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Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow26 Jan 2025, 10:43 am

महराजगंजः सिविल लाइन के नगर पालिका में 76 वें गणतंत्र दिवस पर फहराया गया तिरंगा

Tola Kishunpur, Uttar Pradesh:

नगर पालिका अध्यक्ष पुष्प लता मंगल, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्र, नगर पालिका प्रतिनिधि निरमेश मंगल और 25 वार्ड के सभासदों ने आज सिविल लाइन नगर पालिका में तिरंगा झंडा फहराया। इस झंडारोहण में नगर पालिका के कर्मचारी और नगर की जनता उपस्थित रही। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि आज हमारे देश को आजादी ऐसे ही नहीं मिल गई है। आजादी पाने के लिए देश में बहुत से लोग शहीद हुए हैं। हम उन शहीदों का सम्मान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम सब बहुत खुश नसीब हैं कि आज पूरे भारत में 76 वां गणतंत्र दिवस उत्साहवर्धक से मनाया जा रहा है।

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झाझा के सीएचसी में लेप्रा केंद्र के लिए कमरा नहीं, पानी टंकी के नीचे केंद्र

Jamui, Bihar:जमुई जिले का झाझा रेफरल अस्पताल इन दिनों अपनी अनोखी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। चर्चा इसलिए भी जायज है, क्योंकि करीब 5 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई गई, जिसे अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी का नाम दिया गया है। लेकिन विडंबना देखिए कि करोड़ों की नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अस्पताल का एक महत्वपूर्ण विभाग आज भी महज एक कमरे के लिए मोहताज है। दरअसल, कुष्ठ और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए संचालित लेप्रा सोसायटी रेफरल सेंटर आज भी अस्पताल परिसर में नल-जल योजना की पानी टंकी के नीचे गार्ड के लिए बनाए गए छोटे से कमरे में चल रहा है। पिछले करीब दो वर्षों से यह केंद्र इसी अस्थायी व्यवस्था में संचालित हो रहा है। वर्ष 2021 में लेप्रा सेंटर का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था और अप्रैल 2022 में इसका संचालन शुरू किया गया था। उस समय यह केंद्र पुराने रेफरल अस्पताल परिसर में चलता था। पुराने जर्जर भवन को तोड़कर नए सीएचसी भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जून 2024 में लेप्रा सेंटर को अस्पताल परिसर में बनी नल-जल योजना की पानी टंकी के एक छोटे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब से आज तक यह केंद्र उसी कमरे में संचालित हो रहा है। लेप्रा सेंटर के जिला समन्वयक सतेंद्र मिश्रा और एमआईएस मो. इरशाद के मुताबिक, महज 8 से 10 फीट के कमरे में मरीजों की जांच, दवा वितरण, कागजात सुरक्षित रखने और फाइलेरिया मरीजों के लिए विशेष चप्पल तैयार करने का काम करना पड़ रहा है। जगह इतनी कम है कि मरीजों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है। पुराने अस्पताल भवन को तोड़े जाने के समय तत्कालीन स्वास्थ्य प्रबंधक सुभाष चंद्र ने नए सीएचसी भवन में लेप्रा सेंटर के लिए अलग कमरा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन नया भवन बनकर तैयार होने के बाद भी अब तक सेंटर को अपना अलग कमरा नहीं मिल सका है। चर्चा भी क्यों न हो? 21वीं सदी में, आजादी के इतने वर्षों बाद भी अगर कुष्ठ और फाइलेरिया जैसे गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज पानी की टंकी के नीचे बने छोटे से कमरे में हो, तो सवाल उठना लाजिमी है। लिहाजा करोड़ों रुपये की लागत से बनी नई स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच यह तस्वीर व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे और वादे करती है। ऐसे में झाझा का यह रेफरल अस्पताल इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। स्वास्थ्य विभाग के मंत्री निशांत कुमार को भी इस तस्वीर पर गौर करना चाहिए, क्योंकि करोड़ों रुपये की नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अगर मरीजों के इलाज से जुड़े एक विभाग को एक अदद कमरे के लिए इंतजार करना पड़े, तो यह निश्चित तौर पर गंभीर मामला है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। सीएचसी झाझा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवाब अख्तर इकबाल ने कहा कि अस्पताल में कमरों की उपलब्धता को लेकर व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही लेप्रा सोसायटी रेफरल सेंटर को सीएचसी भवन में अलग कमरा उपलब्ध करा दिया जाएगा, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर क्या कार्रवाई करता है और पानी की टंकी के नीचे चल रहा यह लेप्रा सेंटर आखिर कब तक अपने अलग कमरे में शिफ्ट हो पाता है।
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संजू देवी की गोल्ड जीत पर पाली में छत्तीसगढ़ी बेटी का भव्य स्वागत

