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NNAVODEET Follow16 Jul 2024, 06:44 pm
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भावनगर महुवा में एसएमसी टीम ने देशी शराब के अड्डों पर रेड मारी

Mahova, Uttar Pradesh:ભાવનગર મહુવા પોલીસ ઊંઘ હતી ને S. M. C ના દેશી દારૂ પર દરોડા પાડી દીધાbusters? સંબંધિત આડાં ધમધતા હતા ધણા લાબા સમય થી દારૂ ના અડ્ડા ધમધમી રહ્યા હતા મહુવા પોલીસ નોંધો આ બાબતે અજાણ હોય ત્યારે smc ને ચોક્કસ બાતમી મળતાની સાથે દાયિત્વવાહકો દવારા વિસ્તારોમાં દારૂ ના અડ્ડા ધમધતા હતા ત્યાં વહેલી સવાર થી એસએમસી દ્વારા રેડ કરી તપાસ હાથ ધરવા આવી છે એસએમસી ની બે ટીમ દ્વારા બે સ્થળ તપાસ કરી મુદ્દા માલ સાથે બે કેસ ની ધરપકડ થઈ છે હજુ સુધી એસએમસી દ્વારા જાણી શકાયું નથી કે મહુવા ની અંદર કેટલી ટીમ દ્વારા આ સર્ચ ઓપરેશન કરવામાં આવ્યું છે
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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास ट्रक हादसा, 15 की मौत 43 घायल

