184102
Rajiv Jasrotia Holds “Ek Ped Maa Ke Naam” Mega Event in Barnote
Kathua,Former Minister and senior BJP leader Rajiv Jasrotia organized a major event titled “Ek Ped Maa Ke Naam” in Barnote, Kathua. Jasrotia emphasized that during the upcoming rainy season, they pledge to plant a tree in the name of mother, fulfilling Prime Minister Narendra Modi’s vision of “Ek Ped Maa Ke Naam.”
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
नोएडा में नाबालिग ने ग्रैंड विटारा से होंडा सिटी पीछे से टक्कर मारी; FIR
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में नाबालिग ने चलाई कार, पीछे से दूसरी कार में मारी टक्कर; पुलिस ने दर्ज की FIR नोएडा के सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में नाबालिग द्वारा कार चलाने का मामला सामने आया है। एक नाबालिग चालक ने ग्रैंड विटारा कार से होंडा सिटी में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित कुमार शिवम के मुताबिक, वह 19 अगस्त 2026 को शाम करीब 5:30 बजे अपनी होंडा सिटी कार (UP16DN5698) से परिवार और 13 महीने के बच्चे के साथ सेक्टर-119 की सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही सफेद रंग की ग्रैंड विटारा (UP16DR0999) ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से होंडा सिटी के पिछले हिस्से में काफी नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के समय ग्रैंड विटारा को 14 वर्षीय नाबालिग युवक चला रहा था। वही पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को थाना सेक्टर-113 क्षेत्र में ग्रैंड विटारा ने होंडा सिटी में पीछे से टक्कर मारी थी। वाहन नाबालिग चालक चला रहा था। पुलिस ने बताया कि घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है।पुलिस ने बताया कि पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर थाना सेक्टर-113 में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वही घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा ह जिसमें खूब बहस चल रही है। पुलिस के सामने नाबालिग की मां ने कथित तौर पर बताया कि उस दिन उनका ड्राइवर उपलब्ध नहीं था, इसलिए उन्होंने कार की चाबी दे दी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है。0
0
Report
बुरारी SDM कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं का तेज विरोध, आरोपों की जांच की मांग
New Delhi, Delhi:बुराड़ी SDM ऑफिस के बाहर आज अधिवक्ताओं का जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। एक अधिवक्ता ने SDM पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्द कहने और धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। नाराज अधिवक्ताओं ने SDM पर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तस्वीरें उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी SDM ऑफिस की हैं... जहाँ बड़ी संख्या में अधिवक्ताएं एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आएं। नारेबाजी के बीच अधिवक्ताओं ने SDM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और इस्तीफा देने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। दरअसल, अधिवक्ता रामवीर चौहान का आरोप है कि वह झड़ाड़ा इलाके में मिलन विहार पुस्ते के पास एक जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर बुराड़ी SDM जगत भूषण कपिल से मुलाकात करने पहुंचे थे। अधिवक्ता के मुताबिक, जिस जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था, उस पर पहले से स्टे है। उनका दावा है कि यह इलाका हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद OZONE क्षेत्र में घोषित किया गया है। इसी मामले में निर्माण कार्य को लेकर शिकायत करने वह SDM कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान SDM और अधिवक्ता के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद SDM ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। अधिवक्ता रामवीर चौहान के इन आरोपों के बाद मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ताएं SDM ऑफिस के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता ने SDM पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका दावा है कि OZONE क्षेत्र में कई निर्माणों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन इसी क्षेत्र में कथित तौर पर नया निर्माण कार्य जारी था। