icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
262903
SMSunil MauryaFollow5 Feb 2025, 02:21 pm

लखीमपुर खीरीः रास्ते को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, दोनों पक्षों से 3 लोग घायल

Nighasan, Uttar Pradesh:

रास्ते को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मुकदमा दर्ज। जनपद 

निघासन थाना क्षेत्र गांव दुर्गा पुरवा के मजरा लुधौरी में दो पक्षों में रास्ते को लेकर जमकर मारपीट हुई। मारपीट में दोनों पक्षों से तीन लोग घायल हो गए। मामले में तहरीर देते हुए बसरुदीन ने आरोप लगाया कि जमीनी विवाद के चलते विपक्षी आमीन जमीरुद्दीन, मो. आसिफ, वसीम, गोलू, मोहम्मद सलीम आ गए और गंदी गंदी गालियां देने लगे। बदरुद्दीन ने जब विरोध किया उन लोगों ने लाठी डंडों से हमला मारने पीटने लगे। बीच बचाव करने आए भाई नजीरुद्दीन और भतीजी रुकसार को भी लाठी डंडों से पीटना शुरू कर दिया जिसमें पीड़ित के भाई और भतीजी को गंभीर चोटे आई हैं। पुलिस दोनों पक्षों के 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

ख्रेव में प्रदुषण संकट: नगरवासी जल्द हस्तक्षेप की मांग

Srinagar, Uttarakhand:Pollution Crisis in Khrew: Residents Demand Urgent Government Intervention to Protect Public Health Khrew, Srinagar Residents of Khrew, located approximately 20 kilometres from Srinagar, have raised serious concerns over increasing pollution in the area, urging the Lieutenant Governor-led administration and the elected Jammu and Kashmir government to intervene immediately and take concrete measures to protect public health and the environment. Residents allege that industrial emissions from cement factories and other industrial units operating in and around Khrew are contributing to environmental pollution. They have expressed concern over the possible impact of these emissions on public health, particularly the growing complaints of respiratory problems, chest-related illnesses and other health issues among local residents. People have also raised concerns over the quality of drinking water, demanding scientific testing of local water sources to determine whether any contamination has occurred. They have called for a comprehensive assessment of air and water quality to establish the extent of pollution and identify its potential sources. Khrew is an important industrial area of Jammu and Kashmir, with several cement factories and associated industrial units operating in the region. While residents acknowledge the importance of industrial activity and its contribution to the local economy, they maintain that industrial development must not come at the cost of human health, environmental protection and the well-being of future generations. The residents are not necessarily demanding the closure of industrial units. Instead, they are seeking strict enforcement of environmental regulations, installation and proper maintenance of modern pollution-control equipment, regular monitoring of industrial emissions and accountability wherever environmental violations are found. They have urged the concerned departments, including the Pollution Control Committee and other relevant authorities, to conduct regular inspections of industrial facilities and ensure that all units comply with prescribed environmental standards. Residents have also called for transparent disclosure of air-quality and water-testing results so that the public can understand the situation and the measures being taken to address their concerns. The people of Khrew believe that effective coordination between the industrial sector and the government is essential to finding a sustainable solution. They have stressed that industries must operate responsibly, with adequate safeguards in place to minimise pollution and protect nearby residential areas. Residents have appealed to Lieutenant Governor Manoj Sinha, Chief Minister Omar Abdullah and the concerned government departments to take the matter seriously and initiate immediate action. They have called for a detailed environmental assessment, scientific investigation of reported health concerns, protection of drinking-water sources and implementation of long-term pollution-control measures. The residents emphasise that their demand is not against industrial development but in favour of a cleaner, safer and healthier environment. They want the authorities to ensure that economic progress and industrial growth go hand in hand with public health, environmental sustainability and the protection of local communities. *The people of Khrew are now looking to the administration for decisive action, effective monitoring and lasting solutions to address their pollution-related concerns.*
0
0
Report

