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Jhansi284003

झांसी में संकरी गलियों में आग बुझाने के लिए दो नई फायर बाइकें हुई शामिल

Aug 13, 2024 08:39:29
Jhansi, Uttar Pradesh

झांसी की गलियों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए योगी सरकार ने दमकल विभाग के बेड़े में दो नई फायर बाइकें शामिल की हैं। ये बाइकें विशेष रूप से डिजाइन की गई हैं, जिनमें पानी और पाइप की व्यवस्था है। इनसे संकरी गलियों में आग बुझाने का काम आसान होगा। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को इन बाइकों के संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज किशोर राय के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इन बाइकों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पहले झांसी में एक फायर बाइक पहले से मौजूद थी।

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Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

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AYAMARJEET YADAV
Jan 07, 2026 07:26:14
Sasaram, Bihar:रोहतास खबर सासाराम से है। सासाराम के नगर निगम के द्वारा निगम क्षेत्र में आने वाले विद्यालयों को अजीबोगरीब निर्देश दिए गए है। सासाराम नगर निगम के द्वारा निगम क्षेत्र के विद्यालयो के नाम एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें विद्यालय तथा विद्यालय के आसपास आवारा कुत्तों के संबंध में जानकारी देने के लिए प्रत्येक विद्यालय से एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की बात कही गई है। इसका मतलब अब विद्यालय के शिक्षकों को ही विद्यालय परिसर में तथा आसपास से कुत्ते खदेरना होगा। चुकी नगर निगम आवारा कुत्तों के लिए डॉग पाउंड बनाने जा रही है। अब शिक्षकों को यह सूचना देना होगा कि उसके विद्यालय के आसपास कितने आवारा कुत्ते भटक रहे हैं तथा उसे कैसे नियंत्रित किया जाए। इसके लिए विद्यालय के शिक्षक जो नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। वह जवाब देह होंगे। इस संबंध में सासाराम नगर निगम के नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार ही यह निर्देश जारी किया गया है। ऐसे में विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं को पत्र लिखकर वहां से आवारा कुत्तों से संबंधित नोडल अधिकारी की सूची मांगी गई है। ताकि इलाके में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण किया जा सके। बड़ा सवाल है कि पहले ही शिक्षको से जनगणना, बीएलओ, जाति गणना आदि का काम कराया जाता रहा है। अब इन शिक्षकों को आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने का भी काम दिया जा रहा है। नगर निगम के इस अजीबोगरीब आदेश के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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NKNished Kumar
Jan 07, 2026 07:25:47
Patna, Bihar:लोकेशन पटना बिहार में सराफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला लिया है….अब राज्य में हिजाब, नक़ाब वाली महिलाओं को, साथ ही हेलमेट या मुरेठा , मास्क पहनकर आने वाले पुरुषों को सोना-चांदी की दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद कई सराफा दुकानों के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई है कि हिजाब, नक़ाब,मास्क ,हेलमेट पहनकर प्रवेश वर्जित है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि यह कदम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, बीते कुछ समय से बिहार के अलग-अलग जिलों में सराफा दुकानों में लूट और चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में अपराधी पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढककर दुकान में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं, ऐसे में दुकानदारों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्राहकों की जान-माल की रक्षा भी एक बड़ी चुनौती बन गई है。
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SSSAURABH SAURABH
Jan 07, 2026 07:25:33
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VKVINOD KANDPAL
Jan 07, 2026 07:25:05
Haldwani, Uttarakhand:हल्द्वानी में हुए नितिन हत्याकांड में शामिल नगर निगम वार्ड नंबर 55 के पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिन्टू और उसके बेटे जय बिष्ट को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, इस हत्याकांड के बाद सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाले कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत हैं जो बीजेपी के वरिष्ठतम नेता हैं, और पूर्व में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समेत केबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं, बंशीधर भगत कुछ महीने पूर्व पार्षद अमित बिष्ट के बचाव में उतरे थे और उन्होंने हल्द्वानी कोतवाली के आगे पुलिस के खिलाफ धरना दिया था, तत्कालीन एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने मौके पर पहुँचकर बंशीधर भगत को मनाया था, और पूरे मामले को समाप्त किया था, उस समय भी अमित बिष्ट मारपीट के एक मामले में बुरी तरह फंस गया था, अब नितिन हत्याकांड के बाद बंशीधर भगत अमित बिष्ट को संरक्षण देने के मामले में बुरी तरह से ट्रॉल हो रहे हैं तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अपनी सफाई देते हुए कहा है कि मैंने किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया, वह भाजपा का कार्यकर्ता था और कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने उस समय उसका साथ दिया था, लेकिन वर्तमान स्थिति में वह किसी अपराधी के साथ नहीं है。
