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SMSyed Mohd.RazaFollow13 Feb 2025, 06:00 pm

प्रयागराजः सहसो टोल प्लाजा पर सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को बांटी गई तहरी

Prayagraj, Bongi, Uttar Pradesh:

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे लोगों की कड़ी में बलीपुर मंडल के भाजपा अध्यक्ष कमलेश मौर्य ने एक अनूठी पहल की। उन्होंने प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग स्थित सहसो टोल प्लाजा पर सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को तहरी का वितरण किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष कमलेश मौर्य ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर मिलना बड़े गौरव की बात है। मौर्य ने सभी सक्षम व्यक्तियों से ऐसे सेवा कार्यों में भाग लेने की अपील की और कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अन्य प्रांतों से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में मंडल के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

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इस साल पहली बार चांदी 2 लाख से नीचे, सोना भी सस्ता: जयपुर बाजार में गिरावट

Jaipur, Rajasthan:इस साल पहली बार चांदी 2 लाख से नीचे लुढ़की, सोना भी हुआ सस्ता जयपुर- सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है... जयपुर में चांदी इस साल पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे आ गई है... चांदी 3 हजार रुपए टूटकर 1 लाख 97 हजार रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है... जनवरी में 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंची चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है... आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के भाव, देखिए ये रिपोर्ट चांदी के भाव टूटे- जयपुर-सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। जयपुर में चांदी की कीमत इस साल पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर से नीचे आ गई है। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स की ओर से जारी भावों के अनुसार चांदी 3 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती होकर 1 लाख 97 हजार रुपए पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई। सोना 300 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 1 लाख 45 हजार रुपए पर आ गया। जनवरी में 4 लाख तक पहुंची थी चांदी- चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। इस साल जनवरी में चांदी का भाव करीब 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था। अब कीमत घटकर 1 लाख 97 हजार रुपए पर आ गई है। इससे चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिल सकती है। हालांकि, कीमतों में आगे और गिरावट आएगी या बाजार फिर तेजी पकड़ेगा, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और मांग पर निर्भर करेगा।
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एमआईएम पार्टी से उत्तरप्रदेश सचिव अरशद राणा ने अपने पद से दिया इस्तीफा लगाये आरोप ,बताई वजह

ZAFAR IQBALZAFAR IQBALFollow8m ago
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर: एमआईएम उत्तरप्रदेश सचिव अरशद राणा ने अपने पद से दिया इस्तीफा लगाये आरोप खबर उत्तर प्रदेश की जनपद मुजफ्फरनगर से हैं यहां की मीरापुर सीट से पूर्व विधायक प्रत्याशी और एमआईएम उत्तरप्रदेश सचिव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया हालांकि लिखित रूप में नहीं दिया गया इस्तीफा लेकिन मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी और बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात एक कर दिया लेकिन इसके बावजूद भी मुझे से उत्तर प्रदेश एमआईएम के कुछ नेता के जरिए सवाल पूछे जा रहे हे इससे दुखी होकर आज सुबह मैने अपने पद से इस्तीफा दे दिया हे मैं पार्टी का सिपाही हूं और इसके लिए काम करता रहूंगा। वजह जानने के लिए देखिए पूरी खबर.
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गोपालगंज में राजस्व अधिकारी हरेंद्र साह निलंबित, डोंगल के दुरुपयोग का मामला

