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बिजनौर में विजयदशमी पर रावण-मेघनाद के पुतलों का दहन, हजारों श्रद्धालु मौजूद

Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर में रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन रिपोर्ट --राजवीर चौधरी / बिजनौर एंकर--विजयदशमी के पावन अवसर पर बिजनौर के रामलीला ग्राउंड में रावण वध के बाद रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। सदर विधायक सूची चौधरी, भाजपा नेता ऐश्वर्या मौसम चौधरी और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रॉकेट में आग लगाकर पुतला दहन कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन देखने के लिए रामलीला ग्राउंड में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। विजयदशमी के अवसर पर यहां मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। वीओ--- बिजनौर के रामलीला ग्राउंड में विजयदशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रावण वध के बाद रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। सदर विधायक सूची चौधरी, भाजपा नेता ऐश्वर्या मौसम चौधरी और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रॉकेट में आग लगाकर पुतला दहन किया। पुतलों में आग लगते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, विजयदशमी के अवसर पर आयोजित मेले में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा और उत्साह के बीच लोगों ने दशहरे के पर्व का आनंद लिया।
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सोनभद्र में विजयदशमी मेले के दौरान कार-टेंपो भिड़ंत, दो मौतें, कई घायल

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में विजयदशनी मेले में जा रहे लोगों के लिए सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया । रेणुकूट-बीजपुर मार्ग पर कार और टेंपो की जोरदार भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए । घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं । हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई । आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है । सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र में नधिरा मोड़ के पास रेणुकूट-बीजपुर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा हुआ । कार और टेंपो के बीच हुई जोरदार टक्कर ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं । बताया जा रहा है कि टेंपो सवार लोग विजयदशमी का मेला देखने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया । टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों की Chiख- पकार से पूरा इलाका गूंज उठा । हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए । घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं । घटना की जानकारी मिलते ही घायलों को बभनी और म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है । फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है । घटना बभनी थाना क्षेत्र के नधिरा मोड़ के पास रेणुकूट-बीजपुर मार्ग की है।
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गोंडा में रावण दहन और राम-लक्ष्मण युद्ध के साथ दशहरा उत्सव सम्पन्न