पिथौरागढ़ में नशे के स्टंटबाज़ी से बड़ा हादसा टला: युवक नदी में गिरा, बचा

Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़: नशे में स्टंटबाजी करना पड़ा भारी, झूला पुल से नीचे नदी में गिरा युवक; तैरकर बचाई जान पिथौरागढ़ जनपद में नशे की हालत में स्टंटबाजी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति नशे की हालत में झालर पर स्टंटबाजी करता नजर आ रहा है। इस दौरान वह नीचे गिर जाता है और फिर ऊपर आने के लिए काफी मशक्कत करता दिखाई देता है, लेकिन सफल नहीं हो पाता। वीडियो में कुछ लोग उसे नीचे जाने से रोकते हुए भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज करना उसके लिए भारी पड़ जाता है। बताया जा रहा है कि नीचे उतरने के दौरान व्यक्ति नदी में जा गिरा। गनीमत रही कि उसे तैरना आता था, जिसके चलते वह तैरकर नदी पार कर गया और उसकी जान बच गई। हालांकि, इस दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो पिथौरागढ़ में चंडिका घाट मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित आवला घाट का बताया जा रहा है। इसी रास्ते से होकर चंडिका घाट मंदिर पहुंचा जाता है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में इसकी काफी चर्चा हो रही है और लोग इसे सोशल मीडिया पर खूब साझा कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर संदेश देती है कि नशे की हालत में इस तरह की स्टंटबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। थोड़ी-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है
0
0
Report

55 सालों से जीवित दुर्गोत्सव: असनसोल के सेन-रेले डि-ब्लॉक की परंपरा

Asansol, West Bengal:কারখানা বন্ধ, তবু থামেনি পুজো: ৫৫ বছরে সেন-র‍্যালে সাইকেল কারখানার কর্মীদের দুর্গোৎসব থিম ‘মহাকাশে মা দুর্গা’, ইসরোর অনুপ্রেরণায় সেজেছে আসানসোলের ডি-ব্লক কারখানার চাকা থেমেছে ২০০২ সালে। বদলে গিয়েছে কর্মজীবনের চেনা ছন্দ, ফিকে হয়েছে একসময়ের কর্মব্যস্ততার স্মৃতি। তবু ম্লান হয়নি উৎসবের আলো। বন্ধ হয়ে যাওয়া সেন-র‍্যালে সাইকেল কারখানার অবসরপ্রাপ্ত কর্মীদের হাত ধরেই আজও অটুট দুর্গাপুজোর ঐতিহ্য। এ বছর ৫৫তম বর্ষে পা দিল আসানসোলের সেন-র‍্যালে সাইকেল কারখানার ডি-ব্লক পুজো কমিটির দুর্গোৎসব। এবারের আকর্ষণ, ইসরোর মহাকাশ অভিযানের অনুপ্রেরণায় ‘মহাকাশে মা দুর্গা’ থিম। সময় যে কারখানার কর্মব্যস্ততায় মুখর থাকত গোটা এলাকা, সেই কারখানার দরজা বন্ধ হয়ে গিয়েছে প্রায় আড়াই দশক আগে। কিন্তু কারখানার কর্মীদের পারস্পরিক বন্ধন আর পুজোকে ঘিরে আবেগে পড়েনি ছেদ। কর্মজীবন থেকে অবসর নিলেও পুজোর দিনগুলিতে ফের এক সুতোয় বাঁধা পড়েন প্রাক্তন কর্মীরা। তাঁদের উদ্যোগেই বছরের পর বছর ধরে চলে আসছে এই দুর্গোৎসব। সেন-র‍্যালে কারখানার বিভিন্ন ব্লকেও একই ভাবে বজায় রয়েছে পুজোর ঐতিহ্য। এবার ডি-ব্লকের পুজোয় মহাকাশ অভিযানের ভাবনাকে সামনে রেখে সাজিয়ে তোলা হয়েছে মণ্ডপ। ইসরোর সাফল্য ও মহাকাশ গবেষণার জগৎকে দুর্গাপুজোর সঙ্গে মিলিয়ে দর্শকদের সামনে নতুন ভাবনা তুলে ধরার উদ্যোগ নিয়েছেন উদ্যোক্তারা। সময়ের সঙ্গে বদলেছে পুজোর আয়োজন, এসেছে নতুন থিমের ভাবনা। কিন্তু বদলায়নি পুজোকে ঘিরে প্রাক্তন কর্মীদের টান। সম্প্রতি রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারীর সাইকেল কারখানা গড়ার কথা ঘিরে এলাকায় নতুন করে আশার সঞ্চার হয়েছে বলে মনে করছেন সংশ্লিষ্ট মহলের একাংশ। সেই আশার আবহে এ বারের পুজোকে আরও উৎসাহ ও উদ্দীপনার সঙ্গে আয়োজন করছেন প্রাক্তন কর্মীরা। একসময় এশিয়ার বৃহত্তম সাইকেল কারখানা হিসেবে পরিচিত এই শিল্পপ্রতিষ্ঠানকে ঘিরে বহু মানুষের জীবিকা, স্মৃতি ও আবেগ জড়িয়ে রয়েছে। কারখানা বন্ধ হয়ে গেলেও তার কর্মীদের মিলনমেলা আজও বেঁচে রয়েছে দুর্গাপুজোর মধ্য দিয়ে। সেন-র‍্যালে ডি-ব্লকের ৫৫ বছরের এই পুজো তাই নিছক ধর্মীয় উৎসব নয়, বরং হারিয়ে যাওয়া শিল্পনগরীর কর্মসংস্কৃতি, সহমর্মিতা এবং নতুন করে ঘুরে দাঁড়ানোর স্বপ্নেরও প্রতীক।
0
0
Report
Advertisement