Bhind, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हृदय विदारक घटना सामने आई है,शारदीय नवरात्रि की वो रात खुशियों और आस्था से भरी होनी चाहिए थी, लेकिन चंद पलों में वह मातम में बदल गई।शीतला माता मंदिर पर सृद्धालुओं की लाइन में अनियंत्रित ट्रक जा घुसा, घटना का ठीकरा गूगल मैप पर फोड़ा जा रहा है, बताया जा रहा है कि ट्रक चालक गूगल मैप के सहारे चल रहा था और वह मंदिर तक पहुंच गया, हम इस खबर के विश्लेषण में जानेंगे कि हादसा गूगल मैप की गलती की वजह से हुआ या फिर मानवीय लापरवाही ने 15 लोगों की जान ले ली और 43 को जिंदगी और मौत से जूझने के लिए अस्पताल में छोड़ दिया है शनिवार और रविवार की दरमियानी रात।चीनौर रोड स्थित ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर यहाँ आमतौर पर इस मौसम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लोग माता के दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे, तभी अचानक एक भारी-भरकम ट्रक काल बनकर उन पर टूट पड़ा। सवाल यह उठता है कि आखिर यह सब हुआ कैसे? लोग दर्शन की उम्मीद लेकर घरों से निकले थे। किसी ने मन्नत मांगी थी, कोई परिवार के साथ आया था, तो कोई अपने बच्चों को माता के दरबार में ले जाना चाहता था。 लेकिन 18 अक्टूबर की रात और 19 अक्टूबर की सुबह के बीच का वह वक्त कई परिवारों के जीवन में ऐसा मोड़ बन गया, जिसे वे शायद कभी भूल नहीं पाएंगे。 बताया गया है कि ट्रक धान लदा था। वह उस रास्ते पर पहुंचा, जहां भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। बैरिकेडिंग भी थी। लेकिन ट्रक वहां तक पहुंच गया。 फिर वह ढलान पर अनियंत्रित हुआ। उसके सामने श्रद्धालु थे। उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। ट्रक लोगों को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से जा टकराया。 इस हादसे में छ: नाबालिग सहित 15 की मौत की खबर सामने आई और 43 घायल हुए है。 लेकिन किसी हादसे की गंभीरता केवल मृतकों की संख्या से नहीं मापी जा सकती。 उस संख्या के पीछे अलग-अलग परिवार हैं। किसी घर में बेटा वापस नहीं लौटा, किसी घर में भाई, किसी घर में पिता। अस्पतालों में अपने परिजनों को तलाशते लोग हैं और उन घरों में इंतजार, जहां अब दरवाजे पर होने वाली दस्तक शायद कभी नहीं सुनाई देगी。 हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा भी सामने आया। एक परिवार ने अपने दो बेटों और भाई को खोने की बात कही। सवाल यह था कि जब मार्ग पर प्रतिबंध था, तो ट्रक वहां तक पहुंचा कैसे? यह सवाल केवल किसी एक चालक के बारे में नहीं है। यह उस व्यवस्था के बारे में भी है, जिसका काम ऐसे रास्तों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के अनुसार, ट्रक बैरिकेडिंग पार कर ढलान पर अनियंत्रित हुआ और मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए。 कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सूचना मिलने पर एंबुलेंस और राहत वाहनों को भेजा गया। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि बैरिकेडिंग और जांच चौकी होने के बावजूद ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुंचा। वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है。 मंत्री राकेश शुक्ला ने घायलों से मुलाकात की और उपचार तथा जांच का भरोसा दिया。 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया और पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और नगर पुलिस अधीक्षक को पद से हटाने के निर्देश दिए है。 सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की。 ये कदम प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। लेकिन इस घटना का सबसे अहम सवाल अब भी अपनी जगह मौजूद है。 जब रास्ता प्रतिबंधित था, तो ट्रक वहां पहुंचा कैसे? क्या बैरिकेडिंग केवल रास्ते पर रखी एक बाधा थी, या उसके पीछे ऐसी निगरानी भी थी जो किसी भारी वाहन को आगे बढ़ने से रोक सके? क्या चालक ने प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश किया? क्या वाहन में तकनीकी खराबी थी? क्या ढलान पर ट्रक को रोकने की कोई व्यवस्था थी? और क्या इस दुर्घटना को टाला जा सकता था? इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं। ब्रेक फेल होने जैसी आशंका को भी तकनीकी जांच के बिना अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। किसी भी धार्मिक आयोजन में सुरक्षा का अर्थ केवल पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं होता। इसका अर्थ है प्रवेश और निकास के रास्तों पर प्रभावी नियंत्रण, भारी वाहनों की रोकथाम, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और ऐसी निगरानी, जिसमें नियमों का उल्लंघन होने से पहले उसे रोका जा सके। शीतला माता मंदिर में हुई यह दुर्घटना इन व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग करती है。 क्योंकि हादसे के बाद निलंबन हो सकता है, जांच बैठ सकती है और मुआवजे की घोषणा की जा सकती है। लेकिन जो लोग लौटकर नहीं आएंगे, उनके परिवारों के लिए इन कार्रवाइयों का अर्थ सीमित है。 प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, चालक रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहा था। रास्ता खोजते हुए वह चीनौर की ओर से शीतला माता मंदिर जाने वाले मार्ग पर पहुंच गया。 डिजिटल नक्शे किसी अनजान शहर में रास्ता खोजने में मदद कर सकते हैं। लेकिन वे सड़क पर लगे हर अवरोधक, हर स्थानीय प्रतिबंध और हर समय लागू यातायात व्यवस्था की जगह नहीं ले सकते。 उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा—अगर रास्ते पर प्रतिबंध था, अगर बैरिकेडिंग थी, अगर पुलिस तैनात थी, तो उनके अपने लोगों की जान बचाने के लिए वह व्यवस्था उस वक्त काम क्यों नहीं आई? इस सवाल का जवाब सिर्फ इस दुर्घटना की जांच के लिए जरूरी नहीं है। यह उन सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है, जहां आस्था के साथ हजारों लोगों की भीड़ जुटती है। किसी मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता श्रद्धालुओं के लिए आस्था का मार्ग हो सकता है। लेकिन उस रास्ते पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ग्वालियर की इस घटना में अब सबसे जरूरी है कि मौतों के आंकड़ों से आगे बढ़कर जिम्मेदारी तय हो, जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक हों और ऐसी व्यवस्था बने कि श्रद्धा के रास्ते पर किसी परिवार को इस तरह मातम लेकर घर न लौटना पड़े।
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डिप्टी आरएमओ ने पूरनपुर के धान क्रय केंद्रों में गड़बड़ियां दिखाईं, नोटिस जारी

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर-पीलीभीत की डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा शर्मा ने पूरनपुर मंडी में लगे धान की क्रय केदो पर औचक निरीक्षण किया तो भारी खामियां सामने आई हैं जिसके बाद उन्होंने तीन खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधको व मंडी सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रज्ञा शर्मा ने जब धान केंद्र पर छापा मारकर व्यवस्थाएं देखी तो किसान धान केंद्रों पर खड़े मिले लेकिन क्रय केंद्र पर वारदाना ही नहीं था। ठेकेदार व मजदूर भी नहीं मिले किसानों को धान में नमी कहकर टरकाया जा रहा था मौके पर डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। वारदाना ना होने के सवाल पर केंद्र प्रभारी कहने लगा की वारदाना चल दिया है। जब प्रज्ञा शर्मा ने वारदाना लाने वाले वाहन चालक से संपर्क करने को कहा तो केंद्र प्रभारी के पास जवाब नहीं था जिसके बाद डिप्टी आरएमओ ने कहा कि वरदान का चिड़िया है जो उड़कर आ रहा है। इस पूरे निरीक्षण का वीडियो भी वायरल हो रहा है कई केंद्रों पर मॉश्चर मशीन ही नहीं थी। डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को यहां तक कहा कि यहां कुर्सी तोड़ने आए हो फिलहाल खरीद एजेंसियों व मंडी सचिव को नोटिस मिलने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है गौरतलब है कि 12 अक्टूबर से धान खरीद शुरू हो गई है लेकिन कई केन्द्रों पर अभी तक व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई जिससे किसान परेशान हो रहे हैं.
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गोरखनाथ मंदिर में CM योगी कन्या पूजन से भक्तिमय नवरात्र उत्सव

