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Kanpur Dehat
Ashish Ashish Follow22 Jun 2024, 06:00 am
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धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और जयराम महतो के बीच जुबानी जंग तेज

Dhanbad, Jharkhand:एंकर धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। एक कार्यक्रम में सांसद ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘बिल्ली’ तक बता दिया। ढुल्लू महतो ने आरोप लगाया कि जयराम महतो झारखंड में घूम-घूमकर चंदा वसूल रहे हैं और विरोध-प्रदर्शन के लिए पैसे लेते हैं। इसके जवाब में जयराम महतो ने भी सांसद ढुल्लू महतो पर पलटवार किया। उन्होंने ढुल्लू महतो को दिमागी रूप से अस्वस्थ बताते हुए इलाज कराने की नसीहत दी और 2029 के चुनाव को लेकर खुली चुनौती तक दे डाली। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती इस बयानबाजी ने झारखंड की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच सियासी तकरार अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंचती दिख रही है। एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान सांसद ढुल्लू महतो ने जयराम महतो के नाम के आगे लिखे जाने वाले ‘टाइगर’ शब्द पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जयराम खुद को टाइगर लिखवाते हैं, लेकिन उनकी नजर में वह बिल्ली से भी कमजोर हैं। ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर झारखंड में घूम-घूमकर चंदा वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंदा उठाना उनका धंधा बन गया है और विरोध प्रदर्शन तथा गरीबों की लड़ाई के नाम पर पैसे लिए जाते हैं।
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शाजापुर में वेतन विवाद के चलते कचरा उठाव बंद; चालकों ने हड़ताल शुरू कर दी

MJManoj JainJust now
Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर में सोमवार को घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित रही। नगरपालिका के तहत संचालित 13 कचरा वाहनों के चालकों ने अगस्त माह का वेतन अब तक नहीं मिलने के विरोध में वाहन चलाने से इनकार कर दिया। चालकों के काम पर नहीं आने के कारण घरों से कचरा संग्रहण नहीं हो सका। वहीं, वाहनों द्वारा कचरा संग्रहण नहीं किए जाने से शहर में कई स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। नगरपालिका ने 13 कचरा वाहनों के संचालन की जिम्मेदारी यूनिक वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी उज्जैन को दे रखी है। वाहन चालकों का कहना है कि अगस्त माह पूरा बीत जाने के बाद सितंबर के भी 21 दिन निकल चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक वेतन नहीं मिला है। चालकों के अनुसार हर महीने वेतन मिलने में देरी की समस्या बनी रहती है। चालकों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह केवल 7 हजार रुपए वेतन दिया जाता है। उन्हें सुबह करीब तीन घंटे वाहन चलाने के लिए रखा गया था, लेकिन उनसे चार से पाँच घंटे तक काम लिया जा रहा है। इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। चालकों का आरोप है कि कचरा संग्रहण में लगाए गए कई वाहन भी खराब हालत में हैं और सड़क पर चलने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बावजूद वे जोखिम उठाकर इन वाहनों का संचालन कर रहे हैं। एक से पाँच तारीख के बीच वेतन देने की मांग चालकों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगरपालिका के सीएमओ और अध्यक्ष से भी पहले शिकायत कर समय पर वेतन दिलाने की मांग की है। निजी कंपनी के अधिकारियों को भी कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। चालकों का कहना है कि हर महीने की एक से पाँच तारीख के बीच वेतन का भुगतान किया जाए, तभी वे नियमित रूप से काम करेंगे। उनका आरोप है कि वेतन की मांग करने पर कंपनी की ओर से उन्हें काम से हटाने की धमकी भी दी जा रही है। सोमवार को 13 चालकों के काम रोकने से शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा। नियमित रूप से घरों से कचरा नहीं उठने के कारण कई मोहल्लों और प्रमुख स्थानों पर कचरा जमा दिखाई दिया। यदि जल्द ही कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर में कचरे की समस्या और बढ़ सकती है।
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सिंगरौली डकैती: सोनू उर्फ Shabir अंसारी गिरफ्तार, 15.33 ग्राम सोना बरामद

