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Firozpur152002

ਦਰਦਨਾਕ ਸੜਕੀ ਹਾਦਸਾ: ਮਾਂ ਪੁੱਤ ਦੀ ਭਿਆਨਕ ਮੌਤ ਜੀਰਾ ਵਿੱਚ

Aug 01, 2024 13:54:41
Firozpur, Punjab
ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਜੀਰਾ ਵਿੱਚ ਪੇਕਿਆਂ ਤੋਂ ਵਾਪਿਸ ਆ ਰਹੇ ਮਾਂ ਪੁੱਤ ਹੋਏ ਹਾਦਸੇ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਕਾਰ ਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਦੀ ਹੋਈ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ ਔਰਤ ਦੀ ਹੋਈ ਮੌਤ ਲੜਕੇ ਦੀ ਟੁੱਟੀ ਲੱਤ ਤੇ ਬਾਂਹ ਐਂਕਰ) ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਹਲਕਾ ਜੀਰਾ ਵਿੱਚ ਦਰਦਨਾਕ ਸੜਕੀ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰਿਆ ਹੈ। ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਕਾਰ ਅਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਦੀ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ ਹੋਈ ਹੈ। ਹਾਦਸੇ ਦੌਰਾਨ ਇੱਕ ਔਰਤ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਅਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਸਵਾਰ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਲੱਤ ਤੇ ਬਾਂਹ ਟੁੱਟ ਗਈ ਹੈ। ਜਿਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਖਮੀ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।
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NSNitesh Saini
Mar 07, 2026 13:46:10
Sundar Nagar, Himachal Pradesh:लोकेशन मंडी : स्लग : धनोंटू विश्रामगृह का अधूरा उद्घाटन, नाचन विधायक विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर साधा निशाना बेड-कुर्सी और बिजली तक नहीं, फिर भी कर दिया उद्घाटन : विधायक विनोद कुमार 2.75 करोड़ से बना धनोंटू विश्रामगृह, सुविधाएं नदारद, सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप विश्रामगृह या कांग्रेस का दफ्तर? कमरों में कांग्रेस के पोस्टर-झंडे मिलने पर विधायक ने उठाए सवाल आधे-अधूरे भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री को नहीं देता शोभा : विनोद कुमार मंडी (नितेश सैनी) : एंकर : नाचन विधानसभा क्षेत्र के धनोंटू में बने लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्रामगृह को लेकर सियासत गरमा गई है। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आधे-अधूरे विश्रामगृह का उद्घाटन करने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि जिस विश्रामगृह का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया है, उसमें अभी तक बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं。 विधायक विनोद कुमार अपने कार्यकर्ताओं के साथ धनोंटू स्थित विश्रामगृह का दौरा करने पहुंचे और मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्रामगृह के अंदर न तो बेड उपलब्ध हैं, न कुर्सियां रखी गई हैं और न ही यहां कोई कुक तैनात किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक इस भवन को बिजली का स्थायी कनेक्शन भी नहीं मिल पाया है। विनोद कुमार ने कहा कि पूर्व की जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में इस विश्रामगृह के निर्माण के लिए लगभग 2 करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इतने बड़े बजट से बने भवन का उद्घाटन बिना आवश्यक व्यवस्थाओं के कर देना सरकार की जल्दबाजी और दिखावे की राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्रामगृह का उद्घाटन करने से पहले लोक निर्माण विभाग को वहां सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए थीं, ताकि लोगों और अधिकारियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि केवल उद्घाटन कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई है。 नाचन विधायक ने आरोप लगाया कि विश्रामगृह के कमरों में कांग्रेस पार्टी के पोस्टर और झंडे रखे गए हैं, जिससे यह विश्रामगृह कम और कांग्रेस पार्टी का कार्यालय ज्यादा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को सरकारी भवन को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखना चाहिए था। विनोद कुमार ने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। आधे-अधूरे भवन का उद्घाटन करना मुख्यमंत्री जैसे बड़े पद को शोभा नहीं देता। उन्होंने मांग की कि विश्रामगृह में जल्द से जल्द सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यह वास्तव में जनता और अधिकारियों के उपयोग में आ सके。 बाइट : विनोद कुमार, नाचन विधायक विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो इस मुद्दे को और जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
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SPSomi Prakash Bhuveta
Mar 07, 2026 13:46:01
Chamba, Himachal Pradesh:चंबा में टनल और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन प्रदर्शन करने वाले बोलें अगली बार विधानसभा के बाहर होगा धरना प्रदर्शन वीओ चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा को सरोल शिफ्ट करने और चंबा की कनेक्टिविटी को दुरुस्त करने के लिए प्रस्तावित टनल निर्माण का कार्य शुरू करने की डेट निर्धारित करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शुरुआत उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर सांकेतिक धरने के तौर पर करते हुए आगामी दिनों में विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। धरना प्रदर्शन करने वालों का सीधा तर्क है कि चंबा जिले के हित में इन दोनों मांगों का पूरा बेहद जरुरी है। इन मांगों के पूरी होने से चांपा जिले की जनता को हर लिहाज से राहत मिलने वाली है。
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DVDEVENDER VERMA
Mar 07, 2026 13:45:49
Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन नाहन ग्रामीण परिवेश से संबंध रखने वाले सुशांत चौहान ने पास की UPSC की परीक्षा.. सुशांत ने दूसरे अटेम्प्ट में 559वां रैंक किया हासिल, नौवीं-दसवीं कक्षा से निर्धारित कर लिया था यूपीएससी पास करने का लक्ष्य, प्रतिदिन सात–आठ घंटे पढ़ाई के निरंतर प्रयास से किया लक्ष्य हासिल, अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता और स्कूल अध्यापकों को दिया श्रय, बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट बनान का दिया संदेश, बेटे की सफलता को लेकर पिता ने भी जाहिर की खुशी, बोले सुशांत की सफलता से उनके सम्मान को भी लगे चार चांद, पढ़ाई के प्रति सुशांत बचपन से ही रहा गम्भीर, ग्रामीण परिवेश से संबंध रखने वाले नाहन के सुशांत चौहान ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की है, जिला मुख्यालय नाहन के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र देवका पुडला से संबंध रखने वाले सुशांत चौहान ने UPSC की परीक्षा पास कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुशांत ने अपने दूसरे प्रयास में देशभर में 559वां रैंक हासिल किया है। सुशांत ने बताया कि उन्होंने नौवीं–दशवीं कक्षा के दौरान ही यह लक्ष्य तय कर लिया था कि उन्हें UPSC की परीक्षा पास करनी है। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने निरंतर मेहनत कर सात–आठ घंटे पढ़ाई की। सुशांत के अनुसार तैयारी के दौरान कई बार ऐसे पल भी आए जब मन में पीछे हटने के विचार आए, लेकिन उनके पिता की प्रेरणा और परिवार के सहयोग ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और स्कूल के अध्यापकों को दिया है। सुशांत ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि जीवन में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। SVN स्कूल के प्रधानाचार्य कुंदन ठाकुर ने बताया कि सुशांत स्कूल के समय से ही पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहते थे और उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि सुशांत इस तरह की बड़ी परीक्षा में जरूर सफलता हासिल करेंगे। भूपेंद्र चौहान: सुशांत के पिता ने कहा कि बच्चे की सफलता से परिवार का सम्मान बढ़ा है।
