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Mathura281403

मथुरा-स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में बच्चों ने मन मोह लिया

Dec 22, 2024 08:59:16
Kokilavana, Uttar Pradesh
कोसीकला के राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम मनाया। जिसका शुभारंभ छाता तहसील के उप जिलाधिकारी श्वेता सिंह ने मां सरस्वती और गणेश जी की प्रतिमा पर दीप प्रजनन कर किया । कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने अनेक प्रकार के सांस्कृतिक नृत्य नाटिका वक्तव्य और देश भक्ति गानों पर अभिनय किया। जिसे देख वहां उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाई।
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BKBRAJESH KUMAR
Feb 18, 2026 03:46:28
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HUHITESH UPADHYAY
Feb 18, 2026 03:46:11
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के अरनोद पुलिस ने दो आदतन अपराधी को एक माह के लिए जिला बदर किया है। पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने बताया कि अरनोद के कुम्हारों का मोहल्ला निवासी रमेशचद्र पुत्र बंसतीलाल पोरवाल लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहकर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। जिस पर प्रतापगढ पुलिस टीम द्वारा इस्तगासा तैयार कर सुनवाई के लिए न्यायालय अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे एक माह की अवधि के लिए पुलिस थाना अरनोद क्षेत्र से पुलिस थाना घाटोल जिला बांसवाडा पर छोडा गया। निष्कासन अवधि के दौरान जिला प्रतापगढ़ क्षेत्र प्रवेश नहीं कर सकेगा। इसी प्रकार गणपतलाल पुत्र चंपालाल सुथार निवासी नौगावां पुलिस थाना अरनोद लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहकर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। जिस पर न्यायालय अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे भी एक माह की अवधि के लिए थाना क्षेत्र सिटी कोतवाली, जिला चित्तौडग़ढ़ (राजस्थान) के लिए निष्कासित किया गया है।
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PSPradeep Soni
Feb 18, 2026 03:45:57
Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर चौमूं इलाके में बदला मौसम का मिजाज देर रात से हो रही है क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश सर्द हवाओं ने फिर से कराया सर्दी का एहसास आसमान में छाई काली घटाएं चौमूं इलाके में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला है। देर रात से इलाके में रुक-रुक कर हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ ही ठंड का अहसास भी बढ़ गया है। सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई हुई हैं और ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अचानक बदले मौसम ने आमजन की दिनचर्या पर भी असर डाला है। मौसम में आए इस बदलाव ने दिन में रहने वाली गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन ठंडी हवाओं ने सर्दी का अहसास फिर से ताजा कर दिया है।
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HUHITESH UPADHYAY
Feb 18, 2026 03:45:44
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में अफीम की फसल इन दिनों यौवन पर है। डोडों के पकते ही किसानों ने शुभ मुहूर्त में मां काली की पूजा-अर्चना कर चिराई और दूध संग्रहण का कार्य शुरू कर दिया है। खेतों में झोपड़ियां बन चुकी हैं, रात-दिन रखवाली हो रही है और हर सुबह डोडों से टपकता दूध किसानों की उम्मीदों को नया आकार दे रहा है। प्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों एक अलग ही दृश्य देखने को मिल रहा है। अफीम की फसल पर डोडे आते ही किसानों ने परंपरा अनुसार शुभ मुहूर्त में चीरा लगाने और दूध संग्रहण का कार्य आरंभ कर दिया है। आम बोलचाल में इस प्रक्रिया को नाणा कहा जाता है। किसानों ने बताया कि चिराई से पहले खेत में नवदुर्गा की स्थापना की जाती है। शुभ दिशा में माता को रोली बांधी जाती