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Rajiv Jasrotia Holds “Ek Ped Maa Ke Naam” Mega Event in Barnote
Kathua,Former Minister and senior BJP leader Rajiv Jasrotia organized a major event titled “Ek Ped Maa Ke Naam” in Barnote, Kathua. Jasrotia emphasized that during the upcoming rainy season, they pledge to plant a tree in the name of mother, fulfilling Prime Minister Narendra Modi’s vision of “Ek Ped Maa Ke Naam.”
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कंवरलाल मीणा की बेटी भारती मीणा ने अकलेरा से जनपद सदस्य के लिए आवेदन
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ जिले में पंचायत राज चुनावो को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। लेकिन इन सब के बीच खास खबर रही आज का एक आवेदन, जो जिले में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। मनोहरथाना के पूर्व विधायक का कंवरलाल मीणा की 22 वर्षीय पुत्री डॉ. भारती मीणा ने आज मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया के कार्यालय पहुंचकर जनपद हेतु विधायक को ही आवेदन सौंपा है। खास बात यह है कि अकलेरा पंचायत समिति में प्रधान की सीट ST महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में डॉ. भारती मीणा प्रधान पद की प्रबल दावेदार देखी जा रही। इसके साथ ही क्योंकि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा एसडीएम पर पिस्टल तानने के मामले में 3 वर्ष की सजा काट रहे हैं और फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर है, ऐसे में पूर्व विधायक कँवरलाल मीणा की बेटी की पॉलिटिक्स में एंट्री जिले की बड़ी सियासी खबर बन गया है। पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की बेटी के आवेदन से उनके समर्थकों में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। डॉ. भारती मीणा की उम्र अभी महज 22 वर्ष है। हाल ही में अकलेरा नगरपालिका में भी 22 वर्षीय यांशिका मेवाड़ा के अध्यक्ष बनने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा होने लगी है कि क्या डॉ. भारती मीणा भी पंचायत समिति अकलेरा के प्रधान पद की दौड़ में शामिल हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल डॉ. भारती मीणा ने केवल जनपद सदस्य पद के लिए आवेदन किया है। प्रधान पद को लेकर अभी कोई दावा या निर्णय सामने नहीं आया है। पार्टी द्वारा टिकट तय किए जाने और चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रधान पद के लिए पार्टी नेतृत्व किसे अपना दावेदार बनाता है। इधर डॉ. भारती मीणा के पिता एवं पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को 15 दिन की पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद आज वापस जेल जाना पड़ा। इसी बीच उनकी पुत्री के पंचायत चुनाव में आवेदन करने से क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। चुनावी समय में नए राजनीतिक समीकरण बनना और संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा होना सामान्य बात है। फिलहाल डॉ. भारती मीणा के आवेदन ने अकलेरा क्षेत्र में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल जरूर गरमा दिया है। अब सबकी निगाहे पार्टी के टिकट वितरण और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। आवेदन के समय पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा के पुत्र डॉ. भरत मीणा भी समर्थकों सहित मौजूद रहे। गौरतलब है कि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा क्षेत्र के कद्दावर और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नजदीकी भाजपा नेता रहे हैं।0
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कैट की बड़ी राहत: एम्स जोधपुर संविदा नर्सिंग कर्मियों का नियमितीकरण तीन महीनों में!