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अधिवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? क्या वास्तव में SDM कार्यालय में अधिवक्ता के साथ अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल हुआ? इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ होगा। वहीं, प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता SDM के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है और SDM पक्ष का बयान भी सामने आना बाकी है.0
0
Report
नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में सुधार के लिए धरना, 25 अगस्त को प्रदर्शन
Nuh, Haryana:एसआईआर के नोटिस का जवाब दें कार्यकर्ता, 25 अगस्त को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज पर होगा धरना: आफताब अहमद नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने शुक्रवार को अपने नूंह निवास पर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया और नल्हड़ मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा की गई। विधायक ने कार्यकर्ताओं से एसआईआर के तहत मिले नोटिसों का संबंधित दस्तावेजों के साथ जवाब देने की अपील की। साथ ही नल्हड़ मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर आगामी 25 अगस्त को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आफताब अहमद ने कहा कि पूरे हरियाणा में एसआईआर का कार्य चल रहा है। जिन लोगों ने एसआईआर के दौरान फॉर्म भरे थे और उनमें किसी प्रकार की कमी रह गई थी, उन्हें अब नोटिस प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने नोटिस का संबंधित कागजात लगाकर जवाब दें तथा अपने गांव और परिवार के लोगों के भी फार्म भरवाएं, ताकि किसी की वोट के साथ छेड़छाड़ न हो सके। विधायक ने कहा कि नल्हड़ मेडिकल कॉलेज की बिगड़ती स्थिति को लेकर वह लंबे समय से विधानसभा से लेकर उच्च अधिकारियों तक आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था में सुधार के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं तथा मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज अब महज रेफर सेंटर बनकर रह गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। आफताब अहमद ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग को लेकर 25 अगस्त को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हुआ था और उस समय यहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने सरकार से मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल दुरुस्त करने और पर्याप्त चिकित्सक व दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की।0
0
Report
Advertisement
द्वारका में किसानों का विरोध: सूखा घोषित करने की मांग
Dwarka, Gujarat:દેવભૂમિ દ્વારકા જિલ્લામાં આ વર્ષે વરસાદની ભારે घट નોંધાતા ખેડૂતોની મુશ્કેલીઓમાં સતત વધારો થઈ રહ્યો રહ્યો છે. આ પરિસ્થિતિ વચ્ચે જિલ્લા કોંગ્રેસની આગેવાનીમાં મોટી સંખ્યામાં ખેડૂતોએ કલેક્ટર કચેરી ખાતે એકઠા થઈને અનોખી રીતે સરકાર સામે વિરોધ પ્રદર્શન કર્યું હતું. વિરોધ દરમિયાન ખેડૂતો અને આગેવાનોએ ભગવાન દ્વારકાધીશની છબી રાખી પૂજા-અર્ચના કરી હતી અને જિલ્લાને તાત્કાલિક દુષ્કાળગ્રસ્ત જાહેર કરવાની માંગ ઊંચારી હતી. ખેડૂતો અને કોંગ્રેસના જણાવ્યા અનુસાર, चालु वर्षे દ્વારકા જિલ્લામાં માત્ર 6 ટકા જેટલો જ વરસાદ નોંધાયો છે. જેના કારણે 94 ટકા જેટલીuat માત્ર વરસાદી ઘટ વર્તાઈ રહી છે. આ કપરી સ્થિતિને કારણે ખેતીના પાકને વ્યાપક નુકસાન તો થયું જ છે. સાથે સાથે મૂંગા પશુધન માટે પણ ગંભીર કટોકટી સર્જાઈ છે. વરસાદની ઘટને કારણે નદી-નાળા, ચેકડેમ અને કુવાઓમાં ભૂગર્ભ જળસ્તર પણ ચિંતાજનક રીતે નીચે જતા રહ્યા છે. વિરોધ પ્રદર્શન દરમિયાન કોંગ્રેસના અગ્રણી નેતા પાલ આંબલિયાએ सरकार સામે આક્રમક સવાલો ઉંડાવ્યા હતા કે જ્યારે ખેડૂતોની સમસ્યાઓ માટે બધું જ ભગવાન દ્વારકાધીશ પર છોડી દેવાનુ હોય તો કૃષિમંત્રીએ પોતાના પદમાંથી રાજીનામું આપી દેવું જોઈએ. તેમણે સરકારને ટકોર કરી હતી કે ખેડૂતોના ડેમો માટે 'સૌની યોજના' દ્વારા ભરી嫌વમાં આવે, ભગવાન દ્વારકાધીશ નહીં. કોંગ્રેસે આક્ષેપ કર્યો હતો કે વર્ષ 2019 થી જિલ્લાની ડેમો 'સૌની યોજના'થી ભરવાની યોજના હોય તો પણ 2019 થી 2026 સુધીના લાંબા સમયગાળામાં એક વખત પણ આ યોજના થી ડેમો ભરાયા નથી. કોંગ્રેસ અને ખેડૂતો દ્વારા કલેક્ટર સમક્ષ રજૂ કરાયેલી મુખ્ય માંગણીઓમાં જિલ્લાના સૂકા ડેમોને 'સૌની યોજના' થી ભરવા, Grazing Centerો, પાક ધિરાણ તથા વીજ બિલ માફ કરવાની માંગો સામેલ છે. અંતે, જિલ્લા કલેક્ટરને લેખિત આવેદનપત્ર પાઠવીને સ્પષ્ટ ચીમકી આપવામાં આવી હતી કે જો સરકાર દ્વારા તાત્કાલિક દૃષ્ઠિક પ્રસ્તુતિ ન મળી, તો આગામી દિવસોમાં આંદોલનને વધુ ઉગ્ર બનાવવામાં આવશે.0