है, घी-तेल के दीपक जलाए जाते हैं, अगरबत्ती लगाकर नारियल चढ़ाया जाता है। इसके बाद पांच पौधों पर रोली बांधी जाती है और डोडों पर पहला चीरा लगाया जाता है। अंत में गुड़, धनिया और नारियल का प्रसाद बांटकर कार्य की विधिवत शुरुआत होती है। काले सोने की इस फसल की सुरक्षा के लिए किसानों ने खेतों पर ही अस्थायी झोपड़ियां बना ली हैं। दिन में चिराई और सुबह दूध संग्रहण, वहीं रात में चौकसी—यह दिनचर्या अब सामान्य हो चुकी है। डोडों से निकलने वाले दूध को रोज एकत्र कर बाद में सरकार को जमा कराया जाएगा। किसानों का मानना है कि फसल पर बुरी नजर न लगे, इसलिए पूजा-पाठ के साथ पारंपरिक टोटके भी किए जा रहे हैं। बच्चे भी खेल-कूद छोड़कर इन दिनों परिवार के साथ खेतों में हाथ बंटा रहे हैं। क्षेत्र में अधिकांश किसानों ने चिराई का काम शुरू कर दिया है, जबकि कुछ स्थानों पर देर से बुवाई होने के कारण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। नारकोटिक्स विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 9,641 किसानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें 7,351 किसान चीरा पद्धति और 2,390 किसान सीपीएस पद्धति से अफीम उत्पादन कर रहे हैं। प्रतापगढ़ खंड में 3,827 चीरा पद्धति, और 1,664 सीपीएस कुल 5,491 लाइसेंस हैं। छोटीसादड़ी खंड में 3,524 चीरा पद्धति, 626 सीपीएस और कुल 4,150 लाइसेंस हैं। गत वर्ष जिले में 8,038 किसानों को लाइसेंस मिले थे, जिनमें 1,914 सीपीएस पद्धति के थे। इस वर्ष लाइसेंस संख्या में वृद्धि हुई है। जिले के 273 गांवों में अफीम की बुवाई की गई है। अफीम की यह फसल किसानों के लिए केवल आर्थिक संबल नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और अनुशासन का प्रतीक भी है। डोडों पर पड़ने वाला हर चीरा केवल दूध नहीं, बल्कि उम्मीद और समृद्धि का प्रतीक बनकर खेतों से निकल रहा है।
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YSYeswent Sinha
Feb 18, 2026 03:35:31
Nawada, Bihar:बिहार सरकार द्वारा खुले में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के बाद नवादा में मछली विक्रेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विक्रेताओं ने सरकार के इस आदेश को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जिले के सबसे बड़े बाजार, पार नवादा स्थित मछली विक्रेता संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार क्रांति ने कहा कि उनका पूरा संघ सरकार के इस आदेश का विरोध करता है। उन्होंने इसे 'दमनकारी और विरोधाभासी' करार दिया। क्रांति ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने बताया कि 30 साल पहले बना मछली शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है। विक्रेताओं की मांग है कि सरकार उन्हें नदी के किनारे एक बेहतर शेड बनाकर दे, तभी वे आदेश का पालन करेंगे। विक्रेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे खुले में ही मछली बेचना जारी रखेंगे। लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं ने भी कहा कि यदि उन्हें बेहतर व्यवस्था नहीं दी जाती है, तो वे पहले की तरह ही बिक्री करते रहेंगे।
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GBGovindram Bareth
Feb 18, 2026 03:35:15
Saiki, Bihar:डॉ संजय कनौजे कलेक्टर एक्शन मूड में। कुछ दिनों में छात्रों का परीक्षा है को लेकर जताई नराजगी। एंकर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के कलेक्टर डाक्टर संजय कनौजे ने 16 तारीख को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलटिकरी का निरीक्षण किया था जिसमें शिक्षकों की कई तरह की लापरवाही और उदासीनता देखने को मिली जिसकी वजह से कलेक्टर ने काफी नाराजगी जाहिर की और लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ एक्शन मोड पर भी नजर आ रहे। आपको बता दे लगभग 10 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही देखने को मिली जिसमें बिना अनुमति अवकाश लिए स्कूल से अनुपस्थित रहे दो शिक्षक साथ ही 7 ऐसे शिक्षक जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा बच्चों की उपस्थिति परीक्षा कार्य जैसे कई तरह की कमियाँ पाई गई जिन्हें लेकर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बाइट/कलेक्टर।
