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AAsgharFollow28 Jan 2025, 03:31 pm

सुल्तानपुरः एएनएम सेंटर पर कब्जा, खाली करने पहुंचा प्रशासन खाली हाथ लौटा

Sultanpur, Uttar Pradesh:जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र में एक परिवार द्वारा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। जजरही गांव में 30 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित एएनएम सेंटर और हेल्थ वेलनेस सेंटर पर गांव की सुमिरता और उसके परिवार ने कब्जा कर रखा है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर मंगलवार 12 बजे नायब तहसीलदार गरिमा वर्मा और जयसिंहपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने टीकाकरण के लिए एक कमरा खाली करवाने का प्रयास किया, लेकिन कब्जेदारों ने मना कर दिया। परिणामस्वरूप, स्वास्थ्य कर्मियों को बिना टीकाकरण किए वापस लौटना पड़ा।
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राजगढ़ में बोरिंग मशीन हादसा: चालक की लापरवाही से हेल्पर की मौत, जांच जारी

Thana, Rajasthan:राजगढ़ में बोरिंग मशीन हादसा: चालक की लापरवाही से हेल्पर की मौत के लगे आरोप अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के पुराना राजगढ़ स्थित सेंढ इलाके में बोरिंग मशीन पर काम करते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक हेल्पर गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। थानाधिकारी राजेश मीना ने बताया , उड़ीसा के जामुंदा केंदूजर निवासी सुदम नायक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 मई 2026 की रात करीब साढ़े 12 बजे उसका चाचा चतुर्भुज नायक (पुत्र महाश्वेर नायक) बोरिंग मशीन पर हेल्पर के रूप में कार्य कर रहा था। इसी दौरान मशीन चालक की कथित लापरवाही के चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई , बुधवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप कर रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है ।
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बीएनएस धारा 111: एक FIR से संगठित अपराध नहीं माना जाएगा, कोर्ट फैसला

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल एक एफआईआर या एक घटना के आधार पर किसी मामले को ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध साबित करने के लिए लगातार आपराधिक गतिविधि, पूर्व से सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट और एक से अधिक चार्जशीट जैसी कानूनी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। हाईकोर्ट में श्रीगंगानगर निवासी विनय सहित अन्य की ओर दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मामला पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में दर्ज साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से कई बैंक खातों, एटीएम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज मिले थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम निकालने में किया जा रहा था। जांच में रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर करने की बात भी सामने आई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एस.आर. गोदारा ने तर्क दिया कि केवल एक एफआईआर के आधार पर बीएनएस की धारा 111 नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार “निरंतर गैरकानूनी गतिविधि” साबित करने के लिए पिछले दस वर्षों में एक से अधिक चार्जशीट और उन मामलों में कोर्ट द्वारा संज्ञान लिया जाना जरूरी है। सिर्फ कई लोगों का किसी अपराध में शामिल होना ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट नहीं माना जा सकता। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक ने कहा कि साइबर अपराध अब संगठित स्वरूप ले चुके हैं और आरोपियों का नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक लाभ के लिए कार्य कर रहा था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रायल कोर्ट केवल पुलिस की चार्जशीट को यांत्रिक रूप से स्वीकार नहीं कर सकती। कोर्ट का दायित्व है कि वह यह जांचे कि आरोपित अपराध के आवश्यक कानूनी तत्व रिकॉर्ड पर मौजूद हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि हर सामूहिक अपराध को संगठित अपराध मानना कानून की मंशा के विपरीत होगा।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने निलंबन रद्द कर शिक्षक को तुरंत बहाल किया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में निलंबित किए गए एक शिक्षक को बड़ी राहत देते हुए निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी को केवल प्रशासनिक असंतोष या मंत्री की छवि धूमिल होने के आरोप के आधार पर निलंबित नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसके लिए स्पष्ट वैधानिक अधिकार और सक्षम प्राधिकारी का आदेश मौजूद न हो। याचिकाकर्ता लालसिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता लोकेश माथुर ने बताया कि याचिकाकर्ता बांसवाड़ा जिले में शिक्षक ग्रेड-तृतीय के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 23 सितंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रारंभिक शिक्षा, बांसवाड़ा द्वारा निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि उन्होंने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर संबंधित मंत्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां कीं, जिससे विभाग और मंत्री की छवि धूमिल हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि निलंबन आदेश राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के विपरीत है। जिला शिक्षा अधिकारी न तो नियुक्ति प्राधिकारी हैं और न ही उन्हें इस प्रकार का निलंबन आदेश जारी करने का अधिकार प्राप्त है। आदेश में किसी वैधानिक प्रावधान का उल्लेख भी नहीं किया गया। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि शिक्षक की टिप्पणियां विभागीय अनुशासन के विपरीत थीं और मंत्री की सार्वजनिक छवि को प्रभावित करती थीं, इसलिए विभागीय कार्रवाई आवश्यक थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर प्रशासनिक कार्रवाई का आधार कानून होना चाहिए। केवल इस आधार पर कि किसी मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास हुआ है, प्रशासनिक अधिकारी मनमाने तरीके से निलंबन नहीं कर सकते। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जिला शिक्षा अधिकारी किसी वंश के शासक नहीं हैं बल्कि उनकी शक्तियां केवल कानून से संचालित होती हैं। हाईकोर्ट ने माना कि निलंबन आदेश में वैधानिक आधार का पूर्ण अभाव है, इसलिए यह अधिकार क्षेत्र से परे और अस्थिर है। अदालत ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए शिक्षक को तत्काल सेवा में बहाल करने तथा सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभागीय जांच लंबित है तो उसे कानून के अनुसार जारी रखा जा सकता है。
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धौलपुर के चम्बल में ड्रोन से 24x7 निगरानी, अवैध बजरी खनन पर बड़ा अभियान

