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Barwani451551

सिंघाना निवासी की सर्पदंश से बड़वानी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गई जान

Sept 03, 2024 07:02:49
Barwani, Madhya Pradesh

बड़वानी जिला अस्पताल में मंगलवार तड़के सिंघाना निवासी की सर्पदंश से जान चली गई। इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया जो उसे गृहग्राम सिंघाना ले जा रहे हैं।

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Feb 16, 2026 05:04:00
Babaganj, Uttar Pradesh:बहराइच के श्याम नगर चौराहा अधीनगांव के एस,एल,के,आर इंटरनेशनल स्कूल में प्रथम वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वार्षिक उत्सव जैसेआयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जय प्रकाश सिंह नें विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना की,चेयरमैन डाoउमा शंकर वैश्य नें अपने संबोधन में शिक्षा को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति का ज्ञान भी अत्यंत आवश्यक है, जो ऐसे आयोजन के माध्यम से बच्चों को मिलता है। इस मौके पर शिवकुमार पाठक, सुशील पाठक सहित शिक्षक शिक्षक पंकज वर्मा, मोहित वर्मा, अलक्षी पाण्डेय, गरिमा सिंह, समृद्धि पटवा, शिवानी वर्मा, हेमा पाठक, माधुरी सहित कृष्णपाल सिंह उपस्थिति रहे।
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Feb 16, 2026 05:01:18
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APAnand Priyadarshi
Feb 16, 2026 05:00:24
Chaibasa, Jharkhand:चक्रधरपुर रेलवे ओवरब्रिज पर ‘मौत का मांझा’ बना कहर, मां-बेटी लहूलुहान, प्रशासन से तेज मांझे के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग चाइनीज तेज मांझे की चपेट में आकर बड़ी माँ और बेटी के गले और चेहरे पर गहरे जख्म, पत्रकार की तत्परता से बची जान चक्रधरपुर शहर के सबसे व्यस्त रेलवे ओवरब्रिज पर रविवार शाम पतंग का तेज मांझा ‘मौत का फंदा’ बनकर उड़ता रहा और प्रशासन तमाशबीन बनी रही। नतीजा—स्कूटी से गुजर रही मां और बेटी खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ीं। यह हादसा रविवार शाम करीब 5 बजे की है। तेज धार सूत के धागे से खुनी खेल की इस घटना ने चक्रधरपुर को झकझोर कर रख दिया है। रेलवे क्षेत्र के ईस्ट कॉलोनी निवासी बसंती मार्डी अपनी बेटी अनुप्रिया टुडू के साथ बड़ी बाजार जा रही थीं। जैसे ही वे ओवरब्रिज पर पहुंचीं, हवा में पतंगबाजी के साथ उड़ रहा धारदार मांझा बसंती के गले में फंस गया। कुछ ही सेकंड में उनका गला कई जगह से कट गया, सांसें अटकने लगीं और खून बहने लगा। पीछे बैठी अनुप्रिया ने अपनी बड़ी मां बसंती को बचाने की कोशिश की, लेकिन मांझा उसके चेहरे में भी धंस गया। जिससे अनुप्रिया के आंख, नाक और गाल पर गहरे जख्म बन गए। हैरानी की बात यह रही कि व्यस्त ओवरब्रिज पर लोग गुजरते रहे, पर तत्काल मदद को कोई आगे नहीं आया। उसी दौरान पत्रकार प्रताप प्रमाणिक वहां पहुंचे। उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए दोनों को तत्काल उठाया और चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद बसंती को गंभीर हालत में जमशेदपुर रेफर किया गया। सवाल सीधा है—क्या चक्रधरपुर के आसमान में यूं ही ‘मौत का मांझा’ उड़ता रहेगा? हर साल देशभर में तेज मांझे से लोगों के घायल होने से लेकर उनकी जान जाने की खबरें आती हैं, फिर भी न रोक, न सख्ती, न जागरूकता। चक्रधरपुर का यह हादसा चेतावनी है। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो अगली तेज मांझे से आई खुनी खेल की यह खबर और भी दर्दनाक हो सकती है। चक्रधरपुर की जनता अब तेज मांझा से पतंग उड़ाने वालों और इस तरह के तेज धार वाले सूत बेचने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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VAVishnupriya Arora
Feb 16, 2026 05:00:06
Noida, Uttar Pradesh:
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Feb 16, 2026 04:58:17
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Feb 16, 2026 04:57:31
Moradabad, Uttar Pradesh:रविवार को श्रीलंका का कोलंबो भारतमय हो गया, प्रेमदासा स्टेडियम से लेकर भारतीय सड़को तक जहां भी नजर दौड़ाओ भारतीय फैंस ही नजर आ रहे थे। सूर्यकमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम भी फैंस की उम्मीदों पर खरी उतरी और उसने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में एक बार फिर पटखनी दे दी। कभी तेज गेंदबाजी के लिए पहचानी जाने वाली पाकिस्तानी टीम ने प्रेमदासा स्टेडियम की ट्रिकी पिच पर छह स्पिनरों का इस्तेमाल करके भारतीय बल्लेबाजों को रोके रखा। अकेले ईशान किशन ने उनका ढंग से सामना किया और तूफानी पारी खेली। सूर्या ब्रिगेड ने अपने चिर प्रतिद्वंदी को एक बार फिर पटखनी देकर भारतीयों को झूमने का अवसर दिया,लाजपत नगर में क्रिकेट प्रेमी भी इस जीत पर जमकर झूमे, आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार किया गया.... हाथों में तिरंगा लिए और DJ पर झूमते क्रिकेट प्रेमियों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद क़े नारे भी जमकर लगाए....
