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Valjeet SinghValjeet SinghFollow12 Mar 2025, 02:24 pm

Shahjahanpur - अत्यंत बुजुर्ग कैदी गुरदीप सिंह की आज जेल से हुई रिहाई

Gangsara, Uttar Pradesh:

शाहजहांपुर जेल में 1 साल से अधिक समय से बंद अत्यंत बुजुर्ग बंदी गुरदीप सिंह की आज जेल से रिहाई हो गई है. आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर महीने में जेल में बंद एक अत्यंत बुजुर्ग बंदी से जेल अधीक्षक मिजाजी लाल मिले. जानकारी करने पर पता चला कि उसे उसी के बेटों के द्वारा षड्यंत्र करके जेल में बंद कराया है. इस बंदी ने बताया कि उसकी उम्र 103 साल है. बंदी गुरदीप सिंह को जेल से रिहा करने के लिए स्वयं सेवी संगठन "सहयोग संस्था" से संपर्क किया गया. सहयोग संस्था ने 15 दिन के अंदर-अंदर न्यायालय से बंदी गुरदीप सिंह की जमानत करा दी और जमानतदार भी दाखिल कर दिए।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बार एसोसिएशन ने सफीना नोटिस पर रणनीति तय की

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बार एसोसिएशन की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को रामपथ पर प्रदर्शन के बाद मंगलवार को कचहरी परिसर में वकीलों ने भ्रमण कर आगे की रणनीति पर चर्चा की. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमे में नामजद eight आरोपियों के मामले में विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से उन्हें सफीना यानी गवाही के लिए नोटिस भेजा गया है। हालांकि, कालिका मिश्रा ने कहा कि वह इस सफीने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन की बैठक में सफीना को सभी अधिवक्ताओं के सामने रखा जाएगा। इसके बाद सामूहिक रूप से आगे की रणनीति तय की जाएगी। बार एसोसिएशन पहले से ही इस मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर कार्रवाई की मांग करता रहा है. सोमवार को इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता रामपथ पर उतरे थे और प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। अब मंगलवार को कचहरी परिसर में हुई चर्चा के बाद वकीलों के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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DUSU चुनाव: पानी प्रमुख मुद्दा बना, अटेंडेंस पर सियासी घमासान

New Delhi, Delhi:दिल्ली विश्वविद्यालय में DUSU चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही छात्रों के सामने नई शर्तों की दी wall खड़ी हो गई है। 75 फीसदी अटेंडेन्स और बैकलॉग नहीं होने की शर्त के बीच ABVP ने 13 संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने रखे हैं। चुनावी मुद्दों में सबसे ऊपर है पानी। दावा पानी की किल्लत खत्म होने का, लेकिन तस्वीरें कुछ और ही कहानी बता रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवार कैंपस में छात्रों के बीच पहुंच रहे हैं, नए वादे किए जा रहे हैं और मुद्दों को लेकर माहौल बनाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में चुनाव लड़ने वाले छात्रों के लिए 75 फीसदी अटेंडेन्स और बैकलॉग नहीं होने जैसी शर्तों पर चर्चा तेज है। यानी जिन छात्रों की उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम है या जिनका परीक्षा संबंधी बैकलॉग है, उनके चुनावी मैदान में उतरने पर सवाल खड़े हो सकते हैं। ABVP ने DUSU चुनाव के लिए 13 संभावित छात्रों के नामों की घोषणा की है। इनमें से चार छात्रों के DUSU चुनाव में प्रत्याशी बनने की संभावना जताई जा रही है। जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है, कैंपस में प्रचार और संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता भी बढ़ती जा रही है। लेकिन इस बार छात्र समुदाय के बीच सबसे बड़ा सवाल पानी का बना हुआ है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पानी की किल्लत को लेकर छात्र लगातार सवाल उठा रहे हैं। खास बात है कि ABVP ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर दावा किया था कि विश्वविद्यालय में पानी की समस्या को खत्म कर दिया गया है, लेकिन कैमरे में कैद तस्वीरें इस दावे पर सवाल खड़े कर रही हैं। DUSU ऑफिस के बाहर रखा पानी का कूलर सूखा नजर आ रहा है। जहां पानी के मटके रखे जाते थे, वहां अब मटके भी नजर नहीं आ रहे। यानि चुनावी मंच पर पानी की किल्लत खत्म करने के दावे और कैंपस में छात्रों के सामने पानी का संकट, दोनों तस्वीरें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही हैं। DUSU चुनाव में उतरने वाले संभावित प्रत्याशी छात्रों के बीच जाकर पानी, सुविधाओं और कैंपस से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि चुनावी वादों में सबसे ऊपर रहने वाला पानी का मुद्दा, क्या चुनाव के बाद भी छात्रों की प्राथमिकता बना रहेगा؟
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हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियाँ तय कीं

