icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
492009
Dr Kamal Kishor SharmaDr Kamal Kishor SharmaFollow21 Aug 2025, 01:32 am

धमतरी कोंडागांव में एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, मुखौटे पहनकर सरकार को याद दिलाया वादा

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के धमतरी कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मुखौटे पहनकर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाया। कर्मचारी लंबे समय से संविलियन, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। यह प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर सकता है।
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

90 साल के संत का अस्पताल सपना: गांव में तीन साल बाद भी ताला

Raipur, Chhattisgarh:उम्र के उस पड़ाव पर जहां इंसान अपनों का साथ और सुकून तलाशता है, वहां 90 वर्ष के एक बुजुर्ग संत की बूढ़ी आंखें रोज सुबह उठकर गांव के उस सूने अस्पताल भवन को निहारती हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम दुबचेरा के संत गुरु सुख दास साहेब आज अपनी ढलती सांसों के बीच सिर्फ एक उम्मीद के सहारे जिंदा हैं— 'कि मौत से पहले वे अपनी आंखों से इस अस्पताल को शुरू होता देख सकें।' यह कहानी किसी सरकारी योजना की नहीं, बल्कि एक संत के अटूट हौसले और अपना सब कुछ न्योछावर कर देने वाले परमार्थ की है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और ग्रामीणों की तकलीफ को देखकर कबीरपंथी संत गुरु सुख दास साहेब का दिल ऐसा पसीजा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति और जीवनभर की जमा-पूंजी बेच डाली। मकसद सिर्फ एक था— गांव के गरीबों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। ग्रामीणों ने दिया जमीन का टुकड़ा, साहेब ने खड़ी की इमारत संत साहेब के इस पावन संकल्प को देखकर ग्रामीणों का भी दिल पसीज गया। गांव वालों ने एकजुट होकर अस्पताल के लिए आधा एकड़ जमीन दान में दे दी। इसके बाद संत साहेब ने अपने पैसों से वहां एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भवन खड़ा कर दिया। कबीर साहब के दिखाए सद्मार्ग पर चलने वाले गुरु सुख साहेब कहते हैं, "यह शरीर तो नाशवान है, एक दिन मिट्टी में मिल जाना है। लेकिन परमार्थ और दूसरों की सेवा हमेशा जेहन में जिंदा रहती है।" विभाग ने कहा - अभी भेजेंगे डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी जे एल उइके ने कहा कि विभाग से पूछकर बनाना था, इस संदर्भ में सारी जानकारी प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है और अभी अस्थायी व्यवस्था के लिए दो डॉक्टर भेजे जायेंगे, उन्होंने कहा प्रॉपर एक सेटअप संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है जिसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। आधुनिक अस्पताल की तरह हुआ है निर्माण हैरानी की बात यह है कि एक संत ने बिना किसी तकनीकी मदद के इस भवन का निर्माण बिल्कुल उसी रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) पर करवाया है, जैसा एक सरकारी अस्पताल का होता है। इस भवन में: मरीजों की जांच और प्राथमिक उपचार के लिए ओपीडी (OPD)। गंभीर स्थिति से निपटने के लिए आईसीयू (ICU) और जनरल भर्ती वार्ड। ब्लड टेस्ट और एक्स-रे जैसी जांचों के लिए लैब की जगह। दवाओं का स्टोर, प्रशासनिक कमरा और आपातकालीन (Emergency) गेट। 2023 से तैयार है भवन, पर सिस्टम की फाइलें खा रही हैं धूल विडंबना देखिए कि जिस इमारत को एक बुजुर्ग ने अपनी जिंदगी बेचकर 2023 में ही मुकम्मल कर दिया था, वह आज तीन साल बाद भी ताले में बंद है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिकता निभाते हुए अपनी रिपोर्ट प्रदेश स्वास्थ्य मुख्यालय को भेज दी है, लेकिन तब से लेकर आज तक फाइलें मंत्रालय और दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान सरकार और प्रशासन के आला अधिकारियों तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिर्फ 'आश्वासन' रहा। अर्जी-विनती बहुत हुई, अब सम्मान करे सरकार: शिष्य संत गुरु सुख साहेब के शिष्य दिनेंद्र साहेब ने भारी मन से कहा, "हमने शासन-प्रशासन से बहुत मिन्नतें कर लीं। किसी ने अपना सर्वस्व इस भवन के लिए फूंक दिया है, ताकि लोगों की जान बच सके। सरकार को इस त्याग का सम्मान करना चाहिए और तुरंत अस्पताल शुरू करना चाहिए, वरना हमें आंदोलन का रास्ता चुनना होगा." धन साहेब का, सहयोग सबका: मनसुख साहू ग्रामीण व्यवस्था के अध्यक्ष मनसुख लाल साहू ने बताया, "पूरे गांव ने इस नेक काम में सहयोग किया है, लेकिन मुख्य धन साहेब जी ने अपनी संपत्ति बेचकर लगाया है। साहेब जी की अंतिम इच्छा है कि वे अपनी आंखों के सामने यहां डॉक्टरों को बैठते और मरीजों का इलाज होते देख लें। सिस्टम को इतनी बेरहमी नहीं दिखानी चाहिए." जनसेवकों के मुंह पर तमाचा 90 साल के एक संत का यह त्याग देश के बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों और खुद को 'जनसेवक' कहने वाले नेताओं के मुंह पर एक करारा तमाचा है। अब देखना यह है कि क्या सूबे का संवेदनहीन तंत्र इस बुजुर्ग संत की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अस्पताल के दरवाजे खोलता है, या फिर यह आशियाना सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़कर सिर्फ एक कंक्रीट का ढांचा बनकर रह जाएगा। बाइट - मनसुख साहू, ग्रामीण प्रमुख बाइट - दिनेंद्र दास, संत का शिष्य बाइट - जे. एल. उइके, CM & HO
0
0
Report

