icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

सीवान मंडल कारा में सुबह अचानक छापेमारी, 3.5 घंटे तलाशी

ASAmit SinghJust now
Siwan, Bihar:सीवान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अहले सुबह करीब 4 बजे मंडल कारा में जिला प्रशासन की टीम ने अचानक छापेमारी की। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व एसडीओ आशुतोष गुप्ता और एसडीपीओ प्रांजल कुमार कर रहे थे। करीब साढ़े तीन घंटे तक जेल के अंदर सघन तलाशी अभियान चला। बाद में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी भी खुद मंडल कारा पहुंचे और छापेमारी में शामिल हुए। इस दौरान जेल के अलग-अलग वार्डों में जाकर जांच की गई। तलाशी के दौरान मोबाइल की बैटरी और घड़ी की स्ट्रिप बरामद होने की बात सामने आई है। हालांकि, जिलाधिकारी ने किसी आपत्तिजनक सामान की बरामदगी की पुष्टि नहीं की है। दरअसल, सीवान मंडल कारा में अहले सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ जेल परिसर में पहुंच गई। सुबह करीब 4 बजे शुरू हुई इस छापेमारी में एसडीओ आशुतोष गुप्ता और एसडीपीओ प्रांजल कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने जेल के अलग-अलग वार्डों की तलाशी ली। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस अभियान के दौरान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी भी मंडल कारा के अंदर पहुंचे और खुद जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने वार्डों के अंदर जाकर सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के बाद जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह रूटीन चेकिंग के तहत अचानक किया गया सरप्राइज विजिट था। इस दौरान हर वार्ड में जाकर जांच की गई। वहीं तलाशी के दौरान मोबाइल की बैटरी और घड़ी की स्ट्रिप मिलने की बात भी सामने आई।
0
0
Report

सड़क न होने पर डंडी-कंडी से अस्पताल पहुँचे नकोड़ा कपोला के ग्रामीण

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी जिले के यमुनाघाटी के नौगांव ब्लॉक के नकोड़ा कपोला गाँव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों ने महिला डंडी कंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाया। रात को लगभग 10 बजे मीना देवी की अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाने के लिए ROAD तक पहुंचाने के लिए गांव में सड़क नहीं होने के कारण प्लास्टिक की कुर्सी की डण्डी की व्यवस्था करके सड़क तक पहुँचाया गया। नकोड़ा कपोला में यह सिर्फ कल रात की बात नहीं है। जब भी ग्रामीणों की तबीयत खराब होती है, तो वे इसी प्रकार डंडी कंडी का सहारा लेते हैं। ग्रामीण लंबे समय से प्रतिनिधि और सरकार से गांव में सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। कपोला–नकोडा गाँव वालों की समस्या अनसुना कर दी जाती है; कई बार चुनाव का बहिष्कार भी किया गया है, पर सरकार पर इसका असर नहीं पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर 2027 से पहले गांव की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता है, तो सभी ग्रामीण मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे और 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे.
0
0
Report
Advertisement