श्रीडूंगरगढ़ में डिजिटल अरेस्ट केस: व्यापारी समेत 32 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार

Bikaner, Rajasthan:डिजिटल अरेस्ट करके बड़ी रकम निकालने के मामले में एक गिरफ्तार आरोपी को जघीना भरतपुर से किया गिरफ्तार थाना अधिकारी कश्यप सिंह राघव कर रहे हैं मामले की जांच व्यापारी को डिजिटल अरेस्ट कर 32 लाख रुपए करवाए थे ट्रांसफर आरोपी को न्यायालय ने पुलिस रिमांड पर भेजा बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है । श्रीडूंगरगढ़ निवासी कोलकाता प्रवासी व्यापारी को ठगो ने मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर गिरफ्तारी डर दिखाकर ऑनलाइन डिजिटल अरेस्ट करके 32 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए थे जिसका मुकदमा श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। थाना अधिकारी कश्यप सिंह राघव ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए और बड़े साइबर फ्रॉड के मामले में तुरंत अनुसंधान शुरू किया और एक्सपर्ट पुलिसकर्मियों को इसमें लगाया इसके बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी और भरतपुर के जघीना क्षेत्र एक आरोपी भानु प्रताप को दबोच लिया इस आरोपी के खाते मे दस लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। आरोपी युवक को न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय द्वारा आरोपी युवक को 24 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी युवक से अब पुलिस कड़ी पूछताछ करेगी इसके बाद अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी। थाना अधिकारी कश्यप सिंह राघव ने कहा कि आमजन को सतर्क रहना होगा क्योंकि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती है और साइबर ठगी से बचने के लिए आमजन पूरी तरह से जागरूक रहे और किसी भी तरह से कोई घटना होने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
0
0
Report
Advertisement

मायापुरी में गर्दन पकड़कर लूट करने वाले गैंग के दो आरोपी गिरफ्तार

Delhi, Delhi:व्यक्ति की गर्दन चौक कर लूटपाट करने वाले गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार। दुर्गा पार्क डाबड़ी के रहने वाले व्यक्ति से मायापुरी में हुई लूट। 14 अपराधिक मामलों में शामिल दो शातिर आरोपियों को मायापुरी पुलिस ने पीछा कर धर दबोचा। लूटा गया मोबाईल फोन भी किया बरामद। पश्चिमी जिला के मायापुरी थाने की पुलिस टीम ने गर्दन चौक कर लूटपाट करने वाले गिरोह के दो शातिर आरोपियों को उस समय धर दबोचा जब वह दुर्गा पार्क डाबड़ी के रहने वाले व्यक्ति की गर्दन चौक कर उसका मोबाईल लूट कर साल्वेज पार्क, मायापुरी की तरफ भागने लगे। उसी दौरान पेट्रोलिंग कर रही पुलिस ने उन दोनों आरोपियों का पीछा किया और दोनों आरोपियों को धर दबोचा और लूटा हुआ मोबाईल फोन भी बरामद कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोपी और नितिन के रूप में हुई। दोनों मायापुरी इलाके के रहने वाले है। दोनों पर 14 अपराधिक मामले दर्ज है। पश्चिमी जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार पेट्रोलिंग के दौरान, दिल्ली के डाबरी के दुर्गा पार्क का रहने वाला जालिम पासवान, उम्र 45 साल, टीम के पास आया और बताया कि दो अनजान लोगों ने उसकी गर्दन पकड़ी, उसका मोबाइल फ़ोन लूट लिया और पार्क की तरफ भाग गए। तुरंत एक्शन लेते हुए, टीम ने शिकायत करने वाले की मदद से, तुरंत सर्च किया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस सिलसिले में, U/s 309(4)/317(2)/3(5) BNS के तहत, PS मायापुरी में केस दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पेट्रोलिंग स्टाफ की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया और लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया और पुलिस इन दोनों से पूछताछ करने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन कौन लोग शामिल है।
0
0
Report