बैतूल कायाकल्प 2.0 में गुणवत्ता घोटाला, ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल में कायाकल्प 2.0 योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों में बड़ी लापरवाही सामने आई है। करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क, नाली और डिवाइडर के निर्माण में गंभीर खामियां मिलने पर नगर पालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामला गंज क्षेत्र का है, जहां एचडीएफसी बैंक से टांगा स्टैंड तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडेय ने मौके पर पहुंचेकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रोड डिवाइडर का निर्माण बेहद घटिया गुणवत्ता का पाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण पिछले एक साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। इसके चलते राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने निर्माण सामग्री में भ्रष्टाचार और तकनीकी मानकों की अनदेखी के आरोप भी लगाए हैं। निरीक्षण के दौरान CMO ने पाया कि ठेकेदार द्वारा कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है और निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं हो रहा है। घटिया गुणवत्ता मिलने पर CMO ने मौके पर ही नाराजगी जताई और ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। CMO नवनीत पांडेय ने साफ तौर पर कहा कि इस निर्माण कार्य का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। नगर के विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, जरूरत पड़ी तो ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। सीएमओ के सख़्त निर्देश के बाद ठेकेदार जरूर कार्य को दोबारा करवाने की बात कह रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर पालिका की इस सख्ती के बाद निर्माण कार्यों में सुधार आता है या नहीं, लेकिन फिलहाल इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
0
0
Report
Advertisement

कुएं के दूषित पानी से 25-30 ग्रामीण अस्पताल पहुंचे; प्रशासन अलर्ट

Chhindwara, Madhya Pradesh:कुएं का पानी पीने और नहाने से 25 से 30 लोगों की हालत बिगड़ी , मौके पर पहुंचाई गई 5 एम्बुलेंस छिंदवाड़ा के बिछुआ के Kishanpur गांव में कुएं का पानी पीने और उससे नहाने के बाद करीब 25 से 30 ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और प्रभावित ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 5 एंबुलेंस मौके पर पहुंचाई गई. जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के कुएं से पानी भरकर उपयोग किया .कुछ लोगों ने उसी पानी से स्नान किया तो कई लोगों ने उसका सेवन भी किया. इसके कुछ देर बाद ग्रामीणों को पानी से अजीब बदबू आई साथ ही हाथ-पैर में खुजली और एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. ग्रामीणों ने जब दोबारा पानी की जांच की तो उसमें झाग और फेस बनता दिखाई दिया. इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को दी गई सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है . प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित लोगों की जांच कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए 108 एंबुलेंस के माध्यम से ग्रामीणों को अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई हालांकि कई ग्रामीण अस्पताल जाने से इनकार कर रहे हैं. फिलहाल पानी दूषित कैसे हुआ और ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या है इसकी जांच की जा रही है प्रशासन ने ग्रामीणों को फिलहाल कुएं के पानी का उपयोग नहीं करने की सलाह दी है.
0
0
Report

डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के 100 नर्सिंग कर्मी नौकरी से बेरोजगार, राहत की मांग

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से विगत कई वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे सभी नर्स ग्रेड-II/GNM कर्मी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के एक ऑर्डर से बेरोजगार हो गए हैं। प्रिंसिपल द्वारा उनकी सेवाएं समाप्त करने के विरोध में पीड़ित नर्सिंगकर्मियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर से राहत की गुहार लगाई है। आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से लगे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे है। लेकिन कल रात अचानक उनकी सेवाएं बिना किसी सूचना या नोटिस दिए समाप्त कर दी गई हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज में लगे 100 नर्सिंगकर्मी बेरोजगार हो गए हैं। वर्तमान में राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022 के तहत नए अभ्यर्थियों की जॉइनिंग प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत कुल 242 स्वीकृत पदों में से केवल 138 अभ्यर्थियों ने ही जॉइनिंग दी है, जिससे अभी भी लगभग 100 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। दूसरी ओर, आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत अनुभवी नर्स ग्रेड-II/GNM कर्मियों की संख्या भी लगभग 100 है। ऐसे में रिक्त पदों के विरुद्ध इन अनुभवी कर्मियों की सेवाएं समाप्त करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण, अव्यावहारिक और जनहित के खिलाफ होगा। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें इन रिक्त पदों पर समायोजित कर उनकी सेवा निरंतरता बनाए रखी जाए। इधर इस संबंध में पीड़ित कार्मिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राहत की गुहार लगाई है。
0
0
Report

गोंडा में जमीन विवाद के कारण चाकूबाजी, अर्जुन गोस्वामी की हालत गंभीर

Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा जिले में करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कैलाश बाग में बीती रात जमीन विवाद को लेकर चाकूबाजी की घटना सामने आई है। जमीन विवाद को लेकर अर्जुन गोस्वामी के घर में घुसकर दबंगों द्वारा गाली गलौज करके मारपीट की गई और फिर चाकूबाजी का प्रयास किया गया। सीने में चाकू लगने से अर्जुन गोस्वामी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज ले जाया गया, जहाँ स्थिति और बिगड़ने पर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और वहां भी हालत न सुधरने पर आज बुधवार सुबह लखनऊ के लिए रिफर कर दिया गया। अर्जुन गोस्वामी का इलाज लखनऊ में चल रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घर में घुसकर मारपीट और चाकूबाजी करते दिख रहे लोग महिलाएं और पुरुष बचाव करते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो और अर्जुन गोस्वामी के परिवार के लोगों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर करनैलगंज कोतवाली police पूरे मामले की जांच कर रही है। एक अन्य वीडियो में चाकूबाजी के बाद अर्जुन गोस्वामी जमीन पर पड़े दिख रहे हैं, परिवार के लोग खून रोकने का प्रयास कर रहे हैं। चाकूबाजी में अर्जुन गोस्वामी के सीने में कई चाकू लगे हैं और उनकी हालत लखनऊ में भी गंभीर बनी हुई है।
0
0
Report
Advertisement

