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Mohammad AsimMohammad AsimFollow3 Jan 2025, 12:17 pm

सीतापुरः सामुदायिक शौचालय में सुविधाओं का अभाव, ग्रामीण परेशान

Dahelara, Uttar Pradesh:

भारत सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके स्वच्छ भारत मिशन चलाकर देश को खुले में शौच से मुक्त कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन  विकासखंड गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत केशवामऊ के मजरा मजलिशपुर के सामुदायिक शौचालय को देखकर यही लग रहा है कि यह मिशन केवल कागजों पर ही है। सामुदायिक शौचालय में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि ना तो यहां पानी की व्यवस्था है और ना ही बिजली की। कभी कोई कर्मचारी देखने भी नहीं आता है l गांव के सर्वेश सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालय करीब सात-आठ महीनों से जाम पड़ा है। विकासखंड गोंदलामऊ की कई ग्राम पंचायतों का भी यही हाल है।

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जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026: वार्ड-10 में पाल बालाजी मंदिर के सामने समर्थकों में हिंसक संघर्ष

Jodhpur, Rajasthan:जोहर नगर निगम चुनाव 2026 निकाय चुनाव में मतदान के दौरान तोड़-फोड़ व हमले का मामला, मतदान के दौरान तोड़-फोड़ व हमला, नगर निगम चुनाव वार्ड 10 में पाल बालाजी मंदिर के सामने बवाल, कांग्रेस व भाजपा समर्थक भिड़े, कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा समर्थक की बोलेरो कैम्पर पर हमला बोला, पथराव कर कांच फोड़े, बीच बचाव करने आई पुलिस से भी धक्का मुक्की, एक दो पुलिस जवानों के चोटें आईं, पुलिस का भारी जाब्ता मौके पर पहुंचा, फटकार कर दोनों समर्थकों को खदेड़ा, डीसीपी कमल शेखावत सहित पुलिस अधिकारी व जाब्ता राउंड ले र
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शिक्षक गैरहाजिरी से नाराज़ अभिभावक-विद्यार्थियों ने स्कूल ताला लगा दिया

Buldhana, Maharashtra:मोताळा तालुक्यातील उऱ्हा गावातून एक संतापजनक बातमी समोर आली आहे... गावातील जिल्हा परिषद शाळेत सहा महिन्यांपासून शिक्षक गैरहजर असल्याचा आरोप पालकांनी केला आहे... आणि शिक्षकाअभावी विद्यार्थ्यांचं शैक्षणिक नुकसान होत असल्याने अखेर संतप्त पालक आणि विद्यार्थ्यांनी शाळेलाच कुलूप ठोकलं आहे! “साहेब... शिक्षक देता का शिक्षक?” अशी आर्त हाक देत विद्यार्थ्यांनी प्रशासनाचा निषेध केला आहे. विशेष म्हणजे, शिक्षक मिळावा यासाठी यापूर्वीही जिल्हाधिकारी कार्यालय आणि जिल्हा परिषदेकडे आंदोलनं करून निवेदनं देण्यात आली होती. मात्र, त्यानंतरही शाळेत शिक्षक उपलब्ध झाला नसल्याचा पालकांचा आरोप आहे. इतकंच नाही, तर जिल्हा परिषदेच्या मुख्याधिकाऱ्यांचा लेखी आदेश असूनही संबंधित शिक्षक शाळेत हजर होत नसल्याचा दावा आंदोलनकर्त्यांनी केला आहे. त्यामुळे संतप्त पालक आणि विद्यार्थ्यांनी काहीही न बोलता शाळेला कुलूप ठोकत “जोपर्यंत शिक्षक हजर होत नाही, तोपर्यंत आंदोलन मागे घेणार नाही,” असा आक्रमक पवित्रा घेतला आहे.
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रोबोटिक फायर फाइटिंग मशीन का परीक्षण, 350 मीटर तक पानी फेंकने में सक्षम

