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Director of Sericulture Inaugurates Skill Training Program in Shopian
Shopian,Ijaz Ahmad Bhat, Director of Sericulture, visited a sericulture farm in Lousedanew, Shopian. During his visit, he inaugurated a three-day skill enhancement training program for local farmers, focusing on improving sericulture farming practices. The program is designed to benefit many farmers in the area.
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South District स्पेशल स्टाफ ने मर्डर केस के आरोपी अभिषेक भोला को किया गिरफ्तार
एंकर अभिषेक भोला मर्डर केस का आरोपी South District के स्पेशल स्टाफ ने arrest किया गया. इस पर 15 से अधिक अपराधी मुकदमे हैं. मदनगिरी, South District. आरोपी के बारे में जानकारी के अनुसार डीसीपी South District आनंद मित्तल ने बताया कि मदनगिरी में एक गोलीबारी की घटना में अभिषेक भोला ने साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर कई राउंड गोली चलाई जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी के साथी फरार हो गए थे. South District Special Staff ने CCTV फुटेज खंगालकर और खुफिया इनपुट से आरोपी को दिल्ली के बाहर से गिरफ्तार किया.0
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द्वारका गोल्फ कोर्स तालाब में तीन बच्चों की दर्दनाक डूबने से मौत
Delhi, Delhi:रिपोर्ट — द्वारका सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स में वीरवार सुबह दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सुबह करीब 7:07 बजे पीसीआर कॉल मिलने के बाद सेक्टर-23 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृत बच्चों की उम्र करीब 8 से 11 साल बताई जा रही है। मौके पर बच्चों के कपड़े तालाब के बाहर मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि तीनों बच्चे नहाने के लिए तालाब में उतरे थे और हादसे का शिकार हो गए। मृतकों में से एक बच्चे की पहचान हर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, हर्ष दो दिन पहले अपने दोस्तों के घर जाने की बात कहकर निकला था। जिन दो दोस्तों के पास वह गया था, उनकी भी इस हादसे में मौत हो गई। तीनों बच्चे साथ में थे और एक साथ ही तालाब में डूब गए।0
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EC की गलती पर TMC-BJP विरोध: स्ट्रॉन्ग रूम सील तोड़ने का मामला
Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA (WEST BENGAL): TMC और BJP कार्यकर्ता STRONG ROOM के बाहर विरोध कर रहे थे। KUNAL GHOSH (TMC उम्मीदवार BELEGHATA विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र) S/B धरना खत्म करने के बाद, TMC लीडर कुणाल घोष ने कहा, 'आज जो हुआ वह EC की गलती है। यह तय हुआ था कि आज के बाद कोई भी स्ट्रॉन्ग रूम की सील नहीं तोड़ेगा और बिना ऑफिशियली बताए अंदर नहीं जाएगा। यह पहला फैसला था। आज जो हुआ वह गलत था। वहां और CCTV कैमरों की ज़रूरत है, वे मान गए हैं। यह स्क्रीन पर दिखना चाहिए। हमने उन्हें अपने ऑब्ज़र्वेशन के बारे में बता दिया है। धरना खत्म कर दिया गया है...हमारी टीम सब कुछ मॉनिटर करेगी। यह हमारा अधिकार है और हम सब कुछ कानूनी तौर पर करेंगे। हमारा कुछ भी गैर-कानूनी करने का इरादा नहीं है। जब वे कुछ गैर-कानूनी कर रहे थे तो हमने विरोध किया था। हमारा एक सवाल है, उन्होंने बिना बताए स्ट्रॉन्ग रूम की सील तोड़ दी और हम इसका विरोध कर रहे थे, BJP इतनी परेशान क्यों है?...इसका मतलब है कि उनके गलत इरादे थे.'0
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बेतिया में सड़क पर स्कॉर्पियो में आग लगने से वाहन जल गया
Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां सड़क पर चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते स्कॉर्पियो धू धू कर जल गई घटना बेतिया लौरिया मुख्यमार्ग की है जहां मिश्रौली के समीप कार में आग लग गई स्कॉर्पियो में बैठे लोग सकुशल बाहर निकाल लिए गए। स्थानीय लोगो ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया तबतक स्कॉर्पियो पूरी तरह से जल गई। स्कॉर्पियो में आग कैसे लगी इसका खुलासा नहीं हो पाया है。0
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जोधपुर हाईकोर्ट: ग्रामीण एमएस भूमि पर जलाशय कैचमेंट संरक्षित, अगली सुनवाई 21 मई 2026