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DDDHANANJAY DWIVEDI
Feb 16, 2026 04:51:32
Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां सत्ता और व्यवस्था की लापरवाही की ऐसी तस्वीर आई है जिसे देख आप दंग रह जाएंगे। डुमरी पंचायत के रघुनाथपुर गांव में अंग्रेजो ने 1932 में पुल बनाया था। यह पुल दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली लाइफ लाइन पुल है। विडंबना यह है कि अंग्रेजो ने 1932 में यह पुल तो बना दिया लेकिन आज तक इस पुल की मरम्मत तक नहीं कराई गई है; पुल जर्जर हो गया है, रेलिंग टूट गई है, नीचे का लोहा का प्लेट भी टूट गया है; आए दिन इस पुल पर हादसा होते रहते हैं; आज तक दर्जनों लोग घायल हुए हैं और पुल में गिरने से दो की मौत भी हो गई है। ग्रामीण वर्षों से पुल बनवाने के लिए अधिकारियों और नेताओं के यहां चक्कर काटते रहे लेकिन आज तक पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है; अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही भरी इस तस्वीर को देख कोई भी दंग रह जाएगा। अंग्रेजो ने 1932 में यह पुल बनवाया था लेकिन सत्ता और व्यवस्था ने आज तक इस पुल का मरम्मत नहीं कराया है; यह पुल दर्जनों गांवों का लाइफ लाइन पुल है। विकास के दावा करने वाली सरकार को यह पुल देखना चाहिए; आखिर ग्रामीणों के मांग पर इस पुल का मरम्मत कब होगा? दर्जनों गांव के लोग जान हथेली पर रख इस पुल से आवागमन करते हैं और पुल पर हादसे भी होते हैं; आखिर यह पुल कब बनेगा? सरकार को यह खबर देखनी चाहिए और लापरवाह अधिकारियों पर संज्ञान लेना चाहिए।
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VRVikash Raut
Feb 16, 2026 04:51:07
Deoghar, Jharkhand:देवघर महाशिवरात्रि के अवसर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शिव-पार्वती विवाह पूरे विधि विधान से कराया गया खास परंपरा के तहत बाबा मंदिर के गर्भगृह में देर रात तक विशेष चतुष्ग्रहर पूजा की गयी इस पूजा में बाबा भोले दुल्हा बने तथा विग्रह पर सिंदूर अर्पित कर बाबा का विवाह संपन्न किया गया सरदार पंडा श्रीश्री गुलाबनंद ओझा ने बेलपत्र से शिवलिंग के विग्रह पर सिंदूर अर्पित किये परंपरा के अनुसार बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा से पहले रात करीब 10 बजे पारंपरिक बारात निकाली गयी इसके साथ निकास द्वार से पुजारी, आचार्य तथा परंपरा से जुड़े लोग पूजा सामग्री के साथ बाबा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किये बाबा बैद्यनाथ की तांत्रिक विधि से चतुष्ग्रहर पूजा की गयी. सरदार पंडा ने रात में होनेवाली चतुष्ग्रहर पूजा का संकल्प लिया
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KSKULWANT SINGH
Feb 16, 2026 04:50:43
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SSSUNIL SINGH
Feb 16, 2026 04:49:58
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम गीत को अनिवार्य किए जाने पर केंद्र सरकार पर भड़के ... केंद्र सरकार पर भड़कते हुए कहा .. हम राष्ट्रगान का सम्मान करते है ..वंदेमातरम गाकर हमें और मुस्लिम समाज को सरकार को देशभक्ति का सुबूत देने और दिखावे की जरूरत नहीं है .. हमें अपनी देशभक्ति का वार वार सुबूत देने की जरूरत नहीं है . मुस्लिमों की देशभक्ति का सुबूत चाहिए तो इतिहास उठा कर पढ़ ले .. हम और हमारा मुस्लिम समाज अपने मुल्क से मुहब्बत और सम्मान करते है .. सरकार बताए ..वंदेमातरम को अनिवार्य तौर पर लागू करने से मुस्लिम और हिंदुओं का कौन सा सम्मान और रोजगार मिल जाएगा .. केंद्र सरकार ने मुख्य मुद्दों से जनता को भटकाने के लिए वंदेमातरम को लागू किया है .. सपा सांसद वर्क ने अपने बयान में एक बार भी वंदेमातरम शब्द को नहीं बोला "इसे "शब्द का इस्तेमाल किया .. सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क ने बुर्का पहनकर कांवड़ लाने वाली मुस्लिम तमन्ना और उत्तराखंड के युवक दीपक मुहम्मद के मामले में भी बयान दिया .. मुस्लिम तमन्ना मालिक के मामले में बयान देकर कहा ..तमन्ना दो वर्ष पहले दूसरे धर्म के युवक से शादी कर चुकी है ...इसलिए इस मामले को न तो उछालना चाहिए... नसीहत के अंदाज में कहा तमन्ना मालिक को उत्तराखंड के युवक दीपक मुहम्मद से सीखना चाहिए । सपा सांसद वर्क ने उत्तराखंड के दीपक मुहम्मद की जमकर तारीफ की . बाइट जिया उर रहमान वर्क सपा सांसद ,संभल
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AGAbhishek Gour
Feb 16, 2026 04:49:22
Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- मध्य प्रदेश की केंद्रीय जेल नर्मदापुरम अब देश की पहली ऐसी जेल बन चुकी है, जहां बंदियों को मेडिकल उपचार या कोर्ट पेशी पर ले जाते समय जीपीएस आधारित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली से ट्रैक किया जा रहा है। इस विशेष ट्रैकिंग सिस्टम को EPTS (Electronic Prisoner Tracking System) नाम दिया गया है। करीब दो वर्षों की तैयारी और परीक्षण के बाद इसे प्रायोगिक तौर पर लागू भी कर दिया गया है। अब बंदियों की निगरानी सिर्फ सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं, बल्कि सैटेलाइट तकनीक से भी की जा रही है। दरसल प्रदेश में हर साल 25 से 50 बंदी पुलिस या जेल गार्ड की पकड़ से हथकड़ी छुड़ाकर फरार हो जाते थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए EPTS सिस्टम विकसित किया गया है। यह सिम आधारित जीपीएस डिवाइस सैटेलाइट से जुड़कर बंदी की लाइव लोकेशन सर्वर और पंजीकृत मोबाइल पर लगातार अपडेट करती रहती है। इसे बंदी के हाथ या पैर में सुरक्षित रूप से बांधा जा सकता है। जीपीएस ट्रैकर का वजन 150 ग्राम है, जबकि 2 मिमी मोटी मेटल शीट का 250 ग्राम का कवर इसे सुरक्षित बनाता है। कुल वजन लगभग 400 ग्राम है। बैटरी बैकअप 9 से 10 दिन का है और प्रति यूनिट लागत 4,000 से 10,000 रुपये के बीच है। यह सिस्टम बंदी की हर गतिविधि रिकॉर्ड करता है वह कब चला, कब रुका, कितनी गति से चला और कितनी दूरी तय की। यदि फरारी के दौरान वाहन का उपयोग होता है, तो वाहन के स्टार्ट और बंद होने तक की जानकारी भी मिल सकती है। डिवाइस से छेड़छाड़ या बैटरी खत्म होने पर तुरंत अलर्ट मैसेज के साथ आखिरी लोकेशन कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है। पूरा ट्रैक रिकॉर्ड हिस्ट्री में सेव रहता है। वाटरप्रूफ, शॉकप्रूफ और न्यूमेरिक लॉक से सुरक्षित यह डिवाइस फरार बंदी को मिनटों में ट्रेस करने में सक्षम है। यह तकनीकी पहल को जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी और सहायक जेल अधीक्षक हितेश बंडिया के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। डिवाइस का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया जा चुका है। स्टाफ के पैरों में ट्रैकर बांधकर की गई टेस्टिंग में चलना, रुकना, गति और लाइव लोकेशन सहित सभी पैरामीटर सटीक पाए गए। अब इसे बंदियों पर भी प्रायोगिक रूप से उपयोग किया जा रहा है, विशेष रूप से मेडिकल और कोर्ट पेशी के दौरान। इसके साथ ही केंद्रीय जेल नर्मदापुरम देश की पहली जेल बन गई है, जहां सैटेलाइट आधारित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की गई है। जेल सुरक्षा के इतिहास में इसे एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। अब फरारी आसान नहीं होगी, क्योंकि नजर सिर्फ पहरेदारों की नहीं, बल्कि आसमान की भी है। बाइट (A1) – संतोष सोलंकी ( जेल अधीक्षक ) बाइट (A2) – हितेश बंडिया ( सहायक जेल अधीक्षक )
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