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहाँ गोंडा जिले में शारदीय नवरात्रि के समापन आज मंगलवार को विजयदशमी पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज मंगलवार देर शाम ऐतिहासिक खैरा रामलीला मैदान में रावण दहन किया गया। रामलीला मंचन के बाद भगवान राम और रावण के बीच एक घंटे तक चले युद्ध का प्रदर्शन किया गया। मंचन के दौरान पहले भगवान राम ने कुंभकरण का वध किया। इसके बाद भगवान लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण ने मेघनाद का अंत किया है। अंत में भगवान श्रीराम और रावण के बीच एक घंटे का युद्ध हुआ। युद्ध के समापन पर भगवान राम ने बाण चलाकर रावण का वध किया है। बाण लगते ही 30 फुट का रावण और 18 फुट का मेघनाद का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस प्रकार असत्य पर सत्य की विजय हुई। इस भव्य आयोजन को देखन के के लिए हजारों की संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंचे। जहां लोगों ने राम और रावण के युद्ध तथा रावण दहन का आनंद लिया तो वहीं रावण की जली लकड़ियां को लोग अस्थियां समझकर लोग लूटते हुए नजर आए। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कई दर्शक भाव-विभोर भी हो गए है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वही गोंडा के खैरा भवानी में भी भगवान राम और रावण के बीच लगभग 2 घंटे तक युद्ध चला जहां पर 6:30 बजे भगवान श्री राम द्वारा अपने बाद से रावण का वध किया गया है। यहां पर 25 फीट ऊंचे रावण और 22 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया है।रावण और मेघनाद के पुतलों के दहन के बाद यहां पर भी लोगों में रावण की अस्थियां लूटने की होड़ मच गई। जलती हुई अस्थियों को भी लोग अपने घरों में रखने के लिए ले गए, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यह शुभ होता है। जलती हुई अस्थियां लूटने के दौरान लोग एक दूसरे के ऊपर गिरते हुए भी नजर आए हैं।
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गोंडा में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबकर तीन युवकों और एक वृद्ध की मौत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में आज मंगलवार देर शाम 7 बजे करीब तरबगंज थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से तीन लड़कों की मौत हो गई है जबकि धानेपुर थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से एक अधेड़ की मौत हो गई है। चारों मृतकों के शव को बरामद करने के लिए मौके पर एसबीआई की टीम और स्थानीय गोताखोर लगे हुए हैं। मौके पर तरबगंज और धानेपुर थाने की पुलिस फोर्स जुटी हुई है जिला मुख्यालय से भी फ्लड पीएससी की टीम दोनों स्थलों पर रावण की गई है। तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मणपुर भैरमपुर बॉर्डर पर पहुआ सम्मय माता घोघरा घाट के पास मूर्ति विसर्जन के दौरान 15 वर्षीय अभिषेक तिवारी 18 वर्षीय सुमित प्रजापति और 17 वर्षीय रामविलास प्रजापति तीनों की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों द्वारा कड़ी मशक्कत करके सुमित प्रजापति का शव बरामद कर लिया गया है लेकिन अभी भी अभिषेक तिवारी और रामविलास प्रजापति का शव बरामद नहीं हुआ है। मौके पर गोताखोरों द्वारा पुलिस टीम की मदद से स्थानीय लोगों के सहयोग से तलाश की जा रही है। वहीं धानेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसहवा घाट पर आज मंगलवार देर शाम 7 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान एक 50 वर्षीय की मौत हो गई है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय तुलाराम शुक्ला निवासी शिवबक्श पुरवा बिहुरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने गांव की दुर्गा प्रतिमा के साथ विसर्जन करने के लिए गए हुए थे जहां पर विसर्जन के दौरान अचानक पैर फिसला और फिर नदी में डूब गये जिससे मौत हो गई है.
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सरमथुरा में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन, खरेर नदी पर श्रद्धालुओं का उत्साह

Dholpur, Rajasthan:सरमथुरा में जयकारों के बीच देवी प्रतिमाओं का विसर्जन, खरेर नदी पर उमड़े श्रद्धालु सरमथुरा (धौलपुर) शारदीय नवरात्र के समापन पर सरमथुरा कस्बे में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देखने को मिला। श्रद्धालु नाचते-गाते और माता रानी के जयकारे लगाते हुए देवी प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए खरेर नदी पर पहुंचे। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। माता के भक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली, ठेलों और बाइकों सहित विभिन्न साधनों से देवी प्रतिमाओं को लेकर नदी किनारे पहुंचे। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद जयकारों के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। खरेर नदी के किनारे पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिससे विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी रही।
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40 सेकेंड में रावण दहन, दशहरा उत्साह पर फिर भी भारी निराशा