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शक्ति स्वरूपा कन्याओं की पूजा-अर्चना करेंगे। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले कन्याओं के चरण पखारेंगे, उनके माथे पर तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन करेंगे। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाएगा और भोजन के उपरांत उन्हें उपहार भेंट किए जाएंगे। गोरक्षपीठ की परंपरा में कन्या पूजन का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्र में कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा की जाती है। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए आपको बताते हैं कन्या पूजन की पूरी परंपरा और इस आयोजन का महत्व। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अनुष्ठान में शामिल होकर कन्याओं का पूजन करेंगे। कन्या पूजन की शुरुआत कन्याओं के चरण पखारने से होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री कन्याओं के माथे पर तिलक लगाकर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार कन्याओं को मां दुर्गा के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया जाता है। इसी आस्था के साथ उनके पूजन और सत्कार की परंपरा निभाई जाती है। कन्या पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्याओं को भोजन कराएंगे। भोजन के बाद उन्हें उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लेंगे। नवरात्र में कन्या पूजन को शक्ति की उपासना, श्रद्धा और नारी सम्मान का प्रतीक माना जाता है। गोरक्षपीठ में इस परंपरा का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में भी मंदिर की धार्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी कन्या पूजन में उनकी सहभागिता प्रस्तावित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में कन्या पूजन के माध्यम से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। कन्याओं के साथ बालक को भैरव स्वरूप मानकर पूजन करने की परम्परा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। गोरखनाथ मंदिर में होने वाला यह आयोजन नवरात्र के धार्मिक उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान पूजा-पाठ, पारंपरिक अनुष्ठान और श्रद्धा के साथ कन्याओं के सम्मान पर विशेष जोर रहता है। गोरखनाथ मंदिर में होने वाला कन्या पूजन धार्मिक आस्था, शक्ति उपासना और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्याओं का पूजन कर इस परंपरा का निर्वहन करेंगे।
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शहीद भाई परमिंदर सिंह झोटे की आज मानसा अदालत में पेशी

Mansa, Punjab:ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੀ ਅੱਜ ਵੀ ਮਾਨਸਾ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹੈ ਪੇਸ਼ੀ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਕਤਲ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਹਾਸ਼ਮੀ ਕੁਮਾਰ ਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਘੁਮਾਉਣ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਜੋ ਅੱਜ ਵੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਟੀਮ ਦੇ ਮਾਨਸਾ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸੀ ਹੈ। ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੀ ਟੀਮ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਅਮਨ ਪਟਵਾਰੀ ਨੇ ਦӡਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੌਰਾਨ ਜਿਸ ਅਸ਼ਵਨੀ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਗੋਲੀਆਂ ਮਾਰ ਕੇ ਕਤਲ ਕੀਤਾ ਹ ਇਸ ਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਮਾਨ ਸਿੰਗ ਸ਼ਹಿರ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿਉਂਕਿ ਉਸ ਸਮੇਂ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਦੇ ਹੋਏ ਫੜਿਆ ਸੀ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਥਾਣੇ ਲੈ ਕੇ ਜਾਣ ਸਮੇਂ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਤੇ ਉਸੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਵੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ੀ ਹੈ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ੀ ਭੁਗਤਣ ਦੇ ਲਈ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ ਪਰ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਤੇ ਉਸਦੇ ਸੁਪਨੇ ਨੂੰ ਜੋ ਨਸ਼ਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਗਈ ਸੀ ਉਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇਗਾ。 ਬਾਈਟ ਅਮਨ ਪਟਵਾਰੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦਾ ਸਾਥੀ
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महागौरी के सामूहिक हवन के साथ भक्तों ने शत प्रतिशत मतदान की शपथ ली