अमेठी में कुम्हारी कला संकट: मिट्टी-खर्च के बीच लाभ घटे

Amethi, Uttar Pradesh:हेडलाइन: अमेठी में दम तोड़ती कुम्हारी कला, मिट्टी की किल्लत और कम मुनाफे से संकट में पुश्तैनी कारोबार एंकर इंट्रो: दीपावली हो या करवाचौथ, मिट्टी के दीयों और बर्तनों के बिना त्योहारों की कल्पना अधूरी है। लेकिन जिन कुम्हारों के हुनर से ये परंपराएं आज भी जिंदा हैं, उनकी अपनी जिंदगी मुश्किलों में घिरती जा रही है। अमेठी में कुम्हारी कला पर मिट्टी की किल्लत, बढ़ती लागत और घटते मुनाफे की मार पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि पीढ़ियों से इस कारोबार से जुड़े परिवार अब इससे दूरी बनाने को मजबूर हैं। सरकारी योजनाओं के बावजूद कारीगरों की मुश्किलें कितनी कम हुई हैं, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट。 वीओ-1: अमेठी के गांवों में कभी कुम्हारों के चाक की गूंज आम हुआ करती थी। घरों में दीये, कुल्हड़, घड़े, सुराही और करवाचौथ के करवे तैयार होते थे। यही पुश्तैनी हुनर हजारों परिवारों की आजीविका का आधार था। लेकिन बदलते समय के साथ मिट्टी के बर्तनों की मांग और कारोबार दोनों प्रभावित हुए हैं। अब कई गांवों में गिने-चुने परिवार ही इस काम से जुड़े रह गए हैं। कोई दूसरे कारोबार में चला गया तो किसी ने रोजगार की तलाश में पलायन कर लिया。 वीओ-2: कुम्हारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कच्ची मिट्टी की उपलब्धता है। पहले तालाबों से आसानी से मिट्टी मिल जाती थी, लेकिन अब इसके लिए भी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जो मिट्टी पहले करीब 200 रुपये प्रति ट्रॉली मिलती थी, उसके लिए अब 500 से 800 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा बर्तनों को पकाने के लिए लकड़ी और उपलों पर भी खर्च करना पड़ता है। लागत बढ़ रही है, लेकिन तैयार बर्तनों की कीमत में उसके मुताबिक इजाफा नहीं हो रहा。 बाइट- दूधनाथ प्रजापति (कारीगर): मिट्टी की उपलब्धता की समस्या, पट्टा नहीं मिलने और बर्तनों की बिक्री पर महज तीन से चार रुपये प्रति बर्तन मुनाफा होने की बात。 वीओ-3: कमाई की तस्वीर और भी परेशान करने वाली है। हीरालाल जैसे कारीगर बाजार में दुकान लगाकर नहीं, बल्कि गांव-गांव घूमकर अपने बर्तन बेचते हैं। कई बार त्योहारों पर नकद पैसे की जगह गेहूं और चावल मिलते हैं। वहीं राजेश प्रजापति बताते हैं कि परिवार के सभी सदस्य दिनभर मेहनत करते हैं, लेकिन एक बर्तन पर एक से चार रुपये तक ही बच पाते हैं। यानी पुश्तैनी हुनर तो है, लेकिन इससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना मुश्किल हो रहा है。 बाइट- राजेश प्रजापति (कारीगर): मोटर वाला चाक खराब होने, कार्यस्थल पर बिजली नहीं होने, मिट्टी और ईंधन की लागत बढ़ने तथा कम मुनाफे की समस्या。 वीओ-4: सरकार ने कुम्हारी कला को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक चाक वितरण की योजना चलाई। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माटीकला बोर्ड की ओर से वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक अमेठी में 145 इलेक्ट्रिक चाक निःशुल्क वितरित किए गए। लेकिन कई कारीगरों का कहना है कि बिजली की समस्या और तकनीकी खराबी के चलते इन चाकों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आज भी बड़ी संख्या में कारीगर हाथ से चलने वाले पारंपरिक चाक पर ही निर्भर हैं。 बाइट- राम प्रसाद प्रजापति (कारीगर): सरकारी इलेक्ट्रिक चाक मिलने के बाद भी मिट्टी और ईंधन की लागत तथा तैयार उत्पादों की कम कीमत के कारण सीमित आमदनी की समस्या。 वीओ-5: हालांकि, कुम्हारों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भूमि आवंटन और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक अमेठी में कुम्हारी कला से जुड़े 910 टोले हैं, जिनमें 824 परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं। जिलाधिकारी के अनुसार मिट्टी उपलब्ध कराने के लिए प्राप्त सभी 824 आवेदनों को स्वीकृत करते हुए पट्टे आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 0.2560 हेक्टेयर भूमि का आवंटन भी किया गया है。 बाइट- शशांक चौधरी, जिलाधिकारी अमेठी: 824 परिवारों को पट्टा आवंटन, इलेक्ट्रिक चाक की उपलब्धता और कारीगरों को स्थानीय बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तथा जिला स्तरीय प्रदर्शनियों से जोड़ने के प्रयासों पर बयान。 वीओ-6 क्लोजिंग: सवाल यह है कि क्या सिर्फ इलेक्ट्रिक चाक और जमीन का पट्टा मिलने से कुम्हारी कला को बचाया जा सकता है? कारीगरों को नियमित रूप से मिट्टी मिले, कार्यस्थल पर बिजली की सुविधा हो और उनके उत्पादों को उचित बाजार व कीमत मिले, तभी यह पुश्तैनी कारोबार आगे बढ़ सकेगा। वरना कभी गांवों की पहचान रहा कुम्हारों का चाक आने वाली पीढ़ियों के लिए सिर्फ याद बनकर रह जाएगा。
0
0
Report