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HSHEMANT SANCHETI
Feb 18, 2026 03:34:41
Narayanpur, Chhattisgarh:नारायणपुर जिले के प्रशासनिक महकमे में इन दिनों खुशी का माहौल है। फरवरी 2024 से जिले में अपर कलेक्टर पदस्थ वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति के लिए हुआ है। वे नायब तहसीलदार कैडर से आईएएस बनने वाले छत्तीसगढ़ के पहले अधिकारी बन गए हैं। दुर्ग जिले के मूल निवासी पंचभाई ने अपने करियर की शुरुआत सहायक प्राध्यापक के रूप में की थी। वर्ष 1993 में अविभाजित मध्यप्रदेश में वे आरक्षित कोटे से नायब तहसीलदार चुने गए। अभनपुर में लंबे समय तक सेवा देने के बाद 2010 में उनका चयन राज्य प्रशासनिक सेवा में हुआ। रायपुर में अपर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्य किया और फरवरी 2024 से नारायणपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नक्सल प्रभावित और दुर्गम नारायणपुर जिले, खासकर अबूझमाड़ क्षेत्र में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, जनसुनवाई और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली, सादगी और जनसेवा की भावना ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। दिल्ली में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) में छत्तीसगढ़ के सात अधिकारियों को आईएएस अवार्ड के लिए चुना गया, जिनमें पंचभाई भी शामिल हैं। उनके साथ लीना कोसम, सौमिल चैबे, संदीप अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, तीर्थराज अग्रवाल और आशीष टिकरिहा का भी चयन हुआ है। पंचभाई की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रशासन के लिए प्रेरणा है। यह साबित करता है कि ईमानदारी, मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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SLSanjay Lohani
Feb 18, 2026 03:34:24
Satna, Madhya Pradesh:सतना। कोलगवां थाना इलाके के रीवा रोड स्थित एयरपोर्ट मोड पर बोलेरो और वैन की टक्कर में कांग्रेस नेत्री समेत उनकी बेटी घायल हो गई। दुर्घटना में वैन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात लगभग 12 बजे वैन क्रमांक MP 19 BB 1291 से कांग्रेस नेत्री नीतू सिंह एवं उनकी बेटी अपने घर उतैली जा रही थी तभी एयरपोर्ट मोड पर सड़क क्रॉस करते समय तेज रफ्तार बोलेरो क्रमांक UP 96 R 1013 ने वैन को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में नीतू सिंह और उनकी बेटी घायल हो गई। नीतू सिंह के सिर पर गंभीर चोटे आई है। मौके से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल भेजा। उधर, पुलिस ने बोलेरो जब्त कर ली है और आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही कर रही है。
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KSKartar Singh Rajput
Feb 18, 2026 03:34:13
Morena, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मुरैना से एक बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है… जहां प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना, गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा दिखती है, वहीं ज़मीन पर भ्रष्ट सिस्टम की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। मामला मुरैना के जोरी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा का है, जहां सरकारी सब्सिडी वाले लोन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना PMEGP और MSME योजनाओं के तहत लोगों को स्वरोजगार के लिए लोन दिया जाता है ताकि यूनिट लगे, रोजगार मिले और जीवन सुधरे। लेकिन मुरैना में इस योजना को लूट का जरिया बना लिया गया। स्रोतों के दावा हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड इंडियन ओवरसीज बैंक का शाखा प्रबंधक कुलदीप राजपूत और असिस्टेड मैनेजर राहुल प्रकाश राम हैं, जो फर्जी दस्तावेज़ों पर बिना ग्राउंड वेरिफिकेशन लोन पास करते रहे और सरकार की सब्सिडी खुद ही हजम करते रहे। जिनके नाम पर लोन दिखाया गया, उन्हें खुद नहीं पता कि उनके नाम पर यूनिट कहाँ लगी है। इस घोटाले पर प्रशासन और बैंक मुख्यालय क्या कार्रवाई करेगा, यह आगे देखना होगा, वरना गरीबों के हक का पैसा ऐसे ही डकारा जाता रहेगा।
