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दिल्ली में चुनाव पूर्व कांग्रेस में शामिल हुए कई आप कार्यकर्ता
Delhi, Delhi:दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आज प्रदेश कार्यालय में सैकड़ों आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। ये लोग आप की नीतियों से नाराज थे।
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गोरखनाथ मंदिर में CM योगी कन्या पूजन से भक्तिमय नवरात्र उत्सव
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शक्ति स्वरूपा कन्याओं की पूजा-अर्चना करेंगे। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले कन्याओं के चरण पखारेंगे, उनके माथे पर तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजन करेंगे। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाएगा और भोजन के उपरांत उन्हें उपहार भेंट किए जाएंगे। गोरक्षपीठ की परंपरा में कन्या पूजन का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्र में कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा की जाती है। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए आपको बताते हैं कन्या पूजन की पूरी परंपरा और इस आयोजन का महत्व। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अनुष्ठान में शामिल होकर कन्याओं का पूजन करेंगे। कन्या पूजन की शुरुआत कन्याओं के चरण पखारने से होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री कन्याओं के माथे पर तिलक लगाकर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार कन्याओं को मां दुर्गा के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया जाता है। इसी आस्था के साथ उनके पूजन और सत्कार की परंपरा निभाई जाती है। कन्या पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्याओं को भोजन कराएंगे। भोजन के बाद उन्हें उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लेंगे। नवरात्र में कन्या पूजन को शक्ति की उपासना, श्रद्धा और नारी सम्मान का प्रतीक माना जाता है। गोरक्षपीठ में इस परंपरा का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में भी मंदिर की धार्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी कन्या पूजन में उनकी सहभागिता प्रस्तावित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में कन्या पूजन के माध्यम से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। कन्याओं के साथ बालक को भैरव स्वरूप मानकर पूजन करने की परम्परा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। गोरखनाथ मंदिर में होने वाला यह आयोजन नवरात्र के धार्मिक उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान पूजा-पाठ, पारंपरिक अनुष्ठान और श्रद्धा के साथ कन्याओं के सम्मान पर विशेष जोर रहता है। गोरखनाथ मंदिर में होने वाला कन्या पूजन धार्मिक आस्था, शक्ति उपासना और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्याओं का पूजन कर इस परंपरा का निर्वहन करेंगे।0
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शहीद भाई परमिंदर सिंह झोटे की आज मानसा अदालत में पेशी
Mansa, Punjab:ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੀ ਅੱਜ ਵੀ ਮਾਨਸਾ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹੈ ਪੇਸ਼ੀ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਕਤਲ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਹਾਸ਼ਮੀ ਕੁਮਾਰ ਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਘੁਮਾਉਣ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਜੋ ਅੱਜ ਵੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਟੀਮ ਦੇ ਮਾਨਸਾ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸੀ ਹੈ। ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦੀ ਟੀਮ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਅਮਨ ਪਟਵਾਰੀ ਨੇ ਦӡਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੌਰਾਨ ਜਿਸ ਅਸ਼ਵਨੀ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਗੋਲੀਆਂ ਮਾਰ ਕੇ ਕਤਲ ਕੀਤਾ ਹ ਇਸ ਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਮਾਨ ਸਿੰਗ ਸ਼ਹಿರ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿਉਂਕਿ ਉਸ ਸਮੇਂ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਦੇ ਹੋਏ ਫੜਿਆ ਸੀ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਥਾਣੇ ਲੈ ਕੇ ਜਾਣ ਸਮੇਂ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸਦੇ ਗਲੇ ਵਿੱਚ ਜੁੱਤੀਆਂ ਦਾ ਹਾਰ ਪਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਤੇ ਉਸੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਵੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ੀ ਹੈ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ੀ ਭੁਗਤਣ ਦੇ ਲਈ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ ਪਰ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਤੇ ਉਸਦੇ ਸੁਪਨੇ ਨੂੰ ਜੋ ਨਸ਼ਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਗਈ ਸੀ ਉਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇਗਾ。 ਬਾਈਟ ਅਮਨ ਪਟਵਾਰੀ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟੇ ਦਾ ਸਾਥੀ0
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दादा-परदादा से चली आ रही रावण के पुतले बनाने परंपरा, कारीगर शाहवेज खान के साथ
Noida, Uttar Pradesh:हम अपने दादा और परदादा के समय से पुतले बना रहे हैं... हम रावण के पुतले बनाते हैं,0
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महागौरी के सामूहिक हवन के साथ भक्तों ने शत प्रतिशत मतदान की शपथ ली
Dholpur, Rajasthan:महामाया मंदिर पर भक्तों ने किया जगत कल्याणार्थ देवी श्री महागौरी का सामूहिक हवन एवं शत प्रतिशत मतदान का लिया। शारदीय नवरात्रा अष्टमी के अवसर पर धुलकोट स्थित श्री महामाया मंदिर पर भक्तों के द्वारा जगत कल्याणार्थ अष्टमी की अधिष्ठात्री देवी श्री महागौरी का सामूहिक हवन विश्व शांति की स्थापना एवं शत प्रतिशत मतदान की शपथ के साथ संपन्न हुआ। हवन के प्रमुख आचार्य पंडित श्याम सुंदर शर्मा एवं मंदिर आचार्य हरिओम शास्त्री के द्वारा दुर्गासप्तशती के सिद्ध मंत्रों के वाचन से हवन कार्य संपन्न कराया गया। हवन का प्रारंभ गणेश मंत्र, नवार्ण मंत्र, दुर्गा मंत्र एवं शक्ति मंत्रों के साथ हवन करवाया गया। हवन आचार्य श्याम सुंदर शर्मा के द्वारा भक्तों के कल्याणार्थ एवं विश्व शांति की स्थापना हेतु विशेष नवाक्षर मंत्रों के द्वारा हवन में आहुति करवाई गई। हवन के पश्चात भक्तों को आगमी पंचायत चुनाव में भयमुक्त होकर बिना प्रलोभन के शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाई गई।0
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उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने नाथद्वारा में श्रीनाथजी दर्शन कर प्रदेश समृद्धि की कामना की
Rajsamand, Rajasthan:नाथद्वारा, राजसमंद दीया कुमारी ने आज सुबह विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीनाथजी के अलौकिक दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। नाथद्वारा पहुंचकर उन्होंने श्रीनाथजी मंदिर में ग्वाल झांकी के दर्शन किए। दर्शन के उपरांत उन्होंने मंदिर के तिलकायत पुत्र गोस्वामी श्री विशाल बावा से दूरभाष पर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात महाप्रभुजी की बैठक में मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार उनका पारंपरिक अभिनंदन किया गया। इस दौरान अधिकारी सुधाकर उपाध्याय ने उन्हें रजाई, उपरणा ओढ़ाकर श्रीजी का प्रसाद भेंट कर स्वागत किया।0
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रतलाम के कालिका माता अष्टमी पर आस्था, गुलाल और गरबा की धूम