डोडा की शताब्दी रामलीला: Militancy के बीच भी भाईचारे की मिसाल

Doda, Doda’s nearly century-old Ramleela tradition, dating back to 1925, continues to stand as a symbol of cultural resilience, communal harmony and brotherhood. Even during the militancy-affected years, the tradition endured, keeping alive a legacy that has brought people from different communities together for generations. Since the tradition reportedly began in 1925, its centenary fell in 2025. The 2026 event is therefore part of its 101st year, assuming the founding date is accurate. Organised by the Shri Ramleela Club Doda Charitable Trust at the City Middle School Ground, the annual Ramleela is being staged during the ongoing Sharad Navratri celebrations, drawing a large gathering of spectators. The performances bring episodes from the Ramayana to life, including the killing of demoness Tadaka and Sita Swayamwar, highlighting the enduring values of truth, duty and righteousness. According to local accounts, the tradition was started by the late Mansukh Das in 1925 and has continued across generations, surviving challenging times and preserving Doda’s rich cultural heritage. Beyond its religious significance, Doda’s Ramleela has also reflected the region’s longstanding tradition of communal harmony. Over the decades, members of Hindu, Muslim and Sikh communities have contributed to the event, helping sustain a cultural legacy that transcends religious boundaries. Local resident Aisf Jaan Gattu recalled how people from different communities participated in the preparations, including helping artists with makeup and extending financial support to the organisers. He expressed hope that the spirit of peace, brotherhood and mutual respect associated with the tradition would continue to inspire future generations. The event is also creating opportunities for young talent. Young performers, including Tanish Manhas and Mannat Devi, are participating in the stage performances, while girls have been given opportunities to perform for the second consecutive year, reflecting the tradition’s gradual evolution. In a significant step towards preserving its legacy, the organisers registered the institution as the Shri Ramleela Club Doda Charitable Trust in 2025, marking the centenary year of the tradition. The trust aims to safeguard this cultural heritage and promote social and cultural activities. Doda’s Ramleela is more than a theatrical presentation of the Ramayana. It is a living testament to the power of culture to preserve traditions, bridge community divides and sustain the bonds of brotherhood, even through years of conflict and uncertainty. As a new generation takes the stage, the century-old tradition continues to carry forward a timeless message of peace, unity and mutual respect.
0
0
Report

जौनपुर के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास से बदली शिक्षा, बच्चों के भविष्य में नई रोशनी