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली ब्रेकिंग.... कंचन ज्वेलर्स डकैती कांड में पुलिस की एक और बड़ी कार्रवाई.... झारखंड से चौथा आरोपी सोनू उर्फ शाबिर अंसारी गिरफ्तार, 15.33 ग्राम सोना और 3,500 बरामद.... सिंगरौली पुलिस और गढ़वा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, आरोपी के कब्जे से बाइक भी बरामद.... कंचन ज्वेलर्स डकैती के बाद 10 पुलिस टीमें अलग-अलग राज्यों में कर रही थीं आरोपियों की तलाश... पुलिस के मुताबिक आरोपी सोनू ने कंचन ज्वेलर्स डकैती में शामिल होने की बात पूछताछ में बताई.... जांच में झारखंड के रंका और हरिहरपुर में मोटरसाइकिल लूट की घटनाओं का भी खुलासा.... डकैती में फरार शमशाद अंसारी समेत अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी.... सिंगरौली पुलिस का अंतरराज्यीय अभियान जारी, लूटे गए शेष माल और आरोपियों की तलाश तेज...
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ग्वालियर के भंडारे से लौटते 15 बच्चों को रतनजोत खाने से गंभीर हालत, अस्पताल में निगरानी

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर में भंडारा खाकर लौट रहे 15 बच्चों की तबीयत जहरीला फल खाने के बाद बिगड़ गई। बच्चों ने रास्ते में पेड़ से रतनजोत का फल तोड़कर खा लिया था। कुछ ही देर में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर की शिकायत होने लगी। परिजन पुलिस की मदद से बच्चों को कमलाराजा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां सभी को निगरानी में रखा गया है। वीओ- दरअसल मामला ग्वालियर के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव का है। बताया जा रहा है कि बच्चे भंडारे से लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रास्ते में पेड़ों से रतनजोत के फल तोड़कर खा लिए,फल खाने के कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, दस्त, पेट दर्द, घबराहट और चक्कर आने जैसे लक्षण सामने आए। एक साथ 15 बच्चों के बीमार पड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।परिजनों द्वारा पुलिस की मदद से सभी बच्चों को पहले जिला अस्पताल मुरार लाया गया,जहां हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल रैफर कर दिया गया।13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है,जबकि अन्य बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। वीओ-ये बच्चे हुए बीमार.... * तनु 9 वर्ष * सुमित 7 वर्ष * गौरव 5 वर्ष * प्रवीण 10 वर्ष * दिव्या 8 वर्ष * दिशा 11 वर्ष * पूजा 11 वर्ष * आरती 9 वर्ष * तरुण 12 वर्ष * हरिओम 13 वर्ष * कृष्णा 11 वर्ष * अंकित 13 वर्ष * सेजल 16 वर्ष * अनिल 13 वर्ष * हरीओम बघेल 5 वर्ष वीओ-अस्पताल में भर्ती बच्चों की उम्र पांच से 16 वर्ष के बीच बताई गई है। डॉक्टरों द्वारा बच्चों की हृदय गति, ब्लडप्रेशर और ऑक्सीजन लेवल की मोनिटरिंग की जा रही है। अधिकांश बच्चों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है, हालांकि उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम दास के मुताबिक, रतनजोत का फल खाने योग्य नहीं होता। इसके सेवन से शरीर में जहर की स्थिति बन सकती है। इसके कारण उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचाव संभव है। बाइट-डॉ घमश्याम दास गुप्ता- बाल रोग विशेषज्ञ वीओ-फिलहाल कमलाराजा अस्पताल में बच्चों का इलाज जारी है और चिकित्सकीय टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हरदोई में कुत्ते को चप्पल मारने पर विवाद खूनी संघर्ष बन गया; चार घायल

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में कुत्ते को चप्पल मारने को लेकर छिड़ा विवाद खूनी संग्राम में बदल गया और चार लोग अस्पताल पहुंच गए। मामला अतरौली थाना क्षेत्र के प्रहलादखेड़ा गांव का है। यहां घर के बाहर चारपाई पर सो रहे मुनेश (29) की चप्पल रामेंद्र का कुत्ता उठाकर ले गया। मुनेश ने कुत्ते को दूसरी चप्पल फेंककर मार दी। आरोप है कि इसी बात से रामेंद्र नाराज हो गया और विवाद शुरू हो गया。 इसके बाद आरोप है कि रामेंद्र, उसकी मां और पत्नी, नागेंद्र, उसकी पत्नी और उनके बेटे कमलेंद्र व शैलेंद्र ने मुनेश को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर मुनेश को बचाने उसका भाई दीपू (25), पत्नी लक्ष्मी और चाची रामदेवी दौड़े, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से पीट दिया। मारपीट में मुनेश समेत चार लोग घायल हो गए。 घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई। घायलों का आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों को थाने नहीं ले गई। घायलों को उपचार के लिए भरावन सीएचसी ले जाया गया, जहां से सभी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सभी का इलाज जारी है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。 बाइट -- दीपू पीड़ित बाइट -- रामदेवी
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विकासनगर में प्रतिबंधित आम-लीची पेड़ काटने की घटना, आरोपियों को गिरफ्तार

