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पराली जलाने पर जुर्माना, MSP बिक्री पर रोक; कुरुक्षेत्र में मशीनें उपलब्ध

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र से zee media ने दिखाई दी प्रमुखता से प्रदूषण के ऊपर खबर,खबर का हुआ असर कृषि विभाग की तरफ से आया सामने बयान किसान पराली न जलाएं, पराली प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध पराली जलाने पर एफआईआर रेड एंट्री व 5 हजार से 30 हजार तक जुर्माना, अगले सीजन एमएसपी पर धान बिक्री पर भी रोक कुरुक्षेत्र, 7 नवंबर। उप कृषि निदेशक कुरुक्षेत्र डॉ. गिरीश नागपाल ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगाएं। पराली जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है और बुजुर्गों व बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उप कृषि निदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए जिले में पर्याप्त संख्या में कृषि यंत्र उपलब्ध हैं। किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल ड्रिल, बेलर, रेक, श्रेडर, रोटरी स्लेशर सहित सभी प्रकार की मशीनें सब्सिडी पर व किराये पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी किसान भाई को पराली प्रबंधन के लिए कोई भी मशीन चाहिए तो वह कृषि विभाग के नंबरों पर किसी भी समय संपर्क कर सकता है। उनके आस-पास जो भी मशीन उपलब्ध होगी, वह तुरंत उपलब्ध करा दी जाएगी। संपर्क नंबर में जिला कृषि अभियंता कुरुक्षेत्र 70159-03473 और कृषि अभियांत्रिकी जेई 94662-41535 शामिल हैं। उप कृषि निदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने कहा कि पराली जलाना एक गैर-कानूनी गतिविधि है। पराली जलाने को किसी भी सूरत में सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पराली में आग लगाने पर संबंधित किसान के खिलाफ केस दर्ज की जाएगी, राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाएगी और 5 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही नियमों के अनुसार पराली जलाने वाले किसान अगले सीजन में अपनी धान की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएंगे। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे गैर-कानूनी गतिविधि से बचें और पराली प्रबंधन में सहयोग कर पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दें। पराली को आग लगाना न केवल जमीन की उर्वरा शक्ति को खत्म करता है, बल्कि इसके मित्र कीट भी मर जाते हैं, जिससे अगली फसल की पैदावार पर भी असर पड़ता है। उन्होंने किसानों से अपील है कि वे पराली को जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें।
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दिल्ली में ग्रीन पटाखे के बाद भी प्रदूषण की चिंता कायम

New Delhi, Delhi:दिल्ली में ग्रीन पटाखों पर भी प्रदूषण की चिंता, तिमारपुर मार्केट में सामान्य पटाखों की मांग ज्यादा। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद दीपावली पर ग्रीन पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी की तैयारी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ग्रीन पटाखों से प्रदूषण पर लगाम लग पाएगी? Zee मीडिया ने तिमारपुर की मार्केट में पहुंचकर जनता और दुकानदारों से बात की, जहां लोगों ने प्रदूषण को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में दीपावली पर आतिशबाजी को लेकर भी बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को निर्धारित शर्तों और समय सीमा के तहत अनुमति दी गई है। इसके बावजूद लोगों के मन में सवाल है कि क्या ग्रीन पटाखे जलाने से प्रदूषण कम होगा? Zee मीडिया की टीम उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर मार्केट पहुंची जहां लोगों की राय बंटी। कुछ लोगों का कहना है कि ग्रीन पटाखे हों या सामान्य पटाखे, आतिशबाजी से प्रदूषण होना तय है। ऐसे में पटाखों पर नियंत्रण जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर दिल्ली की हवा पर पड़ता है। मार्केट में खरीदारी के दौरान ग्रीन पटाखों के मुकाबले सामान्य पटाखों की बिक्री ज्यादा दिख रही है। दुकानदारों का कहना है कि लोग ग्रीन पटाखे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, लेकिन सामान्य पटाखों की खरीदारी में कमी है। मार्केट में ग्रीन पटाखों का पर्याप्त स्टॉक भी नजर नहीं आ रहा है। कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही ग्रीन पटाखे उपलब्ध हैं, जहां लोग छोटे बच्चों के लिए सीमित मात्रा में पटाखे खरीदते दिख रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दिल्ली पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रही है, दीपावली की आतिशबाजी के बाद राजधानी की हवा का क्या हाल होगा? क्या ग्रीन पटाखे प्रदूषण कम करने में कामयाब होंगे या फिर दीपावली की अगली सुबह दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जहरीली हवा का सामना करना पड़ेगा? फिलहाल बाजार में खरीदारी जारी है, लेकिन प्रदूषण को लेकर जनता की चिंता साफ दिखाई दे रही है। दीपावली के अगले दिन होने वाले प्रदूषण को लेकर दिल्ली वासियो की चिंता है क्योंकि ग्रीन पटाखे से ज्यादा सामान्य पटाखों की बिक्री होती दिखाई दे रही है। Zee मीडिया उत्तरी दिल्ली
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खूंटी में दिवाली बाजार अलर्ट: पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । स्लग - दिपावली बाजार को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट। खूँटी जिले में दीपावली का बाजार में काफी रौनक है। जगह-जगह मिट्टी के दिए लाइव पटाखे आदि की दुकान लगी है। खूँटी में भीड़-भाड़ से दूर कचहरी मैदान में प्रसाधन के निर्देश पर पटाखे की दुकानें सजाई गई है। जहाँ सस्ते और महंगे दोनों तरह के पटाखे, बम, आतिशबाजी, फुलझड़ियाँ बिक्री के लिए सजाए गये हैं। जहाँ लोग पटाखे, बम, आतिशबाजी, फुलझड़ियाँ, अनार आदि खरीदने पहुँच रहे हैं। इन दुकानों में सुरक्षा को लेकर अग्निशमन टंकी रखने की प्रशासन द्वारा हिदायत दी गयी है। प्रशासन त्यौहार में सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। एचपी के निर्देश पर पुलिस प्रशासन जगह तैनात किए गए हैं। जहां भीड़भाड़ को नियंत्रित करने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने और क्षेत्र में गलती करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। वही बच्चे बड़े सभी लोग पटाखे खरीदने पहुँच रहे हैं। एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि दिवाली त्योहार को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है त्योहार के दौरान बाइक और वाहन द्वारा लगातार गश्ती की जाएगी क्रैकर्स पटाखे की दुकानों पर भी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा को लेकर सभी जगह पुलिस फोर्स लगाए गए हैं।
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जमशेदपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान: 100 गुमशुदा मोबाइल वापस मालिकों के हवाले

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान ने एक बार फिर 100 लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। अभियान के 11वें चरण के तहत पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने 100 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। एसएसपी कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब समेत जिले के सभी वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और फोन धारकों को उनके फोन सौंपे गए। खास बात यह है कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत अब तक पुलिस कुल 3373 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। दरअसल, मोबाइल गुम होने के बाद उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए शनिवार का दिन खुशियां लेकर आया। मौका था जमशेदपुर पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के 11वें चरण का, जहां पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए 100 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंपे। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की। इस दौरान एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, सभी डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद रहे। एसएसपी ने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी में पुलिस की तकनीकी सेल अहम भूमिका निभा रही है। मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी जानकारियों के आधार पर विशेष टीम जांच करती है और सत्यापन के बाद फोन उसके वास्तविक मालिक को सौंप देती है। एसएसपी के मुताबिक, ऑपरेशन मुस्कान के तहत अब तक कुल 3373 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल मोबाइल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने की एक पहल भी है। गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम आगे भी लगातार काम करती रहेगी。
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