनुशासन के बिना शक्ति खतरनाक है। नैतिकता के बिना ज्ञान खालीपन है।" बिना मूल्यों वाली टेक्नोलॉजी दोधारी तलवार की तरह होती है, जो दोनों तरफ नुकसान पहुंचा सकती है。 सिन्हा ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इन असाधारण आधुनिक टेक्नोलॉजी टूल्स, खासकरआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल उसी कठोर अनुशासन और अटूट नैतिकता के साथ करें, जिसका पालन महात्मा गांधी ने अपने जीवन के हर दिन किया था। बापू ने कभी भी साधनों को साध्य से अलग नहीं माना। उनका मानना था कि रास्ता भी पवित्र होना चाहिए। इसी भावना के साथ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सभी आधुनिक टेक्नोलॉজি को सच्चाई, अहिंसा, आत्म-संयम और करुणा से निर्देशित किया जाना चाहिए। तभी मानवता और समाज को वास्तव में लाभ होगा। तब जम्मू-कश्मीर ताकत, सम्मान और समृद्धि के साथ आगे बढ़ेगा। तभी हमारा प्यारा देश शक्ति और गरिमा के साथ आगे बढ़ेगा।" उन्होंने आगे कहा, "मैं चाहता हूँ कि आप पूरी तरह से, बेझिझक और बिना किसी हिचकिचाहट के आधुनिक बनें। विज्ञान को अपनाएँ, टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करें। लेकिन अपनी मानवीय जड़ों से कटकर कभी भी आधुनिक न बनें।" "जो तरक्की दया-भाव को भूल जाती है, वह क्रूरता बन जाती है। जो रफ़्तार नैतिकता को छोड़ देती है, वह तबाही का कारण बनती है। आपकी आधुनिकता इंसानियत की ज़मीन से जुड़ी होनी चाहिए, उन शाश्वत मूल्यों से जुड़ी होनी चाहिए जिनके लिए बापू जिए और मरे—वही मूल्य जिन्होंने कभी गांधीजी को कश्मीर के भाईचारे में उम्मीद की किरण दिखाई थी," सिन्हा ने कहा। जैसे-जैसे हम 2047 की ओर बढ़ रहे हैं—जो हमारे आज़ाद भारत की 100वीं वर्षगांठ होगी—आइए याद रखें कि उस भारत की असली पहचान इस बात से नहीं होगी कि कितनी बड़ी-बड़ी इमारतें और कॉम्प्लेक्स आसमान छू रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि हमने कितने गरीबों को ऊपर उठाया और अपने बराबर लाया है, कितने लोगों को मौके दिए हैं और कितने दिलों को मरहम लगाया है; और यही बापू की सबसे बड़ी और स्थायी विरासत होगी। गांधीजी को यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सिन्हा ने एक संकल्प के साथ अपनी बात खत्म की: "आइए हम सब मिलकर, डल झील के इस ऐतिहासिक किनारे से, एक ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें जहाँ इंसानियत की रफ़्तार आधुनिकता के साथ-साथ समान मज़बूती से आगे बढ़े। जहाँ भारत और ज़्यादा ताकतवर, सुपर-पावरफुल बने, लेकिन हर नागरिक के प्रति संवेदनशील भी रहें।"
0
0
Report

रामपुर में ऑटो चालक का शव ऑटो के भीतर हाथ-पैर बंधे, हत्या का शक

Rampur, Uttar Pradesh:ऑटो के अंदर हाथ-पैर बंधे मिले ऑटो चालक के शव से मचा हड़कम्प, हत्या की आशंका से इलाके में सनसनी, खौद चौराहे के मंगल बाजार में ऑटो के अंदर मिला चालक का शव, परिजनों ने लगाया हत्या कर शव बांधने का आरोप, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, हत्या या मौत की वजह जांच में जुटी अजीम नगर पुलिस, रामपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ऑटो चालक का शव उसी के ऑटो के अंदर पाया गया, हाथ-पैर बंधे हुए थे, शव मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला hospital भेज दिया गया, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, परिजनों का कहना है कि युवक की हत्या करके शव को ऑटो में छोड़ दिया गया, मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी, पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

ससुराल वालों ने घर में घुसकर मारपीट-धमकी दी; महिला सुरक्षा के लिए कार्यालय गई

Bilaspur, Chhattisgarh: बिलासपुर।सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और घर से बाहर निकालने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला ने थाना सिरगिट्टी पर भी शिकायत के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है। शिकायतकर्ता सरिता विश्वकर्मा ने बताया कि वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ आदर्श नगर, सिरगिट्टी स्थित मकान में 25 अगस्त 2026 से रह रही हैं। उनके अनुसार मकान का निर्माण वर्ष 2025-26 में हुआ है, जिसमें करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। यह राशि उनके पति की मृत्यु के बाद उन्हें प्राप्त हुई थी। सरिता का आरोप है कि 28 सितंबर को उनकी सास सुशीला विश्वकर्मा सहित अमित विश्वकर्मा, दुर्गेश्वरी विश्वकर्मा, गीतांजली विश्वकर्मा और मानसी विश्वकर्मा जबरन घर में घुस आए और उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की तथा मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी मिलकर उन्हें बच्चों सहित घर से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। महिला के मुताबिक, घटना के बाद वह 29 सितंबर को भय के कारण थाना सिरगिट्टी पहुंची, लेकिन दिनभर थाने में रहने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसी रात उसका जेठ अमित विश्वकर्मा शराब के नशे में लोहे की रॉड लेकर घर में तोड़फोड़ कर उसे डराता रहा। महिला ने एसपी कार्यालय में शिकायत देकर सुशीला विश्वकर्मा, अमित विश्वकर्मा, गीतांजली विश्वकर्मा और जितेन्द्र विश्वकर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई करने तथा अपनी और बच्चों की सुरक्षा की मांग की है।
0
0
Report