Jodhpur, Rajasthan:जो़धपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में ग्रामीण एम्स परियोजना के लिए आवंटित भूमि को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जलाशय (नाड़ी) और उसके कैचमेंट एरिया के संरक्षण को लेकर गंभीरता दिखाई। न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ में याचिकाकर्ता रामचंद्र की ओर से पेश याचिका पर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह ने कोर्ट को बताया कि जिस भूमि पर ग्रामीण एम्स स्थापित करने की योजना है, उसमें नाड़ी और उसका कैचमेंट क्षेत्र शामिल है। नियमों के अनुसार ऐसी भूमि का आवंटन नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र को नजरअंदाज करते हुए परियोजना के लिए भूमि आवंटित की गई है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एन.एस. राजपुरोहित और अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखते हुए कहा कि भूमि आवंटन से पहले पूरी जांच की गई है और संबंधित नाड़ी क्षेत्र को अलग रखा गया। उन्होंने यह भी दलील दी कि आसपास अन्य सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद यह भूमि परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त पाई गई। कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के बाद क्षेत्र का नक्शा और भूमि से जुड़ी विस्तृत जानकारी पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही जिला कलेक्टर और जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। कोर्ट के आदेश पर जिला कलेक्टर आलोक रंजन और जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि प्रस्तावित भूमि में मौजूद जलाशय और उसके कैचमेंट क्षेत्र को कैसे संरक्षित रखा जा सकता है। सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वे मामले का पुनः परीक्षण करेंगे और जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र का पर्याप्त हिस्सा सुरक्षित रखते हुए उसे ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित करने की संभावना तलाशेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जितनी भूमि कैचमेंट या हरित क्षेत्र के रूप में छोड़ी जाएगी, उतनी ही अतिरिक्त भूमि पास के खसरा क्षेत्र में ग्रामीण एम्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 मई 2026 को निर्धारित की है。0
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राजस्थान हाईकोर्ट: बैंच स्थापना के आदेश वापस लेने पर सरकार से स्पष्ट कारण मांगे
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान राज्य सूचना आयोग की जोधपुर में बैंच स्थापित करने के आदेश के बावजूद उसे लागू नहीं किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वरिष्ठ न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम सुंदर लदरेचा ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 6 अप्रैल 2023 के बैंच स्थापना संबंधी आदेश को 28 अप्रैल 2025 को वापस ले लिया है। हालांकि, वे इस निर्णय के पीछे के ठोस कारण स्पष्ट नहीं कर सके। कोर्ट ने इस पर गंभीरता जताई, क्योंकि आदेश मात्र तीन पंक्तियों का है और उसमें कोई कारण दर्ज नहीं है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष व्यास ने दलील दी कि बैंच स्थापित करने का फैसला जनहित से जुड़ा है और इसे बिना कारण वापस लेना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से निर्णय के आधार स्पष्ट करने की मांग की। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि वह अगली सुनवाई तक स्पष्ट जवाब पेश करे। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने RSRTC MD ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पद पर साथ रहने पर रोक लगाई
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रांसपोर्ट विभाग में एक ही अधिकारी द्वारा दो महत्वपूर्ण पदों को एक साथ संभालने के मामले में बड़ा हस्तक्षेप करते हुए अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर कार्य करने से फिलहाल रोक दिया है। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर कार्य करने की रोक लगाई। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता मोहित सिंघवी द्वारा याचिका में 21 नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें आरएसआरटीसी के एमडी पुरूषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त रूप से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का पद भी सौंपा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिंघवी ने तर्क दिया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 68(2) के तहत कोई भी व्यक्ति, जो किसी परिवहन उपक्रम में वित्तीय हित रखता हो, उसे राज्य या क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का सदस्य नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में आरएसआरटीसी के एमडी का ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जैसे पद पर रहने कानून के विपरीत है, क्योंकि निगम स्वयं एक सरकारी परिवहन उपक्रम है और उसका सीधा हित