Jodhpur, Rajasthan:दशहरा को लेकर नजर आया उत्साह,रावण के पुतले का दहन,मुकुट से निकली चिंगारियां,महज 40 सेकेंड में धराशाही हुआ रावण जोधपुर। बुराई पर अच्छाई का प्रतिक दशहरा का त्यौहार जोधपुर के रामलीला मैदान में मनाया गया। नगर निगम की ओर से रामलीला मैदान में करीब 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ शूर्पणखा और ताड़का के पुतलों का भी दहन किया गया। इससे पहले भीतरी शहर के फतेहपोल से रामरथ सवारी निकली। इस दौरान विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान इनमें शामिल अखाड़ों ने करतब किए और मुंह से आग भी निकाली। नगर निगम महापौर प्रसन्न चंद मेहता, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और पूर्व नरेश गजसिंह ने इलेक्ट्रिक वायर का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। इस बार नगर निगम की ओर से दावा किया गया था कि रावण भव्य होगा और देर तक चलेगा लेकिन हर बार की तरह इस बार भी रावण महज 40 से 50 सेकेंड में धराशाही हो गया। हालाकि इस बार रावण दहन से पहले रावण के मुकुट से चिंगारिया निकल रही थी तो वही मुंह से आग लेकिन उत्साह के साथ आए आमजन को निराश होना पडा। यहाँ आए दर्शकों ने बताया कि उम्मीद थी कि दशहरा अच्छा होगा लेकिन इस बार भी आनन्द नहीं आया। हजारों की संख्या में लोग तो पहुंचे लेकिन इस बार भी निराश हुए। रावण दहन में विधायक अतुल भंसाली,पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया,डीसीपी ट्राफिक शाहीन सी, डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत, निगम आयुक्त राहुल जैन, डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ बीएस जोधा सहित कई अतिथि पहुंचे। बाइट गजसिंह पूर्व नरेश, बाइट प्रसन्न चंद मेहता महापौर नगर निगम बाइट रवि पंवार अधिवक्ता
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कश्मीर दशहरे में रावण दहन से बना नया आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक harmony

Chaka, कश्मीर में रावण के पुतले जले: डर के लंबे युग का अंत और राजनीतिक-सांप्रदायिक सद्भाव व एकीकरण की नई सुबह। रावण के जलते पुतले न केवल रावण की हार को दर्शाते हैं, बल्कि कश्मीर में डर के एक युग के अंत का भी प्रतीक हैं। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि यह कश्मीर में राजनीतिक और सांप्रदायिक सद्भाव तथा एकीकरण की दिशा में आए बदलाव को दिखाता है। भगवान राम की रावण पर जीत का जश्न आज हजारों लोगों ने मिलकर मनाया। इसमें हिंदुओं, मुसलमानों और सुरक्षा बलों के जवानों ने भी हिस्सा लिया और 'जय श्री राम' के नारे लगाए। बुराई पर अच्छाई की जीत का यह जश्न 'शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम' में मनाया गया। यहाँ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के 50 फीट ऊंचे पुतले जलाए गए। पुतलों के जलने से शाम का आसमान जगमगा उठा। वहां मौजूद लगभग 10,000 लोगों की भीड़ ने खुशी से नारे लगाए; लोगों का कहना था कि दशकों बाद इतनी बड़ी भीड़ देखने को मिली है। इस आयोजन को आयोजित करने वाली 'कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति' के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने कहा, "कश्मीर से दुनिया के लिए एक संदेश है: रावण बहुत ज्ञानी था, लेकिन जब उसमें अहंकार आ गया, तो उसे खत्म करने के लिए भगवान राम को अवतार लेना पड़ा। आज, जब दुनिया इतनी उथल-पुथल से गुजर रही है, तो शायद समाज की बुराइयों को खत्म करने के लिए कोई मसीहा या अवतार फिर से सामने आए। दशहरा सिर्फ पुतले जलाने का त्योहार नहीं है; यह हर व्यक्ति के लिए एक मौका है कि वह सोचे कि उसने अपनी किन बुराइयों पर काबू पाया है, और इस तरह अपने जीवन के असली मकसद को पूरा करे। ऐसे कुछ संकेत मिल रहे हैं कि कश्मीर अच्छाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इतिहास हमें याद दिलाता है कि इस इलाके में हर 50 से 60 साल में बड़े बदलाव या उथल-पुथल होती रही है। हमारे राजनेताओं को यह समझना चाहिए कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से कोई फायदा नहीं होता।" विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है—इसमें भगवान राम की रावण पर जीत और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध शामिल है। कश्मीर में, 1990 में लगभग 300,000 कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद, आतंकवाद, विस्थापन और सुरक्षा चिंताओं की वजह से यह त्योहार लंबे समय तक बहुत सीमित रूप में ही मनाया जाता रहा है। कश्मीर में हिंदू समुदाय के लिए सार्वजनिक उत्सव मनाना अक्सर असम्भव होता था; ये गतिविधियाँ यहाँ बचे हुए कुछ लोगों के बीच केवल निजी अनुष्ठानों तक ही सीमित थीं। हालाँकि, 2026 में कश्मीर घाटी में एक बहुत बड़ा और अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है, जो 2019 के बाद आए व्यापक सांस्कृतिक और सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। तीन दशकों से अधिक के दमन के बाद, बेहतर सुरक्षा, सरकारी समर्थन और सामान्य स्थिति की बहाली के चलते, इस साल के उत्सवों ने सार्वजनिक और सामुदायिक स्तर पर फिर से धूमधाम से वापसी की है। 1990 में विस्थापित हुए पंडित पहली बार रावण दहन देखने के लिए कश्मीर आए। यह आयोजन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक था और इसमें सभी के लिए खुला निमंत्रण था। इस मौके पर विभिन्न समुदायों के हज़ारों लोग, सुरक्षा बल के जवान और पर्यटक इकट्ठा हुए, जिन्होंने बुराई पर अच्छाई की जीत का नज़ारा देखा। प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए थे, ताकि बिना किसी रुकावट के कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कई मुसलमान कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे और हिंदू समुदाय को इस अवसर की बधाई दीं। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सार्वजनिक रूप से शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दशहरे को "एकता, शांति और प्रगति" का प्रतीक बताया और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया।
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विजयनगर थाने में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम सफल