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जोधपुर पीठ ने एम्स जोधपुर के संविदा नर्सिंग अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश रद्द कर दिए हैं। जस्टिस रामेश्वर व्यास और प्रशासनिक सदस्य डॉ. हुकुम सिंह मीणा की पीठ ने फैसला सुनाते हुए एम्स प्रशासन को योग्य पाए जाने वाले आवेदकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तीन माह में पूरी करने के निर्देश दिए। मामले में एम्स जोधपुर ने वर्ष 2013 में खुली चयन प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से नर्सिंग ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के पदों पर संविदा नियुक्तियां की थीं। कर्मचारियों की सेवाएं संस्थान के क्लिनिकल और शैक्षणिक कार्यों के लिए लगातार बढ़ाई जाती रहीं। दस वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने के बाद कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग की। एम्स प्रशासन ने भर्ती नियमों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रावधान नहीं होने का हवाला देते हुए मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद 18 दिसंबर 2024 के स्पीकिंग ऑर्डर और 23 दिसंबर 2024 के सेवा समाप्ति आदेश को चुनौती दी गई। कैट ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति खुली प्रतियोगिता, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के जरिए हुई थी, इसलिए इसे बैकडोर एंट्री नहीं माना जा सकता। पीठ ने लंबे समय तक संतोषजनक सेवा को भी महत्वपूर्ण माना और कहा कि सरकारी संस्थानों को मॉडल एम्प्लायर की भूमिका निभानी चाहिए। कैट ने दोनों आदेश रद्द करते हुए योग्य आवेदकों के नियमितीकरण की कार्रवाई तीन माह में पूरी करने के निर्देश दिए।0
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राजस्थान में डिजिटल बीट पुलिसिंग से क्राइम कंट्रोल का नया प्रयास
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में अब स्थानीय स्तर से क्राइम कंट्रोल करने की तैयारी है। राजस्थान पुलिस अब बीट प्रणाली को नए कलेवर में लागू करने जा रही है...पुलिस और आमजन के बीच सबसे अहम कड़ी मानी जाने वाली बीट पुलिसिंग अब नई तकनीक से लैस होगी...राजस्थान पुलिस और BPR&D के बीच एमओयू हुआ है...पहले चरण में 9 जिलों में नई बीट प्रणाली लागू होगी...जिसमें जियो-मैपिंग, डिजिटल बीट प्रोफाइल, हॉटस्पॉट मैपिंग और राजकॉप ई-बीट बुक को और मजबूत किया जाएगा... राजस्थान पुलिस की बीट पुलिसिंग अब और स्मार्ट, डिजिटल और ज्यादा जवाबदेह होगी। पुलिस मुख्यालय जयपुर में राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी BPR&D के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ...डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और BPR&D के डीजी आलोक मित्तल की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए... इस पहल का मकसद है— बीट स्तर पर अपराध की रोकथाम... स्थानीय सूचना तंत्र मजबूत करना... पुलिस-जन संवाद बढ़ाना और तकनीक के जरिए पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाना। BPR&D के डीजी आलोक मित्तल ने कहा कि बीट पुलिसिंग पुलिस व्यवस्था की बुनियाद है...उन्होंने बताया कि DGP/IGP कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों के तहत तैयार एक वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में राजस्थान का यह बड़ा कदम है... वहीं DGP राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बीट पुलिसिंग पुलिस और आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है...अब तकनीक के सहयोग से इसके परिणाम धरातल पर दिखाई देंगे... 9 जिलों से शुरुआत नई बीट पुलिसिंग व्यवस्था की शुरुआत पहले चरण में 9 जिलों से होगी...सीकर... जयपुर उत्तर... धौलपुर... डीडवाना-कुचामन... कोटा शहर... डूंगरपुर... चूरू... जैसलमेर और जोधपुर पश्चिम को चुना गया है...इन जिलों के अनुभव और नवाचारों के आधार पर आगे प्रदेश के बाकी जिलों में भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी... बीट का बनेगा डिजिटल नक्शा अब बीट सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी...जनसंख्या... अपराध की स्थिति... भौगोलिक परिस्थितियों और शहरी-ग्रामीण स्वरूप के आधार पर बीट का नए सिरे से निर्धारण होगा...हॉटस्पॉट... संवेदनशील स्थान... महत्वपूर्ण संस्थान और स्थानीय जरूरतों की पहचान कर जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार की जाएगी...