अज़नाला में फूड सेफ्टी विभाग का छापा, डेयरी उत्पादों के नमूने भरे

Amritsar, Punjab:ਅਜਨਾਲਾ ਵਿੱਚ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਚੈਕਿੰਗ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਗਈ। ਇਸ ਤਹਿਤ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਚੋਗਾਵਾਂ ਰੋਡ ਸਥਿਤ ਮਟੀਆ ਡੇਰੀ ਅਤੇ ਸਹਾਰਾ ਡੇਰੀ 'ਤੇ ਅਚਾਨਕ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਕੀਤੀ। ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਡੇਅਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਅਤੇ ਵਿਕਰੀ ਲਈ ਰੱਖੇ ਗਏ ਪਨੀਰ, ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਦਹੀਂ ਦੇ ਸੈਂਪਲ ਭਰਏ। ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਦੌਰਾਨ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਟੀਮ ਨੇ ਡੇਅਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸਾਫ਼-ਸਫ਼ਾਈ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ, ਉਤਪਾਦਾਂ ਦੀ ਸਟੋਰੇਜ ਅਤੇ ਤਿਆਰੀ ਦੇ ਤਰੀਕਿਆਂ ਦੀ ਵੀ ਬਾਰੀਕੀ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ। ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਕੁਝ ਥਾਵਾਂ 'ਤੇ ਸਫ਼ਾਈ ਸਬੰਧੀ ਕਮੀਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ 'ਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਸੁਧਾਰ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਟੀਮ ਨੇ ਡੇਅਰੀ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤੂਆਂ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਅਤੇ ਸੰਭਾਲ ਦੌਰਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਿਰਧਾਰਤ ਸਾਰੇ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ। ਅਸਿਸਟੈਂਟ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਡਾ. ਰਜਿੰਨਦਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੇ ਅਤੇ ਮਿਆਰੀ ਖਾਦ ਪਦਾਰਥ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਉਣਾ ਭਾਵਿਭਾਗ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤਰਜੀਹ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਿਲਾਵਟਖੋਰੀ ਜਾਂ ਗੈਰ-ਮਿਆਰੀ ਖਾਦ ਪਦਾਰਥਾਂ ਦੀ ਵਿਕਰੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ 'ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵेਗੀ। ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਲਤ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਨਾਲ ਖਿਲਵਾੜ ਕਰਨ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ।
0
0
Report

चंदबाज़ां में ड्राइवर किडनैपिंग मामला: बीमा धोखाधड़ी का भंडाफोड़

Kot Kapura, Punjab:ਬਠਿੰਡਾ - ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਨੈਸ਼ਨਲ ਹਾਈਵੇ 54 ਤੇ ਫਰੀਦਕੋਟ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕ ਪਿੰਡ ਚੰਦਬਾਜ਼ਾਂ ਕੋਲ 16 ਜੂਨ ਨੂੰ ਰਾਤ ਤਿੰਨ ਵਜੇ ਕੁੱਜ ਕਾਰ ਚਾਲਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਡ੍ਰਾਈਵਰ ਤੋਂ ਖੋਹ ਕੇ ਲਿਜਾਣ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਫਰੀਦਕੋਟ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਸੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਰਨਤਾਰਨ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਡ੍ਰਾਈਵਰ ਮਨਧੀਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਤੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਇਹ ਮੁਤਾਬਿਕ ਉਹ ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਤੋਂ ਗੁਜਰਾਤ ਵੱਲੀ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਖਾਨਾ ਖਾਣ ਕਿ ਚੰਦਬਾਜ਼ਾਂ ਪਿੰਡ ਕੋਲ ਇੱਕ ਢਾਬੇ ਤੇ ਰੁਕਿਆ ਜਿਸ ਤੋ ਬਾਦ ਕੁਜ ਅਰਾਮ ਕਰ ਉਹ ਮੁੜ ਦੋਬਾਰਾ ਆਪਣੇ ਅਗਲੇ ਸਫ਼ਰ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਫਰੀਦਕੋਟ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕ ਕੁੱਜ ਕਾਰ ਸਵਾਰਾ ਵੱਲੋਂ ਉਸਨੂੰ ਰੋਕ ਲਿਆ ਅਤੇ ਧੱਕੇ ਨਾਲ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀ ਕੈਂਟਰ ਚ ਬੈਠ ਗਏ ਅਤੇ ਅੱਗੇ ਜਾ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਡ੍ਰਾਈਵਰ ਨੂੰ ਉਤਾਰ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਕੈਂਟਰ ਭਜਾ ਕੇ ਲੈ ਗਏ।ਜਦ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਬਰੀਕੀ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਡ੍ਰਾਈਵਰ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਤੇ ਸ਼ੱਕ ਹੋਣ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਗਹਿਰਾਈ ਨਾਲ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਤੋਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਕੇ ਕੈਂਟਰ ਦੇ ਮਾਲਕ ਵਲੋਂ ਹੀ ਇਹ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਰਚੀ ਗਈ ਸੀ ਜਿਸ ਦਾ ਮਕਸਦ ਕੈਂਟਰ ਦਾ ਫੁੱਲ ਬੀਮਾ ਲੈਣ ਅਤੇ ਕੈਂਟਰ ਨੂੰ ਖੁਰਦ ਬੁਰਦ ਕਰਨ ਦਾ ਸੀ ਕਿਉਕਿ ਉਸਦਾ ਬੀਮਾ ਖਤਮ ਹੋਣ ਚ ਮਹਿਜ ਦੋ ਦਿਨ ਬਾਕੀ ਸਨ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਉਹ ਕੈਂਟਰ ਦੇ ਬੀਮੇ ਦੀ ਰਕਮ ਹਾਸਿਲ ਕਰਨ ਦੀ ਫ਼ਿਰਾਕ ਚ ਸੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੈਂਟਰ ਨੂੰ ਵੀ ਖੁਰਦ ਬ BURਦ ਕਰਨਾ ਸੀ।ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਅੱਗੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਲੁਧਿਆणा ਨਿਵਾਸੀ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ,ਪ੍ਰਭਜੋਤ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੋ ਉਸ ਵਕਤ ਕਾਰ ਚ ਮੌਜ਼ੂਦ ਸਨ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਕੈਂਟਰ ਦੇ ਮਾਲਕ ਸਤਿਨਾਮ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਡ੍ਰਾਈਵਰ ਮਨਧੀਰ ਖਿਲਾਫ ਵੀ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।
0
0
Report
Advertisement