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की बदली तस्वीर, स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाओं से संवर रहा बच्चों का भविष्य पीएम श्री व परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिल रहीं बेहतर सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विभाग का जोर जिले के सरकारी विद्यालय अब आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं और शिक्षा विभाग की पहल से स्कूलों में पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव देखने को मिल रहा है। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा, निःशुल्क किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म जैसी सुविधाओं के साथ विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। एक समय था जब आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के लिए अभिभावक निजी विद्यालयों को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब जिले के पीएम श्री और अन्य परिषदीय विद्यालयों में भी बच्चों को कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई होने के कारण विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ रही है। कंप्यूटर शिक्षा के जरिए बच्चे तकनीकी ज्ञान भी हासिल कर रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से पढ़ाई हो रही आसान विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा रहे विद्यार्थियों का कहना है कि अब उन्हें अपने स्कूल में ही आधुनिक तरीके से पढ़ने का अवसर मिल रहा है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विषयों को समझना आसान हो रहा है, जबकि कंप्यूटर की शिक्षा से तकनीक के प्रति उनकी जानकारी बढ़ रही है। विद्यार्थियों ने सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार पर खुशी जताते हुए सरकार और शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना की। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विभाग का ध्यान जिला के नेतृत्व में सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शासन की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता, स्वच्छता, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। पेयजल से लेकर दिव्यांग शौचालय तक की सुविधाएं विद्यालय के परिसर में स्मार्ट क्लास के साथ बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शौचालय, आरओ से शुद्ध पेयजल और इनवर्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के बैठने के लिए टेबल-बेंच की व्यवस्था भी की गई है। इन सुविधाओं से बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है। विद्यालय में स्वच्छता, अनुशासन और नियमित शिक्षण गतिविधियों को भी महत्व दिया जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ रहा अभिभावकों का विश्वास सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार से अभिभावकों के बीच इन स्कूलों को लेकर भरोसा मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। निःशुल्क शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल पढ़ाई और कंप्यूटर शिक्षा जैसी व्यवस्थाएं विद्यार्थियों को सीखने के बेहतर अवसर प्रदान कर रही हैं। साथ ही स्वच्छता, मध्याह्न भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देकर विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने का प्रयास जारी है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले, ताकि वह अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके। जौनपुर के सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार इसी लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

श्रद्धा दुबे की तलाश भारत-नेपाल सीमा तक, CCTV से सुराग जुटाने का प्रयास

Maharajganj, Uttar Pradesh:लखनऊ के हाई प्रोफाइल शिवा शर्मा प्रकरण में आरोपित श्रद्धा दुबे की तलाश अब भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गई है। महराजगंज के सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर कस्बे में लखनऊ की क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीम पहुंची। यहां पुलिस दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि श्रद्धा दुबे की संभावित गतिविधियों और आवागमन से जुड़े सुराग जुटाए जा सकें। सोमवार को भारत-नेपाल सीमा के करीब स्थित इस कस्बे में टीम ने दुकानों और आसपास के स्थानों पर लगे CCTV फुटेज की जांच की ताकि श्रद्धा दुबे की संभावित गतिविधियों से जुड़ा कोई सुराग कैद हो या नहीं। दुकानदारों से यह पूछताछ की गई कि क्या बुर्के में कोई महिला नेपाल से भारत में प्रवेश कर सकती है। लखनऊ के शिवा शर्मा प्रकरण में श्रद्धा दुबे का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच और एसओजी सीमावर्ती क्षेत्र में साक्ष्य जुटाने में लगी है। भगवानपुर बॉर्डर पर पहुंची टीम ने दुकानदारों से बातचीत की और सीसीटीवी फुटेज खंगालना जारी रखा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक अहम सुराग नहीं मिले हैं, पर पड़ताल चल रही है। अलर्ट के मद्देनजर भगवानपुर बॉर्डर पर नेपाल से आ-जा रहे हर व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है और भारत प्रवेश के लिए सत्यापन किया जा रहा है।
0
0
Report