DRDivya RaniJust now
Panchkula, Haryana:पंचकूला में रोबोटिक फायर फाइटिंग मशीन का सफल परीक्षण, 350 मीटर तक पानी की बौछार से आग बुझाने में सक्षम पंचकूला। दमकल विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने और आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में हरियाणा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पंचकूला में अत्याधुनिक रोबोटिक फायर फाइटिंग मशीन का परीक्षण किया गया। बताया गया कि यह रोबोटिक मशीन करीब 350 मीटर तक पानी की बौछार पहुंचाकर आग बुझाने में सक्षम है। इस तकनीक के इस्तेमाल से उन स्थानों पर भी आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी, जहां आग की लपटों के बीच दमकल कर्मचारियों का सीधे पहुंचना जोखिम भरा होता है। जानकारी के अनुसार दमकल विभाग में जर्मनी की तकनीक से तैयार दो आधुनिक मशीनों के साथ-साथ एक भारतीय तकनीक की मशीन को भी उपयोग में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक मशीनों का उद्देश्य आगजनी की घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य को अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बनाना है। रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल से फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को आग के बेहद करीब जाने से बचाया जा सकेगा। इससे न केवल आग पर जल्द नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी। हरियाणा में दमकल विभाग को आधुनिक युग की तकनीक से जोड़ने की यह पहल फायर फाइटिंग सिस्टम को हाईटेक बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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अमझेरा पुलिस ने दो लूट मामले सुलझाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Dhar, Madhya Pradesh:धार जिले की अमझेरा पुलिस ने लूट की दो वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 3 जून को आमला फाटा के पास फायनेंस कर्मचारी से चाकू की नोक पर एक लाख 33 हजार 100 रुपये और दो मोबाइल फोन लूटे थे। वहीं 16 जुलाई को ग्राम बड़लीपुरा में एक घर से 20 हजार रुपये नगद, दो बकरियां और दो बकरी के बच्चे लूटने की वारदात भी कबूल की है। पुलिस के मुताबिक मुखबिर सूचना के आधार पर राजेश बामनिया और विक्रम उर्फ अकरम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों वारदातों का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दोनों मामलों में कुल 34 हजार रुपये नगद और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल जब्त की है। वहीं मामले में शामिल तीसरा आरोपी राजेश सिंगार अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। अमझेरा थाना पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई में आरोपियों की गिरफ्तारी और माल बरामदगी की गई है। पुलिस अब पूरे मामले में आगे की विवेचना कर रही है।
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FMG इंटर्न डॉक्टरों को समान ड्यूटी के बावजूद मानदेय नहीं, अलवर में प्रदर्शन

Alwar, Rajasthan:FMG डॉक्टरों का मानदेय को लेकर प्रदर्शन, बोले- समान ड्यूटी के बावजूद स्टाइपेंड में भेदभाव अलवर के राजकीय राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में इंटर्नशिप कर रहे फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) डॉक्टरों ने मानदेय नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। डॉक्टरों का कहना है कि वे वार्ड, ओपीडी और इमरजेंसी में भारतीय मेडिकल स्नातकों की तरह ही नियमित ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्टिपेंड के रूप में एक भी रुपया नहीं दिया जा रहा। डॉक्टरों ने समान कार्य के बावजूद मानदेय में भेदभाव का आरोप लगाया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इंटर्न डॉक्टर ऋद्धिक ने बताया कि विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की अनिवार्य परीक्षा पास की। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के माध्यम से उन्हें अलवर में इंटर्नशिप के लिए अलॉट किया गया है। उनका आरोप है कि मानदेय की समस्या को लेकर अधिकारियों से संपर्क करने पर RMC और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME) एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। FMG इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार अकेले अलवर में करीब 100 डॉक्टर इस समस्या से प्रभावित हैं। डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी इंटर्न डॉक्टरों को समान मानदेय दिए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे अस्पताल में पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कई महीनों से बिना मानदेय के काम करने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने प्रशासन से जल्द से जल्द लंबित स्टाइपेंड जारी करने और मानदेय से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्री कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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टोंक में अकबर खान ने फर्जी मतदान का आरोप लगाकर धरना दिया, समर्थक प्रशासन से जवाब मांग रहे

Kota, Rajasthan:टोंक में कांग्रेस प्रत्याशी का फर्जी मतदान का आरोप, मतदान केंद्र के पास धरने पर बैठे अकबर खान टोंक नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 27 से कांग्रेस प्रत्याशी अकबर खान ने फर्जी मतदान के आरोप लगाए हैं। अकबर खान मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रत्याशी अकबर खान का आरोप है कि वार्ड में फर्जी तरीके से मतदान करवाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। अकबर खान ने मांग की है कि मतदान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और फर्जी मतदान पर रोक लगाई जाए। अकबर खान को कांग्रेस नेता सचिन पायलट का करीबी माना जाता है। फिलहाल उनके धरने के बाद मतदान केंद्र के बाहर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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नागौर: डेगाना में प्रशासन ने मतदान केंद्रों की कड़ाई से निगरानी की