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर में प्रतिबंधित आम और लीची के फलदार पेड़ों पर आरिया चलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विकासनगर रोड पर हरबर्टपुर चौक के पास रात के अंधेरे में आरोपियों ने एक बाग से बड़ी संख्या में फलदार प्रतिबंधित पेड़ों को काटने के बाद उनकी जड़ो को भी जेसीबी मशीन से उखाड़ कर जमीन समतल करने की कोशिश की है। रात के अंधेरे में चल रही इस गतिविधि की खबर मिलते ही मौके पर फोर्स के साथ पहुंचे चौकी प्रभारी मयंक त्यागी ने मौके से रशीद और पुरोहित नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर और एक पिकअप वाहन सहित पेड़ काटने में इस्तेमाल की जा रही मशीनों को भी जप्त किया है। मौके के हालात को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि तकरीबन 50 पेड़ों को मौके से काटा गया है। हालाँकि सही संख्या उद्यान विभाग की गिनती के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस और उद्यान विभाग पूरे मामले की जांच में जुट चुकी है।
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बालोद में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार परिवार कहर बरपा दिया—दो बच्चों की मौत

Raipur, Chhattisgarh:बिग ब्रेकिंग बालोद कार ने मोटर साइकिल को मारी जबरदस्त ठोकर, दो मासूम बच्चों की इलाज के दौरान मौत, एक गम्भीर रूप से घायल, देवरी थाना क्षेत्र के परसूली गांव की घटना. घटना के बाद कार चालक और उसके साथ बैठ व्यक्ति मौके से हुवा फरार, जाँच में जुटी देवरी पुलिस. जानकारी के अनुसार डौंडीलोहारा -राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर परसुली के पास रविवार की रात तेज रफ्तार कार चालक की लापरवाही से बड़ा सड़क हादसा हो गया. कार चालक ने रॉन्ग साइड में जाकर घर के पास बाइक से निकले तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में बाइक चालक परसुली निवासी पवन सोनकर उनका बेटा हिमांशु सोनकर 03 वर्ष और 12 वर्षीय भतीजा नमन कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए. तीनों को उपचार के लिए देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए राजनांदगांव रेफर किया गया है. घटना के बाद कार चालक और उसका साथी मौके से फरार हो गया. बताया जा रहा है कि परसुली निवासी पवन सोनकर अपने बेटे और 12 वर्षीय भतीजे के साथ बाइक क्रमांक CG 24 S 1107 से घर के पास सड़क पर निकले थे. इसी दौरान डौंडीलोहारा की ओर से देवरी की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार क्रमांक CG 7360 का चालक वाहन को रॉन्ग साइड में ले गया और बाइक सवारों को सामने से टक्कर मार दी. अचानक हुई टक्कर से तीनों बाइक सवार सड़क पर जा गिरे. हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं. दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए. कार में चालक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था. हादसे के बाद दोनों कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गए. सूचना मिलने पर 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जिसके बाद तीनों घायलों को देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान पवन सोनकर के पुत्र और भतीजे ने दम तोड़ दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लिया. पुलिस द्वारा कार के नंबर के आधार पर फरार चालक और उसके साथी की तलाश की जा रही है.
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रेहमत अलम अस्पताल 26 साल बाद भी अधूरा, दक्षिण कश्मीर में उम्मीदें टूटीं

Anantnag, Rehmat Alam Hospital: 26 Years On, A Dream Unfulfilled Anantnag: For the people of South Kashmir, the Rehmat Alam Hospital was more than just a healthcare project—it represented a long-awaited hope for better and more accessible medical facilities in the region. The hospital was envisioned with the expectation that once completed and made functional, it would significantly improve healthcare services not only for the people of Anantnag district but for residents across South Kashmir. However, 26 years after the dream was conceived, the hospital continues to remain non-functional. A four-storey building stands ready at the site, while around 30 to 32 kanals of government-acquired land associated with the hospital remains largely unused. Despite the passage of nearly a decade since the land was taken over, there has been no visible progress towards making the hospital fully operational. The prolonged delay has raised concerns among residents and civil society members, who say the infrastructure and land should be put to public use instead of remaining idle. The Anantnag Traders Federation, along with members of civil society, has appealed to Lieutenant Governor Manoj Sinha and the present government to personally intervene in the matter and initiate concrete steps for making the Rehmat Alam Hospital functional. They said the people of South Kashmir had placed considerable hopes in the project, believing that a fully operational hospital would strengthen healthcare infrastructure and reduce the difficulties faced by patients who have to travel outside the region for advanced medical treatment. The stakeholders have urged the Lieutenant Governor to give the long-pending project personal attention and ensure that the hospital is made operational at the earliest, so that the 26-year-old healthcare dream can finally become a reality for the people of South Kashmir.
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