Dholpur, Rajasthan:चम्बल बजरी के अवैध खनन पर आसमान से निगरानी धौलपुर पुलिस का बड़ा अभियान, ड्रोन से होगी 24x7 निगरानी धौलपुर जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान. पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत जिले की सभी थाना और चौकी स्तर की टीमें पूरी तत्परता और सतर्कता के साथ मैदान में उतारी गई हैं. सभी टीमों को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका मकसद चम्बल बजरी के अवैध खन, भंडारण और परिवहन की हर कड़ी को तोड़ना है. सरमथुरा से राजाखेड़ा तक खास फोकस. अभियान में चम्बल नदी क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है. यह इलाका अवैध खन की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है. सरमथुरा से लेकर राजाखेड़ा तक पड़ने वाले सभी प्रमुख घाटों और संभावित अवैध खन स्थलों पर विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई गई है. इन क्षेत्रों में पुलिस बल की नियमित गश्त बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही आकस्मिक निरीक्षण और औचक चेकिंग भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने का प्रयास है. आसमान से रखी जा रही पैनी नजर. अभियान को और धार देने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. चम्बल नदी क्षेत्र के प्रमुख घाटों और दुर्गम इलाकों में ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं. इनके जरिए 24 घंटे सतत निगरानी हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन सर्विलांस सिर्फ खन स्थलों तक सीमित नहीं है. इसके माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों और बजरी के अवैध परिवहन मार्गों के पर भी लगातार नजर रखी जा रही है. ताकि सूचना मिलते ही मौके पर त्वरित कार्रवाई की जा सके. दोषियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई. पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित चम्बल बजरी के अवैध खन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस मामले में किसी की लापरवाही या किसी को संरक्षण देने की बात सामने आती है तो उसे भी गंभीरता से लिया जाएगा. आमजन से मांगा सहयोग. अभियान की सफलता के लिए पुलिस ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है. अवैध खन से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है. पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हाईकोर्ट ने नागौर चोरी मामले में तांत्रिक प्रभाव हटाकर निष्पक्ष जांच के लिए अधिकारी बदले

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में चोरी के एक मामले की जांच में तांत्रिक (भोपा ) की कथित भूमिका पर गंभीर टिप्पणी करते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच भोपी या तांत्रिक के संकेतों के आधार पर नहीं की जा सकती। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की बेंच ने पुलिस अधीक्षक नागौर को निर्देश दिया कि पुलिस थाना श्री बालाजी में दर्ज एफआईआर की जांच किसी अन्य थाने के सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी जाए। याचिकाकर्ता 80 वर्षीय खेमी देवी की ओर से अधिवक्ता मनोहरसिंह राठौड ने कोर्ट में याचिका दायर कर वर्तमान जांच अधिकारी को बदलने की मांग की थी। याचिका में बताया गया कि 7 मार्च 2026 की रात परिवार के लोग पड़ोस में शादी समारोह में गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर के ताले तोड़कर अंदर घुस गए और सोने-चांदी के गहने तथा नकदी चोरी कर ले गए। प्रकरण की जांच हेड कांस्टेबल रतिराम को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारी ने परिवादिया से कहा कि चोरी का खुलासा नहीं हो पा रहा है, इसलिए अलवर स्थित एक भोपी के पास चलते हैं, जो चोर का पता बता देगी। इसके बाद जांच अधिकारी गांव के कुछ लोगों और परिवादिया की पुत्रवधु के पिता मोहनराम को साथ लेकर अलवर गया। वहां भोपा ने मेहनताना लेने के बाद मोहनराम को ही चोरी का आरोपी बता दिया। इसके बाद पुलिस ने उसी दिशा में जांच शुरू कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राठौड़ ने तर्क दिया कि भारतीय कानून में किसी भी अपराध की जांच का आधार भोपा या तांत्रिक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जांच केवल साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि अंधविश्वास पर। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजन ने भी स्वीकार किया कि जांच अधिकारी अलवर स्थित उस स्थान पर गया था, जहां कथित भोपा रहती है। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि जांच किसी तांत्रिक के प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने वर्तमान जांच अधिकारी को बदले और 15 दिन के भीतर नए अधिकारी को जांच सौंपने के आदेश दिए।
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जालौन में राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में हुई मारपीट की घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश,