0
Report
बिना छत के कमरे में गिरा जंगली जानवर वन विभाग ने सुरक्षित किया ग्राम करसा में छत व
Bamhnawa, Uttar Pradesh:बिना छत के कमरे में गिरा जंगली जानवर वन विभाग ने सुरक्षित किया ग्राम करसा में छत विहीन मकान में जंगली जानवर के गिरकर फंस जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मकान में फंसने के कारण जंगली जानवर बाहर नहीं निकल पा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद बिसवां रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद जंगली जानवर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने जंगली जानवर को सकुशल मकान से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक वास में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा रही और सभी की निगाहें वन विभाग की टीम पर टिकी रहीं। जंगली जानवर के सुरक्षित निकलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम में बिसवां रेंज के डिप्टी रेंजर आदित्य सिंह चौहान अभय प्रताप सिंह सुलतान अहमद मोहन समेत वन विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल रहे। टीम की तत्परता और सूझबूझ से जंगली जानवर को सुरक्षित बचा लिया गया। वन विभाग की कार्रवाई की ग्रामीणों ने सराहना की।0
0
Report
त्रियुगीनारायण क्षेत्र में डीएम ने स्थलीय निरीक्षण से सुविधाओं के विकास पर जोर दिया
Routhiya, Uttarakhand:त्रियुगीनारायण क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग, मंदिर परिसर और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया, वहीं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। वीओ- जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने त्रियुगीनारायण क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सोनप्रयाग से त्रियुगीनारायण तक सड़क मार्ग का जायजा लेते हुए मार्ग को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए। त्रियुगीनारायण मंदिर परिसर में डीएम ने श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, पार्किंग, हेलीपैड और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओंका निरीक्षण किया। साथ ही सुलभ शौचालय में स्वच्छता और पानी की व्यवस्था देखी तथा नए शौचालय निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने महिलाओं को फूलों की खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण, पॉलीहाउस, स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की तैनाती और इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग रखी। डीएम ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने त्रियुगीनारायण को पंवालीकांठा और गंगोत्री क्षेत्र से जोड़ने के साथ बेहतर कनेक्टिविटी, पार्किंग और हेलीपैड जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग भी रखी। डीएम ने कहा कि क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद सोनप्रयाग में डीएम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉम्पेक्टर प्लांट और घोड़े-खच्चरों के ठहरने की सुविधा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के व्यवस्थित निस्तारण, परिसर की नियमित सफाई और पशुओं के लिए चारा-पानी व स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।0
0
Report
Advertisement
खरसिया में गर्ग फर्नीचर से चार साल की लकड़ी जब्त, दुकान सील
Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ वन विभाग के उड़नदस्ता दल ने खरसिया के हमालपारा स्थित गर्ग फर्नीचर में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साल की लकड़ी जब्त किए हैं। कार्रवाई शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की गई। वन विभाग के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि गर्ग फर्नीचर में देर रात लकड़ी लाई गई है। जांच के दौरान चार नग साल के लट्ठे मिले। संचालक भीम प्रकाश अग्रवाल से लकड़ी से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने फर्नीचर दुकान, गोदाम और आरामिल को सील कर दिया। मौके पर लकड़ी के दस्तावेज और स्टॉक की जाँच जारी है। संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है। खरसिया वन विभाग की रेंजर लीला पटेल ने बताया कि जब्त साल की लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है। मामले में वन विभाग द्वारा आगे की जांच की जा रही है।0
0
Report
GO को सच मानकर कुत्ते ने नहर में छलांग दी; बचाव कर बाहर निकाला गया
Noida, Uttar Pradesh:Dog takes ‘GO’ far too literally and jumps straight into a canal. Luckily there was no strong current and the dog was rescued shortly afterwards. Safe, sound and desperately in need of a bath.0
0
Report
ग्रेटर नोएडा के सरकारी स्कूल में हाईटेक बदलाव: प्राइवेट स्कूलों को टक्कर
Greater Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में बदल रही है सरकारी स्कूलों की सूरत कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा लगातार स्कूलों की बदहाल हालात को दिखाया जा रहा है लेकिन हम आपको उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का एक ऐसा सरकारी हाईटेक स्कूल दिखाएंगे जो प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा है। इस स्कूल में 400 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं, कंप्यूटर लैब ,लाइब्रेरी, खेल का मैदान और स्कूल की बिल्डिंग इतनी शानदार है कि कोई से बता हो नहीं सकता कि यह सरकारी स्कूल है। दरअसल उत्तर प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों की सूरत को लगातार बदला जा रहा है,जिसके माध्यम से स्कूलों को नया रूप दिया जा रहा है और उसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा के लुक्सर उच्च प्राइमरी स्कूल की सूरत बिल्कुल बदल गई है, इस स्कूल की बिल्डिंग प्राइवेट स्कूलों की तरह है, हर क्लास रूम में बच्चों के लिए पंखे लगे है,बैठने के लिए अच्छी-अच्छी बेंच है, उसके अलावा इन्हें कंप्यूटर लैब में एआई के माध्यम से हाईटेक तरीके से पढ़ाया जाता है, बच्चों के लिए बाकायदा एक लाइब्रेरी भी तैयार की गई है । बच्चों के पानी पीने के लिए वाटर कूलर का इंतजाम किया गया है।0
0
Report
Advertisement
धनबाद-जामताड़ा पुल धंसाव से हड़कंप, बालू माफिया पर उठे सवाल
Jamtara, Jharkhand:धनबाद-जामताड़ा को जोड़ने वाले बेजरा पुल के पिलर नंबर चार के धंसने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुल की हालत देखते हुए प्रशासन ने तत्काल रास्ता बंद करा दिया है। स्थानीय लोगों ने पुल के आसपास बड़े पैमाने पर बालू अवैध उठाव को पिलर के धंसने की बड़ी वजह बताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से बालू निकासी और पुल से भारी वाहनों की आवाजाही ने पुल की नींव को कमजोर कर दिया। सवाल है कि बालू की ढुलाई लंबे समय से हो रही थी, तो निगरानी क्यों कमजोर रही? बेजरा पुल जामताड़ा और धनबाद जिले के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। पिलर नंबर चार के धंसने के बाद प्रशासनिक अमले ने स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार जुरगुडीह घाट से नाव के जरिए बालू उठाया जा रहा है, जिससे नदी की सतह और पुल की नींव प्रभावित हो सकती है। बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा भी पुल से होकर गुजरते हैं, जिससे अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारी और एक्सक्यूटिव इंजीनियर मौके पर पहुंचे और नाव-बालू अवैध खनन पर कार्रवाई की तैयारी बताई गई है। Officials ने ग्रामीणों से वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल की अपील की है ताकि जानमाल की सुरक्षा बनी रहे।0
0
Report
बेगूसराय के भगवानपुर में 7 वर्षीय आयांश कुमार का शव बरामद, क्षेत्र में मातम
Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय के भगवानपुर थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बॉसबारी के एक गड्ढे से लापता बालक का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान ताजपुर निवासी विनोद राम के 7 वर्षीय पुत्र आयांश कुमार के रूप में हुई है। आयांश बीते 15 अगस्त से लापता था और परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना थाने में दर्ज कराई थी। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आपको बताते चले कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के ताजपुर वार्ड संख्या-6 की हैं, जहां शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे बॉसबारी के गड्ढे में बालक का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।शव मिलने की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर परिजन भी घटनास्थल पहुंचे और शव की पहचान आयांश कुमार के रूप में की।परिजनों के मुताबिक आयांश मानसिक रूप से विक्षिप्त था और बीते 15 अगस्त से लापता था। वह पहली कक्षा का छात्र था। काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने भगवानपुर थाने में उसके लापता होने की सनहा दर्ज कराई थी।शुक्रवार की सुबह बॉसबारी के गड्ढे से शव मिलने की सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे आयांश की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मासूम बेटे की मौत की खबर सुनकर मां सुधा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता विनोद राम बेसुध पड़े हैं। बच्चे की मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी थानाध्यक्ष सुमित कुमार और एसआई वीरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बालक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।0
0
Report
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव से छात्रों को उच्च शुल्क का सामना
Patna, Bihar:स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव और राशि में कमी को लेकर छात्रों ने कहा कि वर्तमान में जो स्कीम है उसमें ही कई तरह की समस्याएं आ रही है सरकार इसमें रोज नए-नए नियम निकल रही है.... कॉलेज में एडमिशन कराने में ही लगभग एक लाख रुपए लग जाते हैं ऐसे में अगर राशि 2 लाख मिलेगी तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा वर्तमान में सरकार 4 लाख दें रही है उसमें भी घर से पैसा लगाकर पढ़ाई पूरी करनी होती है किसी भी कॉलेज में चार लाख से काम फी नहीं है....0
0
Report
Advertisement
बिहार मंत्री के बयान से चीनी मिलें खुलने की चर्चा तेज, रोजगार बढ़ेंगे
Pariaunna, Bihar:एंकर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार शुक्रवार को बिहारशरीफ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डीएम कार्यालय में जिलाधिकारी उदिता सिंह से मुलाकात कर जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। हालांकि, इस दौरान चीनी के बढ़ते दाम को लेकर मंत्री के बयान ने सियासी चर्चा को गरमा दिया। पटना में चीनी के बढ़ते दाम को लेकर दिए गए अपने बयान से किरकिरी होने के बाद नालंदा पहुंचे मंत्री श्रवण कुमार के सुर नालंदा में बदले-बदले नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में चीनी मिलें खुलेंगी तो बाजार में चीनी की मांग बढ़ेगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और मिठाई की बिक्री भी बढ़ेगी। ऐसे में बाजार में चीनी की कीमत बढ़ना स्वाभाविक है। मंत्री ने कहा कि चीनी के दाम में बढ़ोतरी कोई गलत बात नहीं है। लोगों को इसे सहन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोगों को बेहतर सुविधाएं और साधन मिल रहे हैं तो चीनी की कीमत में थोड़ा-बहुत इजाफा होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। दरअसल, पटना में मंत्री श्रवण कुमार ने चीनी के बढ़ते दाम को लेकर ऐसा बयान दिया था, जिस पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि आजकल बिहार में लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं और चीनी का सेवन कम कर रहे हैं। ऐसे में मिठाई कौन खा रहा है और चीनी के दाम बढ़ने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन नालंदा पहुंचते ही मंत्री के बयान में बदलाव साफ नजर आया। यहां उन्होंने चीनी के बढ़ते दाम को बिहार में चीनी मिलों के खुलने, रोजगार बढ़ने और मिठाई की बिक्री से जोड़ते हुए कीमतों में बढ़ोतरी को स्वाभाविक बताया。0
0
Report
Aug 2024 के बाद ज़मानत पर रिहा उग्रवादी Bangladesh में फिर से संगठित हो रहे