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KSKartar Singh Rajput
Feb 18, 2026 03:33:57
Morena, Madhya Pradesh:भारतीय संगीत की जननी है ध्रुपद, इसका ग्वालियर से है पुराना नाता: पद्मश्री उस्ताद वासिफुद्दीन डागर राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में शुरू हुए तीन दिवसीय बैजू बावरा महोत्सव के पहले दिन विद्वानों में ध्रुपद और धमार शैलियों पर अपने विचार रखे。 संगीत की बारीकियों को समझते वक्त यह भी ध्यान में रखें कि आपके स्वयं के मन पर संगीत का क्या प्रभाव पड़ रहा है। संगीत में स्वर का अध्ययन करने से पहले अपने अंदर के 'स' को खोजने का प्रयास करें। यह भी जानना जरूरी है कि ध्रुपद शैली भारतीय संगीत की जननी है। ख्याल, दादरा, ठुमरी, टप्पा आदि इसके बाद ही अस्तित्व में आए हैं। और ग्वालियर का ध्रुपद से पुराना जुड़ाव रहा है। भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रभाव कभी कम नहीं हुआ। यही कारण है कि ध्रुपद आज 20 वीं पीढ़ी के साथ भी चल रहा है। शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए निजी चैनलों को आगे आकर प्रचार प्रसार करना चाहिए। यह बात दिल्ली से आए पद्मश्री उस्ताद वासिफुद्दीन डागर ने कही। वह राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय बैजू बावरा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 'भारतीय ज्ञान परंपरा: ध्रुपद गायन शैली का परंपरागत एवं वर्तमान स्वरूप' विषय पर बतौर विषय विशेषज्ञ बोल रहे थे। संगीत विश्वविद्यालय और प्रयास शिक्षा, साहित्य, कल व संगीत पीठ समिति के संयुक्त तत्वाधान में शुरू हुए इस महोत्सव के पहले दिन विद्वानों ने ध्रुपद शैली की बारीकियों से छात्र-छात्राओं को परिचित कराया साथ ही संगीत की विधाओं का प्रदर्शन भी हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ललित नारायण मिथिला मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, बिहार से आई लावण्य कीर्ति सिंह रही। कार्यक्रम में विद्वानों के रूप में नई दिल्ली से आए पं. मोहन श्याम शर्मा ने भी विषय पर अपने विचार रखे। कुलगुरु प्रो स्मिता सहस्त्रबुद्धे की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में कुलसचिव अरुण सिंह चौहान, वित्त नियंत्रक डॉ आशुतोष खरे, विद्याप परिषद के अशोक आनंद, प्रयास समित के कार्यकारी प्रो नीरज कुमार झा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन सांस्कृतिक समिति समन्वयक डॉ पारुल दीक्षित ने किया。 परंपराओं में बंधा हुआ है शास्त्रीय संगीत ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, बिहार से आई लावण्या कीर्ति सिंह ने कहा कि ग्वालियर शहर संगीत की नगरी है। इसके बिना संगीत की कल्पना करना संभव नहीं है। वर्तमान में हमें परंपराओं से जुड़ने की जरूरत है। भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपराओं से बंधा हुआ है और परंपराओं के साथ ही वह लगातार बढ़ता रहा। अध्ययन करने पर पता चलता है कि संगीत शास्त्र और प्रदर्शन दोनों से चलता है और किसी एक के बिना भी संगीत अधूरा है。 चौताल में बैजू का पद कार्यक्रम के दौरान संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने बैजू द्वारा रचित पद की राग जौनपुरी, ताल चौताल में संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसके बोल थे जहां लगी.. पखावज पर संगति जयवंत गायकवाड़ ने की。 अन्य तालों से अलग है ताल धमार पं. मोहन श्याम शर्मा (नई दिल्ली) ने पखावज सह प्रदर्शन के दौरान कहा कि ताल धमार अन्य तालों से कुछ अलग है। वैसे ही पखावज और तबले में भी अंतर होता है। पखावज में देवी देवताओ की स्तुति के साथ टुकड़े, छंद, रेला आदि शामिल होते हैं। तबले की परन में तिहाई होती है, जबकि पखावज की परन में तिहाई का अभाव होता है। इस दौरान उन्होंने ताल धमार में पखावज पर अद्भुत प्रदर्शन भी किया। उनके साथ अब्दुल हमीद ने लहरा संगति की。 