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Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में हुई मारपीट की घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश, शहर के व्यापारियों ने बाजार को बंदकर किया जमकर विरोध प्रदर्शन, व्यापारियों ने एकजुट होकर खोला मोर्चा, जाम लगाकर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी, इलाज के दौरान व्यापारी और उसके परिवार से मारपीट करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग, व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पहुंचा पुलिस फोर्स, मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी व्यापारियों को समझाने में जुटे, जालौन के जिला मुख्यालय उरई में किया गया प्रदर्शन। बाइट:- ज्योति गुप्ता--घायल युवक की मां
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सीकर दिशा बैठक में डोटासरा-अमराराम ने अधिकारियों को फटकार

Sikar, Rajasthan:सीकर कलेक्ट्रेट में दिशा बैठक में उठा -सड़क-चिकित्सा संकट का मुद्दा, जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को लगाई फटकार डोटासरा व अमराराम ने पेयजल और विकास कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल सीकर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आज बुधवार को जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सीकर सांसद अमराराम ने की। बैठक में बिजली, सड़क, , शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान पीसीसी चीफ एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा और सांसद अमराराम ने कई विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई। डोटासरा ने कहा कि पिछली दिशा बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते तो जनप्रतिनिधियों को क्या समझेंगे। बैठक में कई विभागों के अधिकारी बिना तैयारी के पहुंचे, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और जवाबों को असंतोषजनक बताया। वहीं जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने सभी अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक खंडेला विधायक सुभाष मील, नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही एडीशनल एसपी तेजपाल सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। पीसीसी चीफ एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 10 महीने पहले हुई दिशा बैठक में जिन समस्याओं और प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी, उनकी पालना रिपोर्ट तक अधिकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाए। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई बजट घोषणाओं की टाइमलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग अब तक कार्य पूरे नहीं कर पाए हैं। वहीं नई बजट घोषणाओं पर भी काम शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि सीकर जिले में पेयजल संकट गंभीर स्थिति में है, लेकिन उसके समाधान के लिए कोई ठोस रोडमैप या स्वीकृतियां नजर नहीं आ रहीं। विधायक और सांसद कोटे के कार्य भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर बिना तैयारी बैठक में आने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल देख लेंगे और करवा देंगे जैसे जवाब दिए जा रहे हैं, जबकि कई कार्य 10-10 महीने से लंबित पड़े हैं। डोटासरा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डोटासरा ने कहा कि आज सीकर जिले में बिजली, चिकित्सा, सड़क सहित लगभग हर विभाग की स्थिति खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीमकाथाना जिला अस्पताल करीब एक साल से केवल मुख्यमंत्री के उद्घाटन का इंतजार कर रहा है, जबकि अस्पताल तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है और आमजन परेशान है। उन्होंने कहा कि दिशा बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाई हैं। बैठक अध्यक्ष सांसद अमराराम ने भरोसा दिलाया है कि आगामी तीन माह बाद होने वाली बैठक से पहले अधिकांश समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। डोटासरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से संवाद और कार्यों की समीक्षा करना अधिकारियों के व्यवहार में शामिल नहीं रह गया है, जो सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने डीएमएफटी का बजट जारी करने पर अनावश्यक रूप से रोक लगा दी है, जबकि डीएमएफटी के बजट पर राज्य सरकार की कोई स्वीकृति की जरूरत नहीं होती है। पिछले डेढ़ साल से डीएमएफटी का कोई काम नहीं हुआ है। जहां खनन होगा वहां अवैध खनन होगा। भूख लगने पर रोटी नहीं दोगे तो दूसरे तरीके से भूख मिटाई जाएगी। मकान बनाते समय बजरी की जरूरत होती है। बजरी की लीज नहीं होगी तो अवैध खनन बढ़ेगा, जिससे जनता पर रॉयल्टी की मार पड़ेगी। खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि आज की मीटिंग में बिजली-पानी-सड़क और चिकित्सा के क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावाें पर काम शुरू होंगे। प्रदेश सरकार की योजनाएं आम जनकल्याण के लिए कटिबद्ध हैं। विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी मीटिंग में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं। बिना किसी भेदभाव के समग्र विकास का काम किया जाएगा। 1.बाइट - गोविंद सिंह डोटासरा पीसीसी चीफ एवं लक्ष्मणगढ़ विधायक।
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जमुई में मंत्री संजय सिंह का Vande Bharat आगमन; लंबे काफिले पर सवाल