हर जिले में जन औषधि केंद्र खुलेंगे, 50-80% सस्ती दवा मिलेगी

Jaipur, Rajasthan:चिकित्सा विभाग के बाद अब सहकारिता विभाग जन औषधि केंद्र खोलेगा. हर जिले में एक औषधी केंद्र खोले जाएंगे. इन औषधि केंद्रों पर मार्केट रेट से बहुत सस्ते दामों पर दवा मिलेगी. सहकारी उपभोक्ता भंडार के जरिए ये औषधी केंद्र खोलने की तैयारी है. जेनरिक दवाओं के जनक फिर चर्चा में- राजस्थान में जेनेरिक दवाओं और विशेष रूप से 'निःशुल्क दवा योजना' के जनक और सूत्रधार आईएएस डॉ. समित शर्मा माने जाते हैं. उन्होंने ही वर्ष 2011 में राज्य के सरकारी अस्पतालों में आम जनता को मुफ्त और सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने की इस क्रांतिकारी पहल को लागू किया था. लेकिन अब इस पहल को समित शर्मा और आगे बढा रहे है. अब चिकित्सा विभाग के बाद सहकारिता विभाग भी जन औषधि केंद्र खोलेगा. इस कदम से जेनेरिक दवाओं का ग्राफ और बढ़ेगा. हर जिले में एक जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे. 41 में से अब तक 29 जिलों में जन औषधि केंद्र के लाइसेंस मिल चुके है. जिले के सरकारी अस्पताल या जिला उपभोक्ता भंडार में ये केंद्र खुलेंगे. जयपुर में कॉनफैड एसएमएस अस्पताल के चरक भवन में जन औषधि केंद्र खोलेगा. जनरिक और ब्रांडेड दवाओं में अंतर- जेनेरिक दवाएं वे दवाएं होती हैं जो किसी ब्रांडेड दवा के फॉर्मूले का पेटेंट समाप्त होने के बाद बनाई जाती हैं. ये ब्रांडेड दवाओं के समान ही सुरक्षित, असरदार और गुणवत्ता वाली होती हैं, लेकिन उनकी तुलना में 50-80% तक सस्ती होती है. ब्रांडेड दवाएं एक विशेष ट्रेडमार्क नाम से बेची जाती हैं. वहीं, जेनरिक दवाएं अपने असली फॉर्मूले या सॉल्ट के नाम से बेची जाती हैं. ब्रांडेड कंपनियों को दवा की खोज और मार्केटिंग पर बहुत खर्च करना पड़ता है, इसलिए वे महंगी होती हैं. जेनरिक दवाएं सीधे सॉल्ट आधारित होती हैं, इसलिए ये बहुत सस्ती होती हैं. कंपनी और पैकिंग अलग होने के कारण इनका रंग या आकार ब्रांडेड दवा से अलग हो सकता है, लेकिन शरीर पर असर बिल्कुल समान होता है. दवाओं की संख्या भी बढेगी- फिलहाल जयपुर के SMS अस्पताल और झुंझुनू में जन औषधि केंद्र खुले हुए है. दूसरे जिलों में औषधि केंद्र खोलने के लिए सहकारिता सचिव डॉ. Summit Sharma ने सभी जिला कलक्टर्स को जगह के आवंटन के लिए पत्र भी लिखा था. अब जल्द ही जयपुर के चरक भवन में नए जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा. वहीं कॉनफैड के मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की संख्या 18 से बढकर 250 तक पहुंच गई है. यानि अब अधिकतर दवा सहकारिता के औषधि केंद्रों पर उपलब्ध होगी. इसके साथ साथ सर्जिकल आइटम भी सस्ती दर पर मिलेंगे. नोट-इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है。
0
0
Report