Korba, Chhattisgarh:एंकर: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ के कोरबा की बेटी संजू देवी का गृह ग्राम पाली पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने आतिशबाजी व गाजे-बाजे के साथ उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधायक तुलेश्वर सिंह मरकम ने कहा कि यह संजू देवी और उनके माता-पिता के कड़े संघर्ष का ही परिणाम है, जिसकी बदौलत आज इस बेटी ने पूरे देश में क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विधायक ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव की बेटी ने देश के लिए गोल्ड जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। वहीं, गोल्ड मेडलिस्ट संजू देवी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों, کوच और समर्थकों को देते हुए सभी का आभार जताया।
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नरसिंहपुर SBI ACB शाखा में टिफिन विवाद पर गार्ड ने गोली चलाई

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर नरसिंहपुर में SBI की ACB शाखा में टिफिन को लेकर विवाद, गार्ड ने बंदूक से की फायरिंग घटना बीती रात 9 बजे की है टिफिन सेंटर संचालक और बैंक गार्ड के बीच एक टिफिन कम आने को लेकर विवाद हुआ विवाद बढ़ने पर गार्ड राजकुमार ने अपनी बंदूक से फायरिंग कर दी गोली चलने के बाद बैंक के पास मौजूद लोगों में मची अफरा-तफरी, लोग जान बचाकर छिपे घटना के वक्त बैंक में फर्नीचर का काम चल रहा था, मजदूरों के लिए आया था टिफिन सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, गार्ड को हिरासत में लिया पुलिस ने बंदूक कब्जे में लेकर फायरिंग के कारणों और घटना में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की
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40 डिग्री तापमान में कुरजां लूणकरणसर पहुंचे, रिकॉर्ड प्रवास

Bikaner, Rajasthan:40 डिग्री तापमान के बीच लूणकरणसर पहुंचीं हजारों कुरजां मंगोलिया के अल्ताई पर्वतीय क्षेत्र से करीब 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचीं पक्षी अब तक करीब 20 हजार कुरजां के पहुंचने का अनुमान GPS ट्रैकिंग से सामने आया कुरजां के लंबे प्रवास का रोमांचक सफर मार्च के अंत तक लूणकरणसर में रहने की संभावना बीकानेर जिले के लूणकरणसर में एक बार फिर विदेशी मेहमान कुरजां का आगमन शुरू हो गया है खास बात ये है कि बीकानेर में तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद हजारों कुरजां अपने तय समय पर लूणकरणसर पहुंच गई हैं अब तक करीब 20 हजार कुरजां के यहां पहुंचने का अनुमान है पक्षी विशेषज्ञ डॉ. दाऊ बोहरा के अनुसार, कुरजां पश्चिमी मंगोलिया के होव्द-उल्गी क्षेत्र के पास से उड़ान भरकर अल्ताई पर्वतमाला, चीन के शिनजियांग और काशगर होते हुए आगे बढ़ती हैं इसके बाद पामीर, काराकोरम और हिमालयी पर्वतीय क्षेत्रों को पार कर उत्तरी भारत में प्रवेश करती हैं और करीब 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर लूणकरणसर पहुंचती हैं लूणकरणसर की झील, जलाशय और आसपास के खुले मैदान कुरजां को पानी, भोजन और रात में ठहरने के लिए अनुकूल वातावरण देते हैं क्षेत्र में कुरजां का मौसमी आगमन दो दशक से अधिक समय से देखा जा रहा है सर्दियों के दौरान यहां प्रवास करने والی कुरजां के मार्च के अंत तक रहने की संभावना है 3 अक्टूबर को टैग की गई कुरजां का यहां पहुंचना भी पक्षी विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जा रहा है।
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साहिबाबाद के लाजपत नगर में दशहरे के बम बनाने के दौरान जोरदार ब्लास्ट, तीन लोग घायल

Ghaziabad BureauGhaziabad BureauFollow7m ago
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के शालीमार गार्डन इलाके के लाजपत नगर में दशहरे के लिए बम और रावण के पुतले में इस्तेमाल होने वाले पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। ब्लास्ट की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है।
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