Jamui, Bihar:जमुई:एक तरफ बिहार में नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के ईंधन बचाने के आह्वान पर मंत्री और जनप्रतिनिधि ट्रेन, ई-रिक्शा समेत अन्य सार्वजनिक साधनों से सफर करते नजर आ रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर इसे लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ दिखावा है. दरअसल, जमुई जिले के प्रभारी मंत्री और बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री Sanjay Singh मंगलवार को Vande Bharat Express से जमुई पहुंचे। जमुई रेलवे स्टेशन पर लोजपा (रामविलास) और एनडीए कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि, स्टेशन से निकलने के बाद मंत्री का लंबा काफिला चर्चा का विषय बन गया। काफिले में कई गाड़ियों शामिल थीं, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रधानमंत्री ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की अपील कर रहे हैं, तब इतने बड़े काफिले का क्या औचित्य है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेन से सफर करना अगर ईंधन बचाने और सादगी का संदेश देने के लिए था, तो फिर लंबा काफिला उस संदेश को कमजोर करता नजर आया। सोशल मीडिया पर लोग इसे “दिखावटी सादगी” बताते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हाल के दिनों में बिहार सरकार के अन्य मंत्रियों के वीडियो भी चर्चा में रहे हैं। शिक्षा विभाग के मंत्री मिथिलेश तिवारी और सहकारिता मंत्री Ramkripal Yadav के काफिलों को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठे थे। वहीं अब जमुई में प्रभारी मंत्री संजय सिंह का काफिला भी जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है。
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पुलिस ने प्रेम प्रसंग के मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया

Munger, Bihar:लड़की की तलाश में जुटी पुलिस, पूछताछ के लिए दो युवक को लिया हिरासत में।मुफस्सिल थाना क्षेत्र की रहने वाली है युवती, होटल में आती थी मोमोज खाने मुंगेर : कोतवाली थाना क्षेत्र के बाटा चौक स्थित एक रेस्टोरेंट के कर्मचारी के साथ मुफस्सिल थाना क्षेत्र की एक युवती के प्रेम प्रसंग में फरार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही लड़की के परिजनों और स्थानीय लोगों ने रेस्टोरेंट के बाहर जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते बाटा चौक पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और युवती की बरामदगी की मांग की जाने लगी। स्थिति बिगड़ता  देख कोतवाली, पूरबसराय तथा वासुदेवपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और वहां कैंप कर रही है। वही सदर एसडीपीओ अभिषेक आनन्द भी मौके वारदात पर पहुंचे हुए है।  लड़की के परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवती मंगलवार को कालेज जाने की बात कह घर से निकली थी, लेकिन शाम चार बजे तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद मुफस्सिल थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। बुधवार को परिजनों को सूचना मिली कि युवती बाटा चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में एक युवक के साथ देखी गई। बताया जा रहा है कि युवक उसी रेस्टोरेंट में काम करता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राजकुमार कोड़ा समेत दो युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि युवती अक्सर रेस्टोरेंट में आती थी। मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज  की गई है। दो युवकों से पूछताछ की जा रही है और युवती की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। इधर मामला दो समुदाय के बीच का होने के कारण ऐहतियात के तौर पर पुलिस घटना स्थल पर कैंप कर रही है。
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मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी में डायल-112 ERV सेवा शुभारंभ

पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिला मोहला मानपुर अं चौकी पुलिस को प्रदाय किए गए कुल 4 डायल-112 वाहन (Phase-2 Next Gen) सेवा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी श्री वाय. पि. सिंह जिला कलेक्टर श्रीमती तूलिका प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह के द्वारा आज जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित 04 नई Emergency Response me Vehicles (ERV) प्राप्त हुईं, जो जिले में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाएंगी। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डायल-112 राज्य शासन की एकीकृत एवं अत्याधुनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिकों को पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, प्राकृतिक आपदा सहायता, नेशनल हाईवे सहायता एवं रेल मदद जैसी सेवाएं एक ही नंबर “112” पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई ERV वाहनों में GPS Tracking System, Mobile Data Terminal (MDT), GIS आधारित निगरानी प्रणाली, Location Based Service (LBS) एवं Emergency Location Service (ELS) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी आपातकालीन घटना की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
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