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Kuldip SinghKuldip SinghFollow29 Jul 2024, 10:02 am
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नशा मुक्त पंजाब यात्रा से भाजपा का अगले चुनावों में बदला लेने का दावा

Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੱਢੀ ਜਾ ਰਹੀ ‘ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ ਯਾਤਰਾ’ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਪਹੁੰਚੀ। ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਵੀਆਈਪੀ ਰੋਡ ’ਤੇ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵਿੱਚ BJP ਦੇ ਸਟਾਰ ਪ੍ਰਚਾਰਕ ਅਤੇ ਲੋਕ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਮਨੋਜ ਤਿਵਾਰੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਮਨੋਜ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੇ ਅਤੇ ਕ੍ਰਾਈਮ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਮੌਜੂਦਾ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਸਰਕਾਰ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਸਾਧਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਅਜੇ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਕਾਰਨ ਕਈ ਪਰਿਵਾਰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ‘ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ’ ਦੇ ਵਾਅਦੇ ’ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਿਆ। ਮਨੋਜ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਬਣਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਦੇ ਵਾਅਦੇ ਕੀਤੇ ਗਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦਾਅਵਾ਼ਾ ਸੀ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਚਾਰ ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸਮਾਂ ਬੀਤ ਜਾਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਖਤਮ ਨਹੀਂ ਹੋਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ੇ ਕਾਰਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਈ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮਾਵਾਂ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰਾਂ ਨੂੰ ਗੁਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਪੀੜ੍ਹੀ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਨਾਲ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ‘ਯਾਤਰਾ ਦਾ ਮਕਸਦ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਬਦਲਣਾ’। BJP ਆਗੂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ‘ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ ਯਾਤਰਾ’ ਦਾ ਮਕਸਦ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੂੰ ਬਦਲਣ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕਜੁੱਟ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਯਾਤਰਾ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਇਸ ਨਾਲ ਜੁੜ ਰਹੇ ਹਨ। 2027 ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਕੀਤਾ ਵੱਡਾ ਦਾਅਵਾ ਮਨੋਜ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਹੁਣ ਨਸ਼ੇ ਅਤੇ ਕ੍ਰਾਈਮ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ’ਤੇ ਬਦਲਾਅ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ 2027 ਦੀਆਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਲੋਕ BJP ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਦੇਣ ਵੱਲ ਦੇਖ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਹੁਣ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ और ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਵੱਲ ਹਨ ਅਤੇ BJP ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਗੀਤਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵੀ ਦਿੱਤਾ ‘ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ’ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਮਨੋਜ ਤਿਵਾਰੀ ਨੇ ਆਪਣੇ ਗੀਤਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨੌਜਵਾਨ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਇਸ ਬੁਰਾਈ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਇਕੱਠੇ ਹੋਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ BJP ਦੀ ਇਸ ਯਾਤਰਾ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਰਿਹਾ, ਜਦਕਿ 2027 ਦੀਆਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਨ ਰਣਨੀਤੀ ਸਪਸ਼ਟ ਤੌਰ ’ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਆਈ.
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दिढ़बा गाँव के कबड्डी खिलाड़ी की हत्या, परिजनों ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Sangrur, Punjab:ਦਿੜਬा ਦੇ ਪਿੰਡ ਰੋਗਲਾ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਸ ਵਕਤ ਸਹਿਮ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ ਜਦ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਕੁਝ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਹੀ ਪਿੰਡ ਦੇ ਕਬੱਡੀ ਖਿਡਾਰੀ ਦੇ ਘਰ ਅੰਦਰ ਵੜ ਕੇ ਕੁੱਟ ਮਾਰ ਕੀਤੀ ਉਸਦੀ ਕੁੱਟਮਾਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਜਖਮੀ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਸ ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੀਜੀਆਈ ਵਿਖੇ ਰੈਫਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਿੱਥੇ ਦੁਰਾਨੇ ਇਲਾਜ ਉਸ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਰਿਵਾਰਿਕ ਮੈਂਬਰ ਉਸਦਾ ਕਤਲ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਖਿਲਾ਼ਫ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਧਰ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਵੀ ਨੌਜਵਾਨ ਬਾਰੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨ ਕਬੱਡੀ ਖਿਡਾਰੀ ਸੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ ਉਸਦੇ ਹੀ ਸਾਥੀਆਂ ਨੇ ਉਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਕੁਝ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਉਸਦੀ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ ਪ੍ਰੰਤੂ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕਾਰਨਾ ਦਾ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਉਧਰ ਦਿੜਬਾ ਦੇ ਐਸਐਚ ਓ ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨੌ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਭਾਲ ਜਾਰੀ ਹੈ