परिवहन गतिविधियों से जुड़ा है। हाईकोर्ट में यह भी तर्क रखा गया कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राज्य में परिवहन व्यवस्था का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों के कार्यों की निगरानी और नियंत्रण करता है। ऐसे में यदि वही व्यक्ति किसी परिवहन उपक्रम का प्रमुख भी हो, तो निष्पक्ष निर्णय लेने में हितों का टकराव होना स्वाभाविक है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य परिवहन प्राधिकरणों की निष्पक्षता बनाए रखना है, ताकि निजी और सरकारी ऑपरेटरों के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अकेले निर्णय लेने वाला प्राधिकारी नहीं है, बल्कि वह एक बोर्ड का हिस्सा होता है। हालांकि, वे इस तथ्य को नकार नहीं सके कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों पर प्रभावी नियंत्रण होता है। मामले की गंभीरता को देखते ہوئے हाईकोर्ट ने फिलहाल संबंधित अधिकारी को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के रूप में कार्य करने से रोकते हुए 21 नवंबर 2025 के आदेश के संचालन पर अंतरिम स्थगन दे दिया है। साथ ही कोर्ट ने केवल संबंधित अधिकारी पुरूषोत्तम शर्मा (प्रतिवादी संख्या 6) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए 18 मई 2026 को सूचीबद्ध किया है।0
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हाईकोर्ट ने RSRTC के MD को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पद से रोक, अंतरिम स्थगन जारी
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रांसपोर्ट विभाग में एक ही अधिकारी द्वारा दो महत्वपूर्ण पदों को एक साथ संभालने के मामले में बड़ा हस्तक्षेप करते हुए अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर कार्य करने से फिलहाल रोक दिया है। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर कार्य करने की रोक लगाई। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता मोहित सिंघवी द्वारा yाचिका में 21 नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें आरएसआरटीसी के एमडी पुरूषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त रूप से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का पद भी सौंपा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिंघवी ने तर्क दिया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 68(2) के तहत कोई भी व्यक्ति, जो किसी परिवहन उपक्रम में वित्तीय हित रखता हो, उसे राज्य या क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का सदस्य नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में आरएसआरटीसी के एमडी का ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जैसे पद पर रहना कानून के विपरीत है, क्योंकि निगम स्वयं एक सरकारी परिवहन उपक्रम है और उसका सीधा हित परिवहन गतिविधियों से जुड़ा है। हाईकोर्ट में यह भी तर्क रखा गया कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राज्य में परिवहन व्यवस्था का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों के कार्यों की निगरानी और नियंत्रण करता है। ऐसे में यदि वही व्यक्ति किसी परिवहन उपक्रम का प्रमुख भी हो, तो निष्पक्ष निर्णय लेने में हितों का टकराव होना स्वाभाविक है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य परिवहन प्राधिकरणों की निष्पक्षता बनाए रखना है, ताकि निजी और सरकारी ऑपरेटरों के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अकेले निर्णय लेने वाला प्राधिकारी नहीं है, बल्कि वह एक बोर्ड का हिस्सा होता है। हालांकि, वे इस तथ्य को नकार नहीं सके कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों पर प्रभावी नियंत्रण होता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल संबंधित अधिकारी को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के रूप में कार्य करने से रोकते हुए 21 नवंबर 2025 के आदेश के संचालन पर अंतरिम स्थगन दे दिया है। साथ ही कोर्ट ने केवल संबंधित अधिकारी पुरूषोत्तम शर्मा (प्रतिवादी संख्या 6) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए 18 मई 2026 को सूचीबद्ध किया है。0
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गोण्डा में 11,000 वोल्ट हाईटेंशन लाइन से दो बच्चों के झुलसने पर आक्रोश
Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में एक बार फिर से बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां आज बृहस्पतिवार रात 8:00 बजे के करीब परेटा ग्राम पंचायत के चिंता पुरवा गांव में अजीत कुमार तिवारी के घर से गई हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उनके ही एक बेटे और एक बेटी आज गंभीर रूप से झुलस गए हैं. जिन्हें तत्काल परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर लेकर पहुंचे जहां से हालत गंभीर होने पर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। गोंडा मेडिकल कॉलेज में 10 वर्षीय आदर्श और 7 वर्षीय आकांशा झुलसे हुए दोनों सगे भाई-बहन का गोंडा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अजीत कुमार तिवारी के छत के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गई हुई है और आज छत पर ही अजीत कुमार तिवारी के दोनों बच्चे खेल रहे थे खेलते खेलते ही हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गए हैं।0
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हापुड़ की सड़कों पर रीलबाज़ी मची मौत का खेलरो को डराने लगी: चालान के बाद भी कानून नहीं दिख रहा कड़ा
Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रील बाजी का भूत युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है. सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के चक्कर में ये रीलबाज़ न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सड़कों पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं. हापुड़ जिले से सामने आईं अलग-अलग इन चार खबरों को जरा गौर से देख लीजिए, यह चारों तस्वीरें यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाती नज़र आ रही हैं. हापुड़ के दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक प्राइवेट बस चालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है. साफ देखा जा सकता है कि बस के अंदर जगह न होने या अधिक कमाई के लालच में, सवारियों को बस की छत पर बैठाकर हाईवे पर दौड़ाया जा रहा है. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हापुड़ पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एमवी एक्ट के तहत बस का 17,000 रुपये का चालान किया है. दूसरी तस्वीर भी इसी हाईवे की है, यहां एक युवक अपनी बुलेट पर खतरनाक स्टंट करते हुए रील बना रहा है. बिना हेलमेट और तेज रफ्तार में हाथ छोड़कर स्टंट करना इन युवाओं के लिए शौक बन गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि ऐसे रीलबाजों पर सिर्फ चालान नहीं, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. ऐसे ही हापुड़ के सिम्भावली क्षेत्र से एक और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. यहाँ करीब आधा दर्जन कारें एक साथ स्टंट करती दिखाई दे रही हैं. कोई कार की छत पर बैठा है, तो कोई खिड़कियों से बाहर लटककर शोर मचा रहा है. यह रीलबाज़ी किसी भी वक्त बड़े हादसे में बदल सकती थी. हद तो तब हो गई जब गढ़ क्षेत्र के तहसील रोड पर एक ही बाइक पर 8 युवक सवार होकर निकलते दिखाई दिए. यातायात नियमों को ठेंगे पर रखकर इन युवाओं ने न सिर्फ बाइक की क्षमता का मजाक उड़ाया, बल्कि सड़क पर चलते हुए खतरनाक करतब भी दिखाए. इन चारों घटनाओं ने हापुड़ की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस चालान की कार्रवाई कर रही है, लेकिन सवाल वही है कि आखिर इन युवाओं में कानून का खौफ कब पैदा होगा?0
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गाजीपुर में आंधी-तूफान: तीन की मौत, डीएम ने पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर कल हुए तेज आंधी-पानी का कहर, 3 की मौत, प्रशासन हरकत में, डीएम खुद पहुंचे पीड़ितों के दरवाज़े. प्रशासन एक्शन मोड में, डीएम अनुरूप शुक्ला पहुंचे पीड़ित परिवारों के घर. डीएम ने पीड़ित परिवारों से मिलकर जताया दुख, दिया हर मदद का भरोसा. डीएम ने आपदा राहत कोष से जल्द आर्थिक सहायता देने का किया ऐलान. डीएम ने बताया कि सदर तहसील में दो और मुहम्मदाबाद तहसील में एक महिला की गई जान. तूफान से पेड़ और बिजली खंभे गिरे, जनजीवन बुरी तरह प्रभावित. प्रशासन ने दिए बिजली बहाल व सड़क साफ करने के निर्देश. गाजीपुर में कल आई आंधी-तूफान ने ऐसी तबाही मचाई कि तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं। लेकिन हादसे के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी खुद पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे, जहां उन्होंने न सिर्फ हालचाल जाना बल्कि हर संभव मदद का भरोसा भी दिया। गाजीपुर में बीते दिन आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसों के बाद आज प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और संबंधित उपजिलाधिकारी मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पीड़ित परिवारों को जल्द ही आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही अन्य सरकारी सुविधाएं भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी। बताया जा रहा है कि सदर तहसील क्षेत्र में दो लोगों की जान गई, जबकि मुहम्मदाबाद तहसील में एक महिला की मौत हुई है। तेज तूफान के चलते कई पेड़ और बिजली के खंभे भी सड़क पर गिर गए, जिससे आवागमन और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द सड़कों से मलबा हटाया जाए और बिजली व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.0