भारत निर्मित लाइट्स ने चीन को पीछे छोड़ा, दिवाली बाजारों में देसी ब्रांडों का बोलबाला

New Delhi, Delhi:दीपावली रोशनी का पर्व है दीपावली पर लोग अपने घरों में सजावट करते हैं परंपरागत रूप से लोग दीपावली वाले दिन दीए जलाते हैं लेकिन समय के साथ बदलाव आया और धीरे-धीरे घरों में रोशनी के लिए इलेक्ट्रिक लाइट का प्रचलन भी बड़ा लोक लोक बड़ी संख्या में बाजारों में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं बाजारों में जबरदस्त भीड़ है और खरीदारी करने आए लोग वहां पर स्वदेशी इलेक्ट्रिक लाइट खरीद रहे हैं यह एक बड़ा बदलाव है पहले अधिकतर इलेक्ट्रिक आइटम में चीन का दबदबा रहता था चीन की लाइट सस्ती पड़ती है लेकिन लोकल फॉर वोकल का नारा देश के प्रधानमंत्री ने दिया यह जिसके बाद अब बाजारों में भारतीय इलेक्ट्रिक लाइट कलिए भी बड़ी संख्या में बिक रही हैं और अब लोग भारत में बनी इलेक्ट्रिक लाइट से अपने घरों को रोशन कर रहे है चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस में जो की इलेक्ट्रिक मार्केट है बड़ी संख्या में यहां पर लोग इलेक्ट्रिक लाइट भारत में बनी हुई खरीद रहे हैं और इसे अपने घरों में रोशन कर रहे हैं हालांकि अभी भी कुछ चाइनीज इलेक्ट्रिक लाडिया भी बिक रही है लेकिन अधिकतर लोग इस बार भारतीय इलेक्ट्रिक लाइट खरीद रहे हैं उनकी डिमांड ज्यादा है हालांकि चाइनीज लाडिया अपेक्षाकृत सस्ती है जबकि भारत में बनी इलेक्ट्रिक लाइट महंगी होने के बावजूद भारतीय इलेक्ट्रिक लाइट का दबदबा अब धीरे-धीरे मार्केट में बढ़ता जा रहा है और लोग भी भारत में बनी इलेक्ट्रिक लाइट खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं टीटी दुकानदार और ग्राहक
0
0
Report

दिल्ली के निहाल विहार में 20 करोड़ रंगदारी मांग मामला: हाजी शकील सैफी की सुरक्षा बढ़ी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के निहाल विहार थाना क्षेत्र में बॉलीवुड और राजनीति से जुड़े हाजी शकील सैफी से कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस नोट के जरिए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए रकम की मांग की और धमकी दी। FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित को 2 नवंबर को एक वॉइस नोट मिला, जबकि 3 नवंबर को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कॉल करने वाले ने रकम नहीं देने पर धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए निहाल विहार थाना पुलिस ने FIR नंबर 0934/2026 दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।FIR के मुताबिक, मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर नीरज को सौंपी गई है। पुलिस कॉल और वॉइस नोट सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। हाजी शकील सैफी बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं और राजनीति में भी उनकी अच्छी पहचान है बड़े-बड़े फिल्म एक्टर के साथ उठना बैठना है पहले बॉलीवुड को निशाना बना बनाया गया हाल ही में जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ पर सरेआम फायरिंग की घटना हुई और उसके बाद कई फिल्मी कलाकारों को धमकी मिली और अब हाजी शकील सैफी को धमकी मिली है हमने इसकी सूचना पुलिस को दी है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की जांच की जा रही है की धमकी देने वाला कौन है जो खुद को लॉरेंस गैंग का अनिल पंडित बता रहा है। हालांकि हाजी शकील सैफी की सुरक्षा को लेकर पुलिस उनके निहाल विहार स्थित फार्म हाउस के आगे पुलिस की तैनाती कर दी है अब देखना होगा कि पुलिस इस कथित रंगदारी मामले में आरोपियों तक कब पहुंचती है और पूरे मामले का खुलासा कब होता है।
0
0
Report
Advertisement

