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हरियाणा में पशुपालन को आधुनिक बनाने के लक्ष्य के साथ कुरुक्षेत्र की पशुधन प्रदर्शनी
VRVIJAY RANA
Feb 08, 2026 14:06:27
Chandigarh, Chandigarh
कुरुक्षेत्र
पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना है सरकार का लक्ष्य : नायब सिंह सैनी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में पशुपालन क्षेत्र की भूमिका रहेगी महत्वपूर्ण
कृषि विभाग की गांव अण्टेहडी की 53 एकड़ भूमि पर की जा रही है प्राकृतिक खेती
10 दुधारू पशुओं तक की मिनी डेयरी खोलने के लिए पशु की लागत पर 25 प्रतिशत की दी जा रही है सब्सिडी
2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा किए गए हैं स्वीकृत
26 हजार पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये की राशि बीमा क्लेम के रूप में दी गई
गायों व भैंसों से ब्रूसैला रोग के पूर्ण उन्मूलन के लिए शुरू किया गया है विशेष अभियान
अब तक प्रदेश में खोली जा चुकी हैं 287 महिला किसान डेयरी
चंडीगढ़, 8 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में पशुपालन क्षेत्र की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। दुग्ध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, निर्यात संभावनाएं और स्टार्ट-अप संस्कृति में अपार अवसर हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। इसी कड़ी में पशुHealth सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं, उन्नत नस्ल संवर्धन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। दुग्ध संग्रहण और विपणन की मजबूत व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही प्रशिक्षण और ऋण सुविधाओं का भी विस्तार भी किया जा रहा है। सरकार का पशुपालकों की आय को बढ़ाना, जोखिम घाटे को कम करना और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी समारोह के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सांसद श्री नवीन जिंदल, पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, चेयरमैन श्री धर्मवीर मिर्जापुर भी साथ रहे। मुख्यमंत्री ने देशी गाय को गुड़ खिलाकर पूजा अर्चना भी की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर पशुओं की विभिन्न नस्लों को देखा और पशुपालकों से बातचीत की। मेले में बनाए कैटवॉक पर अच्छी नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन देखा। इस दौरान ऊंट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का माला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न कैटेगरी में अव्वल आने वाले पशुपालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह तीन दिवसीय पशुधन प्रदर्शनी हमारी ग्रामीण संस्कृति, पशुधन परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते हमारे संकल्प का जीवंत प्रतीक है। धर्म-कुरुक्षेत्र की यह पावन धरा, जो कर्म, कर्तव्य और संतुलन का संदेश देती है, आज पशुपालन और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प की साक्षी बनी है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में इस प्रदर्शनी ने पशुपालकों, किसानों, युवाओं, वैज्ञानिकों और उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान किया। यहां उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की प्रदर्शनी, कैटल शो, आधुनिक तकनीकों की झलक, पशु स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण सत्र और नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सभी ने यह सिद्ध किया कि हरियाणा का पशुपालन क्षेत्र परंपरा और प्रगति का सुंदर संगम है। प्रदेश के प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उपलब्धता 1 हजार 128 ग्राम है। इसका श्रेय पशुपालक भाई-बहनों को जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हरियाणा की पहचान इसके समर्पित पशुपालकों, उन्नत नस्लों और वैज्ञानिक सोच से बनी है। दूध व दूध से बने उत्पाद, जैव-ऊर्जा, जैविक खाद और ग्रामीण रोजगार का आधार पशुपालन है। स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव, यही विकसित भारत- विकसित हरियाणा का रास्ता है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं से जुड़ी नवीनतम जानकारी देना, गुणवत्ता का सम्मान करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। यहां कैटल शो के माध्यम से श्रेष्ठ नस्लों को पहचान मिली, पशुपालकों का मनोबल बढ़ा और नई पीढ़ी को पशुपालन को सम्मानजनक एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में देखने की नई प्रेरणा मिली है। आधुनिक पशु आहार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण, प्रजनन तकनीक और डिजिटल सेवाओं की जानकारी से आप पशुपालक और अधिक सशक्त बनेंगे।
कृषि विभाग की गांव अण्टेहडी की 53 एकड़ भूमि पर कर रहा प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जमीन, जल और वायु को प्रदूषित होने की सभी समस्याओं का हल प्राकृतिक खेती है। इसमें अधिकतर कार्य प्रकृति द्वारा स्वयं ही किया जाता है। सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। प्राकृतिक खेती के शुरू किए गए पोर्टल भी पर किसान अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान 1 लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की 53 एकड़ 4 कनाल भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का निर्णय लिया है। यह जमीन जिला कैथल के गांव अण्टेहडी में है। इसे पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा। इसकी सफलता के बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर पूरे राज्य में लागू किया जाएगा。