भूखे चोर ने मंदिर के दान पेटिका से चोरी की, पुजारी ने रंगे हाथ पकड़ा

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां योगापट्टी के जगदम्बापुर रामजानकी मंदिर की दान पेटिका से चोरी करने वाले चोर को पुजारी ने रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्रामीणों ने चोर को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। घटना योगापट्टी थाना अंतर्गत जगदम्बापुर रामजानकी मंदिर की है। सुबह नौ बजे चोर दान पेटिका से चोरी कर रहा था, तभी पुजारी ने चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया। चोर ने बताया कि वह भूखा था और लिट्टी चना खाने के लिए मंदिर के दान पेटिका से चोरी कर रहा था। चोर से पूछा गया कि तुम काम करके कमा सकते हो तो चोरी क्यों किया? इस पर चोर ने बड़े मासूमियत से जवाब दिया कि काफी भूखा था, मंदिर के दान पेटिका में दस-बीस रुपये रहते थे और चना लिट्टी भी दस-बीस रुपये में मिल जाता थे, इसलिए भूख मिटाने के लिए बीस रुपये की चोरी कर रहा था। पकड़ा गया, अब मुझे छोड़ दीजिए, इसके बाद चोरी नहीं करूंगा। बताया जा रहा है चोर का नाम प्रवेश है जो बैरिया के तुमकड़िया गाँव का रहने वाला है। पुजारी दर्शन दास ने बताया कि युवक लगभग नौ बजे मंदिर आया, उसके पास एक टिफिन था; टिफिन को खोलकर उसने जमीन पर रख दिया, फिर मंदिर के अंदर चला गया। शंका होने पर उसके पीछे गया तो देखा कि वह मंदिर की दान पेटिका को तोड़ रहा है और पैसा चोरी करने का प्रयास कर रहा था; उसे रंगे हाथ पकड़ शोर किया गया। ग्रामीण एकत्रित हुए, चोर से पूछताछ की गई, पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस युवक को थाना ले गई और मामले की जांच जारी है। चोरी की इस घटना को सुन आस-पास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई थी; चोर को बंधक बनाकर स्थानीय लोगों ने रखा था, बाद में पुलिस बुलाकर चोर को सुपुर्द कर दिया।
0
0
Report

राजेंद्र सेतु पर मौर्य एक्सप्रेस चार घंटे रुकी, बिजली बहाल कर ट्रेन रवाना

Barh, Bihar:राजेंद्र सेतु पर हटिया गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस लगभग 9:00 बजे से 12:00 बजे तक ट्रेन पुल पर ही रुकी रही। इस बीच पुल पर ट्रेन के रुके रहने से यात्री काफी परेशान दिखे। वहीं मोकामा से रेल कर्मी के एक दल ने बिजली व्यवस्था बहाल कर ट्रेन को 11:49 में रवाना कराया। रेल विभाग के कर्मचारी ट्रेन को इमरजेंसी में रवाना करवाने के बाद विद्युत व्यवस्था को बहाल करने में लगे रहे। हाथीदह रेल थानाध्यक्ष मुनेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रेन को 11:49 पर यहां से रवाना कर दिया गया है और विद्युत व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रेन लगभग चार घंटे तक राजेंद्र पुल पर रुकी रही, जिससे सोनपुर किउल रेलखंड पर कई ट्रेनें जहां-तहां ठहरी रही। ट्रेन परिचालन पर बिजली के तार टूटने से बुरा असर पड़ा है।
0
0
Report
Advertisement

