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Patiala140601

ਬਨੂੜ - ਤੇਪਲਾ ਰੋਡ ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਆਇਆ ਤੇਜ਼ ਰਫਤਾਰੀ ਦਾ ਕਹਿਰ

Aug 26, 2024 06:56:25
Banur, Punjab
ਬਨੂੜ - ਤੇਪਲਾ ਰੋਡ ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਆਇਆ ਤੇਜ਼ ਰਫਤਾਰੀ ਦਾ ਕਹਿਰ। ਧਰਮਗੜ੍ਹ ਟੀ ਪੁਆਇੰਟ ਤੇ ਦੋ ਟਰਾਲਿਆਂ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਟੱਕਰ। ਖਰੜ ਸਾਈਡ ਤੋਂ ਬਨੂੜ ਤੇਪਲਾ ਜਾ ਰਹੇ ਸੈਨੀਟਾਈਜ਼ਰ ਅਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਨਾ ਲੋਡ ਕੰਟੇਨਰ ਦੀ ਰੋਡ ਕਰੋਸ ਕਰ ਰਹੇ ਟਰਾਲੇ ਨਾਲ ਟੱਕਰ। ਕੰਟੇਨਰ, ਟਰਾਲੇ ਨਾਲ ਟਕਰਾ ਕੇ ਖਤਾਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜਾਂ ਪਲਟਿਆ। ਹਾਦਸੇ ਦੇ ਫਲ ਸਵਰੂਪ ਰੋਡ ਦੇ ਉੱਪਰ ਲੰਬਾ ਜਾਮ ਲੱਗਿਆ ਰਿਹਾ।
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ASAvtar Singh
Mar 23, 2026 16:16:02
Gurdaspur, Punjab:Gurdaspur ਕਾਂਗਰਸ ਨੇ ਡੀ ਐਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੂੰ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕੱਢ ਕੇ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਸਮਾਂ ਆ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਸਾਰੀਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਿਆ ਹੋਣਾ ਪੈਣਾ_ਵਿਧਾਇਕ ਪਾਹੜਾ ਜਿਲਾ ਕਾਂਗਰਸ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਧਾਇਕ ਬਰਿੰਦਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਪਾਹੜਾ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਹੇਠ ਵੇਅਰ ਹਾਊਸ ਦੇ ਮਰਹੂਮ ਡੀਐਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੂੰ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਰਾਹੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਕਾਂਗਰਸ ਭਵਨ ਤੋਂ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਅਤੇ ਵਰਕਰ ਹਨੁਮਾਨ ਚੌਂਕ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇ ਜਿੱਥੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਬਰਿੰਦਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਪਾਹੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀਬੀਆਈ ਜਾਂਚ ਦੀ ਗੱਲ ਹੁੰਦੇ ਹੀ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਸਰੈਂਡਰ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਸਵਾਲ ਇਹ ਉੱਠਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਇੰਨੇ ਦਿਨ ਲੁਕਦੇ ਕਿਉਂ ਰਹੇ ? ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਸਰਕਾਰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅਫਸਰਾਂ ਤੇ ਦਬਾਅ ਪਾ ਰਹੇ ਹਨ , ਜਿਸ ਦੀਆਂ ਉਦਾਹਰਨਾਂ ਅਫਸਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਗਗਨਦੀਪ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਵਾਉਣ ਲਈ ਸਾਰੀਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਇੱਕ ਮੰਚ ਤੇ ਆਈਆਂ ਹਨ ਜੋ ਇੱਕ ਚੰਗਾ ਸੁਨੇਹਾ ਹੈ ਪਰ पंजाब ਦੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਹੁਣ ਸਾਰੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਿਆ ਹੋਣਾ ਹੀ ਪਵੇਗਾ ।
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ADAnkush Dhobal
Mar 23, 2026 16:02:42
Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश की अर्थव्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौतियों से जूझती नजर आ रही है। एक तरफ राज्य प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और हालात ऐसे हैं कि सरकार को एक साल में जितना नया कर्ज लेने पड़ेगा, उससे ज्यादा रकम पुराने कर्ज की वापसी और ब्याज चुकाने में खर्च करनी होगी। इसे आर्थिक जानकार ‘डेब्ट ट्रैप’ की स्थिति मान रहे हैं। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी इसे ‘फाइनेंशियल इमरजेंसी’ करार दे रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इसे सरकार की फाइनेंशियल मैनेजमेंट के साथ कांग्रेस की गारंटियाँ को जिम्मेदार मानते हैं। इसके उलट, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस स्थिति के लिए पिछली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि वे हर क्षेत्र में सुधार कर साल 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाएंगे। इसके लिए वे कई कड़े फैसले लेने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट का आकार घटा है। मुख्यमंत्री ने इसके पीछे राजस्व में कमी और विशेष केंद्रीय सहायता (Revenue Deficit Grant) बंद होने को प्रमुख कारण बताया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 58,514 करोड़ रुपये के बजट से 3,586 करोड़ रुपये कम है। इस बजट की सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले को लेकर हो रही है, वह है वेतन डेफर करने का ऐलान। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपना बल्कि मंत्रियों, विधायकों और अफसरों के वेतन को भी आंशिक रूप से टालने का निर्णय लिया है। हिमाचल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी सरकार ने इस तरह का कदम उठाया है। घोषणा के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधियों के वेतन में 30 से 50 प्रतिशत तक की अस्थायी कटौती की गई है, जबकि अधिकारियों के वेतन पर भी असर पड़ेगा। हालांकि यह व्यवस्था केवल छह महीने के लिए लागू रहेगी, लेकिन इसे राज्य की वित्तीय स्थिति का संकेत माना जा रहा है। हिमाचल का बजट कैसे खर्च होगा? अगर 00 रुपये को मानक मानें तो 27 रुपये वेतन पर 21 रुपये पेंशन पर 13 रुपये लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान में 9 रुपये कर्ज चुकाने में 10 रुपये स्वायत्त संस्थाओं ग्रांट में 20 रुपये विकास और अन्य कार्यों पर खर्च होंगे. कुल-मिलाकर… बढ़ता कर्ज़, घटता बजट और वेतन डेफ़र जैसे फैसले हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस सबके बीच राज्य में सियासत तेज़ है और हिमाचल प्रदेश के लोगों के बीच अपने भविष्य को लेकर चिंता।