बीट बुक... विलेज क्राइम नोट बुक... डिजिटल बीट प्रोफाइल और अपराध मैपिंग के जरिए स्थानीय सूचनाओं को व्यवस्थित किया जाएगा... राजकॉप बनेगा ज्यादा ताकतवर बीट पुलिसिंग में तकनीक का सबसे अहम हथियार होगा राजकॉप ई-बीट बुक...इसकी क्षमताओं को और विकसित किया जाएगा...GPS... जियो-टैगिंग... QR आधारित सुविधाएं... डिजिटल दस्तावेजीकरण और डैशबोर्ड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा... यानी बीट अधिकारी की गतिविधियों से लेकर स्थानीय अपराध और हॉटस्पॉट तक की जानकारी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध होगी... जनता की भी होगी भागीदारी नई बीट पुलिसिंग में सिर्फ तकनीक ही नहीं... जनभागीदारी पर भी फोकस रहेगा...CLG... पुलिस मित्र और दूसरे सामुदायिक माध्यमों को मजबूत किया जाएगा... बीट ऑफिसर को जानो...जैसी पहल के जरिए पुलिस और जनता के बीच नियमित संवाद बढ़ाया जाएगा...विद्यार्थियों... वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों के साथ भी लक्षित संवाद पर जोर रहेगा... काम का होगा हिसाब नई व्यवस्था में बीट पुलिसिंग की समीक्षा भी सिर्फ कागजी नहीं होगी...KPI यानी की परफोर्मेंस इंडिकेटर्स के आधार पर बीट पुलिसिंग के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा... बीट से लेकर थाना... जिला/कमिश्नरेट और राज्य स्तर तक रिपोर्टिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा...अच्छे काम और नए प्रयोगों का दस्तावेजीकरण भी होगा... ट्रेनिंग पर फोकस नई व्यवस्था के लिए बीट अधिकारियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों की ट्रेनिंग भी होगी... प्रारंभिक प्रशिक्षण... रिफ्रेशर ट्रेनिंग... ट्रेनर्स की ट्रेनिंग और कैस्केड ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे... राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है...0
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हरीश रावत: 10 यात्राओं के बाद कांग्रेस की आगे की योजना में शामिल होंगे
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी: उत्तराखंड के पूर्व CM और कांग्रेस नेता हरीश रावत कहते हैं, "मैंने 10 फेज़ की यात्रा प्लान की है, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी इन यात्राओं के बाद, अगर पार्टी कोई नया कैंपेन शुरू करती है, तो पार्टी जो भी प्रोग्राम बनाएगी, हम सब उसी के साथ आगे बढ़ेंगे। शुरुआती काम उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल मचाना था—मैंने वह मकसद हासिल कर लिया है। अब, मुझे नहीं लगता कि उन 8-10 यात्राओं का कोई खास मतलब है, लेकिन मैं देख रहा हूं कि पार्टी अपनी आगे की यात्राओं की प्लानिंग कैसे करती है, और अगर पार्टी उनकी प्लानिंग करती है, तो हम उस प्रोसेस का हिस्सा बन जाएंगे। इस समय, कांग्रेस पार्टी का कोई और प्रोग्राम नहीं चल रहा है, और मैं पिछले कई दिनों से देख रहा था कि हम सिर्फ SIR मुद्दे और शायद एक-दो और मामलों को लेकर सेक्रेटेरिएट जा रहे थे, लेकिन हम गलियों, मोहल्लों, शहरों, कस्बों और ब्लॉक में आम जनता तक नहीं पहुंच रहे थे। इसलिए, दो-तीन दिन की ट्रिप के बाद, मुझे इसकी ज़रूरत और अहमियत का एहसास हुआ। इसका असर माइक्रो-लेवल पर दिखेगा...0
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ABVP चुनाव जीत पर CM धामी ने दी बधाई, मुलाकात देहरादून में
Noida, Uttar Pradesh:देहरादून: उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने अपने सरकारी घर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नए चुने गए पदाधिकारियों से मुलाकात की और हाल ही में हुए स्टूडेंट यूनियन चुनावों में उनकी जीत पर उन्हें बधाई दी। CM धामी ने कहा कि स्टूडेंट लाइफ में मिली ज़िम्मेदारियां पर्सनैलिटी डेवलपमेंट का एक ज़रूरी मौका देती हैं और लीडरशिप स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।0
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क Congreso में तकरार: शैलजा ने हरीश रावत को चिट्ठी लिखकर क्रोनोलॉजी स्पष्ट किया
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को लिखी चिट्ठी के सवाल पर कहा, "मैं आपको पूरी क्रोनोलॉजी बता देती हूं। उन्होंने (हरीश रावत) कार्यक्रम किया। उनके कुछ वक्तव्य भी आए। यह बात हुईं, तो मैंने उन्हें चिट्ठी लिखी और कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। कल वह वेणुगोपाल जी (महासचिव संगठन) से मिलकर गए हैं। उन्होंने मुझे मेल करके कहा है कि आपने जो बातें कहीं हैं मैं उनका स्पष्टीकरण 7 या 8 तारीख को देना चाहता हूं। तो उनसे मिलेंगे और देखेंगे कि वह क्या कह रहे हैं।"0