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SPSomi Prakash Bhuveta
Mar 07, 2026 13:32:55
Chamba, Himachal Pradesh:एंकर सिल्लाघ्राट के कलयू में मंदिर में आग लगाने का मामला आया सामने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल तो वही इस घटना को अंजाम देने वाले नाबालिग बेटे के पिता ने मांगी हिंदू समाज से माफ़ी वीओ चंबा। सिल्लाघराट के कलयु गांव में देवी मां के मंदिर में एक युवक के आग लगाने की घटना ने रौंगटे खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले के आरोपी नाबालिग युवक के पिता ने हिंदू समाज से माफ़ी मांग ली है लेकिन क्षेत्र में पेश आई इस घटना की सनातन समाज से जुड़े लोगों ने निंदा करते हुए इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने को आवाज़ बुलंद की है। इस मामले में सनातन धर्म से जुड़ें लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा है। वैसे जिस तरह की यह घटना पेश आई है। सुनने में भी अज़ीब सा लग रहा है कि आखिर धार्मिक स्थलों पर आग लगाकर देवी देवताओं को जलाने की पराकाष्ठा की कोई सोच भी कैसे सकता है। लेकिन घटना में संलिप्त नाबालिग युवक के परिजनों ने माफी मांगते हुए इस घटना को तूल नहीं देने की अपील की है।
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MSManish Sharma
Mar 07, 2026 13:32:39
Tarn Taran Sahib, Punjab:एंकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा क्षेत्र खेमकरण में करीब 127 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों के कार्यों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि शिअद में हमेशा परिवारवाद को ही बढ़ावा दिया गया, जहां सालों, जीजों और भतीजों को ही आगे किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा आम घरों से निकलने वाले युवाओं और नए चेहरों को मौका दिया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल को सत्ता से बाहर हुए करीब 10 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वे आज भी सड़कों के निर्माण के दावे करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में अब उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है。 मान ने आरोप लगाया कि शिअद और कांग्रेस अंदरखाते एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल के शासनकाल में पंजाब में चिट्टा (नशा) बिकता रहा, बेअदबी की घटनाएं हुईं और अकाल तख्त साहिब पर माफी भी मांगी गई, लेकिन बाद में उससे भी मुकर गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े काम हो रहे हैं। पंजाब में नए स्कूल और कॉलेज बनाए जा रहे हैं, बच्चे पढ़ रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 63 हजार नई सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंजाब में बिजली को मुफ्त और सस्ता किया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा किसानों को सिंचाई में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए नई नहरें और खाल बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे पंजाब में करीब 43 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान खेमकरण के विधायक सरवन सिंह धुन ने कहा कि उनके हल्के में पिछली सरकारों के समय कोई खास विकास नहीं हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने 127 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण शुरू करवा दिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को लोग दिल से प्यार करते हैं, यही कारण है कि इस रैली में इसी हल्के के हजारों लोग खुद पहुंचे हैं और बाहरी लोग नहीं लाए गए। उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियां अपनी रैलियों में बाहर से लोगों को लाकर कुर्सियां भरती हैं। विधायक धुन ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का हल्के में विकास कार्य शुरू करवाने के लिए धन्यवाद भी किया। बाइट सरवन धुन
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MJManoj Joshi
Mar 07, 2026 13:32:25
Chandigarh, Chandigarh:ਜਿਵੇਂ ਹੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਮਾਈਕ ਅਤੇ ਕੈਮਰੇ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਪਰ ਸਵਾਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅਸਲ ਮੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ کਿਉਂ ਨਹੀਂ ਬੋਲਦੇ? ਪੰਜਾਬ ਅੱਜ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ, ਗੈਂਗਸਟਰ ਰਾਜ, ਵਧਦੇ ਕਰਜ਼ੇ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਝੂਠੇ ਵਾਅਦਿਆਂ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕੀ ਇਹ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਡਰ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਉਹ ਸਰਵੇਖਣ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ 2027 ਦੀ ਚੋਣ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ 6-7 ਸੀਟਾਂ ਹੀ ਮਿਲਦੀਆਂ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੀਆਂ ਹਨ? ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜਵਾਬ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ — ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਜੀ ਨੂੰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਗੰਭੀਰ ਮੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ。 ਐਡਵੋਕੇਟ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕਲੇਰ ਕੌਮੀ ਮੁੱਖ ਬੁਲਾਰਾ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ
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VBVIJAY BHARDWAJ
Mar 07, 2026 13:02:18
Masanganj, Chhattisgarh:स्लग- बिलासपुर जिला के गांव तलवाड़ निवासी सपना चंदेल ने यूपीएससी परीक्षा परिणाम में हासिल किया ऑल इंडिया रैंक 356, पांचवे अटेम्प्ट में हासिल की उपलब्धि तो वर्ष 2024 में भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर चुकी है सपना चंदेल, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर. बिलासपुर जिला के दो होनहारों ने बाजी मारी है, जिसमें तलवाड़ा गांव की रहने वाली सपना चंदेल ने आल इंडिया रैंक 356 हासिल किया है और घुमाणी के जितेंद्र चंदेल ने आल इंडिया रैंक 804 हासिल कर पूरे जिला का नाम रोशन किया है. जितेंद्र चंदेल ने पहले भी कई अहम प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है. वर्ष 2024 में भारतीय वन सेवा की परीक्षा पास कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था. इसके अलावा वर्ष 2024-25 में एसएएस परीक्षा भी पास की, जिसके बाद वो वर्तमान में मंडी जिला के नेरचौक में अंडर ट्रेनिंग कार्य कर रहे हैं. तलवाड़ा गांव की सपना चंदेल ने यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले वर्ष 2024 में भारतीय वन सेवा परीक्षा परिणाम में आल इंडिया रैंक 51 हासिल कर चुकी है. सपना के पिता रविंद्र चंदेल पूर्व सैनिक है तो माता गृहणी है. सपना की स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के बाद स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित विषय में की है. सपना की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है तो साथ ही मित्र व रिश्तेदार लगातार बधाई दे रहे हैं. सपना चंदेल का कहना है की पांचवे अटेम्प्ट में उन्हें यह सफलता हासिल हुई है और अपनी सफलता का श्रेय वह अपने परिजनों को देती हैं क्योंकि चार अटेम्प्ट में सफलता ना मिलने के باوجود उसके माता पिता ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार उसे स्पॉट करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जिसका नतीजा है की पांचवे अटेम्प्ट में उसने आल इंडिया रैंक 356 हासिल किया है. सपना चंदेल ने कहा की भविष्य में वह एक अच्छा सिविल सर्वेंट बनकर जरूरत मंद 사람들이 मदद कर देश के विकास में अपनी प्रमुख भूमिका अदा करना चाहती है.