Ghaziabad, Uttar Pradesh:मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर विजयनगर थाने में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीसीपी हेडक्वार्टर बलवंत चौधरी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या अन्य परेशानी होने पर उन्हें चुप रहने के बजाय पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। साथ ही महिला सुरक्षा के लिए शासन और पुलिस विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी और ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना रहा। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने का प्रयास लगातार जारी है.
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यमुनानगर दशहरा: 65–68 फुट के रावण-मेघनाथ-कुंभकरण पुतलों का रिमोट दहन

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर के दशहरा ग्राउंड में विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के 65 से 68 फुट ऊंचे विशाल पुतले आकर्षण का केंद्र रहे। आधुनिक तकनीक के जरिए रिमोट से तीनों पुतलों का दहन किया गया। कार्यक्रम में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश छपरा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। वीओ : दशहरा ग्राउंड में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में चारों ओर उत्साह का माहौल देखने को मिला। जैसे ही रिमोट के जरिए रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन हुआ, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। परिवार सहित पहुंचे लोगों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक खास उत्साह दिखाई दिया। करीब 65 से 68 फुट ऊंचे पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। इन पुतलों को तैयार करने में कारीगर मनोज मनोचा ने विशेष मेहनत की, जो पिछले करीब 50 वर्षों से इस परंपरा से जुड़े हुए हैं। वीओ : कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दशहरा हमें सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी देता है. बाइट : घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक, यमुनानगर** Last वीओ : विजयदशमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना। रावण दहन के साथ लोगों को संदेश दिया गया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है。
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बाराबंकी में जहरीले कोबरा नाग से खिलवाड़ पड़ा भारी, पिता-पुत्र की मौत