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गोंडा में शराब दुकान पर दोनों गुटों के बीच विवाद, फायरिंग से हड़कंप
Gonda, Uttar Pradesh:जहां गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के दर्जीकुआं चौकी क्षेत्र के रायपुर स्थित कंपोजिट शराब की दुकान पर आज सोमवार देर शाम उसे समय हड़कंप मच गया। जब शराब पीने के दौरान हुए आपसी कहासुनी के बाद गाड़ी में बैठकर जाते समय फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। कंपोजिट शराब दुकान के सेल्समैन की सूचना पर तत्काल देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, सीओ नगर योगेंद्र सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फायरिंग करने वालों में से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर के पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है शराब दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरा को भी चेक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्विफ्ट डिजायर वीडीआई से कुछ लोग कंपोजिट शराब की दुकान पर शराब लेने आए हुए थे शराब लेकर के बगल में बैठकर कुछ दुकानों पर शराब पीकर के कुछ खा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग और शराब लेने पहुंचे वह भी शराब लेकर की इस स्थान पर पहुंच गए। जहां पर पहले से ही शराब लेकर के लोग बैठे हुए थे इसी दौरान दो गुटों के बीच आपसी कहासुनी और गाली-गलौज हुआ। इस पूरे विवाद के दौरान कंपोजिट शराब दुकान के लोगों द्वारा दोनों गुटों के लोगों को अलग-अलग करके अपने-अपने घर जाने को लेकर लेकिन फिर भी दोनों अच्छा के लोग नहीं गए और घंटे तक हंगामा किया।हंगामे के बाद जाते समय स्विफ्ट डिजायर वीडीआई सवार लोगों द्वारा असलहा से फायरिंग कर दी गई। जिससे मौके पर हड़कंप मच गया तत्काल कंपोजिट दुकान के सेल्समैन द्वारा दौड़ा करके एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया जबकि और लोग फरार हो गए हैं। वहीं सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली कि शराब की दुकान पर कुछ लोगों द्वारा फायर किया गया है।मौके पर पहुंच कर जब पूछताछ की गई तो पता चला कि कुछ लोग शराब खरीद करके उसका सेवन कर रहे थे इसी दौरान दो पक्षों में आपस में कहासुनी हुई।इसी दौरान एक पक्ष गाड़ी में बैठ करके जाने लगा तो उसके पीछे से स्विफ्ट डिजायर वीडीआई sवार व्यक्तियों में से किसी एक व्यक्ति द्वारा फायर किया गया। एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है उससे पूछताछ की जा रही है मौके पर शांति व्यवस्था कायम है अन्य विधि कार्रवाई की जा रही है。0
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अमेठी के DM ने FCI गोदाम का औचक निरीक्षण; फायर अलार्म बंद, बोरियाँ फटी
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी: जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने सोमवार को एफसीआई डिपो पीईजी गोदाम जामों का किया औचक निरीक्षण। डीएम ने गोदाम में भंडारित गेहूं और चावल की गुणवत्ता, नमी, स्टॉक, लोडिंग-अनलोडिंग और रखरखाव की व्यवस्थाओं का लिया जायजा। निरीक्षण के दौरान फायर अलार्म सिस्टम बंद मिला और कुछ अग्निशमन यंत्र रिफिलिंग के लिए भेजे गए थे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सोलर सिस्टम या बैटरी बैकअप वाला फायर अलार्म लगाने के दिए निर्देश। कई बोरियां फटी मिलीं और गेहूं जमीन पर बिखरा पाया गया। डीएम ने क्षतिगस्त बोरियां तत्काल बदलने और नई बोरियों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के दिए निर्देश।0
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रतलाम मार्ग पर पैंथर की मौत, अज्ञात वाहन टक्कर से
Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा सड़क पर मृत मिला पैंथर रतलाम मार्ग पर स्थित 5 नंबर के पास की घटना अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को दी सूचना करीब दो साल का बताया जा रहा मृत मादा पैंथर कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर विभाग ने शव को लिया अपने कब्जे में0
