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Eshan KhanEshan KhanFollow19 Oct 2024, 01:41 pm
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नवाबगंज के गांव में अवैध सागौन कटाई, वन विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी

ASARUN SINGHJust now
Farrukhabad, Uttar Pradesh:एक तरफ शासन ने जिले में 40 लाख से अधिक पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा है, वहीं नवाबगंज के नगला दमू गांव में तीन दिनों तक बिना अनुमति सागौन के पेड़ों की कटाई ने सबको हैरान कर दिया। यह वही जगह है जहां रात से शुरू हुई अवैध कटाई में दोपहर तक लगभग 30-35 पेड़ काटकर ट्राली में भरकर ले जाए गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन दारोगा तो मौके पर आए और कटाई रोकी गई — मगर सख्ती न होने के कारण सोमवार और मंगलवार की रात भी कटान जारी रहा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिनों में करीब सौ से अधिक सागौन के पेड़ कट चुके हैं। "अगर पहले दिन ही कड़ी कार्रवाई होती तो इतने पेड़ नहीं कटते। ये विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत है।" ग्रामीणों की शिकायत पर जिला वन अधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कटे हुए पेड़ों की जड़ों गिनी और मोटाई मापकर जुर्माने की रकम निर्धारित करने की तैयारी शुरू कर दी है। "हमने जांच कमेटी गठित कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारी जुर्माना लगाया जाएगा।" यदि अधिकारी पहले ही दिन प्रभावी कार्रवाई होती तो इतनी अनियंत्रित कटाई संभव नहीं होती। अब सवाल यही उठता है — क्या विभाग दर्शाई गई जवाबदेही निभा पाएगा और कटे हुए पेड़ों की भरपाई के लिए कितनी शीघ्रता से पुनर्नरोपण व नुकसान-पूर्ति की व्यवस्था की जाएगी?
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हरदोई में दबाव से युवक ने की आत्महत्या? परिजनों के आरोप गहराते

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पुलिसिया दबाव और 30 हजार की मांग से टूटा अधेड़? रामगंगा किनारे पेड़ से लटका मिला शव, परिजनों ने दरोगा-प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र के बेड़ीजोर गांव में 40 वर्षीय शिव सिंह का शव रामगंगा नदी किनारे बबूल के पेड़ से गमछे के फंदे पर लटका मिलने के बाद हड़कंप मच गया। लेकिन इस मौत ने सिर्फ एक परिवार का चिराग नहीं बुझाया, बल्कि स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि गांव के एक प्रधान और स्थानीय थाने के एक उपनिरीक्षक की प्रताड़ना, दबाव और 30 हजार रुपये की मांग से परेशान होकर शिव सिंह ने यह खौफनाक कदम उठाया। परिवार का कहना है कि अगर पुलिस का दबाव और जेल भेजने की धमकी न होती, तो शिव सिंह आज जिंदा होते। बेड़ीजोर गांव निवासी शिव सिंह पुत्र स्वर्गीय नत्थूलाल गुरुवार शाम करीब төрт बजे घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की, मगर कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार को रामगंगा नदी किनारे बबूल के पेड़ पर उनका शव गमछे के सहारे लटका मिला तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी। डायल 112 टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि स्थानीय थाना पुलिस को महज तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब एक घंटा लग गया। इसी देरी ने मौके पर मौजूद लोगों के गुस्से को और भड़का दिया। मृतक के चाचा रामचंद्र ने आरोप लगाया कि पड़ोस के गांव की एक महिला के घर से चले जाने के मामले में ग्राम प्रधान ने दबाव बनाकर एक उपनिरीक्षक से शिव सिंह के घर दबिश दिलवाई थी। इसके बाद शिव सिंह को बार-बार प्रताड़ित किया गया, 30 हजार रुपये की मांग की गई और पैसा न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। परिवार का आरोप है कि इसी अपमान, दबाव और डर से टूटकर शिव सिंह ने फांसी लगा ली। शिव सिंह अपने पीछे पत्नी देवकी, तीन बेटे जितेंद्र, धर्मेंद्र, धीरेश और तीन बेटियां रोशनी, रेशमा व रश्मि को छोड़ गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव उतारने से इनकार कर दिया और आरोपी दरोगा पर कार्रवाई के साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। उधर, अरवल थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्थान ने एक बैच के एनेस्थीसिया इंजेक्शन पर रोक लगाई