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KDKuldeep Dhaliwal
Mar 23, 2026 15:48:36
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ASAnmol Singh Warring
Mar 23, 2026 15:01:23
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NSNaresh Sethi
Mar 23, 2026 14:48:34
Kot Kapura, Punjab:ਬੀਤੇ ਦਿਨੀ DM ਗਗਨਦੀਪ ਵੱਲੋਂ ਸਲਫਾਸ ਖਾ ਕੇ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਕਰ ਲਈ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਬਣਾ ਕੇ ਇਸ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਲਈ ਵਿਧਾਇਕ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਨੂੰ ਆਰੋਪੀ ਠਹਿਰਾਇਆ ਸੀ ਜਿਸ ਤੇ DM ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਤਾੜਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਗਾਏ ਗਏ ਸਨ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈੱਕੇ ਸਾਬਕਾ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਵੀ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰੀ ਵੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਪਰ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਸੱਤਾਧਾਰੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨੇ ਤੇ ਲਿਆ ਜ਼ਾ ਰਿਹੈ। ਅੱਜ ਫਰੀਦਕੋਟ ਚ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਲੋਕਲ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਵੱਲੋਂ ਮਰਹੂਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਆਤਮਾ ਦੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਲਈ ਇੱਕ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਨਾਲ ਹੀ ਆਰੋਪੀ ਵਿਧਾਇਕ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ,ਉਸਦੇ ਪਿਤਾ ਅਤੇ PA ਨੂੰ ਸਖਤ ਤੋਂ ਸਖਤ ਸਜ਼ਾ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। ਬਾਈਟ- ਗੋਰਾ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਧਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਿਰਕ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂ
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ADAnkush Dhobal
Mar 23, 2026 14:47:59
Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के बजट को लेकर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार की अधिकांश योजनाएं बिना पर्याप्त बजट प्रावधान के घोषित की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में घोषित कोई भी योजना पूरी तरह से जमीन पर लागू नहीं हो पाई है और दर्जनों योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में प्रदेश के विकास के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। दुनिया में आमतौर पर हर साल बजट का आकार बढ़ता है, लेकिन मौजूदा बजट तीन साल पहले के बराबर है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य क्षेत्रों के बजट में लगातार कटौती हो रही है। उनके अनुसार, पिछले बजट वर्ष में 2024-25 की तुलना में मेजर सेक्टर में 2354 करोड़ रुपये यानी 21 प्रतिशत की कमी आई, जबकि अगले वित्त वर्ष में यह कटौती 3188 करोड़ रुपये यानी 41.77 फीसदी तक पहुंच गई है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जन सुविधाओं के लिए बजट ही नहीं होगा, तो लोगों को सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूंजीगत व्यय पिछले तीन वर्षों में लगातार गिरते हुए 3089 करोड़ रह गया है, जो लगभग आधा है। साथ ही राजस्व घाटा भी लगातार बढ़ रहा है और पिछले चार बजट में औसतन 10,620 करोड़ रुपये रहा है। रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय कोविड जैसी महामारी के बावजूद सरकारी नौकरियों में ‘ऑल टाइम हाई’ वृद्धि दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई तो 1 लाख 77 हजार 338 लोग सरकारी नौकरी में थे, जो 2022 तक बढ़कर 1 लाख 90 हजार 137 हो गए, यानी 12,749 नौकरियों की बढ़ोतरी हुए। वहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 2025 तक यह संख्या घटकर 1 लाख 75 हजार 579 रह गई, यानी करीब 15 हजार नौकरियां कम हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था परिवर्तन के दावों के बावजूद आंकड़े खुद सरकार की स्थिति को उजागर कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सच्चाई स्वीकार नहीं कर रहे। केंद्र सरकार को लेकर भी उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार लगातार आरोप लगाती है, जबकि पिछले तीन वर्षों में राज्य की राजस्व प्राप्तियों में केंद्र की हिस्सेदारी क्रमशः 56 प्रतिशत, 54 प्रतिशत और 53.6 प्रतिशत रही है। बजट प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि 2026-27 के बजट में वेतन के लिए 14,721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से मात्र 5 करोड़ रुपये अधिक है, जिससे साफ है कि महंगाई भत्ता देने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली रॉयल्टी 2,500 करोड़ रुपये होने का दावा किया, जबकि बजट में इससे केवल 2,191 करोड़ रुपये की प्राप्ति दिखाई गई है, जो पिछले वर्ष से भी 8 करोड़ रुपये कम है। इसी तरह राज्य आबकारी से आय 2026-27 में 3,174 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है, जो 2025-26 के 3,256 करोड़ रुपये से कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास केवल नादौन और देहरा क्षेत्रों तक सीमित है और इस पर विधानसभा अध्यक्ष भी पहले टिप्पणी कर चुके हैं。
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