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न्यायिक जांच में CIA-2 के चार पुलिसकर्मी प्रताड़ना के लिए जिम्मेदार ठहराए गए

Bathinda, Punjab:बठिंडा में आइलेट्स टीचर मौत पर न्यायिक जांच का बड़ा खुलासा: सीआईए-2 के 4 पुलिसकर्मी अवैध हिरासत और यातना के लिए जिम्मेदार ठहराए\n\nबठिंडा के गोनियाना मंडी निवासी 34 वर्षीय आइलेट्स टीचर नरिंदरदीप सिंह की 23 मई 2025 को हुई संदिग्ध मौत के मामले में करीब सवा साल बाद न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। बठिंडा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) प्रभजोत भट्टी की ओर से की गई न्यायिक जांच में तत्कालीन सीआईए-2 के चार पुलिसकर्मियों को नरिंदरदीप को अवैध हिरासत में रखने और हिरासत के दौरान यातना देने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध मौखिक, मेडिकल और दस्तावेजी साक्ष्यों की पूरी कड़ी सड़क हादसे में मौत की कहानी से मेल नहीं खाती।\nसीजेएम ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट में तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर टिप्पणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को 24 मई 2025 को ही हिरासत में यातना के आरोपों की जानकारी मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद तत्काल, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने तथा आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने में कथित तौर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। न्यायिक जांच की कार्यवाही 1 सितंबर 2026 को पूरी हुई और रिपोर्ट बठिंडा के सेशन जज को सौंप दी गई।\nजांच रिपोर्ट : नरिंदरदीप को मौत से पहले शारीरिक यातना दी गई\nन्यायिक जांच में जिन चार पुलिसकर्मियों की भूमिका पर गंभीर निष्कर्ष दर्ज किया गया है, उनमें एएसआई अवतार सिंह उर्फ तारी, हेड कांस्टेबल लखविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह और सीनियर कांस्टेबल गुरपाल सिंह शामिल हैं। नरिंदरदीप की मौत के बाद कैनाल कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह धारा गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि गवाहों के बयान और मृतक के शरीर पर मिले कई चोटों के निशान इस ओर संकेत करते हैं कि नरिंदरदीप को मौत से पहले पुलिस की अवैध हिरासत में रखा गया और उसके साथ शारीरिक यातना की गई।\nपहले परिवार को बताई गई थी सड़क हादसे की कहानी\n23 मई 2025 को नरिंदरदीप को शहीद भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल, बठिंडा में मृत अवस्था में लाया गया था। शुरुआत में उसके दोस्त गगनदीप सिंह की ओर से परिवार को बताया गया कि नरिंदरदीप की मौत सड़क हादसे में हुई है। लेकिन अस्पताल में शव देखने के बाद परिवार को उसके शरीर पर कई चोटों के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिजनों को हादसे की कहानी पर संदेह हुआ। अगले ही दिन यानी 24 मई को गगनदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि नरिंदरदीप और उसे सीआईए टीम ने पकड़ा था और दोनों के साथ मारपीट की गई। गगनदीप ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उस पर दबाव डालकर नरिंदरदीप के परिवार को सड़क हादसे की झूठी कहानी बताने के लिए मजबूर किया।\nफिरोजपुर से लौटते समय सीआईए-2 ने रोका था\nमामले की जांच के अनुसार, नरिंदरदीप और गगनदीप फिरोजपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान सीआईए-2 की टीम ने उन्हें रोका और ड्रग तस्करी से जुड़े होने के संदेह में पूछताछ की। केस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों के पास से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। इसके बाद घटनाक्रम को लेकर परिवार और पुलिस के बयानों में अंतर सामने आया। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और गगनदीप के सोशल मीडिया वीडियो के बाद मामला गंभीर होता चला गया। बाद में मामले में कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें सीआईए -2 के चार पुलिसकर्मी तथा नरिंदरदीप के दोस्त गगनदीप सिंह और हैप्पी लूथरा शामिल थे।\nमेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया\nएम्स बठिंडा के मेडिकल बोर्ड ने मौत का कारण ओपिएट्स और बेंजोडायजेपाइन जैसे पदार्थों की विषाक्तता के संयुक्त प्रभाव से हुई श्वसन विफलता बताया था। हालांकि, न्यायिक जांच में केवल मौत के मेडिकल कारण को ही नहीं देखा गया बल्कि शरीर पर मौजूद चोटों, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को भी एक साथ देखा गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी परिस्थितियों को जोड़ने पर नरिंदरदीप को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किए जाने की कड़ी सामने आती है। रिपोर्ट में सीआईए-2 कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर सिर और जननांग सहित शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर बिजली के झटके देने की बात भी दर्ज की गई है। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि न्यायिक जांच ने मेडिकल रूप से मौत के कारण और हिरासत में कथित यातना से जुड़े साक्ष्यों को अलग-अलग नहीं देखा, बल्कि पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की श्रृंखला का आकलन किया।\nअवैध हिरासत में रखकर यातना दी गई\nसीजेएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि गगनदीप सिंह के बयान और मृतक के शरीर पर मौजूद कई चोटों को देखते हुए यह निष्कर्ष निकलता है कि नरिंदरदीप को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था और मौत से पहले पुलिस अधिकारियों ने उसे अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया। रिपोर्ट में मौखिक, मेडिकल और दस्तावेजी साक्ष्यों को मिलाकर सड़क हादसे की कहानी पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जांच के निष्कर्ष के मुताबिक उपलब्ध साक्ष्यों की पूरी कड़ी दुर्घटना में मौत के दावे के बजाय हिरासत में हुई घटनाओं की ओर संकेत करती है।\nतत्कालीन एसएसअपि और एसपी की भूमिका पर भी सवाल\nन्यायिक जांच सिर्फ चार पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रही। रिपोर्ट में तत्कालीन बठिंडा एसएसापी अमनीeet कोंडल और तत्कालीन एसपी (इन्वेस्टिगेशन) जसमीत सिंह की भूमिका पर भी टिप्पणी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को 24 मई 2025 को ही हिरासत में यातना के आरोपों की जानकारी मिल गई थी। इसके बावजूद जांच रिपोर्ट में कहा गया कि कथित तौर पर तत्काल और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित नहीं की गई। आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और उच्च स्तर या न्यायिक जांच की दिशा में भी तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। रिपोर्ट में इस कथित चूक को “गंभीर प्रशासनिक और पर्यवेक्षी कदाचार” बताते हुए विभागीय कार्रवाई की जरूरत बताई गई है।\nआरोपी पुलिसकर्मी कुछ समय तक गिरफ्तारी से रहे बाहर\nमामले के शुरुआती दौर में चारों सीआईए 2 पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। उस समय पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर सवाल उठे थे। Juin 2025 में इस मामले को लेकर बठिंडा में सामाजिक, किसान, व्यापारी और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन भी किए थे। प्रदर्शनकारियों ने चारों पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। गोनियाना मंडी में भी बंद रखा गया था और परिवार तथा संगठनों ने पुलिस हिरासत में मौत के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।\nपरिवार ने शुरू से उठाए थे सवाल\nनरिंदरदीप के परिवार ने शुरुआत से ही सड़क हादके की कहानी पर सवाल उठाए थे। परिवार का कहना था कि यदि मौत सड़क दुर्घटना में हुई होती तो शरीर पर दिखाई दे रहे चोटों के निशानों की स्थिति और पूरी घटना की परिस्थितियों की स्पष्ट व्याख्या होनी चाहिए थी। मृतक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने सीआईए 2 के चार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस समय पुलिस अधिकारियों की ओर से कहा गया था कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम और जांच से चलेगा। बाद में एम्स बठिंडा की मेडिकल जांच में शरीर पर कई चोटें दर्ज होने की बात सामने आई थी। उस समय एम्स ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल पोस्टमार्टम के आधार पर बिजली के झटकों को मौत का कारण नहीं बताया गया था और अंतिम कारण के लिए विसरा जांच सहित अन्य रिपोर्टों का इंतजार था।\n8 अगस्त 2025 को न्यायिक जांच के आदेश\nमामले में लगातार उठ रहे सवालों के बीच बठिंडा सेशन जज ने 8 अगस्त 2025 को न्यायिक जांच शुरू करने का आदेश दिया। इसके बाद सीजेएम प्रभजोत भट्टी ने मामले से जुड़े गवाहों के बयान, मेडिकल दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की। करीब एक साल तक चली कार्यवाही के बाद 1 सितंबर 2026 को न्यायिक जांच पूरी हुई। रिपोर्ट में चार सीआईए -2 पुलिसकर्मियों की भूमिका पर प्रतिकूल निष्कर्ष दर्ज किए गए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कथित पर्यवेक्षीस चूक पर भी गंभीर टिप्पणी की गई।\n25 लाख का ऑफर ठुकराकर पत्नी ने लड़ा इंसाफ का मोर्चा\nमामले को दबाने के लिए तंत्र ने हर हथकंडा अपनाया। अदालत के समक्ष मृतक की पत्नी नैंसी ने गवाही दी कि पुलिस ने तुरंत अंतिम संस्कार कराने का दबाव बनाया और मामले को रफा-दफा करने के लिए 25 लाख रुपये नकद, सरकारी नौकरी और बच्चों की मुफ्त शिक्षा की पेशकश की। लेकिन वीरांगना पत्नी ने इस सौदेबाजी को ठुकराते हुए एम्स बठिंडा में स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग की।\nकेस की पूरी टाइमलाइन\n23 मई 2025: 34 वर्षीय नरिंदरदीप सिंह को शहीद भाई मनी सिंह सिविल अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया।\n24 मई 2025: उसके दोस्त गगनदीप सिंह ने सोशल मीडिया लाइव के जरिए पुलिस पर हिरासत में यातना देने के गंभीर आरोप लगाए।\n25 मई 2025: कैनाल कॉलोनी थाने में बीएनएस की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया।\n26 मई 2025: चार सीआईए-2 पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई।\n29 मई 2025: एम्स बठिंडा के Medical बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया; रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों का उल्लेख हुआ।\nजून 2025 : मामले को लेकर बठिंडा में प्रदर्शन हुए और आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग उठी।\n8 अगस्त 2025: बठिंडा सेशन जज ने मामले में न्यायिक जांच शुरू करने के निर्देश दिए।\n1 सितंबर 2026: सीजेएम प्रभजोत भट्टी ने न्यायिक जांच पूरी की।