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में एनेस्थीसिया इंजेक्शन के एक बैच पर तत्काल रोक, हैदराबाद में मरीजों में गंभीर रिएक्शन के बाद ड्रग कंट्रोलर का आदेश हैदाबाद के दो अस्पतालों में एनेस्थीसिया (बेहोशी) के इंजेक्शन के इस्तेमाल के बाद कई मरीजों में गंभीर साइड इफेक्ट्स सामने आने के बाद राजस्थान सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने एहतियातन इस इंजेक्शन के एक विशेष बैच के उपयोग और बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। औषधि नियंत्रक राजस्थान ने आदेश में Themis Medicare Limited द्वारा निर्मित Bupicain-HEAVY (Bupivacaine Hydrochloride in Dextrose Injection USP) के बैच नंबर BKBPO2601 की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने, बाजार से रिकॉल करने और जांच के लिए नमूने लेने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल, जुबली हिल्स में इस इंजेक्शन का उपयोग किए जाने के बाद 16 मरीजों में साइड इफेक्ट्स देखने को मिले। मरीजों को मतली, उल्टी, तेज सिरदर्द जैसी शिकायतें हुईं, जबकि कुछ मरीजों को दौरे भी पड़े।इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट और आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। हालांकि बाद में 14 मरीजों की हालत स्थिर बताई गई, जबकि दो मरीजों का उपचार जारी है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि हैदराबाद के केयर हॉस्पिटल में भी इसी बैच के इंजेक्शन के उपयोग के बाद 8 मरीजों में साइड इफ़ेक्ट देखे गए।राहत की बात यह है कि सभी आठ मरीज फिलहाल चिकित्सकीय रूप से स्थिर हैं। राजस्थान औषधि नियंत्रक ने सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित बैच की दवा की बिक्री तत्काल बंद कराई जाए, उपलब्ध स्टॉक जब्त कर जांच के लिए नमूने लिए जाएं और बाजार से दवा को रिकॉल कराया जाए। कार्रवाई की रिपोर्ट भी तत्काल मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग की सूची के अनुसार यह बैच राजस्थान की 11 दवा फर्मों को सप्लाई किया गया था। इनमें हनुमानगढ़, भरतपुर, श्रीगंगानगर, गंगापुर सिटी, कोटा, टोंक, धौलपुर और जयपुर की फर्में शामिल हैं। संबंधित जिलों के औषधि अधिकारियों को इन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कैथल के भानपुरा गांव में महिला-परिजनों पर हमला, वीडियो वायरल

Kaithal, Haryana:कैथल के भानपुरा गांव में महिला और उसकी बेटियों पर जानलेवा हमला, वीडियो वायरल कैथल के गांव भानपुरा में ट्यूबवेल की बिजली की तार लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि महिला रेखा, उसकी बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों पर उसके पति रामचंद्र और देवर बलविंद्र ने लाठी-डंडों व कस्सी के बिंडों से हमला कर दिया। घटना के दौरान महिला की बेटी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला का पति और देवर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़िता रेखा ने मामले की शिकायत पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महिला से मारपीट के मामले में आरोपी पति रामचंद्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी बलविंद्र की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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ग्राम रमपुरा में खेत पर करंट से 18 वर्षीय रामकुमार ठाकुर की मौत

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम रमपुरा से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत पर काम करते समय 18 वर्षीय रामकुमार ठाकुर की करंट लगने से मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में तत्काल गाडरवारा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि रामकुमार खेत पर लोहे का पाइप उठा रहा था, तभी पाइप ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। सूचना मिलने पर गाडरवारा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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फरीदाबाद सूरजकुंड में अवैध निर्माण पर वन विभाग कर्मी पर हमला, पिता-पुत्र के खिलाफ मामला

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद के सूरजकुंड थाना क्षेत्र स्थित अरावली के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, सरकारी वर्दी फाड़ दी गई और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपित पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग के अनुसार, वन दरोगा राजेश और वन दरोगा सुरेंद्रपाल नियमित गश्त के दौरान अनंगपुर गांव के डोमका मोहल्ला पहुंचे। यहां अधिसूचित वन क्षेत्र में टिन शेड का निर्माण कराया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का गैर-वानिकी निर्माण प्रतिबंधित है और निर्माण कार्य तुरंत बंद कराया。 इसी दौरान निर्माण स्थल पर मौजूद युवक का पिता भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने अधिकारियों से बहस शुरू कर दी और अपने प्रभाव का हवाला देते हुए निर्माण जारी रखने की बात कही। जब वन विभाग की टीम मौके की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने लगी तो विवाद बढ़ गया। वन विभाग का आरोप है कि पिता-पुत्र ने सरकारी कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान वन दरोगा राजेश की सरकारी वर्दी भी फाड़ दी गई। साथ ही दोनों अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए। घायल वन दरोगा को बीके अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया गया。 सूरजकुंड थाना पुलिस ने वन विभाग की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
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