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जयपुर एयरपोर्ट पर CISF की वार्षिक सुरक्षा समीक्षा और AI-वीडियो एनालिटिक्स पर चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:काशीराम जयपुर。 जयपुर एयरपोर्ट पर CISF यूनिट का वार्षिक निरीक्षण。 DIG/AP-NZ बी. सत्य येसुबाबू ने किया निरीक्षण。 सुरक्षा व्यवस्थाओं, परिचालन एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की。 एयरपोर्ट हितधारकों के साथ सुरक्षा और समन्वय को लेकर बैठक ली。 AI, वीडियो एनालिटिक्स और आगामी परियोजनाओं पर हुई चर्चा。 DIG को CISF जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया स्वागत。 उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट का किया उद्घाटन, QRT, BDDS का प्रदर्शन देखा。 जवानों को साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट के बारे में किया जागरूक。 सोशल मीडिया, वित्तीय साक्षरता और वर्क-लाइफ बैलेंस पर भी हुई चर्चा।0
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DLRC प्रशस्त गुप्ता के भूमि विवाद में डराने-धमकाने का आरोप, DM ने किया निलंबन
Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल संभल - जिला भूमि व्यवस्था सहायक (DLRC) प्रशस्त गुप्ता को भूमि विवाद में सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का झूठा रौब दिखाना महंगा पड़ा। DM अंकित खंडेलवाल ने DLRC ( जिला भूमि व्यवस्था सहायक )प्रशस्त गुप्ता को सस्पेंड किया। सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय में तैनाती का झूठा रौब दिखाकर भूमि विवाद में दवाब बनाने के गंभीर आरोप। DLRC प्रशस्त गुप्ता का भूमि विवाद के दौरान सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का रौव गांठने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल। मामले की शिकायत सामने आने के बाद DM अंकित खंडेलवाल ने SDM चन्दौसी को सौंपी थी मामले की जांच . जांच में शिकायत की पुष्टि हुई थी । DLRC प्रशस्त गुप्ता पर शिकायत कर्ताओं के साथ अभद्र ता , मारपीट के भी आरोप । DM अंकित खंडेलवाल की कार्यवाही से हड़कंप मचा ।0
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रायबरेली के लालगंज में मोटरसाइकिल भिड़ंत, एक की मौत; परिजनों में कोहराम
Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में लालगंज कोतवाली क्षेत्र के लोन नदी के पास दो मोटरसाइकाइल आपस में टकरा गई जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मौत की सूचना जैसे ही परिवार जनों को लगी परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रो के बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस ने शुरू कर दी है। मृतक युवक की पहचान अवनीश उर्फ रिंकू निवासी बरहा गांव के तौर पर हुई है।0
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राजस्थान हाईकोर्ट ने रजनेश बनाम नेहा गाइडलाइन पालन अनिवार्य कर भरण-पोषण मामला रिमांड किया
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट अशोक कुमार जैन की बेंच ने भरण-पोषण से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए पारिवारिक न्यायालय बीकानेर के आदेश को गैर-कानूनी मानकर निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भरण-पोषण (मांगने या देने) के मुकदमों में दोनों पक्षों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'रजनेश बनाम नेहा व अन्य' के मामले में दी गई गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है। इसके तहत शपथ-पत्र में अपनी आय और संपत्ति का बिल्कुल सही एवं पूरा ब्योरा देना होगा। ऐसा न करने पर संबंधित पक्षकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नई दिल्ली निवासी पति और जयनारायण व्यास कॉलोनी, बीकानेर निवासी उसकी पत्नी के बीच का है। पति ने बीकानेर के पारिवारिक न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने भरण-पोषण का केस दाखिल करते समय अपनी वास्तविक आय और संपत्तियों के बारे में झूठा विवरण दिया है। इसलिए उसके खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के तहत कार्रवाई की जाए। हालाँकि, पत्नी के वकील ने इन दावों को नकारते हुए कहा कि कोई भी तथ्य छिपाया नहीं गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बीकानेर पारिवारिक न्यायालय ने पति के इस आवेदन को खारिज कर दिया था। पारिवारिक न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ पति ने राजस्थान हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की। पति के अधिवक्ता सलमान आगा ने अदालत में दलील दी कि भरण-पोषण पाने के लिए शपथ-पत्र में सही विवरण देना पत्नी की कानूनी जिम्मेदारी थी। पर्याप्त आय, फिक्स्ड डिपॉजिट और कृषि भूमि होने के बावजूद पत्नी ने खुद को बिना किसी आय वाला बताकर अदालत के सामने झूठे तथ्य रखे। हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 'रजनेश बनाम नेहा' मामले में जारी गाइडलाइन केवल एक औपचारिकता (फॉर्मेलिटी) नहीं है। किसी भी पक्षकार को अदालत के समक्ष गलत या झूठे तथ्य पेश करने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने माना कि निचली अदालतों की यह जिम्मेदारी है कि वे कानून व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकें। निचली अदालत के फैसले को गैर-कानूनी ठहराते हुए हाईकोर्ट ने बीकानेर पारिवारिक न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और मामले को नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए रिमांड कर दिया है。0