Patna, Bihar:राजस्व कर्मचारी हरेंद्र साह निलंबित, निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी डोंगल इस्तेमाल करने का मामला.... गोपालगंज में राजस्व कर्मचारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। सोशल मीडिया पर सरकारी डोंगल निजी व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने लिया एक्शन। बरौली अंचल कार्यालय में तैनात राजस्व कर्मचारी हरेंद्र साह को तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के निर्देश के बाद मामले की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में हरेंद्र साह का नाम सामने आने के बाद समाहर्ता, गोपालगंज ने जारी किया निलंबन आदेश। निलंबन अवधि में कर्मचारी का मुख्यालय बरौली अंचल कार्यालय निर्धारित। अंचल अधिकारी, बरौली को तीन दिनों के भीतर आरोप पत्र और साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश।
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जयपुर के गांवों में पंचायती राज के दूसरे चरण के मतदान से सत्ता का सेहरा किसके नाम?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की सत्ता का अगला फैसला...277 प्रत्याशियों की किस्मत और 3 लाख 78 हजार मतदाताओं के हाथ में गांव की सरकार की चाबी။ जयपुर में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण का सियासी रण कल सजने जा रहा है। जिले की पांच पंचायत समितियों के 81 वार्डों में 247 प्रत्याशी आमने-सामने हैं। तो जिला परिषद के 11 वार्डों में 30 उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सबसे बड़ा चुनावी मैदान आमेर का है...जहां एक लाख 8 हजार वोटर प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। 413 बूथों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग होगी...और ईवीएम में कैद होगा गांव की सत्ता का जनादेश। इसके बाद 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच की चौधर के लिए मुकाबला होगा। आखिर किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा...और किसके हाथ आएगी गांव की सरकार की कमान...देखिए ये रिपोर्ट। VO-1-पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों में गांव की सरकार चुनने के लिए मतदान होगा। जिला परिषद के 11 और पंचायत समिति के 81 वार्डों में कुल 277 प्रत्याशी का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद होगा। इनमें जिला परिषद के 30 और पंचायत समिति सदस्य पद के 247 प्रत्याशी शामिल हैं। पांच पंचायत समितियों के 413 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 78 हजार 364 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। दूसरे चरण में आमेर, अमरसर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी और शाहपुरा पंचायत समितियों में मतदान होगा। इनमें सबसे ज्यादा 66 प्रत्याशी आमेर पंचायत समिति के 21 वार्डों में चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं सबसे कम 41 प्रत्याशी रामपुरा डाबड़ी के 15 वार्डों में मैदान में हैं। अमरसर और जालसू में 49-49 और शाहपुरा में 42 प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं। मतदाताओं के लिहाज से आमेर पंचायत समिति सबसे बड़ी है। यहां 1 लाख 8 हजार मतदाता हैं। इनमें 56 हजार 137 पुरुष, 51 हजार 862 महिला और एक अन्य मतदाता शामिल है। सबसे कम 57 हजार 160 मतदाता शाहपुरा पंचायत समिति में हैं। अमरसर में 71 हजार 767, जालसू में 70 हजार 35 और रामपुरा डाबड़ी में 71 हजार 402 मतदाता हैं। पांचों पंचायत समितियों में कुल 1 लाख 97 हजार 323 पुरुष, 1 लाख 81 हजार 40 महिला और एक अन्य मतदाता है। पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या 16 हजार 283 कम है। पंचायत समिति चुनाव का पूरा गणित पंचायत समिति::वार्ड::प्रत्याशी::::मतदान केंद्र:::मतदाता आमेर:::::21:::::66::::::113::::::1,08,000 अमरसर:::::15::::49:::::77:::::71,767 जालसू::::::15::::::49::::::81::::::70,035 रामपुरा डाबड़ी::::15:::::41:::::79::::::71,402 शाहपुरा:::15::::::42::::63::::::57,160 कुल:::::81::::247::::413::::::3,78,364 VO-2-दूसरे चरण में जिला परिषद के 11 वार्डों के लिए भी मतदान होगा। इनमें वार्ड संख्या 11, 12, 13, 14 और 51 से 57 तक शामिल हैं। इन वार्डों में कुल 30 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदाता अलग-अलग वोट डालेंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतदान के अगले दिन 29 अक्टूबर को पांच पंचायत समितियों की 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी। इसके बाद 30 अक्टूबर को बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में कुल 1,182 वार्ड हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके अगले दिन 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक के निर्देशन में मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, छाया, शौचालय और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। बुधवार सुबह मॉक पोल के बाद सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। बहरहाल, गांव की सत्ता के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है...277 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला अब 3 लाख 78 हजार मतदाताओं के हाथ में है। किसी की नजर जिला परिषद की कुर्सी पर है...तो कोई पंचायत समिति में अपनी पकड़ मजबूत करने की जुगत में है। लेकिन असली ताकत उस वोटर के हाथ में है...जो कल ईवीएम का बटन दबाएगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि गांव का जनादेश किसके सिर जीत का सेहरा बांधता है...और किसके सियासी अरमान ईवीएम में ही कैद रह जाते हैं। दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर।
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जयपुर में डिस्कॉम मीट-2026: वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने और AI-तकनीक के उपयोग पर जोर

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। विद्युत वितरण क्षेत्र को मजबूत बनाने, उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने और बिजली व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जयपुर में विद्युत वितरण निगमों की 10वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस ‘डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट-2026’ आयोजित की गई। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कांफ्रेंस का उद्घाटन किया। इसमें देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधियों, कई राज्यों के ऊर्जा सचिवों और बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। दो दिवसीय कांफ्रेंस में सात सत्रों के दौरान विद्युत वितरण क्षेत्र की चुनौतियों, सुधारों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत किए बिना हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र के सामने कई चुनौतियां होंगी। इनका सामना करने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ काम करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। नागर ने कहा कि पहले गांवों में दो दिन तक बिजली नहीं आने पर भी लोग शिकायत नहीं करते थे, लेकिन अब दो घंटे बिजली गुल रहने पर ही उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा देते हैं। इससे स्पष्ट है कि लोगों में जागरूकता बढ़ी है, और उनकी अपेक्षाएं भी बदली हैं। ऐसे में बिजली विभागों को भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना होगा। प्रत्येक शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि दो दिवसीय कांफ्रेंस में देशभर के बिजली विशेषज्ञों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ विद्युत क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। यहां से निकलने वाले उपयोगी सुझावों को धरातल पर लागू करने का प्रयास किया जाएगा। कांफ्रेंस में राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा, ऊर्जा सचिव आरती डोगरा, आरआरईसीएल के सीएमडी रोहित गुप्ता, आरवीयूएनएल के सीएमडी देवेंद्र श्रृंगी और ऊर्जा सलाहकार नवीन अरोड़ा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सत्रों में डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति सुधारने, स्मार्ट मीटर के आधुनिक उपयोग और बिजली वितरण सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ।
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कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में भारी नाराज़गी और विरोध प्रदर्शन