समरसता एक्सप्रेस के टॉयलेट में यात्री का शव, चक्रधरपुर स्टेशन पर हड़कंप

Chaibasa, Jharkhand:समरसता एक्सप्रेस के टॉयलेट में फंदे से लटका मिला यात्री का शव, चक्रधरपुर स्टेशन पर मचा हड़कंप एस-7 कोच के बंद टॉयलेट में मिला शव, रेलवे अस्पताल की चिकित्सक ने की मौत की पुष्टि; मृतक की पहचान में जुटी जीआरपी चक्रधरपुर: चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को मुंबई–शालीमार समरसता एक्सप्रेस के स्लीपर कोच के टॉयलेट में एक यात्री का शव मिलने से सनसनी फैल गई। यात्री का शव गमछे के सहारे फंदे से लटक रहा था। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12151 के स्लीपर कोच संख्या एस-7 के टॉयलेट का दरवाजा काफी देर से बंद था। टॉयलेट का इस्तेमाल करने के लिए परेशान यात्रियों ने जब दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद यात्रियों ने अंदर झांककर देखा, जहां एक व्यक्ति दिखाई दिया। अनहोनी की आशंका पर यात्रियों ने ट्रेन में मौजूद टीटीई को सूचना दी। टीटीई से जानकारी मिलने के बाद रेल मंडल के कंट्रोल रूम ने संबंधित विभागों को अलर्ट किया। ट्रेन के चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने टॉयलेट का दरवाजा खोलवाया। अंदर एक व्यक्ति गमछे के सहारे फंदे से लटका मिला। स्टेशन मास्टर और अन्य रेलकर्मियों की मदद से शव को नीचे उतारकर प्लेटफॉर्म संख्या-दो पर रखा गया। रेलवे अस्पताल से पहुंचीं चिकित्सक डॉ. रश्मि ने जांच के बाद यात्री को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यात्री अकेले सफर कर रहा था। वह किस स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था और उसे कहां जाना था, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है। मौत की परिस्थितियों की जांच बंद टॉयलेट में शव मिलने से यात्रियों के बीच दहशत फैल गई। पुलिस मृतक की पहचान करने और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। मौत आत्महत्या के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा.
0
0
Report
Advertisement

60 साल पुरानी तहसील इमारत जर्जर, नई बिल्डिंग को लेकर प्रशासन पर सवाल

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी तहसील कार्यालय की करीब 60 साल पुरानी इमारत जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। छत और दीवारों की खराब स्थिति के चलते यहां कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद अधिकारी और कर्मचारी इसी भवन में बैठकर कामकाज करने को मजबूर हैं। तहसील में राजस्व संबंधी कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और आमजन भी पहुंचते हैं। ऐसे में खतरा केवल कर्मचारियों तक नहीं, बल्कि यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें उठने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने और मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता किए जाने के आरोप हैं। करीब छह दशक पुरानी इमारत की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब नई बिल्डिंग की जरूरत महसूस की जा रही है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे से पहले भवन की तकनीकी जांच करवाकर ठोस कदम उठाएंगे या फिर प्रशासन किसी अनहोनी के बाद ही जागेगा?
0
0
Report

टिब्बी में कांग्रेस पंचायत चुनाव संवाद: निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट, भाजपा पर निशाना

Hanumangarh, Rajasthan:टिब्बी में कांग्रेस का पंचायत चुनाव संवाद, निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट देने पर जोर हनुमानगढ़ जिले में टिब्बी के अग्रवाल पैलेस में पंचायत राज चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस का संगठन संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने भाजपा सरकार पर महंगाई, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की अनदेखी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। विधानसभा क्षेत्र प्रभारी प्रवीण जैन ने कहा कि टिकट वितरण में निष्ठावान, समर्पित और मजबूत कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, नगरपालिका अध्यक्ष देवीलाल मेघवाल, ब्लॉक अध्यक्ष हरनेक सिंह सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे。
0
0
Report

गोरखपुर में पुलिसकर्मी की सड़क हादसे में मौत: ट्रक चालक फरार

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के चौरी चौरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात सड़क हादसे में पुलिसकर्मी की मौत हो गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय कांस्टेबल अर्जुन गौड़ के रूप में हुई है। वह बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में झंगहा थाने में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे अर्जुन गौड़ चौरी चौरा क्षेत्र में क्षेत्राधिकारी कार्यालय से सरकारी कागजात लेकर झंगहा थाने जा रहे थे। इसी दौरान दुबियारी पुल के पास देवीपुर गांव के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से अर्जुन सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल सिपाही को तत्काल इलाज के लिए एम्स गोरखपुर ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कांस्टेबल अर्जुन गौड़ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। उनकी पत्नी और दो बच्चे चौरी चौरा थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। परिवार के लिए यह हादसा बड़ा दुख बनकर सामने आया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, सिपाही की मौत की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एम्स अस्पताल पहुंचे। देर रात तक अधिकारी अस्पताल में मौजूद परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। कर्तव्य निभाते हुए सरकारी कागजात लेकर थाने जा रहे एक पुलिसकर्मी की असमय मौत से विभाग में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के अनुसार होगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top