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जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल चालू, सुबह-रात उड़ानों पर हाईकोर्ट ने जवाब चाहा
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल के पूरी तरह तैयार होने के बावजूद सुबह और देर रात उड़ानों के संचालन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने एयरलाइंस से जवाब मांगा है। कोर्ट को बताया गया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी एयरलाइंस को पत्र भेजकर टर्मिनल के पूरी तरह कार्यशील होने और उड़ान संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं होने की जानकारी दी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। राजस्थान हाईकोर्ट न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने लिब्रा इंडिया व अन्य मामले की सुनवाई की। एएआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपक रस्तोगी ने बताया कि कोर्ट के 7 जुलाई 2026 के आदेश की पालना में सभी एयरलाइंस को संचार किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि नया टर्मिनल पूरी तरह कार्यशील है और सुबह जल्दी तथा देर रात उड़ानों के संचालन में कोई बाधा नहीं है। एएआई ने इन पत्रों से संबंधित शपथपत्र भी हाईकोर्ट में दाखिल किया है। एयरलाइंस की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्हें शपथपत्र की प्रति नहीं मिली है, इसलिए उसका अध्ययन कर जवाब देने के लिए समय दिया जाए। कोर्ट ने वैभव भंसाली को निर्देश दिया कि शपथपत्र की प्रति सभी संबंधित एयरलाइंस के अधिवक्ताओं और याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराई जाए। एयरलाइंस को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए।0
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हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति को जमानत दे दी
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद पति को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर फिलहाल ऐसा प्रथमदृष्टया साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने, जानबूझकर मदद करने या अन्य किसी कृत्य के जरिए आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण किए जाने की बात साबित हो। न्यायाधीश संजीत पुरोहित ने बलवंत सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजाक हैदर ने बताया कि मामला जालोर जिले के सरवाना थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मृतका की शादी आरोपी से करीब 15 वर्ष पहले हुई थी। मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष दहेज और बेटे को जन्म नहीं देने को लेकर उसे प्रताड़ित करता था। पति पर नया कारोबार शुरू करने के लिए रुपए demanding और दूसरी शादी करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। हाईकोर्ट ने चार्जशीट और शिकायतकर्ता के बयान का अवलोकन किया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता के अनुसार शादी के शुरुआती 8-9 वर्ष तक मृतका और आरोपी के बीच संबंध सामान्य थे। विवाद दूसरी बेटी के जन्म के बाद करीब चार वर्ष पहले शुरू हुआ। जांच के दौरान दिए बयान में शिकायतकर्ता ने दहेज या रुपए की मांग को लेकर कोई विशिष्ट आरोप नहीं लगाया। घटना से कुछ दिन पहले मृतका ने पिता से फोन पर बातचीत में सब ठीक होने की बात कही थी। कोर्ट ने कहा कि सात वर्ष से अधिक समय बाद हुई मृत्यु के कारण भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113ए के समकक्ष बीएसए की धारा 117 की वैधानिक उपधारणा लागू नहीं होती। जांच पूरी होकर चार्जशीट पेश हो चुकी है और आरोपी 6 जून से न्यायिक अभिरक्षा में है। ऐसे में आगे हिरासत जरूरी नहीं है। कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और 25-25 हजार रुपए की दो जमानतों पर रिहाई के आदेश दिए।0
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