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ASARUN SINGH
Jan 07, 2026 07:24:35
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद ! यहाँ पंचायत और विधानसभा मतदाता सूचियों में 4 लाख 79 हज़ार वोटरों का चौकाने वाला अंतर सामने आया है! पंचायत लिस्ट में 15 लाख 86 हज़ार वोटर दर्ज। विधानसभा में सिर्फ 13 लाख 98 हज़ार। SIR के बाद तो अंतर और बढ़ गया 4.8 लाख! हैरानी ये कि 90% एक ही बीएलओ ने दोनों तैयार कीं! सपा जिला उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र शाक्य ने कड़ा सवाल उठाया - 'ये अंतर संदिग्ध है! साफ जवाब दो!' विवरण - आंकड़ा नगर क्षेत्र के मतदाता (विगत चुनाव में) - 399510 ग्रामीण मतदाता (पंचायत मतदाता सूची 2025 अनंतिम प्रकाशन) - 1187212 इस प्रकार कुल पंचायत सूची के मतदाता - 1586722 विधान सभा क्षेत्रों के कुल मतदाता (2025) - 1398009 मृतक/अनुपस्थित/शिफ्टेड (ASD) - 290824 ASD हटाने के बाद शेष मतदाता - 1107185 अनमैप्ड मतदाता - 68310 अनमैप्ड हटाने के बाद शेष मतदाता - 1038875 इसमें से नगर क्षेत्र के 399510 मतदाता घटाने के बाद विधानसभा चुनाव के ग्रामीण मतदाता (एसआइआर) - 639365 पंचायत सूची के 1187212 में से विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में ग्रामीण मतदाता अंतर - 547847 पूरे जिले में अंतर देखें तो करीब 8 लाख वोटर का अंतर आ रहा है (1586722-639365) मजे की बात यह है की बीएलओ दोनों मैं वही है। पंचायत मतदाता सूची में वाटर मिल गए, लेकिन विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में वाेटर गायब हो गए या मिले ही नहीं अनुपस्थित हैं या शिफ्टेड हैं ऐसा कैसे हो सकता है
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DTDhiraj Thakur
Jan 07, 2026 07:22:21
Ranchi, Jharkhand:बाबूलाल मरांडी ने कहा, पे सा कानून जिन उद्देश्यों को लेकर बना है उसकी आत्मा को ही सरकार ने समाप्त किया है। 1996 का जो एक्ट है उसमें साफ लिखा है रूढ़िजन पर राज्य सरकार ने रूढ़िजन शब्द को ही हटा दिया, उसकी आत्मा को ही समाप्त कर दिया, उसकी सोच के पीछे सरकार का कारण है। केंद्र की सरकार ने इस कानून को लाया था आदिवासियों की धार्मिक परम्परा को बचाने के लिए। आज भी धार्मिक परम्परा को छोड़ कर लोग क्रिश्चिन या अन्य धर्म अपना रहे हे, जिससे आदिवासी विलुप्त हो जाएंगे। और रूढ़िजन्य को समाप्त कर रीति रिवाज को लिखा है। जिनको बचाना है , सशक्त करना है वो तो पीछे छूट जाएंगे। राज्य सरकार ने जान बूझ कर हटाया है। हमने सुझाव दिया था 1996 के एक्ट में। छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता। हम लोग कहते हैं जो बिल जी रामजी लाया गया है, वो गांधी जी के सपनो का भारत बनाना है। मनरेगा में जिस तरह से वो लूट मचाए हुए थे , झारखंड में भी इसमें कितना घोटाला हुआ है किसी से छुपा नहीं है। पिछले 20 वर्ष में मनरेगा में लाखों काम हुए पर ढूंढने से भी पता नहीं चलेगा क्या काम हुआ, कांग्रेस ने इसे खाओ पकाओ योजना बना लिए था। पीएम ने विकसित भारत के लिए जी रामजी लाया है। इसमें काम की गारंटी भी बढ़ाया गया है, डिजिटल किया गया है। निकाय चुनाव में तो बहुत देरी हो चुकी है लगभग दो साल बीत गया है, कोर्ट में दबाव में एक्टिविटी दिख रहा है। हमारी मांग है जल्दी चुनाव कराएं, निकाय को केंद्र से मिलने वाली राशि चुनाव नहीं होने के कारण रुका हुआ है, दलीय आधार पर चुनाव हो, दलीय आधार में चुनाव नहीं होने पर मनी और मसल पॉवर वाले जीतते हैं, दलगत होगा चुनाव तो लोकतंत्र भी नीचे तक मजबूत होगा और पार्टी अच्छे कार्यकर्ता को मैदान में उतरेगी, साथ ही हमारी मांग है ईवीएम से चुनाव हो। बैलेट से चुनाव में काउंटिंग में बहुत समय लगता है और काउंटिंग में धांधली भी किसी से छुपा हुआ नहीं है। बीजेपी ने 2026 को संघर्ष का वर्ष घोषित किया है, जनता के बीच रहेगें। शुरुआत हमने धरना प्रदर्शन से किया है। पेसा एक्ट में जो राज्य सरकार ने गड़बड़ी किया है बीजेपी नीचे इसे गांव गांव तक ले जाकर लोगों को बताने का काम करेगें कि कैसे राज्य सरकार उनके हक को समाप्त करने का काम कर रही है। संगठन को और मजबूत करना , जनता की आवाज बनने का काम करेगें। बंगाल चुनाव में बीजेपी का पहले भी स्ट्राइक रेट रफ्तार से छलांग लगाई है। 2026 बंगाल में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनेगी
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PCPUSHPENDRA CHATURVEDI
Jan 07, 2026 07:22:10
Shahdol, Madhya Pradesh:एंकर-जिले के शहडोल मेडिकल कॉलेज परिसर में एक नवजात का शव आवारा कुत्तों का निवाला बनता रहा।यह तस्वीरें न सिर्फ भयावह हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। वीओ01-मामला शहडोल मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित मर्चुरी के पास का है,जहां खुले में पड़े एक नवजात शिशु के शव को आवारा कुत्ते नोचते नजर आए।हालात इतने डरावने थे कि नवजात के शव का कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह शव को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। वीओ02-इस अमानवीय घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया,जो now सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में मेडिकल कॉलेज के पिछले हिस्से,मर्चुरी के आसपास यह भयावह दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि हम नहीं करते, लेकिन वीडियो में दिख रही तस्वीरें मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा, निगरानी और साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करती हैं। वीओ03-अब सवाल यह है कि आखिर नवजात वहां कैसे पहुंचा…? मामले को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि लोकलाज और सामाजिक भय के चलते किसी बिन ब्याही महिला ने नवजात को यहां फेंक दिया होगा, जिसके बाद वह आवारा कुत्तों का शिकार बन गया। वहीं दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं—क्या नवजात के शव के निपटान में गंभीर लापरवाही बरती गई,या फिर शव को जानबूझकर खुले में छोड़ दिया गया…? फिलहाल सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। वीओ04-सबसे बड़ा सवाल यही है कि मर्चुरी जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है…? अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और जिम्मेदारों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।
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Jan 07, 2026 07:21:31
Meerut, Uttar Pradesh:​मेरठ– थाना कंकरखेड़ा पुलिस को चोरी की एक बड़ी घटना का खुलासा करने में सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। ​पुलिस टीम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर संदिग्धों को घेरने का प्रयास किया गया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसके दो अन्य साथियों को भी मौके से दबोच लिया। ​पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और मौके पर चले हुए खोखा कारतूस। चोरी की गई शराब की पेटियां। वारदात से संबंधित नकद धनराशि बरामद की है ​क्षेत्राधिकारी दौराला ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं और क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में वांछित चल रहे थे। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि अन्य वारदातों का भी पता लगाया जा सके। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
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PSPramod Sharma
Jan 07, 2026 07:21:09
Gwalior, Bhopal, Madhya Pradesh:मुरैना के 8 मदरसों में 254 हिंदू बच्चे शिक्षा ने स्वीकारा, मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने उठाये सवाल - एमपी में सीएम राइज जैसे अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा क्वालिटी की शिक्षा देने वाले दावे के बीच हिंदू बच्चे मदरसों में पढ़ रहे हैं; शिक्षा विभाग तर्क दे रहा है कि पालकों की अनुमति से बच्चे मदरसे जा रहे हैं... - मानवाधिकार आयोग के संज्ञान के बाद शिक्षा विभाग की जांच में मुरैना जिले के 8 मदरसों में 254 बच्चे हिंदू पाए गए... - मदरसे में हिंदू बच्चों के इस्लामिक तालीम पर मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो भड़क गए; कहा मुरैना से फौजी निकलते हैं अब मौलवी बनाये जा रहे हैं... - मदरसे में 550 हिंदू बच्चों के होने का अर्थ शिक्षा विभाग की नाकामी है। आरटीई एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप आबादी से 1 और 3 किलोमीटर में स्कूल खोले गए हैं; सरकार के विभाग जब स्कूल भर्ती अभियान चलाते हैं तो यह हिंदू बच्चे अदृश्य क्यों हो जाते हैं? सरकार की नीति बनाने वाले NGOs तो दृष्टिहीन हैं, विभाग को दृष्टि का दोष है ठीक करवायेंगे... - परंतु मुरैना जैसे जागृत जिले में समाज के जागरूक सज्जनों को घर-घर संपर्क कर बच्चों को स्कूल में भर्ती करने हेतु काम करना होगा; मुरैना की पहचान फौजी पैदा करने वालों स्कूलों से है, मौलवी बनाने वाले मदरसों से नहीं! (मानवाधिकर आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो X पोस्ट) (शिक्षा विभाग का लेटर जो एक्सेप्ट कर रहा है मदरसों में हिन्दू बच्चे है)
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