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TBTarsem Bhardwaj
Mar 07, 2026 13:02:01
Ludhiana, Punjab:ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਪਸੰਦੀਦਾ ਨਿਵੇਸ਼ ਸਥਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਉਦਯੋਗਿਕ ਤੇ ਵਪਾਰ ਵਿਕਾਸ ਨੀਤੀ-2026 ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਵਿਸਥਾਰ ਪੂਰਵਕ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਦਾ ਆਗਾਜ਼, ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਡਲ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਰਿਆਇਤਾਂ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਰਿਕਾਰਡ ਨਿਵੇਸ਼ ਆ ਰਿਹੈ, ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਗਤੀ ਨੂੰ teਜ਼ ਕਰਨ ਅਤੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ-2026 ਲਿਆਂਦੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ* ਨਿਵੇਸ਼ਕ 20 ਰਿਆਇਤਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਕੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਡਲ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਪੈਕੇਜ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਸ਼; ਸਥਿਰ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੇ 100 ਫੀਸਦ ਤੱਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਦੀ ਸਹੂਲਤ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ* ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਉਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਯੋਗਤਾ ਘਟਾ ਕੇ 25 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ ਛੋਟੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਨੂੰ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਲਈ 50 ਕਾਮੇ ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਛੋਟੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਨੂੰ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਲਈ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਸਬਸਿਡ়ਤੀ ਯੋਗਤਾ ਘਟਾ ਕੇ 25 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ 50 ਕਾਮਿਆਂ ਤੱਕ ਕੀਤੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ* ਲੁਧਿਆਣ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਰਦਾਰ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਉਦਯੋਗਿਕ ਅਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਵਿਕਾਸ ਨੀਤੀ-2026 ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਸੁਧਾਰਾਂ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਿਆਰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਢਾਂਚੇ ਰਾਹੀਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਨੰਬਰ ਇਕ ਨਿਵੇਸ਼ ਸਥਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਦ੍ਰਿਢ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ‘ਚ teਜ਼ੀ ਲੀਆਉਣ, ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਨੂੰ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਵਿੱਚ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਸੁਧਾਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਵੀਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਹ ਆਖਦਿਆਂ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਰਿਕਾਰਡ ਨਿਵੇਸ਼ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ 20 ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਤੱਕ ਚੁਣਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਡਲਾਂ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਅਨੁਕੂਲਿਤ ਪੈਕੇਜ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਇਸ ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਸਥਿਰ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੇ 100 ਫੀਸਦ ਤੱਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਉੱਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਯੋਗਤਾ ਦੀ ਸ਼ਰਤ ਨੂੰ 25 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ 50 ਕਾਮਿਆਂ ਤੱਕ ਘਟਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਹ ਨੀਤੀ ਉਦਯੋਗਿਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਲਈ ਵੱਡੀਆਂ ਸੰਭਵਾਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਖੋਲ੍ਹਦਿਆਂ ਨਿਰਮਾਣ, ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਤੇ ਉੱਭਰ ਰਹੇ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮੋਹਰੀ ਸਥਾਨ ਵਜੋਂ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਇਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗਿਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਤਬਦੀਲੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਰਤ ਦਾ ਹਰ ਦੂਜਾ ਰਾਜ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਨਿਰਧਾਰਤ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸੂਚੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਅਪਨਾਉਣ ਜਾਂ ਛੱਡਣ ਦਾ ਵਿਕਲਪ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਇਸ ਰੀਤ ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਦਿਖਾਇਆ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਹੁਣ ਇੱਕ ਨਿਵੇਸ਼ਕ 20 ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਤੱਕ ਲੈ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਡਲ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਇੱਕ ਪੈਕੇਜ ਬਣਾ ਸਕਦਾ ਹੈ。 ਇਸ ਪਹੁੰਚ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਦਾ ਤਰਕ ਸਮਝਾਉਣਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ कि ਵੱਖ-ਵੱਖ ਉਦਯੋਗਾਂ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਚਾਲਨ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਅਤੇ ਲਾਗਤ ਢਾਂਚੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਜਿਵੇਂ ਫਾਰਮਾਸਿਊਟੀਕਲ ਕੰਪਨੀਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਈਵੀ ਨਿਰਮਾਤਾ ਨਾਲੋਂ ਵੱਖਰੇ ਸਮਰਥਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇੱਕ ਡੇਟਾ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਇੱਕ ਟੈਕਸਟਾਈਲ ਪਲਾਂਟ ਨਾਲੋਂ ਵੱਖਰੀ ਲਾਗਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਇਸ ਚੀਜ਼ ਨੂੰ ਮੰਨਦਿਆਂ ਉਦਯੋਗ ਦੀ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਹਰ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਢਾਂਚਾ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਖੇਤਰ, ਲਾਗਤ ਢਾਂਚੇ ਅਤੇ ਕਾਰਜਾਂ ਦੇ ਪੈਮਾਨੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅਨੁਕੂਲ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਚੁਣਨ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੇ ਪੈਕੇਜ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਲਾਗਤ ਢਾਂਚੇ ਅਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਅਨੁਕੂਲ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਹੂਲਤ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਨੀਤੀ ਦੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਵੱਡੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕੋਈ 100 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਪਲਾਂਟ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ 100 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਉਸ ਲਈ ਆਪਣੇ ਜੋਖਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਹੈ। ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਦੇ ਨਾਲ ਸਰਕਾਰ ਇੱਕ ਹਿੱਸਾ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਸਹਿ-ਨਿਵੇਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਜੋਖ਼ਮ ਘਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਰਥਸ਼ਾਸਤਰ ਵਿੱਚ ਕਾਫ਼ੀ ਸੁਧਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ। “ਇਸਦਾ ਮਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਘੱਟ ਨਿਵੇਸ਼ ਨਾਲ ਉਹੀ ਮਾਲੀਆ। ਪੰਜਾਬ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਰਾਜ ਹੈ ਜਿਸਨੇ ਇਹ ਸਹੂਲਤ ਪੇਸ਼ਕਸ਼ ਕੀਤੀ ਹੈ।” ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ कि ਦੂਜੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀਆਂ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਨਵੇਂ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜਦੋਂ ਕਿ ਮੌਜੂਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅਕਸਰ ਦਰਕਿਨਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। “ਦੂਜੇ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀਆਂ ਬਾਹਰੀ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ,ਜੋ ਨਵੇਂ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ, ਗ੍ਰੀਨਫੀਲ্ড ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਅਤੇ ਕੰਪਨੀਆਂ ਨੂੰ ਦੂਜੇ ਰਾਜਾਂ ਤੋਂ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ, ਜਦਿ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਟੈਕਸ ਅਦਾ ਕਰ ਰਹੇ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਦੇ ਰਹੇ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਮ ਤੌਰ 'ਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਵਿਚਾਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਆਧੁਨਿਕੀਕਰਨ ਅਤੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਦੇ ਕੇ ਇਸ ਅਸੰਤੁਲਨ ਨੂੰ ਠੀਕ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਨੇ ਇਸ ਰੀਤ ਨੂੰ ਬਦਲ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਤਹਿਤ ਹੁਣ ਆਧੁਨਿਕੀਕਰਨ ਅਤੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਵੀ ਹੁਣ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਲਈ ਯੋਗ ਹਨ। ਇੱਕ ਲੁਧਿਆਣਾ ਨਿਰਮਾਤਾ ਜੋ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਨੂੰ ਅਪਗ੍ਰੇਡ ਕਰਨਾ, ਉਤਪਾਦਨ ਲਾਈਨ ਜੋੜਨਾ ਜਾਂ ਸਮਰੱਥਾ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਹੁਣ ਨਵੇਂ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨੀਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰੇਗਾ।” ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕੀ ਇਹ ਨੀਤੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਦੀ ਸਮਾਂ-ਸੀਮਾ ਵਧਾਉਣ ਦੈ ਵਿਕਲਪ ਨਾਲ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਸਥਿਰਤਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ avadhi ਨੂੰ 15 ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਸੂਬਿਆਂ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਪੰਜ ਤੋਂ 10 ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਵਿਵਸਥਾ ਪੂੰਜੀ-ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੈ। "ਇਹ ਭਾਰੀ ਉਦਯੋਗਾਂ, ਸੈਮੀਕੰਡਕਟਰ, ਫਾਰਮਾਸਿਊਟੀਕਲ, ਡੇਟਾ ਸੈਂਟਰ ਅਤੇ ਹੋਰਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਵਰਦਾਨ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਉਹ ਕਾਰੋਬਾਰ ਨਹੀਂ ਹਨ ਜੋ ਦੂਜੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਮੁਨਾਫਾ ਦੇਣ ਲੱਗਦੇ ਹਨ, ਸਗੋਂ ਇਹ ਦਹਾਕੇ ਭਰ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਿਵਸਥਾ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਮਹੱਤਤਾ ਬਾਰੇ ਦੱਸਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਦਰਾਂ ਸਾਲ ਭਵਿੱਖ ਦੇ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦੇ ਕੁੱਲ ਮੌਜੂਦਾ ਮੁੱਲ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਸ਼ੁੱਧ ਮੌਜੂਦਾ ਮੁੱਲ ਨੂੰ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਢੰਗ ਨਾਲ ਬਦਲਦੇ ਹਨ। ਪੂੰਜੀ-ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ ਇਹ ਪੂਰੀ ਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਚੀਜ਼ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਥਿਰ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾ ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਇਸਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸ ਅਧਾਰ ਨੂੰ ਵਧਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ ਜਿਸ 'ਤੇ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦੀ ਗਣਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਸਥਿਰ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਨੂੰ ਉਸ ਅਧਾਰ ਵਜੋਂ ਮੁੜ ਪਰਿਭਾਸ਼ਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ 'ਤੇ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਤਸਾਹਨਾਂ ਦੀ ਗਣਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਜ਼ਮੀਨ, ਲੇਬਰ ਹਾਊਸਿੰਗ, ਖੋਜ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਸਹੂਲਤਾਂ, ਐਫਲੂਐਂਟ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ, ਸੀਵਰੇਜ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਅਤੇ ਜ਼ੀਰੋ ਤਰਲ ਡਿਸਚਾਰਜ ਸਿਸਟਮ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਥਿਰਤਾ ਅਤੇ ਪਾਲਣਾ ਨਾਲ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਨੂੰ ਵਿੱਤੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸਮਰਥਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਦੁਆਰਾ ਇੱਕ ਅਨੁਕੂਲ, ਟਿਕਾਊ ਸਹੂਲਤ ਬਣਾਉਣ 'ਤੇ ਖਰਚ ਕੀਤਾ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਹਰ ਰੁਪਿਆ ਹੁਣ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰੇਗਾ। ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦੀ ਗਣਨਾ ਲਈ ਆਧਾਰ ਹੁਣ ਕਾਫ਼ੀ ਵੱਡਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਉਦਯੋਗਨਾਂ ਨੂੰ ਵਿੱਤੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਲਾਭ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੀਤੀ ਛੋਟੇ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਲਈ ਉਦਯੋਗਿਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਪਹੁੰਚਯੋਗ ਬਣਾਉਣ 'ਤੇ ਵੀ ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਹੈ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਉੱਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਯੋਗਤਾ ਨੂੰ ਘटਾ ਕੇ 25 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ 50 ਕਾਮਿਆਂ ਤੱਕ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਨਿਰਧਾਰਤ ਸੀਮਾਵਾਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਉੱਦਮਾਂ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਰੱਖਦੀਆਂ ਸਨ ਅਤੇ ਇਹ ਸੀਮਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਹ ਪਹਿਲਾਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਬਸਿਡੀ ਢਾਂਚੇ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਰੱਖਦੀ ਸੀ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਵਿੱਚ ਛੋਟੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ 'ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਉਦਯੋਗ ਦੀ ਰੀੜ੍ਹ ਸਿਰਫ਼ ਵੱਡੇ ਪਲਾਂਟ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਜਲੰਧਰ, ਬਟਾਲਾ ਅਤੇ ਗੋਬਿੰਦਗੜ੍ਹ ਵਿੱਚ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਛੋਟੇ ਨਿਰਮਾਤਾ ਹਨ ਜੋ 30, 40 ਜਾਂ 50 ਲੋਕਾਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੇ ਉੱਦਮਾਂ ਨੂੰ ਈਜੀਐਸ ਢਾਂਚੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਲਿਆ ਕੇ ਅਸੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਅਸਲ ਪੈਸਾ ਲਗਾ ਰਹੇ ਹਾਂ ਜੋ اپنے ਨਿਵੇਸ਼ ਦੇ ਹਰ ਰੁਪਏ ਪਿਛੇ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕਾਮਿਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਦੇਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਅਭਿਆਸਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਦੀ ਹੈ। “ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਔਰਤਾਂ, ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆਂ/ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਨਜਾਤੀ ਅਤੇ ਦਿਵਿਆਂਗ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਕਾਰੋਬਾਰਾਂ ਅਤੇ ਆਈਟੀ/ਆਈਟੀਈਐਸ ਅਤੇ ਜੀਸੀਸੀ ਯੂਨਿਟਾਂ ਲਈ ਉੱਚ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਉਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਦਰਾਂ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾ ਕੇ ਸਿਰਫ਼ ਸਮਾਜਿਕ ਵਿਵਸਥਾ ਤੱਕ ਸੀਮਤ ਨਾ ਰੱਖ ਕੇ ਇੱਕ ਵਿੱਤੀ ਵਿਵਸਥਾ ਵੀ ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਦੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹੈ। “ਈਐਸਜੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਵਾਲੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਅਤੇ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਨੂੰ ਵਿਚਾਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਲਈ, ਇਹ ਇੱਕ ਨੀਤਿਗਤ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਹੈ ਜੋ 2026 ਵਿੱਚ ਬੋਰਡਰੂਮ ਤਰਜੀਹਾਂ ਨਾਲ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਨਜਿੱਠਦੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗੀਕਰਨ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਵਾਧੂ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਧਿਆਨ ਦੇਣ ਯੋਗ ਨੌਂ ਤਰਜੀਹੀ ਖੇਤਰਾਂ ਅਤੇ ਸਰਹੱਦੀ ਤੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਉਦਯੋਗਾਂ ਲਈ 25 ਫੀਸਦ ਵਾਧੂ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਠਾਨਕੋਟ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਅਤੇ ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ ਵਰਗੇ ਸਰਹੱਦੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਨਿਵੇਸ਼ ਦਾ ਪੱਧਰ ਇਤਿਹਾਸਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਘੱਟ ਰਿਹਾ ਹੈ। “ਇਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਤਿਹਾਸਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਭੂਗੋਲਿਕ ਜੋਖਮ ਦੇ ਕਾਰਨ ਘੱਟ ਨਿਵੇਸ਼ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਚੀਜ਼ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਹੁਣ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਸਿਰਫ਼ ਭਰੋਸਾ ਦੇਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੋਖਮ ਲਈ ਵਿੱਤੀ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਉੱਦਮ ਸਥਾਪਤ ਕਰਨ ਦੇ ਚਾਹਵਾਨ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਉੱਦਮੀਆਂ ਲਈ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸਟੈਕ ਸੱਚਮੁੱਚ ਇੱਕ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਹੁਣ ਕਈ ਮੁੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਮਰਪਿਤ ਨੀਤ੍ਰੀਤ ਢਾਂਚੇ ਹੋਣਗੇ। "ਆਈਟੀ/ਆਈਟੀਈਐਸ, ਜੀਸੀਸੀ, ਇਵੀਜ਼, ਐਸਡਐਮ, ਸੈਮੀਕੰਡਕਟਰ, ਫਿਲਮ ਨਿਰਮਾਣ, ਸੈਰ-ਸਪਾਟਾ ਅਤੇ ਹੋਰ ਹਰੇਕ ਸੈਕਟਰ ਲਈ ਇੱਕ ਸਮਰਪਿਤ ਨੀਤੀ ਹੋਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀਆਂ ਵਿਆਪਕ ਉਦਯੋਗ ਸਲਾਹ-ਮਸ਼ਵਰੇ ਰਾਹੀਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸਿਰਫ ਕੋਈ ਛੋਟੀ ਵਿਵਸਥਾ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਇੱਕ ਸੈਕਟਰ ਮਾਹਰ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਵਾਲੀ ਉਦਯੋਗ ਕਮੇਟੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਇੱਕ ਸਟੈਂਡਅਲੋਨ ਢਾਂਚਾ ਹੈ। ਇਸਦਾ ਮਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਉਦਯੋਗ ਨਾਲ ਸਲਾਹ-ਮਸ਼ਵਰਾ ਕੀਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਲਾਗਤ ਢਾਂਚੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਹਨ。 ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਵਧਦੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਲ 2022 ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ 1.55 ਲੱਖ ਕਰੋੜ ਦਾ ਨਿਵੇਸ਼ ਹਾਸਲ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚੋਂ 55,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਨਿਵੇਸ਼ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਹੀ ਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ “ਟਾਟਾ, ਇਨਫੋਸਿਸ, ਵਰਧਮਾਨਕ, ਟ੍ਰਾਇਡੈਂਟ, ਐਚਐਮਈਐਲ ਅਤੇ ਫੋਰਟਿਸ ਵਰਗੇ ਸਾਰੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਇੱਕ ਸਾਲ ਦੀ ਸਮਾਂ-ਸੀਮਾ ਵਿੱਚ ਹੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹਨ۔ ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੀਤੀ ਦੇ ਤਹਿਤ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਜ਼ਮੀਨ, ਮਸ਼ੀਨਰੀ, ਇਮਾਰਤਾਂ, ਖੋਜ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਈਟੀਪੀ ਸਮੇਤ ਆਪਣੇ ਸਥਿਰ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੇ 100 ਫੀਸਦ ਤੱਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਨੀਤੀ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਪ੍ਰਗਤੀ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਾਜ਼ਗਾਰ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਹੌਲ ਵਿੱਚ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਦੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ਼ ਦੀ ਬਹਾਲੀ ਦੋਵੇਂ ਨਾਲੋ-ਨਾਲ ਅਤੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਧਣ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਲਗਭਗ 200 ਮੋਹਰੀ ਉਦਯੋਗਪਤੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਰਿਆਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਵਿੱਚ ਲਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ , ਜੋ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਰਾਹ ’ਤੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਭਾਗੀਦਾਰੀ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਾ ਪ੍ਰਮਾਣ ਹੈ。 ਇਸ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਦੱਸਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਨਿਰਮਾਣ, ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਤੇ ਉੱਭਰ ਰਹੇ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਮੋਹਰੀ ਥਾਂ ਵਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰੇਗੀ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਇਨਹੈਂਸਡ ਸਟਾਰਟਅੱਪ ਸੀਡ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਅਤੇ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਰਕਾਰੀ ਸਟਾਰਟਅੱਪ ਹੱਬ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਰਾਹੀਂ ਸਟਾਰਟਅੱਪਾਂ ਲਈ ਸਾਕਾਰਤਮਕ ਮਾਹੌਲ ਨੂੰ ਵੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਨਿਰਯਾਤ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਫ਼੍ਰਾਈਟ ਅਤੇ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਸਬਸਿਡੀ ਸਹਾਇਤਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਮੈਗਾ ਨਿਵੇਸ਼ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਇੱਕ ਅਨੁਕੂਲਿਤ ਪੈਕੇਟ Comittee sthaapet ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਨ ਦੀ ਸੌਖ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ, ਕਿਰਤ ਨਿਯਮਾਂ ਅਤੇ ਇਮਾਰਤ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਵੱਡੇ ਸੁਧਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। “ਇਹ ਨੀਤੀ ਭਾਰਤ ਅਤੇ ਦੁਨੀਆ ਭਰ ਦੇ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕਾਰੋਬਾਰ ਲਈ ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਹੈ। ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਵਿਆਪਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਢਾਂਚੇ ਨਾਲ , ਪੰਜਾਬ ਉਦਯੋਗ ਜਗਤ ਦੇ ਵਿਕਾਸ, ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਹੈ.”’’ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਨੀਤੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਸਸ਼ਕਤ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਤਬਦੀਲੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉੰਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਅਜਿਹੀ ਨੀਤੀ ਆਈ ਹੈ ਜਿਸ ਨੇ ਦਰਅਸਲ ਸ਼ਕਤੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਦੇ ਹੱਥਾਂ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਉਹ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਚੁਣ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਉਹ ਲਾਭ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਸਮਾਂ ਸੀਮਾਂ ਚੁਣਨ ਦੀ ਵੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਹੈ।” “ਇਹ ਆਜ਼ਾਦੀ ਅਤੇ ਨਿਵੇਸ਼ਕ-ਅधਾਰਤ ਢਾਂਚਾ ਬੇਮਿਸਾਲ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਿਵੇਸ਼ਕ-ਅਨੁਕੂਲ ਸੂਬਾ ਬਣਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ।”’’ ਇਸ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਪਿਛਲੀ ਦੂਰਅੰਦੇਸ਼ੀ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾਉਂਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਦਯੋਗਿਕ ਅਤੇ ਵਪਾਰ ਵਿਕਾਸ ਨੀਤੀ- 2026 ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ, ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮੁਕਾਬਲਾਬਾਜ਼ੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਮੌਕੇ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਏਗੀ。 ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਬਿਜਲੀ, ਉਦਯੋਗ, ਵਣਜ ਅਤੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਮੰਤਰੀ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਘਰੇਲੂ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸੰਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦੀ ਪੜਚੋਲ ਕਰਨ ਅਤੇ 13-15 ਮਾਰਚ 2026 ਨੂੰ ਮੋਹਾਲੀ ਦੀ ਪਲਾਕਸ਼ਾ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਖੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਸੰਮੇਲਨ- 2026 ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣ ਲਈ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ। ਮੰਤਰੀ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਸੰਮੇਲਨ ਵਿੱਚ ਸੂਬਾ ਆਪਣੇ ਨਵੇਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਅਤੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੇ ਮੌਕਿਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰੇਗਾ।” ਨੀਤੀ ਕਈ ਅਜਿਹੀਆਂ ਅਹਿਮ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਰਾਹੀਂ ਇਹ ਤੈਅ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਉਦਯੋਗਿਕ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦੀ ਨੁਹਾਰ ਨੂੰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਤੌਰ ’ਤੇ ਮੁੜ ਆਕਾਰ ਕਿਵੇਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨਵੀਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਦੀਆਂ ਮੁੁੱਖ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾਵਾਂ * ਨਿਵੇਸ਼ਕ-ਡਿਜ਼ਾਈਨ ਕੀਤੇ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪੈਕੇਜ* ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਨਿਵੇਸ਼ਕ 20 ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਣ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਾਡਲਾਂ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਅਨੁਕੂਲਿਤ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪੈਕੇਜ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਯੋਗ ਹੋਣਗੇ। ਇਹ ਲਚਕਦਾਰ ਢਾਂਚੇ ਅਨੁਸਾਰ ਫਾਰਮਾਸਿਊਟੀਕਲ, ਇਲੈਕਟ੍ਰਿਕ ਵਾਹਨ, ਡੇਟਾ ਸੈਂਟਰ ਅਤੇ ਟੈਕਸਟਾਈਲ ਵਰਗੇ ਉਦਯੋਗ ਬਹੁਤ ਵੱਖਰੇ ਲਾਗਤ ਢਾਂਚੇ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸੈਕਟਰ, ਪੈਮਾਨੇ ਅਤੇ ਸੰਚਾਲਨ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ. * ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ* ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਰਾਜ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪੂੰਜੀ ਸਬਸਿਡੀ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਸ਼ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਹ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢਾਂਚਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਬੋਝ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਸਾਂਝਾ ਕਰਨ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਲਈ ਪੂੰਜੀ ਜੋਖਮ ਨੂੰ ਘਟਾਉਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਤਪਾਦਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦੀ ਅੰਦਰੂਨੀ ਰਿਟਰਨ ਦਰ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ। * ਮੌਜੂਦਾ ਉਦਯੋਗ ਹੁਣ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਲਈ ਯੋਗ ਹਨ* ਨੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਨੂੰ ਮਾਨਤਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਆਧੁਨਿਕੀਕਰਨ, ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਅੱਪਗ੍ਰੇਡ, ਸਮਰੱਥਾ ਵਿਸਥਾਰ ਅਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਨਿਰਮਾਤਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਨਵੀਆਂ ਉਤਪਾਦਨ ਲਾਈਨਾਂ ਹੁਣ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਲਈ ਯੋਗ ਹੋਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਤੋਂ ਨਵੇਂ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਵੀ ਬਰਾਬਰ ਦਾ ਲਾਭ ਸਕਣਗੇ। * ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸਹਾਇਤਾ 15 ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਵਧਾਈ ਜਾਏਗੀ* ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸਹਾਇਤਾ ਪੰਦਰਾਂ ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਵਧਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਕਈ ਹੋਰ ਸੂਬਿਆਂ ਦੁਆਰਾ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਆਮ ਪندرੋਂ ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਮਿਆਦ ਨਾਲੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ, ਅਜੋਕੇ ਤੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਪੂੰਜੀ ਖੇਤਰਾਂ ਜਿਵੇਂ ਸੈਮੀਕੰਡਕਟਰ, ਫਾਰਮਾਸਿਊਟੀਕਲ ਅਤੇ ਡੇਟਾ ਸੈਂਟਰਾਂ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ’ਤੇ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਰਿਟਰਨ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਲੰਮਾਂ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ। * ਫਿਕਸਡ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਵਿਸਤೃತ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾ* ਨੀਤੀ ਫਿਕਸਡ ਪੂੰਜੀ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਪਰਿਭਾਸ਼ਾ ਦਾ ਵਿਸਤਾਰ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜੋ ਅੱਗੇ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਦੇ ਮਲੁਾਂਕਣ ਦਾ ਆਧਾਰ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਜ਼ਮੀਨ, ਕਿਰਤ ਰਿਹਾਇਸ਼, ਖੋਜ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਸਹੂਲਤਾਂ, ਇਫਿਊਲੈਂਟ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ, ਸੀਵਰੇਜ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਅਤੇ ਜ਼ੀਰੋ ਤਰਲ ਡਿਸਚਾਰਜ ਪ੍ਰਣਾਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਨਿਵੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿ ਟਿਕਾਊ ਅਤੇ ਅਨੁਕੂਲ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਨਿਵੇਸ਼ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਅਧਾਰ ਵਿੱਚ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦਾ ਹੈ। * ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਉੱਦਮਾਂ ਲਈ ਵਧੇਰੇ ਸਹਾਇਤਾ* ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਉਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਯੋਗਤਾ ਨੂੰ 25 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਨਿਵੇਸ਼ ਅਤੇ 50 ਕਾਮਿਆਂ ਤੱਕ ਘਟਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਛੋਟੀਆਂ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੀਆਂ ਨਿਰਮਾਣ ਇਕਾਈਆਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਂਦਾ ਹੈ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਜਲੰਧਰ, ਬਟਾਲਾ ਅਤੇ ਗੋਬਿੰਦਗੜ੍ਹ ਵਰਗੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਕਲੱਸਟਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ ਜ਼ਿਆਦਤਰ ਕਾਰੋਬਾਰ 30 ਤੋਂ 50 ਕਰਮਚਾਰਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰਜਬਲ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ। * ਵਿੱਤੀ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ* ਔਰਤਾਂ, ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆਂ, ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਕਬੀਲਿਆਂ, ਦિવਿਆਂਗ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਅਤੇ ਆਈਟੀ, ਆਈਟੀਈਐਸ ਅਤੇ ਗਲੋਬਲ ਸਮਰੱਥਾ ਕੇਂਦਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੇਣ ਵਾਲੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਲਈ ਉੱਚ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਉਤਪਤੀ ਸਬਸਿਡੀ ਉਪਲਬਧ ਹੋਵੇਗੀ। ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕਾਰਜਬਲ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ, ਨੀਤੀ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਵਿੱਤੀ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰਨ ਨੂੰ ਜੋੜਦੀ ਹੈ। * ਤਰਜਹੀ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ 25 ਫੀਸਦੀ ਵਾਧੂ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ* 9 ਤਰਜੀਹੀ ਖੇਤਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਸਰਹੱਦੀ ਅਤੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰਾਂ ਨੂੰ 25 ਫੀਸਦੀ ਵਾਧੂ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸਹਾਇਤਾ ਮਿਲੇਗੀ। ਪਠਾਨਕੋਟ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਅਤੇ ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ ਵਰਗੇ ਸਰਹੱਦੀ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਨੂੰ ਇਤਿਹਾਸਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਘੱਟ ਨਿਵੇਸ਼ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗਿਕ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹਨਾਂ ਵਧੇ ਹੋਏ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨਾਂ ਦਾ ਲਾਭ ਮਿਲੇਗਾ。 * ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸਮਾਂ-ਸੀਮਾਵਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਲਚਕਦਾਰ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ* ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸਹਾਇਤਾ ਅਵਧੀ ਨੂੰ ਪੰਦਰਾਂ ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਵਧਾਉਣ ਦਾ ਵਿਕਲਪ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਉਹ ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਵਿੰਡੋ ਕਦੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਫੈਸਲਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਨੀਤੀ ਸਮਾਂ-ਸੀਮਾਵਾਂ ਦੀ ਬਜਾਏ ਨਿਵੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਅਸਲ ਜੀਵਨ ਚੱਕਰ ਨਾਲ ਇਕਸਾਰ ਹੋਣ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੰਦਾ ਹੈ。 * ਸਮਰਪਿਤ ਖੇਤਰੀ ਨੀਤੀਆਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ* ਆਈਟੀ ਅਤੇ ਆਈਟੀਈਐਸ, ਗਲੋਬਲ ਸਮਰੱਥਾ ਕੇਂਦਰਾਂ, ਇਲੈਕਟ੍ਰਿਕ ਵਾਹਨਾਂ, ਇਲੈਕਟ੍ਰੋਨਿਕਸ ਸਿਸਟਮ ਡਿਜ਼ਾਈਨ ਅਤੇ ਨਿਰਮਾਣ, ਸੈਮੀਕੰਡਕਟਰ, ਫਿਲਮ ਨਿਰਮਾਣ ਅਤੇ ਸੈਰ-ਸਪਾਟਾ ਸਮੇਤ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਲਈ ਵੱਖਰੇ ਨੀਤੀ ਢਾਂਚੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਹਰੇਕ ਖੇਤਰ ਕੋਲ ਹੁਣ ਉਦਯੋਗ ਮਾਹਰਾਂ ਅਤੇ ਸੈਕਟਰ ਕਮੇਟੀਆਂ ਨਾਲ ਸਲਾਹ-ਮਸ਼ਵਰੇ ਦੁਆਰਾ ਵਿਕਸਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇੱਕ ਸਮਰਪਿਤ ਨੀਤੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਸੈਕਟਰ-ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਹਨ। ਨਵੀਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਅਜਿਹੇ ਸਮੇਂ ਆਈ ਹੈ ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ ਦੀ ਗਤੀ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਾਧਾ ਦੇਖ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਸਾਲ 2022 ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨੇ 1.55 ਲੱਖ ਕਰੋੜ ਦੇ ਨਿਵੇਸ਼ ਪ੍ਰਸਤਾਵ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਹੀ 55,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਟਾਟਾ, ਇਨਫੋਸਿਸ, ਵਰਧਮਾਨ, ਟਰਾਈਡੈਂਟ, ਐਚਐਮਈਐਲ ਅਤੇ ਫੋਰਟਿਸ ਸਮੇਤ ਵੱਡੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਿਵੇਸ਼ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਬਣਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਮਾਹੌਲ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿੱਚ ਵਧ ਰਹੇ ਵਿਸ਼ਵਵਾਸ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ。 ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਲਚਕਤਾ, ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ, ਮੌਜੂਦਾ ਉਦਯੋਗਾਂ ਲਈ ਸਹਾਇਤਾ, ਸਮਾਵੇਸ਼ੀ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਰਣਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾਬੱਧ ਖੇਤਰੀ ਵਿਕਾਸ ’ਤੇ ਧਿਆਨ ਕੇਂਦਰਿਤ ਕਰਦਿਆਂ ਨਵੀਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ, ਨੌਕਰੀਆਂ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਤਬਦੀਲੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵੱਡੇ ਕਦਮ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ。
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VKVarun Kaushal
Mar 07, 2026 13:00:37
Samrala, Punjab:ਮੁਹੱਲਾ ਵਾਸੀਆਂ ਲਈ ਸੜਕ ਤੇ ਪਏ ਟੋਇਆ ਕਾਰਨ ਆਉਣਾ ਜਾਣਾ ਬਣਿਆ ਜੀ ਦਾ ਜਨਜਾਲ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਮੁਹੱਲਾ ਵਾਸੀ ਕਰ ਰਹੇ ਨੇ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਸਮਰਾਲਾ ਦੇ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 12 ਭਗਵਾਨਪੁਰਾ ਰੋਡ ਦੇ ਮਹੱਲਾ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਪਿਛਲੇ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਕਾਫੀ ਦਿੱਕਤਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਛੱਡਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਰੋਜ਼ ਮਰਾ ਵਾਲੀ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਕਰਨ ਲਈ ਆਉਣ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਰਸਤੇ ਨੂੰ ਬੀਐਸਐਨਐਲ ਵੱਲੋਂ ਤਾਰਾਂ ਪਾਉਣ ਲਈ ਕੀਤੇ ਕੰਮ ਦੌਰਾਨ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਪਾਈਪਾਂ ਤੋੜ ਦਿੱਤੀ ਗਈਆ ਇਸ ਨੂੰ ਠੀਕ ਕਰਨ ਲਈ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਵੱਲੋਂ ਟੋਏ ਪੁੱਟੇ ਗਏ ਇਸ ਰਸਤੇ ਤੇ ਟੋਏ ਪੈਣ ਕਾਰਨ ਹੋਏ ਬੰਦ ਰਸਤੇ ਦੇ ਕਾਰਨ ਡੇਢ ਤੋਂ ਦੋ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਘੁੰਮ ਕੇ ਆਉਣਾ ਜਾਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮੁਹੱਲਾ ਵਾਸੀ ਕਾਫੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਹਨ ਮਹੱਲਾ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਲਗਭਗ 20 ਤੋਂ 30 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ਉੱਤੇ ਬੀਐਸਐਲ ਵੱਲੋਂ ਕੋਈ ਤਾਰਾਂ ਪਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਸਨ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੀਣ ਵਾਲੀ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਪਾਈਪਾਂ ਟੁੱਟਣ ਕਾਰਨ ਸਾਰਾ ਰਸਤਾ ਟੋਏਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਗਿਆ ਮਹੱਲਾ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਪਏ ਟੋਇਆਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਕਾਫੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਆ ਝਿਲਣੀਆਂ ਪੈ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀਆਂ ਚੱਲ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਾ ਤਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਹੁਣ ਬੀਐਸਐਲ ਵਾਲੇ ਆਪਣੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਮਝ ਕੇ ਠੀਕ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਵਾਲੇ ਇਸ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਮਝ ਕੇ ਠੀਕ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਨੂੰ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਪ੍ਰੰਤੂ ਹਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਵੀ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾਇਆ ! ਇਸ ਸੰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਜਦੋਂ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਅਧਿਕਾਰੀ ਜਗਰੂਪ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੀਐਸ ਐਨਐਲ ਵੱਲੋਂ ਜੋ ਲੋਹੇ ਦੀਆਂ પਾਈਪਾਂ ਪਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਭਗਵਾਨਪੁਰਾ ਰੋਡ ਉੱਪਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੌਰਾਨ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੀ ਵਾਟਰ ਸਪਲਾਈ ਵਾਲੀ ਪਾਈਪ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਗਿਆ ਇਸ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਬੀਐਸਐਨਐਲ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸੋਮਵਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਸਮਾਂ ਮੰਗਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਦੀ ਰਿਪੇਅਰ ਕਰਵਾਈ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਜਦੋਂ ਇਹ ਸੰਬੰਧ ਵਿੱਚ ਬੀਐਸਐਨਐਲ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਫੋਨ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ।