Chaka, कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्यालय में नाराजगी; निराश विधायकों और उनके समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व के सामने ही मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार किए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई हिस्सों में निराशा और साफ नाराजगी देखने को मिली। इस बहुप्रतीक्षित विस्तार में कई वरिष्ठ विधायकों को जगह नहीं मिल पाई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोक भवन में चार नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, दूसरी ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और वरिष्ठ नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए चार विधायकों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक अली मोहम्मद सागर (खनियार), अल्ताफ अहमद कालू (पहलगाम), मीर सैफुल्ला (त्रेहगाम) और शमीमा फिरदौस (हब्बा कदल) शामिल हैं। इस विस्तार के साथ ही मंत्रिपरिषद में सदस्यों की संख्या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के तहत तय अधिकतम सीमा तक पहुंच गई है। इस प्रक्रिया में खेल और तकनीकी शिक्षा मंत्री सतीश शर्मा को मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया। दक्षिण कश्मीर के सबसे वरिष्ठ नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और अनंतनाग पश्चिम के विधायक अब्दुल मजीद भट लारमी को मंत्रिपरिषद में शामिल न किए जाने पर उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम तक वे संभावित मंत्रियों की सूची में थे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि किसी कनिष्ठ नेता को उनसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब्दुल मजीद लारमी ने कहा: "मैं इस पद का हकदार था। पंपोर से लेकर पूरे दक्षिण कश्मीर में मैं सबसे वरिष्ठ हूं और हमेशा पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं। मैं पार्टी आलाकमान के सामने अपनी बात रखूंगा, लेकिन मैं पार्टी से अलग नहीं होऊंगा; मैं पार्टी का एक सिपाही हूं। फिर भी, यह दुखद है—आखिरकार, मैं सबसे वरिष्ठ हूं। मैं पार्टी नेतृत्व के फैसले का सम्मान करता हूं, जिन्हें शामिल किया गया है, वे भी इसके हकदार थे।" कैबिनेट विस्तार से न केवल लारमी, बल्कि कई अन्य विधायक भी निराश हुए हैं। इनमें मुबारक गुल भी शामिल हैं, जो पिछले 50 वर्षों से पार्टी से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, नजीर गुरेजी भी इस फैसले से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ नेता मुबारक गुल ने कहा: "मुझे तब भी बाहर रखा गया था और अब भी बाहर रखा गया है। मैंने अब तक 30 शपथ ग्रहण समारोह देखे हैं। हर बार मुझे बाहर रखा गया, और आज भी मुझे बाहर रखा गया है।" हालांकि मुबारक गुल को पार्टी का महासचिव बनाया गया, लेकिन उनके समर्थकों ने पार्टी मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। वे कैबिनेट में उन्हें शामिल न किए जाने से नाराज थे। उन्होंने नारे लगाए: "पार्टी से इस्तीफा दो, महासचिव मंजूर नहीं।" अली मोहम्मद सागर की तबीयत ठीक न होने के बावजूद, उन्हें जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उनके लंबे अनुभव और पार्टी पर उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए शामिल किया गया। उनके बेटे सलमान सागर, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस का युवा चेहरा हैं और हजरतबल से विधायक हैं, ने पार्टी आलाकमान को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता के अनुभव को अहमियत दी गई है। पत्रकारों से बात करते हुए सलमान सागर ने कहा: "एक बेटे के तौर पर मैं बहुत खुश हूँ। पार्टी ने उनके (अली मोहम्मद सागर के) अनुभव को देखते हुए उन्हें लोगों की सेवा करने का एक और मौका दिया है।" उन्होंने माना कि कुछ नाराजगी है, लेकिन पार्टी की अपनी मजबूरियां भी होती हैं। "जिन लोगों का आपने जिक्र किया, वे पार्टी के स्तंभ हैं। उन्हें मना लिया जाएगा, पार्टी के अंदर किसी तरह के मतभेद का कोई सवाल ही नहीं है।" सतीश शर्मा को बाहर किए जाने और जम्मू के साथ भेदभाव के आरोपों पर उन्होंने कहा: "सतीश को बाहर रखा गया है, हो सकता है उन्हें बाद में फिर शामिल कर लिया जाए। पार्टी में कोई मतभेद नहीं है, यह सब हमारे विरोधी बेवजह का हंगामा खड़ा कर रहे हैं।" सकीना इट्टू ने भी सलमान का समर्थन किया। उन्होंने कहा: "पार्टी ने जो फैसला लिया है, सभी उसे स्वीकार कर रहे हैं। पार्टी मुख्यालय में जो कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं, उन्हें भी पार्टी ने ही अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। हर कोई मंत्री नहीं बन सकता; लोगों के पास सेवा करने के और भी कई तरीके हैं। पार्टी में कोई मतभेद नहीं है।" नए शामिल किए गए मंत्रियों ने इस अवसर पर खुशी जताई। शमीमा फिरदौस ने कहा: "मैं पार्टी के संस्थापक शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के मिशन को आगे बढ़ाना जारी रखूँगी।" जो लोग निराश हैं, उनके बारे में उन्होंने कहा: "वे अहम लोग हैं, हो सकता है कि उन्हें कुछ शिकायतें हों; वे आकर पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे।" सकीना इट्टू ने भी पार्टी के फैसले का समर्थन किया और कहा कि हर कोई मंत्री नहीं बन सकता; पार्टी में कई ऐसी जगहें हैं जहाँ लोग सेवा कर सकते हैं।
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भरतपुर में अतिक्रमण हटाने की तेज़ कार्रवाई, बीनारायण गेट पर विकास का इशारा