जीवामृत, घनामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, अग्नियास्त्र, ब्रह्मास्त्र बनाने का किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए यहां कुरुक्षेत्र में ही गुरुकुल, जींद के हमेटी, सिरसा के मंगियाना और करनाल के घरौंडा में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। गुरुकुल, कुरुक्षेत्र के प्रशिक्षण केंद्र में प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य सलाहकार की भी नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 180 एकड़ भूमि में फैला प्राकृतिक कृषि फार्म हरियाणा में प्राकृतिक खेती को पुनः जीवंत बनाने का एक अनूठा उदाहरण है। इस फार्म में न कोई कीटनाशक और न ही कोई रासायनिक खाद प्रयोग किया जाता है। केवल गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार जीवामृत और घनामृत व बीजामृत का ही प्रयोग किया जाता है। खेती की यह पद्धति अल्प बजट पर आधारित है। एक देसी गाय से 30 एकड़ में प्राकृतिक खेती की जा सकती है। इस केन्द्र में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में हर तरह का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्हें इस केन्द्र में जीवामृत, घनामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, अग्नियास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि बनाने की जानकारी दी जा रही है। ये प्राकृतिक खाद और कीटनाशक प्राकृतिक खेती के आधार स्तम्भ हैं।
2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा किए गए स्वीकृत
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा अपनी मुर्रा नस्ल की भैंसों के लिए विख्यात है। इसके संरक्षण एवं विकास की दिशा में हम उच्च गुणवत्ता एवं अधिक दूध देने वाली मुर्रा भैंसों के मालिकों को 40 हजार रुपये तक का नकद प्रोत्साहन देते हैं। उन्होंने कहा कि पशु खरीदने के लिए तथा उनके पालन के लिए पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। बैंकों द्वारा राज्य के पशुपालकों को 3 हजार 449 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
10 दुधारू पशुओं तक की मिनी डेयरी खोलने के लिए पशु की लागत पर 25 प्रतिशत सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 35 हजार से अधिक पशुधन इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दूध उत्पादकों को 70 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। इसी प्रकार छोटे किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए हाई टेक व मिनी डेयरी स्कीम चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 14,168 डेयरियां स्थापित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत 10 दुधारू पशुओं तक की मिनी डेयरी खोलने के लिए पशु की लागत पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। अनुसूचित जाति के लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने की स्कीम के तहत दो या तीन पशुओं की डेयरी खोलने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा 20 या इससे अधिक दुधारू पशुओं की हाई टेक डेयरी स्थापित करने के लिए ऋण पर 5 वर्षों तक ब्याज में छूट दी जाती है。
26 हजार पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये की राशि बीमा क्लेम के रूप में दी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पशुपालन में जोखिम को देखते हुए सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 15.33 लाख पशुओं का बीमा किया है। इस योजना के तहत कोई भी पशुपालक केवल 100 से 300 रुपये में बड़े पशु व 25 रुपये में छोटे पशु का बीमा करवा सकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के पशुपालकों के पशुओं का बीमा नि:शुल्क किया जाता है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 26 हजार पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये की राशि क्लेम के रूप में दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सभी पशुपालकों से अपील करता हूं कि आप अपने पशुओं का बीमा अवश्य करवाएं।
गायों व भैंसों से ब्रूसैला रोग के पूर्ण उन्मूलन के लिए शुरू किया विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पशुओं के स्वास्थ्य के लिए घर द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए 70 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां कार्यरत हैं। प्रदेश में 2966 पशु चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से 71.26 लाख पशुओं को पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। पशुपालकों के लिए टोल फ्री नंबर 1962 का कॉल सेंटर हिसार में खोला गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा गाय व भैंसों को मुंह खुर व गलघोटू रोगों से मुक्त बनाने के लिए संयुक्त वैक्सीन का प्रयोग करने वाला देश का पहला राज्य है। हमने वर्ष 2030 तक राज्य में गायों व भैंसों से ब्रू selा रोग के पूर्ण उन्मूलन के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है।
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