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बूंदी के बिजासन माता मंदिर की छतरी पर आग, बारिश ने मौके पर रोक दी आग
Noida, Uttar Pradesh:बून्दी बिजासन माता मंदिर में छतरी पर लगी आग, बारिश से बुझी—श्रद्धालुओं ने बताया आस्था का संकेत बून्दी जिले के लाखेरी उपखंड क्षेत्र के इंदरगढ़ में स्थित प्रसिद्ध बिजासन माता मंदिर में गुरुवार को एक अनोखी घटना सामने आई। मंदिर परिसर में स्थित एक छतरी पर अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौजूद श्रद्धालु चिंतित हो उठे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही देर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते आग पर जल्दी ही काबू पा लिया गया और बिना किसी बड़े नुकसान के स्थिति सामान्य हो गई। घटना के बाद मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। कई श्रद्धालुओं ने इसे माता की कृपा और आस्था से जोड़ते हुए कहा कि समय रहते बारिश होना एक सकारात्मक संकेत है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लोगों की श्रद्धा और विश्वास को और मजबूत करती हैं।0
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भमोरा पुलिस ने दो मादक पदार्थ तस्करों को दबोचा, 8 किलो 289 ग्राम डोडा छिलका बरामद
Bareilly, Uttar Pradesh:भमोरा। थाना भमोरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 8 किलो 289 ग्राम अवैध डोडा छिलका, एक मोटरसाइकिल तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। जनपद बरेली में मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री पर रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना भमोरा पुलिस टीम 30 अप्रैल 2026 को प्रातः करीब 5:15 बजे चौढपुर-बल्लिया रोड पर गश्त एवं संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान खाटूश्याम मंदिर के पास मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 8 किलो 289 ग्राम अवैध डोडा छिलका बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। भमोरा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।0
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यमुनानगर में सनमाइका फैक्ट्री से लाखों की डाई चोरी: CCTV में कैद चोर
Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में चोरियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब चोरों के निशाने पर सिर्फ घर या छोटी दुकानें ही नहीं, बल्कि बड़ी फैक्ट्रियां भी आ चुकी हैं। ताजा मामला शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी और उद्योगपति रोशन लाल कंबोज की सनमाइका फैक्ट्री का है, जहां चोरों ने लाखों रुपये की सनमाइका डाई ( सनमाइका मेकर प्लेट ) पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मामला यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र का है, जहां रोशन लाल कंबोज की सनमाइका फैक्ट्री में देर रात चोरों ने सेंध लगा दी। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक तीन अज्ञात चोर फैक्ट्री के अंदर घुसते हैं और बड़ी ही प्लानिंग के साथ महंगी सनमाइका डाई यानी मेकर प्लेट को निशाना बनाते हैं। बताया जा रहा है कि चोरी किए गए सामान की कीमत लाखों रुपये में है। चोर पहले फाैक्ट्री की रेकी करते हैं और फिर मौका पाकर अंदर दाखिल होते हैं। अंदर घुसने के बाद वे सीधे उस स्थान पर पहुंचते हैं जहां कीमती डाई रखी हुई थी। कुछ ही मिनटों में वे सामान उठाकर मौके से फरार हो जाते हैं। इस पूरी घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री मालिक रोशन लाल कंबोज ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। रोशन लाल कंबोज (फैक्ट्री मालिक) ने कहा कि रात के समय कुछ अज्ञात लोग हमारी फैक्ट्री में घुसे और लाखों रुपये की सनमाइका डाई चोरी करके ले गए। पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी है और हमें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने उद्योगपतियों और आम लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपियों को पकड़ पाती है और चोरी की घटनाओं पर लगाम लगा पाती है।0
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इस हादसे में जनहानि पर शोक, परिवारों को 4 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा
इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।0
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