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रदेश के सिविल जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं। चीफ जस्टिस के आदेश से जारी सूची के अनुसार विभिन्न न्यायमूर्तियों को जिलों का प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया है। नई व्यवस्था आज से प्रभावी होगी। इसके साथ ही राज्य शासन ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में भी महत्वपूर्ण पदस्थापना किए हैं। हाई कोर्ट रजिस्ट्री के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के संयुक्त सचिव और उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी मनीष कुमार ठाकुर की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को सौंपी गई हैं। मुंगेली की प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन एवं सीजेएम) जसविंदर कौर अजमानी मलिक को छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग, रायपुर में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है। नई सूची के अनुसार न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर की जिम्मेदारी दी गई है। न्यायमूर्ति पार्थ प्रीतम साहू सरगुजा, कोरिया, धमतरी और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के पोर्टफोलियो जज होंगे। जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास को राजनांदगांव और बेमेतरा और न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी को दुर्ग और बालोद का दायित्व सौंपा गया है। जस्टिस सचिन सिंह राजपूत रायगढ़ और महासमुंद, जबकि न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय बलौदाबाजार और बस्तर (जगदलपुर) की जिम्मेदारी संभालेंगे। न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल को कोंडागांव और मुंगेली, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल को बिलासपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर), न्यायमूर्ति विभू दत्ता गुरु को रायपुर और कबीरधाम न न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को जशपुर का पोर्टफोलियो जज बनाया गया है।स्थापना में ओएसडी के रूप में पदस्थ निम्न न्यायिक सेवा के अधिकारी रवि कुमार कश्यप को हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अपर रजिस्ट्रार और प्रशासन को प्रशासनिक कार्यों में सहायता प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया है।
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Korba transporter found dead in Bilaspur Sharda Hotel; suicide note recovered

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के तेलीपारा स्थित शारदा होटल में कोरबा के एक ट्रांसपोर्टर की मौत का मामला सामने आया है। युवक अपोलो अस्पताल से घर जाने के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। मोबाइल बंद मिलने पर परिजनों ने बैंक खाते की जानकारी खंगाली, जिसमें शारदा होटल में भुगतान का पता चला। इसके बाद परिजन होटल पहुंचे, जहां कमरा नंबर 117 में युवक का शव मिला। घटना की सूचना के बाद कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।मृतक की पहचान कोरबा जिले के दीपका बेलटिकरी निवासी 25 वर्षीय प्रतीक कुमार जायसवाल के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक प्रतीक अपनी दादी के इलाज के लिए बिलासपुर के अपोलो अस्पताल आया था। उसका भाई उसे अस्पताल से ऑटो में बैठाकर घर के लिए रवाना हुआ, लेकिन प्रतीक घर नहीं पहुंचा। काफी देर तक संपर्क नहीं होने और मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बैंक खाते की जानकारी से पता चला कि 30 अगस्त को तेलीपारा रोड स्थित शारदा होटल में 2500 रुपये का भुगतान हुआ था। संदेह के आधार पर परिजन होटल पहुंचे और कर्मचारियों से जानकारी ली। होटल प्रबंधन ने बताया कि प्रतीक कमरा नंबर 117 में ठहरा हुआ है। परिजनों ने कमरे के बाहर से आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मास्टर चाबी से कमरा खोला गया, जहां प्रतीक मृत अवस्था में मिला। कमरे की तलाशी के दौरान एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तनाव और अवसाद का जिक्र होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे घटना की जांच की जा रही है।
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जिरकपुर में महिला की हत्या: पूर्व पति पर शक; पुलिस ने शुरू की जांच

Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਬਿਸ਼ਨਪੁਰਾ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੀ ਦਸ਼ਮੇਸ਼ ਨਗਰ ਕਲੋਨੀ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਲ ਦਹਿਲਾ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਵਾਰਦਾਤ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਇੱਕ ਮਕਾਨ ਵਿੱਚ 35 ਸਾਲਾਂ ਮਹਿਲਾ ਦੀ ਖੂਨ ਨਾਲ ਲਥਪਥ ਲਾਸ਼ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੂਰੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਨਸਨੀ ਫੈਲ ਗਈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਮਹਿਲਾ 'ਤੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਹਥਿਆਰ, ਚਾਕੂਆਂ ਨਾਲ ਕਈ ਵਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦੇ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਟੀਮਾਂ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੀਆਂ ਅਤੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ। ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਫੋਰੈਂਸਿਕ ਟੀਮਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਘਟਨਾ ਸਥਾਨ ਤੋਂ ਸਬੂਤ ਇਕੱਠੇ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਕਾਨ ਅਤੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਵੀ ਬਾਰੀਕੀ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਮਹਿਲਾ ਦਾ ਆਪਣੇ ਪਹਿਲੇ ਪਤੀ ਨਾਲ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਮਨ-ਮੁਟਾਵ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸੇ ਰੰਜਿਸ਼ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਕਿ ਮਹਿਲਾ ਦਾ ਕਤਲ ਉਸਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪਤੀ ਵੱਲੋਂ ਹੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਅੰਜਾਮ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸ਼ੱਕੀ ਵਿਅਕਤੀ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਦੀ ਭਾਲ ਲਈ ਟੀਮਾਂ ਲਗਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਕਤਲ ਦੇ ਅਸਲ ਕਾਰਨਾਂ ਦਾ ਪਤਾ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਹਰ ਪਹਿਲੂ ਤੋਂ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉੱਧਰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਮਹਿਲਾ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਕਬਜ਼ੇ ਵਿੱਚ ਲੈ ਕੇ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਲਈ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਰਿਪੋਰਟ ਤੋਂ ਮੌਤ ਦੇ ਕਾਰਨ ਅਤੇ ਸੱਟਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਤੀ ਸਬੰਧੀ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ। ਫਿਲਹਾਲ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਤਲ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਅਸਲ ਕਾਰਨ, ਵਾਰਦਾਤ ਵਿੱਚ ਵਰਤੇ ਹਥਿਆਰ ਅਤੇ ਫਰਾਰ ਸ਼ੱਕੀ ਦੀ ਭਾਲ ਸਬੰਧੀ ਕਾਰਵਾਈ ਜਾਰੀ ਹੈ。
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हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना: रूपेश साहू गिरफ्तार, जेल भेजे गए

Bemetara, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश और न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों की अनदेखी करना एक प्रभारी प्रधानपाठक को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बेमेतरा सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी रूपेश साहू को बलौदाबाजार जिले से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.. पूरा मामला बेमेतरा जिला के ग्राम घठोली स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ प्रभारी प्रधानपाठक रूपेश साहू और नारायण कुमार के बीच चल रहे प्रकरण से जुड़ा है। मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुई थी, जहां जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने आरोपी द्वारा कोर्ट के आदेश का लंबे समय तक पालन नहीं किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है.. हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2025 को रूपेश साहू को राहत प्रदान की थी। हालांकि, यह राहत एक शर्त के साथ दी गई थी। न्यायालय ने उन्हें निर्धारित राशि जमा करने का निर्देश दिया था। मगर, सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि करीब 8 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्त का पालन नहीं किया गया और राशि जमा नहीं की गई जिसे लेकर हाई कोर्ट ने बेमेतरा एसपी को एक आदेश जारी कर आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है.. मामले को लेकर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सोनल ग्वाला ने बताया कि आरोपी को रूपेश साहू को 26 अगस्त को बलौदाबाजार जिले से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.....
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यूपी के हापुड़ में खनन माफियाओं के खौफ से ट्रैक्टर-चालक ने किसान की हत्या

