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Lucknow
K N VermaK N VermaFollow24 Nov 2024, 10:59 am

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश: गौ-आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें

Bajeharo, Uttar Pradesh:

गोंडा-कड़ाके की ठंड के मद्देनज़र गोंडा जिले की जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने गौ-आश्रय स्थलों और कान्हा गौशालाओं में ठंड से बचाव के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी गौ-आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही पशुओं के लिए भूसे, तिरपाल, बोरी आदि से बिछावन तैयार करने और उन्हें ठंड से बचाने की व्यवस्था करे

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फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक पार करते युवक की मौत, CCTV से सच जानने की कोशिश

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में रेलवे ट्रैक पार करते समय 24 वर्षीय युवक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए और तुरंत रेलवे पुलिस व स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि युवक रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। युवक की पहचान हालांकि, रोहित कुमार के नाम से है हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार न करें, बल्कि निर्धारित फुटओवर ब्रिज या अंडरपास का ही उपयोग करें। बाइट पुलिस जांच अधिकारी जीआरपी
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ED ने दिल्ली के 600 करोड़ हेल्थ स्कैम के दस्तावेज मांगे, जाँच तेज

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में करीब 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम की जांच अब तेज हो गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल सामान और उपकरणों की 구매 से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं. ED ने टेंडर प्रक्रिया, कंपनियों के चयन, सामान की सप्लाई, गुणवत्ता जांच और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड तलब किए हैं. जांच के दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म मशीन, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ORS, बेडशीट, सर्जिकल सामान, ग्लव्स और दवाइयों की खरीद शामिल है. इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है. ED यह पता लगा रही है कि खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग हुई है या नहीं. इससे पहले तत्कालीन DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और उप नियंत्रक लेखा नीरज चोपड़ा के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है. वहीं, CPA के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अब सभी की भूमिका की गहन जांच जारी है. जांच एजेंसी ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने के नियम, सामान की सप्लाई, जांच, मंजूरी और पेमेंट रिलीज से जुड़े तमाम रिकॉर्ड्स मांगे हैं. इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, ओईएम (OEM) और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पूरी डिटेल भी मांगा है, जिनसे ये तमाम मेडिकल सामान खरीदे गए थे. दिल्ली सरकार के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर और आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने इस मामले से जुड़ी फाइल गायब होने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है.
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बुराड़ी की खोदी सड़क बनी मुसीबत, जलभराव से लोग परेशान

New Delhi, Delhi:दिल्ली में विकास के नाम पर खोदी गई सड़कें अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। बुराड़ी के इब्राहिमपुर से कुशک, कादीपुर होते हुए नंगली जाने वाली मुख्य सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई। नतीजा—टूटी सड़क, जलभराव, उड़ती धूल और स्कूल के बाहर खुला नाला… यानी हर दिन हादसे का खतरा। तस्वीरें राजधानी दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र की हैं जहाँ विकास के दावों की सच्चाई सड़क पर बिखरी नजर आ रही है। इब्राहिमपुर से कुशक, कादीपुर होते हुए नंगली जाने वाली मुख्य सड़क महीनों से बदहाल पड़ी है। दिल्ली जल बोर्ड ने यहां सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा दुरुस्त करना जरूरी नहीं समझा गया। नतीजा यह है कि राहगीर, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक हर दिन जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। मानसून में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। सड़क पर जलभराव इतना बढ़ जाता है कि गड्ढे दिखाई नहीं देते। वहीं गर्मियों में उड़ती धूल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर कादीपुर एमसीडी स्कूल के बाहर की है। स्कूल के ठीक सामने सड़क टूटी हुई है और उसके किनारे नाले के कई होलपास खुले पड़े हैं। छोटे-छोटे मासूम बच्चे इन्हीं खुले होलपास के ऊपर से संतुलन बनाकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर खुले होलपास दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार बच्चे नाले में गिर चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। लोग कई बार शिकायतें और पत्राचार किए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं। सवाल यह है कि जब विकास के नाम पर सड़कें खोदी जाती हैं, तो उनकी मरम्मत समय पर क्यों नहीं होती? स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर खुले नाले और टूटी सड़क की जिम्मेदारी आखिर किसकी है؟ विकास के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि बुराड़ी की यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी और बच्चों के लिए खतरे का रास्ता बन चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और इस सड़क के साथ-साथ खुले होलपास की समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है। रिपोर्ट / नसीम अहमद
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जैसलमेर मोहनगढ़ में नहर से घड़ियाल का सफल रेस्क्यू, वन विभाग ने बचाया