Nagaur, Rajasthan:नागौर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह व आईजी डॉ. रवि ने डेगाना पहुंचकर किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण मतदान व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश नगर निकाय आम चुनाव-2026 के मद्देनजर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंसिंग एवं पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रवि ने डेगाना क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों तथा मतदाताओं के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया。 संभागीय आयुक्त एवं आईजी ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने मतदान कक्ष, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था सहित मतदान प्रक्रिया से जुड़े आवश्यक प्रबंधों की जानकारी ली। अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर तैनात कार्मिकों एवं पुलिसकर्मियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए。 संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही दिव्यांग, बुजुर्ग एवं जरूरतमंद मतदाताओं के लिए सुविधाजनक मतदान व्यवस्था की भी जानकारी ली。 बाइट - शक्तिसिंह राठौड़ संभागीय आयुक्त अजमेर बाइट- डॉ रवि आईजी रेंज अजमेर ।
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बैहर के बच्चों की मौत: पोषण–टीकाकरण पर बहस तेज

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर– बालाघाट जिले आदिवासी अंचल दक्षिण बैहर में अब तक करीब 30 बच्चों की मौत हो चुकी है... विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति समुदाय के बच्चों की मलेरिया और मीजल्स जैसे संक्रमण बीमारी के चलते हुई असमय मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है... ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों की मौत क्या मलेरिया और मीजल्स से हुई है या वजह कुछ और है... इस पूरे मामले में बैहर विधायक संजय उइके ने बच्चों की मौत का कारण सबस पहले कुपोषण को बताया है विधायक का कहना है कि बच्चों की सही पोषण आहार नहीं मिला.... आदिवासी अंचलों में मार्च माह से पोषण आहार का वितरण नहीं हुआ था करीब तीन से चार माह उस क्षेत्र में जो बच्चों को पोषण आहार दिया जाता है वह उन्हें मिला ही नहीं अगस्त माह से उन्हें पोषण आहार वितरित किया जा रहा है वही उन्होंने टीकाकरण को भी जिम्मेदार ठहराया है...अगर समय पर उन्हें टीके लग जाते तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक होती और उनका शरीर बीमारी से लड़ने में सक्षम होता... बड़ी बात तो यह है कि जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ निलय जैन आदिवासी अंचलों में हुई बच्चों की मौत पर बड़ा खुलासा किया है उनका कहना है कि जब से बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती होना शुरू हुए है मै उनका इलाज कर रहा हूं मुझे यह समझ में आया कि गंदा पानी, कुपोषण, टीकाकरण नहीं होना ये प्रमुख कारण है...अगर इन सब बातों पर विशेष ध्यान दिया जाता तो शायद बच्चे बीमार नहीं पड़ते या फिर ऐसी असमय बच्चों की मौत नहीं होती... ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे सिविल सर्जन के इस बयान से हलचल मच गई है... वही महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी देवेंद्र कुमार सुंदरियाल से जब बच्चों की मौत के कारणों पर सवाल किया तो उन्होंने पहले तो गोल मोल जवाब देते हुए कहा कि हा टीएचआर वहां कुछ महीने नहीं मिला था लेकिन अब मिलना शुरू हो चुका है वही जब फिर से सवाल किया गया कि आप क्या वजह मानते है कुपोषण, टीकाकरण या कुछ और जिम्मेदार है बच्चों की मौत पर तो उन्होंने एक टुक में कह दिया कि मुझे इस पर कुछ नहीं कहना है.. ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि जहां डॉक्टर से लेकर विधायक और तमाम बड़े नेता मुख्य वजह कुपोषण और टीकाकरण को मान रहे है तो वही महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से साफ इनकार कर रहे है...
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गिरिडीह में नवजात को कांटेदार झाड़ियों से बचाने वाले थानेदार की मानवता चर्चा बनी

Giridih, Jharkhand:कहने को तो मां को ममता की मूरत कहा जाता है, लेकिन गिरिडीह में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. एक कलयुगी मां अपने जिगर के टुकड़े को कांटेदार झाड़ियों में फेंक कर चली गई. तस्वीर में थाना प्रभारी की गोद में दिख रहा यह वही मासूम है. घटना पचम्बा थाना क्षेत्र की है. थाना से महज कुछ दूरी पर एक निजी कार शोरूम के बगल में सड़क से करीब पांच फीट नीचे घनी और कांटेदार झाड़ियों में एक नवजात शिशु पड़ा था. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय दुकानदारों की नजर उस पर पड़ी, लेकिन घनी कांटेदार झाड़ियों के कारण कोई उसे बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा सका. मामले की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार अपने चालक विमलेश और सहायक पुलिस सुनीता के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना देर किए खुद कांटेदार झाड़ियों में उतरकर सावधानीपूर्वक नवजात को बाहर निकाला. झाड़ियों में रहने के कारण मासूम के नाजुक शरीर और आंखों पर कई जगह खरोंच और चोट के निशान थे. बच्चे की हालत देख थाना प्रभारी ने एक पल भी गंवाए बिना उसे अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल नवजात को पचम्बा के समीप एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. इधर, थाना प्रभारी राजीव कुमार की इस मानवता भरी कार्रवाई की पूरे इलाके में जमकर सराहना हो रही है, तो वहीं दूसरी ओर नवजात को इस तरह फेंकने वाली मां को लोग कोस रहे हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर इस मासूम को झाड़ियों में कौन फेंक कर गया.
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रामदेवरा मेले में 11 हजार देसी घी के लड्डू भक्तों को भोग के लिए तैयार