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ में खनन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है. यहां अवैध मिट्टी से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को आबादी में धीरे चलाने की नसीहत देना एक किसान को इतना भारी पड़ गया कि चालक ने सीधे उसके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. गंभीर रूप से घायल किसान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान महमूदपुर गांव के रहने वाले 45 वर्षीय सतीश के रूप में हुई है, जो आरएसएस में खंड स्तर पर सह-संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे था. ​हैरानी की बात यह है कि पिछले 15 दिनों में हापुड़ में संगीन वारदातों और हत्याओं का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, लेकिन खाकी की सुस्ती जस की तस बनी हुई है. ग्रामीण इसे सीधा मर्डर बता रहे हैं, तो वहीं पुलिस अधिकारी अब भी इसे एक सड़क हादसा साबित करने में जुटे हैं. जानकारी के अनुसार, घटना हाफिजपुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव की है. सोमवार की देर रात सतीश अपने घर के बाहर खड़े थे. इसी दौरान जंगल से अवैध खनन कर मिट्टी लादकर ले जा रही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली वहां से गुजरी. आबादी में तेज गति देखकर सतीश ने चालक को टोका, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आगबबूला चालक ने सतीश पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया और रौंदते हुए मौके से भाग निकला. ​चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण बाहर की ओर दौड़े. ग्रामीणों ने आनन-फानन में सतीश को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बच्चों को बिलखता छोड़ गया है. मृतक सतीश की मां ने बताया कि उसके बच्चे को कुचल दिया. घर के बाहर खड़ा था. छोटे-छोटे बालकों का पेट भरता था. जिसने भी ये किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. वारदात के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जब ट्रैक्टर का पीछा किया, तो आरोपी चालक घबराहट में आगे जाकर घूंगराला गांव के पास ट्रैक्टर पलट जाने से खुद भी घायल हो गया. ग्रामीणों ने पीछे आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसके चालक को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में महीनों से रात के अंधेरे में मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे पुलिस और खनन विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं. परिजन भगत सिंह ने बताया कि सतीश जी संघ में लंबे समय से सक्रिय थे और सह-संपर्क प्रमुख का काम देख रहे थे. यहां रोज रात को खनन के ट्रैक्टर हवा की गति से दौड़ते हैं. शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती. जिसने जान ली है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. जिले में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अवैध खनन पर लगाम लगाने में नाकाम पुलिस विभाग अब इस पूरी वारदात को दुर्घटना का जामा पहनाने की कोशिश में जुटा है. अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि घूंगराला गांव में कलीम नाम के व्यक्ति का ट्रैक्टर पलटने की सूचना पर पुलिस गई थी. जांच में सामने आया कि महमूदपुर में सतीश नाम के व्यक्ति का एक्सीडेंट हुआ था, जिनकी बाद में मौत हो गई. कलीम भी घायल है. ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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अरामबाग महकमे में भारी बारिश से अदालत परिसर जलमग्न, सड़कों पर जलभराव