Dholpur, Rajasthan:महामाया मंदिर पर भक्तों ने किया जगत कल्याणार्थ देवी श्री महागौरी का सामूहिक हवन एवं शत प्रतिशत मतदान का लिया। शारदीय नवरात्रा अष्टमी के अवसर पर धुलकोट स्थित श्री महामाया मंदिर पर भक्तों के द्वारा जगत कल्याणार्थ अष्टमी की अधिष्ठात्री देवी श्री महागौरी का सामूहिक हवन विश्व शांति की स्थापना एवं शत प्रतिशत मतदान की शपथ के साथ संपन्न हुआ। हवन के प्रमुख आचार्य पंडित श्याम सुंदर शर्मा एवं मंदिर आचार्य हरिओम शास्त्री के द्वारा दुर्गासप्तशती के सिद्ध मंत्रों के वाचन से हवन कार्य संपन्न कराया गया। हवन का प्रारंभ गणेश मंत्र, नवार्ण मंत्र, दुर्गा मंत्र एवं शक्ति मंत्रों के साथ हवन करवाया गया। हवन आचार्य श्याम सुंदर शर्मा के द्वारा भक्तों के कल्याणार्थ एवं विश्व शांति की स्थापना हेतु विशेष नवाक्षर मंत्रों के द्वारा हवन में आहुति करवाई गई। हवन के पश्चात भक्तों को आगमी पंचायत चुनाव में भयमुक्त होकर बिना प्रलोभन के शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाई गई।
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उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने नाथद्वारा में श्रीनाथजी दर्शन कर प्रदेश समृद्धि की कामना की

Rajsamand, Rajasthan:नाथद्वारा, राजसमंद दीया कुमारी ने आज सुबह विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीनाथजी के अलौकिक दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। नाथद्वारा पहुंचकर उन्होंने श्रीनाथजी मंदिर में ग्वाल झांकी के दर्शन किए। दर्शन के उपरांत उन्होंने मंदिर के तिलकायत पुत्र गोस्वामी श्री विशाल बावा से दूरभाष पर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात महाप्रभुजी की बैठक में मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार उनका पारंपरिक अभिनंदन किया गया। इस दौरान अधिकारी सुधाकर उपाध्याय ने उन्हें रजाई, उपरणा ओढ़ाकर श्रीजी का प्रसाद भेंट कर स्वागत किया।
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रतलाम के कालिका माता अष्टमी पर आस्था, गुलाल और गरबा की धूम

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में प्राचीन कालिका माता मंदिर में आज भी राजपरिवार से चली आ रही परंपरा बड़े हर्षोल्लास और आस्था के साथ निभाई जा रही है।आज मॉ कालिका माता मंदिर मे सुबह 11 बजे तक अष्टमी मानाई गयी, अष्टमी के दिन सुबह करीब 4 बजे मां कालिका की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस दौरान माता को कई किलो गुलाल अर्पित किया जाता है। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे मंदिर परिसर में गुलाल उड़ाया जाता है। मान्यता है कि मां कालिका को अर्पित किया गया गुलाल जिन श्रद्धालुओं पर पड़ता है, उन्हें माता का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस अनूठी परंपरा में शामिल होने और मां कालिका का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु तड़के सुबह 3 बजे से ही मंदिर पहुंचने लगते हैं। मंदिर परिसर में होने वाला सुबह का पारंपरिक गरबा भी इस आयोजन का खास आकर्षण रहता है। अष्टमी की सुबह आस्था, भक्ति और गुलाल के रंगों से पूरा मंदिर परिसर सराबोर नजर आता है। वही देश भक्ति तिरंगा भी मा कालिका मंदिर मे लहराया, तलवारे लिये गरबा करती महिलाओ ने संदेश दिया की एक हाथ मे शस्त्र औऱ दुसरे हाथ मे तिरंगा, भारत की बेटियां देश की रक्षा मे पिछे नही है, क्यो की उनके पास मॉ दुर्गा औऱ काली के आशीर्वाद की शक्ति है
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Ajmer रेलवे स्टेशन पर 12 किलोग्राम गांजा बरामद, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

Ajmer, Rajasthan:AJMER रेलवे स्टेशन पर दीपावली त्योहार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तहत जीआरपी थाना पुलिस की ओर से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर चेकिंग करते समय पुलिस टीम को एक लावारिस बैग में करीब 12 किलो गांजा बरामद हुआ. बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 6 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने गांजे से भरे बैग को अपने कब्जे में लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ NDPS Act की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब सीसीटीवी से मामले की जांच में जुटी है साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बैग किसका है और गांजा रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा.
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अनूप चिव ने निजी खर्चे पर जसूर-गंगथ-इंदौरा सड़क की मरम्मत कर दिखाया मिसाल