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Banki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र के मुनक्कीपुरवा गांव में जहरीले कोबरा नाग के साथ खिलवाड़ करना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया। पूजा पंडाल में सांप के दांत तोड़ने का प्रदर्शन करते समय नाग ने पहले 26 वर्षीय नौमीलाल को डस लिया। उसे बचाने के लिए दौड़े पिता महेश को भी सांप ने काट लिया। इस हादसे में पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई। जहरीले नाग के साथ कुछ पल का तमाशा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। नौमीलाल को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। यहां उसे एंटी स्नेक के 20 वायल लगाए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी और गला रुंधने के कारण बोलना भी बंद हो गया था। हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका। पिता महेश का भी सांप के काटने के बाद इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी भी मौत हो गई। आपको बता दें कि मृतक नौमीलाल लाल अपने घर का अकेला लड़का था। उसकी एक भाई की बहुत पहले ही मृत्यु हो चुकी है। जबकि नौमीलाल की बड़ी बहन राधा की शादी हो चुकी है। जबकि शिखा की शादी अभी नहीं हुई है। मुनक्कीपुरवा गांव निवासी महेश और उनका बेटा नौमीलाल सांप पकड़ने के शौकीन थे। नौमीलाल दाढ़ी और बाल बढ़ाए रखता था तथा सपेरे की तरह घूमता था। वह लोगों के घरों से भी सांप पकड़ता था। रविवार की रात नौमीलाल गांव के पास स्थित एक पूजा पंडाल में बाग से पकड़े गए जहरीले काले नाग को लेकर पहुंचा था। वहां वह लोगों के सामने सांप का तमाशा दिखाने लगा। इसी दौरान उसने नाग के जहरीले दांत तोड़ने का प्रदर्शन करने की कोशिश की। लोगों को लगा कि सांप के दांत पहले ही तोड़ दिए गए होंगे, लेकिन उसकी पकड़ ढीली पड़ते ही नाग हाथ से छूट गया और उसने नौमीलाल के पैर में डस लिया। नाग के डसने के बाद नौमीलाल ने सांप को पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसके पिता महेश भी उसे बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने भागते हुए नाग को पकड़ना चाहा, लेकिन सांप ने उनके पैर में भी डस लिया और वहां से निकल गया। इसके बाद दोनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जिला चिकित्सालय में नौमीलाल को एंटी स्नेक के 20 वायल दिए गए, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। उसकी आंखों की रोशनी चली गई और गला रुंधने से बोलना बंद हो गया। वह बार-बार उठकर बैठने और सिर पटकने लगा। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। आपको बता दें कि महेश और नौमीलाल के घर में एक ऐसी जगह भी है, जहां वे पकड़े गए सांपों को लाकर रखते थे। बताया जा रहा है कि वहां दो बोरियों में करीब दो दर्जन सांप पकड़कर रखे गए हैं। सांप पकड़ने और उनके साथ करतब दिखाने का शौक ही कहीं न कहीं पिता-पुत्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। जिस शौक के चलते वे सांपों को पकड़कर लोगों के सामने प्रदर्शन करते थे, उसी दौरान हुए हादसे ने दोनों की जान ले ली।
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फरीदाबाद में बिल्डर-रावण दहन से उठे लोगों के दर्द, दशहरा में विरोध

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में बिल्डर रूपी रावण का दहन, सेक्टर-76 के लोगों ने अनोखे अंदाज में मनाया दशहरा फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-76 स्थित बीपीटीपी रेजिडेंशियल सोसाइटी में स्थानीय लोगों ने बीपीटीपी बिल्डर के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए बिल्डर रूपी रावण का पुतला बनाकर दहन किया। विजयदशमी के अवसर पर किए गए इस प्रदर्शन में पुतला धू-धू कर जलता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने बिल्डर के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए रावण के पुतले का सहारा लिया। इस अनोखे विरोध के जरिए लोगों ने बिल्डर से जुड़ी अपनी समस्याओं और मांगों को सामने रखने का प्रयास किया। सवाल यह है कि क्या बिल्डर के खिलाफ लोगों का यह अनोखा विरोध संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का समाधान हो पाएगा?
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कोटकपूरा के मंदिर में दशहरा धूमधाम, 25 फीट रावण पुतला दहन

Kot Kapura, Punjab:कोटकपूरा के श्री राधा कृष्ण मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी दशहरा पर्व धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाया गया। मंदिर प्रबंधक समिति के प्रधान राजकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्र गगनदीप यादव द्वारा तैयार करीब 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दहन किया गया। कार्यक्रम में पीसीएस इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष पवन मित्तल, डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सुमन पुरी, विजय स्वामी, ओमप्रकाश गोयल और प्रसिद्ध विद्वान पंडित अखिल कौशिक स्मिथ सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
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