Arambag, West Bengal:আরামবাগ মহকুমা ও তৎসংলগ্ন এলাকায় রাত থেকেই দফায় দফায় মুষলধারে বৃষ্টি শুরু হয়েছে। সকালের দিকে বৃষ্টির দাপট কিছুটা কম মনে হলেও, বেলা বাড়তেই ফের শুরু হয়েছে অবিশ্রান্ত বৃষ্টিপাত। টানা জলপ্লাবনে সবচেয়ে বিপর্যস্ত হয়ে পড়েছে আরামবাগ মহকুমা আদালত চত্বর ।আদালত চত্বরের বিস্তীর্ণ অংশ এখন হাঁটুসমান জল নিচে। দুর্ভোগের মধ্যেও আইনজীবী, মোহরার ও বিচারপ্রার্থীরা একপ্রকার বাধ্য হয়েই জল ভেঙে নিজেদের দৈনন্দিন কাজকর্ম চালিয়ে যাচ্ছেন। জল নিকাশের পর্যাপ্ত ব্যবস্থা না থাকায় চত্বরে সাময়িকভাবে অচলাবস্থার সৃষ্টি হয়েছে। শুধু আদালত চত্বরই নয়, বৃষ্টির জলে হাবুডুবু খাচ্ছে আরামবাগ শহরের প্রধান প্রধান রাস্তাঘাট ও নিম্নাঞ্চলগুলিও। জল জমে যাওয়ায় যান চলাচল ব্যাহত হচ্ছে এবং চরম ভোগান্তির মুখে পড়েছেন সাধারণ পথচারী ও ব্যবসায়ীরা।
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घाटाल नदी पर ठोस पुल की मांग तेज, ग्रामीणों का भ्रष्ट निविदा-घोटाला आरोप

Mollar Chak, West Bengal:কংক্রিটের ব্রিজের দাবিতে সরব ঘাটালবাসী, বাঁশের সাঁকোই ভরসা, গাঁটের কড়ি খরচা করেই চলছে নদী পারাপার। একটা কংক্রিটের ব্রিজ হলেই বদলে যাবে এলাকার চেহারা। স্বাধীনতার পর থেকে এই স্বপ্নই দেখছেন area's এলাকার মানুষ। বাম, কংগ্রেস, তৃণমূল - সরকার বদলেছে, কিন্তু মিলেছে শুধুই প্রতিশ্রুতি। বাস্তবে কাজের কাজ কিছুই হয়নি। ঘাটাল ব্লকের দেওয়ানচক ও জ্ঞানচক এলাকার ঘটনা। শিলাবতী নদীর ওপর কংক্রিটের ব্রিজ না থাকায় চরম ভোগান্তিতে হাজার হাজার মানুষ। যোগাযোগের একমাত্র ভরসা একটি নড়বড়ে বাঁশের সাঁকো। সেই সাঁকো দিয়েই ঝুঁকি নিয়ে চলছে টোটো, অটো ও মোটরবাইক। স্থानीयদের অভিযোগ, প্রতিবছর গ্রাম নির্বাচন-পঞ্চায়েতের পক্ষ থেকে মোটা টাকার বিনিময়ে ঘাটের টেন্ডার ডাকা হয়। তারপর ব্যক্তি মালিকানায় ছেড়ে দেওয়া হয় নদী পারাপারের দায়িত্ব। বাধ্য হয়ে গাঁটের কড়ি খরচ করে নদী পার হতে হচ্ছে সাধারণ মানুষকে। এভাবেই বছরের পর বছর ধরে ব্যবসা চালিয়ে যাচ্ছে একটি চক্র। এলাকাবাসীর দাবি, শিলাবতী নদীর ওপর একটি স্থায়ী কংক্রিটের ব্রিজ নির্মাণ করা হোক। ব্রিজটি হলে চন্দ্রকোনা ও ঘাটাল - দুই বিধানসভা এলাকার বিস্তীর্ণ অংশের মানুষের যাতায়াতের সুবিধা হবে এবং এলাকার উন্নয়ন হবে। এ বিষয়ে চন্দ্রকোনা ও ঘাটালের বিধায়ক উভয়েই সমস্যার কথা স্বীকার করেছেন। ছবি/বাইট 2c তে বাইট ১) Sheikh Sirajul Ali (গ্রামবাসী) ২) Tapon Mondal (গ্রামবাসী) ৩) Pankaj Bag (ঘাট মালিক) ৪) Shital Kapad (ঘাটালের বিধায়ক) ৫) Sukanta Daluwi (Chamdrakonar বিধায়ক)
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