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। आज बीनारायण गेट के पास नगर निगम का पीला पंजा चला। निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने गेट के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाए। सरकारी चुंगी को भी ध्वस्त किया गया। भरतपुर के बीनारायण गेट पर नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। नगर निगम कमिश्नर श्रवण बिश्नोई के निर्देशन में अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने गेट के दोनों तरफ अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाए। इस दौरान सरकारी चुंगी को भी तोड़ा गया। दरअसल, बीनारायण गेट के दोनों तरफ रास्ता चौड़ा करने और नाला निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि इस कार्य से क्षेत्र में जल निकासी बेहतर होगी और आमजन को आवागमन में सुविधा मिलेगी। फिलहाल नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
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पूर्व सांसद ब्रजभूषण सिंह को जन्मदिन पर सिंध नस्ल का घोड़ा गिफ्ट, 1 करोड़ रुपए कीमत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का आगामी 8 जनवरी 2027 को जन्मदिन है। लेकिन उससे पहले बृजभूषण शरण सिंह को जन्मदिन पर अब गिफ्ट मिलनी शुरू हो गए हैं। आज मंगलवार को जुबेरगंज अयोध्या के रहने सरफराज अहमद ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पैतृक आवास विश्नोहरपुर पहुंच करके लगभग 1 करोड़ रुपए की कीमत का एक सिंध नस्ल का घोड़ा उन्हें जन्मदिन के पहले उपहार स्वरूप भेंट किया है। गिफ्ट में घोड़ा मिलने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने घोड़े पर बैठ करके अलग-अलग लगभग 500 मीटर तक घुड़सवारी की है। बृजभूषण शरण सिंह के अस्तबल में अब तक लगभग 8 घोड़े हो चुके हैं जिसमें ढाई करोड़ और 2 करोड रुपए तक के घोड़े भी शामिल है। गिफ्ट में मिले घोड़े और बृजभूषण शरण सिंह के घुड़सवारी को देखने के लिए भी काफी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित थी। बृजभूषण ने कहा कि दुगामा और कदमबाजी का घोड़ा हमको मिला है जिसपर बैठक कर आराम से चला सकता है। मैं पहले खूब घुड़सवारी करता था 5 से 6 घंटे बैठता था इस पर बैठने में कोई रिस्क नहीं है मैं कोशिश करूंगा कि बुढ़ापे में भी मैं घुड़सवारी करूं आज मैं बस केवल बैठा था। वही गिफ्ट में घोड़ा देने के बाद सरफराज अहमद ने कहा कि सिंध नस्ल का घोड़ा हमने उनको बैठने के लिए गिफ्ट किया है दुगमा चाल में यह चलता है। जैसलमेर बाड़मेर राजस्थान का घोड़ा है लगभग साढ़े चार साल का घोड़ा है 12 लाख रुपए से नीचे यह घोड़े शुरुआत में कम मिलता नहीं है। इससे ज्यादा इसका दाम है घोड़े की चाल के हिसाब से उसका दाम होता है घटता है और बढ़ता भी है इस घोड़े की कीमत मैं आपको बात नहीं सकता।
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