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कपासन नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव: भाजपा- कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला, मतदान जारी

Begun, Rajasthan:#कपासन, चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए आज मतदान प्रक्रिया जारी है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की सरोज बारेगामा और कांग्रेस की उर्मिला मोदी के बीच सीधा मुकाबला है। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा, जबकि दोपहर 2 बजे के बाद मतगणना शुरू होगी। भाजपा के सभी 10 पार्षद बस में सवार होकर नगर पालिका पहुंचे और मतदान किया। वहीं कांग्रेस के 4 पार्षद भी वोट डाल चुके हैं। एक निर्दलीय पार्षद को भाजपा प्रभारी गब्बर सिंह अahiर अपनी गाड़ी से लेकर मतदान केंद्र पहुंचे। अब तक कुल 15 पार्षद मतदान कर चुके हैं। कांग्रेस के 9 और एक निर्दलीय पार्षद का मतदान बाकी है। सुरक्षा को लेकर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात है।
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निकाय चुनाव: कांग्रेस विधायक डूंगरराम गेदर के साथ पुलिस की बहस पर हंगामा

Sri Ganganagar, Rajasthan:एंकर_सूरतगढ़ में निकाय अध्यक्ष पद के मतदान के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब कांग्रेस विधायक डूंगरराम गेदर और पुलिस के बीच विवाद हो गया। मामला वार्ड 42 की कांग्रेस पार्षद रेखा धुआ को मतदान केंद्र में प्रवेश से रोकने को लेकर शुरू हुआ। दरअसल, पार्षद रेखा धुआ कुछ अन्य पार्षदों के साथ नगरपालिका कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि सिटी सीआई कलावती चौधरी ने उन्हें रोक दिया, जबकि अन्य पार्षदों को अंदर जाने दिया गया। इस पर विधायक गेदर और पार्षद महेंद्र गोदारा ने पुलिस से रोकने का कारण पूछा। सीआई ने परिवारजनों की शिकायत का हवाला दिया, लेकिन मौके पर मौजूद पार्षद के पुत्र ने शिकायत से इनकार किया। इसके बाद विधायक गेदर और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद के दौरान डीएसपी पारसमल भी मौजूद रहे। विधायक ने पुलिस पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। वहीं बैरिकेडिंग के बाहर मौजूद कांग्रेस समर्थकों ने नारेबाजी कर पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
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भिंड के गोरमी थाने में जमीन के टुकड़े के लिए खूनी भिड़ंत, पुलिस ने केस दर्ज किया