Noida, Uttar Pradesh:बांग्लादेश में अगस्त 2024 के बाद जेलों से छोड़े गए संदिग्ध उग्रवादी अब कथित तौर पर अपने पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं। लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के लिए अल्पसंख्यकों के प्रति खतरे की चिंता बढ़ गई है और वे नज़र बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं ताकि कुख्यात कट्टरपंथी और आतंकी फिर से संगठित होकर देश में उग्रवादी गतिविधियाँ न कर सकें। अगस्त 2024 के सत्ता परिवर्तन के बाद ज़मानत पर रिहाई हुई कई संदिग्धों के सक्रिय हो जाने की खबरें सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन गई हैं। ढाका और उसके आस-पास बम मिलने, धमाकों और बम बनाने के ठिकानों की जानकारी मिलने से यह चिंता और बढ़ गई है। अंतरिम सरकार के दौरान रिहा हुए संदिग्ध उग्रवादी अब अपने पुराने नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं ताकिBangladesh आतंकवाद को गम्भीर बनाने के लक्ष्य की दिशा में कदम आगे बढ़ सकें। मौलाना इकरामुल हक़ की भूमिका सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है; 30 मई 2023 को ढाका के मदारटेक से गिरफ्तार इकरामुल AQIS के सदस्य के रूप में पहचाने गए थे और 10 अक्टूबर 2024 को ज़मानत पर रिहा होने से पहले काशिमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में थे। अब तक उनके ठिकाने का पता नहीं चल पाया है और वे मदरसे में पढ़ा रहे थे—यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने साझा की। CTTC के मुताबिक भारत में इकरामुल के खिलाफ 10 मामले दर्ज हैं और वह AQIS की दावत गतिविधियों में शामिल रहा। की गई जांच से यह संकेत मिलता है कि उससे जुड़े अन्य कट्टरपंथी और आतंकी संगठन भी हो सकते हैं जिनकी निगरानी ज़रूरी है। अगस्त 2024 के बाद ज़मानत पर रिहाई पाए कुछ लोगों के बारे में पुलिस का मानना है कि वे पुराने सदस्यों से जुड़ रहे हैं और किसी बड़ी योजना को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। मामूली लेकिन गंभीर घटनाओं के संबंध में मामून और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास तेज हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ इस खतरे को लेकर सतर्क हैं, विशेषकर अल-कायदा के सक्रिय सेल बनाकर नेटवर्क बढ़ाने की संभावना पर। इस पर चिंतन के बीच 1 जुलाई 2025 को ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के पूर्व कमिश्नर के बयान भी चर्चा में रहे कि चरमपंथी नहीं हैं—जो कि अब पूरी तरह गलत साबित हो रहा है। विदेशों में भी सुरक्षा मामलों के Expert समूहों ने Bangaldesh में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत बताई है।0
0
Report
पटना में छात्र-प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर राज्यपाल ने ठोस कदम का भरोसा दिलाया
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े तमाम मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता दिलीप जी, अमन जी और पीएचडी होल्डर छात्र नेता शामिल थे。 बातचीत के दौरान सत्रवीं परीक्षा, टीआर-3, टीआर-4, दरोगा भर्ती, BSSC, BPSC, UGC-NET और उच्च शिक्षा में रिक्तियों समेत कई मुद्दे उठाए गए। छात्रों ने कहा कि लगातार कई भर्तियों और परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। राज्यपाल ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे सरकार और मुख्यमंत्री से बात करेंगे। राज्यपाल ने दोनों संबंधित चेयरमैन को बुलाकर बातचीत करने की बात भी कही। उन्होंने छात्रों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि वे छात्रों को निराश नहीं होने देंगे। लाइब्रेरियन की भर्ती को लेकर भी आश्वासन दिया गया कि उच्च शिक्षा में लंबित रिक्तियाँ को जल्द पूरा किया जाएगा और लगभग 9 हजार रिक्तियों को भरने की बात कही गई। छात्रों की प्रमुख मांगों में सत्रवीं परीक्षा और TRE-4 को लेकर तत्काल निर्णय शामिल है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार बदलाव और अस्पष्टता के कारण अभ्यर्थियों में भारी असमंजस और आक्रोश है। छात्रों ने कहा कि दरोगा भर्ती, BSSC, BPSC, TRE-3 और TRE-4 समेत विभिन्न परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। बैठक में राज्यपाल ने यह भरोसा दिलाया कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और समाधान की दिशा में बातचीत की जाएगी।0
0
Report
Advertisement