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VBVIJAY BHARDWAJ
Mar 07, 2026 13:00:15
Masanganj, Chhattisgarh:सपना चंदेल ने यूपीएससी परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया रैंक 356 पाया है, पांचवे अटेम्प्ट में यह सफलता हासिल की। वर्ष 2024 में भारतीय वन सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 51 प्राप्त कर चुकी सपना चंदेल के इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। बिलासपुर जिला के तलवाड़ा गांव की रहने वाली सपना चंदेल ने यूपीएससी में 356 रैंक पाया है तथा घुमाणी के जितेंद्र चंदेल ने ऑल इंडिया रैंक 804 हासिल कर जिला का नाम रोशन किया है। जितेंद्र चंदेल ने पहले भी कई अहम प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है; वर्ष 2024 में भारतीय वन सेवा की परीक्षा पास कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ष 2024-25 में एसएएस परीक्षा भी पास की, इसके बाद वे मंडी जिले के नेरचौक में अंडर ट्रेनिंग कर रहे हैं। सपना चंदेल के पिता रविंद्र चंदेल पूर्व सैनिक हैं जबकि माता गृहणी हैं। सपना की स्कूली शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक व स्नातकोत्तर किया है। सपना पांचवें अटेम्प्ट में सफल रही और अपने परिजनों को इसकी सफलता का श्रेय देती हैं जिन्होंने चार अटेम्प्ट में असफल होने के बावजूद उनका हौसला बनाए रखा। भविष्य में वह एक अच्छे सिविल सेवक बनकर जरूरतमंदों की मदद कर देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं।
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ADAnkush Dhobal
Mar 07, 2026 12:34:55
Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश कांग्रेस के state Sabha प्रत्याशी अनुराग शर्मा करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. उनके बैंक खातों में करीब 15 करोड़ रुपए की पूंजी है. कैश इन हैंड के तौर पर केवल चार लाख रुपए हैं. अनुराग शर्मा के पास जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर और टिप्पर के रूप में 30 कमर्शियल व्हीकल हैं. इसके साथ ही उनके पास महिंद्रा एसयूवी, हुंडई क्रेटा, मर्सिडीज, महिंद्रा एसयूवी- 500, हुंडई वेरना गाड़ियाँ हैं. इसके अलावा 13 बसों का मालिकाना है. एक बोलेरो कैंपर, दस टिप्पर, तीन जेसीबी मशीनें हैं, दो ट्रैक्टर हैं. इन सभी की कीमत पौने दो करोड़ रुपए के करीब है. अनुराग शर्मा के पास पंजाब नेशनल बैंक के बचत खाते में 1.96 करोड़ रुपए से अधिक की रकम है. इसके अलावा इसी बैंक के एक अन्य बचत खाते में 55.75 लाख रुपए से अधिक पूंजी है. निजी बैंक एचडीएफसी में 20.22 लाख रुपए व केसीसी बैंक कांगड़ा में 36 हजार रुपए से अधिक की जमा पूंजी है. हिंदू अनडिवाइडिड फैमिली के रूप में पीएनबी में 83.81 लाख रुपए से अधिक हैं. अन्य बैंक खातों में जमा पूंजी के अनुसार एचडीएफसी में 2.90 रुपए से अधिक हैं. साथ ही आईसीआईसीआई में 1.20 करोड़ रुपए से अधिक की रकम, केसीसी बैंक में 49.90 लाख रुपए से अधिक, इसी बैंक के अन्य खातों में क्रमश: 25.34 लाख रुपए 4.69 लाख रुपए हैं. अनुराग शर्मा के पास 5.33 करोड़ रुपए से अधिक फिक्सड डिपॉजिट्स हैं. पोस्ट आफिस में भी अनुराग शर्मा के पास पूंजी दर्ज है. म्यूचुअल फंड में 16 लाख रुपए से अधिक का निवेश है. इसके अलावा 4.65 लाख रुपए कीमत के आभूषण भी हैं. अनुराग शर्मा ने अपने शपथ पत्र में इनकम टैक्स रिटर्न का ब्यौरा भी दिया है. इस ब्यौरे के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में उन्होंने 84.49 लाख रुपए की आय दर्शाई है. वहीं, उस से पहले के वित्त वर्ष में आय का आंकड़ा एक करोड़ रुपए से अधिक का दर्ज है. उनकी धर्मपत्नी सपना शर्मा की वर्ष 2024-25 में 6.24 लाख की आय दर्शायी गई है. सपना शर्मा के पास भी डेढ़ करोड़ रुपए की पूंजी है. उनके पास 18 लाख रुपए से अधिक के सोने के गहने और 300 ग्राम चांदी है. पत्नी के बैंक खातों में 55 लाख रुपए से अधिक जमा हैं. उनके पास 12.23 लाख रुपए की एफडी जमा है. ये सारी संपत्ति डेढ़ करोड़ रुपए के करीब बनती है. अनुराग शर्मा की पत्नी के पास उनसे अधिक गोल्ड है. अनुराग के पास 30 ग्राम व पत्नी के पास 120 ग्राम गोल्ड है. Element Anurag Sharma Affidavit
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NLNitin Luthra
Mar 07, 2026 12:34:47
Batala, Punjab:ਜੁੜਵੀਆਂ ਤਿੰਨ ਇਕੱਠੀਆਂ ਧੀਆਂ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਘਰ ਪਹੁੰਚਿਆ ਨੌਜਵਾਨ ਤੇ ਧੀਆਂ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਇੱਕ ਵਿਆਹ ਵਾਂਗੂੰ ਮਨਾਈ ਇਸ ਮੌਕੇ ਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਆਏ ਜੋੜੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਘਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਤਿੰਨ ਧੀਆਂ ਨੇ ਜਨਮ ਲਿਆ ਸੀ ਅਸੀਂ ਵਿਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਆਪਣੇ ਘਰ ਪਰਤੇ ਹਾਂ ਤੇ ਆਪਣੇ ਘਰ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਤਿੰਨ ਧੀਆਂ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਮਨਾ ਰਹੇ ਹਾਂ। ਅਸੀਂ ਵਿਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਵੀ ਜਦੋਂ ਇਹ ਪੈਦਾ ਹੋਈਆਂ ਸਨ ਤੇ ਰੱਜ ਕੇ ਖੁਸ਼ੀ ਮਨਾਈ ਸੀ ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਆਏ ਹਾਂ ਤੇ ਇੱਥੇ ਆ ਕੇ ਵੀ ਵਿਆਹ ਵਰਗਾਂ ਮਾਹੌਲ ਬਣਾਇਆ ਹੈ ਔਰ ਖੁਸ਼ੀ ਮਨਾ ਰਹੇ ਹਂ ਸਾਨੂੰ ਲੜਕੇ ਜਾਂ ਲੜਕੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਅੰਤਰ ਨਜ਼ਰ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ ਬਾਕੀ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਵੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਖੁਸ਼ੀ ਜਤਾਈ ਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਬਹੁਤ ਖੁਸ਼ੀ ਹੈ ਕਿ ਸਾਡੇ ਘਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਤਿੰਨ ਧੀਆਂ ਨੇ ਜਨਮ ਲਿਆ ਇਹ ਤਿੰਨੇ ਧੀਆਂ ਹੁਣ ਤਿੰਨ ਤਿੰਨ ਸਾਲ ਦੀਆਂ ਹੋ ਚੁੱਕੀਆਂ ਨੇ ਤਿੰਨਾਂ ਦੇ ਜਨਮ ਵਿੱਚ ਦੋ ਦੋ ਮਿਨਟ ਦਾ ਫਰਕ ਹੈ
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MTManish Thakur
Mar 07, 2026 12:18:41
Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के देव सदन में लद्दाख से आए 30 छात्रों ने जिला कुल्लू की संस्कृति को जाना। तो वही यहां के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भी दौरा किया। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कुल्लू के द्वारा इन सभी छात्रों के सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें लद्दाख से आए 30 छात्रों को कुलवी परंपरा के अनुसार सम्मानित भी किया गया। यह सभी छात्र राष्ट्रीय एकता यात्रा के तहत लद्धाख से दिल्ली, चंडीगढ़ होते हुए हिमाचल पहुंचे और कुल्लू में उन्होंने तीन दिनों तक यहां के संस्कृति तथा विभिन्न परंपराओं के बारे में भी जानकारी हासिल की। लद्दाख से आए छात्र दोरजे नामग्याल ने बताया कि यहां पर बहुत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के परिवारों में ही रुके और स्थानीय व्यंजनों का भी उन्होंने आनंद उठाया। वहीं राष्ट्रीय एकता मिशन के तहत उन्होंने जिला कुल्लू के विभिन्न स्थानों का भी दौरा किया। ऐसे में इस यात्रा के माध्यम से उन्हें विभिन्न राज्यों की संस्कृति को जानने का भी मौका मिला। उन्होंने कहा कि यहां पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा भी उनका भव्य स्वागत किया गया। जो उन्हें जीवन भर याद रहेगा। ऐसे में वह लद्दाख जाकर भी हिमाचल तथा जिला कुल्लू की संस्कृति के बारे में प्रचार करेंगे। ताकि लद्दाख में भी लोगों को जानकारी मिल सके कि हिमाचल के लोगों की संस्कृति कितनी महान है और यहां पर मेहमानों को भगवान की तरह सम्मान दिया जाता है।
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