देवरिया में ब्रेकर विवाद के कारण रामेश्वर तिवारी की निर्मम हत्या, आरोपियों की तलाश जारी

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के भीकम छपरा गांव में बीती रात आरएसएस से जुड़े रामेश्वर तिवारी की रंजिश के तहत सड़क के ब्रेकर के विवाद को लेकर उनके गांव के रहने वाले संजय तिवारी, दीपक तिवारी सहित आधा दर्जन लोगों ने लाठी डंडों, रॉड से पीटकर निर्मम हत्या कर दी। आज सुबह गोरखपुर रेंज के डीआईजी एस चिनप्पा गांव में पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। डीआईजी ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 टीम में गठित की गई है जल्दी उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं पुलिसिया लापरवाही के सवाल पर डीआईजी ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आपको बता दें रामेश्वर तिवारी के घर के बगल में रोड निर्माण हुआ था। जिस पर ब्रेकर बनाया गया था इसी ब्रेकर को लेकर बीती रात गांव के संजय तिवारी और दीपक तिवारी जिनके परिवार से पुरानी रंजिश चलती थी ब्रेकर को लेकर विवाद हुआ और ब्रेकर को तोड़ने का प्रयास किया गया जिसका विरोध रामेश्वर तिवारी ने किया तो आरोपियों ने लाठी, डंडे, रॉड और हथौड़ी से मार कर रामेश्वर तिवारी की निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद से गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं आपको दे कि अगस्त माह में इन लोगों से विवाद हुआ था और इनको खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई थी। थाने में शिकायत भी की गई थी पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की थी। आरोपियों ने खुलेआम कहा था कि फरवरी माह से पहले बाप बेटे दोनों को मार दिया जाएगा। आपको दे रामेश्वर तिवारी का एक ही बेटा है जिसकी नवंबर माह में शादी तय थी। जिस लड़की की शादी तय हुई वह सिद्धार्थ नगर जनपद का करने वाला है और लड़की का भाई भी मौके पर पहुंचा है और उसने कहा कि पूर्व में रामेश्वर तिवारी की पिता की हत्या हुई थी उनके ड्राइवर की भी हत्या हुई और अब उनकी हत्या कर दी गई तो अब मैं कैसे रिश्ता इस परिवार में जोड़ सकता हूँ। कल बेटे की भी हत्या हो सकती है। परिवार को सुरक्षा दी जाए और जो भी पुलिस कर्मी इस मामले में सस्पेंड किए गए हैं उनका लिखित रूप से हमें दिखाई जाए तब हम मानेंगे कि कोई कार्यवाही हुई है। और बेटे को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिसिया लापरवाही के चलते रामেশ्वर तिवारी की हत्या हुई है अगर पूर्व में की गई शिकायत का संज्ञान पुलिस ने लिया होता तो आज उनके पिता की जान बच जाती।
0
0
Report
Advertisement

उज्जैन में जुमे की नमाज शांति से सम्पन्न, काजी ने शांति की अपील

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई शहर काजी खलीलुर्रहमान ने की शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के बयान पर बोले- संभव है समझ की कमी रही हो जुमे की नमाज को लेकर उज्जैन में कड़ा पुलिस पहरा, शहर काजी ने की शांति की अपील उज्जैन में जुमे की नमाज को लेकर शुक्रवार को पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। शहर के संवेदनशील इलाकों, चौराहों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की गई। जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद उज्जैन शहर काजी खलीलुर्रहमान ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उज्जैन में जिस तरह लोग शांति के साथ रहते हैं, वैसी ही शांति पूरे देश में बनी रहनी चाहिए। शहर काजी खलीलुर्रहमान ने कहा कि देश एक गुलदस्ते की तरह है और यह गुलदस्ता हमेशा कायम रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई और ऐसी कोई घटना नहीं हुई जिससे किसी को आपत्ति हो। वहीं, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के बयान को लेकर सवाल पूछे जाने पर शहर काजी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मोहसिन अली खान ने ऐसा बयान दिया है तो उसका जवाब उन्हें ही देना चाहिए। मोहसिन अली खान की टिप्पणी पर शहर काजी खलीलुर्रहमान ने कहा कि हो सकता है कि कुछ अकल या समझ की कमी रही हो, इसलिए उन्होंने ऐसा कह दिया हो। शहर काजी ने लोगों से अपील की कि उज्जैन की शांति और सौहार्द को बनाए रखा जाए और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। बाइट -शहर काजी खलीलुर्रहमान
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top