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-भिंड में फिर खूनी हुआ जमीनी विवाद, गोरमी थाना बना 'जंग का मैदान'। एंकर:चंबल अंचल में जमीनी विवाद और रंजिशों का खूनी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला भिंड जिले के गोरमी थाने का है, जहां जमीन के टुकड़े के लिए शुरू हुई जंग खेत से निकलकर सीधे थाने के अंदर तक जा पहुंची। दरअसल, टिकरी के रहने वाले रामज्ञान कुशवाहा ने दो साल पहले दोनियाँपूरा में योगेश नरवरिया से दो बीघा जमीन खरीदी थी। सीमांकन पूरा होने के बावजूद योगेश का भाई देवेंद्र इस सौदे से नाराज चल रहा था। आज जब रामज्ञान खेत जोतने पहुंचे, तो देवेंद्र ने ओबीसी महासभा के प्रदेश प्रभारी जीतू नरवरिया और उनके समर्थकों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद रामज्ञान के साथ जमकर मारपीट की गई, जिसकी पूरी वारदात पास ही लगी एक फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित रामज्ञान मारपीट की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज लेकर गोरमी थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें मेडिकल के लिए भेज दिया। लेकिन जैसे ही ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं को केस दर्ज होने की खबर मिली, वे बड़ी संख्या में गोरमी थाने पहुंच गए और परिसर में ही धरना देने लगे। हंगामा तब और बढ़ गया जब रामज्ञान मेडिकल कराकर थाने वापस लौटे। दोनों पक्ष आमने-सामने आए और देखते ही देखते थाना परिसर जंग का मैदान बन गया। पुलिस के सामने ही दोनों ओर से लात-घूंसे और थप्पड़ चलने लगे। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को अलग किया और अब गोरमी थाना पुलिस ने दोनों पक्षों पर मारपीट व बलवा की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि चंबल में जमीनी विवादों के चलते खूनी जंग कोई नई बात नहीं है। अभी कुछ ही दिन पहले बिरग़बा गांव में भी पारिवारिक जमीनी रंजिश के चलते हाल ही में रिटायर हुए एक सैन्यकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि भिंड-मुरैना में ऐसे विवादों के विकराल रूप लेने की सबसे बड़ी वजह राजस्व विभाग का ढुलमुल रवैया और मामलों को सालों-साल लंबित रखना है। इतिहास गवाह है कि इसी चंबल की माटी में जमीनी विवादों के कारण खून की नदियां बही हैं। डाकू पान सिंह तोमर, मोहर सिंह, मानसिंह और मलखान सिंह जैसे नामी डकैत भी जमीनी रंजिशों के चलते ही बंदूक उठाकर बीहड़ों में कूदे थे और दशकों तक समानांतर सरकार चलाते रहे। भले ही शासन-प्रशासन ने बीहड़ों से डकैतों का सफाया कर दिया हो, लेकिन जमीनी विवादों में बहता खून आज भी सिस्टम की नाकामी पर सवाल खड़े कर रहा है। वक्त का तकाजा है कि सरकार और प्रशासन ऐसे कड़े और प्रभावी कानून बनाएं, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा कागजों के बजाय सीधे मौके पर और तय सीमा के भीतर हो सके।
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नाथद्वारा में मतदान केंद्र के बाहर भाजपा नेताओं होने पर कांग्रेस ने विरोध जताया

Jaipur, Rajasthan:जसमंद के नाथद्वारा से बड़ी खबर नाथद्वारा नगरपालिका के अध्यक्ष पद के चुनावों के दौरान काँग्रेस का विरोध प्रदर्शन नाथद्वारा में मतदान केन्द्र के बाहर लगी बैरिकेडिंग के अंदर भाजपा के पदाधिकारी जाने से नाराज़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में नारेबाज़ी कांग्रेस का आरोप प्रशासन दोहरा रवैया अपना रहा है, पुलिस के खिलाफ कर रहे है नारेबाज़ी कांग्रेस जिला अध्यक्ष का आरोप भाजपा का जिला अध्यक्ष और अन्य भाजपा पदाधिकारियों के मतदान केन्द्र में होने से नाराज़ काँग्रेस का प्रदर्शन
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बेगूसराय–समस्तीपुर पुलिस पर भीड़ का हमला, फरार आरोपी छुड़ाकर ले गई

