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किशनगंज में एग्रीस्टैक से 16 हजार किसानों के पहचान पत्र सत्यापित, पंजीयन तेज
ASAmit Singh
Jan 02, 2026 10:46:38
Kishanganj, Bihar
बिहार में किसानों को डिजिटल सशक्तिकरण प्रदान करने वाली राष्ट्रीय परियोजना एग्रीस्टैक तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना के तहत किशनगंज में किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सके। खास तौर पर किशनगंज जिले में अब तक 16 हजार किसानों की पहचान पत्र सत्यापित हो चुकी है।
एग्रीस्टैक एक केंद्रीय योजना का हिस्सा है, जिसे बिहार सरकार कृषि विभाग के माध्यम से लागू कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण और फसल संबंधी जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकत्रित करना है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं जैसे सब्सिडी, फसल बीमा और कृषि ऋण का लाभ तेजी से और सटीक रूप से मिल सकेगा। योजना के महत्वपूर्ण लाभों में शामिल है - प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या सूखे के दौरान पात्र किसानों की तुरंत पहचान कर क्षतिपूर्ति राशि का सीधा हस्तांतरण, फसल हानि का डाटा आधारित आकलन, और गबन या मध्यस्थता की संभावना को पूरी तरह खत्म करना। साथ ही, किसानों को बीज, खाद जैसी सामग्री और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। किशनगंज के किसानों ने इस योजना की तारीफ़ कर कहा कि अब किसानों को उसका सही लाभ मिलेगा, उन्होंने अन्य किसानों से एग्रीस्टैक योजना से जुड़ने के लिए जल्द से जल्द डीबीटी पोर्टल पर पंजीयन कराकर, डिजिटल कृषि क्रांति का हिस्सा बनने का अपील किया है।
राजेश गुप्ता, किसान।
शकील अख्तर राही, किसान।
किशनगंज जिले में इस योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। यहां अब तक कुल 16 हजार किसानों के पहचान पत्र सत्यापित किए जा चुके हैं। जिले के किसान एग्रीस्टैक से जुड़ने के लिए सबसे पहले डीबीटी किसान पोर्टल पर पंजीयन कराएं। पंजीयन के लिए खतियान, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की जरूरत होगी। पंजीयन सफल होने पर किसान को एक यूनिक किसान आईडी मिल जाती है, जिसका उपयोग सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किया जा सकता है।
प्रभात कुमार,जिला कृषि पदाधिकारी,किशनगंज।
किशनगंज जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जितने भी लाभार्थी किसान है, सभी को जोड़ना है, उन्होंने कहा कि किसान पोर्टल पर पंजीयन ही सफलता की पहली सीढ़ी है, क्योंकि इससे सब्सिडी और वित्तीय सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। वही जिला पदाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कर्मियों के साथ सामान्यवाय स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों को जोड़ा जा रहा है।
विशाल राज, डीएम, किशनगंज।
बिहार में एग्रीस्टैक डेटाबेस से केंद्र एवं राज्य सरकार को लक्षित योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी, और ऋण, फसल बीमा तथा आपदा राहत जैसी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित हो जाएंगी。
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