Jaisalmer, Rajasthan:गुजरात के अहमदाबाद से आए भक्तों के द्वारा देसी घी में बने मोतीचूर के 11 हजार लड्डुओं से लगेगा बाबा की समाधि पर भोग पोकरण रामदेवरा सड़क मार्ग पर पैदल चलकर आने वाले भक्तों में लड्डुओं का किया जाएगा वितरण गुजरात के एक दर्जन से अधिक कारीगर 11 हजार लड्डूओ को बनाने में कर रहे अथक मेहनत रामदेवरा,जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान का महाकुंभ कहलाने वाला बाबा रामदेव का भादवा मेला इन दिनों अपने पूरे सबाब पर चल रहा है। देश के अलग-अलग स्थान से प्रतिदिन चार लाख के करीब लोग रामदेवरा पहुंच रहे हैं इसी कड़ी में उन भक्तों की सेवा करने के उद्देश्य से गुजरात के अहमदाबाद से चार दर्जन से अधिक लोग यहां पर पद यात्रियों की सेवा करने के लिए रामदेवरा पोकरण सड़क मार्ग पर अपना पड़ाव डाल रखा है। विशेष करके उनके द्वारा 11 हजार ड्राय फरुट मोतीचूर देसी घी के लड्डुओं का निर्माण कार्य पिछले तीन दिनों से किया जा रहा है। उनका भोग बाबा की समाधि पर लगाने के पश्चात उन लड्डूओ को पैदल चलकर आने वाले भक्तों में वितरण किया जाएगा इसको लेकर गुजरात के सभी कार्यकर्ता जी जान से सड़क मार्ग पर मेहनत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने बताया कि वह पिछले 10साल से भी अधिक समय से रामदेवरा आ रहे हैं प्रतिवर्ष मेले में यहां आकर भक्तों की सेवा करने का अलग ही आनंद है इस बार उनके द्वारा 11हजार लड्डूओ का निर्माण कार्य पूर्ण करवा लिया गया है। रामदेवरा पोकरण सड़क मार्ग पर लाखों की संख्या में लोग पदयात्रा करते हुए रामदेवरा पहुंच रहे हैं ऐसे में अलग-अलग स्थान पर अपने-अपने हिसाब से लोग उन पद यात्रियों की मान मनुहार के साथ सेवा भी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। रामदेवरा मेला इन दिनों विविधता में एकता की मिसाल भी बना हुआ है अलग-अलग तरह के लोग विविध संस्कृति भाषा बोलचाल कर सभी प्रेम से उच्च नीच का भेद भाव भुलाकर रामसापीर की समाधि के दर्शन कर रहे हैं। विशेष कर 11 हजार लड्डू भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बने हुए हैं。
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लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में टेका मत्था, जन्मोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का जन सैलाब