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर के मोहनगढ़ से बड़ी खबर,मोहनगढ़ के LKM नहर के 19 RD पर घड़ियाल का सफल रेस्क्यू, करीब एक घंटे की मशक्त के बाद वन विभाग ने पकड़ा घड़ियाल, नहर किनारे धूप सेंकते दिखाई दिया था 7 से 8 फीट लंबा घड़ियाल, सूचना मिली की कम पानी वाली नहर में है घड़ियाल तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, रेस्क्यू के बाद घड़ियाल को मोहनगढ़ रेस्क्यू सेंटर लाया गया, WWF द्वारा व्यास नदी में छोड़े गए घड़ियालों में से एक होने की कही बात, हरिके बैराज और नहर प्रणाली के जरिए जैसलमेर पहुंचा घड़ियाल, फिरोजपुर की विशेषज्ञ टीम को किया गया सूचित, जल्द होगा हैंडओवर, रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व मोहनगढ़ रेंजर हनुमानराम ने किया,
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महाकाल मंदिर में मंगलवार-शुक्रवार दक्षिण भारतीय प्रसाद से भारत की विविधता का अनुभव

Ujjain, Madhya Pradesh:हर मंगलवार और शुक्रवार प्रसाद स्वरूप वितरित होंगे दक्षिण भारतीय पारंपरिक व्यंजन\n\n'एक भारत, अनेक परंपराएँ' की भावना के साथ महाकाल की नगरी में मिलेगा देश की विविध संस्कृति का अनुभव\n\nउज्जैन। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रसाद में एक नई सौगात मिलने जा रही है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने "रस संगमम् – एक भारत, अनेक परंपराएँ" नाम से नई पहल शुरू की है। इसके तहत मंदिर के निःशुल्क अन्नक्षेत्र में अब सप्ताह में दो दिन दक्षिण भारत के पारंपरिक व्यंजन प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाएंगे।\n\nअब तक श्री महाकालेश्वर मंदिर के निःशुल्क अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप दाल, चावल, रोटी, सब्जी और मीठा दिया जाता था। अब इस व्यवस्था में एक नया आयाम जोड़ा गया है, ताकि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भारत की विविध भोजन परंपराओं का भी अनुभव कर सकें।\n\nनई व्यवस्था के अनुसार हर मंगलवार श्रद्धालुओं को इडली या वड़ा, सांभर, स्टीम चावल, पोंगल और मौसमी सब्जी प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाएंगे। वहीं हर शुक्रवार पुलिहोरा, पायसम, रसम, स्टीम चावल और मौसमी सब्जी का प्रसाद दिया जाएगा।\n\nमंदिर प्रबंध समिति का कहना है कि यह पहल केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य देश की अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और स्वादों को एक सूत्र में जोड़ना है। महाकाल की नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल का आशीर्वाद मिलने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी आत्मीय अनुभव हो सके, इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है।\n\nश्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि "रस संगमम् – एक भारत, अनेक परंपराएँ" पहल के माध्यम से "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना को और मजबूत किया जाएगा। उनका कहना है कि महाकाल की नगरी में देश के हर कोने से श्रद्धालु आते हैं और यह पहल उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पाक परंपराओं से जोड़ने का एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।
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