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में प्राचीन कालिका माता मंदिर में आज भी राजपरिवार से चली आ रही परंपरा बड़े हर्षोल्लास और आस्था के साथ निभाई जा रही है।आज मॉ कालिका माता मंदिर मे सुबह 11 बजे तक अष्टमी मानाई गयी, अष्टमी के दिन सुबह करीब 4 बजे मां कालिका की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस दौरान माता को कई किलो गुलाल अर्पित किया जाता है। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे मंदिर परिसर में गुलाल उड़ाया जाता है। मान्यता है कि मां कालिका को अर्पित किया गया गुलाल जिन श्रद्धालुओं पर पड़ता है, उन्हें माता का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस अनूठी परंपरा में शामिल होने और मां कालिका का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु तड़के सुबह 3 बजे से ही मंदिर पहुंचने लगते हैं। मंदिर परिसर में होने वाला सुबह का पारंपरिक गरबा भी इस आयोजन का खास आकर्षण रहता है। अष्टमी की सुबह आस्था, भक्ति और गुलाल के रंगों से पूरा मंदिर परिसर सराबोर नजर आता है। वही देश भक्ति तिरंगा भी मा कालिका मंदिर मे लहराया, तलवारे लिये गरबा करती महिलाओ ने संदेश दिया की एक हाथ मे शस्त्र औऱ दुसरे हाथ मे तिरंगा, भारत की बेटियां देश की रक्षा मे पिछे नही है, क्यो की उनके पास मॉ दुर्गा औऱ काली के आशीर्वाद की शक्ति है0
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Ajmer रेलवे स्टेशन पर 12 किलोग्राम गांजा बरामद, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
Ajmer, Rajasthan:AJMER रेलवे स्टेशन पर दीपावली त्योहार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तहत जीआरपी थाना पुलिस की ओर से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर चेकिंग करते समय पुलिस टीम को एक लावारिस बैग में करीब 12 किलो गांजा बरामद हुआ. बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 6 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने गांजे से भरे बैग को अपने कब्जे में लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ NDPS Act की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब सीसीटीवी से मामले की जांच में जुटी है साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बैग किसका है और गांजा रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा.0
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खेतड़ी में एचसीएल जीईटी हॉस्टल में ट्रेनी इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली
Jhunjhunu, Rajasthan:खेतड़ी नगर के एचसीएल के जीईटी हॉस्टल में ट्रेनी इंजीनियर ने किया सुसाइड एचसीएल के जीईटी हॉस्टल के कमरा नंबर 8 में ट्रेनी इंजीनियर का शव फंदे से लटका मिला मृतक की पहचान हरियाणा के कोसली निवासी 28 वर्षीय आशीष यादव के रूप में घटना की सूचना पर खेतड़ीनगर थानाधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे आत्महत्या के कारणों का नहीं हुआ खुलासा, पुलिस जांच में जुटी0
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अनूप चिव ने निजी खर्चे पर जसूर-गंगथ-इंदौरा सड़क की मरम्मत कर दिखाया मिसाल
Nurpur, Himachal Pradesh:समाजसेवा की मिसाल पेश कर रहे अनूप चिव, अपने खर्चे पर करवा रहे तीन किलोमीटर सड़क की मरम्मत जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क की खस्ताहालत सुधारने के लिए उठाया कदम, पत्नी निशा चिव भी समाजसेवा में दे रही हैं पूरा सहयोग लोकेशन नूरपुर, भूषण शर्मा एंकर -नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के भलेटा गांव काथल के समाजसेवी अनूप चिव समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सर्दियों में गर्म वर्दियां उपलब्ध करवाने और जनहित से जुड़े कार्यों में योगदान देने के साथ अब वह जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क की मरम्मत का कार्य भी अपने खर्चे पर करवा रहे हैं। उनके इस कदम की स्थानीय लोगों और सड़क से गुजरने वाले राहगीरों द्वारा सराहना की जा रही है। अनूप चिव द्वारा जसूर से गंगथ होते हुए इंदौरा जाने वाली सड़क के करीब तीन किलोमीटर हिस्से की मरम्मत का कार्य अपने निजी खर्चे पर करवाया जा रहा है। इस सड़क की हालत काफी समय से खराब बनी हुई थी, जिसके कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर जगह-जगह खराब स्थिति के चलते दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। ऐसे में अनूप चिव ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इसकी मरम्मत करवाने की पहल की है। आमतौर पर सड़क की मरम्मत करवाना संबंधित सरकारी विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन अनूप चिव ने अपनी इच्छा और समाजसेवा की भावना से प्रेरित होकर इस कार्य को आगे बढ़ाया है। उनका कहना है कि वह यह कार्य किसी के दबाव में या किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह उनकी अपनी इच्छा है। उनका मानना है कि समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की कुछ जिम्मेदारियां होती हैं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जनहित में योगदान देना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। जरूरतमंद परिवारों की सहायता में भी रहते हैं आगे अनूप चिव केवल सड़क की मरम्मत करवाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वह जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को समझते हुए उनकी मदद के लिए भी आगे आते रहते हैं। सर्दियों के मौसम में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गर्म वर्दियां उपलब्ध करवाना और गरीब परिवारों की सहायता करना उनके सामाजिक कार्यों का हिस्सा है। उनका प्रयास रहता है कि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहयोग मिल सके और किसी की परेशानी को कम करने में उनकी भूमिका रहे। पत्नी निशा चिव भी निभा रही हैं अहम भूमिका समाजसेवी अनूप चिव के इन प्रयासों में उनकी पत्नी निशा चिव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह हर कदम पर अपने पति का साथ देकर उनके सेवा कार्यों को मजबूती प्रदान कर रही हैं। दोनों का यह साझा प्रयास दर्शाता है कि जब परिवार सेवा और परोपकार की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तो समाजहित के कार्यों को नई दिशा मिल सकती है। अनूप चिव और निशा चिव की यह पहल दूसरे लोगों को भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करती है। राहगीरों ने की पहल की सराहना जसूर–गंगथ–इंदौरा सड़क से गुजरने वाले राहगीरों ने अनूप चिव द्वारा करवाए जा रहे मरम्मत कार्य की सराहना की। राहगीरों का कहना है कि सड़क की हालत काफी समय से खराब थी और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं हो पाई थी। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती थी और दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता था। राहगीरों ने कहा कि सड़क की मरम्मत करवाना संबंधित विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन एक समाजसेवी द्वारा अपने खर्चे पर इस दिशा में कदम उठाना सराहनीय है। उन्होंने अनूप चिव का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज के अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित करती है। बाइट — अनूप चिव, समाजसेवी बाइट — राहगीर0
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दशहरा से पहले झेंडू फूलों के दाम गिरे, किसान परेशान
Shirur, Maharashtra:मंचर/पुणे. Anc - उत्तर पुणे जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांनी दशरा सणासाठी आपल्या शेतामध्ये झेंडूची शेती फुलवली आहे. दशरा सण आता अवघ्या काही तासांवर येऊन ठेपलाय. मात्र यावर्षी दसरा सणाच्या पार्श्वभूमीवर झेंडूंच्या फुलांचे बाजारभाव गडगडल्यामुळे शेतकऱ्यांचे मोठे आर्थिक नुकसान होणार आहे. दरवर्षी दसरा सणाच्या कालावहातील शेतकऱ्यांना झेंडू फुलाला किलोला शंभर ते सव्वाशे रुपये बाजार भाव मिळत असतो. यावर्षी मात्र हेच झेंडूच्या फुलांचे बाजार भाव 20 ते 30 रुपये किलो इतके घसरल्याने झेंडू उत्पादक शेतकऱ्यांचा भांडवली खर्च निघणे अवघड झाले आहे.0
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डोंबिवली के अडवली-ढोकळी क्षेत्र में दिनदहाड़े गाड़ी तोड़फोड़; दो गुटों में भिड़ंत, वीडियो वायरल
Kalyan, Maharashtra:डोंबिवली के अडवली-ढोकळी क्षेत्र में दिनदहाड़े गाड़ी तोड़फोड़; पुराने विवाद से दो गुटों में राडा, युवक गाड़ी के अंदर छुपने से गाड़ी तोड़फोड़ की जानकारी; गाड़ी तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; क्षेत्र में दहशती का वातावरण; दोनों गुट मानपाडा पुलिस थाने में; पुलिस द्वारा जांच शुरू.0
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अंजणारी घाट में ट्रक मच्छी लादे सहित अपघात, जानहानि नहीं
Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी अंजणारी घाटामध्ये मच्छी वाहतूक करणाऱ्या ट्रकचा अपघात मुंबई गोवा महामार्गावरील लांजा तालुक्यातील अंजणारी घाटामध्ये आज सकाळी मच्छी वाहतूक करणाऱ्या ट्रकचा अपघात झाला. गोव्याच्या दिशेने मच्छी घेऊन हा ट्रक चालला होता. अंजणारी घाटामध्ये होणाऱ्या अपघातांची संख्या दिवसेंदिवस वाढत आहे. ब्लॅक पॉइंट म्हणून ओळख असलेल्या घाटातील स्पॉटवर होणारे अपघात रोखले जावेत यासाठी उपाययोजना करण्याची मागणी सातत्याने केली जात आहे. सकाळी झालेल्या अपघातामध्ये सुदैवाने कोणतीही मोठी जीवितहानी झाली नाही. पण मालाचं मात्र नुकसान झालं आहे..0
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दिल्ली में ई-रिक्शा संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी
New Delhi, Delhi:दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव, नए नियमों का ड्राफ्ट जारी दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा के संचालन और पंजीकरण को लेकर 2026 की ड्राफ्ट योजना पेश की ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए लिया गया प्रस्ताव बिना रजिस्ट्रेशन और वैध ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) के संचालन की अनुमति नहीं ECC डिजिटल होगा और दो साल तक वैध रहेगा प्रत्येक ECC को एक ई-रिक्शा और एक ड्राइवर से जोड़ा जाएगा दिल्ली के निवासी व्यक्तिगत तौर पर अधिकतम 5 ई-रिक्शा रख सकेंगे कंपनियां, फर्म, NGO, सहकारी समितियां और ड्राइविंग स्कूल अधिकतम 100 ई-रिक्शा रख सकेंगे 25 या उससे अधिक ई-रिक्शा का बेड़ा होने पर एग्रीगेटर लाइसेंस लेना होगा बड़े बेड़े के मालिकों को पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन या बैटरी स्वैपिंग की व्यवस्था करनी होगी सभी ड्राइवरों के पास वैध ई-रिक्शा ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना अनिवार्य होगा एक ड्राइवर को एक से अधिक ECC से नहीं जोड़ा जा सकेगा0
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जयपुर से सर्दियों में कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद, जैसलमेर-वाराणसी मुश्किल
Jaipur, Rajasthan:जयपुर से इस बार छोटे शहरों की नहीं मिलेगी फ्लाइट! - जयपुर से कई धार्मिक महत्व के शहरों की फ्लाइट बंद, वाराणसी, अयोध्या के लिए नहीं मिलेगी सीधी फ्लाइट - जैसलमेर जाना चाहते हैं, तो ट्रेन ही विकल्प, अमृतसर, धर्मशाला की फ्लाइट भी शुरू नहीं होंगी, हवाई यात्रा पर चली महंगे ईंधन की कैंची जयपुर। जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इस बार सर्दियों में भी फ्लाइट्स की कमी देखने को मिलेगी। प्रमुख शहरों के अलावा टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के शहरों के लिए इस बार फ्लाइट्स शुरू नहीं की जा रही हैं। हवाई ईंधन की महंगाई ने फ्लाइट संचालन पर कैंची चला दी है। इससे यात्रियों को हवाई यात्रा के बहुत सीमित विकल्प मिल पा रहे हैं। इस बार दिसंबर में रेत के धोरों के बीच न्यू ईयर सेलिब्रेट करने का प्लान कर रहे हैं और आपकी योजना यह है कि फ्लाइट से जैसलमेर जाकर एन्जॉय करेंगे, तो यह संभव नहीं होगा। जैसलमेर के लिए इस बार सर्दियों में जयपुर से सीधी फ्लाइट नहीं मिलेगी। काशी विश्वनाथ के दर्शनों के लिए वाराणसी जाने वाले हवाई यात्रियों को भी झटका लगने वाला है। जयपुर से इस बार सर्दियों में वाराणसी की फ्लाइट भी नहीं मिलेगी। जैसलमेर या वाराणसी ही नहीं, बल्कि दर्जनभर शहरों के लिए इस बार सीधी फ्लाइट नहीं मिलेंगी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण विमानों के ईंधन का महंगा होना है। विमानों का ईंधन यानी एविएशन टरबाराइन फ्यूल। एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस कारण एयरलाइंस के लिए मौजूदा शेड्यूल को ही चलाना मुश्किल हो रहा है। साथ ही एयरलाइंस नए शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने के बजाय पुराने रूटों पर ही कटौती कर रही हैं। पहले चलती थी फ्लाइट, लेकिन अब बंद - सुबह 9:20 बजे जैसलमेर जाने वाली फ्लाइट 6E-7675 बंद, इस बार नहीं चलेगी - सुबह 8:25 बजे वाराणसी की फ्लाइट