भाजपा मंत्री के निशाने पर विपक्ष, लोकतंत्र बचाने के लिए पदयात्रा जारी

Moradabad, Uttar Pradesh:आज गाज़ियाबाद में होने वाली भाजपा की रैली को लेकर कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने एक तरफ विपक्ष पर निशाना साधा तो वही भाजपा की रैली का महत्व बताया। बोले कांग्रेस पार्टी और विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को कम करने में बाधा डालने का काम कर रहा है और पूरे देश में अराजकता और अनिश्चित का माहौल उन्होंने बनाया है और संवैधानिक संस्थाओं पर जिस प्रकार प्रश्न खड़े करके देश के लोकतंत्र को कमजोर करने का काम विदेशी ताकतों की मदद से जो वह लोग कर रहे हैं उसी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने एक जन जागरण अभियान के तहत पदयात्रा लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ के तहत आयोजित किया है। 1 तारीख से 5 तारीख तक सभी क्षेत्रों में इस यात्रा का आयोजन किया गया है। आज इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्री करेंगे और पूरे देश को आगाह करेंगे और कांग्रेस और विपक्ष को बेनकाब करने का काम करेंगे। कांग्रेस और विपक्ष देश में षडयंत्र और अराजकता पैदा करने का काम कर रहे हैं। आज बसपा की लखनऊ में होने वाली बसपा की बैठक पर कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान, बहुजन समाज पार्टी एक बड़ी राजनीतिक पार्टी है वह अपनी चुनावी तैयारी की दृष्टि से बैठक कर रहे हैं, लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है, हमारा संवैधानिक लोकतंत्र है जनता के बीच अपना एजेंडा अपना अपनी बात रखने का अधिकार सबको है, निश्चित रूप से जो मायावती जी का जो एजेंडा है उसको लेकर वह जनता के बीच जाएगी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान के बाद बचा बवाल पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का पक्ष लेते हुए भूपेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने इसमें खेद प्रकट किया है और उनके खेत प्रकट करने के बाद यह विषय समाप्त हो जाना चाहिए, यह कोई राजनीतिक विषय नहीं है और ना ही किसी पॉलिटिकल व्यक्ति के द्वारा यह बयान दिया गया है वह हमारे संत हैं और उनके द्वारा जो बयान दिया गया उस पर खेत भी प्रकट किया है, यह सब विषय समाप्त हो जाना चाहिए। इस पर राजनीति अब नहीं करनी चाहिए। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बोले कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी, अखिलेश यादव की जो मानसिकता है और जो साधु संतों के प्रति उनका दृष्टिकोण है जो हमारी परंपरा और साधु संतों जो हमारी संस्कृति है उसके बारे में जो उनके विचार हैं वह प्रकट कर रहे हैं, एक संत के द्वारा खेत प्रकट करने के बाद इस विषय को आगे नहीं बढ़ना चाहिए। वही अखिलेश यादव के यूपी में चुनाव न लड़ने की घोषणा पर भूपेंद्र चौधरी का बयान, अयोध्या से योगी जी को चुनाव लड़ने का चैलेंज कर रहे थे... जिसको मुख्यमंत्री जी ने स्वीकार करते हुए कहा की हम अपनी किस्मत आजमाएंगे अयोध्या से नामांकन करेंगे, लेकिन अखिलेश जी अयोध्या छोड़ो बल्कि पूरे प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ रहे... इससे जगजाहिर है प्रदेश में उनकी स्थिति क्या है। बाइट - चौधरी भूपेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
0
0
Report
Advertisement