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करतारपुर कॉरिडोर पर ज़ीरो लाइन रोकने पर BSF का रवैया सवालों के घेरे में

Noida, Uttar Pradesh:ਕਰਨਸਾਲੀ: ਕਰਤਾਰਪੁਰ ਕੋਰੀਡੋਰ ’ਤੇ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਜ਼ੀਰੋ ਲਾਈਨ ਵੱਲ ਜਾਣ ਤੋਂ ਰੋਕਿਆ BSF ਵੱਲੋਂ ਸੰਗਤ ਅਤੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਜ਼ੀਰੋ ਲਾਈਨ ਵੱਲ ਜਾਣ ਤੋਂ ਰੋਕਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ BSF ਦੇ ਰਵੱਈਏ ’ਤੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਜਤਾਇਆ ਰੋਸ ਕਿਹਾ—ਸੰਗਤ ਸਿਰਫ਼ ਅਰਦਾਸ ਅਤੇ ਕਰਤਾਰਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਨਾਲ ਪਹੁੰਚੀ ਸੀ ਆਮ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਦੁਖਦਾਈ: ਜਥੇਦਾਰ ਜਥੇਦਾਰ ਨੇ ਕਿਹਾ—VIP ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਜਾਜ਼ਤ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਕਿਉਂ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਕਿਹਾ—ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਸਾਡੇ ਦਿਲਾਂ ਵਿੱਚ, ਦਿਲਾਂ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਕੰਧਾਂ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਟੁੱਟ ਸਕਦੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਸਮਝੇ ਅਤੇ ਬਰਾਬਰ ਦੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਵਾਲਾ ਵਿਵਹਾਰ ਕਰੇ: ਜਥੇਦਾਰ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨਾਲ ਪੱਤਰ ਵਿਹਾਰ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਆ ਰਹੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦੇ ਸਥਾਈ ਹੱਲ ਦੀ ਮੰਗ ਦਰਸ਼ਨ ਸੱਥਲ ਤੋਂ ਕਾਫੀ ਪਿੱਛੇ ਰੋਕਿਆ ਦਰਸ਼ਨ ਸੱਥਲ ਤੇ ਕਰਨੀ ਸੀ ਅਰਦਾਸ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਕਿਹਾ 5 ਸਿੰਘ ਹੀ ਕਰਨ ਅਰਦਾਸ ਪਰ BSF ਨੇ ਰੋਕਿਆ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਦਰਸ਼ਨ ਸਥਲ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਹੀ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਬੈਠ ਕੇ ਰਹਿਰਾਸ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਪਾਠ ਕਰਨ ਲੱਗ ਗਏ
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पंजाब के CM भगवंत मान को जापान में एशिया हॉकी चैंपियनज ट्रॉफी देखने का आमंत्रण

Noida, Uttar Pradesh:AAP PN- 1 ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੂੰ ਜਾਪਾਨ ਵਿੱਚ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਹਾਕੀ ਸੈਮੀਫਾਈਨਲ ਅਤੇ ਫਾਈਨਲ ਦੇਖਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਧਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦਾ ਪ੍ਰਮਾਣ ਹੈ ਸੱਦਾ ਮਹਿਲਾ ਤੇ ਪੁਰਸ਼ ਹਾਕੀ ਦੇ ਸੈਮੀਫਾਈਨਲ 30 ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ 1 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ, ਫਾਈਨਲ 2 ਅਤੇ 3 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਏ.ਐਚ.ਐਫ. ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਨੂੰ ਆਈਚੀ-ਨਾਗੋਆ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ-2026 ਲਈ ਸੱਤਾ ਪੰਜਾਬ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਦੀ ਕਰੇਗਾ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ; ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਦੇ ਗੜ੍ਹ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਮੌਕਾ ਸਾਬਤ ਹੋਵੇਗਾ ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਖੇਡ ਸਮਾਗਮਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਤਜਰਬਾ ਹਾਸਲ ਕਰੇਗਾ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਵਫ਼ਦ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 21 ਸਤੰਬਰ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਦੇ ਨਕਸ਼ੇ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਧਦੀ ਸਰਦਾਰੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ (ਏ.ਐಚ್.อਫ.) ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇੱਕ ਵਫ਼ਦ ਨੂੰ ਏਸ਼ੀਆਈ ਖੇਡਾਂ ਆਈਚੀ-ਨਾਗੋਆ-2026 ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾ ਅਤੇ ਪੁਰਸ਼ ਹਾਕੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਦੇ ਸੈਮੀਫਾਈਨਲ ਅਤੇ ਫਾਈਨਲ ਮੈਚ ਦੇਖਣ ਲਈ ਜਾਪਾਨ ਆਉਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਇਹ ਸੱਦਾ ਅਜਿਹੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਮੇਂ ਆਇਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੁਰਸ਼ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ-2026 ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਫੂਮੀਓ ਓਗੁਰਾ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਇਹ ਸੱਦਾ 30 ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ 1 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਮਹਿਲਾ ਅਤੇ ਪੁਰਸ਼ ਹਾਕੀ ਦੇ ਸੈਮੀਫਾਈਨਲ, ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 2 ਅਤੇ 3 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਫਾਈਨਲ ਮੈਚਾਂ ਲਈ ਹੈ। ਏ.ਐਚ.ਐਫ. ਨੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਨਾਲ ਵੱਡੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਖੇਡ ਸਮਾਗਮ ਦੇ ਆਯੋਜਨ ਅਤੇ ਸੰਚਾਲਨ ਦਾ ਸਿੱਧਾ ਤਜਰਬਾ ਮਿਲੇਗਾ。 ਇਹ ਤਜਰਬਾ ਖਾਸ ਮਹੱਤਵ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਪੰਜਾਬ 27 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ 5 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਪੁਰਸ਼ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ-2026 ਲਈ ਏਸ਼ੀਆ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਹਾਕੀ ਟੀਮਾਂ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ। ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਜਲੰਧਰ ਅਤੇ ਮੋਹਾਲੀ ਵੱਲੋਂ ਸਾਂਝੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜਲੰਧਰ ਉਦਘਾਟਨੀ ਸਮਾਰੋਹ ਅਤੇ ਲੀਗ-ਗ੍ਰੇਡ ਮੈਚਾਂ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ, ਜਦਕਿ ਮੋਹਾਲੀ ਸੈਮੀਫਾਈਨਲ ਅਤੇ ਫਾਈਨਲ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰੇਗਾ。 ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਵੱਕਰੀ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰਨ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਮੌਕਾ ਹੋਵੇਗਾ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਨੂੰ ਉਸ ਧਰਤੀ 'ਤੇ ਹਾਕੀ ਲਈ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਮੌਕਾ ਦੱਸਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੇ ਭਾਰਤੀ ਹਾਕੀ ਦੇ ਨਾਇਕਾਂ ਦੀਆਂ ਕਈ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ ਹਨ。 ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਨੂੰ ਇਹ ਸੱਦਾ ਅਜਿਹੇ ਸਮੇਂ 'ਚ ਮਿਲਿਆ ਹੈ, ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਾਕੀ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਹਾਕੀ ਕੇਂਦਰ ਵਜੋਂ ਆਪਣੀ ਪਛਾਣ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਰਗਰਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਆਉਣ वाले ਇਸ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ, ਜਾਪਾਨ, ਦੱਖਣੀ ਕੋਰੀਆ, ਮਲੇਸ਼ੀਆ, ਚੀਨ ਤੇ ਹੋਰ ਮੁਲਕ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕਰਨਗੇ。 ਏ.ਐੱਚ.ਐਫ. ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਦੁਆਰਾ ਆਈਚੀ-ਨਾਗੋਆ ਵਿੱਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਜਰਬਾ ਜਲੰਧਰ ਅਤੇ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ ਵੱਡੇ ਖੇਡ ਸਮਾਗਮਾਂ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰਨ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ。 ਇਹ ਸੱਦਾ ਏਸ਼ੀਅਨ ਚੈਂਪੀਅਨਜ਼ ਟਰਾਫੀ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਅਹਿਮੀਅਤ ਨੂੰ ਵੀ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਸੂਬਾ ਹਾਕੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਮਹਾਂਦੀਪ ਵਾਲੇ ਖੇਡ ਸਮਾਗਮ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ, ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ。 ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਵੇਰਵਿਆਂ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਕਰਨ ਦੀ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਯਾਤਰਾ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਣ。
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पंजाब की धान मंडियों में स्टॉक समस्या और भंडारण संकट की चेतावनी—बाजवा

Noida, Uttar Pradesh:ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਫਸੀ 12 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ, ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ’ਤੇ ਭੰਡਾਰਨ ਸੰਕਟ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ: ਬਾਜਵਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 21 ਸਤੰਬਰ, 2026: ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰ ਦੇ ਨੇਤਾ ਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦਾ ਸੀਜ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਾਂ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਈ ਕਣਕ ਨੂੰ ਨਾ ਹਟਾਉਣ ’ਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ’ਤੇ ਤਿੱਖਾ ਹਮਲਾ ਕੀਤਾ। ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਦਾ ਸੀਜ਼ਨ 1 ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਈ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਅਗੇਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਆਮਦ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਜੇਕਰ ਭੰਡਾਰਨ ਦੀ ਅਹਿਮ ਸਮਰੱਥਾ ’ਤੇ ਕਬਜ਼ਾ ਕਰੀ ਬੈਠੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਨਾ ਹਟਾਇਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਪੰਜਾਬ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਟਾਲੇ ਜਾ ਸਕਣ ਵਾਲੇ ਖਰੀਦ ਅਤੇ ਭੰਡਾਰਨ ਸੰਕਟ ਵਿੱਚ ਫਸ ਸਕਦਾ ਹੈ。 ਹਾਲੀਆ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਵੀ ਲਗਭਗ 12 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਪਈ ਹੋਈ ਹੈ, ਜਦਕਿ ਕੇਂਦਰੀ ਪੂਲ ਦੀ 1.83 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਈ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਖੁਰਾਕ ਨਿਗਮ (FCI) ਕੋਲ ਭੇਜੇ ਜਾਣ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ。 ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਿਰ ’ਤੇ ਹੈ, ਪਰ ਨਵੀਂ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਭੰਡਾਰਨ ਸਮਰੱਥਾ ਅਜੇ ਵੀ ਪੁਰਾਣੀ ਕਣਕ ਦੇ ਸਟਾਕ ਨਾਲ ਭਰੀ ਪਈ ਹੈ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਇੰਨੇ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਆਖ਼ਰ ਕੀ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਸਨ? ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ sਟਾਕ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਹਟਾਉਣ ਲਈ ਤੰਤਰ, ਕਰਮਚਾਰੀ, ਆਵਾਜਾਈ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਪ੍ਰਬੰਧ ਮੌਜੂਦ ਸਨ, ਫਿਰ ਵੀ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹਾਂ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇਹ ਰੁਕਾਵਟ ਤੁਰੰਤ ਦੂਰ ਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਆਮਦ ਵਧਣ ਨਾਲ ਮੰਡੀਆਂ ਅਤੇ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਰੀ ਭੀੜ ਅਤੇ ਅਵਿਵਸਥਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਉਤਾਰਨ ਲਈ ਲੰਬਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਨਾ ਪੈ ਸਕਦਾ ਹੈ。 ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਸੰਭਾਲ ਕੇ ਰੱਖਣ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਉਹ ਖਾਸ ਤੌਰ ’ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਜਬੂਰੀ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਫ਼ਸਲ ਵੇਚਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਰਹੇਗਾ। ਖਰੀਦ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਨਮੀ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਵੀ ਵਧ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ。 ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪਤਾ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਲਗਾਇਆ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਕੋਈ ਅਚਾਨਕ ਪੈਦਾ ਹੋਇਆ ਸੰਕਟ ਨਹੀਂ है। ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਪਤਾ ਸੀ ਕਿ ਝੋਨੇ ਦਾ ਖਰੀਦ ਸੀਜ਼ਨ ਆਉਣ ਵਾਲਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲ ਕਣਕ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਹਟਾਉਣ, ਆਵਾਜਾਈ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਅਤੇ ਲੋੜੀਂਦੀ ਭੰਡਾਰਨ ਸਮਰੱਥਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰਾ ਸਮਾਂ ਸੀ। ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ, ਜਦਕਿ ਸੰਕਟ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ’ਤੇ ਨਹੀਂ ਆ ਗਿਆ।” ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ’ਤੇ ਧਿਆਨ ਦੇਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਪ੍ਰਚਾਰ ਅਤੇ ਸਿਆਸੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦਿੱਤੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਅਗਲੇ ਖਰੀਦ ਸੀਜ਼ਨ ਲਈ ਖੁਰਾਕ ਅਨਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਪ੍ਰਚਾਰ ਮੁਹਿੰਮਾਂ ਅਤੇ ਸਿਆਸੀ ਦਿਖਾਵੇ ਵਿੱਚ ਰੁੱਝੀ ਰਹੀ। ਹੁਣ ਇਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਨਾਕਾਮੀ ਦਾ ਖਮਿਆਜ਼ਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭੁਗਤਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ।” ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਤੁਰੰਤ ਤਾਲਮੇਲ ਕਰਕੇ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਾਂ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕਣਕ ਦਾ ਸਟਾਕ ਹਟਾਉਣ, ਇਸ ਨੂੰ ਨਿਰਧਾਰਤ ਭੰਡਾਰਨ ਕੇਂਦਰਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਆਮਦ ਵਧਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਲੋੜੀਂਦੀ ਭੰਡਾਰਨ ਸਮਰੱਥਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ。 ਬਾਜਵਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਦੋ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਨਾਕਾਮੀ ਦੀ ਕੀਮਤ ਨਹੀਂ ਚੁਕਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਇੱਕ-ਦੂਜੇ ’ਤੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸੁੱਟਣੀ ਬੰਦ ਕਰਨ ਅਤੇ ਤੁਰੰਤ ਇਸ ਰੁਕਾਵਟ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਨ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਦੇ ਹੀ ਉਸ ਦੀ ਸੁਚਾਰੂ ਅਤੇ ਯਕੀਨੀ ਖਰੀਦ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।”
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गुरदासपुर मार्केट कमेटी के नये चेयरमैन गगनदीप सिंह ने पद संभाला

Gurdaspur, Punjab:ਸਟੋਰੀ:- ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਦਾ ਅਹੁਦਾ ਸੰਭਾਲਿਆ। ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਵਧਾਈ; ਪਾਰਟੀ ਲਈ ਕੀਤੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸ਼ਲਾਘਾ। ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਐਕਰ:- ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ’ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਅਤੇ ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਨੇ ਖੁਸ਼ੀ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਲਈ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਲਾਲਚ, ਲੋਭ ਜਾਂ ਹੰਕਾਰ ਦੇ ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ।ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਿਹਨਤੀ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀ ਕਦਰ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਇਹ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਪ੍ਰਤੀ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਵਜੋਂ ਨਿਯੁਕਤੀ ਨਾਲ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਆਧਾਰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਅਤੇ ਸਮੁੱਚੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਵੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ. ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੇ ਨਵੇਂ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੰਦਿਆਂ ਆਸ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨਗੇ। ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ਼ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਲਈ ਪਾਰਟੀ ਹਾਈਕਮਾਂਡ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ, ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਸਮੇਤ ਸਮੁੱਚੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਦਾ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।ਉਨਾਂ੍ਹੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜੋ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਹ ਇਸ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਇਮਾਨਦਾਰੀ, ਤਨਦੇਹੀ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਦਰਪੇਸ਼ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੋਵੇਗਾ।ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਲੋਕ-ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਦਾ ਲਾਭ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ, ਇਸ ਲਈ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਹੱਲ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਬੇਲੋੜਾ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਦੇ ਚੱਕਰ ਨਾ ਲਗਾਉਣੇ ਪੈਣ। ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਲੈਂਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ。 ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਵਰਕਰਾਂ ਅਤੇ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਲਈ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨਗੇ ਅਤੇ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨਿਭਾਉਣਗੇ。 ਬਾਈਟ:- ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਪੰਜਾਬ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਾਈਟ:- ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨਵ ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਮਾਰਕਿਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਬਾਈਟ:- ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ
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सचिन पायलट ने पंजाब में नशे के संकट पर बीजेपी-AAP पर निशाना साधा

Noida, Uttar Pradesh:पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा नशे का संकट पंजाब के भविष्य के लिए खतरा बन गया है और अब लोग कांग्रेस से उम्मीद लगाए हुए हैं - सचिन पायलट नशे का संकट ऐसी स्थिति बन गया है, जो पंजाब के भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है - सचिन पायलट नशा पंजाब की सीमा तक पहुंच गया, तो इसके बाद साढ़े चार साल से आम आदमी पार्टी की सरकार है - सचिन पायलट सीमा से लेकर हर गांव के कोने-कोने तक अब नशे की सप्लाई आसानी से उपलब्ध है - सचिन पायलट पंजाब के लोग अब दूसरे विकल्प की तरफ देख रही है - सचिन पायलट पूर्व में पंजाब के लोगों ने जिस पर भरोसा किया लेकिन उन्होंने विश्वासघात किया - सचिन पायलट
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कपूरथला के डेरे के पास फायरिंग, घायल व्यक्ति अस्पताल में भर्ती

Kapurthala, Punjab:कपूरथला में गुज्जर डेरे के पास दिनदहाड़े फायरिंग, गोली लगने से व्यक्ति घायल बाइक सवार दो युवकों ने बहस के बाद निकाली पिस्तौल, तीन फायर करने का दावा; पत्नी के बयानों पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू की तलाश कपूरथला। कपूरथला के गांव खानोवाल में सोमवार दोपहर गुज्जरों के डेरे के नजदीक फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसकी पहचान रहमत अली निवासी गुज्जर डेरा, गांव खानोवाल के रूप में हुई है। घायल को उपचार के लिए जालंधर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी-डी हरिंदर सिंह और डीएसपी सबडिवीजन शीतल सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोल भी बरामद किया है। डीएसपी शीतल सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल रहमत अली की पत्नी के बयानों के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ थाना सदर कपूरथला में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। ### डेरे के पास पेशाब करने से रोकने पर हुआ विवाद पुलिस को दिए बयान में घायल की पत्नी ने बताया कि दोपहर के समय बाइक सवार दो व्यक्ति उनके डेरे के नजदीक पहुंचे और वहां पेशाब करने लगे। उसके पति रहमत अली ने दोनों को ऐसा करने से रोका। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान बाइक सवार दोनों व्यक्तियों ने पिस्तौल निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गोली लगने से रहमत अली घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। ### घटनास्थल पर तीन फायर होने की प्राथमिक जांच डीएसपी शीतल सिंह के अनुसार पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर तीन फायर किए गए। मौके से एक खोल भी बरामद हुआ है। पुलिस द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वहीं घटना के पीछे के कारणों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है。
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शिमला NDPS केस: ड्रग प्रोड्यूस से जुड़ी संपत्तियों की जब्ती 4.13 करोड़ रुपये

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला पुलिस ने एनडीपीएस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 4.13 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियां यानी Drug Proceeds पाया गया है. पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107, दिनांक 14 अगस्त 2024, धारा 21 और 29 NDPS Act के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पाण्डे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। मामले की आगामी जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में इस मामले में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की गई। जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच की गई। इस दौरान 9 आरोपियों और 10 एसोसिएट्स/सहयोगियों यानी कुल 19 व्यक्तियों के नाम पर चल और अचल संपत्तियाँ चिन्हित की गईं। इन संपत्तियों में दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और लग्जरी वाहन शामिल हैं। इनमें Mahindra Thar, Hyundai Creta, Maruti Suzuki Grand Vitara और Tata Nexon सहित अन्य वाहन भी शामिल हैं। कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपये है। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के दौरान इन संपत्तियों के संबंध में संबंधित आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की कोई ज्ञात और वैध आय का पर्याप्त स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों के परीक्षण के आधार पर इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियाँ पाया गया। इसी आधार पर NDPS Act के प्रावधानों के तहत इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई. पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की रणनीति में बदलाव को दर्शाती है। अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक आधार और Drug Proceeds तक भी विस्तारित की जा रही है। नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त किया जा रहा है, ताकि नशे के अवैध कारोबार की आर्थिक रीढ़ को कमजोर किया जा सके। शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 15 NDPS मामलों में 68 आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की 12.52 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट्स, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स, कमर्शियल शॉप्स, लग्जरी और कमर्शियल गाड़ियाँ, बैंक डिपॉजिट्स, कैश और गोल्ड ornaments आदि शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
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अकाली नेताओं का आनंदपुर साहिब विवाद पर तीखा हमला: SGPC-नेतृत्व से इस्तीफा मांग

Amritsar, Punjab:पवित्र सराय विवाद पर अकाली नेताओं का तीखा हमला: श्री आनंदपुर साहिब में मर्यादा के कथित उल्लंघन पर एसजीपीसी और नेतृत्व से मांगा इस्तीफा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) चुनाव की मांग तेज: 15 वर्षों से चुनाव न होने पर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप। 'वारिस पंजाब' और पंथिक मसलों पर एकजुटता का आह्वान: पंजाब के असल अधिकारों और नौजवानी के भविष्य के लिए नई लीडरशिप की जरूरत। आनंदपुर साहिब घटना की निष्पक्ष जांच की मांग: जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम। अमृतसर: पंजाब की धार्मिक और राजनीतिक सियासत में इन दिनों श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र स्थान और सरायों से जुड़े विवाद को लेकर घमासान मचा हुआ है। हाल ही में अटारी और अमृतसर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली दल वारिस के नेताओं और पंथिक प्रतिनिधियों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अकाली दल के मौजूदा प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि पवित्र संस्थाओं और गुरुद्वारों के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाई जा रही है, जिससे देश-विदेश में बैठी समूची सिख संगत में गहरा रोष और निराशा है। पवित्र सराय विवाद और मर्यादा का हनन मीडिया से बातचीत में नेताओं ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित सरायों से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस पावन धरती पर नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने चरण डाले और दशमेश पिता ने खालसा पंथ की साजना की, उस स्थान पर ऐसी घटनाएं होना बेहद शर्मनाक और दुखदाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर गाड़ियां, सेवादार और सुविधाएं मुहैया करवाई गईं और इसके पीछे क्या साजिश थी? उन्होंने कहा कि पवित्र स्थानों पर मर्यादा का कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। नेताओं का कहना है कि चाहे कोई एसजीपीसी का प्रधान हो, जत्थेदार हो या अकाली दल का कोई बड़ा चेहरा, मर्यादा के नियम सभी के लिए समान हैं और पंथ के सामने सभी को जवाबदेह होना पड़ेगा। SGPC चुनावों में देरी पर केंद्र व राज्य सरकार घेरी उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के चुनाव पिछले करीब 15 सालों से नहीं करवाए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया गया। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हर पांच साल बाद चुनाव होने चाहिए ताकि संस्थाओं में काबिज लोगों को दोबारा जनता और संगत की अदालत में जाना पड़े। चुनाव न होने की वजह से संस्थाओं पर एकाधिकार की मानसिकता बन चुकी है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष और तुरंत चुनाव कराए जाएं ताकि पंथ-परस्त और साफ छवि वाले योग्य चेहरे गुरुद्वारों और संस्थाओं के प्रबंधन की बागडोर संभाल सकें। पंथिक लीडरशिप से इस्तीफे और उच्चस्तरीय जांच की मांग नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि आनंदपुर साहिब प्रकरण में जो भी लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जिम्मेदार हैं, वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रबंधन और उच्च पदों पर बैठे पदाधिकारियों को तुरंत अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। इसके लिए धार्मिक और कानूनी जानकारों की एक स्वतंत्र समिति बनाकर पूरे मामले की तहकीकात कराने की अपील की गई, ताकि साजिश रचने वाले और मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले चेहरे संगत के सामने बेनकाब हो सकें। पंजाब, नौजवानी और वारिस पंजाब का संदर्भ प्रेस वार्ता के दौरान यह बात भी जोर-शोर से रखी गई कि आज पंजाब की नौजवानी नशे और अन्य सामाजिक संकटों से जूझ रही है। ऐसे समय में 'वारिस पंजाब' और पंथिक अधिकारों की बात करने वाली लीडरशिप को लेकर लोगों में एक उम्मीद जागी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बुनियादी अधिकारों, पानी के मसलों और नौजवानी को बचाने के लिए समूचे पंथ और पंजाबियों को एकजुट होना होगा। नेताओं ने आह्वान किया कि आपसी मतभेदों को भुलाकर गुरु साहिबानों द्वारा दर्शाए गए मार्ग पर चलते हुए ऐतिहासिक संस्थाओं की पवित्रता बहाल करने के लिए सभी को एक मंच पर आना चाहिए।
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