SG-2958 पिछले पौने 2 साल से बंद - दोपहर 1:40 बजे अमृतसर जाने वाली फ्लाइट SG-2960 पिछले साल से बंद - जगन्नाथ पुरी के दर्शनार्थियों के लिए भुवनेश्वर की फ्लाइट फरवरी 2026 से बंद - अयोध्या के लिए सुबह 7:15 बजे की फ्लाइट SG-3421 मार्च 2024 से बंद - सुबह 8:40 बजे धर्मशाला की फ्लाइट SG-3441 भी करीब 4 साल से बंद एयरलाइंस ने छोटे विमानों से कम किया फ्लाइट संचालन कई शहर ऐसे भी हैं, जहां के लिए छोटे विमानों के जरिए फ्लाइट संचालित की जा सकती हैं। पूर्व में स्पाइसजेट एयरलाइन 90 सीट क्षमता के क्यू-400 विमानों के जरिए ऐसे शहरों के लिए फ्लाइट संचालित करती थी। लेकिन अब स्पाइसजेट की एक भी घरेलू फ्लाइट जयपुर एयरपोर्ट se संचालित नहीं हो रही है। इसी तरह इंडिगो ने भी 78 सीट क्षमता के एटीआर-72 विमानों के जरिए फ्लाइट संचालन घटाया है। ये शहर भी इस बार सर्दियों में नहीं जुड़ेंगे - भोपाल के लिए पिछले साल सर्दियों में फ्लाइट थी, इस बार नहीं चलेगी - बरेली और पंतनगर के लिए वर्ष 2024 की सर्दियों में फ्लाइट थी - इस बार इन दोनों शहरों के लिए फ्लाइट संचालन की योजना नहीं - आगरा के लिए ढाई साल से फ्लाइट संचालित नहीं हो रही - स्टार एयर की बेलगावी की फ्लाइट भी पिछले 8 माह से बंद - लखनऊ, उदयपुर, चंडीगढ़ की फ्लाइट्स के फेरे भी कम हुए कितना महंगा हुआ एटीएफ - फरवरी 2026 में एटीएफ की दर 94000 रुपए प्रति किलोलीटर थी - अब 1 लाख 37 हजार रुपए प्रति किलो लीटर हुई एटीएफ की दर - ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस ने पर्यटन सीजन में भी नहीं बढ़ाई फ्लाइट्स0
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बर्फबारी से कश्मीर में Kangri मांग बढ़ी, कालूसा के कारीगर सरकार से सहयोग चाहते
Fresh snowfall in Kashmir’s higher reaches and rainfall in the plains have brought a chill across the Valley, increasing demand for traditional fire pots, Kangris, and keeping artisans in Kaloosa village of north Kashmir’s Bandipora district busy with production. Around 100 households in Kaloosa are engaged in Kangri-making, a traditional occupation that provides seasonal employment and supports local livelihoods. The Kangris made in Bandipora are known across the Valley for their durability, strength and intricate wickerwork. Men and women work together to produce the traditional heating devices, which remain an essential part of Kashmiri life during winter. “The demand increases as temperatures fall, and we are busy preparing Kangris for the winter. However, overall demand for our traditional products has declined over the years, affecting the livelihood of artisans,” said a Kangri maker from Kaloosa. Another artisan said government support was necessary to preserve the centuries-old craft and help families dependent on it. “We want the government to support Kangri makers and help keep this traditional art alive. Many families depend on this work, but declining demand has made it difficult to sustain the occupation,” the artisan said. A Kangri consists of an earthen pot encased in woven wicker and filled with burning charcoal. Its production requires traditional skills passed down through generations, with artisans carefully weaving wicker around the earthen container. Despite its cultural and economic significance, artisans say declining demand threatens the sustainability of the occupation. They have called for measures to promote the craft, support local producers and encourage younger generations to continue the tradition. With temperatures dropping, Kangri makers in Kaloosa are continuing production to meet seasonal demand while seeking government assistance to protect their livelihoods and preserve Kashmir’s traditional craft.0
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