सिमडेगा में ऐतिहासिक इंदी छत्र टूटने पर आदिवासी समाज ने बंद कराया

Simdega, Jharkhand:सिमडेगा : ऐतिहासिक इंदी छत्र को क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में गुरुवार को आदिवासी समाज ने लचरागढ़ बंद कराया। सुबह से ही इंदी मेला समिति और आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग लचरागढ़ चौक पर जुटे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जाता है कि 29 अक्टूबर की रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने लचरागढ़ के इंदी टांड़ में स्थापित ऐतिहासिक इंदी छत्र (टोपरी) को काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके बाद 30 अक्टूबर को छत्र गिर गया। इस घटना से आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। बंद के दौरान लचरागढ़ की सभी दुकानें बंद रहीं और यात्री वाहनों का परिचालन भी ठप रहा। आदिवासी समाज के महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। बंदी का प्रभाव कुम्हार टोली से देवनदी पुल तक देखने को मिला। वहीं, मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद रहा। बाइट-4, 5- जनप्रतिनिधि
0
0
Report

बाराबंकी में पुलिस पर फायरिंग, दो बदमाश घायल, सिपाही भी जख्मी

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- पुलिस पर फायरिंग, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली, सिपाही भी जख्मी बाराबंकी में रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे दो इनामी बदमाश जवाबी कार्रवाई میں पैर में गोली लगने से घायल हो गए। मुठभेड़ में एक सिपाही की हथेली में भी गोली लगी है। पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर सीएचसी रामसनेहीघाट में भर्ती कराया है। अपार पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह के अनुसार, चार नवंबर की रात ग्राम दुल्हदेपुर के पास संदिग्धों की तलाश में चेकिंग और घेराबंदी की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काली स्कूटी से आ रहे दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली आरक्षी अभिषेक की हथेली में लग गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान राहुल दीक्षित निवासी वाड़ी, थाना सिधौली, सीतापुर और सौरभ कुमार वर्मा निवासी गढ़ी मजरे मऊ गौरपुर, रामसनेहीघाट के रूप में हुई है। राहुल पर 25 हजार और सौरभ पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कोतवाल दयाशंकर द्विवेदी के मुताबिक, राहुल के खिलाफ डकैती समेत डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सौरभ पर भी एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। मौके से पुलिस ने .315 बोर और .12 बोर के दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और बिना नंबर की काली स्कूटी बरामद की है।
0
0
Report
Advertisement

संभल के दिव्यलोक होटल में कुत्ते के हमले में बुजुर्ग घायल, FIR दर्ज

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । संभल जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है .. होटल में नातिन की जन्मदिन की party के लिए गए व्यक्ति पर होटल मालिक के कुत्ते ने जानलेवा हमला कर दिया। होटल मालिक के कुत्ते के हमले से गंभीर घायल शख्स को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने होटल के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला बहजोई थाना क्षेत्र के दिव्यलोक होटल का है .. पीड़ित प्रमोद कुमार बीते 2 नवंबर को रात करीब 9:30 बजे दिव्यलोक होटल में अपनी नातिन के जन्मदिन की पार्टी के लिए परिवार के साथ गए थे। जन्मदिन की पार्टी के बाद होटल के हॉल से बाहर निकलते ही होटल मालिक के कुत्ते ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। होटल मालिक के कुत्ते ने उन्हें कई जगह काट डाला .होटल में मौजूद लोगों ने प्रमोद कुमार को बमुश्किल कुत्ते के चंगुल से बचाया ..कुत्ते के काटने से प्रमोद कुमार के हाथ, पेट और पैर में गंभीर चोटें आईं है .. पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है । पीड़ित का आरोप है कि ये घटना होटल मालिक की लापरवाही से हुई है। पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है..पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली बहजोई पुलिस ने दिव्यलोक होटल के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है ।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top