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में हत्या के प्रयास के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची समस्तीपुर पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पुलिस की घेराबंदी कर पकड़े गए दोनों आरोपियों को भीड़ ने पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा लिया और मौके से फरार करा दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया, जिसमें एक महिला सिपाही समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस की बोलेरो गाड़ी का पिछला शीशा भी पत्थरबाजी में चकनाचूर हो गया। अब पुलिस टीम पर हमले का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आपको बताते चले यह पूरा मामला समस्तीपुर और बेगूसराय जिले की सीमा पर स्थित मंसूरचक थाना क्षेत्र के तेमुंहा, मोहनपुर डीह गांव का है। समस्तीपुर जिले के हथौड़ी थाना की पुलिस टीम हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे शिवम झा और हेमकांत झा को गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी था और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों बेगूसराय के मोहनपुर डीह गांव में अपने बहनोई आमोद झा के घर छिपे हुए हैं। इसी सूचना पर हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मंसूरचक थाना पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ आमोद झा के घर छापेमारी की। पुलिस ने घर की घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। लेकिन जैसे ही पुलिस दोनों को लेकर गाड़ी की तरफ बढ़ी, परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। आरोप है कि आमोद झा, कुमोद झा और मनोरंजन उर्फ गोलू झा समेत कई लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और धक्का-मुक्की के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान महिला सिपाही सिंपी कुमारी के साथ हाथापाई और बदसलूकी का भी आरोप है। भीड़ ने पुलिस अभिरक्षा से दोनों आरोपियों को छुड़ा लिया और वे अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस की बोलेरो पर ईंट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। पथराव में गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया। हमले में सैप जवान रंजीत कुमार और महिला सिपाही सिंपी कुमारी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मंसूरचक थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस बल को देखते ही उपद्रवी भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने आमोद झा को खदेड़कर पकड़ लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के मुताबिक, शिवम झा और हेमकांत झा के खिलाफ करीब तीन महीने पहले पड़ोसी के नाबालिग की गला दबाकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि उस मामले में कार्रवाई करने पहुंचे डायल-112 की टीम पर भी हमला किया गया था और पुलिस वाहन का शीशा तोड़ दिया गया था। अब शनिवार रात हुई घटना को लेकर मंसूरचक थाना में कांड संख्या 167/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में आमोद झा, कुमोद झा और मनोरंजन उर्फ गोलू झा को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। फिलहाल पुलिस फरार दोनों आरोपियों समेत पुलिस टीम पर हमला करने वाले अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। वहीं, पुलिस टीम पर हमले का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
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राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा

Alwar, Rajasthan:राजगढ़ में अध्यक्ष चुनाव के लिए मतदान जारी, भाजपा ने 28 पार्षदों के समर्थन से बोर्ड बनाने का दावा किया राजगढ़ (अलवर)। राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। अध्यक्ष पद के लिए नगर पालिका के निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान के लिए भाजपा के पार्षद बन्ना राम मीणा के नेतृत्व में बस से नगर पालिका परिसर पहुंचे। पार्षदों के अलग-अलग दौर में मतदान केंद्र पहुंचने का सिलसिला जारी है। नगर पालिका परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मी तैनात हैं और जांच के बाद ही पार्षदों को परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। इस बीच भाजपा नेता बन्ना राम मीणा ने दावा किया है कि उनके साथ 28 पार्षदों का समर्थन है और भाजपा राजगढ़ नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाएगी। अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मतदान के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं。
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अपनी पार्टी ने आरक्षण नीति को लेकर विधानसभा विरोध चलाया; जानिए क्या मांगे

Srinagar, Uttarakhand:Apni Party leaders and workers staged a protest outside the Jammu and Kashmir Legislative Assembly raising objections over the ongoing reservation issue and demanding that the government address their concerns. The protest was led by former Minister Mohammad Ashraf Mir, who, along with other party leaders and workers, assembled outside the Assembly premises and raised slogans over the reservation policy. The protesters alleged that the existing reservation framework has created concerns among various sections of society and called for a transparent and comprehensive review of the policy. Speaking during the protest, Mohammad Ashraf Mir said that the government must take all stakeholders into confidence before taking decisions that have a direct impact on the educational and employment opportunities of different sections of Jammu and Kashmir. The Apni Party leaders demanded clarity from the government on the basis and implementation of the reservation policy and urged the administration to ensure that the interests of all communities and regions are protected. The protesters said that reservation-related decisions should be based on objective data, constitutional provisions and the socio-economic realities of Jammu and Kashmir. They also appealed to the government to hold consultations with political parties, civil society groups, students, aspirants and other stakeholders before finalising any changes to the existing system. The protest remained focused on the reservation issue, with party leaders reiterating that they would continue to raise the matter through democratic and constitutional forums. The Apni Party leaders said they expect the government to respond to the concerns raised by the protesters during the ongoing Assembly session.
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