तेरो मन में कितनो गुन शहर की युवा कलाकार योगिनी तांबे ने ध्रुपद की मनोहर प्रस्तुति दी। उन्होंने राग भुपाली में सर्वप्रथम आलाप, मध्यलय आलाप, द्रुत लय आलाप, तत्पशात चौताल में निबद्ध बंदिश जिसके बोल तान तलवार की, और जलदसूल में निबध्द बंदिश जिसके बोल - तेरो मन में कितनो गुन रे...। उनके साथ पखावज पर जगत नारायण ने संगति की。 राग मुल्तानी में आलाप इसी क्रम में पद्मश्री वासिफुद्दीन डागर ने राग मुल्तानी में नोम तोम आलाप की अद्भुत प्रस्तुति दी। उनके साथ पं. मोहन श्याम शर्मा ने पखावज पर संगति की।
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MDMahendra Dubey
Feb 18, 2026 03:33:29
Sagar, Madhya Pradesh:सागर की सीमा ने तमाम सीमाये तोड़ जीत लिया सिल्वर बनी संघर्ष करने वाली महिलाओं के लिए मिसाल.. एंकर/ कहते है कि मन में कुछ करने का जज्बा हो, संकल्प की शक्ति हो और हर तरह के वक्त से लड़ने की ताकत हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। बुंदेलखंड अंचल के एक छोटे से गांव से निक�लकर 25 वर्षीय सीमा रैकवार ने संघर्ष, साहस और संकल्प की मिसाल पेश की है। आर्थिक तंगी, सामाजिक ताने और पारिवारिक नाराजगी के बीच सीमा ने अपने सपनों को मरने नहीं दिया और हाल ही में सीहोर में आयोजित पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। सीमा एक साधारण परिवार से आती हैं। गांव का माहौल ऐसा था जहां लड़कियों को घर की चारदीवारी तक ही सीमित रहने की सलाह दी जाती है। सीमा का सपना पुलिस विभाग में जाने का था, इसलिए पिता ने उन्हें पढ़ाई के लिए सागर भेज दिया। इसी दौरान एक दिन वह अपनी सहेली के साथ जिम पहुंचीं। वहां लड़कियों को वेट ट्रेनिंग करते देख वह प्रभावित हुईं और पहली बार उन्हें पावर लिफ्टिंग के बारे में पता चला। उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि वह इसी खेल में अपना करियर बनाएंगी। जब गांव में परिवार को इसकी जानकारी मिली तो पिता ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि “बेटी जिम जाएगी तो समाज क्या कहेगा?” बात इतनी बढ़ी कि पिता ने शादी की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन सीमा ने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पिता ने दो साल तक उनसे बात नहीं की और पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी बंद कर दी। अब सीमा के सामने दोहरी चुनौती थी—एक तरफ पावर लिफ्टिंग में पहचान बनाना और दूसरी ओर आर्थिक तंगी से जूझना। उन्होंने मेडिकल स्टोर और ब्यूटी पार्लर में काम कर अपने खर्च और ट्रेनिंग की फीस जुटाई। वह रोजाना सागर से बीना तक लगभग 70 किलोमीटर का सफर ट्रेन से तय करती थीं। सुबह घर का काम निपटाकर 6 बजे निकल जातीं और देर शाम लौटतीं। कई बार टिकट के पैसे भी नहीं होते थे और ट्रेन में टीसी द्वारा पकड़े जाने की नौबत आ जाती थी। शुरूआती दौर में दोस्तों और परिचितों ने उनका खूब मजाक उड़ाया। जिम करने से शरीर में आए बदलावों पर तंज कसते हुए कहा जाता, “लड़कों जैसी दिखती हो, लड़कों की तरह चलती हो।” इन तानों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा, एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने बाहर निकलना कम कर दिया। लगातार असफलताओं ने उन्हें खेल छोड़ने तक पर मजबूर कर दिया था, लेकिन उनके गुरु ने उनका हौसला बनाए रखा। संघर्ष का यही दौर उनकी असली परीक्षा बना। मेहनत और लगन का परिणाम तब मिला जब सीहोर में आयोजित पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने शिवपुरी की खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे सागर जिले के लिए गर्व का क्षण है। सीमा का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। अब उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बनाना है। उनका संघर्ष उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
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