छिंदवाड़ा में 3 फायर ब्रिगेड, 3–4 लाख आबादी के लिए जर्जर स्टेशनों की हकीकत

Chhindwara, Madhya Pradesh:फायर स्टेशनों की स्थिति गंभीर ,जर्जर भवनों के 2 कमरों में चल रहा फायर स्टेशन ,3 से 4 लाख की आबादी में सिर्फ 3 फायर ब्रिगेड छिंदवाड़ा नगर निगम की आबादी लगभग 3 से 4 लाख है लेकिन इतनी बड़ी आबादी पर सिर्फ 3 अग्नि शामन वाहन मौजूद है जब जी मीडिया की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पड़ताल की तो स्थिति कुछ और ही नजर आई फायर ब्रिगेड की हालत जर्जर नजर आई . वही अगर भवन की बात करे तो इतनी बड़ी आबादी पर एक जर्जर भवन में फायर स्टेशन का कार्यालय संचालित होता नजर आया. कर्मचारी भी बिना यूनिफॉर्म के नजर आए .भवन के अंदर भी शहर का कोई नक्शा नजर नहीं आया . वही फायर ब्रिगेड ( अग्नि शामन वाहन) की बात करे तो मौके पर 3 वाहन दिखाई दिए जिसमें भी 2 की हालत काफी खराब नजर आई . सहायक अग्निशमन अधिकारी अभिषेक दुबे ने जानकारी दी कि कार्यालय में कुल 34 कर्मचारी है जो 3 शिफ्ट में काम करते है और 1 शिफ्ट में 9 कर्मचारी होते है और कार्यालय में सिर्फ 3 अग्नि शामन वाहन है. बाइट - सहायक अग्निशमन अधिकारी अभिषेक दुबे
0
0
Report

छिंदवाड़ा में फायर ब्रिगेड की हालत गंभीर: 3 वाहन, 3-4 लाख आबादी के बीच

Chhindwara, Madhya Pradesh:फायर स्टेशनों की स्थिति गंभीर ,जर्जर भवनों के 2 कमरों में चल रहा फायर स्टेशन ,3 से 4 लाख की आबादी में सिर्फ 3 फायर ब्रिगेड छिंदवाड़ा नगर निगम की आबादी लगभग 3 से 4 लाख है लेकिन इतनी बड़ी आबादी पर सिर्फ 3 अग्नि शामन वाहन मौजूद है जब जी मीडिया की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पड़ताल की तो स्थिति कुछ और ही नजर आई फायर ब्रिगेड की हालत जर्जर नजर आई . वही अगर भवन की बात करे तो इतनी बड़ी आबादी पर एक जर्जर भवन में फायर स्टेशन का कार्यालय संचालित होता नजर आया. कर्मचारी भी बिना यूनिफॉर्म के नजर आए .भवन के अंदर भी शहर का कोई नक्शा नजर नहीं आया . वही फायर ब्रिगेड ( अग्नि शामन वाहन) की बात करे तो मौके पर 3 वाहन दिखाई दिए उसमें भी 2 की हालत काफी खराब नजर आई . सहायक अग्निशमन अधिकारी अभिषेक दुबे ने जानकारी दी कि कार्यालय में कुल 34 कर्मचारी है जो 3 शिफ्ट में काम करते है और 1 शिफ्ट में 9 कर्मचारी होते है और कार्यालय में सिर्फ 3 अग्नि शामन वाहन है. बाइट - सहायक अग्निशमन अधिकारी अभिषेक दुबे
0
0
Report

CM arrives in Samastipur for Vishnu Yagya at 24 Dham Chakoti Math, sixth day observed

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री, खानपुर प्रखंड स्थित 24 धाम चकोटी मठ में विष्णु यज्ञ के छठे दिन धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मठ परिसर में भगवान विष्णु के 24 अवतारों की प्रतिमाओं के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सहभागिता की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई। मुख्यमंत्री करीब 15 मिनट तक मठ परिसर में रहे। उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी, स्थानीय विधायक मंजरिक मृणाल समेत जदयू और भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। विष्णु यज्ञ 18 जून से शुरू होकर 29 जून तक चलेगा। श्रद्धालुओं के अनुसार, चकोटी मठ में भगवान विष्णु के 24 अवतारों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। दावा किया जा रहा है कि यह देश का दूसरा ऐसा मंदिर है; इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में भगवान विष्णु के 24 अवतारों को समर्पित मंदिर मौजूद है। बिहार में यह अपनी तरह का पहला मंदिर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से खानपुर पहुंचे, जहां स्थानीय सांसद और जिलाधिकारी ने उनका स्वागत किया, फिर मठ तक सड़क मार्ग से गए और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। महज 10 मिनट के भीतर ही कार्यक्रम स्थल से पटना के लिए रवाना हो गए।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top