Nurpur, Himachal Pradesh:समाजसेवा की मिसाल पेश कर रहे अनूप चिव, अपने खर्चे पर करवा रहे तीन किलोमीटर सड़क की मरम्मत जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क की खस्ताहालत सुधारने के लिए उठाया कदम, पत्नी निशा चिव भी समाजसेवा में दे रही हैं पूरा सहयोग लोकेशन नूरपुर, भूषण शर्मा एंकर -नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेटा गांव काथल के समाजसेवी अनूप चिव समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सर्दियों में गर्म वर्दियां उपलब्ध करवाने और जनहित से जुड़े कार्यों में योगदान देने के साथ अब वह जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क की मरम्मत का कार्य भी अपने खर्चे पर करवा रहे हैं। उनके इस कदम की स्थानीय लोगों और सड़क से गुजरने वाले राहगीरों द्वारा सराहना की जा रही है। अनूप चिव द्वारा जसूर से गंगथ होते हुए इंदौरा जाने वाली सड़क के करीब तीन किलोमीटर हिस्से की मरम्मत का कार्य अपने निजी खर्चे पर करवाया जा रहा है। इस सड़क की हालत काफी समय से खराब बनी हुई थी, जिसके कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर जगह-जगह खराब स्थिति के चलते दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। ऐसे में अनूप चिव ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इसकी मरम्मत करवाने की पहल की है। आमतौर पर सड़क की मरम्मत करवाना संबंधित सरकारी विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन अनूप चिव ने अपनी इच्छा और समाजसेवा की भावना से प्रेरित होकर इस कार्य को आगे बढ़ाया है। उनका कहना है कि वह यह कार्य किसी के दबाव में या किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह उनकी अपनी इच्छा है। उनका मानना है कि समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की कुछ जिम्मेदारियां होती हैं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जनहित में योगदान देना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। जरूरतमंद परिवारों की सहायता में भी रहते हैं आगे अनूप चिव केवल सड़क की मरम्मत करवाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को समझते हुए उनकी मदद के लिए भी आगे आते रहते हैं। सर्दियों के मौसम में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गर्म वर्दियां उपलब्ध करवाना और गरीब परिवारों की सहायता करना उनके सामाजिक कार्यों का हिस्सा है। उनका प्रयास रहता है कि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहयोग मिल सके और किसी की परेशानी को कम करने में उनकी भूमिका रहे। पत्नी निशा चिव भी निभा रही हैं अहम भूमिका समाजसेवी अनूप चिव के इन प्रयासों में उनकी पत्नी निशा चिव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह हर कदम पर अपने पति का साथ देकर उनके सेवा कार्यों को मजबूती प्रदान कर रही हैं। दोनों का यह साझा प्रयास दर्शाता है कि जब परिवार सेवा और परोपकार की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तो समाजहित के कार्यों को नई दिशा मिल सकती है। अनूप चिव और निशा चिव की यह पहल दूसरे लोगों को भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करती है। राहगीरों ने की पहल की सराहना जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क से गुजरने वाले राहगीरों ने अनूप चिव द्वारा करवाए जा रहे मरम्मत कार्य की सराहना की। राहगीरों का कहना है कि सड़क की हालत काफी समय से खराब थी और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं हो पाई थी। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती थी और दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता था। राहगीरों ने कहा कि सड़क की मरम्मत करवाना संबंधित विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन एक समाजसेवी द्वारा अपने खर्चे पर इस दिशा में कदम उठाना सराहनीय है। उन्होंने अनूप चिव का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज के अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित करती है। बाइट — अनूप चिव, समाजसेवी बाइट — राहगीर
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दशहरा से पहले झेंडू फूलों के दाम गिरे, किसान परेशान

Shirur, Maharashtra:मंचर/पुणे. Anc - उत्तर पुणे जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांनी दशरा सणासाठी आपल्या शेतामध्ये झेंडूची शेती फुलवली आहे. दशरा सण आता अवघ्या काही तासांवर येऊन ठेपलाय. मात्र यावर्षी दसरा सणाच्या पार्श्वभूमीवर झेंडूंच्या फुलांचे बाजारभाव गडगडल्यामुळे शेतकऱ्यांचे मोठे आर्थिक नुकसान होणार आहे. दरवर्षी दसरा सणाच्या कालावहातील शेतकऱ्यांना झेंडू फुलाला किलोला शंभर ते सव्वाशे रुपये बाजार भाव मिळत असतो. यावर्षी मात्र हेच झेंडूच्या फुलांचे बाजार भाव 20 ते 30 रुपये किलो इतके घसरल्याने झेंडू उत्पादक शेतकऱ्यांचा भांडवली खर्च निघणे अवघड झाले आहे.
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