Manoj KumarManoj KumarFollow5m ago
Bairath, Uttar Pradesh:बाबा कीनाराम जन्मोत्सव में दुसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का जन सैलाब। *राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह सहित नामी गिरामी हस्तिओ ने बाबा के चरणों में टेका मत्था* श्रद्धालुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व मेरे का उठाया लुत्फ़ । सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद। चहनिया। अघोराचार्य बाबा कीनाराम जन्मोत्सव के दुसरे दिन लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम जी चरणों में मत्था टेककर व पुष्प माला अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तीन से चल रहे इस अनवरत जन्मोत्सव में राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह सहित कई नामी गिरामी हस्तिओ ने बाबा के दरबार पहुंचकर आशिर्वाद प्राप्त किया। आज शुक्रवार को को दर्शन पूजन को लेकर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा मेले परिसर से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल तक भीड़ ही भीड़ नजर आयी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन के लोग हर प्वांइट पर मुस्तैद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम बाबा का दर्शन पूजन करने के बाद भक्तों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया जहां मां खण्डवारी देवी इण्टर कालेज के छात्र छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया साथ सुरेश सरगम,सीमा यादव, निवास केशरी,रिंकी सिंह, कुंवर मिलन प्रताप सिंह,विक्की तिवारी उर्फ छोटा पागल ने भोजपुरी गीत व भजन से पुरे परिसर को भक्ति मय कर दिया छोटा पागल की प्रस्तुति सभी को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया और पुरा पण्डाल हर हर महादेव व बाबा कीनाराम जी की जय से गुंजायमान हो उठा श्रद्धालुओं ने उठाया मेले का लुत्फ बाबा कीनाराम जन्मोत्सव में मेले का आयोजन किया गया है जहां भक्त दर्शन पूजन के बाद बड़ी संख्या में मेले का लुत्फ उठाया। श्रद्धालुओं ने घर गृहस्थी का सामना की खरीदारी की चाट,फुल्की जलेबी,समोसा सभी सैकड़ों दुकानो पर बने लजीज व्यंजन की खरीदारी की नन्हें मुन्नों ने चरखी, झूलों का आनंद लिया मौसम भी दिन भर दुकानदारो का साथ दिया और जमकर खरीदारी हुई भक्तों ने चखा प्रसाद बाबा कीनाराम जन्मोत्सव में बाबा का दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने प्रसाद वितरण हाल में हजारों की संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया चावल, दाल,पुड़ी सब्जी व खिचड़ी प्रसाद के रूप में दिनभर वितरित हुआ । बाबा प्रसिद्ध प्रसाद हलवा पर भक्तों की विशेष निगाह रही इस दौरान व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह अरुण सिंह प्रभु नारायण सिंह उर्फ लाला कुलदीप वर्मा प्रदीप यादव पीके दिनेश सोनकर सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे संचालक धनंजय सिंह एवं राजेंद्र पांडे ने किया
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मैनपुरी के ग्रामीणों को नदी पार के लिए अस्थाई नाव से स्थायी पुल चाहिए: 2000 बीघा जमीन दांव पर

Mainpuri, Uttar Pradesh:79 साल बाद भी नाव के सहारे जिंदगी! 2000 बीघा खेतों तक पहुंचने के लिए रोज नदी पार करते ग्रामीण आजादी के बाद से अब तक ग्रामीण एक नदी को पार करने के लिए नाव के सहारे हैं। नदी के दूसरी तरफ ग्रामीणों की करीब 2000 बीघा खेती है, जहां रोजाना किसानों को आना-जाना पड़ता है। हालात ये हैं कि जिस नाव से ग्रामीण नदी पार करते हैं, उसकी हालत भी बेहद खराब है। कई बार हादसे हो चुके हैं, बच्चे नदी में डूब चुके हैं और उन्हें किसी तरह बचाया गया। बावजूद इसके आज तक नदी पर पुल नहीं बन सका। अब ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जिम्मेदारों से पुल निर्माण की मांग उठाई है। तस्वीर मैनपुरी के विकास खंड किशनी के ग्राम परतापुर की है और ये तस्वीर उस व्यवस्था की है, जहां आजादी के दशकों बाद भी ग्रामीणों की जिंदगी नदी के भरोसे है। नदी पार करने के लिए ग्रामीणों के पास एक नाव का ही सहारा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाव की हालत बेहद खराब है, बावजूद इसके मजबूरी में इसी नाव से नदी पार करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, नाव से नदी पार करने के बदले एक सीजन में हर ग्रामीण को करीब 20 किलो अनाज भी देना पड़ता है। सबसे बड़ी चिंता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर है। नदी पार करते समय हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बच्चे नदी में डूब चुके हैं। किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया और कुछ मामलों में अस्पताल तक भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई गई है। यहां तक कि सांसद के सामने भी पुल बनवाने की मांग रखी गई, लेकिन सालों गुजर गए और नदी पर पुल नहीं बन सका। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन नदी के उस पार है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए आज भी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। अब ग्रामीण प्रदर्शन कर साफ कह रहे हैं कि उन्हें जर्जर नाव नहीं, नदी पर एक स्थायी पुल चाहिए। सवाल ये है कि जब ग्रामीणों की करीब 2000 बीघा खेती नदी के उस पार है और रोजाना उन्हें नदी पार करनी पड़ती है, तो आखिर कब तक नाव के सहारे जिंदगी चलती रहेगी? हादसों के बावजूद आखिर नदी पर पुल कब बनेगा?
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